तो आशंकाएं सच होने लगी हैं। हिन्दुस्तान की पत्रकारिता पिछले 73 साल में अपने सबसे बुरे दौर में जा पहुंची है। कमर तो पहले ही टूटी हुई थी। रही सही कसर कोरोना ने पूरी कर दी है।

राजेश बादल 1 day ago


पत्रकारिता को अगर लोकतंत्र में चौथा स्तंभ कहा जाता है, तो प्रश्न यह है कि इस महत्वपूर्ण स्थान की क्या हम रक्षा कर पा रहे हैं?

राजेश बादल 1 week ago


शब्दों की सत्ता किसी का मोहताज नहीं होती। बेजोड़ शायर और गीतकार साहिर लुधियानवी ने अपनी रचनाओं से समूची दुनिया को दीवाना बना रखा था

समाचार4मीडिया ब्यूरो 2 weeks ago


सोशल मीडिया के अनेक अवतारों पर इन दिनों कोरोना से जुड़ी बेहद संवेदनशील खबरों की बाढ़ आई हुई है। पड़ताल करने के बाद इनमें आए कई वीडियो पुराने निकलते हैं।

राजेश बादल 2 weeks ago


डेढ़ महीने से ज़्यादा हो गया। अभी दो-तीन महीने और चलेगा, ऐसी आशंका है। उसके बाद साल भर तक इसके आफ्टर इफेक्ट्स होंगे।

राजेश बादल 3 weeks ago


‘रिपब्लिक टीवी’ के संपादक अरनब गोस्वामी से मुंबई में दस-बारह घंटे की पूछताछ इन दिनों बहस का मुद्दा है।

राजेश बादल 1 month ago


रिपब्लिक टेलिविजन चैनल के अरनब गोस्वामी पर मुंबई में हमले को शायद ही कोई जायज ठहराए। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की प्रतिक्रिया शारीरिक रूप से चोट पहुंचाने जैसी कार्रवाई से हो

समाचार4मीडिया ब्यूरो 1 month ago


वाकई मुश्किल दौर है। देश के लिए भी और पत्रकारिता के लिए भी। कोरोना जैसी संक्रामक भयावह महामारी ने समूची दुनिया को आतंकित कर दिया है

समाचार4मीडिया ब्यूरो 1 month ago


टेलिविजन चैनलों के राष्ट्रीय संगठन ने गुस्सा दिखाया है। सरकारी विज्ञापन बंद नहीं होने चाहिए।

राजेश बादल 1 month ago


इन दिनों पत्रकारिता तलवार की नोक पर चलने जैसी हो गई है। ‘द वायर’ के खिलाफ उत्तर प्रदेश सरकार ने एफआईआर दर्ज की है। स्पष्टीकरण के बावजूद यह रवैया बेहद आपत्तिजनक है।

राजेश बादल 2 months ago


पिछले सप्ताह जब मैंने कोरोना केंद्रित यह स्तंभ लिखा था तो उस समय के कवरेज को देखते हुए कुछ आशंकाएं प्रकट की थीं। इस सप्ताह यह कॉलम लिखते हुए मैं संतोष का अनुभव कर रहा हूं।

समाचार4मीडिया ब्यूरो 2 months ago


दुनिया दहशत में है। कोरोना काल बन गया है। मौत से अधिक मौत का डर है। भय के भूत की तरह। हर बड़े मुद्दे पर गैर जिम्मेदारी दिखाता हिंदी टीवी मीडिया

राजेश बादल 2 months ago


याद कीजिए, संसार के सारे कार्टूनिस्टों के सिरमौर आर.के. लक्ष्मण ने करीब आधी शताब्दी तक भारत के करोड़ों पाठकों के दिलों पर राज किया है।

राजेश बादल 3 months ago


शहर एक। दृश्य दो। एक में दुनिया के सबसे ताकतवर मुल्क के राष्ट्रपति तोपों की सलामी लेते हैं,उनकी पत्नी बच्चों के साथ खुशनुमा माहौल में वक्त बिताती हैं

राजेश बादल 3 months ago


यह नौबत भी आ गई। दिल्ली विधानसभा चुनाव के परिणाम आए तो मीडिया मुद्दों पर दो फाड़ हो गया

राजेश बादल 3 months ago


समाज में हर क्षेत्र के पूर्वजों के प्रति इतनी उदासीनता शायद ही किसी अन्य देश में होगी

राजेश बादल 3 months ago


दिल्ली चुनाव में अब लगभग सौ घंटे बचे हैं। डेढ़-दो महीने तक प्रचार की हड़बोंग में इस बार पत्रकारिता की अनेक परंपराएं और नियम टूट गए और आत्म अनुशासन के किले ढह गए

राजेश बादल 4 months ago


पत्रकारिता धर्म भी विकट है। अगर किसी जन आंदोलन का कवरेज छोड़ दिया जाए तो आरोप लगने लगते हैं।

राजेश बादल 4 months ago


इस कॉलम के जरिये मैंने कई बार इसका इजहार किया कि अब मीडिया को अपनी आचार संहिता तैयार करने का समय आ गया है

राजेश बादल 4 months ago


अगर हमारी मानसिक सीमाएं सिकुड़कर केवल टीआरपी की होड़ पर टिक जाएंगीं तो इसका खामियाजा कौन भुगतेगा?

राजेश बादल 4 months ago