जिन देशों ने खाड़ी देशों के शरणार्थियों के लिए बिना सोचे समझे अपने दरवाज़े खोल दिये उनका हाल क्या हो रहा है ये किसी से छिपा नहीं है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो 1 year ago


जसानी 13 साल से ज्यादा समय से आइसोबार के साथ जुड़े हुए थे।

समाचार4मीडिया ब्यूरो 4 years ago