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‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ की वापसी ने कुछ यूं मचाया 'धमाल'
29 जुलाई को स्टार प्लस और जियोहॉटस्टार पर प्रीमियर हुए ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ के रीबूट ने 2.5 TVR के साथ धमाकेदार शुरुआत की।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 6 months ago
29 जुलाई को स्टार प्लस और जियोहॉटस्टार पर प्रीमियर हुए ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ के रीबूट ने 2.5 TVR के साथ धमाकेदार शुरुआत की। BARC डेटा के मुताबिक, यह पिछले पांच वर्षों में किसी भी हिंदी GEC फिक्शन शो की सबसे बड़ी ओपनिंग है।
व्युअरशिप के इस बिखरे हुए परिदृश्य में, जहां ज्यादातर फिक्शन शोज ओपनिंग वीक में 2 TVR का आंकड़ा भी नहीं छू पाते, वहां यह नंबर खास तौर पर ध्यान खींचता है।
यह शो सप्ताह के दिनों में रात 10:30 बजे प्रसारित होता है, जो कि लेट प्राइम-टाइम स्लॉट है और इसे डिजिटल पर भी स्ट्रीम किया जा सकता है। शो में स्मृति ईरानी और अमर उपाध्याय अपनी प्रतिष्ठित भूमिकाओं में तुलसी और मिहिर वीरानी के रूप में लौटे हैं, साथ ही वीरानी परिवार की नई पीढ़ी को भी पेश किया गया है।
स्पॉन्सर्स की भरमार
टीवी और डिजिटल पर आक्रामक प्रचार के दम पर शो के लॉन्च से पहले ही इसे आठ प्रमुख प्रायोजक मिल चुके थे। इस परियोजना से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, लॉन्च से ठीक एक दिन पहले और चार विज्ञापनदाता इसमें शामिल हो गए, जिन्होंने प्री-रिलीज बज और अनुमानित व्युअरशिप आंकड़ों को देखकर यह फैसला लिया।
इन नए ब्रैंड्स में उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स, बीमा और घरेलू उत्पाद श्रेणियों के नाम शामिल हैं, हालांकि आधिकारिक तौर पर किसी ब्रैंड का नाम सामने नहीं आया है।
जियोस्टार के टीवी डिस्ट्रीब्यूशन हेड पीयूष गोयल ने लिंक्डइन पोस्ट में 2.5 TVR को “एक मील का पत्थर” बताया और केबल व डीटीएच पार्टनर्स का धन्यवाद किया।
उन्होंने लिखा, “हम सबने मिलकर ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ को पिछले पांच सालों का सबसे बड़ा हिंदी GEC फिक्शन लॉन्च बना दिया है।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि यह सफलता वितरण तंत्र की साझेदारी से ही संभव हो सकी जिसने शो की पहुंच को व्यापक बनाया।
रीबूट का फॉर्मूला: यादों की वापसी
इस रीबूट के प्रमोशन में पुरानी यादों को केंद्र में रखा गया—जहां पुराने किरदारों को दोबारा पेश किया गया और शो के मूल टाइटल ट्रैक का उपयोग करके उन दर्शकों को आकर्षित किया गया जो इसे 2000 के शुरुआती दशक में देखा करते थे। पहले एपिसोड में ‘बा’ और ‘सविता वीरानी’ जैसे प्रतिष्ठित किरदारों को श्रद्धांजलि भी दी गई।
प्रीमियर से एक दिन पहले ही जियोस्टार ने यह ऐलान कर दिया था कि आठ प्रमुख ब्रैंड्स इस शो के साथ बतौर प्रायोजक जुड़ चुके हैं।
स्टार प्लस पर यह शो Tide+, कल्याण ज्वेलर्स और मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड द्वारा को-प्रेजेंट किया जा रहा है। इसके साथ Fortune सोयाबीन ऑयल, कोलगेट और SMART बाजार को-पावर्ड बाय स्पॉन्सर्स के रूप में जुड़े हैं। वहीं जियोहॉटस्टार पर भी कल्याण ज्वेलर्स और मारुति सुजुकी को-प्रेजेंटिंग ब्रैंड्स हैं, जबकि Fortune चक्की फ्रेश आटा, UTI म्यूचुअल फंड और SMART बाजार को-पावर्ड बाय ब्रैंड्स के रूप में शामिल हैं। इस तरह कुल मिलाकर दोनों प्लेटफॉर्म्स पर आठ ब्रैंड्स की उपस्थिति है।
ब्रैंड्स के लिए व्यापक अवसर
चैनल के अनुसार, यह शो ब्रैंड्स और विज्ञापनदाताओं के लिए व्यापक अवसर लेकर आया है। टेलीविजन पर ब्रैंड्स को शो इंटिग्रेशन, ग्राफिक प्लेसमेंट्स, इंटीग्रेटेड लोगो यूनिट्स और प्रोमो टैग्स के जरिए दमदार मौजूदगी मिलती है। डिजिटल पर प्रभाव और भी बढ़ जाता है—ब्रैंडेड फीचर ट्रे, इन-एपिसोड ग्राफिक प्लेसमेंट (एस्टन्स और ब्रैंडेड विंडोज), को-ब्रैंडेड विगनेट्स, CTV पॉज एड्स, 3D ब्रेकआउट बिलबोर्ड और फेंस एड्स जैसे इनोवेटिव फॉर्मेट्स के जरिए। डिजिटल इकोसिस्टम न केवल विजिबिलिटी, बल्कि इंटरएक्शन तक की पूरी फनल पेश करता है—ब्रैंडेड क्विज से लेकर लंबे, इमोशनल नैरेटिव एसेट्स तक।
हर दिन प्रसारित होने वाला शो, ब्रैंड्स के लिए टेंटपोल
एक दैनिक प्राइमटाइम प्रॉपर्टी के रूप में लौटते हुए ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ में एक ओर जहां तुलसी वीरानी (स्मृति ईरानी) और मिहिर वीरानी (अमर उपाध्याय) जैसे चहेते किरदारों की वापसी हुई है, वहीं नई पीढ़ी और नई कहानियां भी जोड़ी गई हैं, जो उसी पारिवारिक मूल्यों पर आधारित हैं जिनके चलते यह शो एक दौर में प्रतीक बन गया था। सात दिन प्रसारित होने वाला यह शो स्टार प्लस की पहुंच और जियोहॉटस्टार की डिजिटल पैठ के साथ ब्रैंड्स के लिए विजिबिलिटी और कनेक्शन का एक अहम प्लेटफॉर्म बनकर उभर रहा है।
25 साल बाद वापसी, सीमित एपिसोड, बड़े इरादे
बालाजी टेलीफिल्म्स द्वारा निर्मित यह शो अपने मूल प्रीमियर के 25 वर्ष पूरे होने का जश्न भी है और आज की पीढ़ी के लिए एक नई प्रासंगिकता के साथ आया है, जहां विरासत, भावना और समकालीन जुड़ाव का दुर्लभ मेल दिखता है। सीमित एपिसोड्स और पहले से सुनिश्चित ब्रैंड इंटरेस्ट के साथ यह शो 2025 का एक बड़ा मीडिया मील का पत्थर बनने की ओर अग्रसर है।
सोशल मीडिया पर मिश्रित प्रतिक्रिया
हालांकि, शो को शुरुआती सोशल मीडिया प्रतिक्रियाएं मिली-जुली मिली हैं। लंबे समय से जुड़े दर्शकों ने शो से भावनात्मक जुड़ाव दिखाया है, जबकि युवा दर्शकों ने इसकी ‘ओल्ड-स्कूल’ ट्रीटमेंट और ओवर-द-टॉप ड्रामा को लेकर मिली-जुली टिप्पणियां कीं। यह देखना बाकी है कि क्या शो आगे चलकर अपनी कहानी कहने की शैली में कोई बदलाव करता है ताकि यह आधुनिक दर्शकों को भी अपने साथ जोड़ सके।
जियोस्टार की रणनीति का हिस्सा है ‘क्योंकि...’
‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ की वापसी जियोस्टार की व्यापक कंटेंट रणनीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य ऐसे लोकप्रिय IPs को दोबारा लॉन्च करना है जो दर्शकों को तय समय पर देखने के लिए प्रेरित कर सकें और ओटीटी की भीड़ में अलग नजर आएं। कंपनी ने इस शो को पारंपरिक प्राइम-टाइम टीवी और डिजिटल पर एक साथ रिलीज कर हाइब्रिड डिस्ट्रीब्यूशन मॉडल से पेश किया है।
इस शो की परफॉर्मेंस अन्य ब्रॉडकास्टर्स की प्रोग्रामिंग रणनीति को भी प्रभावित कर सकती है, जो इन दिनों गिरती व्युअरशिप और FMCG-विज्ञापन की सुस्ती के बीच कामयाबी का फॉर्मूला तलाश रहे हैं।
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