NBA के प्रेजिडेंट रजत शर्मा ने अरनब गोस्वामी को लेकर महाराष्ट्र सरकार से की ये अपील

रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के एडिटर-इन-चीफ अरनब गोस्वामी की गिरफ्तारी से नाराज देश भर के तमाम लोग उनके समर्थन में सामने आ रहे हैं

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Monday, 09 November, 2020
Last Modified:
Monday, 09 November, 2020
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रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के एडिटर-इन-चीफ अरनब गोस्वामी की गिरफ्तारी से नाराज देश भर के तमाम लोग उनके समर्थन में सामने आ रहे हैं। सोशल मीडिया के माध्यम से व जगह-जगह प्रोटेस्ट कर लोग उनकी जल्द रिहाई की मांग कर रहे हैं। ऐसे में इंडिया टीवी के चेयरमैन व एडिटर-इन-चीफ रजत शर्मा का भी एक बड़ा बयान सामने आया है। बता दें कि रजत शर्मा निजी टेलिविजन न्यूज चैनल्स का प्रतिनिधित्व करने वाले समूह ‘न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन’ के प्रेजिडेंट भी हैं।

रजत शर्मा ने अपने ट्वीट के जरिए महाराष्ट्र सरकार और यहां के पुलिस प्रशासन से अपील की है अरनब गोस्वामी की जमानत कोर्ट में विचाराधीन है, लिहाजा जबतक न्यायधीषों का कोई फैसला न आए, उनका सम्मान किया जाए और हिरासत में रहते हुए उनके साथ कोई अन्याय न किया जाए।

हालांकि रजत शर्मा का ये बयान तब आया, जब रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के एडिटर-इन-चीफ अरनब गोस्वामी ने अपनी जान को खतरा बताया है। उन्होंने मुंबई पुलिस पर उन्हें पीटने का आरोप लगाया है। 

वहीं इससे पहले रजत शर्मा ने अरनब गोस्वामी की अचानक की गई गिरफ्तारी की भी निंदा की थी और कहा था कि वे किसी भी पत्रकार के खिलाफ राज्य की शक्तियों का दुरुपयोग को स्वीकार नहीं करते हैं। उन्होंने कहा था कि मीडिया एडिटर के साथ इस तरह का व्यवहार नहीं किया जा सकता।

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Polstrat & News X सर्वे: चुनावों में किसके सिर बंधेगा जीत का सेहरा, किसे मिलेगी हार!

इस सर्वे में अनुमान लगाया गया है कि यूपी में बीजेपी एक बार फिर पूर्ण बहुमत की सरकार बना सकती है।

Last Modified:
Monday, 24 January, 2022
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आने वाले पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव को लेकर Polstrat-NewsX ने सर्वे किया है, जिसमें इनमें से चार राज्यों के विभिन्न मुद्दों पर जनता से राय मांगी गई है। इस सर्वे में अनुमान लगाया गया है कि यूपी में बीजेपी एक बार फिर पूर्ण बहुमत की सरकार बना सकती है।

उत्तरप्रदेश- इस सर्वे में यह अनुमान लगाया गया है कि बीजेपी पिछली बार की ही तरह एक बार फिर अपने दम पर सरकार बनाने में कामयाब होगी। 403 विधानसभा सीटों में बीजेपी 218-223 सीट पर जीत सकती है और उसका वोट शेयर 40.9% फीसदी रह सकता है। 

वहीं समाजवादी पार्टी 36.4% वोट शेयर के साथ 152-157 सीट लाने में कामयाब होगी। 12.3% वोट शेयर के साथ बहुजन समाज पार्टी 19-22 सीट ला सकती है और कांग्रेस सिर्फ 5-6 सीट पर सिमट सकती है। वहीं कांग्रेस का वोट शेयर महज 5.9% ही रहने का अनुमान लगाया गया है।

इसके अलावा अन्य के खाते में 0-2% सीट जाती हुई दिखाई दे रही हैं और  4.5% वोट शेयर रहने का अनुमान है। इस सर्वे में जब सीएम योगी के दोबारा सत्ता में आने पर सवाल किया गया तो 47 फीसदी से अधिक लोगों ने कहा कि वे सीएम योगी को दोबारा सीएम बनते हुए देखना चाहते हैं। अगर लोकप्रियता की बात करें तो सीएम योगी अभी भी 50 फीसदी से अधिक लोगों के लिए लोक्रपिय हैं, वहीं पूर्व सीएम अखिलेश को 38.93% फीसदी दोबारा सीएम बनते हुए देखना चाहते हैं। मायावती और प्रियंका गांधी की बात करें तो वो क्रमशः 5.31%, और 3.42% लोगों की पसंद बनी हुई हैं। 

अगर मुद्दों की बात करें तो 78 फीसदी से अधिक लोगों के लिए कानून व्यवस्था एक बड़ा मुद्दा बना हुआ है, वहीं 46 फीसदी से अधिक लोगों को लगता है कि धर्म चुनाव में एक बड़ा मुद्दा बन सकता है। 

उत्तराखंड- सर्वे के अनुसार इस पहाड़ी राज्य में एक बार फिर कमल खिलता हुआ दिखाई दे रहा है। विधानसभा की कुल 70 सीटों में से बीजेपी इस बार 37-40 सीट पर कब्जा जमाकर पूर्ण बहुमत की सरकार बना सकती है। वोट शेयर की बात करें तो बीजेपी 39% से अधिक वोट शेयर प्राप्त कर सकती है।

अगर मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस की बात करें तो 36.5% वोट शेयर के साथ कांग्रेस महज 27-30 सीट ही ला पाएगी। आम आदमी पार्ट भी इस चुनाव में कोई ख़ास करिश्मा नहीं दिखा पाएगी और 11.7% वोट शेयर के साथ सिर्फ 3 -4 सीट पर सिमट जाएगी। 

सीएम पुष्कर धामी की बात करें तो 40.73% लोग उन्हें वापस सीएम बनते हुए देखना चाहते हैं, वहीं हरीश रावत को 37.01% लोग सीएम की कुर्सी पर देखना चाहते हैं। अगर लोकप्रियता की बात करें तो सीएम धामी महिलाओं में अधिक लोकप्रिय हैं। 46% पुरुष वर्ग की तुलना में 50% महिलाएं सीएम धामी को बेहद पसंद करती हुई दिखाई दे रही हैं। अगर मुद्दों की बात करें तो 51 फीसदी लोगों को लगता है कि राज्य में रोजगार एक बड़ा मुद्दा है। 

पंजाब- इस सीमावर्ती राज्य की बात करें तो इस सर्वे में अनुमान लगाया गया है कि कांग्रेस इस राज्य में अपनी सत्ता खो सकती है। सर्वे की मानें तो कांग्रेस पार्टी 37.2% वोट शेयर के साथ 42 से 45 सीट ला सकती है। राज्य में कुल 117 विधानसभा सीटों में ये बहुमत का आकंड़ा नहीं है।

दूसरी ओर आम आदमी पार्टी की बात करें तो  39.7% वोट शेयर के साथ 52 से 55 सीट पार्टी ला सकती है, हालांकि, बहुमत की 59 सीट से ये आंकड़ा भी दूर है। शिरोमणि अकाली दल 16.6% वोट शेयर के साथ 17 से 20 सीट ला सकता है और बीजेपी मात्र  2.7% वोट शेयर के साथ 0 से 2 सीट पर सिमट सकती है। 

सीएम चेहरे की बात करें तो आम आदमी पार्टी के सीएम पद के उम्मीदवार भगवंत सिंह मान पहले नंबर पर बने हुए हैं। उन्हें 38.92% फीसदी लोग पसंद कर रहे हैं, वहीं वर्तमान सीएम चन्नी सिर्फ 20.78% लोगों की पसंद हैं। अगर सुखबीर सिंह बादल की बात करें तो उन्हें भी महज 20% लोग ही पसंद करते हैं। 

मुद्दों की बात करें तो 32.5% लोगों के लिए रोजगार बड़ा मुद्दा है। 19.8% लोगों के लिए विकास भी मायने रखता है, वहीं 10 फीसदी लोग ऐसे भी हैं, जिन्हे लगता है कि कृषि कानून के रद्द होने का असर भी चुनाव में दिखाई देगा। 

गोवा- इस खूबसूरत राज्य में जो सर्वे के नतीजे हैं, वो भी बीजेपी को राहत देने वाले हैं। दरअसल अनुमान के मुताबिक इस राज्य की कुल 40 विधानसभा सीटों में से बीजेपी 21 -25 सीट प्राप्त कर सकती है। बीजेपी का वोट शेयर भी 35.6% रह सकता है। कांग्रेस की बात करें तो 20.1% वोट के साथ उसे 4-6 सीट वहीं आम आदमी पार्टी को 23.4% वोट शेयर के साथ 6 -9 सीट मिल सकती हैं।

सीएम चेहरे की बात करें तो 40% लोग वर्तमान सीएम प्रमोद सावंत को पसंद कर रहे हैं, वहीं  30.91% लोग कांग्रेस पार्टी के नेता दिगंबर कामत को पसंद करते हैं। मुद्दों की बात करें तो 36.36% लोगों के लिए रोजगार बड़ा मुद्दा है। 15.45% लोग विनिर्माण और 14.55 लोग कोरोना नियंत्रण को मुद्दा मानते हैं। 7.27% लोगों का मानना है कि राज्य में अवैध खनन भी एक बड़ा मुद्दा है।

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न्यूज24 की अनुराधा प्रसाद से खास बातचीत में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने किया ये बड़ा दावा

उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनावों से ठीक पहले ‘न्यूज24’ की एडिटर-इन-चीफ अनुराधा प्रसाद ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से रविवार को खास बातचीत की।

Last Modified:
Monday, 24 January, 2022
Akhilesh Yadav Anuradha Prasad

उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनावों से ठीक पहले ‘न्यूज24’ (News24) की एडिटर-इन-चीफ अनुराधा प्रसाद ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से रविवार को खास बातचीत की। ‘न्यूज24’ के खास कार्यक्रम ‘आमने-सामने‘ में इंटरव्यू के दौरान अखिलेश ने प्रियंका गांधी के समर्थन के ऑफर के मुद्दे पर कहा कि उनके गठबंधन को किसी के समर्थन की जरूरत नहीं पड़ेगी। प्रदेश की जनता में योगी सरकार के खिलाफ जबरदस्त आक्रोश है और सपा गठबंधन इस चुनाव में चार सौ से ज्यादा सीटें जीतने में कामयाब रहेगा।

अखिलेश यादव ने योगी सरकार में उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को भी अपनी पार्टी में शामिल होने का न्यौता दिया। अखिलेश यादव ने कहा कि उन्होंने केशव प्रसाद मौर्य के लिए एक जगह बचाकर रखी है। इस बातचीत के दौरान किसी अन्य सीट से चुनाव लड़ने के सवाल पर अखिलेश यादव का जवाब था कि यदि पार्टी कहेगी तो वह करहल के अलावा किसी अन्य सीट से भी चुनाव लड़ सकते हैं।

वहीं, बाहरी लोगों के सपा से जुड़ने और पार्टी में अंदरखाने खींचतान के सवाल पर अखिलेश यादव का जवाब था, ‘समाजवादी लोग त्याग और परिवर्तन के लिए तैयार हैं। लेकिन हमारी पार्टी में टिकट को लेकर कोई विवाद नहीं है।‘

बहुजन समाज पार्टी और मायावती से जुड़े सवाल पर अखिलेश ने कहा कि बसपा अपने सिद्धांत से हट गई है। मान्यवर कांशीराम की विचारधारा को मानने वाले कई अंबेडकरवादी लोग समाजवादी पार्टी से जुड़े हैं। कैराना में हिंदुओं के पलायन से जुड़े सवाल पर अखिलेश यादव ने पलटवार करते हुए कहा, ‘ये भाजपा का फैलाया हुआ मुद्दा है।‘

इस एक्सक्लूसिव बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने अपने पिछले कार्यकाल की खूबियां गिनाते हुए कहा कि हमने 18 लाख लैपटॉप बांटकर डिजिटल डिवाइड को खत्म किया। सर्वश्रेष्ठ पुलिस मॉनिटरिंग व्यवस्था तैयार की। 100 और 1090 जैसी सेवाएं शुरू कर कानून व्यवस्था को मजबूत किया। हमारी अगली सरकार में भी यदि कोई भी कानून को तोड़ेगा तो उसके खिलाफ कानून के दायरे में रहकर कार्यवाही की जाएगी। चाहे वह राजनेता हो या पुलिस खुद।

अखिलेश यादव के साथ अनुराधा प्रसाद की बातचीत का पूरा वीडियो आप यहां देख सकते हैं।

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न्यूज24 की अनुराधा प्रसाद ने प्रियंका गांधी से की खास बातचीत, सपा समर्थन पर दिया बड़ा बयान

न्यूज24 की एडिटर-इन-चीफ अनुराधा प्रसाद ने प्रियंका गांधी से पूछा कि कभी ऐसा मौका आया जब सभी को साथ आना पड़ा, तो आप अखिलेश को समर्थन देंगी?

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Saturday, 22 January, 2022
Last Modified:
Saturday, 22 January, 2022
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कांग्रेस महासचिव और यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी ने न्यूज24 के खास कार्यक्रम आमने-सामने में चुनावी नतीजों के बाद बनने वाले यूपी के संभावित समीकरणों के संकेत दिए। न्यूज24 की एडिटर-इन-चीफ अनुराधा प्रसाद ने प्रियंका गांधी से पूछा कि कभी ऐसा मौका आया जब सभी को साथ आना पड़ा, तो आप अखिलेश को समर्थन देंगी?

इस पर प्रियंका गांधी ने कहा, 'यदि ऐसी परिस्थितियां आई तो मुझे नहीं लगता कि इसमें कोई दिक्कत होगी।' इसके बाद अनुराधा प्रसाद ने पूछा कि यदि अखिलेश कुछ सीटों से पीछे रह जाएं तो कांग्रेस उन्हें समर्थन देगी? इसपर प्रियंका का जवाब था, 'बशर्ते मेरे युवाओं, महिलाओं का एजेंडा लागू हो'।

अनुराधा प्रसाद से बातचीत में प्रियंका ने साफ-साफ कहा कि वो विचारधारा की लड़ाई लड़ रही हैं और उनका मकसद महिलाओं को सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा, 'हम बहुत मजबूती से लड़ रहे हैं। सत्ता पाएंगे या नहीं? ये भविष्यवाणी तो मैं कर नहीं सकती हूं। लेकिन मैं ये कहना चाहती हूं कि जो हमारा संघर्ष हैं, वो महिलाओं और युवाओं के लिए है। किसी न किसी को तो इनकी बात करनी पड़ेगी। ये सिर्फ सत्ता में आने का माध्यम नहीं है।'

इंटरव्यू में प्रियंका गांधी ने कहा कि कांग्रेस ने जिन गरीब और कमजोर महिलाओं को उम्मीदवार बनाया है। पार्टी उनके साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। ऐसे में न्यूज24 की एडिटर-इन-चीफ अनुराधा प्रसाद ने पूछा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तो कांग्रेस के टिकट से लड़ रहे उम्मीदवारों के लिए चुनाव लड़ना आईसीयू में पड़े मरीज को मैराथन दौड़ने जैसा बताते हैं।

इस पर प्रियंका ने कहा, 'उनका काम है कहना, हमारा काम है करके दिखाना। उन्हें (योगी आदित्यनाथ) जहां-जहां मौका मिलता है, वे हमारे (लड़की हूं, लड़ सकती हूं) जैसे महत्वपूर्ण अभियान का, जिसके तहत हम महिलाओं का हक मांग रहे हैं, वे हमारे उम्मीदवारों के कपड़ों की बातें कर रहे हैं। वे चाहते हैं कि ये सब हल्का बन जाए। वे हल्की बातें कर रहे हैं।'

इंटरव्यू के दौरान प्रियंका गांधी ने साफ-साफ कहा कि 10 मार्च को नतीजे चाहे जो भी आए, वो महिलाओं और युवाओं के लिए संघर्ष करती रहेंगी। इंटरव्यू के दौरान प्रियंका ने अपनी घरेलू जिंदगी के भी कई राज खोले। उन्होंने बताया कि वो घर से लेकर बाहर तक हर रोल पूरी शिद्दत से निभाती हैं।

प्रियंका ने अपने किचन से जुड़ी कई बातें भी साझा की। उन्होंने कहा कि मैंने अपनी नानी से इटैलियन खाना सीखा, थाई खाना बनाती हूं, देसी खाना भी बनाती हूं। लेकिन मैं अपनी सासु मां के साथ कभी कॉन्पिटिशन नहीं करती हूं। उनका कढ़ी- चावल या राजमा-चावल गजब का होता है। मैंने उनसे कह दिया कि या तो मुझे सिखाओ या मैं कभी नहीं बनाऊंगी। वो इसे बहुत लजीज बनाती हैं।

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न्यूज की रेटिंग जारी करने के लिए BARC ने MIB से मांगा समय, उठे सवाल

सूचना-प्रसारण मंत्रालय ने जब से देश में टेलिविजन दर्शकों की संख्या मापने वाली संस्था ब्रॉडकास्टर्स ऑडियंस रिसर्च काउंसिल से तत्काल प्रभाव से न्यूज व्युअरशिप डेटा जारी करने के लिए कहा है

Last Modified:
Monday, 17 January, 2022
News Channel

सूचना-प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने जब से देश में टेलिविजन दर्शकों की संख्या मापने वाली संस्था ब्रॉडकास्टर्स ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (BARC) से तत्काल प्रभाव से न्यूज व्युअरशिप डेटा जारी करने के लिए कहा है, तब से अब तक हर दिन नए तथ्य सामने आ रहे हैं। उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक, BARC ने अक्टूबर 2020 से बंद पड़े न्यूज चैनल्स के दर्शकों की संख्या के आंकड़े जारी करने से पहले सूचना-प्रसारण मंत्रालय से 10 सप्ताह का समय मांगा है।

इस खबर ने प्रसारण क्षेत्र में सभी को हैरान कर दिया है कि BARC इंडिया को 10 सप्ताह के समय की आवश्यकता क्यों पड़ी है? जब वह पहले से ही न्यूज डेटा एकत्रित कर रहा है और न्यूज व आला चैनलों के लिए चार सप्ताह के औसत रोलिंग डेटा की रिपोर्टिंग की संशोधित प्रणाली के अनुसार इसका परीक्षण कर रहा है।

एक अनुभवी मीडिया व ऐडवर्टाइजिंग एग्जिक्यूटिव (जो मीडिया मेटरमेंट डोमेने विशेषज्ञ हैं) के मुताबिक,  वैसे तो काउंसिल दो सप्ताह में ही न्यूज चैनल्स के आंकड़े जारी कर सकती है, लेकिन ऐसा करने से पहले इसे कुछ प्रक्रियाओं का पालन करना होगा। सबसे पहले, BARC इंडिया को संशोधित प्रारूप के बारे में सभी न्यूज व आला चैनलों से संवाद करना होगा और पुराने डेटा के उपचार पर उनकी सहमति लेनी होगी। एक बार जब इसे सहमति मिल जाती है, तो उसे यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी चैनल नई प्रणाली से जुड़े गए हैं।

नाम न छापने की शर्त पर एग्जिक्यूटिव ने कहा, ‘उन्हें सभी ब्रॉडकास्टर्स को लिखना होगा और कई प्रोटोकॉल का पालन करना होगा। यह ब्रॉडकास्टर्स और स्टेकहोल्डर्स को संरेखित (aligning) करने को लेकर को होगा। वास्तविक रेटिंग दो सप्ताह में जारी की जा सकती है, क्योंकि वे पहले से ही रोलिंग एवरेज पर काम कर रहे थे। लिहाजा रोलिंग एवरेज डेटा का परिक्षण पहले ही किया जा चुका है। BARC को अब अलग-अलग ब्रॉडकास्टर्स से सहमति लेनी होगी कि क्या पुराने डेटा को दबाया जाए या नहीं और वे अपने चैनलों के लिए वास्तव में क्या चाहते हैं। इसके बाद  वे एक साल में कौन-कौन से 15 कार्यक्रमों के बारे जानकारी चाहते हैं, ताकि उन्हें लगभग 15 कार्यक्रमों के लिए अनरोल डेटा मिल सके।

एग्जिक्यूटिव ने आगे कहा कि यह मुद्दा प्रक्रियात्मक (procedural) यानी एक प्रक्रिया के तहत चलने वाला और तकनीकी (technical) दोनों से जुड़ा हैं। लिहाजा उन्हें सभी की सहमति लेनी होगी और फिर यह देखना होगा कि हर कोई उस तंत्र का हिस्सा है। कुछ चैनल कहेंगे कि ये 15 कार्यक्रम हैं, कुछ कहेंगे कि मेरे अन्य 15 अनरोल डेटा को स्पष्ट किया जाए क्योंकि यह मैन्युअल रूप से नहीं किया जा सकता है। इसके बाद उन्हें न्यूज व अन्य आला चैनलों से पूछना पड़ेगा, जिसमें बहुत समय लगेगा क्योंकि 300-400 से अधिक चैनल हैं। एक बार जब उन्हें सभी की प्रतिक्रिया मिल जाएगी, तो वे उस डेटा को स्पष्ट कर देंगे और फिर एक ट्रायल रन करेंगे।

एक मीडिया प्रफेशनल, जो BARC इंडिया की प्रणालियों और प्रक्रियाओं से अवगत है, ने कहा कि BARC को यह समझाने की जरूरत है कि डेटा जारी करने के लिए उसे 10 सप्ताह की जरूरत क्यों है, खासकर तब, जब उसका यूजर इंटरफेस न्यूज व अन्य आला चैनलों के चार हफ्ते के रोलिंग एवरेज डेटा को जारी करने में सक्षम है।  

एग्जिक्यूटिव ने कहा कि उनके पास डेटा है और यदि यूजर इंटरफेस चार सप्ताह का रोलिंग एवरेज डेटा प्रदान कर सकता है, तो BARC में किसी को यह बताना होगा कि आप 10 सप्ताह में क्या करना चाहते हैं और सिर्फ 10 सप्ताह ही क्यों? 15 सप्ताह या 6 महीने क्यों नहीं? BARC से यह सवाल भी पूछा जाए कि 'आप 10 सप्ताह में ऐसा क्या कर सकते हैं, जो आप अभी नहीं कर सकते?' उन्होंने कहा कि हमें उन पर विश्वास करना ही है, क्योंकि डेटा तो उनके पास है और उन्होंने कहा है यूजर इंटरफेस चार सप्ताह का रोलिंग एवरेज डेटा ही जारी कर सकता है जोकि न्यूज व अन्य चैनल के डेटा की रिपोर्टिंग के लिए नया प्रारूप है।

उन्होंने यह भी कहा कि डेटा जारी करने का तकनीकी पहलू सॉफ्टवेयर को अपडेट करने और यह सुनिश्चित करने तक सीमित है कि यह बिना किसी रुकावट के काम करे। उन्होंने कहा, ‘हर दिन जब सब्सक्राइबर्स अपने BARC के यूजर इंटरफेस पर जाते हैं, तो इसका सॉफ्टवेयर भी कभी-कभी किसी अन्य सॉफ्टवेयर की तरह अपडेट करने को कहता है। इसलिए सवाल नए सॉफ्टवेयर इंस्टाल करने और टेस्ट करने को लेकर है कि क्या यह सही तरीके से काम कर रहा है? यदि सब्सक्राइबर्स जिस सिस्टम पर काम कर रहे हैं वह नया यूजर इंटरफेस को संभाल पा रहा है, तभी आगे जाना सही होगा।’

मीडिया प्रफेशनल ने कहा कि BARC को पूरे सिस्टम की अखंडता (integrity) की रक्षा करने की जरूरत है। उन्होंने कहा,  ‘मीजरमेंट सिस्टम में एकमात्र यह होना चाहिए कि डेटा को सख्ती से सावधानीपूर्वक और अखंडता के साथ तैयार किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि डेटा 10 सप्ताह के बाद जारी किया जाता है तो वित्तीय वर्ष और विधानसभा चुनाव दोनों ही समाप्त हो जाएंगे।  

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चर्चा में आए CM योगी के चुनाव लड़ने को लेकर आशुतोष के ये वीडियो, यूजर्स ने उठाए सवाल

यूपी समेत पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव का बिगुल बज गया है और सभी पार्टियों ने चुनाव के लिए कमर कस ली है।

Last Modified:
Sunday, 16 January, 2022
YOGI ADITYANATH ASHUTOSH

यूपी समेत पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव का बिगुल बज गया है और सभी पार्टियों ने चुनाव के लिए कमर कस ली है। इसी बीच सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी ने प्रत्याशियों की पहली लिस्ट जारी कर दी है। बीजेपी ने गोरखपुर की सीट से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को उम्मीदवार बनाया है, हालांकि इससे पहले मीडिया में ये कयास लगाए जा रहे थे कि सीएम योगी अयोध्या से चुनाव लड़ सकते हैं।

दरअसल, उम्मीद ये जताई जा रही थी कि राम मंदिर निर्माण कार्य को लेकर हिंदुओं में जो उत्साह है, उसका फायदा बीजेपी को मिल सकता है, लेकिन पार्टी ने सीएम योगी को उन्हीं के निर्वाचन क्षेत्र गोरखपुर से विधानसभा का टिकट दिया है, जहां से वह सांसद रहे हैं।

इसी बीच स्वतंत्र पत्रकार और ‘सत्यहिंदी’ (Satyahindi)’ नामक यूट्यूब चैनल के संपादक आशुतोष के दो वीडियो चर्चा में बने हुए हैं। दरअसल, दो दिन पहले ‘आशुतोष की बात‘ में उन्होंने एक चर्चा का आयोजन किया जिसका टाइटल था ‘गोरखपुर से क्यों भाग रहे हैं योगी‘।

इस चर्चा की शुरुआत में आप उन्हें यह कहते हुए सुन सकते हैं कि गोरखपुर में उनके लिए कोई सुरक्षित सीट नहीं है और आलोचकों की मानें तो वो गोरखपुर से भाग रहे हैं। आगे वो कहते हैं कि वर्तमान में धर्म और राजनीति की बुलंदी पर होते हुए भी वो गोरखपुर से क्यों नहीं लड़ रहे?

उनका ये वीडियो तब का है, जब भाजपा ने टिकट का ऐलान नहीं किया, लेकिन जैसे ही पार्टी ने ऐलान किया कि वो गोरखपुर से लड़ेंगे, तब उन्होंने एक और चर्चा का आयोजन किया और उसका टाइटल था, ‘गोरखपुर से ही क्यों लड़ेंगे योगी?’

इस वीडियो की शुरुआत में वह सवाल खड़ा करते हुए आशुतोष कह रहे हैं, ‘अब देखते हैं कि गोरखपुर उनके लिए कितनी मुफीद सीट साबित होगी‘ जबकि पहले वीडियो में वह कह रहे हैं कि इस वक्त योगी राजनीति की बुलंदी पर हैं तो वह गोरखपुर से क्यों नहीं लड़ रहे, जहां से वह पांच बार सांसद रहे?

दरअसल उनकी इन दो चर्चाओं का टाइटल देखकर लोग उनके राजनीतिक विमर्श को लेकर आश्चर्य व्यक्त कर रहे हैं। अगर हम दो टाइटल को एक साथ देखें तो यह समझना बेहद मुश्किल हो जाता है कि जब उनके अयोध्या से लड़ने की बात उठी तो आशुतोष कह रहे हैं कि वो भाग रहे हैं और जैसे ही यह ऐलान हुआ कि वह गोरखपुर से ही लड़ रहे हैं तो चर्चा अब इस बात पर हो रही है कि वह गोरखपुर से ही क्यों लड़ रहे हैं।

आप उनके इन दोनों वीडियो को ‘सत्यहिंदी‘ के यूट्यूब चैनल के अलावा यहां भी देख सकते हैं।

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अब इस बड़े पद पर News Nation पहुंचे वरिष्ठ पत्रकार विकास मिश्र

‘टीवी टुडे नेटवर्क’ के हिंदी न्यूज चैनल ‘आजतक’ (AAJTAK) से पिछले दिनों इस्तीफा देने के बाद वरिष्ठ पत्रकार विकास मिश्र ने अपने नए सफर की शुरुआत की है।

Last Modified:
Sunday, 16 January, 2022
Vikas Mishra

‘टीवी टुडे नेटवर्क’ के हिंदी न्यूज चैनल ‘आजतक’ (AAJTAK) से पिछले दिनों इस्तीफा देने के बाद वरिष्ठ पत्रकार विकास मिश्र ने अपने नए सफर की शुरुआत की है। उन्होंने अब हिंदी न्यूज चैनल ‘न्यूज नेशन’ (News Nation) में बतौर एग्जिक्यूटिव एडिटर जॉइन किया है।

बता दें कि गोरखपुर के मूल निवासी विकास ने करीब एक दशक पूर्व ‘आजतक’ में बतौर सीनियर प्रड्यूसर जॉइन किया था और इन दिनों डिप्टी एग्जिक्यूटिव प्रड्यूसर के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे। ‘आजतक’ के साथ यह उनकी दूसरी पारी थी। इससे पहले भी वह इस चैनल में करीब सवा साल तक अपनी भूमिका निभा चुके थे।

‘आईआईएमसी’ के छात्र रहे विकास मिश्र दो दशक से ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। इससे पहले वह ‘महुआ न्यूज’, ‘न्यूज 24’, ‘आजतक’ और ‘चैनल7’ (पूर्व में आईबीएन-7)  में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। प्रिंट में भी विकास ने ‘अमर उजाला’ और ‘दैनिक जागरण’ के साथ काम किया है।

समाचार4मीडिया की ओर से विकास मिश्र को उनके नए सफर के लिए ढेरों शुभकामनाएं।

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चुनावी दौर में ABP न्यूज लाया 'मुख्यमंत्री', यह है खासियत

'मुख्यमंत्री' का प्रीमियर 60 मिनट के प्राइमटाइम शो के रूप में रविवार 16 जनवरी को रात नौ बजे किया जाएगा।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Saturday, 15 January, 2022
Last Modified:
Saturday, 15 January, 2022
Mukhyamantri

पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान होते ही राजनीतिक सरगर्मियां एकाएक तेज हो गई हैं। अब चूंकि चुनावों में महज कुछ ही हफ्तों का समय रह गया है, ऐसे में तमाम टीवी चैनल्स भी अपनी कवरेज में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते हैं। इन सबके बीच ‘एबीपी न्यूज’ इस चुनावी मौसम के लिए अपना प्रमुख चुनावी कार्यक्रम 'मुख्यमंत्री' शुरू करने के लिए तैयार है।

अपने पिछले अवतारों की तरह, यह शो एक बार फिर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी समेत तमाम महत्वपूर्ण राजनीतिक हस्तियों की जीवन यात्रा को प्रमुखता से अपने दर्शकों तक पहुंचाएगा। 'मुख्यमंत्री' का प्रीमियर 60 मिनट के प्राइमटाइम शो के रूप में रविवार 16 जनवरी को रात नौ बजे होगा और उसके बाद के एपिसोड अगले कुछ हफ्तों में उसी टाइम स्लॉट के दौरान प्रसारित किए जाएंगे।

'एबीपी न्यूज' की ओर से इस शो के बारे में कहा गया है कि प्रीमियर एपिसोड में ही राजनीतिक रूप से ऐसे बड़े खिलाड़ी शामिल होंगे, जो निवर्तमान मुख्यमंत्री हैं अथवा इन चुनावों में उन्हें चुनौती देने जा रहे हैं। 'मुख्यमंत्री' का उद्देश्य केवल एक स्टोरी सुनाना नहीं है, बल्कि एक विशेष सार्वजनिक व्यक्तित्व की कहानी को चित्रित करना है, जो अपनी पहचान को और मजबूती दे रहे हैं।

'मुख्यमंत्री' एबीपी न्यूज की लोकप्रिय चुनावी प्रॉपर्टी 'कौन बनेगा मुख्यमंत्री' के तहत आता है, जो दर्शकों को भारत में व्यापक चुनावी कवरेज प्रदान करता है, जिसमें लाइव ऑन-द-ग्राउंड डिबेट, राज्य की राजनीति और इतिहास पर सावधानीपूर्वक तैयार किए गए कंटेंट, एक यात्रा वृत्तांत, ओपिनियन सर्वे, एग्जिट पोल्स, मतगणना के दिन की पूरी कवरेज आदि शामिल हैं।

'मुख्यमंत्री' की लॉन्चिंग के बारे में 'एबीपी नेटवर्क' के सीईओ अविनाश पांडेय का कहना है, ' हमें अपने चुनावी कवरेज के हिस्से के रूप में अपने व्युअर्स के लिए नई पेशकश पेश करते हुए काफी खुशी हो रही है। यह अपनी तरह का अनूठा शो है, क्योंकि इसमें लोगों से जुड़ाव की एक अलग शैली का इस्तेमाल किया गया है। हम यह देखने के लिए उत्साहित हैं कि व्युअर्स इस न्यूज डॉक्यूमेंट्री स्टाइल को किस तरह लेते हैं। हालांकि, हम इस बात को लेकर आश्वस्त हैं कि दर्शकों की वरीयताओं और हमारी अनूठी कंटेंट क्रिएशन की क्षमताओं के कारण हमारा यह शो एक बार फिर लाखों लोगों की कल्पनाओं पर साकार उतरेगा और उनके दिलों पर राज करेगा।'

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ZEE बिजनेस ने दर्शकों को किया सावधान, दी ये सलाह

देश में ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। सरकार की तमाम कोशिशों के बावजूद भी ये जालसाज अपने मंसूबों में कामयाब हो जाते हैं

Last Modified:
Friday, 14 January, 2022
Zeebusiness4784

देश में ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। सरकार की तमाम कोशिशों के बावजूद भी ये जालसाज अपने मंसूबों में कामयाब हो जाते हैं और लोगों को अपनी चिकनी-चुपड़ी बातों में फंसाकर बैंक खातों को खाली कर देते हैं। हाल ही में इसी तरह के एक मामले में मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘टेलीग्राम’ पर चल रहे 'बुल रन' नाम के एक चैनल पर शिकंजा कसा है।

सेबी के मुताबिक, टेलीग्राम पर ‘बुल रन’ चलाने वाले लोग पहले खुद कुछ शेयर खरीदते थे, फिर लोगों को भ्रामक जानकारी देकर इन शेयरों को बढ़े हुए दामों में बेच देते थे। ऐसा करके चैनल से जुड़े 6 लोगों ने 2.84 करोड़ रुपए का अवैध लाभ (Unlawful Profit) कमाया है। सेबी ने इन 6 लोगों के खिलाफ ऑर्डर पास किया है।

अब इसी तरह का ही एक अन्य मामला सामने आया है, जो 'जी बिजनेस' और उसके मैनेजिंग एडिटर अनिल सिंघवी से जुड़ा है। दरअसल, शेयर बाजार में सही जगह पैसा लगाकर अमीर बनाने का सपना दिखाने वाले लोगों ने 'जी बिजनेस' और इसके मैनेजिंग एडिटर अनिल सिंघवी के नाम से टेलीग्राम पर कई चैनल बना रखे हैं, जिनमें लोगों को अलग-अलग जगह पैसा लगाने की टिप्स दिए जाते हैं। ऐसे में 'जी बिजनेस' और मैनेजिंग एडिटर अनिल सिंघवी ने अपने दर्शकों को सलाह दी है कि 'जी बिजनेस' या इससे जुड़े किसी भी एंकर का टेलीग्राम पर कोई भी चैनल नहीं है। इसलिए लोगों को जी बिजनेस या इससे मिलते-जुलते नाम वाले टेलीग्राम चैनलों से सावधान रहना चाहिए।

'जी बिजनेस' ने लोगों से सभी जानकारियों को केवल ऑफिशियल सोर्स से ही प्राप्त करने की सलाह दी है।

 

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‘सूर्या समाचार’ को अलविदा कह युवा पत्रकार मनोरंजन सिंह ने इस दिशा में बढ़ाए कदम

‘सूर्या समाचार’ में करीब तीन साल की अपनी पारी को विराम देने के बाद युवा पत्रकार मनोरंजन सिंह ने नए साल पर अपने नए सफर की शुरुआत की है।

Last Modified:
Friday, 14 January, 2022
Manoranjan Singh

‘सूर्या समाचार’ में करीब तीन साल की अपनी पारी को विराम देने के बाद युवा पत्रकार मनोरंजन सिंह ने नए साल पर अपने नए सफर की शुरुआत की है। उन्होंने सरकारी संस्था ‘विज्ञान प्रसार‘ के तहत प्रसारित होने वाले एजुकेशनल चैनल ‘इंडिया साइंस’ की टीम में बतौर सीनियर वीडियो जर्नलिस्ट जॉइन किया है।

‘सूर्या समाचार‘ से पहले मनोरंजन सिंह ‘भारत समाचार‘ न्यूज चैनल में सीनियर वीडियो जर्नलिस्ट के तौर पर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे। यहां चैनल की टेक्निकल टीम में करीब एक साल रहकर उन्होंने कई शो कवर किए।  

मनोरंजन सिंह को पत्रकारिता के क्षेत्र में काम करने का करीब 16 साल का अनुभव है। ‘भारत समाचार‘ से पहले वह करीब छह साल ‘पी7 न्यूज‘ में रहे, जहां देश में कई इलेक्शन कवर करने के साथ वर्ष 2010 में दिल्ली में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स और कई रैलियां कवर कीं। इसके लिए चैनल से उन्हें अवार्ड भी मिला। इसके अलावा वह ‘स्टार न्यूज‘ में भी अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं।

मूलतः बिहार के अररिया जिला के जयनगर गांव निवासी मनोरंजन दिल्ली सरकार में मान्यता प्राप्त पत्रकारों की लिस्ट में भी शामिल हैं। वह पत्रकारिता के साथ एक एनजीओ ‘नारी शक्ति संगठन’ से भी जुड़े हुए हैं। समाचार4मीडिया की ओर से मनोरंजन सिंह को उनके नए सफर के लिए ढेरों शुभकामनाएं।

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नहीं रहे NDTV के वरिष्ठ पत्रकार कमाल खान, तमाम नेताओं-पत्रकारों ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

दिल का दौरा पड़ने से गई जान। तमाम जाने-माने लोगों ने कमाल खान के निधन पर दुख व्‍यक्‍त करते हुए इसे पत्रकारिता जगत के लिए बहुत बड़ी क्षति बताया है।

Last Modified:
Friday, 14 January, 2022
Kamal Khan

‘एनडीटीवी’ (NDTV) के वरिष्ठ पत्रकार कमाल खान का शुक्रवार को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। कमाल खान गुरुवार को यूपी चुनाव का टीवी पर राजनीतिक विश्लेषण कर रहे थे और आज सुबह उन्हें दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। करीब 61 वर्षीय कमाल खान ने लखनऊ स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली।

इस बारे में एनडीटीवी की ओर से जारी एक स्टेटमेंट में कहा गया है, ‘आज एनडीटीवी परिवार को अपूरणीय क्षति हुई है। हमारे लखनऊ ब्यूरो के दिल, अनुभवी पत्रकार कमाल खान का आज सुबह अप्रत्याशित रूप से निधन हो गया है। काम के प्रति उनके जज्बे के साथ-साथ वह एक बेहतरीन इंसान थे, जो अपनी काबिलियत से लोगों के दिलों को छू लेते थे। उनके परिवार के प्रति हमारी गहरी संवेदना है और हम दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हैं।’

बता दें कि कमाल खान इन दिनों 'एनडीटीवी' के उत्तर प्रदेश ब्यूरो में कार्यकारी संपादक थे। पत्रकारिता में उनके उल्लेखनीय योगदान के मद्देनजर उन्हें तमाम प्रतिष्ठित अवॉर्ड्स से नवाजा जा चुका था।पत्रकारिता के क्षेत्र में देश के सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों में से एक रामनाथ गोयनका पुरस्कार के साथ उन्हें राष्ट्रपति द्वारा गणेश शंकर विद्यार्थी पुरस्कार भी मिल चुका था।

कमाल खान के निधन पर तमाम पत्रकारों समेत बड़ी संख्या में लोगों ने दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवार को इस दुःख की घड़ी को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है। उन्होंने कमाल खान के निधन को पत्रकारिता जगत के लिए बहुत बड़ी क्षति बताया है।

पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित वरिष्ठ पत्रकार आलोक मेहता ने कमाल खान के निधन पर शोक जताते हुए उन्हें अपनी श्रद्धांजलि दी है। कमाल खान के निधन को पत्रकारिता जगत के लिए बड़ा नुकसान बताते हुए अपने ट्वीट में आलोक मेहता ने लिखा है, ‘यह खबर काफी हैरान और दुखी करने वाली है। वह बहुत ही ईमानदार और पेशेवर पत्रकार थे। पत्रकारिता में बेहतरीन योगदान के लिए उन्हें पिछले साल एक्सचेंज4मीडिया समूह द्वारा सम्मानित किया गया था। कमाल खान का निधन पत्रकारिता के लिए बड़ा नुकसान है।’

'एबीपी न्यूज' में हेड ऑफ मार्केटिंग और एक जमाने में 'एनडीटीवी इंडिया' से जुड़े रह चुके बहुचर्चित एंकर मेहराज दुबे ने कमाल खान को अपनी श्रद्धांजलि देते हुए लिखा है, 'कमाल खान एक अच्छे सहयोगी और बेहतरीन इंसान थे। किसी भी शो में उनकी उपस्थिति मात्र दर्शकों को आकर्षित करती थी। उन्होंने जो कुछ भी किया उसमें सर्वश्रेष्ठ दिया। वह बड़े दिल वाले पत्रकार थे और जीवन के अंतिम दिन तक काम करते रहे। श्रद्धांजलि।'

वरिष्ठ पत्रकार पुण्य प्रसून वाजपेयी ने ट्वीट किया है, ‘दुखद…बेहद दुखद..स्तब्ध करने वाली सुबह मित्र… बंधु…कमाल खान की मौत।’ 

वरिष्ठ पत्रकार ब्रजेश मिश्रा ने कमाल खान के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए ट्वीट किया है, 'मशहूर पत्रकार कमाल खान जी का निधन बेहद कष्टप्रद है। पत्रकारिता जगत के लिए बहुत क्षति है उनका न रहना। देर रात तक वो दायित्वों का निर्वहन करते रहे। सबसे वरिष्ठ होने के बाद भी फील्ड रिपोर्टिंग कभी नही छोड़ी। खबर पेश करने का उनका अंदाज देशभर में पत्रकारों को प्रेरित करता था। अलविदा।'

कमाल खान के निधन पर यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  के अलावा समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, बसपा प्रमुख मायावती और अन्य नेताओं ने भी दुख जाहिर किया है। सीएम योगी ने कहा कि उनके शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना है। पत्रकारिता की यह अपूरणीय क्षति है। कमाल चौथे स्तंभ और निष्पक्ष पत्रकारिता के एक मजबूत प्रहरी थे। वहीं समाजवादी पार्टी की तरफ से ट्वीट कर शोक जताया गया है।

सपा ने लिखा- 'अत्यंत दुखद! एनडीटीवी के वरिष्ठ संवाददाता जनाब कमाल खान साहब का इंतकाल, अपूरणीय क्षति। दिवंगत आत्मा को शांति दें भगवान। शोकाकुल परिजनों के प्रति गहन संवेदना। भावभीनी श्रद्धांजलि।'

वहीं, कमाल खान के निधन पर कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी ने ट्वीट कर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा, 'वरिष्ठ पत्रकार श्री कमाल खान जी के निधन की खबर सुनकर स्तब्ध हूं। कुछ दिनों पहले ही उनसे मुलाकात के दौरान ढेर सारी बातें हुई थीं। उन्होंने पत्रकारिता में सच्चाई व जनहित जैसे मूल्यों को जिंदा रखा। श्री कमाल खान जी के परिजनों के प्रति मेरी गहरी शोक संवेदनाएं। विनम्र श्रद्धांजलि।'

कमाल खान के निधन पर दुख व्यक्त करते हुए बसपा प्रमुख मायावती ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है। अपने ट्वीट में मायावती ने लिखा है, 'मायावती ने ट्वीट किया, 'एनडीटीवी से जुड़े प्रतिष्ठित व जाने-माने टीवी पत्रकार कमाल ख़ान की अचानक ही निधन के ख़बर अति-दुःखद तथा पत्रकारिता जगत की अपूर्णीय क्षति। उनके परिवार व उनके सभी चाहने वालों के प्रति मेरी गहरी संवेदना। कुदरत सबको इस दुःख को सहन करने की शक्ति दे, ऐसी कुदरत से कामना।'

वहीं कई अन्य वरिष्ठ पत्रकारों ने भी ट्वविटर के जरिए याद कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की-

 

 

 

 

 

 

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