पत्रकारों के लिए वकील या डॉक्टर की तरह पेशेवर डिग्री कितनी जरूरी है? यह सवाल दशकों से भारतीय पत्रकारिता और बौद्धिक गलियारों में तैरता रहा है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 3 years ago
स्वभाव से मैं कभी भी निराशावादी नहीं रहा। जिंदगी में कई बार आशा और निराशा के दौर आए और चले गए, लेकिन यह साल जिस तरह पत्रकारिता और पत्रकारों को बांटकर जा रहा है, वह अवसाद बढ़ाने वाला है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 3 years ago
देश के सबसे चर्चित शो 'आप की अदालत' के नए एपिसोड को लेकर अब दर्शकों को लंबा इंतजार नहीं करना होगा।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 3 years ago
एनडीटीवी के बारे में कल मैंने जो टिप्पणी की, उस पर अनेक मित्रों ने कहा कि इसमें रवीश कुमार का जिक्र होना चाहिए था।
राजेश बादल 3 years ago
संस्था के नाम पर भले ही एनडीटीवी (NDTV) मौजूद रहे, लेकिन पत्रकारिता के क्षेत्र में अनेक सुनहरे अध्याय लिखने वाले इस संस्थान का विलोप हो रहा है।
राजेश बादल 3 years ago
स्वस्थ पत्रकारिता को समर्पित पत्रकारों के लिए ऐसे फैसले बड़े दुख भरे होते हैं। जो दुनिया भर के लिए लड़ते हैं, उनके लिए कोई नही लड़ता।
राजेश बादल 3 years ago
बयालीस-तैंतालीस साल तो हो ही गए होंगे, जब मैं रायपुर में रमेश नैयर जी से पहली बार मिला था।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 3 years ago
यह दो घटनाएं इस बात का सुबूत हैं कि सरकार की गोद में बैठने या उसके खिलाफ एजेंडे की हद तक निंदा करना अब खतरे से खाली नहीं रहा है।
राजेश बादल 3 years ago
बचपन से ही मुझे पढ़ने का शौक रहा है। राम चरित मानस से लेकर महाभारत और रामचंद्र गुहा से लेकर मस्तराम कपूर तक की किताबें।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 3 years ago
राजेश बादल की किताब 'कहां तुम चले गए... दास्तान ए जगजीत' का लोकार्पण दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में गुरुवार की शाम एक विशेष कार्यक्रम के दौरान किया गया।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 3 years ago