‘आजतक’ आप चूक मत किया कीजिए, ये मन को अखरती है

मीडिया में आने वाली खबरें लोगों के लिए ‘सच’ बन जाती हैं, और जब बात ‘आजतक’ जैसे चैनल की हो तो शंका की गुंजाइश ही नहीं रह जाती

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Monday, 16 December, 2019
Last Modified:
Monday, 16 December, 2019
AajTak

बलात्कार जैसे संगीन अपराध को लेकर देश में चल रही राजनीति पर गुस्सा आना लाजमी है, लेकिन कई बार अपने जज्बातों पर काबू रखना होता है। खासकर तब जब आप दूसरों के लिए आदर्श हों। बीते 13 दिसंबर को ‘आजतक’ के चर्चित शो ‘10 तक’ में राहुल गांधी के ‘रेप इंडिया’ बयान पर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के पलटवार को आधार बनाते हुए एक रिपोर्ट दिखाई गई। इस रिपोर्ट में वही सवाल थे जो स्मृति ईरानी के क्रोध को देखकर आम जनता के मन में उठ रहे हैं कि आखिर ‘कुलदीप सेंगर' या 'स्वामी चिन्मयानंद’ के मामले में मंत्री साहिबा क्यों चुप रहीं?

किसी भी मुद्दे को निष्पक्षता के साथ उठाना मीडिया की जिम्मेदारी है और यह कहना गलत नहीं होगा कि ‘बलात्कार पर सियासत’ को ‘आजतक’ ने पूरी निष्पक्षता के साथ दर्शकों के समक्ष रखा। लेकिन इस प्रयास में कुछ तथ्यात्मक भूल हो गईं। ‘10 तक’ को वरिष्ठ पत्रकार सईद अंसारी होस्ट करते हैं और उनके बारे में माना जाता है कि वह हर शब्द तोल-मोल के बोलते हैं। लिहाजा उनकी मौजूदगी में किसी भूल का होना काफी मायने रखता है।

शो में कुलदीप सेंगर और चिन्मयानंद पर भाजपा नेताओं की चुप्पी पर सवाल करते हुए दोनों आरोपितों को 'बलात्कारी' बताया गया, जबकि कानून भी आरोप सिद्ध होने तक किसी को दोषी कहने की इजाजत नहीं देता। ये संयोग है कि आज ही के दिन इस शो के प्रसारण के 3 दिन बाद दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने कुलदीप सिंह सेंगर को दोषी करार दिया गया है, अलबत्ता चिन्यमानंद पर अगली सुनवाई 21 दिसंबर को होनी है ऐसे में अमूमन ऐसे मामलों में या तो आरोपी या फिर ! या ? चिन्ह का सहारा लिया जाात है, पर सीधे-सीधे बलात्कारी लिखना पत्रकारिता सिद्धांतो के अनुरूप नहीं है। देश का नंबर वन चैनल होने के नाते ‘आजतक’ से ऐसी गलती की उम्मीद कतई नहीं की जा सकती। इस शो के बाद से हमें इस गलती को लेकर लगातार पाठकों-दर्शकों के वॉट्सऐप प्राप्त हुए हैं।

वैसे न ही सईद अंसारी से यह उम्मीद के जा सकती है कि उनकी पारखी निगाहों से ऐसा कुछ छूट जाये। ये बात सही है कि गलती रिपोर्ट लिखने वाले प्रड्यूसर और उसे आवाज देने वाले वाले यानी वीओ आर्टिस्ट से हुई, लेकिन आम दर्शकों को केवल वही नजर आता है, जो टीवी पर दिखता है। उसे पर्दे के पीछे की गतिविधियों से न तो कोई लेना-देना है और न ही उसकी कोई समझ। उसकी लिए सईद अंसारी ही ‘10 तक’ हैं और ‘10 तक’ ही सईद अंसारी।

बात केवल इसी तथ्यात्मक गलती पर नहीं रुकी। शो में यह भी बताया गया कि 'इतने रेप पूरी दुनिया में कहीं नहीं होते' हैं, जो कि हकीकत से कोसों दूर है। 2019 की ही बात करें तो भारत की गिनती उन टॉप-10 देशों में नहीं होती, जहां सबसे ज्यादा बलात्कार हुए हैं। यहां भी दक्षिण अफ्रीका अव्वल है। मीडिया में आने वाली खबरें लोगों के लिए ‘सच’ बन जाती हैं, और जब बात ‘आजतक’ जैसे चैनल की हो तो शंका की गुंजाइश ही नहीं रह जाती। लिहाजा, यह चैनल और उसके पत्रकारों की जिम्मेदारी है कि हर खबर को इतना छाना जाए कि सच के अलावा कुछ और बाहर न आ सके और न ही तथ्यात्मक भूल की कोई गुंजाइश रहे।

मीडिया में लगातार वर्क प्रेशर के चलते काम करते हुए कभी-कभी गलती हो ही जाती है, मीडिया को मु्द्दों का विश्लेषण करते समय भावों में नहीं बहना चाहिए। तथ्यों का ध्यान रखना ही चाहिए। ऐसे में हमारा (समाचार4मीडिया) उद्देश्य ‘आजतक’ या ‘सईद अंसारी’ की कमी खोजना नहीं है। हम केवल यही चाहते हैं कि देश का नंबर-1 न्यूज़ चैनल और बेहतरीन पत्रकार यह समझें कि उनकी दिखाई-कही बातें लोगों के लिए पत्थर की लकीर बन जाती हैं, इसलिए उन्हें ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है।

‘10 तक’ का पूरा एपिसोड आप यहां देख सकते हैं और ये चूक 4.18 मिनट पर और फिर 6.11 पर देख सकते हैं

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इस मामले में MIB ने सुदर्शन न्यूज चैनल को जारी किया नोटिस, पूछा ये सवाल

सूचना-प्रसारण मंत्रालय ने ‘UPSC जिहाद’ कार्यक्रम के लिए सुदर्शन न्यूज चैनल को कारण बताओ नोटिस जारी किया है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Friday, 25 September, 2020
Last Modified:
Friday, 25 September, 2020
SudarshanNews

सूचना-प्रसारण मंत्रालय ने ‘UPSC जिहाद’ कार्यक्रम के लिए सुदर्शन न्यूज चैनल को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इस मामले में चल रही सुनवाई के दौरान सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि मंत्रालय ने माना है कि ये शो नियमों के खिलाफ है। कम से कम पहली नजर में तो ऐसा ही लगता है। कार्यक्रम में प्रोग्राम कोड के उल्लंघन की बात पाई गई है, लिहाजा चैनल को इस बारे में चार पेज का नोटिस जारी किया गया है और 28 सितंबर को शाम 5 बजे तक जवाब देने को कहा गया है, जिसके आधार पर ही आगे कार्रवाई की जाएगी।

सिविल सर्विस में पहले की तुलना में ज्यादा मुसलमानों के आने को एक साजिश का हिस्सा बताने वाले इस कार्यक्रम का प्रसारण 4 एपिसोड के बाद रोक दिया गया था। कोर्ट ने कार्यक्रम की प्रसारण के तरीके पर सवाल उठाते हुए सॉलिसीटर जनरल से पूछा था कि क्या सरकार में किसी जिम्मेदार व्यक्ति ने इन 4 एपिसोड को देखा? उन्हें नियमों के खिलाफ पाया? जिसके बाद सॉलिसीटर जनरल ने चैनल को जारी नोटिस की जानकारी दी और  सुनवाई स्थगित कर देने का सुझाव दिया। वहीं, याचिकाकर्ता फिरोज इकबाल खान के वकील अनूप जॉर्ज चौधरी ने कहा कि उन्हें सुनवाई टाले जाने पर कोई आपत्ति नहीं है।

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया चैनल से पूछा गया है कि उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए? इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई 5 अक्टूबर तक के लिए स्थगित कर दी है।

कोर्ट ने सॉलिसीटर जनरल से यह भी जानना चाहा कि क्या मंत्रालय याचिकाकर्ताओं को भी अपनी बात रखने का मौका देगा। सॉलिसीटर जनरल ने इससे मना करते हुए कहा कि यह एक वैधानिक कार्रवाई है, जिसमें 2 ही पक्ष हैं- चैनल और सरकार। इस तरह की कार्रवाई में किसी और को नहीं सुना जा सकता। इस पर याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि अगर सरकार का फैसला हमारे पक्ष में नहीं होता, तो हम उसे चुनौती देंगे।

इसके बाद जजों ने आदेश लिखवाना शुरू किया। बेंच के अध्यक्ष जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ ने कहा, ‘सॉलिसीटर ने हमें बताया है कि केबल टीवी नेटवर्क रेग्युलेशन एक्ट की धारा 20 के तहत सुदर्शन टीवी को नोटिस भेजा गया है। चूंकि इस पर 28 सितंबर तक जवाब आना है। सॉलिसीटर ने सुनवाई टालने का आग्रह किया है। हमने बाकी वकीलों से बात की। उन्हें इस पर कोई आपत्ति नहीं है। इसलिए कोर्ट की सुनवाई 5 अक्टूबर तक के लिए स्थगित की जाती है।’

कोर्ट ने यह भी साफ किया कि फिलहाल कार्यक्रम के प्रसारण पर लगी अंतरिम रोक जारी रहेगी। कोर्ट ने कहा है कि सरकार अगली तारीख पर उसे रिपोर्ट दे। इस रिपोर्ट में यह बताया जाए कि चैनल के जवाब को देखने के बाद उसका क्या निष्कर्ष है। क्या वह चैनल के ऊपर कोई कार्रवाई करेगी। कोर्ट ने यह भी कहा है कि मामले में उसकी मंजूरी के बिना सरकार कोई आदेश जारी न करे।

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इस वजह से वरिष्ठ पत्रकार आदित्य द्विवेदी ने R9 चैनल को बोला बाय, अब करेंगे ये काम

इस साल की शुरुआत में हिंदी न्यूज चैनल ‘आर9’ (R9) से अपनी नई पारी की शुरुआत करने वाले वरिष्ठ पत्रकार आदित्य द्विवेदी ने चैनल प्रबंधन को अपना इस्तीफा सौंप दिया है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Monday, 21 September, 2020
Last Modified:
Monday, 21 September, 2020
Aditya Dwivedi

इस साल की शुरुआत में हिंदी न्यूज चैनल ‘आर9’ (R9) से अपनी नई पारी की शुरुआत करने वाले वरिष्ठ पत्रकार आदित्य द्विवेदी ने चैनल प्रबंधन को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। वह लखनऊ में स्पेशल करेसपॉन्डेंट के पद पर अपनी जिम्मेदारी संभाल रहे थे और कई महत्वपूर्ण विभागों की बीट उनके पास थी।

समाचार4मीडिया से बातचीत में आदित्य द्विवेदी ने इस खबर की पुष्टि करते हुए बताया कि चैनल के सीईओ की तरफ से उन पर खबरों से ज्यादा विज्ञापन लाने के लिए दबाव डाला जा रहा था। इसके अलावा भी उन्होंने चैनल प्रबंधन पर कई तरह के आरोप लगाए। चैनल की इसी तरह की मनमानियों से आजिज आकर उन्होंने यहां से इस्तीफा देना ही बेहतर समझा। भविष्य की योजनाओं के बारे में आदित्य द्विवेदी ने बताया कि वह जल्द ही अपना न्यूज पोर्टल शुरू करेंगे।

मूल रूप से कानपुर के रहने वाले आदित्य द्विवेदी को पत्रकारिता के क्षेत्र में काम करने का करीब 20 साल का अनुभव है और वह प्रिंट, टीवी व डिजिटल तीनों में काम कर चुके हैं। आदित्य ने वर्ष 2000 में कानपुर में ‘जनसत्ता’ के साथ अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की थी। करीब चार साल यहां काम करने के बाद वह वर्ष 2004 में बतौर कानपुर हेड ऑनलाइन चैनल ‘ABC’ के साथ जुड़ गए। करीब तीन साल बाद उन्होंने यहां से बाय बोलकर वर्ष 2007 में ‘सहारा अखबार’ जॉइन कर लिया। वर्ष 2010 में उन्होंने अखबार से टीवी का रुख किया और ‘सहारा टीवी’ में बतौर ब्यूरो चीफ अपनी जिम्मेदारी संभाली।

करीब सात साल तक ‘सहारा टीवी’ में अपनी भूमिका निभाने के बाद उन्होंने वेब पोर्टल ‘समाजा’ के साथ नई शुरुआत की और बतौर हेड (हिंदी और अंग्रेजी) यहां जॉइन कर लिया। इसके बाद जनवरी 2020 में वे वरिष्ठ पत्रकार अमिताभ अग्निहोत्री के नेतृत्व में लॉन्च हुए न्यूज चैनल ‘R9’ से जुड़ गए थे, जहां से उन्होंने अब इस्तीफा दे दिया है। 

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बंद हुआ यह न्यूज चैनल, एडिटर-इन-चीफ ने सोशल मीडिया पर यूं साझा की ‘मन की बात’

लगता है कि मीडिया के दिन अच्छे नहीं चल रहे हैं। एक ओर कोविड-19 से जूझते हुए जहां तमाम मीडिया संस्थानों ने अपने प्रिंट एडिशन बंद कर दिए हैं, वहीं कई पत्रकारों की नौकरी व सैलरी पर कैंची भी चली है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 16 September, 2020
Last Modified:
Wednesday, 16 September, 2020
News Channel

लगता है कि मीडिया के दिन अच्छे नहीं चल रहे हैं। एक ओर कोविड-19 से जूझते हुए जहां तमाम मीडिया संस्थानों ने अपने प्रिंट एडिशन बंद कर दिए हैं, वहीं कई पत्रकारों की नौकरी व सैलरी पर कैंची भी चली है। अब हिंदी न्यूज चैनल ‘स्वराज एक्सप्रेस’ (Swaraj Express) से एक बड़ी खबर आ रही है। दरअसल, खबर ये है कि इस चैनल को बंद कर दिया गया है।

चैनल को बंद होने की जानकारी इसके एडिटर-इन-चीफ गुरदीप सिंह सप्पल ने खुद एक ट्वीट के जरिये दी है। अपने ट्वीट में सप्पल का कहना है, ‘मुझे यह बताते हुए काफी दुख हो रहा है कि स्वराज एक्सप्रेस को एकाएक बंद कर दिया गया है। हमारे लाइसेंस पार्टनर ने अज्ञात कारणों से इसका प्रसारण रोक दिया है। मैं उन सभी लोगों का धन्यवाद अदा करना चाहता हूं, जिन्होंने हमें सपोर्ट किया और इस सफर में हमारे साथ रहे।’

इसके अलावा एक अन्य ट्वीट में सप्पल का कहना है, ‘हमें अपनी इस पत्रकारीय यात्रा पर नाज है, जो छोटी लेकिन काफी प्रभावी रही। मैं अपनी टीम के सभी सदस्यों को धन्यवाद देता हूं, जिन्होंने इस यात्रा को यादगार बनाया। इसके अलावा मैं अपने प्रमोटर सुनील कपूर को भी उनके सपोर्ट के लिए धन्यवाद कहना चाहता हूं।’

ऐसे ही एक अन्य ट्वीट में सप्पल ने यह भी कहा है, ‘दुर्भाग्य से कोविड-19 ने सभी लोगों के सामने अप्रत्याशित स्थिति पैदा कर दी है, हम अचानक लगे इस झटके से उबरने का प्रयास कर रहे थे। हमने चैनल को फिर से शुरू करने की कोशिश की, लेकिन हमारे प्रयास सफल नहीं हुए।’

अंदरखाने से जुड़े सूत्रों के अनुसार यहां कार्यरत करीब 150 एम्प्लॉयीज बेरोजगार हो गए हैं। इस बारे में समाचार4मीडिया से बात करते हुए गुरदीप सिंह सप्पल ने बताया, 'हम अभी भी चैनल को शुरू करने के अपने प्रयासों में लगे हुए हैं और यदि यह चैनल दोबारा से शुरू होता है तो यहां कार्यरत एम्प्लॉयीज को वापस काम पर रख लिया जाएगा। रही बात कुछ एम्प्लॉयीज को सैलरी न मिलने की तो हमने उन्हें आश्वस्त किया है कि वे चिंता न करें, उनकी बकाया सैलरी का भुगतान जल्द कर दिया जाएगा।' 

बता दें कि राज्यसभा टीवी के सीईओ व एडिटर-इन-चीफ रह चुके वरिष्ठ पत्रकार गुरदीप सिंह सप्पल ने नवंबर 2018 में इस चैनल को शुरू किया था। वे इसके एडिटर-इन-चीफ की कमान संभाल रहे थे। गुरदीप सिंह सप्पल द्वारा किए गए ट्वीट्स का स्क्रीन शॉट आप यहां देख सकते हैं।

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सुदर्शन न्यूज के इस शो पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक, की ये टिप्पणी

सुप्रीम कोर्ट ने ‘सुदर्शन न्यूज’ के उस कार्यक्रम पर रोक लगा दी है, जिसमें यूपीएससी परीक्षाओं में अल्पसंख्यक समुदाय के प्रवेश पर सवाल उठाए गए थे।

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Published - Wednesday, 16 September, 2020
Last Modified:
Wednesday, 16 September, 2020
Sudarsha News

सुप्रीम कोर्ट ने ‘सुदर्शन न्यूज’ के उस कार्यक्रम पर रोक लगा दी है, जिसमें यूपीएससी परीक्षाओं में अल्पसंख्यक समुदाय के प्रवेश पर सवाल उठाए गए थे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कोर्ट ने मामले में सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि इस कार्यक्रम की मंशा अल्पसंख्यक समुदाय को कलंकित करने की है।

मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह उन्माद पैदा करने वाला कार्यक्रम है। कोर्ट ने पांच सदस्यीय कमेटी गठित करने के लिए भी कहा है, जो इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के लिए कुछ मानक तय करेगी। कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा, ‘हम देश की सबसे बड़ी अदालत होने के नाते आपको यह कहने की इजाजत नहीं दे सकते कि नागरिक सेवाओं में अल्पसंख्यक समुदाय के लोग घुसपैठ कर रहे हैं।’ मामले की अगली सुनवाई 17 सितंबर को होगी।

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस इन्दु मल्होत्रा और जस्टिस केएम जोसेफ की बेंच ने सुदर्शन न्यूज के कार्यक्रम पर सवाल उठाते हुए कहा कि मीडिया में स्व नियंत्रण (सेल्फ रेगुलेशन) की व्यवस्था होनी चाहिए। इस टीवी कार्यक्रम के प्रोमो में दावा किया गया था कि सरकारी सेवा में अल्पसंख्यक समुदाय  के सदस्यों की घुसपैठ की साजिश का पर्दाफाश किया जा रहा है। पीठ ने इस कार्यक्रम के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान कहा कि कुछ मीडिया हाउसेज के कार्यक्रमों में होने वाली डिबेट चिंता का विषय है, क्योंकि इसमें हर तरह की मानहानिपूर्ण बातें कही जा रही हैं।

सुप्रीम कोर्ट की बेंच का यह भी कहना था, ‘ऐसा लगता है कि इस कार्यक्रम का विशेष मकसद अल्पसंख्यक समुदाय को कलंकित करना है। हम केबल टीवी एक्ट के तहत तय प्रोग्राम कोड के पालन को सुनिश्चित करने के लिए बाध्य हैं। किसी समुदाय को कलंकित करने के किसी भी प्रयास से निपटा जाना चाहिए। हमारी राय है कि हम पांच प्रतिष्ठित नागरिकों की एक समिति नियुक्त की जाए जो इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के लिए कुछ मानकों को सामने रखे।’

बेंच ने कहा कि याचिका में संवैधानिक अधिकारों की रक्षा पर अहम सवाल उठाए गए हैं। कोर्ट ने कहा कि बोलने और अभिव्यक्ति की आजादी के मौलिक अधिकार के साथ, अदालत को ऐसे स्वत: तय मानकों की स्थापना और एक विचारशील बहस को बढ़ावा देने की जरूरत है। इस दौरान जस्टिस जोसेफ ने कहा कि प्रोग्राम कोड के नियम छह में कहा गया है कि केबल टीवी कार्यक्रम कुछ भी ऐसा नहीं दिखा सकते, जो किसी विशेष धर्म या समुदाय को लक्षित करता है।

गौरतलब है कि इससे पहले 28 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने शो के प्रसारण पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। कोर्ट ने केंद्र सरकार, प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया, न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन और सुदर्शन न्यूज को नोटिस जारी किए थे। वहीं, मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचने से पहले दिल्ली हाई कोर्ट ने जामिया मिलिया इस्लामिया के छात्रों और पूर्व छात्रों के एक समूह द्वारा दायर याचिका पर सूचना और प्रसारण मंत्रालय को कार्यक्रम कोड के कथित उल्लंघन के लिए चैनल को भेजे गए नोटिस पर निर्णय लेने के लिए कहा था।

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फेस्टिव सीजन में ऐड रेवेन्यू को लेकर न्यूज चैनल्स ने जताई ये उम्मीद

कोरोनावायरस (कोविड-19) के दौरान पूरे देश में लगाए गए लॉकडाउन के बीच टीवी पर न्यूज ही सिर्फ ऐसी कैटेगरी थी, जिसमें काफी जबर्दस्त ग्रोथ देखी गई

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Friday, 11 September, 2020
Last Modified:
Friday, 11 September, 2020
Watching News

कोरोनावायरस (कोविड-19) के दौरान पूरे देश में लागू किए गए लॉकडाउन के बीच टीवी पर न्यूज ही सिर्फ ऐसी कैटेगरी थी, जिसमें काफी जबर्दस्त ग्रोथ देखी गई और अब जब अनलॉक-4 शुरू हो चुका है, तब भी यह संख्या लगातार बढ़ रही है।

हालांकि, कमजोर अर्थव्यवस्था के कारण व्युअरशिप में हुई यह बढ़ोतरी विज्ञापन की ज्यादा बिक्री (higher ad sales) में तब्दील नहीं हो पाई। अब जबकि फेस्टिव सीजन नजदीक है और अर्थव्यवस्था में सुधार दिखाई दे रहा है, इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस कैटेगरी में विज्ञापन रेवेन्यू में 25 से 30 प्रतिशत तक का उछाल देखने को मिल सकता है। मार्केट से जुड़े लोगों का कहना है कि एडवर्टाइजर्स इस कैटेगरी में रुचि ले रहे हैं।

‘Starcom MediaVest Group’ के मैनेजिंग डायरेक्टर (नॉर्थ) दीपक शर्मा का कहना है, ‘यह पूरा साल खबरमय बन गया। एक तरफ कोरोना से जुड़े अपडेट्स हासिल करने के लिए लोग लगातार न्यूज से जुड़े रहे। इसके अलावा सुशांत राजपूत हत्याकांड और भारत-चीन सीमा विवाद के कारण भी न्यूज पहले के मुकाबले काफी ज्यादा देखी जा रही है। हालांकि, लॉकडाउन के महीनों में इंन्वेंट्री कभी भी 90 प्रतिशत से कम नहीं रही, लेकिन रेट काफी कम थे। अब मार्केट खुलने के साथ न्यूज चैनल्स को अब इंन्वेंट्री के लिए प्रीमियम रेट्स मिलने का भरोसा है।’

उदाहरण के लिए- ‘रिपब्लिक’ की बात करें तो चैनल पर पिछले दो हफ्तों में 200 कैटेगरी से ज्यादा ब्रैंड्स के विज्ञापन दिखाई दिए हैं। इस बारे में ‘रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क’ के ग्रुप सीईओ विकास खनचंदानी का कहना है, ‘पिछले छह हफ्तों में हिंदी न्यूज की श्रेणी  270 से ज्यादा वीकली एक्टिव एडवर्टाइजर्स देखे गए हैं, जबकि अंग्रेजी न्यूज की श्रेणी में इसी अवधि में यह संख्या 115 से ज्यादा है। न्यूज ने पहुंच के मामले में जनरल एंटरटेनमेंट चैनल्स को पीछे छोड़ दिया है और अब ब्रैंड्स को उनके कंज्यूमर्स तक पहुंच बनाने के लिए सक्षम है।’  

उन्होंने बताया कि हिंदी न्यूज चैनल रिपब्लकि भारत पिछले चार सप्ताह से व्युअरशिप की लिस्ट में टॉप पर है और पिछले हफ्ते इसका मार्केट शेयर 19.53 था। इसके हफ्ते भी 287062000  के साथ चैनल ने हिंदी न्यूज जॉनर में 19.8 प्रतिशत मार्केट शेयर हासिल किया है। नेटवर्क के अंग्रेजी ब्रैंड रिपब्लिक टीवी की भी टीवी और ऑनलाइन में अच्छी ग्रोथ देखी गई है।

वहीं, टाइम्स नाउ ने भी इस हफ्ते 2194000 इंप्रेशंस दर्ज किए हैं और अपने स्वयं के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। टाइम्स नेटवर्क के एग्जिक्यूटिव वाइस प्रेजिडेंट (रेवेन्यू) गौरव धवन का कहना है, ’अनलॉक-4 के साथ मार्केट भी निश्चित रूप से उठ हा है। जून के बाद विज्ञापन में कुछ सुधार आया है। जल्द ही फेस्टिव सीजन शुरू हो रहा है और हम इसमें 25 से 30 प्रतिशत बढ़ोतरी की उम्मीद कर रहे हैं।’

विज्ञापन की दरों को संशोधित करने के साथ ही न्यूज चैनल्स को कुछ नए एडवर्टाइजर्स भी मिल रहे हैं। इस बारे में नेटवर्क18 के सीईओ (Languages) करण अभिषेक सिंह का कहना है, ‘शुरुआत में नए माहौल से तालमेल बिठाने के कारण पारंपरिक एडवर्टाइजर्स में कमी आई, लेकिन नए सेक्टर्स ने इसे तेजी से पकड़ा और यह उपभोक्ताओं की जरूरत के रूप में सामने आए।’  

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रिपब्लिक भारत के दो पत्रकार गिरफ्तार, चैनल ने महाराष्ट्र सरकार पर लगाए ये आरोप

मुंबई पुलिस ने रिपब्लिक भारत के दो पत्रकारों को गिरफ्तार किया है। उन्हें चार दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा गया है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 10 September, 2020
Last Modified:
Thursday, 10 September, 2020
Republic Bharat

मुंबई पुलिस ने मंगलवार को रिपब्लिक भारत के दो पत्रकारों को गिरफ्तार किया है। वे मुंबई में बॉलिवुड अभिनेत्री कंगना रनौत के मामले में लगातार रिपोर्टिंग कर रहे थे। उन्हें चार दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा गया है।  

वहीं, चैनल का आरोप है कि उसके दोनों पत्रकारों को गैरकानूनी तरीके से गिरफ्तार किया गया है और सरकार ने यह कार्रवाई बदले की भावना से की है, जो चैनल की रिपोर्टिंग से बौखलाई हुई है। जिन पत्रकारों को गिरफ्तार किया गया है, उनके नाम अनुज और कैमरापर्सन यशपाल हैं। चैनल का यह भी आरोप है कि पत्रकारों के साथ उनके ड्राइवर को भी गिरफ्तार किया गया।

बताया जाता है कि ये पत्रकार मुंबई से पनवेल की तरफ जा रहे और एक इन्वेस्टिगेटिव स्टोरी पर काम कर रहे थे। इस दौरान वे एक सिक्योरिटी गार्ड से बात कर रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। यही नहीं, गिरफ्तारी के बाद पत्रकारों को उनके वकील तक से बात नहीं करने दी गई। चैनल की ओर से दोनों रिपोर्टर्स को तुरंत रिहा करने की मांग की गई है।

चैनल की ओर से इस बारे में एक ट्वीट भी किया गया है, जिसे आप यहां देख सकते हैं।

 

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PM ने उठाया बड़ा मुद्दा, शेयर की एबीपी न्यूज के इस शो की क्लिप

हिंदी न्यूज चैनल ‘एबीपी न्यूज’ (ABP News) का मॉर्निंग शो ‘नमस्ते भारत’ इन दिनों काफी चर्चाओं में है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Tuesday, 08 September, 2020
Last Modified:
Tuesday, 08 September, 2020
ABP News

‘एबीपी न्यूज’ (ABP News) का मॉर्निंग शो ‘नमस्ते भारत’ (Namaste Bharat) इन दिनों काफी चर्चाओं में है। आखिर ऐसा होना स्वभाविक भी है। दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल्स पर एबीपी न्यूज के मॉर्निंग शो ‘नमस्ते भारत’ की एक स्टोरी क्लिप शेयर की है। इस स्टोरी में बताया गया था कि बिहार में सीतामढ़ी के रहने वाले जिज्ञासु सिंह एक अच्छी-खासी नौकरी छोड़कर किस तरह पीएम मोदी का सपना पूरा करने में लगे हुए हैं।

अपने ट्वीट में पीएम ने लिखा है, ‘बिहार के सीतामढ़ी के जिज्ञासु सिंह जी खेती में जिस प्रकार का अद्भुत कार्य कर रहे हैं, वो हर किसी को नई ऊर्जा से भर देने वाला है। उन्हें बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं। मुझे उम्मीद है कि कृषि क्षेत्र से जुड़े लोगों, खासकर हमारे युवाओं को इससे जरूर प्रेरणा मिलेगी।’ वहीं अपने फेसबुक पेज पर भी उन्होंने इस क्लिप को शेयर किया है।

बता दें कि इस शो का प्रसारण सोमवार से शुक्रवार सुबह छह से 10 बजे तक किया जाता है। इस बारे में ‘एबीपी नेटवर्क’ (ABP Network) के सीईओ अविनाश पांडे का कहना है, ‘इस शो के माध्यम से देश की महत्वपूर्ण स्टोरीज को दिखाया जाता है। जिज्ञासु सिंह का सफर भी ऐसी ही प्रेरक स्टोरी है, जिसके बारे में चर्चा जरूरी थी। हमें यह देखकर काफी खुशी हुई कि माननीय प्रधानमंत्री ने अपने ट्वीट में हमारी स्टोरी का जिक्र किया है। उनके शब्द हमें लगातार और प्रभावी कंटेंट तैयार करने के लिए प्रेरित करते हैं।’

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इस चैनल में डायरेक्टर (न्यूज) की जिम्मेदारी निभाएंगे वरिष्ठ पत्रकार जैकब मैथ्यू

वरिष्ठ पत्रकार जैकब मैथ्यू को मीडिया के क्षेत्र में काम करने का दो दशक से ज्यादा का अनुभव है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Saturday, 05 September, 2020
Last Modified:
Saturday, 05 September, 2020
Jacob Mathew

वरिष्ठ पत्रकार जैकब मैथ्यू के बारे में खबर है कि वह वरिष्ठ संपादक भूपेंद्र चौबे और सुदीप मुखिया के नेतृत्व वाले न्यूज चैनल ‘इंडिया अहेड’ (India Ahead) के साथ अपनी नई पारी शुरू करने जा रहे हैं। वह यहां डायरेक्टर (न्यूज) के पद पर जॉइन करेंगे।  

बता दें कि मैथ्यू मीडिया इंडस्ट्री के साथ दो दशक से ज्यादा समय से जुड़े हुए हैं। पूर्व में वह ‘सीएनएन आईबीएन’ (CNN IBN), ‘इंडिया टीवी’ (INDIA TV), ‘एएनआई’ (ANI), ‘रॉयटर्स’ (Reuters) और न्यूज24 (NEWS 24) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं।

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सुशांत हत्याकांड की रिपोर्टिंग करते समय संयम बरते मीडिया: बॉम्बे हाई कोर्ट

बॉम्बे हाई कोर्ट ने गुरुवार को मीडिया से सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले की रिपोर्टिंग करते हुए संयम बरतने की अपेक्षा की है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Saturday, 05 September, 2020
Last Modified:
Saturday, 05 September, 2020
Sushant Singh

बॉम्बे हाई कोर्ट ने गुरुवार को मीडिया से सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले की रिपोर्टिंग करते हुए संयम बरतने की अपेक्षा की है, ताकि जांच में बाधा न आए। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जस्टिस ए.ए सैयद और जस्टिस एस.पी तावड़े की एक खंडपीठ ने कहा कि मीडिया को इस तरह से मामले की रिपोर्ट करनी चाहिए कि यह जांच में बाधा न बने।

अदालत ने उन दो याचिकाओं की सुनवाई करते हुए यह बात कही, जिनमें दावा किया गया है सुशांत राजपूत की मौत मामले में ‘मीडिया ट्रायल’ चल रहा है और इसे रोके जाने का अनुरोध किया गया है। इनमें से एक याचिका आठ पूर्व आईपीएस अधिकारियों ने मुंबई पुलिस के खिलाफ चलाए जा रहे कथित अनुचित, झूठे और दुर्भावनापूर्ण मीडिया कैंपेन के खिलाफ दायर की है।

सुनवाई के बाद अदालत ने कहा, ‘हम उम्मीद करते हैं कि मीडिया संगठन सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में जांच के बारे में रिपोर्टिंग करते समय संयम बरतेंगे। मीडिया को इस तरह से रिपोर्ट करनी चाहिए कि यह जांच में बाधा न बने।’ अब इस मामले में अगली सुनवाई के लिए अदालत ने 10 सितंबर की तारीख तय की है।

उल्लेखनीय है कि सुशांत सिंह राजपूत का शव 14 जून को मुंबई के बांद्रा स्थित उनके आवास में मिला था। सीबीआई इस मामले की जांच कर रही है।

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India Ahead से जुड़े वरिष्ठ पत्रकार ऋषि जोशी, संभालेंगे बड़ी जिम्मेदारी

‘ईटी प्राइम’ (ET PRIME) के सीनियर एडिटर ऋषि जोशी ने न्यूज चैनल ‘इंडिया अहेड’ (India Ahead) के साथ अपनी नई पारी शुरू की है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 02 September, 2020
Last Modified:
Wednesday, 02 September, 2020
Rishi Joshi

‘ईटी प्राइम’ (ET PRIME) के सीनियर एडिटर ऋषि जोशी ने वरिष्ठ संपादक भूपेंद्र चौबे और सुदीप मुखिया के नेतृत्व वाले न्यूज चैनल ‘इंडिया अहेड’ (India Ahead) के साथ अपनी नई पारी शुरू की है। ऋषि जोशी को विभिन्न मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम करने का करीब दो दशक का अनुभव है।

उनके बड़े भाई राहुल जोशी रिलायंस के नेतृत्व वाले ‘नेटवर्क18’ (Network18) में बतौर एमडी अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। बताया जाता है कि ‘इंडिया अहेड’ में ऋषि जोशी बड़ी जिम्मेदारी संभालेंगे और भूपेंद्र चौबे व उनकी टीम को इस चैनल को और आगे बढ़ाने में मदद करेंगे।

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