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बॉक्स ऑफिस को मिड-साइज मूवीज ने दिया बूस्ट, 2025 की पहली छमाही में 14% की ग्रोथ
2025 की पहली छमाही में 5,723 करोड़ रुपये की कमाई के साथ भारतीय बॉक्स ऑफिस ने बनाया नया रिकॉर्ड, हिंदी सिनेमा टॉप पर और मंझौली फिल्मों का दबदबा बढ़ा
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 7 months ago
कंचन श्रीवास्तव, सीनियर एडिटर, एक्सचेंज4मीडिया ।।
2025 की पहली छमाही में भारतीय घरेलू बॉक्स ऑफिस ने 5,723 करोड़ रुपये की कमाई की, जो पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 14% की वृद्धि को दर्शाता है। Ormax Media की रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी से जून 2025 के बीच 17 फिल्मों ने 100 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार किया, जबकि 2024 की पहली छमाही में यह संख्या सिर्फ 10 थी।
Ormax का अनुमान है कि अगर यह रुझान जारी रहा, तो भारत 2025 में लगभग 13,500 करोड़ रुपये के साथ अब तक का सबसे बड़ा वार्षिक बॉक्स ऑफिस रिकॉर्ड बना सकता है, बशर्ते साल के दूसरे हिस्से में प्रदर्शन सामान्य रहे।
‘छावा’ ने मारी बाजी, लेकिन मंझोली फिल्मों का बढ़ा प्रभाव
जहां छावा ने 693 करोड़ रुपये की कमाई कर चार्ट में टॉप किया, वहीं इस अवधि में सिर्फ एक ही फिल्म ने 250 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई की। इसका अर्थ है कि बॉक्स ऑफिस अब कुछ चुनिंदा मेगा-ब्लॉकबस्टर्स पर निर्भर नहीं रह गया है, बल्कि मंझोले बजट की कई फिल्मों की स्थिर कमाई से समग्र कारोबार को ताकत मिल रही है।
यह संकेत है कि सिनेमा हाल की दर्शक संख्या अब बड़े आयोजनों पर नहीं, बल्कि निरंतर दर्शक खिंचाव वाली विविध फिल्मों पर निर्भर हो रही है, जिससे बॉक्स ऑफिस एक अधिक संतुलित और स्थिर स्वरूप ग्रहण कर रहा है।
तमिल और हॉलीवुड सिनेमा का उभार
2024 की पहली छमाही में जहां एक भी तमिल फिल्म ने 100 करोड़ क्लब में प्रवेश नहीं किया था, वहीं 2025 के पहले छह महीनों में तीन तमिल फिल्मों ने यह मुकाम हासिल किया। इसी तरह, हॉलीवुड फिल्मों की हिस्सेदारी भी दोगुनी हो गई (6% से बढ़कर 13% हो गई) Deadpool & Wolverine और Inside Out 2 जैसी फिल्मों की सफलता की बदौलत।
2025 की पहली छमाही में टॉप-10 फिल्मों का कुल बॉक्स ऑफिस में योगदान 39% रहा, जो 2024 की पहली छमाही के 44% से कम है। Ormax के विश्लेषकों का मानना है कि इससे साफ है कि अब एक ज्यादा स्वस्थ और संतुलित बॉक्स ऑफिस परिदृश्य उभर रहा है।
मंझोली फिल्मों की भागीदारी से जोखिम हुआ कम
मंझोले बजट की फिल्मों की बढ़ती भागीदारी ने ब्लॉकबस्टर फिल्मों के प्रभुत्व को संतुलित किया है, जिससे बड़ी फिल्मों के असफल होने पर बॉक्स ऑफिस को झेलने वाली अस्थिरता में कमी आई है। Ormax के मुताबिक, निर्माता और वितरकों के लिए संदेश स्पष्ट है कि यदि वे रीजनल और जॉनर-केंद्रित फिल्मों पर ध्यान दें तो बिना बड़े सितारों वाली फिल्मों से भी स्थायी मुनाफा कमाया जा सकता है।
हिंदी सिनेमा शीर्ष पर, तेलुगु दूसरे नंबर पर
2025 की पहली छमाही में हिंदी सिनेमा ने एक बार फिर भारतीय बॉक्स ऑफिस में अपना दबदबा कायम किया और 38% हिस्सेदारी के साथ शीर्ष पर रहा, जो 2024 में 33% थी। इस बढ़त का सबसे बड़ा कारण छावा की जबरदस्त सफलता रही, जिसने अकेले 693 करोड़ रुपये कमाए।
तेलुगु सिनेमा दक्षिण भारत में प्रमुख शक्ति बना रहा और पूरे भारत के कुल बॉक्स ऑफिस कलेक्शन में करीब एक-तिहाई का योगदान दिया। तमिल सिनेमा ने भी उल्लेखनीय वापसी की, जहां छह महीनों में ही तीन फिल्मों ने 100 करोड़ से ज्यादा की कमाई की, जबकि 2024 में यह संख्या शून्य थी।
कन्नड़ और मलयालम सिनेमा की स्थिरता
इस बीच, कन्नड़ और मलयालम भाषा की क्षेत्रीय फिल्मों ने अपने-अपने घरेलू बाजारों में निरंतर प्रदर्शन के साथ अपनी मजबूती बनाए रखी। यह भारत के बहुभाषी सिनेमा परिदृश्य की विविधता और लचीलापन दर्शाता है।
जून में ‘सितारे जमीन पर’ ने की सबसे ज्यादा कमाई
जून 2025 का महीना भी भारतीय बॉक्स ऑफिस के लिए स्थिर रहा, जिसमें कुल कमाई 900 करोड़ रुपये के पार पहुंच गई, जिसमें उन फिल्मों की अनुमानित भविष्य की कमाई भी शामिल है जो अभी भी सिनेमाघरों में चल रही हैं।
आमिर खान की फिल्म सितारे ज़मीन पर जून की सबसे बड़ी हिट रही, जिसने 200 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार किया। इसके अलावा Kuberaa (तमिल/तेलुगु) और F1: The Movie (हॉलीवुड) ने भी इस महीने की कमाई में अहम योगदान दिया।
2025 की पहली छमाही ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भारतीय दर्शक अब सिर्फ बड़े सितारों पर निर्भर नहीं हैं। विविध भाषाओं और शैलियों की फिल्मों को मिल रही सफलता इस बात का संकेत है कि एक अधिक समावेशी, स्थिर और संतुलित फिल्म उद्योग आकार ले रहा है—जहां कंटेंट ही असली स्टार बनता जा रहा है।
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