MIB की नहीं मानी बात, तो टीवी चैनल्स को उठाना पड़ सकता है नुकसान

पिछले दो महीनों के दौरान तीन प्राइवेट सैटेलाइट टीवी चैनल्स को सूचना प्रसारण मंत्रालय की ओर से एडवाइजरी जारी की गई है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Friday, 07 February, 2020
Last Modified:
Friday, 07 February, 2020
MIB

कार्यक्रमों और विज्ञापनों को लेकर बनाए गए नियमों (Programme and Advertisement Codes) का कई टीवी चैनल्स पालन नहीं कर रहे हैं। ‘सूचना प्रसारण मंत्रालय’ (MIB) के अनुसार, पिछले साल 60 से ज्यादा टीवी चैनल्स ने कार्यक्रमों और विज्ञापनों को लेकर बनाए गए नियमों का उल्लंघन किया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इन मामलों में जहां 30 चैनल्स के लिए एडवाइजरी जारी की गई, वहीं 39 चैनल्स को मंत्रालय ने चेतावनी जारी की थी। इसके साथ ही नियमों का उल्लंघन करने पर तीन चैनल्स को ऑफ एयर (off-air) करने के आदेश भी दिए गए।

सूचना प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर का कहना है कि पिछले दो महीनों के दौरान तीन प्राइवेट सैटेलाइट टीवी चैनल्स को एडवाइजरी जारी की गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जावड़ेकर ने यह भी कहा है कि टीवी चैनल्स को कार्यक्रमों और विज्ञापनों के लिए तय नियमों का पालन करना होगा। नियमों का उल्लंघन करने के मामले में संबंधित चैनल्स के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

आप अपनी राय, सुझाव और खबरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। (हमें फेसबुक,ट्विटर, लिंक्डइन और यूट्यूब पर फॉलो करें)

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जल्द लग सकता है इस न्यूज चैनल पर ताला, कई पत्रकारों को दिखाया बाहर का रास्ता

चैनल ने यहां कार्यरत करीब 30 लोगों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। बाकी बचे करीब 40 लोगों की भी जल्द ही यहां से छुट्टी करने की तैयारी है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Saturday, 29 February, 2020
Last Modified:
Saturday, 29 February, 2020
News-Channel

‘प्रियागोल्ड’ बिस्किट की निर्माता कंपनी द्वारा संचालित हिंदी न्यूज चैनल ‘सूर्या समाचार’ (Surya Samachar) से एक बड़ी खबर निकलकर सामने आई है। खबर यह है कि जल्द ही इस चैनल पर ताला लग सकता है।

विश्वस्त सूत्रों से मिली खबर के अनुसार, चैनल ने यहां कार्यरत करीब 30 लोगों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। बाकी बचे करीब 40 लोगों की भी जल्द ही यहां से छुट्टी करने की तैयारी है
बताया जाता है कि प्रबंधन ने इन लोगों से कहा है कि चैनल बंद होने के बारे में एक मार्च को नोटिस चिपका दिया जाएगा। इसके बाद 31 मार्च तक चैनल को बंद कर दिया जाएगा।

बता दें कि पिछले साल फरवरी में इस चैनल को वरिष्ठ टीवी पत्रकार पुण्य प्रसून बाजपेयी के नेतृत्व में री-लॉन्च किया गया था। इस चैनल से पुण्य प्रसून बाजपेयी ने टीवी की दुनिया में अपनी वापसी की थी। हालांकि री-लॉन्चिंग के कुछ समय बाद ही चैनल के दो अधिकारियों के बीच टकराव की खबर से यह चैनल निगेटिव चर्चा में आ गया था।

दरअसल, ‘सूर्या समाचार’ में बतौर एग्जिक्यूटिव एडिटर कार्यरत दिवाकर विक्रम सिंह ने अपने पद से इस्तीफा देते हुए पुण्य प्रसून के खिलाफ सोशल मीडिया पर मोर्चा खोल दिया था। फेसबुक पर अपने एक विडियो के जरिए दिवाकर ने पुण्य प्रसून को अहंकारी और दंभी बताया था। उनका कहना था कि जिस भाषा में पुण्य प्रसून बात करते हैं, वो सही नहीं है। उन्होंने पुण्य प्रसून के खिलाफ अपने विडियो में कई और तरह के आरोप लगाए थे। 

बाद में पुण्य प्रसून बाजपेयी की कंपनी मैनेजमेंट से खटपट की खबरें सामने आई थीं। करीब दो महीने बाद ही मैनेजमेंट ने पुण्य प्रसून बाजपेयी और उनकी टीम की सर्विस के स्थगित कर दिया था। इसके बाद भी कई पत्रकारों ने चैनल का साथ छोड़ दिया था। जयपुर में अपने ब्यूरो हेड संजय वर्मा को टर्मिनेट करने और एंप्लाईज पर विज्ञापन लाने का दबाव बनाने को लेकर भी यह चैनल काफी चर्चाओं में रहा था। इसके बाद भी चैनल में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिले और अब इस चैनल के जल्द बंद होने की खबरें सामने आ रही हैं। 

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टोक्यो ओलंपिक गेम्स पर कुछ यूं बड़ा दांव खेलेगा ABP News

हिंदी न्यूज चैनल ‘एबीपी न्यूज’ (ABP News) 24 जुलाई से शुरू हो रहे टोक्यो ओलंपिक गेम्स पर बड़ा दांव खेलने जा रहा है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Friday, 28 February, 2020
Last Modified:
Friday, 28 February, 2020
jitegaindia

हिंदी न्यूज चैनल ‘एबीपी न्यूज’ (ABP News) 24 जुलाई से शुरू हो रहे टोक्यो ओलंपिक गेम्स पर बड़ा दांव खेलने जा रहा है। इसके लिए चैनल एक विशेष प्रोग्राम शुरू करेगा, जिसका नाम है ‘जीतेगा इंडिया’। यह वीकेंड प्रोग्राम होगा, जो जुलाई 2020 से शुरू होकर अगस्त 2020 तक जारी रहेगा। इस बीच यह प्रोग्राम ओलम्पिक्स 2020 से जुड़े हर एक पहलू को कवर करेगा।

इस कार्यक्रम का पूरा फोकस भारत में खेलों को बढ़ावा देने पर होगा। ‘जीतेगा इंडिया’ विभिन्न वर्ग के दर्शकों पर अपनी छाप छोड़ने के लिए खास तरह की स्ट्रैटजी अपनाएगा। एबीपी न्यूज के मुताबिक, वह दुनिया के सबसे बड़े इस खेल कार्यक्रम की व्यावक कवरेज के लिए पूरी तरह से तैयार है। वह अपने इस विशेष कार्यक्रम के जरिए सेलेब्रिटी ब्रैंड एम्बेस्डर्स से लेकर ओलम्पिक्स 2020 के विजेताओं को सम्मानित किए जाने वाले भव्य समारोह को भी कवर करेगा।

‘जीतेगा इंडिया’ के जरिए चैनल विभिन्न विषयों जैसे -ओलम्पिक्स की यात्रा, खेल की पीछे की कहानियां, ओलम्पिक्स में भारत की भूमिका, ओलम्पिक्स के यादगार मैच, ओलम्पिक्स से जुड़ी दुनियाभर की पॉलिटिक्स को भी कवर करेगा। यह न केवल दर्शकों का मनोरंजन करेगा, बल्कि उनके लिए एक जानकारी उपलब्ध कराने वाले मंच की भूमिका भी निभाएगा, जो खेल की दुनिया और इसके इतिहास से दर्शकों को रूबरू कराएगा।

बता दें कि टोकियो ओलम्पिक्स के प्रतिभागियों को प्रोत्साहित करने और खेलों के प्रति लोगों को जागरूक करने के इरादे से ‘एबीपी न्यूज’ ऑन-एयर प्रोग्रामिंग के अलावा भारत और जापान के अलग-अलग जगहों से भी अपने इस कार्यक्रम का आयोजन करेगा। ये कार्यक्रम खेलों जैसे विषयों पर चर्चा के लिए मंच उपलब्ध कराएगा।  

इस मौके पर एबीपी न्यूज के सीईओ अविनाश पांडे ने कहा, ‘एबीपी न्यूज के जरिए हम इस पहल को पूरे देश तक पहुंचाना चाहते हैं और अपने देश के उन एथलीट्स को सपोर्ट करना चाहते हैं जो 2020 टोकियो ओलम्पिक्स में हिस्सा ले रहे हैं। ओलम्पिक्स खेल जगत के उत्सव की तरह है, जिसका जश्न दुनियाभर में मनाया जाता है। ‘जीतेगा इंडिया’ न केवल एक अभियान है बल्कि ऐसा आंदोलन है जो युवाओं को खेलों की दिशा में प्रोत्साहित करेगा, क्योंकि भारत विभिन्न खेल कार्यक्रमों में शानदार परफॉर्मेंस देता रहा है।’ 

 

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दिल्‍ली हिंसा: CNN News18 की पत्रकार ने बयां किया वह खौफनाक मंजर

‘सीएनएन न्‍यूज18’ की जर्नलिस्‍ट रुनझुन शर्मा ने हिंसा की घटना को अपनी आंखों से देखा और जो बयां किया वो सन्‍न कर देने वाला है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 27 February, 2020
Last Modified:
Thursday, 27 February, 2020
delhi

नागरिकता संशोधन कानून (CAA) को लेकर उत्तरी पूर्वी दिल्ली को हिंसा की आग में झोंक दिया गया। मीडिया रिपोर्टर के मुताबिक, इस हिंसा में मरने वालों की संख्या अब बढ़कर 34 हो गई है। हिंसा में 56 पुलिसकर्मियों समेत करीब 200 लोग घायल बताए जा रहे हैं। वहीं, हिंसा प्रभावित इलाके में रिपोर्टिंग कर रहे कई पत्रकारों को भी उन्मादी भीड़ ने अपना निशाना बनाया, जिनमें एनडीटीवी के दो पत्रकार अरविंद गुनासेकर और सौरभ शुक्ला भी शामिल थे, जिन्हें दंगाइयों ने बेरहमी से पीटा। उनके साथ इस दौरान ‘सीएनएन न्‍यूज18 (CNN News18)’ की जर्नलिस्‍ट रुनझुन शर्मा भी शामिल थीं। उन्होंने इस घटना का जो आंखों देखा हाल बयां किया है वो सन्‍न कर देने वाला है। उनके द्वारा बतायी पूरी घटना को आप जस का तस नीचे पढ़ सकते हैं-

रुनझुन शर्मा-  

मुझे लगा मैं कोई फिल्म देख रही हूं। वहां का मंजर भयावह और डरावना था। आदमी तलवार, लोहे की रॉड्स और हॉकी स्टिक्स चला रहे थे, उनमें से कई हेलमेट पहने हुए थे और वे सभी 'जय श्री राम' चिल्ला रहे थे। जैसे ही वे घरों में घुसते वहां से अजीब सी आवाज आती। कुछ मिनटों बाद मैंने उस घर की खिड़की से आग की लपटें उठती देखीं। मैं दो अन्य रिपोर्टर्स के साथ उत्तर-पूर्वी दिल्ली के खजूरी खास इलाके में एक बड़े सीवर नाले के पार खड़ी थी।

वहां जो कुछ भी हो रहा था उसे शूट या रिकॉर्ड करने की हमें इजाजत नहीं थी। भीड़ ने हमें धमकी देते हुए कहा कि अपने फोन जेब से बाहर मत निकालो और जो हो रहा है उसका मजा लो।

घरों को जलने के लिए छोड़ दिया गया

हमारे सामने और पीछे की गलियों में पत्थरबाजी हो रही थी और एसिड फेंका जा रहा था। वहीं एक धार्मिक स्थान का ढांचा भी जलाया जा रहा था। हमें उसके करीब जाने की अनुमति नहीं थी, लेकिन काले धुएं का उठता गुबार दूर से भी देखा जा सकता था।

मैं वहां असहाय सी खड़ी घरों को नेस्तनाबूद होते हुए देख रही थी। मैं हैरान थी कि क्यों पुलिस घटनास्थल पर न होकर कई किलोमीटर दूर खड़ी है। अगर रिपोर्टर्स को जानकारी मिल सकती है तो पुलिस को भी मिल सकती है।

भीड़ ने खुशी जाहिर की और घरों को जलने के लिए छोड़ दिया। गर्व के साथ भरी उस भीड़ ने हमें एक तस्वीर क्लिक करने की अनुमति दी। हम वहां से दूसरी लोकेशन पर पहुंचे जो कि पुराने मौजपुर से थोड़ी ही दूरी पर थी। हमने उस रास्ते में हथियारों से लैस भीड़ देखी। हालांकि पूरे इलाके में धारा 144 लगी हुई थी। पुराने मौजपुर के पास मीतनगर में एक अन्य धार्मिक ढांचा तोड़ा जा रहा था। 200-300 की संख्या में लोग एक पवित्र स्थल को तोड़ रहे थे। ढांचे के भीतर आग लगा दी गई थी जिसके धुएं का गुबार बाहर तक आ रहा था।

हथियार बंद लोगों को लिफ्ट दे रहे थे पुलिसकर्मी

मैं एनडीटीवी के दो रिपोर्टर्स सौरभ शुक्ला और अरविंद गुनासेकर के साथ रिपोर्टिंग कर रही थी। हमने अपनी गाड़ियां रोक दीं। यह मेन रोड नहीं थी, न ही फ्लाइओवर के पास वाली सड़क थी, न ही आस-पास गलियां थीं। मैंने देखा कि कुछ पुलिस वाले बाइक पर आ रहे हैं और हथियार पकड़े हुए लोगों को लिफ्ट दे रहे थे।

जैसा कोई भी रिपोर्टर करता। अरविंद गुनासेकर ने अपने मोबाइल फोन से रिकॉर्डिंग करनी शुरू कर दी जो कि उन्होंने अपनी शर्ट की जेब में रखा हुआ था। कुछ ही मिनटों में करीब 50 लोग लोहे की रॉड और हॉकी स्टिक लिए हुए हमारी तरफ आने लगे। जब तक हम ये सब समझ पाते उन्होंने अरविंद पर हमला बोल दिया। कई लोग हमारी तरफ बढ़े। सौरभ शुक्ला और मैंने अपने हाथ जोड़ते हुए भीड़ से कहा कि वे हम तीनों को जाने दें। हम बार-बार कह रहे थे हमें माफ कर दीजिए, गलती हो गई, हम पत्रकार हैं। लेकिन उन पर किसी बात का असर नहीं हो रहा था।

फोन से डिलीट करवाई हर तस्वीर और विडियो

कई मिनट तक अरविंद को लगातार पीटने के बाद, उन्होंने उसके फोन के हर विडियो और फोटो को डिलीट करवा दिया। उसके बाद ही उन्होंने उसे जाने दिया। वह लंगड़ा रहा था और मुंह से खून बह रहा था। उसका एक दांत गायब था जबकि दो अन्य टूटे हुए थे।

जैसे ही मैं और अरविंद अपनी गाड़ियों के पास पहुंचे जो कि थोड़ी ही दूरी पर खड़ी हुई थीं, हमें डर के साथ एहसास हुआ कि भीड़ ने हमारे साथ मौजूद एक अन्य रिपोर्टर सौरभ शुक्ला को घेर रखा है। भीड़ ने उन्हें घेरकर कहा कि वह अपने फोन से सभी फोटो और विडियो डिलीट करें वरना उनके फोन को आग लगा दी जाएगी।

पूछा गया हमारा धर्म

मैं वापस गई और फिर भीड़ से विनती की। मेरा फोन मेरी ट्रैक पैंट में रखा हुआ था लेकिन मैंने उनसे कहा कि वो कार में है। मैंने प्रार्थना की कि वे मेरे साथ ऐसा कुछ न करें और शुक्र है कि उन्होंने ऐसा कुछ नहीं किया।

उन्होंने हमसे हमारा धर्म पूछा। मैंने उन्हें अपना प्रेस कार्ड दिखाया। मैंने उन्हें अपना सरनेम 'शर्मा' भी बताया। सौरभ शुक्ला ने अपनी रुद्राक्ष की माला उन्हें दिखाई। वे जानना चाहते थे कि क्या हम उनमें से एक हैं। कई मिनट भीख मांगने और विनती करने के बाद और सबसे जरूरी अपनी धार्मिक पहचान बताने के बाद उन्होंने हमें जाने दिया। हम अपने हाथ जोड़कर वहां से आ गए। वह अलविदा के तौर पर हमसे जयश्री राम बुलवाना चाहते थे।

(साभार: न्यूज18 इंडिया)

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दिल्ली हिंसा को लेकर सरकार ने टीवी चैनलों को दी ये सलाह

सूचना-प्रसारण मंत्रालय ने मंगलवार को सभी निजी सैटेलाइट टीवी चैनलों को एडवाइजरी जारी की है। इस एडवाइजरी में चैनलों से यह कहा गया है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 26 February, 2020
Last Modified:
Wednesday, 26 February, 2020
MIB

सूचना-प्रसारण मंत्रालय ने मंगलवार को सभी निजी सैटेलाइट टीवी चैनलों को एडवाइजरी जारी की है। इस एडवाइजरी में चैनलों से यह कहा गया है कि वे ऐसे कंटेंट प्रसारित करने को लेकर सावधानी बरतें, जिनसे हिंसा फैलती हो या राष्ट्रविरोधी दृष्टिकोण को बढ़ावा मिलता हो।

दरअसल, यह एजवाइजरी तब जारी की गई, जब नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ दिल्ली के उत्तरी पूर्वी इलाकों में बीते दिनों जबरदस्त हिंसा देखने को मिली। इस हिंसा में अब तक 13 लोगों की मौत हो गई, जबकि 186 लोग घायल हैं। दिल्ली में हालात बेहद खराब हैं, जिसको देखते हुए एक महीने के लिए धारा 144 लगा दी गई है। वहीं, दिल्ली पुलिस को उपद्रवियों को देखते ही गोली मार देने का आदेश दिया गया है।

दिल्ली में हालात को देखते हुए ही मंत्रालय की ओर से ये एडवाइजरी जारी की गई है। इस एडवाइजरी में कहा गया कि यह दोहराया जाता है कि सभी टीवी चैनलों को ऐसे कंटेंट के संबंध में विशेष रूप से सतर्क रहने की सलाह दी जाती है, जिससे हिंसा को प्रोत्साहित करने या उकसाने की आशंका है। या फिर कानून व्यवस्था के विरुद्ध कुछ हो या जो राष्ट्रविरोधी दृष्टिकोण को बढ़ावा देता हो।

इसके अतिरिक्त इसमें कहा गया है कि टेलिविजन चैनल किसी भी ऐसी सामग्री को प्रसारित न करें, जिसमें धर्म या समुदाय या दृश्य या शब्दों पर हमला हो, जो धार्मिक समूहों के प्रति अपमानजनक हो सकते हैं या फिर जो सांप्रदायिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देते हैं।

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देश में TV न्यूज के भविष्य को लेकर वरिष्ठ पत्रकार नविका कुमार ने कही ये बड़ी बात

नोएडा के होटल रेडिसन ब्लू में आयोजित एक समारोह में टीवी इंडस्ट्री के दिग्गजों को एक्सचेंज4मीडिया न्यूज ब्रॉडकास्टिंग अवॉर्ड्स (enba) से सम्मानित किया गया

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Sunday, 23 February, 2020
Last Modified:
Sunday, 23 February, 2020
NAVIKA KUMAR

देश के बड़े मीडिया समूह में शुमार ‘टाइम्स नेटवर्क’ (Times Network) की ग्रुप एडिटर (पॉलिटिक्स) नविका कुमार का कहना है कि देश में टीवी न्यूज बंद होने वाली नहीं है। 22 फरवरी को नोएडा के होटल रेडिसन ब्लू में एक्सचेंज4मीडिया न्यूज ब्रॉडकास्टिंग अवॉर्ड्स (enba) 2019 समारोह के उद्घाटन के मौके पर आयोजित न्यूजनेक्स्ट कॉन्फ्रेंस में नविका कुमार ने यह बात कही।

इस मौके पर यह पूछे जाने कि देश में क्या टीवी न्यूज का दौर खत्म हो रहा है? यदि नहीं तो यह डिजिटल मीडिया से मिलने वाली चुनौतियों का सामना किस प्रकार कर रही है? नविका कुमार ने कहा कि टीवी न्यूज का दौर खत्म होने वाला नहीं है।

इस दौरान नविका कुमार ने इस बात पर भी विस्तृत रूप से प्रकाश डाला कि लोगों की बदलती जरूरतों के अनुसार टेलिविजन न्यूज चैनल्स समय के साथ कैसे खुद को बदल रहे हैं। नविका कुमार का कहना था, ‘हमारा सबसे बड़ा दुश्मन रिमोट कंट्रोल है। लोग लगातार एक चैनल से दूसरे चैनल को बदलते रहते हैं। यही कारण है कि आपकी न्यूज दूसरों से अलग होनी चाहिए। जब आपका कंटेंट यूनिक होगा और रोचक होगा, तभी लोग उसे पसंद करेंगे और आपके चैनल को देखेंगे।’ उनका कहना था, ‘मैं डिजिटल मीडिया की बढ़ती ताकत को नजरअंदाज नहीं करना चाहती हूं, लेकिन सोचती हूं कि टीवी न्यूज भी लोगों की जरूरतों को समझ रही है और पूरा कर रही है। यह दर्शकों द्वारा भुलाए जाने के लिए कतई तैयार नहीं है। यानी अपनी प्रासंगिकता बनाए रखने के लिए यह बदलते समय में दर्शकों की जरूरतों के अनुसार खुद में बदलाव ला रही है।’  

डिजिटल की ग्रोथ के बारे में नविका कुमार का कहना था, ‘कई लोगों का कहना है कि डिजिटल जल्द ही टीवी को पीछे छोड़ देगा और टीवी न्यूज हमेशा के लिए बदलने वाली है। लगभग सभी मीडिया संस्थान अपनी वेबसाइट पर ज्यादा से ज्यादा पैसा और संसाधन खर्च कर रहे हैं। ऑरिजिनल न्यूज व टीवी न्यूज की क्लिप को छोटे रूप में पेश किया जा रहा है। देश में करीब 150 मिलियन लोगों के यहां इंटरनेट है और लगभग 350-400 मिलयन सोशल मीडिया यूजर्स हैं। इससे पता चलता है कि लोग इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। लोग न्यूज को छोटे और शॉर्ट फॉर्मेट में हासिल करना चाहते हैं। यही कारण है कि हम सभी ऐसा कर रहे हैं। हालांकि मुझे नहीं लगता कि देश में टीवी न्यूज बंद हो जाएगा, जैसा कि कई विकसित देशों में बंद हो चुका है। अभी अपने देश में टीवी न्यूज बंद होने वाला नहीं है।’

कुमार के अनुसार, ‘टेलिविजन, न्यूज की पहचान बन चुका है। लोग स्टोरीज को सुनना चाहते हैं। यह हमारे कल्चर का हिस्सा है। अमर चित्रकथा के समय से हम लोग स्टोरी कहने और सुनने की पूरी प्रक्रिया के शौकीन हैं। स्टीर टैलिंग की प्रक्रिया शुरू से रही है और आगे भी रहेगी। हम पत्रकारों को बस यही करना है कि हमें अपने आप को समय के साथ बदलते रहना चाहिए और अपने दर्शकों की बदलती जरूरतों के अनुसार खुद को ढाल लेना चाहिए।’

नविका कुमार का कहना था, ‘जब शाम को मैं अपना ‘न्यूजऑवर’ (newshour) डिबेट शो करती हूं तो मुझे पता होता है कि कोई भी 50 मिनट का टीवी प्रोग्राम देखने वाला नहीं है लेकिन हम जानते हैं कि पूरे शो के कुछ हिस्से जरूऱ वायरल हो सकते हैं। जब हम अपने शो में होने वाली दो पैनलिस्ट की रोचक बहस को डिजिटल मीडिया पर डालते हैं तो तेजी से लाखों व्यूज मिल जाते हैं और यह संख्या बढ़ती रहती है। इसलिए डिजिटल एक ऐसा माध्यम है, जहां पर हमें अपनी मौजूदगी तो दर्ज करानी ही होगी, साथ ही इस बात को लेकर भी काफी होशियार रहना होगा कि आखिर हम क्या परोस रहे हैं।‘

नविका कुमार के अनुसार दिन में जो भी न्यूज दिखाई जाती है, वो आमतौर पर घटनाक्रमों पर आधारित होती है यानी घटनाएं दिखाई जाती हैं और शाम की न्यूज बिल्कुल किसी अखबार के संपादकीय पेज की तरह होती है, यानी जहां पर हम विभिन्न मुद्दों पर डिबेट और तर्क आदि करते हैं। दूसरे दिन दोबारा से यही पूरी प्रक्रिया दोहराई जाती है। इस बीच हम दूसरे माध्यमों के लिए न्यूज का दूसरा वर्जन तैयार करते हैं। इसलिए न्यूज का दौर कभी भी खत्म होने वाला नहीं है। 402 चैनल्स के बीच अपने आपको दूसरों से आगे रहने के लिए हमें अपनी न्यूज के फॉर्मेट के प्रति और अधिक स्मार्ट रहना होगा। इस मामले में हमारा सीधा सा सिद्धांत यह है कि न्यूज हमेशा पूरे तथ्यों और सूचनाओं से पूर्ण होनी चाहिए। खबरे अपने आप में खबर होती है। अंतर सिर्फ इतना है कि आप इसमें और कितना वैल्यू एडिशन करते हैं।

आखिर में नविका कुमार ने इस बात पर जोर दिया कि यदि कोई व्यक्ति अच्छा काम करता है तो उसे समय के साथ पहचान मिलती है और एक पत्रकार की असली परीक्षा हर समय होती है, जब भी वह अपने दर्शकों को खबर उपलब्ध कराता है। उसे हर समय अपने दर्शकों को बेहतर और तथ्यों से पूर्ण खबर देनी होती है।

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enba 2019: इनके सिर सजा बेस्ट न्यूज चैनल्स का ताज, अन्य विजेताओं की लिस्ट देखें यहां

बहुप्रतिष्ठित ‘एक्सचेंज4मीडिया न्यूज ब्रॉडकास्टिंग अवॉर्ड्स’ (enba) का आयोजन 22 फरवरी को नोएडा के रेडिसन ब्लू होटल में किया गया

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Sunday, 23 February, 2020
Last Modified:
Sunday, 23 February, 2020
enba

देश में टेलिविजन न्‍यूज इंडस्‍ट्री को नई दिशा देने और इंडस्‍ट्री को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने में अहम योगदान देने वालों को सम्मानित करने के लिए बहुप्रतिष्ठित ‘एक्‍सचेंज4मीडिया न्‍यूज ब्रॉडकास्टिंग अवॉर्ड्स’ (enba)  का आयोजन 22 फरवरी को नोएडा के रेडिसन ब्लू होटल में किया गया। इनबा का यह 12वां एडिशन था। समारोह में केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान मुख्य अतिथि थे।

कार्यक्रम से पहले आयोजित NewsNextConference के अंतगर्त कई पैनल डिस्कशन भी हुए, जिसके द्वारा लोगों को मीडिया के दिग्गजों के विचारों को सुनने का मौका मिला। इस मौके पर न्यूज टेलिविजन एडिटर-इन-चीफ ऑफ द ईयर (इंग्लिश कैटेगरी) का खिताब ‘सीएनबीसी टीवी18’ की शिरीन भान और न्यूज टेलिविजन एडिटर-इन-चीफ ऑफ द ईयर (हिंदी कैटेगरी) का खिताब ‘आजतक’ के सुप्रिय प्रसाद को मिला।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न कैटेगरीज के तहत सबसे ज्यादा अवॉर्ड्स ‘एबीपी न्यूज’ और ‘आजतक’ की झोली में गए। इसके अलावा एक्सीलेंस कैटेगरी में ‘लाइवटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड’ का ताज वरिष्ठ टीवी पत्रकार और ‘इंडिया टुडे’ समूह के कंसल्टिंग एडिटर को मिला। वहीं, ‘नेटवर्क18’ के सीईओ अविनाश कौल को न्यूज टेलिविजन सीईओ ऑफ द ईयर के सम्मान से नवाजा गया। ‘इंडिया टुडे’ और ‘आजतक’ को क्रमश: अंग्रेजी और हिंदी में ‘न्यूज चैनल ऑफ द ईयर’ का  अवॉर्ड मिला।

विजेताओं की पूरी लिस्ट आप यहां देख सकते हैं-

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रिपब्लिक मीडिया ने सवालों का दिया जवाब, बताया कौन है असली मालिक

प्रतिष्ठित टीवी न्यूज चैनल्स में शामिल ‘रिपब्लिक टीवी’ के स्वामित्व को लेकर जिस तरह से सवाल उठाए गए, कंपनी ने उन सभी सवालों का जवाब देकर उन पर विराम लगा दिया है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 20 February, 2020
Last Modified:
Thursday, 20 February, 2020
republic

प्रतिष्ठित टीवी न्यूज चैनल्स में शामिल ‘रिपब्लिक टीवी’ के स्वामित्व को लेकर जिस तरह से सवाल उठाए गए, कंपनी ने उन सभी सवालों का जवाब देकर उन पर विराम लगा दिया है। चैनल की परिचालक कंपनी ‘रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क’ (The Republic Media Network) ने एक स्टेटमेंट जारी किया है, जिसमें कंपनी के प्रमोटर की हिस्सेदारी का विवरण दिया गया है।

कंपनी ने बुधवार को यह स्पष्ट किया कि चैनल में पत्रकार अरनब गोस्वामी की व्यक्तिगत रूप से हिस्सेदारी 82 प्रतिशत से अधिक है।

‘रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क’ ने कहा कि कंपनी के स्वामित्व को लेकर भारत और अंतरराष्ट्रीय मीडिया में फैलाई जा रही झूठी और दुर्भावनापूर्ण खबरों के मद्देनजर स्थिति साफ करने के लिये यह बयान जारी किया गया है।

‘रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क’ ने अपने बयान में कहा कि ‘एआरजी आउटलायर मीडिया प्राइवेट लिमिटेड’ (ARG Outlier Media Pvt Ltd.) जोकि रिपब्लिक मीडिया की प्रमोटर है और अरनब गोस्वामी इसके मालिक हैं, इसके पास पहले कुल 84 फीसदी शेयर थे।

बयान में बताया गया कि 2017 में जब ‘रिपब्लिक टीवी’ की शुरुआत हुई थी तब अरनब गोस्वामी इसमें अपने व्यक्तिगत और परिवारिक निवेश के माध्यम से 84 प्रतिशत के हिस्सेदार थे। कंपनी के विस्तार के लिये उन्होंने फरवरी 2019 में कुछ शेयर बेचकर फंड इकट्ठा किया था, उसके बाद भी उनकी हिस्सेदारी 82 प्रतिशत से अधिक है।

वहीं, यदि डिजिटल मीडिया की बात की जाए तो www.republicworld.com में अरनब गोस्वामी की कंपनी के पास इसकी कुल 99 फीसदी हिस्सेदारी है। अरनब गोस्वामी की सभी तीन कंपनियां भारत में ही रजिस्टर हैं और 82 फीसदी से भी ज्यादा की हिस्सेदारी खुद अरनब गोस्वामी की है जोकि किसी भी भारतीय मीडिया हाउस में एक पत्रकार द्वारा सर्वाधिक हिस्सेदारी है।

बयान में आगे कहा गया है कि इसी वजह से ‘रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क’ के एडिटर-इन-चीफ अरनब गोस्वामी ‘रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क’ के बोर्ड के चेयरमैन और एकमात्र प्रमोटर हैं। इससे यह पता चलता है कि रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क पूरी तरह पत्रकार के एक स्वामित्व वाला नेटवर्क है।

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जानिए, न्यूज चैनल्स के लिए कैसे फायदे का सौदा रहा आम बजट

टीवी चैनलों के लिए एक फरवरी को पेश किया गया केंद्रीय बजट काफी बेहतर साबित हुआ है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 19 February, 2020
Last Modified:
Wednesday, 19 February, 2020
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टीवी चैनलों के लिए एक फरवरी को पेश किया गया केंद्रीय बजट काफी बेहतर साबित हुआ है, क्योंकि एक फरवरी को हिंदी और अंग्रेजी के न्यूज चैनल्स के साथ ही बिजनेस न्यूज चैनल्स (हिंदी+अंग्रेजी) के दर्शकों की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई है। दर्शकों की संख्या विशेष रूप से सुबह 11 बजे से दोपहर 1.43 के बीच तेजी से बढ़ी। इस बात की जानकारी ‘ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल’ (BARC) द्वारा शेयर किए गए आंकड़ों से मिली है।

BARC इंडिया द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, न्यूज चैनल्स ने इस दिन 3 मिलियन इम्प्रेशंस दर्ज किए, जो कि सामान्य दिनों की तुलना में 61% ज्यादा हैं। वहीं पिछले चार हफ्तों की तुलना में बजट वाले दिन उपरोक्त समय के दौरान सामान्य न्यूज कैटेगरी के दर्शकों की संख्या में भी 33% का इजाफा देखा गया है। इस तरह से बजट के दिन 22 मिलियन दर्शकों की संख्या दर्ज की गई।

5वें हफ्ते में यदि अंग्रेजी न्यूज जॉनर की बात करें तो रिपब्लिक टीवी (Republic TV) की रेटिंग  654(000s) इम्प्रेशंस रही, जबकि ‘टाइम्स नाउ’ (Times Now) और ‘इंडिया टुडे’ (India Today Television) टेलिविजन की रेटिंग क्रमश: 534(000s) और 303(000s) इम्प्रेशंस दर्ज की गई।

इस बीच, अंग्रेजी बिजनेस न्यूज जॉनर में, ‘सीएनबीसी टीवी18’ (CNBC TV18) की रेटिंग 727 (000) इंप्रेशन दर्ज की गई। वहीं, ‘ईटी नाउ’ (ET Now) और ‘सीएनबीसी टीवी18 प्राइम एचडी’ (CNBC TV18 Prime HD) की रेटिंग क्रमश: 266 (000s) और 30 (000s) इम्प्रेशंस दर्ज की गई।

वहीं हिंदी न्यूज जॉनर की बात की जाए तो, ‘आजतक’ (Aaj Tak) ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में 5वें हफ्ते में 117478 (000s) इम्प्रेशंस की रेटिंग दर्ज की, जबकि ‘जी न्यूज’ (Zee News) और ‘न्यूज18 इंडिया’ (New18 India) की रेटिंग क्रमशः 97562 (000s) और 95139 (000s) इम्प्रेशंस रही।

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Times Network ने वरिष्ठ टीवी पत्रकार नविका कुमार को सौंपी अब ये बड़ी जिम्मेदारी

नविका कुमार उन पत्रकारों की फेहरिस्त में शामिल हैं, जिन्होंने पॉलिटिकल रिपोर्टिंग में अपनी पहचान बनाने के साथ-साथ बिजनेस रिपोर्टिंग में भी अलग धाक बनाई है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 19 February, 2020
Last Modified:
Wednesday, 19 February, 2020
Navika Kumar Times Network.

देश के बड़े मीडिया ग्रुप्स में शुमार ‘टाइम्स नेटवर्क’ (Times Network) में वरिष्ठ टीवी पत्रकार नविका कुमार का प्रमोशन हुआ है। नेटवर्क ने अब उन्हें ग्रुप एडिटर (पॉलिटिक्स) की जिम्मेदारी सौंपी है। अपनी नई भूमिका में उनके पास नेटवर्क के न्यूज ब्रैंड्स ‘ईटी नाउ’ (ET NOW), ‘मिरर नाउ’ (MIRROR NOW) और ‘टाइम्स डॉट कॉम’ (Timesnownews.com) की पॉलिटिकल रिपोर्टिंग स्ट्रैटेजी तैयार करने की अतिरिक्त जिम्मेदारी होगी। इसके साथ ही वह पहले की तरह नेटवर्क के अंग्रेजी न्यूज चैनल ‘टाइम्स नाउ’ (TIMES NOW) में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रहेंगी।       

नविका कुमार ने इकनॉमिक्स में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है और वे उन पत्रकारों की फेहरिस्त में शामिल हैं, जिन्होंने पॉलिटिकल रिपोर्टिंग में अपनी एक अलग पहचान बनाने के साथ-साथ बिजनेस रिपोर्टिंग में भी अपनी अलग धाक बनाई हुई है। उन्हें कई बड़ी स्टोरी ब्रेक करने और इंवेस्टिगेट करने का श्रेय दिया जाता है, जिनमें सोनिया गांधी का इस्तीफा, कॉमनवेल्थ घोटाले में फंसे सुरेश कलमाड़ी का इस्तीफा, अगस्ता हेलीकॉप्टर घोटाला, एयरसेल-मैक्सिस डील जैसी कई खबरें शामिल हैं।

नविका कुमार को बड़ी जिम्मेदारी सौंपे जाने के बारे में ‘टाइम्स नेटवर्क’ के एमडी और सीईओ एमके आनंद का कहना है, ‘नविका कुमार हमारे फ्लैगशिप चैनल ‘टाइम्स नाउ’ से इसकी शुरुआत के साथ से ही जुड़ी हैं और चैनल के विकास में उन्होंने काफी अहम भूमिका निभाई है। राजनीतिक मामलों पर उनकी काफी मजबूत पकड़ है और चैनल को इस मुकाम तक लाने में उनका काफी योगदान है। नविका नेटवर्क के टॉप मैनेजमेंट की महत्वपूर्ण सदस्य हैं और हमें उनकी विशेषज्ञता का फायदा टाइम्स नाउ के अलावा अन्य क्षेत्रों में भी मिलेगा।’ 

वहीं, नविका कुमार का कहना है, ‘टाइम्स नाउ के साथ मेरा 15 वर्षों का साथ काफी बेहतर रहा है। अपनी नई भूमिका में मैं नेटवर्क की विभिन्न टीमों के साथ मिलकर इसे और आगे ले जाने का प्रयास करूंगी।’

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नेशनल वॉयस चैनल से जुड़ीं ये न्यूज एंकर, शुरू हुए वॉक इन इंटरव्यू

रीजनल न्यूज चैनल ‘नेशनल वॉयस’ (NATIONAL VOICE) की रीलॉन्चिंग की तैयारियां जोरों पर हैं। चैनल कई बड़े नामों को अपने साथ जोड़ने की तैयारी में है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Tuesday, 18 February, 2020
Last Modified:
Tuesday, 18 February, 2020
National Voce

रीजनल न्यूज चैनल ‘नेशनल वॉयस’ (NATIONAL VOICE) की रीलॉन्चिंग की तैयारियां जोरों पर हैं। चैनल कई बड़े नामों को अपने साथ जोड़ने की तैयारी में है। खबर है कि ‘आजतक’ समूह की तेजतर्रार एंकर स्वाति चौरसिया अब ‘नेशनल वॉयस’ चैनल का हिस्सा बन चुकी हैं।

चैनल से जुड़े सूत्रों के मुताबिक अभी बड़े पैमाने पर नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है। चैनल को विडियो एडिटर्स, आउटपुट डेस्क और कई अन्य डिपार्टमेंट के लिए योग्य लोगों की जरूरत है। ऐसे उम्मीदवार वॉक इन इंटरव्यू के लिए चैनल के नोएडा सेक्टर 65 स्थित दफ्तर B-128 में एचआर से संपर्क कर सकते हैं।

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