FactCheck: Republic Tv पर रिटायर्ड मेजर के फर्जी विडियो की खुली पोल, जब सामने आई ये सच्चाई

अरनब गोस्वामी के सलाहकार और ‘रिपब्लिक टीवी’ के एंकर मेजर (रिटायर्ड) गौरव आर्या पर फर्जी न्यूज़...

Last Modified:
Monday, 18 March, 2019
Fake News

समाचार4मीडिया ब्यूरो।।

अरनब गोस्वामी के ‘रिपब्लिक टीवी’ के एंकर मेजर (रिटायर्ड) गौरव आर्या पर फर्जी न्यूज़ फैलाने का आरोप है। आर्या ने कुछ दिन पहले अपने ट्विटर हैंडल पर एक विडियो शेयर किया था, जिस पर काफी यूजर्स ने सवाल उठाये। हालांकि, मेजर आर्या पर इसका कोई असर नहीं हुआ। उल्टा उन्होंने सवाल उठाने वालों को पाकिस्तानी कहकर बात टाल दी। जब विडियो पर ज्यादा बवाल हुआ, तो फैक्ट चेकिंग वेबसाइट ‘ऑल्ट न्यूज़’ ने इसकी पड़ताल की और परिणाम वही निकला, जिसकी आशंका व्यक्त की जा रही थी। यानी मेजर आर्या विडियो की जो कहानी बयां कर रहे थे, वो पूरी तरह से गलत है।

गौरव आर्या ‘रिपब्लिक टीवी’ पर प्रसारित होने वाला शो ‘पेट्रीअट’ होस्ट करते हैं। इस शो में वह सेना और उससे जुड़े पहलुओं एवं गतिविधियों पर बात करते हैं। कुछ दिन पहले उन्होंने एक विडियो पोस्ट किया था, जिसे उन्होंने बलूचिस्तान का करार दिया था। विडियो में दिखाया गया था कि कमांडो कुछ लोगों को पीट रहे हैं, जिन्होंने सेना की वर्दी पहनी हुई है। आर्या ने कैप्शन में लिखा था कि 27 फरवरी को बलूच रिपब्लिक आर्मी के फ्रीडम फाइटरों ने बलूचिस्तान के मांड क्षेत्र में पाक सेना की 3 चौकियों पर हमला किया। हमला इतना भयानक था कि फ्रंटियर कॉर्प्स के सैनिक भाग खड़े हुए। उन्हें बाद में पाक आर्मी के एसएसजी द्वारा पकड़ा गया और बेरहमी से उनकी पिटाई की गई। देखें बिना कपड़ों के पाक आर्मी’।

 

जब यह विडियो तेजी से वायरल होने लगा तो कुछ लोगों ने मेजर को इस हकीकत से वाकिफ कराने का प्रयास किया कि जिस विडियो को वो बलूचिस्तान का बता रहे हैं, वो दरअसल पाकिस्तानी सैनिकों की ट्रेनिंग से जुड़ा है, लेकिन मेजर ने इसे अनसुना कर दिया। उल्टा उन्होंने सवाल उठाने वालों को एक तरह से पाकिस्तानी ही कह डाला। आर्या ने अपने दूसरे ट्वीट में लिखा कि ‘अज्ञानी पाकिस्तानी मेरे द्वारा पोस्ट किये गए विडियो पर टिप्पणी कर रहे हैं कि ये एसएसजी का प्रशिक्षण है, लेकिन ऐसा नहीं है। यातना सहने का प्रशिक्षण अत्यधिक तकनीकी प्रक्रिया है और इसमें अत्यधिक मनोवैज्ञानिक, शारीरिक और भावनात्मक तनाव शामिल होता है। यह ऐसा नहीं है कि डंडा लिया और ठोक दिया’।

 

इसके बाद ऑल्ट न्यूज़ ने विडियो की पड़ताल शुरू और पाया कि यह विडियो काफी पहले से ही यूट्यूब पर है, जबकि आर्या उसे 27 फरवरी के बाद की घटना बता रहे हैं। यानी इस लिहाज से देखा जाये तो मेजर आर्या का दावा पूरी तरह से गलत है। ऑल्ट न्यूज़ की रिपोर्ट कहती है कि विडियो में दिखाए गए सभी सैनिक पाकिस्तानी सेना की स्पेशल सर्विस ग्रुप (SSG) के कमांडो हैं, जो दूसरे सैनिकों को यातना सहने के अभ्यास का प्रशिक्षण दे रहे हैं। ऑल्ट न्यूज़ ने ‘SSG cammando training’ कीवर्ड्स से यूट्यूब पर खोज की तो पता चला कि यह विडियो 5 फरवरी 2019 को ‘Pak Army SSG training’ शीर्षक से पोस्ट किया गया था। जबकि गौरव आर्या ने दावा किया गया है कि यह विडियो  उन पाकिस्तानी सैनिकों की पिटाई की घटना से संबंधित है, जो 27 फरवरी को चौकी छोड़कर भाग गए थे। इस तरह से यदि आर्या का दावा सही है तो ये विडियो 5 फरवरी को कैसे अपलोड हो गया? इस विडियो के एक-एक फ्रेम को देखने पर ज्ञात होता है कि एक कमांडो की टी-शर्ट के पीछे ‘इंस्ट्रक्टर (instructor)’ शब्द लिखा हुआ है, जो एक तात्कालिक संकेत है कि यह एक प्रशिक्षण प्रक्रिया है। 

ऑल्ट न्यूज़ की पूरी रिपोर्ट को आप नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक कर पढ़ सकते हैं-

https://www.altnews.in/major-gaurav-arya-tweets-misleading-video-defends-the-misinformation/

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