बड़े घरानों के हितों-स्वार्थों का संरक्षण करना आज के दौर की पत्रकारिता का विद्रूप चेहरा है। पत्रकारिता परदे के पीछे है और तमाम मीडिया घरानों के धंधे सामने हैं।

राजेश बादल 2 years ago


आज भी सवालों को उठाने वाली पत्रकारिता की धमक अलग से दिख जाती है, लेकिन ऐसा क्या हुआ कि हम सवालों से किनारा कर गए।

समाचार4मीडिया ब्यूरो 2 years ago


30 मई 'हिंदी पत्रकारिता दिवस' देश के लिए एक गौरव का दिन है। आज विश्व में हिंदी के बढ़ते वर्चस्व व सम्मान में हिंदी पत्रकारिता का विशेष योगदान है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो 3 years ago


आज दुनिया के तमाम देश प्रगति और विकास की ओर तेजी से बढ़ते भारत को एक नई उम्मीद से देख रहे हैं। भारत की आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक यात्रा की एक नई शुरुआत हुई है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो 3 years ago


जहां तक टीवी चैनलों का प्रश्न है, उनका मुख्य लक्ष्य है, पैसा कमाना। पैसा आता है टीआरपी से। दर्शक संख्या बढ़ाने से! चैनलों को अखबारों के मुकाबले ज्यादा मजबूरी होती है।

डॉ. वेद प्रताप वैदिक 3 years ago


अत्याधुनिक संचार साधनों के दौर में लोकतांत्रिक देशों के लिए नई समस्याएं सामने आ रही हैं।

आलोक मेहता 3 years ago


एक पत्रकार के लिए आत्मसम्मान सबसे बड़ी पूंजी होती है और जब किसी पत्रकार को अपनी यह पूंजी गंवानी पड़े या गिरवी रखनी पड़े तो उसकी मन:स्थिति का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो 4 years ago


सामाजिक जीवन के सभी क्षेत्रों की तरह मीडिया भी इन दिनों सवालों के घेरे में है। उसकी विश्वसनीयता व प्रामाणिकता पर उठते हुए सवाल बताते हैं कि कहीं कुछ चूक हो रही है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो 4 years ago


पीत पत्रकारिता ने धीरे-धीरे अपना पांव पूरी तरह से पसार लिया है। पत्रकार बदला, पत्रकारिता बदली, पत्रकारिता के स्वरूप और मायने भी शनैः शनैः बदल गये हैं।

समाचार4मीडिया ब्यूरो 4 years ago


कार्यक्रम में मथुरा-वृंदावन नगर निगम के महापौर ने कहा, वरिष्ठ पत्रकार पंकज कुलश्रेष्ठ व महेश कुमार के नाम पर रखा जाएगा मार्ग का नाम

समाचार4मीडिया ब्यूरो 5 years ago