वाकई में ‘भौकाल‌’ काट दिया ‘आजतक’ ने

आजतक की भौकाली की चर्चा उसके विपक्षी चैनलों के पत्रकारों के साथ-साथ आम जनता भी कर रही है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Monday, 04 November, 2019
Last Modified:
Monday, 04 November, 2019
AajTak

‘भौकाल‌’ काट दिया आजतक ने और ये केवल हम नहीं कह रहे,  बल्कि आजतक की भौकाली की चर्चा उसके विपक्षी चैनलों के पत्रकार भी कर रहे हैं और दिल्ली-एनसीआर की आम जनता भी कर रही है। देशभर में टीवी पर जो इनके शोज को लाइव देख रहे थे, वह भी कर रहे हैं। आजतक की भौकाली की चर्चा की वजह बना है, उनके सालाना जलसा 'साहित्य आजतक' का शानदार कार्यक्रम। 3 दिन का यह जश्न मनाया गया दिल्ली के इंदिरा गांधी नेशनल आर्ट सेंटर में।

पब्लिक की नजर से सोचकर देखिए तो एक कार्यक्रम, जिसमें बिना टिकट एंट्री, 3 दिन में करीब 200 सेलिब्रिटीज, इनमें से कई के साथ बिना लाइन के सेल्फी लेने का मौका भी। कैलाश खेर, इम्तियाज अली, अनुपम खेर, शोभा मुद्गल जैसे फिल्म और म्यूजिक की दुनिया के सितारे तो थे ही, चेतन भगत जैसे राइटर्स, राहत इंदौरी जैसे शायर और कुमार विश्वास, सुरेंद्र शर्मा जैसे नामचीन कवि भी थे। जिन चेहरों को आप टीवी पर देखते हैं, वो चेहरे आपको उस कार्यक्रम में एक से दूसरे स्टेज के बीच हर 50 मीटर के फासले पर दिख रहे थे और ऐसे में शायद ही कोई हो, जिसको आप सेल्फी लेने के लिए कहते‌ और वो मना कर दे।

पब्लिक तो 3 दिन के इस समारोह में इतनी दीवानी थी कि गेट से एंट्री करने के बाद आजतक और इंडिया टुडे ग्रुप के जिन एंकर्स के कटआउट लगे हुए थे, उन्हीं के साथ फोटो खिंचवाकर खुश हो रही थी। इन‌ एंकर्स में सबसे आगे नजर आ रहे थे, अपनी चिर परिचित मुस्कान के साथ चेहरे पर सौम्यता लिए सईद अंसारी। इनमें राजदीप सरदेसाई, रोहित सरदाना, श्वेता सिंह, चित्रा त्रिपाठी, राहुल कंवल और निशांत चतुर्वेदी जैसे चेहरे तो थे ही, अंजना ओम कश्यप के कटआउट के चेहरे पर वही तेवर नजर आ रहे थे, जिन तेवरों के लिए वो जानी जाती हैं। ऐसे में जो भी आता था और जो जिस एंकर का फैन था, उसके साथ, उसके आदमकद कटआउट के साथ तस्वीरें लेने का मौका नहीं चूक रहा था।

यूं तो सेल्फी लेने के इस समारोह में कई पॉइंट थे, लेकिन ऐसे लोग जो अपना हुनर प्रदर्शित करने के लिए मंच तलाश रहे थे उनकी चहेती मंजिल थी 'माइक के लाल', जिसका जिक्र खुद अपने भाषण में टीवी टुडे ग्रुप की वाइस चेयरमैन कली पुरी ने किया था। कोई व्यक्ति जिसे लगता है कि उसके अंदर हुनर है, कविता गा सकता है,  कहानी सुना सकता है, गाना गा सकता है, शायरी कर सकता है,  'माइक के लाल' आजतक की तरफ से 'साहित्य आजतक' में उन सबके लिए सबसे बड़ा तोहफा था।

जो लोग भी अंदर आ रहे थे, उनको ऐसे लग रहा था जैसे ट्रेड फेयर मैं आ गए हों, जहां उन्हें हर हॉल में कुछ न कुछ मिलेगा यहां शॉपिंग के नाम पर पर एक कोने में बुक फेयर जरूर था, जहां कई बड़े पब्लिशर्स अपने-अपने स्टाल के साथ मौजूद थे।

आइसक्रीम, बर्गर जैसी चीजें मिल रही थीं और मिल रही थी चाय, वो भी टीवी टुडे ग्रुप की तरफ से बिल्कुल मुफ्त लेकिन बाकी सारे हॉल्स में था उनके मिजाज और तबीयत के हिसाब से मनोरंजन करने का पूरा मौका। किसी मंच पर साहित्य लेखिकाओं के बीच सईद अंसारी एक अलग अंदाज में गुफ्तगू कर रहे थे, तो  किसी हॉल में कवि सम्मेलन चल रहा था, जिसको होस्ट करते हुए चित्रा त्रिपाठी मशहूर कवियों की लाइंस बीच-बीच में सुना रही थीं, तो किसी में रोहित सरदाना देश के बड़े नेताओं की किताबें लिखने वाले लेखकों के  साथ पॉलिटिकल चर्चा करते हुए राजनीति के कई डिस्कोर्स पर बात कर रहे थे, तो किसी मंच पर शम्स ताहिर खान भूतों पर चर्चा कर रहे थे। किसी मंच पर हिंदी के अलावा किसी दूसरी भाषा में डिस्कशन चल रहा था, किसी मंच पर किसी की बुक लॉन्च हो रही थी तो किसी मंच पर कोई सेलिब्रिटी डायरेक्टर या सिंगर अपनी प्रेजेंटेशन दे रहा था और यह सब बिना लाइन, बिना किसी धक्का-मुक्की के।

यानी आप अपने मन चाहे किसी भी कार्यक्रम का आनंद उठा सकते थे। साहित्य आजतक में इस बार कई भाषाओं के लिए कार्यक्रम रखे गए थे और खासतौर पर इंग्लिश के लिए एक अलग से मंच बनाया गया था, जहां इंग्लिश की किताबों पर, इंग्लिश के साहित्य पर चर्चा हो रही थी। तमाम जानी-मानी अंग्रेजी साहित्य की हस्तियां‌ इस चर्चा में शामिल थीं। यहां तक कि इरॉटिक साहित्य जैसे विषयों पर भी। इस विषय पर आमतौर पर हिंदी में चर्चा नहीं होती। सबसे खास थी आजतक की कला प्रदर्शनी। 17 बड़े पेंटर्स की पेंटिंग्स की प्रदर्शनी के साथ-साथ कलाओं से जुड़े तमाम उत्पाद वहां प्रदर्शित किए गए थे।

कुल मिलाकर साहित्य में म्यूजिक का तड़का तो लोगों को खींचकर ला ही रहा था, आर्ट पेंटिंग जैसी विधाओं से जोड़कर साहित्य आजतक को एक विशाल कैनवास दे दिया गया था। हर मंच के बाहर इंडिया टुडे की साहित्य वार्षिकी का विशेषांक भी बिकता नजर आ रहा था। इंडिया टुडे के संपादक अंशुमान तिवारी और उनकी टीम के मनीष दीक्षित आदि पत्रकार भी एक कोने से दूसरे कोने में जायजा लेते हुए नजर आ रहे थे।

3 दिन के समारोह के जरिए टीवी टुडे ग्रुप ने यह साबित कर दिया कि वह केवल टीआरपी में ही नंबर वन नहीं है, बल्कि वाकई में भारत की नब्ज समझता है और भारत में मीडिया का नंबर वन  ब्रैंड है। कम से कम इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का तो। साहित्य आजतक के चौथे एडिशन को उसने जिस तरह से मेले का रूप दिया, उनकी टीम की मेहनत देखी जा रही थी। खुद कली पुरी और अरुण पुरी कई कार्यक्रमों में वहां मौजूद रहे। इन 3 दिनों में आजतक के एडिटोरियल हेड सुप्रिय प्रसाद एक सभागार से दूसरी मंच पर भागते-दौड़ते नजर आ रहे थे। इस कार्यक्रम ने जिस तरह से दूसरे चैनल्स के लोगों को, बड़े-बड़े बड़े पत्रकारों को आने पर मजबूर कर दिया, वो देखने लायक था।

सुप्रिय प्रसाद खुद जाकर उन लोगों को अपनी तैयारियां दिखा रहे थे, बीच-बीच में फोन पर चैनल में क्या चलना है, वह बता रहे थे। कौन से स्टेज पर लगातार चलने वाला कार्यक्रम रुक गया, वहां निर्देश दे रहे थे। एक अच्छे लीडर के तौर पर साथी एंकर नेहा बाथम का जन्मदिन भी उन्होंने वहां मनाया। आजतक एचडी की कमान संभालने वाले अपने साथी संजीव पालीवाल की बुक 'नैना' की लॉन्चिंग में डिस्कशन में भी उनको बैठे देखा गया। ऐसे में दूसरे चैनल्स के पत्रकारों के केवल चेहरे के रिएक्शंस बता रहे थे कि आजतक ने वाकई में भौकाल काट दिया है।

कार्यक्रम की कुछ झलकियां...

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न्यूज नेशन के आउटपुट हेड का इस्तीफा, कई तरह की चर्चा

पिछले हफ्ते इस्तीफा देने के बाद से ही उन्होंने ऑफिस आना भी छोड़ दिया है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Monday, 18 November, 2019
Last Modified:
Monday, 18 November, 2019
News Nation

हिंदी टीवी न्यूज में अपनी ही गति से चल रहे चैनल ‘न्यूज नेशन’ से खबर है कि वहां आउटपुट टीम की कमान संभाल रहे वरिष्ठ पत्रकार चंद्रभान सोलंकी ने संस्थान को अलविदा कह दिया है। बताया जा रहा है कि पिछले हफ्ते इस्तीफा देने के बाद से ही उन्होंने ऑफिस आना भी छोड़ दिया है। उल्लेखनीय है कि अर्थव्यवस्था के नजरिए से मीडिया के लिए ये मुश्किल समय है, ऐसे में अधिकांश मीडिया संस्थान कॉस्ट कटिंग के रास्ते खोजने की जुगत में हैं।

बताया जा रहा है कि ‘न्यूज नेशन’ में भी एक मीटिंग के अंतर्गत घटते रेवेन्यू पर चिंता जताई गई थी। इस मीटिंग के दूसरे दिन ही चंद्रभान ने इस्तीफा दे दिया। माना जा रहा है कि उनके पास किसी और संस्थान से अच्छा ऑफर है, इसलिए उन्होंने मुश्किल समय में संस्थान को अलविदा कहना ही उचित समझा है।

वैसे इससे पहले चैनल के असाइनमेंट हेड ब्रजमोहन भी संस्थान को अलविदा कह चुके हैं। बताया ये भी जा रहा है कि शायद चैनल में कोई बड़ा फेरबदल हो सकता है, जिसके चलते पुराने लोग असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

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मुशर्रफ जैसा 'दांव' चलाया कुरैशी ने लेकिन इस भारतीय पत्रकार ने यूं कर दिया फेल

करतारपुर कॉरिडोर के पाकिस्तान में उद्घाटन कार्यक्रम को कवर करने के लिए भारत से कई मीडिया समूहों के पत्रकार गए थे

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Saturday, 16 November, 2019
Last Modified:
Saturday, 16 November, 2019
journalist

आपको याद होगा परवेज मुशर्रफ का वह आगरा दौरा, जिसमें मुशर्रफ को अटल बिहारी बाजपेयी से मिलने से पहले भारतीय मीडिया के दिग्गजों से मिलना था और वह मीटिंग शुरू हुई कि अचानक मुशर्रफ की टीम ने वह मुलाकात पाकिस्तान के चैनलों पर लाइव दिखानी शुरू कर दी और यह बात केवल मुशर्रफ को पता थी। मुशर्रफ ने भारतीय मीडिया के दिग्गजों के सामने कश्मीर को लेकर भारतीय सरकार की खामियां और ज्यादतियां गिनानी शुरू कर दीं। मुशर्रफ विदेशी मेहमान थे और बड़े ओहदे पर थे तो भारतीय पत्रकार लिहाज कर गए और सुनते रहे। लेकिन वह मुशर्रफ की चालाकी को नहीं समझ पाए और पाकिस्तान के टीवी चैनल्स ने चलाया कि भारतीय मीडिया के दिग्गज भी कश्मीर में भारतीय सरकार की ज्यादतियों को बखूबी जानते हैं, तभी मुशर्रफ की बात का विरोध नहीं किया।

मुशर्रफ का यह दांव उस वक्त पाकिस्तकान की जनता व इंटरनेशनल मीडिया में काफी तारीफें बटोर गया, लेकिन करतारपुर कॉरिडोर के उद्घाटन कार्यक्रम में पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने यही दांव आजमाया, जिसे एक भारतीय पत्रकार ने फेल कर दिया।

हालांकि, यह कहानी 9 नवंबर की है और ज्यादातर पत्रकारों को पता भी चल चुकी है, लेकिन इस हफ्ते की सबसे सुपरहिट कहानी है तो samachar4media एक पत्रकार की कूटनीतिक चतुराई को देश के कोने-कोने के पत्रकारों तक पहुंचाना चाहती है, पत्रकारिता के छात्रों तक पहुंचाना चाहती है। हम जिस पत्रकार की बात कर रहे हैं, उनका नाम है संजीव त्रिवेदी जो News24 से जुड़े हैं। वह लगभग दो दशक से नेशनल मीडिया में काम कर रहे हैं और अपनी ब्रेकिंग खबरों से ज्यादा खबरों के विश्लेषण के लिए जाने जाते हैं। आमतौर पर संजीव त्रिवेदी को तीसरे फ्रंट की राजनीति को कवर करने के लिए जाना जाता रहा है, लेकिन जिस तरह से उन्होंने पाकिस्तान के विदेश मंत्री कुरैशी को जवाब दिया, उससे तमाम राष्ट्रवादी पत्रकार भी सीख ले सकते हैं।

दरअसल हुआ यूं कि करतारपुर कॉरिडोर के पाकिस्तान में उद्घाटन कार्यक्रम को कवर करने के लिए भारत से कई मीडिया समूहों के पत्रकार वहां गए थे। उन्हें गवर्नर हाउस में ठहराया गया था कि अचानक से वहां एंट्री होती है महमूद कुरैशी की। उनका यह दौरा अप्रत्याशित था, किसी भी भारतीय पत्रकार को उसकी जानकारी नहीं थी। अचानक से कुरैशी भारत सरकार पर आरोप लगाने लगे कि वह कैसे कश्मीरियों पर ज्यादती कर रही है, सारे भारतीय पत्रकार एकदम से सकते में आ गए। एक बार तो लगा कि कई फिर से आगरा जैसा कांड ना हो जाए, क्योंकि पाकिस्तानी चैनल्स के कैमरे चालू थे।

इसी बीच संजीव त्रिवेदी ने कमान संभाल ली और तमाम सिक्योरिटी गार्ड्स से घिरे कुरैशी से उल्टा सवाल पूछ डाला कि करतारपुर कॉरिडोर के कार्यक्रम में आप खालिस्तान को क्यों बढ़ावा दे रहे हैं? अचानक हुए सवाल से कुरैशी सकपका गए। संजीव त्रिवेदी ने उनके सिक्योरिटी ऑफिसर्स की टेढ़ी निगाहों के बावजूद अपने सवाल जारी रखे। कुरैशी ने उन्हें उंगली दिखाते हुए गुस्से में कुछ कहने की कोशिश की, लेकिन संजीव नहीं रुके।

फाइनली कुरैशी को वहां से जाना पड़ा, लेकिन बाद में संजीव त्रिवेदी ने यह विडियो अपने ट्विटर अकाउंट पर शेयर किया तो भारत समेत दुनिया के तमाम पत्रकारों ने इसे शेयर किया और संजीव की तारीफ की। हजारों रिट्वीट और लाइक्स संजीव को इस विडियो के लिए मिल चुके हैं।

आप भी यह विडियो यहां देख सकते हैं-

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वरिष्ठ खेल पत्रकार नीरज झा ने इस बड़े पद पर शुरू किया नया सफर

पत्रकार विधांशु कुमार के साथ मिलकर 'विराट: द मेकिंग ऑफ ए चैम्पियन' नाम से एक किताब भी लिख चुके हैं नीरज झा

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Saturday, 16 November, 2019
Last Modified:
Saturday, 16 November, 2019
Neeraj Jha

‘डिस्कवरी कम्युनिकेशंस’ (इंडिया) से एक बड़ी खबर सामने आई है। खबर ये है कि खेल पत्रकार नीरज झा ने बतौर हेड (प्रोग्रामिंग और प्रॉडक्शन) के पद पर जॉइन किया है। एक टीवी जर्नलिस्ट/शो प्रड्यूसर और लाइव स्पोर्ट ब्रॉडकास्टर के रूप में विभिन्न देशों में काम करने का नीरज झा को करीब 20 साल का अनुभव है।

‘डिस्कवरी कम्युनिकेशंस’ (इंडिया) को जॉइन करने से पहले वह करीब दो साल से फ्रीलॉन्स स्पोर्ट्स ब्रॉडकास्टर के रूप में काम कर रहे थे। ‘इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन’ (IIMC) से रेडियो और टीवी जर्नलिज्म की पढ़ाई करने वाले नीरज झा ‘Seetalk' नामक एक एनजीओ के को-फाउंडर भी रह चुके हैं।

नीरज झा ने वर्ष 2001 में अपने करियर की शुरुआत ‘TRANS WORLD INTERNATIONAL’ के साथ की थी। यहां वह ‘Zee News’ के लिए आधा घंटे का न्यूज बुलेटिन प्रड्यूस करते थे। करीब 11 महीने बाद ही उन्होंने यहां से अलविदा कहकर वर्ष 2002 में ‘ईटीवी भारत’ का दामन थाम लिया और प्रड्यूसर व प्रोग्राम एग्जिक्यूटिव के तौर पर करीब दो साल काम किया। जून 2004 में यहां से बाय बोलकर वह करेसपॉन्डेंट/एसोसिएट प्रड्यूसर के तौर पर ‘Zee News’ से जुड़ गए।

इस मीडिया संस्थान में करीब सवा साल काम करने के बाद नीरज झा ‘TAJ TV’ (Ten Sports, Ten Cricket, Ten Action)  के साथ जुड़ गए। यहां उन्होंने करीब साढ़े 12 साल लंबी पारी खेली और फिर फ्रीलॉन्स स्पोर्ट्स ब्रॉडकास्टर के रूप में काम शुरू कर दिया। अब उन्होंने अपनी नई पारी ‘डिस्कवरी कम्युनिकेशंस’ (इंडिया) के साथ शुरू की है। नीरज झा ने खेल पत्रकार विधांशु कुमार के साथ मिलकर  'विराट: द मेकिंग ऑफ ए चैम्पियन' नाम से एक किताब भी लिखी है।

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सोशल मीडिया पर घिरे दीपक चौरसिया को कुछ यूं मिला 'अपनों' का साथ

पहले ‘#arrestdeepakchaurasia’ टॉप 10 में ट्रेंड कर रहा था, अब ‘#indiawithdeepakchaurasia’ ऊपर आ गया है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Friday, 15 November, 2019
Last Modified:
Friday, 15 November, 2019
Deepak Chaurasia

पत्रकार का काम होता है झूठ की परतों में छिपे सच को सबके सामने लाना और यदि इसके लिए उसे निशाना बनाया जाए, सोशल मीडिया पर उसके खिलाफ अभियान चलाया जाए तो क्या कोई पत्रकार ईमानदारी से अपना काम कर पाएगा? दीपक चौरसिया और उनके जैसे पत्रकार आज यही सवाल पूछ रहे हैं। आसाराम बापू को जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाने में अहम किरदार निभाने वाले चौरसिया को आसाराम बापू के समर्थकों द्वारा निशाना बनाया जा रहा है।

हालांकि, उन पर शाब्दिक हमले पहले भी होते रहे हैं, उनके परिवार को धमकियां भी मिली हैं, लेकिन इस बार सोशल मीडिया पर इस अभियान को जबरदस्त तरीके से चलाया जा रहा है। सोशल मीडिया पर ‘अरेस्ट दीपक चौरसिया’ ट्रेंड कर रहा है। बापू समर्थक उनकी गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। ये बात अलग है कि दीपक पर इसका कोई असर नहीं है। उन्होंने साफ कर दिया है कि यदि आसाराम बापू को जेल भिजवाने के लिए उन्हें जेल भी जाना पड़ा तो वह इसके लिए तैयार हैं।

दरअसल, दीपक चौरसिया के खिलाफ कुछ साल पहले आसाराम बापू के एक भक्त ने एफआईआर दर्ज कराई थी। इस मामले की सुनवाई के बाद एकदम से बापू समर्थकों का गुस्सा फूट पड़ा है और उन्होंने सोशल मीडिया पर हमले शुरू कर दिए हैं।

आसाराम समर्थकों द्वारा पूछा जा रहा है कि जब वरिष्ठ पत्रकार दीपक चौरसिया के खिलाफ पास्को कानून के तहत मुकदमा दर्ज है तो फिर उन्हें गिरफ्तार क्यों नहीं किया जा रहा?

यह मामला उस समय का है जब दीपक ‘इंडिया न्यूज’ में थे। आरोपों के मुताबिक, टीआरपी बढ़ाने के लिए दीपक ने गुरुग्राम निवासी आसाराम के भक्त के निजी विडियो से छेड़छाड़ कर चैनल पर दिखाया। विडियो के माध्यम से परिवार की 10 वर्षीय बच्ची और उसकी ताई के चरित्र को कलंकित करने का प्रयास किया गया। यह भी कहा गया है कि इंडिया न्यूज चैनल पर प्रसारित कार्यक्रम ‘सलाखें’ के प्रदर्शन में तथ्यों को तोड़मरोड़कर प्रस्तुत किया गया। कुछ आपत्तिजनक क्लिपिंग दिखाई गईं, जो कि कानूनन अपराध है। इन आरोपों के बाद दीपक के खिलाफ गुरुग्राम पुलिस ने मामला दर्ज किया, जिसकी सुनवाई के बाद एक बार फिर से चौरसिया की गिरफ्तारी की मांग उठने लगी है।

हालांकि, दीपक चौरसिया के समर्थन में भी आवाज उठ रही है। पहले ‘#arrestdeepakchaurasia’ टॉप 10 में ट्रेंड कर रहा था, अब ‘#indiawithdeepakchaurasia’ ऊपर आ गया है।

‘एनडीटीवी इंडिया’ के अखिलेश शर्मा और ‘आजतक’ के रोहित सरदाना सहित कई पत्रकारों ने दीपक के समर्थन में ट्वीट किये हैं। अखिलेश ने लिखा है, ‘वरिष्ठ पत्रकार दीपक चौरसिया ने कई हाईप्रोफाइल मामलों में पीड़ितों को न्याय दिलाया है। उन्हें अपने काम के लिए निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए’।

वहीं, रोहित ने ट्वीट किया है, ‘पत्रकार अपना काम करता है, कानून अपना। उसके लिए घर/परिवार को धमकियां देना या सोशल मीडिया पर रोज ट्रेंड चलवा कर गालियां दिलवाना कौन सी न्याय की लड़ाई है’?

'एबीपी न्यूज' की एंकर रूबिका लियाकत ने दीपक चौरसिया की गिरफ्तारी की मांग करने वालों को आड़े हाथ लिया है। उन्होंने कहा है कि ऐसे लोगों को इलाज की जरूरत है।

वहीं, 'आजतक' की मशहूर एंकर चित्रा त्रिपाठी ने भी फर्जी बाबाओं की गिरफ्तारी में मीडिया के योगदान को बताते हुए दीपक चौरसिया को समर्थन दिया है। उनका भी कहना है कि ईमानदार पत्रकारों को इस तरह निशाना बनाया जाना ठीक नहीं है।

'आजतक' के वरिष्ठ पत्रकार संजीव पालीवाल ने भी ऐसे फर्जी बाबाओं का भंडाफोड़ करने वाले पत्रकारों की जरूरत पर बल दिया है। 

'टीवी9 भारतवर्ष' की सीनियर एंकर सुमैरा खान का कहना है कि पत्रकारों के साथ इस तरह का व्यवहार नहीं होना चाहिए। यह कतई स्वीकार्य नहीं है। पत्रकार अपना काम कर रहे हैं और इस तरह उन्हें निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए।

इधर, सोशल मीडिया पर दीपक चौरसिया के समर्थन में उतरे लोगों का कहना है कि दीपक चौरसिया ने मीडिया में अपना एक अलग मुकाम स्थापित किया है। उनकी धारधार रिपोर्टिंग और सच को खोज निकालने की लालसा की बदौलत कई ऐसे मामलों को अंजाम तक पहुंचाया जा सका है, जो शायद तारीखों के फेर में ही उलझे रहते। लिहाजा, उन्हें ऐसे मामले को लेकर निशाना बनाना पत्रकारिता और पत्रकारों के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं। लोगों का यह भी कहना है कि अगर पत्रकारों को सच दिखाने के लिए गालियां और धमकियां मिलेंगी, तो फिर सच कहने का साहस कौन दिखा पाएगा? 

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हरियाणा में मंत्रियों को लेकर सही साबित हुआ इस टीवी पत्रकार का दावा

14 नवंबर को शपथ ग्रहण समारोह से ठीक 24 घंटे पहले कर दिया था इन नामों का खुलासा

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Friday, 15 November, 2019
Last Modified:
Friday, 15 November, 2019
Journalist

हरियाणा में जब से ‘भारतीय जनता पार्टी’ (बीजेपी) और ‘जननायक जनता पार्टी’ (जेजेपी) की संयुक्त सरकार बनी थी मंत्रियों के नाम और विभागों के बंटवारे को लेकर तमाम कयास लगाए जा रहे थे। ऐसे में 14 नवंबर को शपथ ग्रहण समारोह हुआ और उससे ठीक 24 घंटे पहले एक टीवी पत्रकार ने इन कैबिनेट मंत्रियों और राज्य मंत्रियों के नामों का खुलासा कर दिया। ये टीवी पत्रकार हैं ‘टोटल टीवी’ के ब्यूरो चीफ विनोद लांबा। 17 दिन तक कशमकश में रहने के बाद फाइनली खट्टर-दुष्यंत की सरकार ने अपने मंत्रियों को शपथ दिलवाई। कुल 10 नए मंत्रियों को शपथ दिलाई गई, जिनमें से छह कैबिनेट और चार राज्य मंत्री हैं। अब मंत्रियों की कुल संख्या 12 हो गई है।

विनोद लांबा ने अपनी फेसबुक पोस्ट में इनमें से नौ नए मंत्रियों के नाम एक दिन पहले ही लिख दिए थे। उन्होंने मंत्रियों के नाम बताए थे-अनिल विज, कंवरपाल गुर्जर, मूल चंद्र शर्मा, रणजीत सिंह चौटाला, जेपी दलाल, बनवारी लाल, ओम प्रकाश यादव, कमलेश ढांडा और संदीप सिंह।

जब मंत्रियों की शपथ से पहले नामों का खुलासा हुआ तो यही सारे नाम थे। अनिल विज को इस बार गृह मंत्रालय दिया गया है, साथ में स्वास्थ्य विभाग समेत सात विभाग दिए गए हैं। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष कंवरपाल गुर्जर को शिक्षा, वन, पर्यटन के साथ पांच विभागों दिए गए हैं। पंडित मूलचंद शर्मा को परिवहन, अवैध खनन समेत चार विभाग मिले हैं। जेपी दलाल को कृषि एवं पशुपालन समेत चार विभागों की जिम्मेदारी मिली है। पूर्व मंत्री डॉ. बनवारी लाल को इस सरकार में सहकारिता एवं एससी-बीसी कल्याण विभाग मिला है।

जो चार राज्य मंत्री बनाए गए हैं, उनमें से दो जेजेपी के और दो बीजेपी के हैं। ओम प्रकाश यादव को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, महिला विधायक कमलेश ढांडा को महिला एवं बाल विकास, अनूप धानक को श्रम एवं रोजगार और हॉकी टीम के पूर्व कप्तान संदीप सिंह को खेल विभाग दिया गया है। कैबिनेट मंत्री बनाए गए रणजीत चौटाला निर्दलीय जीतकर आए हैं।

विनोद लांबा इससे पहले ‘इंडिया न्यूज’ में स्पोर्ट्स के रिपोर्टर रहे हैं। ‘इंडिया न्यूज’ में रहने के दौरान ही कई बार उन्होंने पॉलिटिकल बीट पर भी काम किया था, फिर पूरी तरह से पॉलिटिक्स के मैदान में उतर गए। वह फिलहाल ‘टोटल टीवी’ के दिल्ली ब्यूरो चीफ के तौर पर काम कर रहे हैं  और  हरियाणा देख रहे हैं।

विनोद लांबा द्वारा अपनी फेसबुक वॉल पर 13 नवंबर को इस बारे में की गई पोस्ट का स्क्रीन शॉट आप यहां देख सकते हैं।

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रूबिका लियाकत ने यूं खुद को बचाया, बयां की आपबीती

अपने साथ हुई घटना को रूबिका लियाकत ने सोशल मीडिया पर शेयर किया है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Thursday, 14 November, 2019
Last Modified:
Thursday, 14 November, 2019
Rubika liyaquat

आज के दौर में ऑनलाइन ट्रांजेक्शन का इस्तेमाल करने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। स्मार्टफोन और इंटरनेट के बढ़ते प्रभाव के बीच कई ऐसे पेमेंट ऐप भी आ गए हैं, जिनसे पेमेंट करना काफी आसान हो गया है। लेकिन, इसके साथ ही फर्जीवाड़े के मामले भी आए दिन सामने आ रहे हैं। जरा सी लापरवाही अथवा थोड़े से लालच में आकर लोग ऑनलाइन ठगी के शिकार हो जाते हैं।

पिछले दिनों ‘एबीपी न्यूज’ की एंकर रूबिका लियाकत भी इसी तरह की ठगी का शिकार होते-होते बचीं। वो तो उन्होंने समझदारी दिखाई और खुद को ठगे जाने से बचा लिया, लेकिन कई लोग इन ठगों की बातों में आ जाते हैं और अपना नुकसान करवा बैठते हैं। रूबिका की तरह लोग भी यदि थोड़ा सतर्क रहें तो वे इस तरह की ठगी का शिकार होने से बच सकते हैं।

अपने साथ हुए मामले को लेकर रूबिका लियाकत ने एक ट्वीट भी किया है। इस ट्वीट में उन्होंने कहा है, मुझे एक मैसेज आया कि पेटीएम आपके पेटीएम अमाउंट को कुछ देर में होल्ड कर देगा। अपना केवाईसी  पूरा करें। पेटीएम ऑफिस का नंबर 7865027323 है। इस मैसेज के बाद 9851498982 से मुझे कॉल आया। कॉल करने वाले व्यक्ति ने मुझे केवाईसी के लिए एक ऐप डाउनलोड करने के लिए कहा। जब मैंने उससे इस बारे में कुछ सवाल पूछे तो उसने उनका जवाब नहीं दिया और गालियां देते हुए कॉल काट दी। मुझे उन लोगों की चिंता है, जिन्होंने यह ऐप डाउनलोड किया होगा।‘

रुबिका के ट्वीट पर कई ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। इन लोगों का कहना है कि उन्हें भी इस तरह के केवाईसी को लेकर फर्जी कॉल और फर्जी मैसेज आए हैं।

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वरिष्ठ टीवी पत्रकार निशांत चतुर्वेदी ने उठाया बड़ा कदम

कई मीडिया संस्थानों में निभा चुके हैं अपनी जिम्मेदारी, प्रमुख राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय घटनाओं की करते रहे हैं कवरेज

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Thursday, 14 November, 2019
Last Modified:
Thursday, 14 November, 2019
Nishant Chaturvedi

हिंदी न्यूज चैनल ‘आजतक’ के एग्जिक्यूटिव एडिटर और जाने-माने एंकर निशांत चतुर्वेदी ने यहां से बाय बोल दिया है। ‘आजतक’ के साथ उनकी यह दूसरी पारी थी। निशांत चतुर्वेदी का अगला कदम क्या होगा, फिलहाल इस बारे में जानकारी नहीं मिल पाई है।

19 साल से अधिक के पत्रकारिता करियर में निशांत चतुर्वेदी लगातार बड़ी राष्ट्रीय/अंतर्राष्ट्रीय खबरों को कवर करते रहे हैं। वर्ष 2016 में अमेरिका में हुए राष्ट्रपति चुनाव, मार्च 2011 में जापान में आई सुनामी, पिछले दिनों अमेरिका में हुए ‘हाउडी मोदी’ कार्यक्रम की उन्होंने शानदार कवरेज की थी।

देश की बड़ी घटनाओं की भी वे लाइव रिपोर्टिंग करते रहे हैं। मुंबई में 9/11 को हुए आतंकी हमले, वर्ष 2001 में संसद पर हुए हमले और लोकसभा-विधानसभा चुनावों की बेहतरीन कवरेज के साथ ही वह दुनिया की कई जानी-मानी शख्सियतों का इंटरव्यू भी कर चुके हैं।

निशांत चतुर्वेदी ने टीवी पत्रकारिता की शुरुआत वर्ष 2000 में ‘जी न्यूज’ में बतौर एंकर कम रिपोर्टर से की थी। उसके बाद, उन्होंने ‘दूरदर्शन’ के साथ बतौर एंकर कम करेसपॉन्डेंट काम किया, जहां उन्होंने ‘बीबीसी’ और ‘सीएनएन’ के पत्रकारों से ट्रेनिंग ली। फिर ‘आजतक’ के साथ बतौर एंकर कम प्रिंसिपल करेसपॉन्डेंट जुड़ गये और 2004 का लोकसभा चुनाव कवर किया।

उन्होंने करीब तीन साल ‘सहारा न्यूज’ के लिए भी काम किया और फिर वो ‘वॉयस ऑफ इंडिया’ पहुंच गये। इसके अलावा वे ‘न्यूज एक्सप्रेस’ में चैनल हेड और ‘न्यूज24’ में एग्जिक्यूटिव प्रड्यूसर/एंकर के साथ ही ‘इंडिया टीवी’ में एग्जिक्यूटिव प्रड्यूसर/एंकर की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं।

उत्तर प्रदेश में फर्रुखाबाद के मूल निवासी निशांत चतुर्वेदी दिल्ली विश्वविद्यालय से कॉमर्स में स्नातक हैं। उन्होंने अन्नामलाई यूनिवर्सिटी से बिजनेस इकनॉमिक्स में मास्टर्स की डिग्री ली है।

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पीएम की पत्नी से जुड़े इस मामले में न्यूज चैनल ने मांगी माफी

न्यूज चैनल ‘दुनिया टीवी’ के खिलाफ मानहानि का केस जीतीं पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की पूर्व पत्नी रेहम खान

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Wednesday, 13 November, 2019
Last Modified:
Wednesday, 13 November, 2019
News Channel

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की पूर्व पत्नी रेहम खान ने पाकिस्तानी न्यूज चैनल ‘दुनिया टीवी’ (Dunya TV) के खिलाफ मानहानि का केस जीत लिया है। इस चैनल पर रेहम की निजी जिंदगी के बारे में कुछ दावे किए थे, जो झूठे साबित हुए। न्यूज चैनल ने रेहम से सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी है। लंदन के हाई कोर्ट में सोमवार को इस मामले की सुनवाई हुई थी। इस दौरान जस्टिस मैथ्यू निकलिन को माफी और दोनों पक्षों के बीच बनी सहमति के बारे में सूचित किया गया।

बता दें कि इस टीवी चैनल पर जून 2018 में प्रसारित एक शो में मौजूदा सरकार के रेल मंत्री शेख राशिद द्वारा रेहम पर अपमानजनक आरोप लगाए गए थे। रेहम पर पूर्व पति के राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों और पाकिस्तान मुस्लिम लीग के साथ मिलीभगत के आरोप भी लगाए गए थे। रेहम का कहना था कि राशिद के आरोप अत्यंत गंभीर और पूरी तरह से झूठे थे। रेहम ने इस शो के प्रसारण को लेकर चैनल के खिलाफ मामला दायर किया था, जिसमें अब उन्हें जीत मिल गई है।

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आजतक के शो में बीजेपी प्रवक्ता ने दिया ये वचन, अब 'ढूंढ' रही पब्लिक

इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है शो की यह विडियो क्लिप

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Tuesday, 12 November, 2019
Last Modified:
Tuesday, 12 November, 2019
TV SHOW

महाराष्ट्र चुनावों के दौरान ‘आजतक’ के एक शो में बीजेपी के एक प्रवक्ता ने महाराष्ट्र में बीजेपी और शिवसेना की सरकार आने का दावा किया। उन्होंने यहां तक कह डाला कि अगर यह सरकार नहीं आई तो मैं अपने बाल कटवा डालूंगा। इन प्रवक्ता का नाम है गौरव भाटिया और शो है ‘राजतिलक’, जिसकी एंकर थीं अंजना ओम कश्यप। अब जबकि बीजेपी और शिवसेना की सरकार बनने के सपने धूल में मिल चुके हैं, सोशल मीडिया पर लोग गौरव भाटिया का यह विडियो शेयर करके पूछ रहे हैं कि कब मुंडवाओगे?

हर चुनाव में ‘आजतक’ अलग-अलग शहरों में जाकर इस शो को आयोजित करता है। अंजना ओम कश्यप इस शो की होस्ट के तौर पर महाराष्ट्र के नागपुर शहर में पहुंची थीं। बीजेपी की तरफ से उस दिन इस शो में मशहूर वकील और प्रवक्ता गौरव भाटिया मौजूद थे। गौरव भाटिया इससे पहले समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता रहे हैं। उस दिन के शो में गौरव भाटिया इमोशनली कुछ रौ में बह गए और दावा कर डाला कि अगर बीजेपी और शिवसेना की सरकार दोबारा पूर्ण बहुमत से महाराष्ट्र में नहीं आई तो वह अपने बाल कटवा डालेंगे।

गौरव भाटिया का कहना था, ‘पूरे दमखम से कहता हूं कि महाराष्ट्र में बीजेपी और शिवसेना की सरकार पहले से भी ज्यादा सीटों से बनेगी और न बने तो मुझे मेरे बालों से बहुत प्यार है, अंजना जी और आपके शो में मैं यह वचन देता हूं कि  सरकार नहीं बनी तो मैं अपने बाल कटवा दूंगा।‘

अब उनकी यह क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। एक यूजर ने तो जावेद हबीब को ट्विटर पर टैग करके उन्हें गौरव भाटिया का सिर मुंडवाने का ऑफर तक दे दिया है। हालांकि, महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगने के आसार हैं। ऐसे में गौरव भाटिया के लिए शायद राहत भरी खबर हो सकती है कि बीजेपी की सरकार नहीं बनी तो किसी की नहीं बनी।

गौरव भाटिया द्वारा शो में किए गए वादे की विडियो क्लिप आप यहां देख सकते हैं-

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लोगों को भाया कवरेज के दौरान न्यूज एंकर का ये अंदाज, हो रही तारीफ

अयोध्या फैसले को लेकर कन्नड़ के न्यूज चैनल द्वारा की गई कवरेज बनी है चर्चा का विषय

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Monday, 11 November, 2019
Last Modified:
Monday, 11 November, 2019
News Anchor

अयोध्या मामले में कन्नड़ के एक न्यूज चैनल द्वारा की गई कवरेज इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। दरअसल, यहां के न्यूज चैनल ‘पब्लिक टीवी’ ने न सिर्फ इस पूरे मामले को कवर किया, बल्कि एंकरिंग के दौरान चैनल के प्रमुख श्री रंगनाथ ने स्टूडियो में फुटवियर का इस्तेमाल भी नहीं किया।

एंकर के इस अंदाज की लोग काफी सराहना कर रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष ने ट्विटर पर श्री रंगनाथ की फोटो शेयर की है। अपने ट्वीट में संतोष का कहना था, ‘देश के लोगों की भावनाएं प्रभु श्रीरामचंद्र से जुड़ी हुई हैं।’

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