'एसपी की एक थपकी ने मुझे कितना कुछ दिया, शब्दों में व्यक्त नहीं कर सकता'

एसपी ने अपनी ढाई दशक की पत्रकारिता में हिंदी पत्रकारिता को नए तेवर, नए आयाम दिए। सच तो यह है कि उन्होंने हिंदी पत्रकारिता की दिशा भी बदली और दशा भी।

Last Modified:
Monday, 27 June, 2022
SPSingh8775


डॉ. वीरेन्द्र आजम ।। 'ये थी खबरें आज तक-इंतजार कीजिए कल तक’ यही वो वाक्य है जिसने हिंदी पत्रकारिता में क्रांति का सूत्रपात किया। यही वो व...
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