हिंदी न्यूज चैनल के प्रधान संपादक के खिलाफ शिकायत दर्ज

नोएडा स्थित एक हिंदी न्यूज चैनल के प्रधान संपादक के खिलाफ शिकायत दर्ज किए जाने का मामला सामने आया है।

Last Modified:
Monday, 02 August, 2021
TV Channel

नोएडा स्थित एक हिंदी न्यूज चैनल के प्रधान संपादक के खिलाफ शिकायत दर्ज किए जाने का मामला सामने आया है। दरअसल, मामला जयपुर का है, जहां मीणा समुदाय की भावनाओं को आहत करने के सिलसिले में पुलिस ने यह शिकायत दर्ज की है।

जयपुर के ट्रांसपोर्ट नगर थाने में अंबागढ किले से हाल में कथित रूप से भगवा झंडा हटाने के विवाद में मीणा समुदाय की भावनाओं को आहत करने के सिलसिले में सुदर्शन टीवी के प्रधान संपादक सुरेश चव्हाण के खिलाफ शुक्रवार को प्राथमिकी दर्ज करवाई गई है।

पुलिस के अनुसार मीणा का आरोप है कि चैनल में मीणा समुदाय को अपशब्द कहे गए और पूरे समुदाय की भावनाओं को आहत किया गया है, जिसके बाद चव्हाण के खिलाफ मामला दर्ज करवाया गया।

आदर्शनगर के सहायक पुलिस आयुक्त नील कमल ने बताया कि प्राथमिकी भारतीय दंड संहिता तथा सूचना प्रौद्योगिकी कानून की संबंधित धाराओं और अनुसूचित जाति-जनजाति (उत्पीड़न से निवारण) कानून के तहत दर्ज की गयी है। उन्होंने कहा कि किसी को भी इलाके में सद्भाव और कानून व्यवस्था को बिगाडने नहीं दिया जायेगा।

उन्होंने बताया कि इलाके में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और शनिवार को फ्लैग मार्च भी निकाला गया है।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

TV9 पर ‘सत्ता सम्मेलन’ में असहज हुए अखिलेश यादव, एंकर से ही मांगने लगे सवालों का जवाब!

देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव का बिगुल बज गया है। पहले चरण के मतदान में अब कुछ ही दिन बाकी हैं और ऐसे ने तमाम राजनीतिक दलों के नेता प्रचार में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 27 January, 2022
Last Modified:
Thursday, 27 January, 2022
TV9 Satta Sammelan

देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव का बिगुल बज गया है। पहले चरण के मतदान में अब कुछ ही दिन बाकी हैं और ऐसे ने तमाम राजनीतिक दलों के नेता अपने प्रचार में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। इस समय मीडिया भी चुनावों की व्यापक कवरेज में लगा हुआ है। इसी कड़ी में ‘टीवी9 भारतवर्ष’ ने उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में ‘सत्ता सम्मेलन’ का आयोजन किया, जिसमें उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी भाग लिया।

‘सत्ता सम्मेलन’ में अखिलेश गुरुवार को जिस अंदाज में 'टीवी9 भारतवर्ष' के सीनियर एंकर निशांत चतुर्वेदी के सवालों का जवाब दे रहे थे, उससे ये प्रतीत हो रहा था कि उन्हें यूपी जीतने का पूरा यकीन है। लेकिन कई बार हाजिरजवाबी अति आत्मविश्वास के चलते तल्खी में बदल जाती है और आज अखिलेश यादव के साथ भी यही हुआ।

कुछ दिनों पहले ‘आजतक’ की सीनियर एंकर अंजना ओम कश्यप से हुई उनकी बहस लोग भूले भी नहीं थे कि आज एक बार फिर ऐसा ही कुछ देखने को मिला। दरअसल, प्रतापगढ़ में समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी गुलशन यादव की आपराधिक पृष्ठभूमि और डीएसपी जियाउल हक के हत्यारोपितों को पार्टी प्रत्याशी बनाए जाने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने एंकर को ही आड़े हाथों लेना शुरू कर दिया।

निशांत चतुर्वेदी बार-बार अखिलेश यादव से ये अनुरोध करते रहे कि आप हमें उस घटना के बारे में बता दीजिए तो अखिलेश यादव ने साफ इनकार कर दिया। इसके बाद उन्होंने प्रत्याशी के ‘यादव’ होने पर भी एंकर को कठघरे में खड़ा कर दिया। सिर्फ इतना ही नहीं, इत्र कारोबारी के यहां छापे की घटना को लाकर वो अखबारों को ही झूठा साबित करने लगे। उन्होंने एंकर से ही प्रतापगढ़ में हुई घटना के बारे में विस्तार से जानना चाहा और इसके बाद वह हैसियत भी बताने लगे।

इसके बाद समाजवादी पार्टी पर लगे अपराधीकरण के आरोपों के जवाब में अखिलेश यादव बीजेपी के अपराधियों के बारे में सवाल पूछे जाने की जिद करने लगे। अगर देखा जाए तो आमतौर पर साक्षात्कार के समय अखिलेश यादव का इस तरह का व्यवहार नहीं रहा है, लेकिन आज कल मीडिया को लेकर उनके तेवर पता नहीं क्यों तल्ख नजर आ रहे हैं?

'सत्ता सम्मेलन' में निशांत चतुर्वेदी के सवालों का अखिलेश यादव ने किस तरह जवाब दिया, वह आप इस वीडियो में देख सकते हैं।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

Sony को मिले इस बड़े खेल आयोजन के विशेष मीडिया अधिकार

अब ‘सोनी’ पूरे भारत समेत पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश, नेपाल, अफगानिस्तान, भूटान और मालदीव सहित उपमहाद्वीप में अपने खेल चैनल्स पर इन खेलों का प्रसारण कर सकेगा।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 27 January, 2022
Last Modified:
Thursday, 27 January, 2022
SPNI

‘सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया’ (SPNI) ने नवंबर 2021 से सितंबर 2023 तक एशियाई खेलों (Asian Games) 2022 के लिए विशेष मीडिया अधिकार हासिल कर लिए हैं। इन अधिकारों के मिलने के बाद ‘सोनी’ एशियाई खेलों के 19वें संस्करण का पूरे भारत समेत पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश, नेपाल, अफगानिस्तान, भूटान और मालदीव सहित उपमहाद्वीप में अपने स्पोर्ट्स चैनल्स पर प्रसारण करेगा। यह प्रसारण सोनी के प्रीमियम ओटीटी प्लेटफॉर्म SonyLIV पर भी उपलब्ध होगा।

इस डील से ‘सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया’ के पास सौदे के पूरे कार्यकाल के दौरान क्लिप और हाईलाइट बनाने का विशेष अधिकार मिलेगा। बता दें कि 19वें एशियन गेम्स 2022 का आयोजन 10 सितंबर से 25 सितंबर के बीच चीन के हांग्जो शहर (झेजियांग प्रांत) में किया जाएगा।

इस बारे में ‘सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया’ के चीफ रेवेन्यू ऑफिसर (डिस्ट्रीब्यूशन) और हेड (स्पोर्ट्स बिजनेस) राजेश कौल ने कहा, ‘2022 के एशियाई खेलों के इस साल एशिया में सबसे बड़े बहु-खेल आयोजनों (मल्टी-स्पोर्टिंग इवेंट) में से एक होने की उम्मीद है और हमें भारत और उपमहाद्वीप के लिए विशेष मीडिया अधिकार प्राप्त करने की खुशी है।’

इसके साथ ही उन्होंने कहा, ’टोक्यो 2020 ओलंपिक खेलों में भारतीय एथलीटों के उत्कृष्ट प्रदर्शन ने एक मजबूत नींव रखी है और हम अपने दर्शकों के लिए एक और मल्टी-स्पोर्टिंग इवेंट लाकर खुश हैं, जिसमें शीर्ष भारतीय एथलीट भाग लेंगे। हम बड़ी संख्या में ऑडियंस मिलने की उम्मीद है और एशियाई खेलों में टी-20 क्रिकेट फॉर्मेट की शुरुआत निस्संदेह राष्ट्र के उत्साह को बढ़ाएगी।’

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

NTO 2.0 को लेकर MSOs व DTH ऑपरेटर्स ने TRAI को सौंपी ये लिस्ट

ऑल इंडिया डिजिटल केबल फेडरेशन और डीटीएच एसोसिएशन ने नए टैरिफ ऑर्डर (NTO) 2.0 के लागू करने को लेकर जो भी दिक्कतें हैं, उसकी सूची (wish list) ट्राई को भेज दी है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Tuesday, 25 January, 2022
Last Modified:
Tuesday, 25 January, 2022
Cable54

ऑल इंडिया डिजिटल केबल फेडरेशन (AIDCF) और डीटीएच एसोसिएशन ने नए टैरिफ ऑर्डर (NTO) 2.0 के लागू करने को लेकर जो भी दिक्कतें हैं, उसकी सूची (wish list) भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) को भेज दी है। बता दें कि AIDCF मल्टी-सिस्टम ऑपरेटर्स (MSOs) का एक शीर्ष निकाय है, जबकि डीटीएच एसोसिएशन (DTH Association) चार पे डीटीएच ऑपरेटर्स का प्रतिनिधित्व करता है।

ट्राई ने 23 दिसंबर, 2021 को नए टैरिफ ऑर्डर (NTO) 2.0 को लागू करने से संबंधित मुद्दों पर MSOs और डीटीएच सर्विस प्रोवाइडर सहित स्टेकहोल्डर्स के साथ बैठक की थी। बैठक के दौरान, नियामक ने स्टेकहोल्डर्स से एनटीओ 2.0 के संबंध में उनसे संबंधित मुद्दों की सूची भेजने के लिए कहा था।

ट्राई और स्टेकहोल्डर्स ने सहमति व्यक्त की थी कि एनटीओ 2.0 में जो दिक्कतें हैं, उसे दो चरणों में हल किया जा सकता है। वहीं इन दोनों निकायों ने कहा कि एनटीओ 2.0 में कुछ बदलावों के साथ  इसे पहले चरण में लागू किया जा सकता है। दूसरे चरण में एक विस्तृत परामर्श प्रक्रिया शामिल है, जो डिस्ट्रीब्यूशन प्लेटफॉर्म ऑपरेटर्स (DPO) से संबंधित सभी प्रमुख मुद्दों का ध्यान रखती है।

18 जनवरी, 2022 के एक पत्र में AIDCF ने कहा कि एनटीओ 2.0 के पहले चरण को 1 जनवरी, 2022 से 1 अप्रैल, 2022 तक लागू किया जाना चाहिए, जिसमें ब्रॉडकास्टर्स को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनका वर्तमान बुके उसी कीमत पर दर्शकों को उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि MSO को सब्सक्राइबर्स से विकल्प लेने की जरूरत ही न पड़े और सब्सक्राइबर्स को कोई असुविधा न हो।

दूसरा, फेडरेशन ने मांग की कि बुके पर 15% इन्सेंटिव बिना किसी नई शर्त के बहाल किया जाए। तीसरा, चैनलों की कीमतें 12 रुपए तक सीमित होनी चाहिए और चैनल की कीमतों में कोई वृद्धि नहीं होनी चाहिए।

AIDCF के अनुसार, एनटीओ 2.0 के दूसरे चरण को 1 अप्रैल, 2022 से 30 जून 2022 तक लागू किया जाना चाहिए, जिसमें ट्राई मौजूदा नियमन में होने वाली दिक्कतों को दूर करने के लिए एक परामर्श पत्र ला रहा है। फेडरेशन ने कई मुद्दों को लेकर सूची तैयार की है और वह चाहता है कि ट्राई परामर्श पत्र में इन मुद्दों पर विचार करे।

AIDCF ने यह भी मांग की कि वह पहले चरण को लागू होने देगा, बशर्ते दूसरे चरण लागू हो सके, इसके लिए ट्राई से लिखित आश्वासन मिले। AIDCF ने कहा कि प्राधिकरण स्वीकार करे कि केबल इंडस्ट्री के लिए पहला और दूसरा चरण बना रहे, इसके लिए इसे साथ-साथ चलना चाहिए। इसके बाद, पहले चरण के लिए हमारी सहमति को हमने पहले ही बता दिया है (जैसा कि ऊपर प्रस्तावित है) और दूसरा चरण लागू होना प्राधिकरण द्वारा लिखित सहमति पर निर्भर करेगा।

फेडरेशन ने पे जॉनर-वाइस चैनलों की एमआरपी पर कैपिंग की मांग की है, साथ ही किसी भी पे चैनल के लिए अधिकतम कीमत 12/- रुपए तय करने की भी मांग की है। इसके अतिरिक्त वह यह भी चाहता है कि डिस्ट्रीब्यूशन प्लेटफॉर्म ऑपरेटर्स (DPO) के लिए सीपीएस दरों को भी सीमित करना चाहिए और वार्षिक आधार पर ही केवल कीमतों में सुधार की अनुमति दी जानी चाहिए।

इसके अलावा, AIDCF ने यह भी मांग की कि ट्राई को सिंगल बुके में सभी पे चैनलों की पैकेजिंग की अनुमति देनी चाहिए, भले ही अला-कार्टे दरें कुछ भी हों। बिना किसी संशोधन के ब्रॉडकास्टर बुके को लाने का अधिदेश हटा दिया जाना चाहिए और डिस्ट्रीब्यूशन प्लेटफॉर्म ऑपरेटर्स को ब्रॉडकास्टर्स के बुके से चैनल चुनने की आजादी होनी चाहिए, जैसाकि एनटीओ से पहले लागू था।

MSO निकाय ने यह भी कहा कि डिस्ट्रीब्यूशन प्लेटफॉर्म ऑपरेटर्स द्वारा तैयार किए बुके में चैनलों का समावेश डीआरपी (DRP) पर आधारित होना चाहिए न कि एमआरपी (MRP) पर। निकाय ने ट्राई से 15% के इन्सेंटिव को डिस्ट्रीब्यूशन फीस के साथ जोड़ने का आग्रह किया, साथ ही इसे डिस्ट्रीब्यूशन प्लेटफॉर्म ऑपरेटर्स को दी जाने वाली एमआरपी का 35% बनाने का भी आग्रह किया।

AIDCF ने ट्राई से यह भी अनुरोध किया कि नेटवर्क कैपिसिटी फीस (NCF) पर लगे कैप को हटा दिया जाए और प्रत्येक वर्ष नेटवर्क कैपिसिटी फीस को इन्फ्लेशन की दर के साथ बढ़ाया जाए। नेटवर्क कैपिसिटी फीस पर लगी कैपिंग को हटाने के साथ-साथ पिछले क्लॉज, जिसमें प्रत्येक 25 अतिरिक्त चैनलों के लिए 20 रुपए लिए जाएंगे, को लागू किया जाए। एनसीएफ पर 60% की छूट मल्टी टीवी कनेक्शन के लिए पे चैनल की कीमतों को लेकर ब्रॉडकास्टर्स पर भी लागू होनी चाहिए।

फेडरेशन ने यह भी कहा कि डीडी फ्री डिश (DD Free Dish) पर पे चैनल उपलब्ध नहीं होने चाहिए। इसके अलावा, ब्रॉडकास्टर्स को ओटीटी सब्सक्राइबर्स को उसी कीमत पर लीनियर चैनलों का ऑफर देना चाहिए, जैसाकि डिस्ट्रीब्यूशन प्लेटफॉर्म ऑपरेटर्स को दिए जा रहे हैं।

इन मुद्दों के अलावा, AIDCF ने यह भी मांग की है कि पायरेसी में शामिल किसी भी डिस्ट्रीब्यूशन प्लेटफॉर्म ऑपरेटर्स को भविष्य में सामग्री प्रदान नहीं की जानी चाहिए।

27 दिसंबर 2021 को एक पत्र में, डीटीएच एसोसिएशन (यह एक सामूहिक निकाय है जिसमें एयरटेल, डिश टीवी {डिश व डी2एच ब्रैंड्स} सन डायरेक्ट और टाटा स्काई के प्रतिनिधि शामिल हैं) ने कहा है कि परामर्श प्रक्रिया को दो चरणों में हल किया जा सकता है। पहले चरण को तत्काल प्रभाव से जनवरी 2022 में लागू किए जाने की जरूरत है।

पहले चरण में एनटीओ 2.0 लागू करने को लेकर, डीटीएच एसोसिएशन ने कहा कि बुके में शामिल करने के लिए अ-ला-कार्टे चैनलों पर प्राइज कैप को वर्तमान में 12 रुपए से बढ़ाकर 19 रुपए किया जाना चाहिए। इसमें कहा गया है कि यह चैनल के चयन को आसान कर देगा और कस्टमर्स द्वारा कई तरह के रिचार्ज से बचने और बिलिंग सिस्टम पर लोड को कम करेगा। डीटीएच ऑपरेटर्स यह भी चाहते हैं कि ट्राई साधारण बुके पर 15% इन्सेंटिव की अनुमति दे।

दूसरे चरण में, डीटीएच एसोसिएशन ने मांग की कि परामर्श प्रक्रिया अप्रैल 2022 तक शुरू की जानी चाहिए, जो तीन महीने के भीतर समाप्त हो जाएगी और 2022 के अंत तक लागू हो जाएगी।

डीटीएच ऑपरेटर भी डीडी फ्री डिश, ओटीटी और डीटीएच पर पे टीवी चैनलों के मूल्य निर्धारण की समानता चाहते हैं।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

Polstrat & News X सर्वे: चुनावों में किसके सिर बंधेगा जीत का सेहरा, किसे मिलेगी हार!

इस सर्वे में अनुमान लगाया गया है कि यूपी में बीजेपी एक बार फिर पूर्ण बहुमत की सरकार बना सकती है।

Last Modified:
Monday, 24 January, 2022
newsxservey00

आने वाले पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव को लेकर Polstrat-NewsX ने सर्वे किया है, जिसमें इनमें से चार राज्यों के विभिन्न मुद्दों पर जनता से राय मांगी गई है। इस सर्वे में अनुमान लगाया गया है कि यूपी में बीजेपी एक बार फिर पूर्ण बहुमत की सरकार बना सकती है।

उत्तरप्रदेश- इस सर्वे में यह अनुमान लगाया गया है कि बीजेपी पिछली बार की ही तरह एक बार फिर अपने दम पर सरकार बनाने में कामयाब होगी। 403 विधानसभा सीटों में बीजेपी 218-223 सीट पर जीत सकती है और उसका वोट शेयर 40.9% फीसदी रह सकता है। 

वहीं समाजवादी पार्टी 36.4% वोट शेयर के साथ 152-157 सीट लाने में कामयाब होगी। 12.3% वोट शेयर के साथ बहुजन समाज पार्टी 19-22 सीट ला सकती है और कांग्रेस सिर्फ 5-6 सीट पर सिमट सकती है। वहीं कांग्रेस का वोट शेयर महज 5.9% ही रहने का अनुमान लगाया गया है।

इसके अलावा अन्य के खाते में 0-2% सीट जाती हुई दिखाई दे रही हैं और  4.5% वोट शेयर रहने का अनुमान है। इस सर्वे में जब सीएम योगी के दोबारा सत्ता में आने पर सवाल किया गया तो 47 फीसदी से अधिक लोगों ने कहा कि वे सीएम योगी को दोबारा सीएम बनते हुए देखना चाहते हैं। अगर लोकप्रियता की बात करें तो सीएम योगी अभी भी 50 फीसदी से अधिक लोगों के लिए लोक्रपिय हैं, वहीं पूर्व सीएम अखिलेश को 38.93% फीसदी दोबारा सीएम बनते हुए देखना चाहते हैं। मायावती और प्रियंका गांधी की बात करें तो वो क्रमशः 5.31%, और 3.42% लोगों की पसंद बनी हुई हैं। 

अगर मुद्दों की बात करें तो 78 फीसदी से अधिक लोगों के लिए कानून व्यवस्था एक बड़ा मुद्दा बना हुआ है, वहीं 46 फीसदी से अधिक लोगों को लगता है कि धर्म चुनाव में एक बड़ा मुद्दा बन सकता है। 

उत्तराखंड- सर्वे के अनुसार इस पहाड़ी राज्य में एक बार फिर कमल खिलता हुआ दिखाई दे रहा है। विधानसभा की कुल 70 सीटों में से बीजेपी इस बार 37-40 सीट पर कब्जा जमाकर पूर्ण बहुमत की सरकार बना सकती है। वोट शेयर की बात करें तो बीजेपी 39% से अधिक वोट शेयर प्राप्त कर सकती है।

अगर मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस की बात करें तो 36.5% वोट शेयर के साथ कांग्रेस महज 27-30 सीट ही ला पाएगी। आम आदमी पार्ट भी इस चुनाव में कोई ख़ास करिश्मा नहीं दिखा पाएगी और 11.7% वोट शेयर के साथ सिर्फ 3 -4 सीट पर सिमट जाएगी। 

सीएम पुष्कर धामी की बात करें तो 40.73% लोग उन्हें वापस सीएम बनते हुए देखना चाहते हैं, वहीं हरीश रावत को 37.01% लोग सीएम की कुर्सी पर देखना चाहते हैं। अगर लोकप्रियता की बात करें तो सीएम धामी महिलाओं में अधिक लोकप्रिय हैं। 46% पुरुष वर्ग की तुलना में 50% महिलाएं सीएम धामी को बेहद पसंद करती हुई दिखाई दे रही हैं। अगर मुद्दों की बात करें तो 51 फीसदी लोगों को लगता है कि राज्य में रोजगार एक बड़ा मुद्दा है। 

पंजाब- इस सीमावर्ती राज्य की बात करें तो इस सर्वे में अनुमान लगाया गया है कि कांग्रेस इस राज्य में अपनी सत्ता खो सकती है। सर्वे की मानें तो कांग्रेस पार्टी 37.2% वोट शेयर के साथ 42 से 45 सीट ला सकती है। राज्य में कुल 117 विधानसभा सीटों में ये बहुमत का आकंड़ा नहीं है।

दूसरी ओर आम आदमी पार्टी की बात करें तो  39.7% वोट शेयर के साथ 52 से 55 सीट पार्टी ला सकती है, हालांकि, बहुमत की 59 सीट से ये आंकड़ा भी दूर है। शिरोमणि अकाली दल 16.6% वोट शेयर के साथ 17 से 20 सीट ला सकता है और बीजेपी मात्र  2.7% वोट शेयर के साथ 0 से 2 सीट पर सिमट सकती है। 

सीएम चेहरे की बात करें तो आम आदमी पार्टी के सीएम पद के उम्मीदवार भगवंत सिंह मान पहले नंबर पर बने हुए हैं। उन्हें 38.92% फीसदी लोग पसंद कर रहे हैं, वहीं वर्तमान सीएम चन्नी सिर्फ 20.78% लोगों की पसंद हैं। अगर सुखबीर सिंह बादल की बात करें तो उन्हें भी महज 20% लोग ही पसंद करते हैं। 

मुद्दों की बात करें तो 32.5% लोगों के लिए रोजगार बड़ा मुद्दा है। 19.8% लोगों के लिए विकास भी मायने रखता है, वहीं 10 फीसदी लोग ऐसे भी हैं, जिन्हे लगता है कि कृषि कानून के रद्द होने का असर भी चुनाव में दिखाई देगा। 

गोवा- इस खूबसूरत राज्य में जो सर्वे के नतीजे हैं, वो भी बीजेपी को राहत देने वाले हैं। दरअसल अनुमान के मुताबिक इस राज्य की कुल 40 विधानसभा सीटों में से बीजेपी 21 -25 सीट प्राप्त कर सकती है। बीजेपी का वोट शेयर भी 35.6% रह सकता है। कांग्रेस की बात करें तो 20.1% वोट के साथ उसे 4-6 सीट वहीं आम आदमी पार्टी को 23.4% वोट शेयर के साथ 6 -9 सीट मिल सकती हैं।

सीएम चेहरे की बात करें तो 40% लोग वर्तमान सीएम प्रमोद सावंत को पसंद कर रहे हैं, वहीं  30.91% लोग कांग्रेस पार्टी के नेता दिगंबर कामत को पसंद करते हैं। मुद्दों की बात करें तो 36.36% लोगों के लिए रोजगार बड़ा मुद्दा है। 15.45% लोग विनिर्माण और 14.55 लोग कोरोना नियंत्रण को मुद्दा मानते हैं। 7.27% लोगों का मानना है कि राज्य में अवैध खनन भी एक बड़ा मुद्दा है।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

न्यूज24 की अनुराधा प्रसाद से खास बातचीत में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने किया ये बड़ा दावा

उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनावों से ठीक पहले ‘न्यूज24’ की एडिटर-इन-चीफ अनुराधा प्रसाद ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से रविवार को खास बातचीत की।

Last Modified:
Monday, 24 January, 2022
Akhilesh Yadav Anuradha Prasad

उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनावों से ठीक पहले ‘न्यूज24’ (News24) की एडिटर-इन-चीफ अनुराधा प्रसाद ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से रविवार को खास बातचीत की। ‘न्यूज24’ के खास कार्यक्रम ‘आमने-सामने‘ में इंटरव्यू के दौरान अखिलेश ने प्रियंका गांधी के समर्थन के ऑफर के मुद्दे पर कहा कि उनके गठबंधन को किसी के समर्थन की जरूरत नहीं पड़ेगी। प्रदेश की जनता में योगी सरकार के खिलाफ जबरदस्त आक्रोश है और सपा गठबंधन इस चुनाव में चार सौ से ज्यादा सीटें जीतने में कामयाब रहेगा।

अखिलेश यादव ने योगी सरकार में उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को भी अपनी पार्टी में शामिल होने का न्यौता दिया। अखिलेश यादव ने कहा कि उन्होंने केशव प्रसाद मौर्य के लिए एक जगह बचाकर रखी है। इस बातचीत के दौरान किसी अन्य सीट से चुनाव लड़ने के सवाल पर अखिलेश यादव का जवाब था कि यदि पार्टी कहेगी तो वह करहल के अलावा किसी अन्य सीट से भी चुनाव लड़ सकते हैं।

वहीं, बाहरी लोगों के सपा से जुड़ने और पार्टी में अंदरखाने खींचतान के सवाल पर अखिलेश यादव का जवाब था, ‘समाजवादी लोग त्याग और परिवर्तन के लिए तैयार हैं। लेकिन हमारी पार्टी में टिकट को लेकर कोई विवाद नहीं है।‘

बहुजन समाज पार्टी और मायावती से जुड़े सवाल पर अखिलेश ने कहा कि बसपा अपने सिद्धांत से हट गई है। मान्यवर कांशीराम की विचारधारा को मानने वाले कई अंबेडकरवादी लोग समाजवादी पार्टी से जुड़े हैं। कैराना में हिंदुओं के पलायन से जुड़े सवाल पर अखिलेश यादव ने पलटवार करते हुए कहा, ‘ये भाजपा का फैलाया हुआ मुद्दा है।‘

इस एक्सक्लूसिव बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने अपने पिछले कार्यकाल की खूबियां गिनाते हुए कहा कि हमने 18 लाख लैपटॉप बांटकर डिजिटल डिवाइड को खत्म किया। सर्वश्रेष्ठ पुलिस मॉनिटरिंग व्यवस्था तैयार की। 100 और 1090 जैसी सेवाएं शुरू कर कानून व्यवस्था को मजबूत किया। हमारी अगली सरकार में भी यदि कोई भी कानून को तोड़ेगा तो उसके खिलाफ कानून के दायरे में रहकर कार्यवाही की जाएगी। चाहे वह राजनेता हो या पुलिस खुद।

अखिलेश यादव के साथ अनुराधा प्रसाद की बातचीत का पूरा वीडियो आप यहां देख सकते हैं।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

न्यूज24 की अनुराधा प्रसाद ने प्रियंका गांधी से की खास बातचीत, सपा समर्थन पर दिया बड़ा बयान

न्यूज24 की एडिटर-इन-चीफ अनुराधा प्रसाद ने प्रियंका गांधी से पूछा कि कभी ऐसा मौका आया जब सभी को साथ आना पड़ा, तो आप अखिलेश को समर्थन देंगी?

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Saturday, 22 January, 2022
Last Modified:
Saturday, 22 January, 2022
nEWS247875

कांग्रेस महासचिव और यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी ने न्यूज24 के खास कार्यक्रम आमने-सामने में चुनावी नतीजों के बाद बनने वाले यूपी के संभावित समीकरणों के संकेत दिए। न्यूज24 की एडिटर-इन-चीफ अनुराधा प्रसाद ने प्रियंका गांधी से पूछा कि कभी ऐसा मौका आया जब सभी को साथ आना पड़ा, तो आप अखिलेश को समर्थन देंगी?

इस पर प्रियंका गांधी ने कहा, 'यदि ऐसी परिस्थितियां आई तो मुझे नहीं लगता कि इसमें कोई दिक्कत होगी।' इसके बाद अनुराधा प्रसाद ने पूछा कि यदि अखिलेश कुछ सीटों से पीछे रह जाएं तो कांग्रेस उन्हें समर्थन देगी? इसपर प्रियंका का जवाब था, 'बशर्ते मेरे युवाओं, महिलाओं का एजेंडा लागू हो'।

अनुराधा प्रसाद से बातचीत में प्रियंका ने साफ-साफ कहा कि वो विचारधारा की लड़ाई लड़ रही हैं और उनका मकसद महिलाओं को सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा, 'हम बहुत मजबूती से लड़ रहे हैं। सत्ता पाएंगे या नहीं? ये भविष्यवाणी तो मैं कर नहीं सकती हूं। लेकिन मैं ये कहना चाहती हूं कि जो हमारा संघर्ष हैं, वो महिलाओं और युवाओं के लिए है। किसी न किसी को तो इनकी बात करनी पड़ेगी। ये सिर्फ सत्ता में आने का माध्यम नहीं है।'

इंटरव्यू में प्रियंका गांधी ने कहा कि कांग्रेस ने जिन गरीब और कमजोर महिलाओं को उम्मीदवार बनाया है। पार्टी उनके साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। ऐसे में न्यूज24 की एडिटर-इन-चीफ अनुराधा प्रसाद ने पूछा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तो कांग्रेस के टिकट से लड़ रहे उम्मीदवारों के लिए चुनाव लड़ना आईसीयू में पड़े मरीज को मैराथन दौड़ने जैसा बताते हैं।

इस पर प्रियंका ने कहा, 'उनका काम है कहना, हमारा काम है करके दिखाना। उन्हें (योगी आदित्यनाथ) जहां-जहां मौका मिलता है, वे हमारे (लड़की हूं, लड़ सकती हूं) जैसे महत्वपूर्ण अभियान का, जिसके तहत हम महिलाओं का हक मांग रहे हैं, वे हमारे उम्मीदवारों के कपड़ों की बातें कर रहे हैं। वे चाहते हैं कि ये सब हल्का बन जाए। वे हल्की बातें कर रहे हैं।'

इंटरव्यू के दौरान प्रियंका गांधी ने साफ-साफ कहा कि 10 मार्च को नतीजे चाहे जो भी आए, वो महिलाओं और युवाओं के लिए संघर्ष करती रहेंगी। इंटरव्यू के दौरान प्रियंका ने अपनी घरेलू जिंदगी के भी कई राज खोले। उन्होंने बताया कि वो घर से लेकर बाहर तक हर रोल पूरी शिद्दत से निभाती हैं।

प्रियंका ने अपने किचन से जुड़ी कई बातें भी साझा की। उन्होंने कहा कि मैंने अपनी नानी से इटैलियन खाना सीखा, थाई खाना बनाती हूं, देसी खाना भी बनाती हूं। लेकिन मैं अपनी सासु मां के साथ कभी कॉन्पिटिशन नहीं करती हूं। उनका कढ़ी- चावल या राजमा-चावल गजब का होता है। मैंने उनसे कह दिया कि या तो मुझे सिखाओ या मैं कभी नहीं बनाऊंगी। वो इसे बहुत लजीज बनाती हैं।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

न्यूज की रेटिंग जारी करने के लिए BARC ने MIB से मांगा समय, उठे सवाल

सूचना-प्रसारण मंत्रालय ने जब से देश में टेलिविजन दर्शकों की संख्या मापने वाली संस्था ब्रॉडकास्टर्स ऑडियंस रिसर्च काउंसिल से तत्काल प्रभाव से न्यूज व्युअरशिप डेटा जारी करने के लिए कहा है

Last Modified:
Monday, 17 January, 2022
News Channel

सूचना-प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने जब से देश में टेलिविजन दर्शकों की संख्या मापने वाली संस्था ब्रॉडकास्टर्स ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (BARC) से तत्काल प्रभाव से न्यूज व्युअरशिप डेटा जारी करने के लिए कहा है, तब से अब तक हर दिन नए तथ्य सामने आ रहे हैं। उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक, BARC ने अक्टूबर 2020 से बंद पड़े न्यूज चैनल्स के दर्शकों की संख्या के आंकड़े जारी करने से पहले सूचना-प्रसारण मंत्रालय से 10 सप्ताह का समय मांगा है।

इस खबर ने प्रसारण क्षेत्र में सभी को हैरान कर दिया है कि BARC इंडिया को 10 सप्ताह के समय की आवश्यकता क्यों पड़ी है? जब वह पहले से ही न्यूज डेटा एकत्रित कर रहा है और न्यूज व आला चैनलों के लिए चार सप्ताह के औसत रोलिंग डेटा की रिपोर्टिंग की संशोधित प्रणाली के अनुसार इसका परीक्षण कर रहा है।

एक अनुभवी मीडिया व ऐडवर्टाइजिंग एग्जिक्यूटिव (जो मीडिया मेटरमेंट डोमेने विशेषज्ञ हैं) के मुताबिक,  वैसे तो काउंसिल दो सप्ताह में ही न्यूज चैनल्स के आंकड़े जारी कर सकती है, लेकिन ऐसा करने से पहले इसे कुछ प्रक्रियाओं का पालन करना होगा। सबसे पहले, BARC इंडिया को संशोधित प्रारूप के बारे में सभी न्यूज व आला चैनलों से संवाद करना होगा और पुराने डेटा के उपचार पर उनकी सहमति लेनी होगी। एक बार जब इसे सहमति मिल जाती है, तो उसे यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी चैनल नई प्रणाली से जुड़े गए हैं।

नाम न छापने की शर्त पर एग्जिक्यूटिव ने कहा, ‘उन्हें सभी ब्रॉडकास्टर्स को लिखना होगा और कई प्रोटोकॉल का पालन करना होगा। यह ब्रॉडकास्टर्स और स्टेकहोल्डर्स को संरेखित (aligning) करने को लेकर को होगा। वास्तविक रेटिंग दो सप्ताह में जारी की जा सकती है, क्योंकि वे पहले से ही रोलिंग एवरेज पर काम कर रहे थे। लिहाजा रोलिंग एवरेज डेटा का परिक्षण पहले ही किया जा चुका है। BARC को अब अलग-अलग ब्रॉडकास्टर्स से सहमति लेनी होगी कि क्या पुराने डेटा को दबाया जाए या नहीं और वे अपने चैनलों के लिए वास्तव में क्या चाहते हैं। इसके बाद  वे एक साल में कौन-कौन से 15 कार्यक्रमों के बारे जानकारी चाहते हैं, ताकि उन्हें लगभग 15 कार्यक्रमों के लिए अनरोल डेटा मिल सके।

एग्जिक्यूटिव ने आगे कहा कि यह मुद्दा प्रक्रियात्मक (procedural) यानी एक प्रक्रिया के तहत चलने वाला और तकनीकी (technical) दोनों से जुड़ा हैं। लिहाजा उन्हें सभी की सहमति लेनी होगी और फिर यह देखना होगा कि हर कोई उस तंत्र का हिस्सा है। कुछ चैनल कहेंगे कि ये 15 कार्यक्रम हैं, कुछ कहेंगे कि मेरे अन्य 15 अनरोल डेटा को स्पष्ट किया जाए क्योंकि यह मैन्युअल रूप से नहीं किया जा सकता है। इसके बाद उन्हें न्यूज व अन्य आला चैनलों से पूछना पड़ेगा, जिसमें बहुत समय लगेगा क्योंकि 300-400 से अधिक चैनल हैं। एक बार जब उन्हें सभी की प्रतिक्रिया मिल जाएगी, तो वे उस डेटा को स्पष्ट कर देंगे और फिर एक ट्रायल रन करेंगे।

एक मीडिया प्रफेशनल, जो BARC इंडिया की प्रणालियों और प्रक्रियाओं से अवगत है, ने कहा कि BARC को यह समझाने की जरूरत है कि डेटा जारी करने के लिए उसे 10 सप्ताह की जरूरत क्यों है, खासकर तब, जब उसका यूजर इंटरफेस न्यूज व अन्य आला चैनलों के चार हफ्ते के रोलिंग एवरेज डेटा को जारी करने में सक्षम है।  

एग्जिक्यूटिव ने कहा कि उनके पास डेटा है और यदि यूजर इंटरफेस चार सप्ताह का रोलिंग एवरेज डेटा प्रदान कर सकता है, तो BARC में किसी को यह बताना होगा कि आप 10 सप्ताह में क्या करना चाहते हैं और सिर्फ 10 सप्ताह ही क्यों? 15 सप्ताह या 6 महीने क्यों नहीं? BARC से यह सवाल भी पूछा जाए कि 'आप 10 सप्ताह में ऐसा क्या कर सकते हैं, जो आप अभी नहीं कर सकते?' उन्होंने कहा कि हमें उन पर विश्वास करना ही है, क्योंकि डेटा तो उनके पास है और उन्होंने कहा है यूजर इंटरफेस चार सप्ताह का रोलिंग एवरेज डेटा ही जारी कर सकता है जोकि न्यूज व अन्य चैनल के डेटा की रिपोर्टिंग के लिए नया प्रारूप है।

उन्होंने यह भी कहा कि डेटा जारी करने का तकनीकी पहलू सॉफ्टवेयर को अपडेट करने और यह सुनिश्चित करने तक सीमित है कि यह बिना किसी रुकावट के काम करे। उन्होंने कहा, ‘हर दिन जब सब्सक्राइबर्स अपने BARC के यूजर इंटरफेस पर जाते हैं, तो इसका सॉफ्टवेयर भी कभी-कभी किसी अन्य सॉफ्टवेयर की तरह अपडेट करने को कहता है। इसलिए सवाल नए सॉफ्टवेयर इंस्टाल करने और टेस्ट करने को लेकर है कि क्या यह सही तरीके से काम कर रहा है? यदि सब्सक्राइबर्स जिस सिस्टम पर काम कर रहे हैं वह नया यूजर इंटरफेस को संभाल पा रहा है, तभी आगे जाना सही होगा।’

मीडिया प्रफेशनल ने कहा कि BARC को पूरे सिस्टम की अखंडता (integrity) की रक्षा करने की जरूरत है। उन्होंने कहा,  ‘मीजरमेंट सिस्टम में एकमात्र यह होना चाहिए कि डेटा को सख्ती से सावधानीपूर्वक और अखंडता के साथ तैयार किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि डेटा 10 सप्ताह के बाद जारी किया जाता है तो वित्तीय वर्ष और विधानसभा चुनाव दोनों ही समाप्त हो जाएंगे।  

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

चर्चा में आए CM योगी के चुनाव लड़ने को लेकर आशुतोष के ये वीडियो, यूजर्स ने उठाए सवाल

यूपी समेत पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव का बिगुल बज गया है और सभी पार्टियों ने चुनाव के लिए कमर कस ली है।

Last Modified:
Sunday, 16 January, 2022
YOGI ADITYANATH ASHUTOSH

यूपी समेत पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव का बिगुल बज गया है और सभी पार्टियों ने चुनाव के लिए कमर कस ली है। इसी बीच सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी ने प्रत्याशियों की पहली लिस्ट जारी कर दी है। बीजेपी ने गोरखपुर की सीट से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को उम्मीदवार बनाया है, हालांकि इससे पहले मीडिया में ये कयास लगाए जा रहे थे कि सीएम योगी अयोध्या से चुनाव लड़ सकते हैं।

दरअसल, उम्मीद ये जताई जा रही थी कि राम मंदिर निर्माण कार्य को लेकर हिंदुओं में जो उत्साह है, उसका फायदा बीजेपी को मिल सकता है, लेकिन पार्टी ने सीएम योगी को उन्हीं के निर्वाचन क्षेत्र गोरखपुर से विधानसभा का टिकट दिया है, जहां से वह सांसद रहे हैं।

इसी बीच स्वतंत्र पत्रकार और ‘सत्यहिंदी’ (Satyahindi)’ नामक यूट्यूब चैनल के संपादक आशुतोष के दो वीडियो चर्चा में बने हुए हैं। दरअसल, दो दिन पहले ‘आशुतोष की बात‘ में उन्होंने एक चर्चा का आयोजन किया जिसका टाइटल था ‘गोरखपुर से क्यों भाग रहे हैं योगी‘।

इस चर्चा की शुरुआत में आप उन्हें यह कहते हुए सुन सकते हैं कि गोरखपुर में उनके लिए कोई सुरक्षित सीट नहीं है और आलोचकों की मानें तो वो गोरखपुर से भाग रहे हैं। आगे वो कहते हैं कि वर्तमान में धर्म और राजनीति की बुलंदी पर होते हुए भी वो गोरखपुर से क्यों नहीं लड़ रहे?

उनका ये वीडियो तब का है, जब भाजपा ने टिकट का ऐलान नहीं किया, लेकिन जैसे ही पार्टी ने ऐलान किया कि वो गोरखपुर से लड़ेंगे, तब उन्होंने एक और चर्चा का आयोजन किया और उसका टाइटल था, ‘गोरखपुर से ही क्यों लड़ेंगे योगी?’

इस वीडियो की शुरुआत में वह सवाल खड़ा करते हुए आशुतोष कह रहे हैं, ‘अब देखते हैं कि गोरखपुर उनके लिए कितनी मुफीद सीट साबित होगी‘ जबकि पहले वीडियो में वह कह रहे हैं कि इस वक्त योगी राजनीति की बुलंदी पर हैं तो वह गोरखपुर से क्यों नहीं लड़ रहे, जहां से वह पांच बार सांसद रहे?

दरअसल उनकी इन दो चर्चाओं का टाइटल देखकर लोग उनके राजनीतिक विमर्श को लेकर आश्चर्य व्यक्त कर रहे हैं। अगर हम दो टाइटल को एक साथ देखें तो यह समझना बेहद मुश्किल हो जाता है कि जब उनके अयोध्या से लड़ने की बात उठी तो आशुतोष कह रहे हैं कि वो भाग रहे हैं और जैसे ही यह ऐलान हुआ कि वह गोरखपुर से ही लड़ रहे हैं तो चर्चा अब इस बात पर हो रही है कि वह गोरखपुर से ही क्यों लड़ रहे हैं।

आप उनके इन दोनों वीडियो को ‘सत्यहिंदी‘ के यूट्यूब चैनल के अलावा यहां भी देख सकते हैं।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

अब इस बड़े पद पर News Nation पहुंचे वरिष्ठ पत्रकार विकास मिश्र

‘टीवी टुडे नेटवर्क’ के हिंदी न्यूज चैनल ‘आजतक’ (AAJTAK) से पिछले दिनों इस्तीफा देने के बाद वरिष्ठ पत्रकार विकास मिश्र ने अपने नए सफर की शुरुआत की है।

Last Modified:
Sunday, 16 January, 2022
Vikas Mishra

‘टीवी टुडे नेटवर्क’ के हिंदी न्यूज चैनल ‘आजतक’ (AAJTAK) से पिछले दिनों इस्तीफा देने के बाद वरिष्ठ पत्रकार विकास मिश्र ने अपने नए सफर की शुरुआत की है। उन्होंने अब हिंदी न्यूज चैनल ‘न्यूज नेशन’ (News Nation) में बतौर एग्जिक्यूटिव एडिटर जॉइन किया है।

बता दें कि गोरखपुर के मूल निवासी विकास ने करीब एक दशक पूर्व ‘आजतक’ में बतौर सीनियर प्रड्यूसर जॉइन किया था और इन दिनों डिप्टी एग्जिक्यूटिव प्रड्यूसर के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे। ‘आजतक’ के साथ यह उनकी दूसरी पारी थी। इससे पहले भी वह इस चैनल में करीब सवा साल तक अपनी भूमिका निभा चुके थे।

‘आईआईएमसी’ के छात्र रहे विकास मिश्र दो दशक से ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। इससे पहले वह ‘महुआ न्यूज’, ‘न्यूज 24’, ‘आजतक’ और ‘चैनल7’ (पूर्व में आईबीएन-7)  में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। प्रिंट में भी विकास ने ‘अमर उजाला’ और ‘दैनिक जागरण’ के साथ काम किया है।

समाचार4मीडिया की ओर से विकास मिश्र को उनके नए सफर के लिए ढेरों शुभकामनाएं।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

चुनावी दौर में ABP न्यूज लाया 'मुख्यमंत्री', यह है खासियत

'मुख्यमंत्री' का प्रीमियर 60 मिनट के प्राइमटाइम शो के रूप में रविवार 16 जनवरी को रात नौ बजे किया जाएगा।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Saturday, 15 January, 2022
Last Modified:
Saturday, 15 January, 2022
Mukhyamantri

पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान होते ही राजनीतिक सरगर्मियां एकाएक तेज हो गई हैं। अब चूंकि चुनावों में महज कुछ ही हफ्तों का समय रह गया है, ऐसे में तमाम टीवी चैनल्स भी अपनी कवरेज में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते हैं। इन सबके बीच ‘एबीपी न्यूज’ इस चुनावी मौसम के लिए अपना प्रमुख चुनावी कार्यक्रम 'मुख्यमंत्री' शुरू करने के लिए तैयार है।

अपने पिछले अवतारों की तरह, यह शो एक बार फिर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी समेत तमाम महत्वपूर्ण राजनीतिक हस्तियों की जीवन यात्रा को प्रमुखता से अपने दर्शकों तक पहुंचाएगा। 'मुख्यमंत्री' का प्रीमियर 60 मिनट के प्राइमटाइम शो के रूप में रविवार 16 जनवरी को रात नौ बजे होगा और उसके बाद के एपिसोड अगले कुछ हफ्तों में उसी टाइम स्लॉट के दौरान प्रसारित किए जाएंगे।

'एबीपी न्यूज' की ओर से इस शो के बारे में कहा गया है कि प्रीमियर एपिसोड में ही राजनीतिक रूप से ऐसे बड़े खिलाड़ी शामिल होंगे, जो निवर्तमान मुख्यमंत्री हैं अथवा इन चुनावों में उन्हें चुनौती देने जा रहे हैं। 'मुख्यमंत्री' का उद्देश्य केवल एक स्टोरी सुनाना नहीं है, बल्कि एक विशेष सार्वजनिक व्यक्तित्व की कहानी को चित्रित करना है, जो अपनी पहचान को और मजबूती दे रहे हैं।

'मुख्यमंत्री' एबीपी न्यूज की लोकप्रिय चुनावी प्रॉपर्टी 'कौन बनेगा मुख्यमंत्री' के तहत आता है, जो दर्शकों को भारत में व्यापक चुनावी कवरेज प्रदान करता है, जिसमें लाइव ऑन-द-ग्राउंड डिबेट, राज्य की राजनीति और इतिहास पर सावधानीपूर्वक तैयार किए गए कंटेंट, एक यात्रा वृत्तांत, ओपिनियन सर्वे, एग्जिट पोल्स, मतगणना के दिन की पूरी कवरेज आदि शामिल हैं।

'मुख्यमंत्री' की लॉन्चिंग के बारे में 'एबीपी नेटवर्क' के सीईओ अविनाश पांडेय का कहना है, ' हमें अपने चुनावी कवरेज के हिस्से के रूप में अपने व्युअर्स के लिए नई पेशकश पेश करते हुए काफी खुशी हो रही है। यह अपनी तरह का अनूठा शो है, क्योंकि इसमें लोगों से जुड़ाव की एक अलग शैली का इस्तेमाल किया गया है। हम यह देखने के लिए उत्साहित हैं कि व्युअर्स इस न्यूज डॉक्यूमेंट्री स्टाइल को किस तरह लेते हैं। हालांकि, हम इस बात को लेकर आश्वस्त हैं कि दर्शकों की वरीयताओं और हमारी अनूठी कंटेंट क्रिएशन की क्षमताओं के कारण हमारा यह शो एक बार फिर लाखों लोगों की कल्पनाओं पर साकार उतरेगा और उनके दिलों पर राज करेगा।'

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए