ट्विटर के टॉप ट्रेंड में दिखी BW पर अरनब द्वारा लिखी गई 'मन की बात'

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। ‘टाइम्स नाउ’ के एडिटर-इन-चीफ अरनब गोस्वामी ने सोशल मीडिया पर हो रही चर्चाओं और उठ रहे सवलों का जवाब देते हुए ‘बिजनेस वर्ल्ड’ में एक कॉलम लिखा था, जिसे ट्विटर पर भी शेयर किया गया थ। इस कॉलम को ट्विटर पर मात्र 6 घंटों में ही 10,000 लोगों ने पढ़ा। दरअसल कई पत्रकारों और यू

Last Modified:
Tuesday, 05 July, 2016
arnab

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।

‘टाइम्स नाउ’ के एडिटर-इन-चीफ अरनब गोस्वामी ने सोशल मीडिया पर हो रही चर्चाओं और उठ रहे सवलों का जवाब देते हुए ‘बिजनेस वर्ल्ड’ में एक कॉलम लिखा था, जिसे ट्विटर पर भी शेयर किया गया थ। इस कॉलम को ट्विटर पर मात्र 6 घंटों में ही 10,000 लोगों ने पढ़ा। दरअसल कई पत्रकारों और यूजर्स ने गोस्वामी पर हाल ही में लिए पीएम नरेंद्र मोदी के एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में नरम रुख अपनाने का आरोप लगाते हुए निशाना साधा था, जिसके जवाब में उन्होंने ये कॉलम लिखा था। यहां पढ़ें:  BW EXCLUSIVE: पीएम संग अरनब का इंटरव्यू तो देखा, अब इस पर पढ़िए अरनब के ‘मन की बात’   सभी तरह के सवालों का जवाब देते हुए अरनबन कॉलम भी ट्विटर पर चर्चा में आ गया था। जानी-मानी वरिष्ठ महिला पत्रकार सागरिका घोष ने अपने एक ट्वीट के जरिए अरनब गोस्वामी द्वारा लिए गए इंटरव्यू की आलोचना की थी, जिसके बाद उन्होंने अपनी ये ट्वीट हटा ली थी।

समाचार4मीडिया देश के प्रतिष्ठित और नं.1 मीडियापोर्टल exchange4media.com की हिंदी वेबसाइट है। समाचार4मीडिया.कॉम में हम आपकी राय और सुझावों की कद्र करते हैं। आप अपनी राय, सुझाव और ख़बरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। आप हमें हमारे फेसबुक पेज पर भी फॉलो कर सकते हैं।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
TAGS media
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

वायरल हुआ- शो के दौरान 'कपड़े' पहनना भूल गई एंकर, तस्वीरों पर देनी पड़ी सफाई

यूरोपियन चैंपियनशिप की प्रजेंटर और जर्नलिस्ट पाओला फेरारी (Paola Ferrari) इन दिनों खासी चर्चा में हैं और वह भी अजीबो-गरीब वजह से

Last Modified:
Thursday, 24 June, 2021
PaulaFerari5454

यूरोपियन चैंपियनशिप की प्रजेंटर और जर्नलिस्ट पाओला फेरारी (Paola Ferrari) इन दिनों खासी चर्चा में हैं और वह भी अजीबो-गरीब वजह से। दरअसल, पाओला फेरारी सोशल मीडिया पर तब ट्रेंड में आ गईं, जब लोगों ने आरोप लगाया कि उन्होंने एक शो के दौरान अंडरगार्मेंट्स नहीं पहने थे।

लोगों ने फेरारी को इस बात पर जमकर ट्रोल किया। इस दौरान का एक वीडियो भी शेयर किया जाने लगा।

आखिरकार जब मामला तूल पकड़ने लगा तो फेरारी ने सामने आकर रिएक्शन दिया। उन्होंने मामले पर सफाई देते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, 'मुझे लगता है कि वायरल वीडियो के बारे में बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है। मैं कहना चाहती हूं कि मैंने उस शाम को दो शो प्रजेंट किए थे और मैने अंडरगार्मेंट्स पहने हुए थे।'

पाओला फेरारी मशहूर फुटबॉल जर्नलिस्ट हैं। 60 साल की पाओला फेरारी को उनके ड्रेस के चलते काफी शर्मिंदगी उठानी पड़ रही है। उनकी तुलना बीते जमाने की मशहूर एक्ट्रेस शेरोन स्टोन (Sheron Stone) की जा रही है। शेरोन स्टोन की फिल्म बेसिक इंस्टिंक्ट (Basic Instinct) के एक सीन में फेरारी की ही तरह क्रॉस लेग्स बैठी थीं और उन्होंने अपनी ड्रेस के नीचे कुछ नहीं पहना था।

सोशल मीडिया पर लोगों का कहना है कि फेरारी ने जान-बूझकर स्टोन की स्टाइल कॉपी की है। हालांकि फेरारी बार-बार इस बात को नकार रही हैं। उन्होंने कहा कि, ‘मैं जानती हूं कि शेरोन स्टोन ने बेसिक इंस्टिक्ट फिल्म में अंडरगार्मेंट नहीं पहने थे, लेकिन मैं अपनी हेल्थ और हाइजिन की परवाह करती हूं। सोशल मीडिया पर वो क्लिप वायरल हो चुकी है। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि वे यूरोपियन चैंपियनशिप में फील्ड से ज्यादा इस वीडियो के लिए वर्चुएल असिस्टेंट रेफरी का इस्तेमाल कर रहे हैं। मुझे लगता है कि लोगों को इसे गंभीरता से नहीं लेना चाहिए।'

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

वॉट्सऐप पर प्रतिबंध लगाने की उठी मांग, केरल हाई कोर्ट में याचिका

केरल हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है, जिसमें केंद्र सरकार को वॉट्सऐप के संचालन व इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश देने की मांग की गई है

Last Modified:
Thursday, 24 June, 2021
whatsapp457

केरल हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है, जिसमें केंद्र सरकार को वॉट्सऐप के संचालन व इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश देने की मांग की गई है, यदि वॉट्सऐप भारतीय अधिकारियों के साथ सहयोग करने के लिए राजी न हो।

याचिकाकर्ता केजी ओमानकुट्टन एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं, जिन्होंने राष्ट्रीय और सार्वजनिक हित का हवाला देते हुए अदालत का रुख किया। उनकी इस याचिका पर अदालत सोमवार को विचार करेगी।

अपनी याचिका में उन्होंने आरोप लगाया कि वॉट्सऐप सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यवर्ती दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया एथिक कोड) नियम, 2021 के अनुरूप काम नहीं करता है।

याचिका में यूजर्स द्वारा हेरफेर की संभावना को भी दर्शाया गया है और कहा गया है कि प्रसारित किए जा रहे संदेश की उत्पत्ति का पता लगाना मुश्किल है।

याचिका में कहा गया है कि वॉट्सऐप ने आईटी नियमों का पालन करने से यह कहते हुए इनकार कर दिया कि उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट के समक्ष अपने यूजर्स की प्राइवेसी का उल्लंघन किया है। हालांकि, अपडेट की गई प्राइवेसी पॉलिसी में खुले तौर पर उल्लेख किया गया है कि एप्लिकेशन अपने यूजर्स के कई पर्सनल डेटा को संग्रहित, एक्सेस और उपयोग करेगा, जिसमें उनके उपकरणों में बची हुई बैटरी भी शामिल है, जो गोपनीयता के अधिकार का गंभीर उल्लंघन है। याचिकाकर्ता ने दावा किया कि ऐप में सुरक्षा की कमी है और समय के साथ कई बग्स और त्रुटियां भी सामने आई हैं। 

बता दें कि इस साल 25 फरवरी को, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना तकनीक मंत्रालय ने मध्यस्थ दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड की घोषणा की थी। तीन-भाग के नियमों में सोशल मीडिया बिचौलियों, महत्वपूर्ण सोशल मीडिया मध्यस्थों और डिजिटल समाचार प्रकाशनों के लिए दिशानिर्देश थे।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

सोशल मीडिया कंपनियों के लिए जारी नए IT नियमों को लेकर सरकार जल्द उठाएगी ये कदम!

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस दिशा में काम चल रहा है और अगले एक-दो हफ्तों में इन्हें जारी किए जाने की उम्मीद है।

Last Modified:
Tuesday, 22 June, 2021
Social Media

नए इंटरमीडियरी नियमों (new intermediary rules) को लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY)  जल्द ही अक्सर पूछे जाने प्रश्न (FAQs) और उनके जवाब जारी करेगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसके बारे में पूरी जानकारी ले सकें।   

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस दिशा में काम चल रहा है और अगले एक-दो हफ्तों में इन्हें जारी किए जाने की उम्मीद है। इसमें सोशल मीडिया कंपनियों के लिए नए पेश किए गए आईटी नियमों के सभी महत्वपूर्ण पहलुओं को शामिल करते हुए 10-20 प्रश्नों का एक सेट होगा, जिसमें बताया जाएगा कि कैसे ये नियम सोशल मीडिया यूजर्स के लिए फायदेमंद होंगे। इसके अलावा इसमें स्टेकहोल्डर्स से संभावित अन्य स्पष्टीकरण शामिल हो सकते हैं।

गौरतलब है कि सरकार ने सोशल मीडिया कंपनियों के लिए नए आईटी नियमों की घोषणा की है। इस नए नियम के तहत ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम और वॉट्सऐप जैसे बड़े सोशल मीडिया मंचों को अतिरिक्त उपाय करने की जरूरत होगी। इसमें भारत में मुख्य अनुपालन अधिकारी, नोडल अधिकारी और शिकायत अधिकारी की नियुक्ति आदि शामिल हैं। जहां तक ओटीटी प्लेटफॉर्म्स का सवाल है, उनमें से कुछ ने अभी तक इन गाइडलाइंस का पालन नहीं किया है।

इससे पहले इस महीने की शुरुआत में सरकार ने ट्विटर को नियमों के अनुपालन का आखिरी मौका देते हुए कहा था कि अगर वह इसमें विफल रहती है, तो उसे आइटी कानून के तहत मध्यस्थ मंच के नाते दायित्व से जो छूट मिली है, वह वापस ले ली जाएगी। इसके साथ ही उसे आइटी कानून और अन्य दंडात्मक प्रावधानों के तहत कार्रवाई के लिए तैयार रहना होगा।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

प्रेस क्लब व IWPC ने की पत्रकारों के खिलाफ दर्ज FIR रद्द करने की मांग

पत्रकार निकायों ने एक वीडियो क्लिप साझा करने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा एक न्यूज पोर्टल और कुछ पत्रकारों के खिलाफ दर्ज की गई प्राथमिकी को रद्द करने की बुधवार को मांग की।

Last Modified:
Thursday, 17 June, 2021
fir545

पत्रकार निकायों ने एक वीडियो क्लिप साझा करने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा एक न्यूज पोर्टल और कुछ पत्रकारों के खिलाफ दर्ज की गई प्राथमिकी को रद्द करने की बुधवार को मांग की। वीडियो में एक मुस्लिम बुजुर्ग कह रहे हैं कि उन्हें पीटकर ‘जय श्री राम' का नारा लगाने के लिए कहा गया।

इंडियन वुमन्स प्रेस कोर (IWPC) ने पुलिस कार्रवाई पर ‘हैरानी और निराशा’ व्यक्त करते हुए कहा कि गाजियाबाद पुलिस पत्रकारों और समाचार संगठनों पर कार्रवाई करने के लिए समय और संसाधन खर्च करने में जुटी है। गाजियाबाद पुलिस के अधिकार क्षेत्र में बुजुर्ग व्यक्ति पर कथित हमला हुआ था। पत्रकार निकाय ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि यह मीडिया का मुंह बंद करने और ध्यान भटकाने की कोशिश है।

आईडब्ल्यूपीसी ने कहा, 'हम यूपी पुलिस से अपराध की जांच पर ध्यान केंद्रित करने और अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाने का आग्रह करते हैं। साथ ही हम पत्रकारों और समाचार संगठनों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने की मांग करते हैं।'

वहीं, प्रेस क्लब ऑफ इंडिया (पीसीआई) ने भी पत्रकारों के खिलाफ प्राथमिकी को रद्द करने की मांग करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार से इस मामले में 'जल्द से जल्द' हस्तक्षेप करने की अपील की।

उत्तर प्रदेश पुलिस ने वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर साझा करने के लिये मंगलवार को ट्विटर इंक, ट्विटर कम्युनिकेशन्स इंडिया, न्यूज वेबसाइट ‘द वायर’, पत्रकार मोहम्मद जुबैर और राणा अय्यूब, कांग्रेस नेता सलमान निजामी, मश्कूर उस्मानी, डॉ. शमा मोहम्मद और लेखिका सबा नकवी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

संसदीय समिति ने ट्विटर को किया तलब, इस बात पर होगी चर्चा

सूचना और प्रौद्योगिकी मामलों पर संसदीय स्थायी समिति (Parliamentary Standing Committee) ने माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर को शुक्रवार यानी 18 जून को तलब किया है।

Last Modified:
Thursday, 17 June, 2021
Twitter

इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (Meity) के साथ चल रही खींचतान के बीच, सूचना और प्रौद्योगिकी मामलों पर संसदीय स्थायी समिति (Parliamentary Standing Committee) ने माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर को शुक्रवार यानी 18 जून को तलब किया है।

कांग्रेस सांसद शशि थरूर की अध्यक्षता वाली संसदीय समिति ने ट्विटर से नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा और डिजिटल स्पेस में महिला सुरक्षा पर विशेष जोर देने सहित सोशल/ऑनलाइन न्यूज मीडिया प्लेटफॉर्म के दुरुपयोग को रोकने पर अपने विचार रखने को कहा है। बैठक में संसदीय समिति ट्विटर के प्रतिनिधियों के विचारों को सुनेगी।

बता दें कि यह बैठक संसद परिसर में आयोजित की जाएगी, जहां ट्विटर के प्रतिनिधियों, सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्रालय (Ministry of Information and Technology) के अधिकारियों और समिति के सदस्यों की उपस्थिति में यूजर्स के अधिकारों की सुरक्षा पर चर्चा की जाएगी, जिसमें लोकसभा और राज्यसभा दोनों के 31 सांसद शामिल हैं।

बैठक के लिए एजेंडा पेपर मेंबर्स के ई-पोर्टल पर अपलोड किए जाएंगे और साथ ही इन्हें सदस्यों को मेल पर भी भेजा जाएगा। मेंबर्स से बैठक में भाग लेने का अनुरोध किया गया है, क्योंकि सोशल नेटवर्किंग साइट्स के दुरुपयोग का यह मुद्दा बहुत ही संवेदनशील है।

बता दें कि कांग्रेस नेता शशि थरूर के अध्यक्षता वाली इस संसदीय समिति में लोकसभा से 21 और राज्यसभा से 10 सहित 31 सदस्य शामिल हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स का कहना है कि नए आईटी नियमों का पालन न करने के कारण ट्विटर ने अपना सुरक्षित ठिकाना खो दिया है। आईटी अधिनियम की धारा 79 मध्यस्थों को तीसरे पक्ष की सामग्री के कारण उत्पन्न होने वाली परेशानियों से बचाती है। नए मध्यस्थ दिशानिर्देशों का पालन न करने को लेकर ट्विटर का Meity से टकराव चल रहा है।

हालांकि, इंटरनेट की आजादी के लिए काम करने वाली संस्था इंटरनेट फ्रीडम फाउंडेशन (IFF) ने उन मीडिया रिपोर्ट्स को खारिज कर दिया है, जिसमें कहा गया है कि ट्विटर ने एक मध्यस्थ स्थिति का सुरक्षा कवच खो दिया है। गैर-लाभकारी इंटरनेट फ्रीडम फाउंडेशन के मुताबिक, मध्यस्थ स्थिति एक रजिस्ट्रेशन नहीं है, जो सरकार द्वारा प्रदान किया जाता है।

फाउंडेशन ने अपने ट्वीट्स में कहा, वर्तमान चिंताएं आईटी नियमों के नियम 7 से उत्पन्न होती हैं, लेकिन नियम 7 केवल यह कहता है कि आईटी अधिनियम की धारा 79 के प्रावधान उन बिचौलियों पर लागू नहीं होंगे, जो आईटी नियमों का पालन करने में विफल रहते हैं।

ट्वीट में कहा गया है, नए आईटी नियम, कई डिजिटल अधिकार संगठनों के अनुसार, असंवैधानिक हैं। वास्तव में, उन्हें कई राज्य हाई कोर्ट्स (जैसे टी. एम. कृष्णा, एक प्रमुख कर्नाटक संगीत गायक और मद्रास हाईकोर्ट में सांस्कृतिक आलोचक) द्वारा चुनौती दी गई है।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

नए IT नियमों का पालन न करने पर ट्विटर से छिना कानूनी सुरक्षा का यह अधिकार!

इसके तहत ट्विटर के किसी भी यूजर्स द्वारा आपत्तिजनक अथवा भड़काऊ पोस्ट के मामले में इसके शीर्ष अधिकारियों को उत्तरदायी ठहराया जा सकता है।

Last Modified:
Wednesday, 16 June, 2021
Twitter

नए आईटी नियमों पर इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के साथ लंबे टकराव के बाद ट्विटर अपनी मध्यस्थ की स्थिति (intermediary status) खो सकता है। वैधानिक अधिकारियों को नियुक्त करने में विफलता के साथ ही इस माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म के शीर्ष अधिकारियों को यूजर्स के किसी भी भड़काऊ अथवा गैरकानूनी पोस्ट के लिए जवाबदेह ठहराया जा सकता है। यानी, थर्ड पार्टी कंटेंट के लिए ट्विटर किसी आपराधिक जांच से मुक्त नहीं होगा और कंटेंट को लेकर किसी प्रकार की शिकायत मिलने पर ट्विटर के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की जा सकती है।   

इस कदम के साथ ही, ट्विटर अकेला ऐसा अमेरिकी प्लेटफॉर्म बन गया है, जिसे आईटी एक्ट के सेक्शन 79 के तहत कंपनी को जिम्मेदार ठहराए जाने से अब तक जो छूट मिली हुई हैं,  वह खत्म हो सकती है और अब यह आईटी अधिनियम समेत दूसरे दंडात्मक भारतीय कानूनों के तहत जिम्मेदार होगा।

बताया जाता है कि नए नियमों का पालन करने वाले फेसबुक, वॉट्सऐप, गूगल और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म्स को यह छूट मिलती रहेगी और वे थर्ड पार्टी कंटेंट के लिए जवाबदेह नहीं होंगे।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एक सरकारी अधिकारी का इस बारे में कहना है कि पर्याप्त समय दिए जाने के बावजूद ट्विटर मुख्य अनुपालन अधिकारी, नोडल अधिकारी और शिकायत अधिकारी नियुक्त करने में विफल रहा है। ऐसे में वह अपने किसी भी यूजर्स की किसी भी भड़काऊ अथवा आपत्तिजनक पोस्ट के लिए जिम्मेदार होगा।

गौरतलब है कि फरवरी में इलेक्ट्रानिक्स व आइटी मंत्रालय की तरफ से इंटरनेट मीडिया के लिए नए नियम जारी किए गए थे। इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म को इन नियमों का पालन के लिए तीन महीने का समय दिया गया था, जो 25 मई को समाप्त हो गया।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

Twitter के नोटिस के बाद कार्टूनिस्ट मंजुल के खिलाफ नेटवर्क18 ने लिया ये एक्शन!

मंजुल को चार जून को ट्विटर ने सूचित किया था कि भारतीय कानूनों के 'उल्लंघन' के लिए उनका ट्विटर अकाउंट जांच के दायरे में आ गया है

Last Modified:
Friday, 11 June, 2021
Cartoonist Manjul

पॉलिटिकल कार्टूनिस्ट मंजुल को ‘नेटवर्क18’ (Network18) से कथित रूप से निलंबित कर दिया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मंजुल को ट्विटर द्वारा एक नोटिस मिलने के बाद यह कदम उठाया गया है। बताया जाता है कि मंजुल को चार जून को ट्विटर ने सूचित किया था कि भारतीय कानूनों के 'उल्लंघन' के लिए उनका ट्विटर अकाउंट जांच के दायरे में आ गया है।

मंजुल को भेजे अपने नोटिस में ट्विटर द्वारा कहा गया था कि ‘भारतीय कानून प्रवर्तन’ (Indian law enforcement) द्वारा उनके (मंजुल के) ट्विटर अकाउंट के खिलाफ कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो नेटवर्क18 द्वारा मंजुल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यहां वह करीब छह साल से कॉन्ट्रैक्ट आधार पर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे। ट्विटर का नोटिस मिलने के बाद से  कार्टूनिस्ट को सोशल मीडिया पर भारी समर्थन मिल रहा है। यहां तक ​​कि अन्य कार्टूनिस्टों ने भी उनके प्रति एकजुटता व्यक्त की है।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

नए IT नियमों का पालन करने के लिए ट्विटर ने सरकार से मांगा समय, दिया ये हवाला

ऑनलाइन सोशल नेटवर्किंग साइट ट्विटर ने नए सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) नियमों का पालन करने के लिए सरकार से और समय मांगा है।

Last Modified:
Tuesday, 08 June, 2021
Twitter

ऑनलाइन सोशल नेटवर्किंग साइट ट्विटर ने नए सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) नियमों का पालन करने के लिए सरकार से और समय मांगा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्विटर ने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) को पत्र लिखकर कहा कि वह नियमों का पालन करने का इरादा रखती है, लेकिन भारत में महामारी की स्थिति के कारण उसे अधिक समय की जरूरत है।

वहीं, इससे पहले इससे ट्विटर प्रवक्ता ने दोहराया था कि माइक्रोब्लॉगिंग साइट भारत के लिए प्रतिबद्ध है और बनी रहेगी। प्रवक्ता ने कहा था, ‘हमने भारत सरकार को आश्वासन दिया है कि ट्विटर नए दिशानिर्देशों का पालन करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है, और हमारी प्रगति का संक्षिप्त विवरण विधिवत रूप से साझा किया गया है। हम भारत सरकार के साथ अपनी सकारात्मक बातचीत जारी रखेंगे।’

बता दें कि ये प्रतिक्रिया तब आई है जब शनिवार को MeitY ने आईटी नियमों का पालन न करने पर ट्विटर को फटकार लगाई और स्पष्टीकरण मांगा। सोशल मीडिया दिग्गज को संबोधित पत्र में, मंत्रालय ने कहा था कि ट्विटर ने अपने मुख्य अनुपालन अधिकारी के बारे में सूचित नहीं किया है और यह भी कहा है कि ट्विटर द्वारा नामित निवासी शिकायत अधिकारी और नोडल संपर्क व्यक्ति ट्विटर इंक का कर्मचारी नहीं है और कंपनी का आधिकारिक पता भारत में एक कानूनी फर्म का है, जो कि नियमों के अनुसार नहीं है। इसके बाद, इसने चेतावनी दी कि अनुपालन नहीं किया तो इसके अनायास नतीजे होंगे, जिसमें ट्विटर एक मध्यस्थ के रूप में दायित्व से छूट खो देगा।

वहीं, मंत्रालय ने अपने नोटिस में यह भी कहा था कि ट्विटर द्वारा इन नियमों के अनुपालन नहीं किया जाना यह दर्शाता है कि इस माइक्रोब्लॉगिंग साइट में भारत के प्रति प्रतिबद्धता की कमी है और वह भारत के लोगों को अपने मंच पर सुरक्षित अनुभव प्रदान करने का प्रयास नहीं करना चाहती। 

मंत्रालय ने कहा था, भारत में करीब एक दशक से अधिक से परिचालन के बावजूद यह विश्वास करना मुश्किल है कि ट्विटर एक ऐसा तंत्र विकसित करने से कतराती रही है, जिससे भारत के लोगों को उसके मंच पर अपने मुद्दों के समयबद्ध और पारदर्शी व उचित प्रक्रिया से समाधान में मदद मिलती। 

गौरतलब है कि सरकार ने सोशल मीडिया कंपनियों के लिए नए आईटी नियमों की घोषणा की है। इस नए नियम के तहत ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप जैसे बड़े सोशल मीडिया मंचों को अतिरिक्त उपाय करने की जरूरत होगी। इसमें भारत में मुख्य अनुपालन अधिकारी, नोडल अधिकारी और शिकायत अधिकारी की नियुक्ति आदि शामिल हैं। 

प्रमुख सोशल मीडिया मंचों को नए नियमों के अनुपालन के लिए तीन महीने का समय दिया गया था। इस श्रेणी में उन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को रखा जाता है, जिनके पंजीकृत उपयोगकर्ताओं की संख्या 50 लाख से अधिक है। मंत्रालय ने ट्विटर को भेजे गए नोटिस में यह भी कहा था कि ये नियम हालांकि 26 मई, 2021 से प्रभावी हैं, लेकिन सद्भावना के तहत टि्वटर इंक को एक आखिरी नोटिस के जरिए नियमों के अनुपालन का अवसर दिया जाता है। 

उसे तत्काल नियमों का अनुपालन करना है। यदि वह इसमें विफल रहती है, तो उसे एक मध्यम के रूप में दायित्व से जो छूट मिली है, वह वापस ले ली जाएगी। साथ ही उसे आईटी कानून और अन्य दंडात्मक प्रावधानों के तहत कार्रवाई के लिए तैयार रहना होगा। नोटिस में हालांकि यह नहीं बताया गया था कि ट्विटर को इन नियमों का अनुपालन कब तक करना है।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कुछ यूं 'पंख' फैलाएगा KOO

हाल ही में इस माइक्रोब्लॉगिंग साइट ने सीरीज बी फंडिंग के तहत 30 मिलियन डॉलर जुटाए हैं।

Last Modified:
Monday, 07 June, 2021
KOO

अफ्रीकी देश नाइजीरिया में ‘ट्विटर’ (Twitter) पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद इंडियन माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म ‘कू’ (Koo) वहां पर अपने पंख फैलाने की तैयारी में है। बता दें कि नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए नाइजीरिया के राष्ट्रपति मुहम्मदु बुहारी (Muhammadu Buhari) के एक ट्वीट को डिलीट किए जाने के बाद ट्विटर को वहां पर प्रतिबंधित कर दिया गया है।  

इस बारे में ‘कू’ के को-फाउंडर और सीईओ अप्रमेय राधाकृष्ण (Aprameya Radhakrishna) ने एक ट्वीट में कहा है, ‘@kooindia नाइजीरिया में उपलब्ध है। हम वहां स्थानीय भाषा में भी इसे उपलब्ध कराने की सोच रहे हैं।‘

हाल ही में इस माइक्रोब्लॉगिंग साइट ने सीरीज बी फंडिंग के तहत 30 मिलियन डॉलर जुटाए हैं। अप्रमेय राधाकृष्ण (Aprameya Radhakrishna) और मयंक बिदावतका (Mayank Bidawatka) द्वारा स्थापित ‘कू’ के महज एक साल में छह मिलियन डाउनलोड्स हो चुके हैं। अप्रमेय राधाकृष्ण का कहना है, ‘हमारे पास अगले कुछ वर्षों में दुनिया के सबसे बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स में से एक में आगे बढ़ने की पुख्ता योजना है।’

वहीं, अपने खिलाफ कार्रवाई के जवाब में ट्विटर का कहना है, ‘नाइजीरिया में ट्विटर को प्रतिबंधित किए जाने को लेकर हम काफी चिंतित हैं। आधुनिक समाज में इंटरनेट का इस्तेमाल प्रमुख मानवाधिकार है। हम नाइजीरिया में उन सभी लोगों तक पहुंच बहाल करने के लिए काम करेंगे, जो दुनिया से संवाद करने और जुड़ने के लिए ट्विटर पर भरोसा करते हैं।‘

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

KOO पर तेजी से बढ़ रही सुधीर चौधरी के फॉलोअर्स की संख्या, पार किया यह आंकड़ा

माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म ‘कू’ (Koo) पर ‘जी न्यूज’ के एडिटर-इन-चीफ सुधीर चौधरी के फॉलोअर्स की संख्या ने महज सौ दिनों में पांच लाख से ज्यादा का आंकड़ा पार कर लिया है।

Last Modified:
Wednesday, 02 June, 2021
KOO

इंडियन माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म ‘कू’ (Koo) का इस्तेमाल करने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। देश की तमाम बड़ी हस्तियां इससे जुड़ चुकी हैं और उनके फॉलोअर्स भी लगतार बढ़ते जा रहे हैं। इस प्लेटफॉर्म पर ‘जी न्यूज’ (Zee News) के एडिटर-इन-चीफ सुधीर चौधरी के फॉलोअर्स की संख्या ने महज सौ दिनों में पांच लाख से ज्यादा का आंकड़ा पार कर लिया है। सुधीर चौधरी ने इस ऐप को इस साल फरवरी में जॉइन किया था। हिंदी के साथ-साथ अंग्रेजी में भी उनकी फैन फॉलोइंग है।

सुधीर चौधरी इस ऐप पर न्यूज के साथ पर्सनल अपडेट्स भी शेयर करते रहते हैं। हाल ही में उन्होंने अस्पताल से घर जाने के दौरान भी पोस्ट शेयर की थी। बता दें कि पिछले दिनों सुधीर चौधरी कोरोनावायरस (कोविड-19) की चपेट में आ गए थे और अस्पताल में भर्ती थे।

इस बारे में ‘कू’ के को-फाउंडर अप्रमेय राधाकृष्ण (Aprameya Radhakrishna) का कहना है, ‘सुधीर चौधरी जी को ‘कू’ पर इतना प्यार मिलते देखना बहुत अच्छा लगता है। वह टीवी का जाना-माना चेहरा हैं और मुझे यकीन है कि उनके कई फॉलोअर्स यहां उनसे जुड़ना चाहेंगे। उन्होंने करीब 100 दिनों में ही पांच लाख फॉलोअर्स का आंकड़ा पार कर लिया है। ‘कू’ पर जिस गति से उनके फॉलोअर्स बढ़ रहे हैं, वह उनके दूसरे सोशल मीडिया से काफी ज्यादा हैं। मुझे यकीन है कि वह जल्द ही ‘कू’ पर उन रिकॉर्ड्स को तोड़ देंगे।‘

वहीं, ‘कू’ के एक अन्य को-फाउंडर मयंक बिदावतका (Mayank Bidawatka) का कहना है, ‘सुधीर जी वास्तव में लोगों से जुड़ना जानते हैं। इतनी जल्दी उनके फॉलोअर्स आधा मिलियन से ज्यादा हो गए हैं, यह देखना बहुत अच्छा है। वह कोविड से लड़ रहे हैं और आप देख सकते हैं कि जब उन्होंने अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बारे में पोस्ट की तो उन्हें लोगों का कितना प्यार मिला। सुधीर चौधरी के फॉलोअर्स उन्हें ‘कू’ पर शीघ्र स्वस्थ होने की कामना के संदेश भेज रहे हैं। हमें खुशी है कि हम ‘कू’ पर उन्हें उनके फॉलोअर्स तक पहुंचा रहे हैं। हम देश भर में हजारों प्रमुख हस्तियों को उनके फॉलोअर्स से जोड़ने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देंगे।‘

बता दें कि ‘कू’ भारतीय भाषाओं में एक माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म है, जिसे मार्च 2020 में शुरू किया गया है। इसे ट्वविटर के भारतीय विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है। इसे अप्रमेय राधाकृष्ण और मयंक बिदावतका ने डेवलप किया है। यहां देश के लोग अपनी मातृभाषा में अलग-अलग मुद्दों पर अपने व्यूज और ओपिनियन दे सकते हैं। पिछले साल अगस्त में इस ऐप को केंद्र सरकार द्वारा चलाए जा रहे आत्मनिर्भर इनोवेटिव ऐप का खिताब मिला था। गौरतलब है कि इस प्लेटफॉर्म पर पांच लाख से ज्यादा फॉलोअर्स जुटाने वालों की लिस्ट में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और प्रकाश जावड़ेकर का नाम भी शामिल है।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए