जानें, कौन सा हिंदी मूवी चैनल बना नंबर 1

बार्क इंडिया ने जारी कर दिए हैं 23वें हफ्ते के आंकड़े

Last Modified:
Friday, 14 June, 2019
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देश में टीवी दर्शकों की संख्या मापने वाली संस्था ‘ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल’ इंडिया की ओर से जारी 23वें हफ्ते (एक जून-सात जून 2019) की रेटिंग्स में हिंदी मूवी चैनल ‘स्टार गोल्ड’ (Star Gold) नंबर वन पर पहुंच गया है। बताया जाता है कि चैनल को यह उपलब्धि हिंदी भाषी क्षेत्रों (शहरी और ग्रामीण) में फिल्म ‘लुकाछुपी’ (Luka Chuppi) के वर्ल्ड प्रीमियर के कारण मिली है।

इस हफ्ते टॉप फाइव चैनल्स की लिस्ट में ‘सोनी मैक्स’ (Sony Max) चैनल पिछले हफ्ते के मुकाबले पहले स्थान से खिसककर दूसरे स्थान पर आ गया है। ‘जी सिनेमा’ (Zee Cinema) तीसरे नंबर पर, जबकि ‘मूवीज ओके’ (Movies OK) चौथे नंबर पर आ गया है। पिछले हफ्ते टॉप फाइव की लिस्ट में शामिल रहा ‘एंटर10’ (Enterr10) इस हफ्ते इस लिस्ट से बाहर हो गया है। इस हफ्ते इस लिस्ट में ‘बी4यू मूवीज’ (B4U Movies) पांचवे नंबर पर अपनी जगह बनाने में कामयाब रहा है।

यदि शहरी क्षेत्रों की बात करें तो ‘स्टार गोल्ड’ पहले नंबर पर है, जबकि इसके बाद क्रमश: ‘सोनी मैक्स’, ‘जी सिनेमा’, ‘मूवीज ओके’ और ‘एंड पिक्चर्स’ का नंबर है। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में ‘Enterr10’ पांचवे नंबर पर पहुंच गया है, जबकि पिछले हफ्ते यह एक नंबर पर था। इस लिस्ट में ‘स्टार गोल्ड’ दूसरे नंबर पर और ‘बी4यू मूवीज’ तीसरे नंबर पर है, जबकि चौथे नंबर पर ‘जी सिनेमा’ अपनी जगह बनाने में कामयाब रहा है।

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Bigg Boss फेम एजाज खान पर कसा पुलिस का शिकंजा, ये है गंभीर आरोप

अभिनेता एजाज खान का विवादों से काफी पुराना नाता रहा है

Last Modified:
Thursday, 18 July, 2019
Ajaz Khan

टीवी शो ‘बिग बॉस’ में बतौर प्रतिभागी शामिल रहे अभिनेता एजाज खान को एक विडियो में पुलिस का मजाक उड़ाना भारी पड़ गया। मुंबई क्राइम ब्रांच की साइबर सेल ने इस मामले में एजाज खान को गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि झारखंड में मॉब लिंचिंग के शिकार हुए तरवेज अंसारी की मौत के बाद एजाज खान ने एक विडियो में बॉलिवुड फिल्मों के डायलॉग की मिमिक्री करके मुंबई पुलिस का मजाक उड़ाया था।

बता दें कि हाल ही में टिकटॉक 07 ग्रुप ने झारखंड में तबरेज अंसारी मॉब लिंचिंग के मामले में विवादित विडियो बनाया था। एजाज ने इस मामले के आरोपितों का समर्थन किया था। इस मामले में जिस फैजू नामक शख्स के खिलाफ साइबर सेल ने मामला दर्ज किया था, उसके साथ विडियो बनाकर एजाज ने मुंबई पुलिस का मजाक भी उड़ाया था। एजाज खान का यह भी कहना था कि टिकटॉक पर जो बैन लगाया गया है, उसे हटा देना चाहिए। गौरतलब है कि एजाज खान का विवादों से पुराना नाता रहा है। पुलिस पहले भी एजाज को गिरफ्तार कर चुकी है। प्रतिबंधित दवाएं रखने के आरोप में नवी मुंबई पुलिस ने एजाज को गिरफ्तार किया था।

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एंटरटेनमेंट चैनल्स पर भारी पड़ने लगा है ये फैसला, हो रहा है बड़ा नुकसान

रेवेन्यू के साथ ही जनरल एंटरटेनमेंट चैनल्स की व्युअरशिप भी घट गई है

Last Modified:
Wednesday, 10 July, 2019
Channel

‘दूरदर्शन’ के डायरेक्ट टू होम (DTH) प्‍लेटफॉर्म ‘फ्रीडिश’ से चैनल हटाने का फैसला कई ब्रॉडकास्टर्स को फिलहाल भारी पड़ने लगा है। दरअसल, ‘फ्रीडिश’ से अपने चैनल्स हटाने के साथ ही इन बॉडकास्टर्स की 20 मिलियन से ज्यादा व्युअरशिप भी कम हो गई है। ऐसे में कई चैनल्स का एड रेवेन्यू काफी घट गया है।

बता दें कि चार प्रमुख ब्रॉडकास्टर्स ‘स्टार इंडिया’, ‘ZEEL’,‘सोनी पिक्चर्स नेटवर्क इंडिया’ और ‘इंडिया कास्ट मीडिया डिस्ट्रीब्यूशन’ ने इस साल फरवरी में इस प्लेटफॉर्म से अपने चैनल्स हटाने का निर्णय लिया था। ‘इंडिया कास्ट मीडिया डिस्ट्रीब्यूशन’ ब्रॉडकास्टर्स 'टीवी18' और 'वायकॉम18' के चैनलों को डिस्ट्रीब्यूट करता है। इंडस्ट्री से जुड़े विशेषज्ञों का अनुमान है कि पहले जो चैनल्स फ्री टू एयर प्रसारित होते थे, वे फ्रीडिश की शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में अच्छी पहुंच के कारण उसका लाभ लेते हुए व्युअरशिप के आधार पर विज्ञापनदाताओं से दस सेकेंड के विज्ञापन के लिए 4000 और 5500 रुपए तक चार्ज करते थे। लेकिन अब यह विज्ञापन दरें काफी घटकर 3000 रुपए प्रति दस सेकेंड तक हो गई हैं, क्योंकि चैनल्स ‘कॉस्ट पर रेटिंग पॉइंट’ (CPRP)  देने में भी असफल हो रहे हैं।  

इस बारे में ‘DCMN India’ के डायरेक्टर (ऑफलाइन मीडिया) सुधीर कुमार का कहना है, ‘कई चैनल्स जो फ्रीडिश से पे चैनल्स बन गए हैं, उनका प्रति सप्ताह ‘ग्रॉस रेटिंग पाइंट’ (GRP) कम हो गया है। एक बार ‘ग्रॉस रेटिंग पाइंट’ कम होने पर वे उन रेट पर विज्ञापन नहीं मांग सकते हैं, जिन पर छह महीने पहले मांगते थे। फ्रीडिश से हटने के कारण जनरल एंटरटेनमेंट चैनल्स (GEC) की व्युअरशिप भी 60 से 80 प्रतिशत तक घट गई है।’

इसके साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि प्राइवेट ब्रॉडकास्टर जो डीडी-फ्रीडिश को हर साल छह से आठ करोड़ रुपए का भुगतान कर रहे थे, वे हर साल 500 से 700 करोड़ रुपए की कमाई कर रहे थे। फ्रीडिश से हटने के बाद ऐसे कई चैनल्स का रेवेन्यू 200 करोड़ रुपए से भी कम हो गया है।  

‘ट्राई’ (TRAI) के नए टैरिफ ऑर्डर लागू होने के बाद फ्रीडिश प्लेटफॉर्म से हिंदी के बड़े एंटरटेनमेंट चैनल्स हटाने पर हुए उन्हें हुए रेवेन्यू के नुकसान की बात करें तो ‘जी मीडिया कॉरपोरेशन लिमिटेड’ (Zee Media Corporation Limited) ने वित्तीय वर्ष 2019 की चौथी तिमाही में समेकित (consolidated) रेवेन्यू 1693.50 मिलियन रुपए और पूरे 2018-19 के लिए 6869.2 मिलियन रुपए बताया था। वित्तीय वर्ष 2018 में जहां ऑपरेटिंग रेवेन्यू 5734.8 मिलियन रुपए था, वह वित्तीय वर्ष 2019 में 19.8 प्रतिशत बढ़कर 6869.20 मिलियन रुपए रहा।

हालांकि, वित्तीय वर्ष 2019 की चौथी तिमाही में ऑपरेटिंग रेवेन्यू में 3.9 प्रतिशत की गिरावट आई और वित्तीय वर्ष 2018 की चौथी तिमाही में 1762.2 मिलियन रुपए के मुकाबले यह 1693.5 मिलियन रुपए रह गया। इस बारे में ‘जी’ का कहना था कि रेवेन्यू में मुख्य रूप से गिरावट ट्राई के नए टैरिफ ऑर्डर को देखते हुए एडवर्टाइजर्स द्वारा विज्ञापन खर्च में कमी के कारण रही। सिर्फ ‘जी’ ही एक उदाहरण नहीं है, ऐसे कई चैनल्स हैं, जिनके रेवेन्यू में इस प्रक्रिया के दौरान कमी आई है।

इन फ्री टू एयर चैनल्स से अपने विज्ञापन हटाने के बाद माना जा रहा है कि एडवर्टाइजर्स ने निवेश के अन्य रास्ते तलाश लिए हैं। इस बारे में ‘इमामी’ (Emami) के सीनियर वाइस प्रेजिडेंट (मीडिया) बासब सरकार का कहना है कि इमामी जैसे एडवर्टाइजर्स के लिए यह काफी फायदे का सौदा रहा, जिसका फोकस ग्रामीण क्षेत्रों पर था। इसका कारण बताते हुए बासब सरकार ने कहा, देश में चुनाव और अन्य बड़े मुद्दों के कारण हिंदी न्यूज चैनल्स की व्युअरशिप काफी बढ़ गई थी, जिससे उनके एडवर्टाइजिंग रेवेन्यू में काफी इजाफा हुआ।’

हालांकि, यह स्थिति यूं ही बनी रहेगी अथवा इसमें बदलाव होगा, इस बारे में फिलहाल कुछ भी स्पष्ट नहीं है। विशेषज्ञों का कहना है कि नुकसान जरूर हुआ है, लेकिन यह स्थिति यूं ही नहीं बनी रहेगी। इस बारे में ‘सब’ (SAB) ग्रुप के सीईओ मानव ढांडा का कहना है, ‘जिन चार बड़े ब्रॉडकास्टर्स ने फ्रीडिश से अपने चैनल हटाने का फैसला लिया है, उनके पास और भी कई चैनल्स हैं। ऐसे में यदि उन्हें किसी एक चैनल से नुकसान होता है तो वे दूसरे चैनल्स से इस नुकसान की भरपाई कर सकते हैं। यह नुकसान थोड़े समय के लिए ही है, आने वाले समय में यह ब्रॉडकास्टर्स और डीटीएच प्रोवाइडर्स दोनों के लिए फायदेमंद होगा।’

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BARC: चैनल्स की व्युअरशिप के लिए अब उठाया जाएगा ये कदम

बार्क इंडिया की घोषणा का कई लोगों ने किया स्वागत तो कुछ ने की आलोचना

पंकज शर्मा by पंकज शर्मा
Published - Tuesday, 09 July, 2019
Last Modified:
Tuesday, 09 July, 2019
Channels

देश में टीवी दर्शकों की संख्या मापने वाली संस्था ‘ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल’ (BARC) इंडिया ने घोषणा की है कि जल्द ही वह फ्री और पेड प्लेटफॉर्म्स की व्युअरशिप की रिपोर्टिंग अलग-अलग करना शुरू करेगी। बार्क इंडिया के अनुसार इसकी शुरुआत 27वें हफ्ते (29 जून-पांच जुलाई) से की जाएगी। नई व्यवस्था के इसे शहरी (Urban) और ग्रामीण (Rural) कैटेगरी के ऊपर रखा जाएगा और प्लानिंग व विश्लेषण के लिए यह सभी सबस्क्राइबर्स के लिए उपलब्ध होगी। इसके अलावा यह संबंधित जॉनर्स में वेबसाइट पर पब्लिश भी की जाएगी।    

हमारी सहयोगी वेबसाइट ‘एक्सचेंज4मीडिया’ (exchange4media) ने बार्क की इस घोषणा के बारे में इंडस्ट्री के कई दिग्गजों से बात कर उनके विचार जानने चाहे। इस बारे में ‘इंडिया टीवी’ (India TV) की एमडी और सीईओ रितु धवन का कहना है, फिलहाल इस बारे में कुछ कहना जल्दबाजी होगी। उनका कहना है कि इस तरह की कवायद से बार्क की टीम को अन्य जानकारी जुटाने में काफी मदद मिलेगी। चूंकि ग्रामीण मार्केट्स में फ्री डिश और उसका प्रभाव काफी अधिक है, ऐसे में वहां के मार्केट्स के डाटा जुटाने में यह काफी मददगार साबित होगी। इसके अलावा पे चैनल्स खासकर ग्रामीण क्षेत्रों की व्युअरशिप के बारे में काफी अंदरूनी जानकारी सामने आएगी।’

दरअसल, फ्री कनेक्शन के तहत घरों में सेट टॉप बॉक्स लगाने के लिए एक बार में थोड़ी सी फीस देनी होती है। इन क्षेत्रों में अधिकांश घरों में डीडी फ्री डिश ही है। इसके तहत हर महीने सबस्क्रिप्शन शुल्क नहीं लगता है। जबकि पे कनेक्शन के तहत सबस्क्राइबर्स को सेट टॉप बॉक्स के इंस्टॉलेशन के समय कुछ पैसा देना होता है, इसके बाद उसे हर महीने सबस्क्रिप्शन फीस देनी होती है। रितु धवन की तरह ‘सब’ (SAB) ग्रुप के सीईओ मानवा ढांडा का भी कुछ ऐसा ही मानना है। उनका कहना है, ‘इस कदम के बारे में अभी कुछ भी कहना काफी जल्दबाजी होगा। यह तो समय ही बताएगा कि इससे फ्री डिश ब्रॉडकास्टर्स को फायदा होगा अथवा नहीं। पेड कंज्यूमर्स के मुकाबले एडवर्टाइजर्स को अब फ्री डिश कंज्यूमर्स पर भी ध्यान देना होगा।’

उनका कहना है, ‘ब्रॉडकास्टर्स को सभी सेगमेंट में बढ़ने पर ध्यान देना चाहिए। मेरा मानना है कि यह कदम उन्हें इस दिशा में आगे बढ़ने में मदद करेगा और ब्रॉडकास्टर्स के व्यावसायिक अवसरों पर विपरीत प्रभाव नहीं डालेगा।’ माना जा रहा है कि पे और फ्री प्लेटफॉर्म की व्युअरशिप की अलग-अलग रिपोर्टिंग से टार्गेट पर फोकस करने में मदद मिलेगी। इसके बाद एडवर्टाइजर्स ज्यादा प्रभावी रूप से अपने प्लान तैयार कर सकते हैं। इसके अलावा कंटेंट और डिस्ट्रीब्यूशन को लेकर भी ब्रॉडकास्टर्स ज्यादा बेहतर तरीके से निर्णय ले सकते हैं।

बार्क इंडिया के इस कदम के जहां कई लोगों ने स्वागत किया है, वहीं कई लोगों ने इसकी आलोचना भी की है। बार्क इंडिया के इस कदम से अप्रसन्नता जाहिर करते हुए इंडस्ट्री से जुड़े एक दिग्गज ने कहा, ‘बार्क मनमाने ढंग से कैसे इस बारे में निर्णय ले सकता है? क्या उन्होंने इस बारे में इंडस्ट्री में चर्चा की अथवा किसी खुले मंच पर या आम वार्षिक बैठक में इस मामले को रखा? उनकी रिपोर्टिंग में हम सभी हिस्सेदार हैं, मुझे नहीं पता कि इस रिपोर्टिंग का किस तरह प्रभाव पड़ेगा? यह सिर्फ डाटा को तैयार करने का मामला नहीं हैं, बल्कि यह भी सोचना चाहिए कि इंडस्ट्री इस डाटा को किस तरह से देखेगी। इंडस्ट्री में इस तरह के किसी भी कदम का स्वागत है, लेकिन वे हर दो-तीन हफ्ते में बदलाव कर रहे हैं। कभी लैंडिंग पेज को शामिल किया जाता है, कभी नहीं। इस तरह के कदम उठाने से रेटिंग एजेंसी की विश्वसनीयता खत्म हो जाती है।’    

वहीं, बार्क इंडिया के सीईओ पार्थो दासगुप्ता का कहना है कि इस बारे में मार्केट की ओर से मांग जोर पकड़ रही थी कि घरों में पे और फ्री कनेक्शन की व्युअरशिप की रिपोर्टिंग अलग-अलग होनी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘इस तरह के कदम उठाने से पहले हमने मार्केट का फीडबैक लिया है। हमारा मानना है कि हमने सही दिशा में कदम बढ़ाया है, ताकि इंडस्ट्री उपभोग के पैटर्न को अच्छे से समझ सके और उसी हिसाब से प्लान तैयार कर सके।’

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अब नए नाम से जाने जाएंगे ये टीवी चैनल्स

चैनल्स का नाम बदलने के लिए मंत्रालय के पहुंचे थे कई आवेदन

पंकज शर्मा by पंकज शर्मा
Published - Friday, 05 July, 2019
Last Modified:
Friday, 05 July, 2019
Channel

सूचना-प्रसारण मंत्रालय ने 21 टीवी चैनल्स के नाम बदलने के आवेदनों को अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी है। जिन चैनल्स का नाम बदला गया है उनमें ‘एबीपी न्यूज एचडी’ (ABP News HD), ‘सोनी मराठी एचडी’(Sony Marathi HD), ‘कलर्स रिश्ते’ (Colors Rishtey), ‘कलर्स सिनेप्लेक्स’ (Colors Cineplex), ‘टाइम्स नाउ वर्ल्ड’ (Times Now World) और ‘कलर्स सिनेप्लेक्स एचडी’ (Colors Cineplex HD) आदि का नाम शामिल है।

एमआईबी की मंजूरी के बाद अब ‘एबीपी कन्नड़’ का नाम अब एबीपी न्यूज एचडी होगा, टेन गोल्फ एचडी का नाम सोनी मराठी एचडी, रिश्ते का नाम कलर्स रिश्ते, रिश्ते सिनेप्लेक्स का नाम कलर्स सिनेप्लेक्स हो जाएगा। इसके साथ ही अब ‘टाइम्स नाउ एचडी’ का नाम ‘टाइम्स नाउ वर्ल्ड’ और ‘सिनेप्लेक्स एचडी’ का नाम बदलकर अब ‘कलर्स सिनेप्लेक्स एचडी’ हो जाएगा। गौरतलब है कि मंत्रालय ने हाल ही में ‘स्टार इंडिया’ को ‘मूवीज ओके’ का नाम बदलकर ‘स्टार गोल्ड 2’ रखने को मंजूरी प्रदान कर दी थी।

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MIB ने कैंसल किए चार टीवी चैनल्स के लाइसेंस, बताई ये वजह

सूचना-प्रसारण मंत्रालय की ओर से न्यूज कैटेगरी में दिए गए थे चारों लाइसेंस

पंकज शर्मा by पंकज शर्मा
Published - Tuesday, 25 June, 2019
Last Modified:
Tuesday, 25 June, 2019
TV Channel

सूचना-प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने ‘एसटीवी एंटरप्राइजेज’ (STV Enterprises) के चार टीवी चैनल्स के अपलिंकिंग/डाउनलिंकिंग लाइसेंस कैंसल कर दिए हैं। बताया जाता है कि चूंकि कंपनी को इन लाइसेंस की जरूरत नहीं है, इसलिए इन्हें कैंसल कर दिया गया है।

जिन चैनल्स के लाइसेंस कैंसल किए गए हैं, उनमें ‘पंजाब टुडे’(Punjab Today), ‘एसटीवी हरियाणा न्यूज’ (STV Haryana News), ‘एसटीवी जम्मू कश्मीर न्यूज’ (STV Jammu Kashmir News) और ‘एसटीवी यूपी न्यूज’ (STV UP News) शामिल हैं। ये चारों लाइसेंस न्यूज कैटेगरी में दिए गए थे।

बता दें कि इससे पहले वर्ष 2016 में गृह मंत्रालय द्वारा सुरक्षा मंजूरी से इनकार करने के बाद एमआईबी द्वारा कंपनी का लाइसेंस कैंसल कर दिया गया था। एमआईबी के इस फैसले को कंपनी ने हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। इसके बाद कोर्ट ने एमआईबी के आदेश पर रोक लगा दी थी।

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प्राइवेट टीवी चैनल्स को अब करना होगा ये काम, MIB ने जारी किए आदेश

सूचना-प्रसारण मंत्रालय ने कहा, टीवी व्युअर्स के लिए काफी फायदेमंद होगी ये पहल

Last Modified:
Friday, 14 June, 2019
MIB

सूचना-प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने सभी प्राइवेट सैटेलाइट टीवी चैनल्स को आदेश दिया है कि वे हिंदी अथवा प्रादेशिक भाषा में किसी भी सीरियल अथवा प्रोग्राम का प्रसारण करते समय उसकी कास्टिंग/क्रेडिट्स/टाइटल को संबंधित भाषा में भी डिस्प्ले करें। मंत्रालय का कहना है कि वर्तमान में कई हिंदी और प्रादेशिक भाषाओं के टीवी चैनल्स इन डिटेल्स को सिर्फ अंग्रेजी में डिस्प्ले करते हैं। मंत्रालय का कहना है कि इस तरह की कवायद से स्थानीय भाषा को बढ़ावा मिलेगा और देश के टीवी व्युअर्स के लिए यह फायदेमंद होगी।

मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है, ‘देखने में आया है कि हिंदी और प्रादेशिक भाषा के कई टीवी चैनल्स, हिंदी और प्रादेशिक भाषाओं के जो सीरियल्स दिखाते हैं, उनमें कास्टिंग/क्रेडिट्स/टाइटिल सिर्फ अंग्रेजी में डिस्प्ले करते हैं। ऐसा करने से हिंदी और प्रादेशिक भाषा के दर्शकों को टीवी सीरियल्स/प्रोग्राम्स की कास्टिंग के बारे में पूरी जानकारी नहीं मिल पाती है।’

मंत्रालय की ओर से यह भी कहा गया है कि देश में टीवी व्युअर्स की संख्या बढ़ाने और उनके हितों को ध्यान में रखते हुए सभी प्राइवेट सैटेलाइट चैनल्स को ये सलाह दी जाती है कि वे जब भी हिंदी या प्रादेशिक भाषा में किसी सीरियल अथवा प्रोग्राम का प्रसारण करें तो कार्यक्रम की कास्टिंग/क्रेडिट्स/टाइटल्स को संबंधित भाषा में भी डिस्प्ले करें।

इस बारे में सूचना-प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर का कहना है कि ऐसे टीवी चैनल्स यदि भारतीय भाषा के अलावा अंग्रेजी में भी टाइटल्स और क्रेडिट देना चाहते हैं तो दे सकते हैं। सिनेमा के लिए भी ऐसा ही आदेश जारी किया जा रहा है।

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सिंगर ऊषा उत्थप के लिए पत्रकार ने किया था ऐसे 'आपत्तिजनक' शब्द का प्रयोग

द कपिल शर्मा शो पर पहुंचे थे सिंगर ऊषा उत्थप और सुदेश भोसले

Last Modified:
Tuesday, 04 June, 2019
Usha Uthup

सोनी टीवी पर आने वाले द कपिल शर्मा शो में पिछले दिनों मेहमान बनकर पॉप स्टार ऊषा उत्थप और गायक सुदेश भोसले पहुंचे। इस दौरान दोनों कलाकारों ने शो में बताया कि किस तरह उन्हें जीवन में संघर्षों का सामना करना पड़ा। बातचीत के दौरान ऊषा उत्थप ने अपनी आवाज और लुक को लेकर भी कई बातें बताईं।

ऊषा उत्थप का कहना था, ‘कई बार लोग मेरे लुक्स और आवाज से डर जाते हैं और आदमी समझने की भूल भी कर देते हैं। एक बार तो एक पत्रकार ने यहां तक कह दिया था कि मैं 'भूत' की तरह दिखती हूं।’ आठ विदेशी और 17 भारतीय भाषाओं में गाने गा चुकीं ऊषा उत्थप का यह भी कहना था कि वे किसी भी परिस्थिति का हमेशा डटकर सामना करने वालों में से हैं। कार्यक्रम के दौरान दोनों कलाकारों ने कपिल शर्मा के साथ मिलकर शो पर जमकर मस्ती की और दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।

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घायल मीडियार्मियों के बारे में करीना कपूर ने दिया चौंकाने वाला बयान, हो रही चर्चा

जल्द ही टीवी पर रियलिटी शो में जज की भूमिका में नजर आएंगी करीना कपूर

Last Modified:
Monday, 03 June, 2019
Kareena Kapoor

बॉलिवुड एक्ट्रेस करीना कपूर अपने एक बयान को लेकर इन दिनों मीडिया में खासी चर्चा का विषय बनी हैं। आपको बता दें कि यह चर्चा किसी और वजह से नहीं, बल्कि मीडियाकर्मियों के बारे में करीना के एक अप्रत्याशित जवाब को लेकर है, जो फिल्मी सेट पर हुए एक हादसे में घायल हो गए थे।

दरअसल, करीना कपूर डांस रियलिटी शो में जज की भूमिका में जल्द ही टीवी पर दिखाई देंगी। इसके लिए प्रेस इवेंट के दौरान अचानक हुए एक हादसे में पांच मीडियाकर्मी घायल हो गए। इस बात की जानकारी जब करीना कपूर को मिली तो उनका जवाब बिल्कुल अप्रत्याशित था। करीना का कहना था कि उन्हें पहले से ही पता था कि यह होगा।

करीना का यह भी कहना था, ‘डांस रियलिटी शो का यह सेट काफी अलग है। इसमें सेट को गोलाकार शेप दिया गया है, ताकि कलाकारों की परफॉर्मेंस को कवर किया जा सके। ऐसे में सेट को चारों तरफ से कैमरा ट्रॉली से कवर किया गया है।’ इसके अलावा चर्चा यह भी है कि करीना कपूर को टीवी पर किसी रियलिटी शो का जज बनने पर सबसे ज्यादा फीस दी जा रही है।

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हिना खान पर कमेंट कर बुरे फंसे संपादक, विरोध बढ़ने पर करना पड़ा ये काम

72वें कान्स फिल्म फेस्टिवल 2019 के रेड कार्पेट पर चलने वाली पहली भारतीय टीवी अभिनेत्री बन गई हैं हिना खान

Last Modified:
Monday, 20 May, 2019
Hina Khan

हिंदी की एक बेहद लोकप्रिय कहावत है कि ‘बदनाम अगर होंगे तो क्या नाम न होगा।’ वैसे ये कहावत नवाब मोहम्मद मुस्तफ़ा ख़ां शेफ़्ता की रचना का एक हिस्सा है। पूरी रचना गिने-चुने लोगों को मालूम होगी, इसलिए आगे बढ़ने से पहले इस पर एक नज़र डाल लेते हैं। नवाब कहते हैं, ‘हम तालिबे शोहरत हैं हमें नंग से क्या काम, बदनाम अगर होंगे तो क्या नाम न होगा।’

मौजूदा वक़्त में इसका केवल ‘बदनाम’ चल रहा है। इस कहावत का यहां जिक्र करने का कारण हैं छोटे पर्दे की अदाकारा हिना खान। फ्रांस में चल रहे कान्स फिल्म फेस्टिवल में हिना के लुक को लेकर 'फिल्म फेयर' मैगजीन के एडिटर जितेश पिल्लई ने कमेंट कर दिया। जितेश पिल्लई की इसके पीछे मंशा जो भी रही हो, लेकिन इससे हिना का और भी ज्यादा ‘नाम’ हो गया। बॉलिवुड के कई कलाकार उनके समर्थन में आ गए। इसके अलावा सलमान खान ने भी अपने स्टाइल में एडिटर को निशाना बना डाला।

दरअसल, हिना 72वें कान्स फिल्म फेस्टिवल 2019 के रेड कार्पेट पर चलने वाली पहली भारतीय टीवी अभिनेत्री बन गईं हैं। जायज है उनके लिए ये एक बड़ी उपलब्धि है और इसलिए वह एक अलग अंदाज़ में कान्स के रेड कार्पेट पर नज़र आईं। सिल्वर रंग की ड्रेस में हिना ने कैटवॉक किया, जो शायद लोगों को कुछ अजीब लगी। वैसे, कान्स में शिरकत करने वालीं अधिकांश अभिनेत्रियों के परिधान हमेशा से चर्चा का विषय रहे हैं। कभी-कभी तो देखकर यह समझना मुश्किल हो जाता है कि डिज़ाइनर ऐसा ही बनाना चाह रहा था कि गलती से ऐसा हो गया। प्रियंका चोपड़ा और दीपिका पादुकोण भी अपने इस ‘फैशन’ से सबको चौंका चुकी हैं। इस बार हिना जब वहां पहुँचीं तो सबका चौंकना लाज़मी था। हालांकि, चौंकने के चक्कर में जितेश पिल्लई एक कमेंट कर बैठे और बात कहाँ से कहाँ चली गई। जितेश ने हिना के फोटो को शेयर करते हुए कमेंट किया, ‘क्या कान्स अचानक चांदीवली स्टूडियो बन गया है’?

दरअसल, चांदीवली स्टूडियो में फिल्मों और टीवी सीरियल्स की शूटिंग की जाती है। इस जगह पर खासतौर पर डेली सोप शूट किए जाते हैं। अब चूँकि हिना टीवी एक्ट्रेस हैं, इसलिए जितेश ने उनके कान्स अवतार को चांदीवली से जोड़ दिया। उस वक़्त उन्हें अहसास भी नहीं होगा कि अगले मोड़ पर बवाल उनका इंतजार कर रहा है। हिना के समर्थन में सलमान खान समेत कई बॉलिवुड स्टार आ गए। इसके बाद एडिटर ने माफ़ी मांगते हुए अपनी पोस्ट डिलीट कर दी। इस पूरी घटना से हिना को थोड़ी ज्यादा पब्लिसिटी मिल गई, यानी उनका नाम हो गया। वैसे, कान्स के फैशन को लेकर इस तरह की घटनाएँ आगे न हों, इसकी कोई गारंटी नहीं है, क्योंकि फैशन है ही इतना कमाल।

हिना खान की बात करें तो वो टीवी के मशहूर शो ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ की लीड एक्ट्रेस रहीं हैं। इस शो से वो 7 सालों तक जुड़ी रहीं। ये शो हमेशा से ही टीआरपी पर नंबर वन पर रहा है। इसके अलावा वो बिग बॉस 11, खतरों के खिलाड़ी 5 और कसौटी जिंदगी-2 का हिस्सा भी बनी हैं।

जितेश पिल्लई द्वारा इस मामले में हिना खान से मांगी गई माफी को आप यहां देख सकते हैं-

 

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विवादों में घिरे टीवी एक्टर अंश अरोड़ा ने पुलिस पर लगाए सनसनीखेज आरोप

सीसीटीवी फुटेज में एक स्टोर में तोड़फोड़ करते दिखाई दे रहे हैं एक्टर अंश अरोड़ा

Last Modified:
Monday, 20 May, 2019
Ansh Arora

‘क्वीन्स’ और ‘तन्हाइयां’ जैसे धारावाहिकों में काम कर चुके और ‘कलर्स’ टीवी के शो ‘कसम तेरे प्यार की’ के एक्टर अंश अरोड़ा ने गाजियाबाद पुलिस पर कई सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। अंश अरोड़ा का कहना है कि पुलिस ने उन्हें और उनके भाई को थर्ड डिग्री टॉर्चर किया है। इस बीच अंश का एक सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, इसमें वह गाजियाबाद के एक स्टोर में तोड़फोड़ करते दिखाई दे रहे हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 11 मई को गाजियाबाद के वैशाली सेक्टर-चार स्थित एक स्टोर में अंश अरोड़ा की खाने के बिल को लेकर वहां के स्टाफ से झड़प हुई थी। दरअसल, अंश ने इस स्टोर में खाने का ऑर्डर किया था, लेकिन देर होने की वजह से उन्होंने स्टोर के स्टाफ से ऑर्डर कैंसल करने को कहा। इस बात पर उनकी स्टोर के स्टाफ से झड़प हुई थी। अंश के मुताबिक अगले दिन वह जब इस मामले में माफी मांगने के लिए गए तो उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया गया। 

अंश अरोड़ा का कहना है कि पुलिस ने उनके साथ काफी मारपीट की और परिजनों को फोन तक नहीं करने दिया गया। पुलिस की पिटाई से उनकी हालत खराब हो गई और उन्हें अगले दिन आईसीयू में जाना पड़ा। अंश ने अस्पताल में भर्ती होने के दौरान अपने फोटो भी शेयर किए हैं। इस मामले में अंश ने मानवाधिकार आयोग को भी खत लिखा है।

इस बीच गाजियाबाद पुलिस ने अंश अरोड़ा के खिलाफ विडियो फुटेज की जांच के बाद धाराएं बढ़ा दी हैं। एसएसपी का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज के सामने आने के बाद यह धाराएं बढ़ाई गई हैं। उन्होंने बताया कि जांच में अन्य तथ्य पाए जाने पर अंश अरोड़ा के खिलाफ और धाराएं बढ़ाई जा सकती हैं। अंश द्वारा पुलिस पर कस्टडी में मारपीट और थर्ड डिग्री देने के आरोपों की जांच के लिए कमेटी बनाई है। कमेटी की रिपोर्ट मिलने के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। वहीं अंश का कहना है कि वह अस्पताल से घर पहुंच गए हैं। उनसे अभी तक किसी ने भी संपर्क नहीं किया है।

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