2022 में इन नेटवर्क्स ने जमायी धाक, लॉन्च किए नए चैनल

साल 2022 में कई ऐसे चैनलों ने दस्तक दी है, जिससे मीडिया इंडस्ट्री में रोजगार के अवसर खुले हैं। इनमें कुछ टीवी चैनल व कुछ डिजिटल चैनल शामिल हैं

विकास सक्सेना by
Published - Wednesday, 21 December, 2022
Last Modified:
Wednesday, 21 December, 2022
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वर्ष 2022 समाप्त होने में कुछ दिन ही शेष रह गए हैं और नए साल के स्वागत की तैयारियां जोर-शोर से हो रही हैं। मीडिया इंडस्ट्री के लिहाज से यदि हम वर्ष 2022 की बात करें, तो इस साल कई ऐसे चैनलों ने दस्तक दी है, जिससे इस इंडस्ट्री में रोजगार के अवसर खुले हैं। इनमें कुछ टीवी चैनल व कुछ डिजिटल चैनल शामिल हैं। आइए, एक नजर डालते हैं ऐसे ही चैनलों की लॉन्चिंग पर।

‘जी मीडिया’ ने किए चार डिजिटल चैनल लॉन्च

साल की शुरुआत ‘जी मीडिया’ (Zee Media) से सामने आई है। ‘जी मीडिया’ ने दक्षिण भारत की चार प्रमुख भाषाओं में डिजिटल न्यूज चैनल लॉन्च किया, जिनमें कन्नड़ भाषा में ‘जी कन्नड़ न्यूज’,  तमिल भाषा में ‘जी तमिल न्यूज’, तेलुगु भाषा में ‘जी तेलुगु न्यूज’ और मलयालम भाषा में ‘जी मलयालम न्यूज’ शामिल थे। इन चैनलों की लॉन्चिंग जी मीडिया के फाउंडर व राज्यसभा सांसद डॉ. सुभाष चंद्रा मंगलवार 25 जनवरी को की। बता दें कि जी मीडिया पहली बार डिजिटल टीवी चैनल लॉन्च किया था। 

राजस्थानी जनरल एंटरटेनमेंट चैनल ‘गणगौर टेलिविजन’

‘खम्मा घणी एंटरटेनमेंट’ (Khamma Ghani Entertainment) ने राजस्थानी भाषा दिवस के अवसर पर यानी 21 फरवरी को राजस्थानी भाषा में अपना जनरल एंटरटेनमेंट चैनल ‘गणगौर टेलिविजन’ (Gangaur Television) लॉन्च किया था। ‘खम्मा घणी एंटरटेनमेंट’ के अनुसार, यह चैनल एंटरटेनमेंट प्रदान करने वाला देश का पहला और एकमात्र चैनल है, जिस पर हर कार्यक्रम राजस्थानी भाषा में है। चैनल की ओर से म्यूजिक, मूवीज, रियलिट शो, फिक्शन, पौराणिक कथाओं पर आधारित शो और कॉमेडी शो समेत तमाम जॉनर में दर्शकों के लिए कार्यक्रम मौजूद हैं।

‘डिज्नी किड्स नेटवर्क’ का किड्स चैनल 'सुपर हंगामा'

‘डिज्नी किड्स नेटवर्क’ (Disney Kids Network) ने इस साल एक मार्च को 'सुपर हंगामा' नाम से एक नए किड्स चैनल के लॉन्च किया था। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो नेटवर्क ने अपने पुराने कार्टून चैनल ‘Marvel HQ’ को बंद करके नए चैनल 'सुपर हंगामा' को लॉन्च किया था। इस नए चैनल को पहले पिछले साल दिसंबर में शुरू किया जाना था, लेकिन ट्राई द्वारा नए टैरिफ में बदलाव के चलते इसकी लॉन्चिंग को स्थगित कर दिया गया था। ‘सुपर हंगामा’ चैनल में आपको हिंदी समेत तीन अन्य भाषाओं में कार्टून देखने का मौका देता है, जिसमें अंग्रेजी, तमिल और तेलुगू भाषा शामिल हैं।

सिद्धि मीडिया प्राइवेट का ‘गुजरात फर्स्ट’ न्यूज चैनल  

इस साल मार्च में सिद्धि मीडिया प्राइवेट ने ‘गुजरात फर्स्ट’ न्यूज चैनल लॉन्च किया। गुजरात का यह दसवां न्यूज चैनल था, जिसकी शुरुआत बड़े पैमाने पर की गई थी। ‘गुजरात फर्स्ट’ की शुरुआत हाई-टेक आधुनिक कार्यालय (hi-tech modern office) से हुई थी। पहले दिन ही लोगों के दिलों-दिमाग को छूने वाले बेहद सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ ‘अभिगम थी अव्वल’ स्लोगन के जरिए न्यूज चैनल का गर्मजोशी से स्वागत किया गया था। ‘गुजरात फर्स्ट’ न्यूज चैनल गुजरात के अनुभवी पत्रकार दीपक रजनी के नेतृत्व में लॉन्च किया गया था। चैनल की  खास बात यह थी कि यहां इनपुट, आउटपुट और एंकर सहित तमाम विभागों में गुजरात के लोगों का ही चयन किया था। लिहाजा यही वजह है कि ‘गुजरात फर्स्ट’ लॉन्चिंग के पहले ही दिन ही काफी लोकप्रिय हो गया था।

‘वायकॉम18’ (Viacom 18) का स्पोर्ट्स चैनल     

‘टीवी18‘ (TV18) और ‘वायकॉमसीबीएस‘ (ViacomCBS) का जॉइंट वेंचर ‘वायकॉम18’ (Viacom 18) ने इस साल 15 अप्रैल को अंग्रेजी के दो स्पोर्ट्स चैनल्स लॉन्च किए। इन चैनल्स में एक Sports18 1 SD  और दूसरा Sports18 1 HD है। ये दोनों ही पे चैनल हैं। वहीं, इस पहले कंपनी की डिस्ट्रीब्यूशन शाखा ‘इंडियाकास्ट’ (IndiaCast) ने यह खुलासा किया था कि एक अप्रैल से ‘वायकॉम18‘ के ‘एमटीवी एचडी+ (MTV HD+) और ‘कलर्स सिनेप्लेक्स‘ (Colors Cineplex) का नाम बदलकर ‘एमटीवी एचडी‘ (MTV HD और ‘कलर्स सिनेप्लेक्स सुपरहिट‘ (Colors Cineplex Superhits) कर दिया जाएगा।

‘जी मीडिया’ का न्यूज चैनल ‘जी दिल्ली-एनसीआर हरियाणा’

देश के प्रतिष्ठित मीडिया संगठन जी मीडिया ग्रुप (Zee Media Group) ने 10 अप्रैल को अपना एक नया स्पेशल चैनल लॉन्च किया। यह स्पेशल चैनल दिल्ली-एनसीआर व हरियाणा पर केंद्रित था, जिसका नाम रखा गया ‘जी दिल्ली-एनसीआर हरियाणा’ (Zee Delhi NCR haryana)।  इस चैनल का उद्घाटन 10 अप्रैल को 2 बजे दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने किया था। नेटवर्क की ओर से बताया गया था कि इस चैनल को लॉन्च करने का मकसद दिल्ली, एनसीआर और हरियाणा की खबरों को विस्तार से लोगों तक पहुंचाना है।

डिज्नी स्टार इंडिया का मराठी मूवी चैनल ‘प्रवाह पिक्चर’  

डिज्नी स्टार इंडिया (Disney Star India) ने इस साल 15 मई को नए मराठी मूवी चैनल्स ‘प्रवाह पिक्चर’ (Pravah Picture) और ‘प्रवाह पिक्चर एचडी’ (Pravah Picture HD) लॉन्च किया। नेटवर्क ने अपने ऑफिशियल कम्युनिकेशन में उल्लेख किया था कि ‘प्रवाह पिक्चर’ पर दर्शकों को बेस्ट मराठी मूवीज देखने को मिलेंगी और यह 200 से ज्यादा फिल्मों का प्रसारण करेगा। इसके साथ ही यह हर हफ्ते एक मराठी फिल्म का प्रीमियर करेगा।

डिज्नी स्टार इंडिया का ओडिया चैनल ‘स्टार किरण’

डिज्नी स्टार इंडिया ने छह जून को दो नए ओडिया चैनल लॉन्च किए। नेटवर्क ने टेलीविजन चैनल्स (डीपीओ) के सभी डिस्ट्रीब्यूटर्स को पहले ही सूचित कर दिया था कि चैनल ‘स्टार किरण’ (Star Kiran) और ‘स्टार किरण एचडी’ (Star Kiran HD) 6 जून, 2022 से लाइव होंगे। ओडिशा में नेटवर्क का ‘स्टार किरण’ पहला ऐसा क्षेत्रीय चैनल बना, जो एचडी में था। इस चैनल की लॉन्चिंग के साथ ही डिज्नी स्टार ने देश के स्थानीय भाषाई मार्केट में अपना सातवां कदम रखा था।

हिंदी जनरल एंटरटेनमेंट चैनल्स ‘अतरंगी’  

हिंदी के जनरल एंटरटेनमेंट चैनल्स (GEC) की लिस्ट में इस साल 6 जून को एक नाम जुड़ा ‘अतरंगी’ (Atrangii)। हालांकि विभू अग्रवाल द्वारा लॉन्च किए गए इस चैनल की ओर से तब कहा गया था कि इसके कंटेंट लाइन-अप में ओटीटी प्लेटफॉर्म्स और प्रॉडक्शन हाउसेज के सबसे ज्यादा देखे जाने वाले कुछ शो को शामिल किया जाएगा, जिन्हें दर्शकों के लिए टेलीविजन स्क्रीन पर लाया जाएगा।

‘इंडिया टुडे’ समूह का हिंदी न्यूज चैनल ‘आजतक2’  

इस साल अगस्त में ‘इंडिया टुडे’ (India Today) समूह के हिंदी न्यूज चैनल ‘आजतक‘ (AajTak) ने डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए ‘आजतक2‘ (AajTak 2) चैनल लॉन्च करने की घोषणा की गई। ‘आजतक2‘ की कमान ‘आजतक 1’ की सीनियर एग्जिक्यूटिव एडिटर और जानी-मानी न्यूज एंकर अंजना ओम कश्यप के हाथों में दी गई। इस बारे में ‘इंडिया टुडे’ समूह की वाइस चेयरपर्सन कली पुरी ने एक स्टेटमेंट भी जारी किया गया था, जिसमें कली पुरी ने कहा था, ‘आजतक2 रैखिक माध्यम (linear medium) की सीमाओं से परे आजतक1 को स्थिरता प्रदान करेगा। इसके द्वारा आजतक ब्रैंड को अधिक समाचारों को लाने का मौका मिलेगा। न्यूज के मामले में हम हमेशा से देश के लोगों की पसंद रहे हैं और डिजिटल के इस तरह के अवसर हमें युवा दर्शकों के लिए न्यूज का समानांतर चैनल बनाने का मौका देते हैं। आजतक2 फिलहाल aajtak.in और आजतक के डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध होगा।

नेशनल हिंदी न्यूज चैनल ‘भारत24’

नेशनल हिंदी न्यूज चैनल ‘भारत24’ (Bharat24) को इस साल अगस्त में लॉन्च किया गया। केंद्रीय सूचना-प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने 14 अगस्त को इस चैनल की लॉन्चिंग की। लॉन्चिंग के मौके पर आयोजित एक समारोह में अनुराग ठाकुर ने टीम को शुभकामनाएं देते हुए कहा, ‘मैं इस नए चैनल के लिए सीईओ डॉ. जगदीश चंद्रा और उनकी पूरी टीम को शुभकामनाएं देता हूं। मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और इसे सरकार और जनता के बीच एक पुल का काम करना चाहिए और मुझे विश्वास है कि भारत24 इस जिम्मेदारी को पूरी गंभीरता से निभाएगा।’  चैनल की टैगलाइन ‘विजन ऑफ न्यू इंडिया’ (Vision of new India) है और यह देशभर में अपनी दमदार मौजूदगी के साथ सभी प्रमुख डीटीएच और केबल प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध है।

‘नेटवर्क18’ का न्यूज चैनल ‘न्यूज18 जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-हिमाचल प्रदेश’

देश के प्रतिष्ठित मीडिया नेटवर्क्स में शुमार ‘नेटवर्क18’ (Network18) ने नया न्यूज चैनल ‘न्यूज18 जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-हिमाचल प्रदेश’ इस साल अगस्त में लॉन्च किया। जम्मू-कश्मीर के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने 15 अगस्त की शाम श्रीनगर में आयोजित एक समारोह में इस चैनल को लॉन्च किया। यह चैनल पूरी तरह से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश को समर्पित है। लद्दाख के उपराज्यपाल आरके माथुर ने कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लिए समर्पित चैनल की जरूरत थी और यह चैनल दोनों प्रदेशों की जनता की आवाज बनेगा।

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हर दिन अगले 10 साल के लिए काम कर रहा है GTC Network: रबिन्द्र नारायण

GTC Network के प्रेजिडेंट रबिन्द्र नारायण का मानना है कि आने वाले समय में मीडिया इंडस्ट्री में सफलता सिर्फ बड़े बजट से नहीं मिलेगी, बल्कि मजबूत विचार, भरोसे, अच्छी स्टोरीटेलिंग और संस्कृति से तय होगी।

Samachar4media Bureau by
Published - Monday, 29 June, 2026
Last Modified:
Monday, 29 June, 2026
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GTC Network के संस्थापक, मैनेजिंग डायरेक्टर और प्रेजिडेंट रबिन्द्र नारायण का मानना है कि आने वाले समय में मीडिया इंडस्ट्री में सफलता सिर्फ बड़े बजट से नहीं मिलेगी, बल्कि मजबूत विचार (Ideas), भरोसे (Trust), अच्छी स्टोरीटेलिंग और संस्कृति (Culture) से तय होगी।

रबिन्द्र नारायण ने लिंक्डइन पर एक पोस्ट के जरिए कंपनी के भविष्य के विजन को साझा किया। उन्होंने कहा कि GTC Network अगले कुछ महीनों के लिए नहीं, बल्कि आने वाले पूरे दशक को ध्यान में रखकर काम कर रहा है।

उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि मीडिया का भविष्य उन कंपनियों का नहीं होगा जिनके पास सबसे बड़ा बजट है, बल्कि उन कंपनियों का होगा जिनके पास सबसे मजबूत और अलग सोच होगी।

रवींद्र नारायण के मुताबिक, तकनीक हर साल बदलती रहती है और मीडिया प्लेटफॉर्म भी समय-समय पर बदलते रहते हैं। लेकिन भरोसा, अच्छी कहानियां सुनाने की कला (Storytelling) और संस्कृति जैसे मूल्य कभी पुराने नहीं पड़ते। यही चीजें किसी मीडिया ब्रांड को लंबे समय तक मजबूत बनाए रखती हैं।

उन्होंने कहा कि GTC Network में हर दिन ऐसा काम किया जा रहा है जो सिर्फ अगले तिमाही (Quarter) के नतीजों के लिए नहीं, बल्कि अगले 10 वर्षों को ध्यान में रखकर हो। उनका कहना है कि कंपनी का लक्ष्य लंबी अवधि में मजबूत और टिकाऊ विकास करना है।

रवींद्र नारायण ने अपनी पोस्ट में यह भी कहा कि कंपनी की विरासत (Legacy) उसे मजबूत आधार देती है, जबकि इनोवेशन (Innovation) उसे आगे बढ़ने की ताकत देता है। उन्होंने कहा कि GTC Network का यह सफर अभी शुरू ही हुआ है और आने वाले वर्षों में कंपनी नए विचारों और नवाचार के दम पर आगे बढ़ने पर फोकस करेगी।

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MIB के प्रतिबंध के बावजूद BARC ने जारी की Chardikla की रेटिंग, शिकायत दर्ज

टेलीविजन रेटिंग जारी करने वाली संस्था BARC (Broadcast Audience Research Council) एक बार फिर विवादों में आ गई है।

Samachar4media Bureau by
Published - Monday, 29 June, 2026
Last Modified:
Monday, 29 June, 2026
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इमरान फजल, असिसटेंट एडिटर, एक्सचेंज4मीडिया ।।

टेलीविजन रेटिंग जारी करने वाली संस्था BARC (Broadcast Audience Research Council) एक बार फिर विवादों में आ गई है। BARC ने हाल ही में Chardikla चैनल की टीवी रेटिंग (TV Ratings) जारी की है, जबकि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) का निर्देश अभी भी लागू है कि अगले आदेश तक न्यूज चैनलों की रेटिंग प्रकाशित नहीं की जाए।

इंडस्ट्री से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, इस मामले को लेकर MIB और BARC दोनों के पास औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायत में कहा गया है कि Chardikla को न्यूज कैटेगरी में लाइसेंस मिला हुआ है, फिर भी उसकी व्युअरशिप रेटिंग जारी करना मंत्रालय के निर्देशों के खिलाफ हो सकता है। साथ ही यह मामला फिलहाल केरल हाई कोर्ट में भी विचाराधीन (Sub Judice) है।

शिकायत में क्या कहा गया?

शिकायतकर्ता का कहना है कि BARC की ताजा रेटिंग रिपोर्ट में Chardikla की ऑडियंस रेटिंग प्रकाशित की गई, जबकि मंत्रालय ने साफ निर्देश दिया था कि न्यूज चैनलों की रेटिंग अगले आदेश तक जारी नहीं की जाए।

शिकायत में मंत्रालय से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की गई है। साथ ही BARC से प्रकाशित रेटिंग वापस लेने और यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि आखिर किस आधार पर यह डेटा जारी किया गया।

पूरा विवाद क्या है?

यह विवाद केंद्र सरकार की Television Ratings Policy, 2026 से जुड़ा हुआ है। इस नई नीति में टीवी रेटिंग की गणना के तरीके में बदलाव किया गया है। खास तौर पर Landing Page Viewership को रेटिंग से बाहर रखने का फैसला लिया गया है।

इस फैसले को लेकर All India Digital Cable Federation (AIDCF) और DEN Networks ने केरल हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। मई में हाई कोर्ट ने इस नीति के एक अहम प्रावधान पर अंतरिम रोक (Stay) लगा दी थी और फिलहाल यथास्थिति (Status Quo) बनाए रखने का आदेश दिया था।

इसी बीच मंत्रालय ने BARC को निर्देश दिया था कि जब तक मामला अदालत में विचाराधीन है, तब तक न्यूज चैनलों की रेटिंग प्रकाशित न की जाए, ताकि किसी तरह की कानूनी या नियामकीय जटिलता पैदा न हो।

इंडस्ट्री में क्यों उठ रहे हैं सवाल?

मीडिया इंडस्ट्री के कई अधिकारियों का कहना है कि अगर मंत्रालय के निर्देश के बावजूद किसी न्यूज चैनल की रेटिंग जारी की जाती है, तो इससे सरकारी आदेशों के पालन और नियामकीय प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो सकते हैं।

शिकायत में यह भी कहा गया है कि अगर कुछ न्यूज चैनलों की रेटिंग जारी होती है और बाकी की नहीं, तो इससे ऑडियंस मापन प्रणाली (Audience Measurement System) की निष्पक्षता पर असर पड़ सकता है। इससे न्यूज ब्रॉडकास्टर्स, विज्ञापनदाताओं और डिस्ट्रीब्यूशन प्लेटफॉर्म्स के बीच भ्रम की स्थिति भी पैदा हो सकती है।

लाइसेंस और कंटेंट को लेकर भी बहस

इस विवाद ने एक और मुद्दे को सामने ला दिया है। कुछ ऐसे चैनल हैं जिन्हें MIB ने 'न्यूज व करंट अफेयर्स' कैटेगरी में लाइसेंस दिया है, लेकिन वे न्यूज के साथ-साथ एंटरटेनमेंट (Entertainment), स्पोर्ट्स (Sports) और अन्य तरह के कार्यक्रम भी दिखाते हैं।

हालांकि उनकी प्रोग्रामिंग मिश्रित होती है, लेकिन लाइसेंस के आधार पर उन्हें अब भी न्यूज चैनल माना जाता है। ऐसे चैनलों की रेटिंग BARC लगातार न्यूज कैटेगरी में प्रकाशित करता रहा है। इंडस्ट्री का कहना है कि इससे मंत्रालय के निर्देशों को समान रूप से लागू किए जाने पर भी सवाल उठ रहे हैं।

BARC की ओर से नहीं आया जवाब

इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया लेने के लिए BARC से संपर्क किया गया, लेकिन खबर लिखे जाने तक संस्था की ओर से कोई आधिकारिक जवाब नहीं दिया गया।

फिलहाल यह मामला मंत्रालय और केरल हाई कोर्ट दोनों के स्तर पर महत्वपूर्ण बना हुआ है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि मंत्रालय इस शिकायत पर क्या कदम उठाता है और BARC इस विवाद पर क्या सफाई देता है।

 

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BAG Films ने प्रमोटर ग्रुप को 1.02 करोड़ नए शेयर किए आवंटित, हिस्सेदारी बढ़कर 51.74% हुई

BAG Films and Media Limited ने प्रमोटर ग्रुप की कंपनी Skyline Tele Media Services Limited (STMSL) को 1.02 करोड़ (1,02,00,000) नए इक्विटी शेयर आवंटित किए हैं।

Vikas Saxena by
Published - Monday, 29 June, 2026
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Monday, 29 June, 2026
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BAG Films and Media Limited ने प्रमोटर ग्रुप की कंपनी Skyline Tele Media Services Limited (STMSL) को 1.02 करोड़ (1,02,00,000) नए इक्विटी शेयर आवंटित किए हैं। यह शेयर पहले जारी किए गए पूरी तरह परिवर्तनीय (Fully Convertible) वारंट्स के इक्विटी शेयरों में बदलने के बाद दिए गए हैं।

कंपनी ने शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया कि 27 जून 2026 को हुई सिक्योरिटीज कमेटी की बैठक में इस आवंटन को मंजूरी दी गई। ये शेयर 8.25 रुपये प्रति शेयर (2 रुपये फेस वैल्यू और 6.25 रुपये प्रीमियम) के इश्यू प्राइस पर जारी किए गए हैं।

इससे पहले, मार्च 2026 में कंपनी ने STMSL को 2 करोड़ कन्वर्टिबल वारंट्स प्रेफरेंशियल आधार पर जारी किए थे। इनमें से 98 लाख वारंट्स पहले ही इक्विटी शेयरों में बदले जा चुके थे। अब बचे हुए 1.02 करोड़ वारंट्स भी इक्विटी शेयरों में बदल दिए गए हैं। इसके लिए STMSL ने 75% शेष राशि के रूप में 6.31 करोड़ रुपये का भुगतान किया है।

यह पूरा आवंटन कंपनी के शेयरधारकों द्वारा 11 फरवरी 2026 को आयोजित असाधारण आम बैठक (EGM) में पारित विशेष प्रस्ताव और SEBI ICDR Regulations के तहत किया गया है।

इस आवंटन के बाद कंपनी की जारी, सब्सक्राइब्ड और पेड-अप शेयर पूंजी बढ़कर 21,79,18,090 इक्विटी शेयर हो गई है, जो पहले 20,77,18,090 शेयर थी। वहीं, प्रमोटर और प्रमोटर ग्रुप की हिस्सेदारी 49.37% से बढ़कर 51.74% हो गई है। कंपनी ने कहा कि नए आवंटित शेयर मौजूदा इक्विटी शेयरों के समान अधिकार (Pari Passu) रखेंगे, जिनमें डिविडेंड और वोटिंग राइट्स भी शामिल हैं।

   

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फीफा वर्ल्ड कप 2026 से 'जी' को बड़ी बढ़त: 20% पर पहुंचा नेटवर्क शेयर

'जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज' (Zee Entertainment Enterprises Ltd) ने दावा किया है कि फीफा वर्ल्ड कप 2026 (FIFA World Cup 2026) के दौरान उसका नेटवर्क शेयर आठ वर्षों के उच्चतम स्तर 20% पर पहुंच गया।

Samachar4media Bureau by
Published - Friday, 26 June, 2026
Last Modified:
Friday, 26 June, 2026
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'जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड' (Zee Entertainment Enterprises Ltd), जिसे 'जी' (Z) ब्रांड के नाम से जाना जाता है, ने दावा किया है कि वर्ष 2026 के सप्ताह 24 (Week 24) में उसका नेटवर्क शेयर 20 प्रतिशत तक पहुंच गया, जो पिछले लगभग आठ वर्षों का सबसे ऊंचा स्तर है।

कंपनी के अनुसार, यह प्रदर्शन 15+ इंडिया अर्बन (15+ India Urban) बाजार में दर्ज किया गया। इसमें उसके मनोरंजन चैनलों के साथ हाल ही में लॉन्च किए गए 'यूनाइट8 स्पोर्ट्स' (Unite8 Sports) चैनलों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

'जी' (Z) ने बताया कि 1 जून 2026 से उसके स्पोर्ट्स पोर्टफोलियो ने लीनियर प्लेटफॉर्म्स, 'जी5' (ZEE5) और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर 30 करोड़ (300 Million) से अधिक यूनिक दर्शकों तक पहुंच बनाई है।

कंपनी इस समय 'यूनाइट8 स्पोर्ट्स' (Unite8 Sports) पर फीफा वर्ल्ड कप 2026 (FIFA World Cup 2026) का प्रसारण कर रही है। उसके मुताबिक, टूर्नामेंट के दौरान स्पोर्ट्स चैनलों से 6 करोड़ (60 Million) नए दर्शक जुड़े हैं।

कंपनी का दावा है कि 'यूनाइट8 स्पोर्ट्स' (Unite8 Sports) अब देश का दूसरा सबसे बड़ा लीनियर स्पोर्ट्स नेटवर्क बन गया है। वहीं 'यूनाइट8 स्पोर्ट्स 2' (Unite8 Sports 2) ने भारत के अंग्रेजी स्पोर्ट्स चैनलों में शीर्ष स्थान हासिल कर लिया है। कंपनी ने इसका श्रेय लाइव मैचों, विभिन्न भाषाओं में कमेंट्री, विशेषज्ञ विश्लेषण और फुटबॉल आधारित प्रोग्रामिंग को दिया है।

'जी' (Z) के अनुसार, फीफा वर्ल्ड कप 2022 (FIFA World Cup 2022) की समान अवधि की तुलना में इस बार उसके लीनियर पोर्टफोलियो की लाइव रीच 17 प्रतिशत अधिक रही।

'जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड' (Zee Entertainment Enterprises Ltd) में 'यूनाइट8 स्पोर्ट्स' (Unite8 Sports) के चीफ बिजनेस ऑफिसर (Chief Business Officer) भावेश जनावलेकर (Bavesh Janavlekar) ने कहा कि फीफा वर्ल्ड कप 2026 (FIFA World Cup 2026) को सभी प्लेटफॉर्म्स पर मिले शानदार दर्शक समर्थन ने कंपनी के स्पोर्ट्स कारोबार को नई मजबूती दी है।

उन्होंने कहा कि कंपनी टूर्नामेंट के महत्वपूर्ण चरणों के दौरान दर्शकों को जोड़े रखने के लिए नए कार्यक्रमों और इनोवेटिव कंटेंट पर लगातार काम कर रही है। कंपनी ने यह भी कहा कि 'यूनाइट8 स्पोर्ट्स' (Unite8 Sports) और 'जी5' (ZEE5) पर दर्शकों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

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ZEE मीडिया ला रहा 'सच' का तीसरा सीजन, डॉ. सुभाष चंद्रा बनेंगे 'सारथी'

28 जून से शुरू होने वाला यह कार्यक्रम हर रविवार रात 10 बजे प्रसारित होगा। इस शो में डॉ. सुभाष चंद्रा देश के विभिन्न वर्गों से संवाद करेंगे।

Samachar4media Bureau by
Published - Thursday, 25 June, 2026
Last Modified:
Thursday, 25 June, 2026
Dr Subhash Chandra Show

‘जी’ समूह के संस्थापक और पूर्व राज्यसभा सांसद डॉ. सुभाष चंद्रा अपने संवाद कार्यक्रम ‘सच: द सुभाष चंद्रा शो’ (SACH: The Subhash Chandra Show) के तीसरे सीजन के साथ दर्शकों के बीच फिर लौट रहे हैं। 28 जून से शुरू होने वाला यह कार्यक्रम हर रविवार रात 10 बजे प्रसारित होगा।

इसका प्रसारण Zee News के साथ-साथ Zee Media नेटवर्क के अन्य चैनलों पर किया जाएगा, जबकि Z5 पर इसकी स्ट्रीमिंग भी उपलब्ध रहेगी। शो में डॉ. सुभाष चंद्रा देश के विभिन्न वर्गों से संवाद करेंगे। इसमें युवाओं की नई सोच के साथ-साथ रिटायरमेंट के बाद लोगों के जीवन से जुड़े सवालों और चुनौतियों पर भी चर्चा की जाएगी।

‘सच’ की शुरुआत कॉलेज परिसरों में युवाओं के साथ संवाद के मंच के रूप में हुई थी। नए सीजन में कार्यक्रम का दायरा बढ़ाते हुए इसे छोटे शहरों, कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों तक ले जाने की योजना है। शो के माध्यम से आकांक्षाओं, चुनौतियों, नेतृत्व, व्यक्तिगत विकास और राष्ट्र निर्माण जैसे विषयों पर चर्चा की जाएगी।

'जी मीडिया' के अनुसार, तीसरे सीजन में पहली बार ग्रामीण भारत और उभरते भारत की आवाजों को प्रमुखता दी जाएगी। गांवों और छोटे शहरों से निकलने वाली सफलता की कहानियां, स्थानीय नवाचार और सामाजिक बदलाव से जुड़े उदाहरण कार्यक्रम का हिस्सा होंगे।

कार्यक्रम में उद्यमिता, शिक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), नेतृत्व, अध्यात्म, संचार कौशल, कृषि, सामुदायिक विकास, नैतिकता और भविष्य के करियर जैसे विषयों पर चर्चा की जाएगी। इसके माध्यम से युवाओं, छात्रों, उद्यमियों और भावी नेतृत्वकर्ताओं को बदलती दुनिया में अपने लक्ष्य, आत्मविश्वास और दिशा से जुड़े मुद्दों पर व्यावहारिक मार्गदर्शन देने का प्रयास किया जाएगा।

इस सीजन में सारथी नामक एक नया मंच भी जोड़ा गया है, जिसके माध्यम से लोग डॉ. सुभाष चंद्रा के विचारों, अनुभवों और जीवन-दर्शन से जुड़ सकेंगे। इसके जरिए इच्छुक व्यक्ति उनके अनुभवों से उपजे ज्ञान और मार्गदर्शन का लाभ प्राप्त कर सकेंगे।

शो के बारे में डॉ. सुभाष चंद्रा ने कहा, ‘सच’ सीजन-3 अब आपके शहरों और आपके बड़े सपनों तक विस्तार ले रहा है। इस सफर में मेरा उद्देश्य आपका ‘सारथी’ बनना है। यदि आपके पास अपने सपनों को उड़ान देने वाला कोई इनोवेटिव विचार है, या जीवन और व्यवसाय के किसी भी मोड़ पर आप खुद को फंसा हुआ पाते हैं, तो मैं इस यात्रा में आपके साथ हूं।’ 

सोशल मीडिया पर इस शो का प्रोमो भी जारी किया गया है, जिसे आप यहां देख सकते हैं।

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पे DTH सेक्टर को बड़ा झटका! ग्राहकों की संख्या में भारी गिरावट: TRAI रिपोर्ट

देश में पे डायरेक्ट-टू-होम (Pay DTH) सेक्टर में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है।

Samachar4media Bureau by
Published - Tuesday, 23 June, 2026
Last Modified:
Tuesday, 23 June, 2026
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देश में पे डायरेक्ट-टू-होम (Pay DTH) सेक्टर में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है। दूरसंचार नियामक प्राधिकरण यानी कि TRAI की “इंडियन टेलीकॉम सर्विसेज परफॉर्मेंस इंडिकेटर रिपोर्ट” के अनुसार 31 मार्च 2026 तक पे डीटीएच का एक्टिव सब्सक्राइबर बेस घटकर 4.905 करोड़ यानी 49.05 मिलियन रह गया है। जबकि दिसंबर 2025 तिमाही में यह संख्या 50.99 मिलियन थी। इस तरह सिर्फ एक तिमाही में करीब 19.4 लाख उपभोक्ता कम हो गए।

रिपोर्ट में बताया गया है कि इस पूरे पे डीटीएच सेक्टर में इस समय सिर्फ चार ही बड़ी कंपनियां सेवाएं दे रही हैं। इसमें सबसे बड़ी बात यह है कि यह आंकड़ा प्रसार भारती की फ्री डीटीएच सेवा DD Free Dish के यूजर्स को शामिल नहीं करता।

पिछले एक साल के आंकड़े देखें तो गिरावट और भी साफ दिखाई देती है। मार्च 2025 में पे डीटीएच का कुल एक्टिव बेस 56.92 मिलियन था, जो मार्च 2026 तक घटकर 49.05 मिलियन पर आ गया। यानी एक साल में ही इस सेक्टर को बड़ा झटका लगा है।

मार्केट शेयर की बात करें तो Tata Play अभी भी देश की सबसे बड़ी पे डीटीएच कंपनी बनी हुई है, जिसकी हिस्सेदारी 31.42 प्रतिशत है। इसके बाद Bharti Telemedia यानी एयरटेल डिजिटल टीवी का 30.20 प्रतिशत मार्केट शेयर है। तीसरे स्थान पर Sun Direct TV है, जिसकी हिस्सेदारी 19.32 प्रतिशत है, जबकि Dish TV India का बाजार में 19.06 प्रतिशत हिस्सा है।

विशेषज्ञों के अनुसार इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह लोगों का बदलता देखने का तरीका है। अब दर्शक तेजी से ओटीटी प्लेटफॉर्म और इंटरनेट आधारित स्ट्रीमिंग सेवाओं की ओर बढ़ रहे हैं। स्मार्ट टीवी और कनेक्टेड डिवाइस के बढ़ते इस्तेमाल ने पारंपरिक डीटीएच सेवाओं की मांग को प्रभावित किया है।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि केबल टीवी डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर में 31 मार्च 2026 तक कुल 752 मल्टी सिस्टम ऑपरेटर (MSO) और 2 हेडेंड-इन-द-स्काई (HITS) ऑपरेटर पंजीकृत हैं। इनमें से कई बड़े ऑपरेटरों का ग्राहक आधार 10 लाख से अधिक है।

इस सूची में सबसे बड़ा नाम GTPL Hathway का है, जिसके पास 71.62 लाख सक्रिय ग्राहक हैं। इसके बाद Hathway Digital के पास 45.12 लाख, Siti Networks के पास 39.63 लाख, Kerala Communicators Cable के पास 37.99 लाख और Thamizhaga Cable TV Communication के पास 34.89 लाख सक्रिय ग्राहक हैं।

कुल मिलाकर यह रिपोर्ट साफ दिखाती है कि भारत में पारंपरिक टीवी देखने का तरीका तेजी से बदल रहा है और लोग अब डिजिटल प्लेटफॉर्म की ओर ज्यादा आकर्षित हो रहे हैं, जिससे डीटीएच सेक्टर पर लगातार दबाव बढ़ रहा है।

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Connected TV पर विज्ञापनों की परफॉर्मेंस मापना हुआ आसान, आया CTV Ad Pulse

**यह नया टूल विज्ञापनदाताओं और मीडिया एजेंसियों को Connected TV पर विज्ञापन अभियानों की पहुंच, फ्रीक्वेंसी और ऑडियंस एंगेजमेंट समझने में मदद करेगा।**

Samachar4media Bureau by
Published - Tuesday, 23 June, 2026
Last Modified:
Tuesday, 23 June, 2026
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मीडिया रिसर्च कंपनी TAM Media Research और ऑडियंस मेजरमेंट फर्म VTION ने मिलकर CTV Ad Pulse नाम का नया मेजरमेंट सॉल्यूशन लॉन्च किया है। यह नया टूल विज्ञापनदाताओं, मीडिया एजेंसियों और मीडिया प्लानर्स को Connected TV (CTV) प्लेटफॉर्म्स पर चलने वाले विज्ञापन अभियानों की पहुंच (Reach), फ्रीक्वेंसी (Frequency) और ऑडियंस एंगेजमेंट को बेहतर तरीके से समझने में मदद करेगा।

इस समाधान को IPL 2026 के दौरान पेश किया गया। CTV Ad Pulse में TAM की विज्ञापन मॉनिटरिंग क्षमता और VTION की Connected TV ऑडियंस मेजरमेंट तकनीक को एक साथ जोड़ा गया है, जिससे विज्ञापन एक्सपोजर और दर्शकों के व्यवहार की पूरी तस्वीर सामने आ सके।

आज के समय में Connected TV प्लेटफॉर्म्स पर दर्शकों की संख्या लगातार बढ़ रही है और विज्ञापनदाता भी इस माध्यम पर ज्यादा निवेश कर रहे हैं। ऐसे में सिर्फ यह जानना काफी नहीं है कि विज्ञापन कब और कहां चला, बल्कि यह समझना भी जरूरी हो गया है कि उसे कितने लोगों ने देखा और उसका प्रभाव कितना रहा। CTV Ad Pulse इसी जरूरत को पूरा करने के लिए तैयार किया गया है।

यह नया समाधान विज्ञापनदाताओं को कई महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध कराएगा। इसके जरिए वे जान सकेंगे कि Connected TV पर उनके विज्ञापनों को देखने वाले दर्शकों की प्रोफाइल क्या है, उनकी विज्ञापन कैंपेन की पहुंच और फ्रीक्वेंसी कितनी रही, प्रतिस्पर्धी ब्रांड्स की तुलना में उनका प्रदर्शन कैसा है, अलग-अलग NCCS वर्गों और भौगोलिक क्षेत्रों में दर्शकों की प्रोफाइल क्या है, और प्रमुख बाजारों में कैंपेन की डिलीवरी कैसी रही।

TAM Media Research के CEO एल. वी. कृष्णन ने कहा कि Connected TV विज्ञापनदाताओं के लिए तेजी से एक महत्वपूर्ण माध्यम बनता जा रहा है। ऐसे में उद्योग को ऐसे मेजरमेंट टूल्स की जरूरत है जो विज्ञापन अभियानों की वास्तविक पहुंच और फ्रीक्वेंसी को समझने में मदद करें। उन्होंने कहा कि TAM और VTION ने मिलकर CTV Ad Pulse तैयार किया है, जिससे विज्ञापनदाता IPL जैसे बड़े आयोजनों के दौरान Connected TV पर अपने अभियानों के प्रदर्शन का बेहतर आकलन कर सकेंगे।

वहीं VTION के संस्थापक और CEO मनोज दवाने ने कहा कि Connected TV के तेजी से बढ़ते उपयोग ने उद्योग के सामने नई मेजरमेंट जरूरतें पैदा कर दी हैं। उन्होंने बताया कि VTION की पेटेंटेड पैसिव मेजरमेंट तकनीक, जो 1 लाख से अधिक स्मार्टफोन यूजर्स के पैनल पर आधारित है, अब Connected TV तक भी विस्तारित की गई है। इससे विज्ञापनदाता पहली बार एक ही पैनल के जरिए अलग-अलग स्क्रीन पर दर्शकों के व्यवहार और कैंपेन की पहुंच को माप सकेंगे।

कंपनियों के मुताबिक, CTV Ad Pulse बाजार में ऐसा पहला समाधान है जो Connected TV और अन्य डिजिटल स्क्रीन पर दर्शकों की पहुंच और व्यवहार को एकीकृत रूप से मापने की सुविधा देता है। इससे विज्ञापनदाताओं को अपने मीडिया निवेश की प्रभावशीलता को बेहतर ढंग से समझने और भविष्य की रणनीति बनाने में मदद मिलेगी।

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लैंडिंग पेज रेटिंग केस में सरकार का पक्ष, ‘अभी शुरू नहीं हो सकती न्यूज चैनलों की रेटिंग’

केरल हाई कोर्ट में टीवी रेटिंग्स में "लैंडिंग पेज" की गिनती को लेकर चल रही कानूनी लड़ाई और तेज हो गई है। शुक्रवार को हुई सुनवाई में अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 13 जुलाई तक टाल दी।

Samachar4media Bureau by
Published - Saturday, 20 June, 2026
Last Modified:
Saturday, 20 June, 2026
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केरल हाई कोर्ट में टीवी रेटिंग्स में "लैंडिंग पेज" की गिनती को लेकर चल रही कानूनी लड़ाई और तेज हो गई है। शुक्रवार को हुई सुनवाई में अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 13 जुलाई तक टाल दी। इस दौरान केंद्र सरकार ने अदालत से कहा कि जब तक इस विवाद पर अंतिम फैसला नहीं हो जाता, तब तक नए टीवी रेटिंग ढांचे के तहत रेटिंग्स जारी नहीं की जा सकतीं।

यह मामला सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) की टेलीविजन रेटिंग पॉलिसी 2026 के उस प्रावधान से जुड़ा है, जिसमें लैंडिंग पेज से मिलने वाली व्युअरशिप को टीवी रेटिंग्स की गणना से बाहर रखा गया है। ऑल इंडिया डिजिटल केबल फेडरेशन (AIDCF) ने इस प्रावधान को चुनौती दी है।

सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ने अदालत को बताया कि संशोधित रेटिंग व्यवस्था के तहत नई रेटिंग्स तब तक लागू नहीं हो सकतीं, जब तक अदालत इस मामले पर अपना फैसला नहीं सुना देती। इसके बाद न्यायमूर्ति बेचू कुरियन थॉमस ने मामले की अगली सुनवाई 13 जुलाई के लिए तय कर दी।

दरअसल, "लैंडिंग पेज" वे चैनल होते हैं जो टीवी ऑन करते ही अपने आप स्क्रीन पर दिखाई देते हैं। पिछले कुछ समय से यह मुद्दा भारतीय प्रसारण उद्योग में बड़ा विवाद बना हुआ है, क्योंकि इसका सीधा असर टीवी रेटिंग्स, विज्ञापन राजस्व और चैनलों की रैंकिंग पर पड़ता है।

AIDCF ने अदालत में दायर अपने जवाब में केंद्र सरकार की उस मांग का विरोध किया है, जिसमें अंतरिम रोक हटाने की अपील की गई थी। फेडरेशन का कहना है कि रेटिंग्स से लैंडिंग पेज व्युअरशिप को बाहर करना उचित नहीं है।

इससे पहले केरल हाई कोर्ट ने विवादित प्रावधान पर अंतरिम रोक लगा दी थी। हालांकि अदालत ने पूरी टेलीविजन रेटिंग पॉलिसी 2026 पर रोक नहीं लगाई है, लेकिन नए फॉर्मूले के आधार पर रेटिंग्स जारी होने पर प्रभावी रूप से रोक बनी हुई है।

यह विवाद ऐसे समय में और महत्वपूर्ण हो गया है, जब ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (BARC) ने 11 जून से लंबे अंतराल के बाद साप्ताहिक न्यूज चैनल रेटिंग्स फिर से जारी करना शुरू किया है। हालांकि BARC ने साफ किया था कि फिलहाल लैंडिंग पेज से मिलने वाले इम्प्रेशन रेटिंग सिस्टम का हिस्सा नहीं होंगे।

केंद्र सरकार ने अदालत में दाखिल अपने विस्तृत हलफनामे में लैंडिंग पेज व्युअरशिप को बाहर रखने के फैसले का जोरदार बचाव किया है। सरकार का कहना है कि यह कदम टीवी रेटिंग सिस्टम की विश्वसनीयता और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए जरूरी है।

मंत्रालय के अनुसार, टेलीविजन रेटिंग पॉलिसी 2026 कई दौर की चर्चाओं और परामर्श के बाद तैयार की गई है। इसमें ब्रॉडकास्टर्स, डिस्ट्रीब्यूशन प्लेटफॉर्म ऑपरेटर्स (DPOs), ऑडियंस मेजरमेंट एजेंसियों और नियामकों से राय ली गई थी। इसका उद्देश्य टीवी ऑडियंस मापन प्रणाली को अधिक पारदर्शी, स्वतंत्र और जवाबदेह बनाना है।

सरकार का तर्क है कि लैंडिंग पेज और बूट-अप स्क्रीन वर्षों से रेटिंग्स को प्रभावित करते रहे हैं। टीवी ऑन करते ही किसी चैनल का अपने आप दिखाई देना उसकी व्युअरशिप को कृत्रिम रूप से बढ़ा देता है, जिससे वास्तविक दर्शक पसंद का सही आकलन नहीं हो पाता।

मंत्रालय का कहना है कि लैंडिंग पेज पर दिखने वाली व्युअरशिप अक्सर दर्शकों की सक्रिय पसंद नहीं होती, बल्कि केवल स्क्रीन पर अपने आप दिखाई देने का परिणाम होती है। इसलिए इसे वास्तविक दर्शक व्यवहार का सही पैमाना नहीं माना जा सकता।

सरकार ने यह भी बताया कि लैंडिंग पेज के प्रभाव को लेकर चिंताएं नई नहीं हैं। भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) भी पिछले कई वर्षों से इस मुद्दे पर अध्ययन और परामर्श करता रहा है। नियामकों ने बार-बार चेतावनी दी है कि लैंडिंग पेज रेटिंग्स को प्रभावित कर सकते हैं और बाजार में प्रतिस्पर्धा को असंतुलित बना सकते हैं।

हालांकि मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि टेलीविजन रेटिंग पॉलिसी 2026 लैंडिंग पेज के इस्तेमाल पर कोई रोक नहीं लगाती। ब्रॉडकास्टर्स और DPOs इन्हें प्रमोशनल टूल के रूप में पहले की तरह इस्तेमाल कर सकते हैं। नीति केवल यह कहती है कि ऐसी व्युअरशिप को टीवी रेटिंग्स की गणना में शामिल नहीं किया जाएगा।

केंद्र सरकार ने यह भी कहा कि यह मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित उस अलग विवाद से अलग है, जो TRAI के लैंडिंग पेज नियमों से जुड़ा हुआ है। सरकार के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट का मामला चैनल प्लेसमेंट नियमों से संबंधित है, जबकि वर्तमान विवाद ऑडियंस मेजरमेंट यानी रेटिंग्स की गणना की पद्धति से जुड़ा है।

उद्योग के भीतर भी इस मुद्दे पर मतभेद साफ नजर आ रहे हैं। न्यूज ब्रॉडकास्टर्स का मानना है कि लैंडिंग पेज चैनलों को अनुचित रेटिंग लाभ देते हैं, जबकि डिस्ट्रीब्यूशन प्लेटफॉर्म ऑपरेटर्स का कहना है कि ये दर्शकों को नए चैनलों तक पहुंचाने और चैनल डिस्कवरी बढ़ाने का वैध माध्यम हैं।

टीवी रेटिंग्स विज्ञापन बजट, चैनलों की बाजार कीमत और कैरिज डील्स तय करने में अहम भूमिका निभाती हैं। ऐसे में इस मामले पर केरल हाई कोर्ट का अंतिम फैसला पूरे प्रसारण उद्योग के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विज्ञापन सीजन नजदीक होने और न्यूज रेटिंग्स के दोबारा शुरू होने के बीच यह फैसला भारत के टीवी ऑडियंस मापन ढांचे की दिशा तय कर सकता है।

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NDTV को 'GoodTimes' चैनल के अधिग्रहण में लगेगा थोड़ा और समय

NDTV ने बताया कि ‘गुडटाइम्स’ (GoodTimes) चैनल के बिजनेस अंडरटेकिंग को Lifestyle & Media Broadcasting Limited (LMBL) से खरीदने की प्रक्रिया चल रही है।

Vikas Saxena by
Published - Saturday, 20 June, 2026
Last Modified:
Saturday, 20 June, 2026
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NDTV का ‘गुडटाइम्स’ चैनल खरीदने का सौदा अब अंतिम चरण में पहुंचता दिख रहा है। कंपनी ने इस अधिग्रहण को लेकर नया अपडेट जारी करते हुए बताया है कि प्रक्रिया जारी है और अब यह डील अगले लगभग एक महीने के भीतर पूरी होने की उम्मीद है। हालांकि, इसके लिए अभी भी जरूरी कानूनी और नियामकीय मंजूरियों का मिलना तथा अन्य औपचारिक शर्तों का पूरा होना बाकी है।

NDTV ने बताया कि ‘गुडटाइम्स’ (GoodTimes) चैनल के बिजनेस अंडरटेकिंग को Lifestyle & Media Broadcasting Limited (LMBL) से खरीदने की प्रक्रिया चल रही है। कंपनी ने कहा है कि आवश्यक मंजूरियां मिलने और सभी शर्तें पूरी होने के बाद ही इस सौदे को अंतिम रूप दिया जाएगा।

गौरतलब है कि NDTV ने सितंबर 2025 में पहली बार इस अधिग्रहण की घोषणा की थी। उस समय कंपनी ने अनुमान लगाया था कि डील करीब तीन महीने में पूरी हो जाएगी। इसके बाद दिसंबर 2025 में भी कंपनी ने कहा था कि प्रक्रिया जारी है और इसे पूरा होने में लगभग तीन महीने और लग सकते हैं। मार्च 2026 में जारी अपडेट में भी NDTV ने सौदा पूरा होने के लिए अतिरिक्त तीन महीने का समय मांगा था। अब 18 जून 2026 को जारी ताजा अपडेट में कंपनी ने कहा है कि डील अपने अंतिम चरण में है और अगले एक महीने के भीतर पूरी होने की संभावना है।

हालांकि इस सौदे की आधिकारिक वित्तीय जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इसकी अनुमानित वैल्यू करीब 18 करोड़ रुपये बताई जा रही है। यह अधिग्रहण बिजनेस ट्रांसफर एग्रीमेंट (BTA) के जरिए किया जा रहा है और भुगतान नकद राशि के साथ-साथ टीवी विज्ञापन इन्वेंट्री के रूप में भी किया जा सकता है।

NDTV यह अधिग्रहण ‘स्लंप सेल’ के माध्यम से कर रही है। इसका मतलब है कि ‘गुडटाइम्स’ चैनल को एक चलती हुई व्यावसायिक इकाई के रूप में खरीदा जाएगा। इस संबंध में दोनों पक्षों के बीच टर्म शीट पर पहले ही हस्ताक्षर हो चुके हैं और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।

चूंकि Lifestyle & Media Broadcasting Limited, NDTV की जॉइंट वेंचर कंपनी है, इसलिए यह सौदा ‘रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन’ की श्रेणी में आता है। हालांकि NDTV ने स्पष्ट किया है कि यह लेनदेन पूरी तरह आर्म्स लेंथ आधार पर किया जा रहा है और सभी नियामकीय नियमों का पालन किया जा रहा है।

‘गुडटाइम्स’ भारत के प्रमुख लाइफस्टाइल चैनलों में से एक माना जाता है। इसकी शुरुआत वर्ष 2007 में NDTV ने की थी, जहां फैशन, फूड, ट्रैवल, लग्जरी और लाइफस्टाइल से जुड़ा कंटेंट प्रसारित किया जाता है। वर्ष 2011 में NDTV ने इसमें अपनी हिस्सेदारी का एक हिस्सा बेचकर इसे जॉइंट वेंचर मॉडल में बदला था और बाद में 2018 में यह चैनल LMBL के नियंत्रण में चला गया था।

NDTV का मानना है कि ‘गुडटाइम्स’ को दोबारा अपने पोर्टफोलियो में शामिल करने से कंपनी की लाइफस्टाइल ब्रॉडकास्टिंग सेगमेंट में मौजूदगी मजबूत होगी और इस क्षेत्र में उसके कारोबार को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। फिलहाल बाजार की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि सभी मंजूरियां मिलने के बाद यह बहुप्रतीक्षित सौदा कब औपचारिक रूप से पूरा होता है।

 
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'जी टीवी' ने की बड़ी घोषणा: लौट रहा है लोकप्रिय शो ‘सा रे गा मा पा’

'ज़ी टीवी' (Zee TV) ने अपने लोकप्रिय सिंगिंग रियलिटी शो ‘सा रे गा मा पा’ (Sa Re Ga Ma Pa) के नए सीजन की घोषणा की है। देश के 12 शहरों में ऑडिशन आयोजित किए जाएंगे।

Samachar4media Bureau by
Published - Friday, 19 June, 2026
Last Modified:
Friday, 19 June, 2026
Zeetv

'ज़ी टीवी' (Zee TV) ने अपने प्रतिष्ठित सिंगिंग रियलिटी शो ‘सा रे गा मा पा’ (Sa Re Ga Ma Pa) के नए सीजन की घोषणा कर दी है। चैनल ने बताया है कि आगामी सीजन के लिए देशभर के 12 शहरों में ऑडिशन आयोजित किए जाएंगे, जहां उभरते गायक अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर प्राप्त कर सकेंगे।

वर्षों से ‘सा रे गा मा पा’ (Sa Re Ga Ma Pa) भारतीय संगीत जगत के सबसे लोकप्रिय रियलिटी शोज़ में गिना जाता रहा है। इस मंच ने 'श्रेया घोषाल' (Shreya Ghoshal), 'शेखर रवजियानी' (Shekhar Ravjiani) और 'कुणाल गांजावाला' (Kunal Ganjawala) जैसे कई प्रसिद्ध गायकों को पहचान दिलाई है।

चैनल के अनुसार, नए सीजन में संगीत और प्रस्तुति के स्तर को और भव्य बनाया जाएगा। इसके लिए बड़े मंच, विस्तारित प्रोडक्शन सेटअप और कॉन्सर्ट जैसी प्रस्तुति शैली को शामिल किया गया है। शो में 100 से अधिक लाइव संगीतकार, गायक और वादक एक साथ प्रस्तुति देंगे, जिससे दर्शकों को अधिक प्रभावशाली संगीत अनुभव मिल सकेगा।

ऑडिशन दिल्ली, मुंबई, जयपुर, चंडीगढ़, नागपुर, इंदौर, कोलकाता, गुवाहाटी, अहमदाबाद, बेंगलुरु, लखनऊ और वाराणसी में आयोजित किए जाएंगे। इससे देश के विभिन्न क्षेत्रों से प्रतिभाशाली गायकों को मंच तक पहुंचने का मौका मिलेगा।

'ज़ी टीवी' (Zee TV) का मानना है कि नया सीजन न केवल शो की विरासत को आगे बढ़ाएगा, बल्कि देश के अगले बड़े सिंगिंग स्टार की खोज में भी अहम भूमिका निभाएगा।

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