फेसबुक इंडिया के MD की याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने किया खारिज, कही ये बात

इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की खंडपीठ ने 24 फरवरी को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।

Last Modified:
Friday, 09 July, 2021
Facebook

सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2020 के दिल्ली दंगों के मामले में दिल्ली विधानसभा की समिति के समन के खिलाफ ‘फेसबुक इंडिया’ (Facebook India) के एमडी अजीत मोहन द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया है। अजीत मोहन ने दिल्ली विधानसभा की शांति और सद्भाव समिति द्वारा जारी समन पर रोक लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।

न्यायमूर्ति एसके कौल, न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी और न्यायमूर्ति हृषिकेश रॉय की पीठ ने फेसबुक इंडिया के प्रमुख द्वारा चुनौती को ‘अपरिपक्व’ (premature) कहा है। सुप्रीम कोर्ट की इस खंडपीठ ने अजीत मोहन को शांति और सद्भाव समिति के समक्ष पेश होने के लिए कहा है।

वहीं, पीठ ने यह भी कहा कि समिति अभियोजन एजेंसी (prosecuting agency) की भूमिका नहीं निभा सकती है। पीठ का कहना था कि दिल्ली विधानसभा की शांति समिति को कानून व्यवस्था सहित ऐसे कई मामलों में हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है, जो केंद्र सरकार के अंतर्गत आते हैं। पीठ का कहना है, ‘चूंकि यह दंगों का मामाला है, इसलिए सातवीं अनुसूची के तहत संघ के किसी भी क्षेत्र में प्रवेश किए बिना विधानसभा इस मुद्दे पर गौर कर सकती है।‘

इसके साथ ही पीठ ने आरोपपत्र में फेसबुक को सह-आरोपी बनाने के बारे में समिति द्वारा दिए गए कुछ बयानों पर भी आपत्ति जताई है, जो इसके दायरे से बाहर है।

बता दें कि दिल्ली विधानसभा की शांति समिति ने इन लोगों को उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के मामलों में गवाह के रूप में अपने सामने पेश न होने पर समन जारी किए थे। ये समन पिछले साल 10 और 18 सितंबर को जारी किए गए थे। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की खंडपीठ ने 24 फरवरी को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।

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भारत विरोधी प्रोपेगैंडा फैलाने वाली पाकिस्तान की 2 वेबसाइट समेत 35 यूट्यूब चैनल ब्लॉक

भारत सरकार ने पाकिस्तान पर फिर डिजिटल स्ट्राइक किया है। सरकार ने देश विरोधी कंटेंट वाले 35 यू-ट्यूब चैनल और 2 वेबसाइट को बंद कर दिया गया है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Saturday, 22 January, 2022
Last Modified:
Saturday, 22 January, 2022
youtube5465

भारत सरकार ने पाकिस्तान पर एक बार फिर डिजिटल स्ट्राइक की है। सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर की चेतावनी के एक दिन बाद ही सरकार ने देश विरोध कंटेंट वाले 35 यू-ट्यूब चैनल, 2 ट्विटर अकाउंट, 2 इंस्टाग्राम अकाउंट, 2 वेबसाइट और एक फेसबुक अकाउंट ब्लॉक कर दिया है। यह कार्रवाई आईटी नियमों के तहत की गई है। ये सभी अकाउंट पाकिस्तान से ऑपरेट हो रहे थे।

केंद्रीय सूचना-प्रसारण मंत्रालय के सेक्रेटरी अपूर्व चंद्रा और जॉइंट सेक्रेटरी विक्रम सहाय ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी जानकारी दी। विक्रम सहाय ने कहा कि 20 जनवरी को मंत्रालय को मिली खुफिया जानकारी के आधार पर हमने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर एक्शन लिया है। ये सभी फेक न्यूज और भारत विरोधी प्रोपेगैंडा फैला रहे थे। वहीं, अपूर्व चंद्रा ने बताया कि देश विरोध कंटेंट देने वाले 35 यू-ट्यूब चैनल, 2 ट्विटर, 2 इंस्टाग्राम, 1 फेसबुक अकाउंट्स और दो वेबसाइट के खिलाफ आईटी नियमों के तहत कार्रवाई की गई है। उन्होंने जानकारी दी कि ब्लॉक किए गए यूट्यूब चैनलों के पास 1.2 करोड़ सब्सक्राइबर और 130 करोड़ से ज्यादा व्यूज थे। ये सभी भारत विरोधी प्रोपेगेंडा को बढ़ावा दे रहे थे। उन्होंने बताया कि इन सोशल मीडिया अकाउंट्स और वेबसाइट्स पर फेक न्यूज के जरिए लोगों को गुमराह किया जा रहा था। उन्होंने यह भी बताया कि इंडियन आर्मी और सीडीएस जनरल विपिन सिंह रावत आदि जैसे विषयों पर ये साइट्स और सोशल मीडिया अकाउंट्स फेक वीडियो और फेक न्यूज का प्रचार प्रसार कर रहे थे और भारत विरोधी कंटेंट को बढ़ावा दे रहे थे।

भारतीय खुफिया एजेंसियां ​​इन सोशल मीडिया अकाउंट्स और वेबसाइटों पर नजर रख रही थीं। यह देखा गया कि ये सभी नेटवर्क झूठी खबरें फैलाकर भारतीयों को गुमराह करने के मकसद से चलाए जा रहे थे। ये चैनल एक नेटवर्क का हिस्सा थे और कॉमन हैशटैग और एडिटिंग स्टाइल का इस्तेमाल कर रहे थे। इन्हें आम लोग ही चला रहे थे। ये सभी एक-दूसरे के कंटेंट को प्रमोट भी कर रहे थे। कुछ यू-ट्यूब चैनल पाकिस्तानी टीवी न्यूज चैनलों के एंकर चला रहे थे।

बता दें कि एक दिन पहले ही यानी कि गुरुवार को सूचना-प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने चेतावनी दी थी कि देश के खिलाफ साजिश करने वालों पर इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी। अनुराग ठाकुर ने कहा था कि भारत विरोधी कंटेंट फैलाने और साजिश रचने वाले वेबसाइट्स-चैनलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

सूचना-प्रसारण मंत्रालय ने पिछले साल दिसंबर में खुफिया एजेंसियों के साथ मिलकर 20 यू-ट्यूब चैनल और दो वेबसाइट को ब्लॉक करने का आदेश दिया था। वजह वे भारत विरोधी दुष्प्रचार और फर्जी खबरें फैला रहे थे। मंत्रालय ने दिसंबर में एक बयान में कहा था कि ये यू-ट्यूब चैनल और वेबसाइट पाकिस्तान से चलने वाले नेटवर्क से जुड़े हैं। जिन वेबसाइट्स और चैनल्स पर रोक लगाई गई थी वे भारत में कश्मीर, भारतीय सेना, जनरल बिपिन रावत, राम मंदिर और अल्पसंख्यक समुदायों के विषय में झूठी खबरें चला रहे थे। केंद्र सरकार ने कार्रवाई के साथ ही इन चैनल्स की एक लिस्ट भी जारी की थी।

ब्लॉक किए गए 20 यू-ट्यूब चैनलों की लिस्ट-

The Punch Line

InternationalWeb News

Khalsa TV

The Naked Truth

News24

48 News

Fictional

Historical Facts

Punjab Viral

Naya Pakistan Global

Cover Story

Go Global eCommerce

Junaid Haleem Official

Tayyab Hanif

Zain Ali Official

Mohsin Rajput Official

Kaneez Fatima

Sadaf Durrani

Mian Imran Ahmad

Najam Ul Hassan Bajwa

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सूचना-प्रसारण मंत्री बोले- ब्लॉक किया जाएगा भारत विरोधी यूट्यूब चैनल व वेबसाइट

सूचना-प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने बुधवार को चेतावनी दी कि सरकार देश के खिलाफ साजिश रचने वालों के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई जारी रखेगी

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 20 January, 2022
Last Modified:
Thursday, 20 January, 2022
Anurag Thakur

भारत विरोधी दुष्प्रचार और फर्जी खबरें फैलाने के लिए 20 यूट्यूब चैनल और दो वेबसाइट को ब्लॉक किए जाने के कुछ दिनों बाद सूचना-प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने बुधवार को चेतावनी दी कि सरकार देश के खिलाफ साजिश रचने वालों के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई जारी रखेगी। इस मुद्दे पर सवालों के जवाब में ठाकुर ने पत्रकारों से कहा मैंने उनके खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया था।

अनुराग ठाकुर ने कहा कि मुझे खुशी है कि दुनियाभर के कई बड़े देशों ने इसका संज्ञान लिया। यूट्यूब भी आगे आया और उन्हें ब्लॉक करने के लिए कार्रवाई की।

सूचना-प्रसारण मंत्रालय ने पिछले साल दिसंबर में खुफिया एजेंसियों के साथ एक समन्वित प्रयास में 20 यूट्यूब चैनल और दो वेबसाइट को ब्लॉक करने का आदेश दिया था, क्योंकि वे भारत विरोधी दुष्प्रचार और फर्जी खबरें फैला रहे थे।

मंत्री ने कहा और भविष्य में भी भारत के खिलाफ साजिश रचने, झूठ फैलाने और समाज को विभाजित करने वाले ऐसे किसी भी अकाउंट को ब्लॉक करने के लिए कार्रवाई की जाएगी । मंत्रालय ने दिसंबर में एक बयान में कहा था ये 20 यूट्यूब चैनल और वेबसाइट पाकिस्तान से संचालित एक समन्वित दुष्प्रचार नेटवर्क से संबंधित हैं और भारत से संबंधित विभिन्न संवेदनशील विषयों के बारे में फर्जी खबरें फैला रहे थे।

इन चैनल का इस्तेमाल कश्मीर, भारतीय सेना, भारत में अल्पसंख्यक समुदायों, राम मंदिर, जनरल बिपिन रावत आदि" जैसे विषयों पर समन्वित तरीके से विभाजनकारी सामग्री पोस्ट करने के लिए किया जा रहा था।

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गूगल पर न्यूज वेबसाइट के साथ मुनाफा साझा न करने का आरोप

भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने हाल ही में गूगल के खिलाफ बाजार में मजबूत स्थिति के कथित दुरुपयोग के लिए जांच का आदेश दिए हैं।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 20 January, 2022
Last Modified:
Thursday, 20 January, 2022
googlenews

दुनिया की दिग्गज आईटी कंपनी गूगल को बड़ा झटका लगा है। दरअसल, भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने हाल ही में गूगल के खिलाफ बाजार में मजबूत स्थिति के कथित दुरुपयोग के लिए जांच का आदेश दिए हैं। यह आदेश डिजिटल न्यूज पब्लिशर्स एसोसिएशन (DNPA) द्वारा दायर एक शिकायत के आधार पर दिया गया है।

डीएनपीए की शिकायत के बाद CCI ने माना कि गूगल प्रथमदृष्ट्या प्रतिस्पर्धा कानून के कुछ प्रावधानों का उल्लंघन करता नजर आ रहा है।

डीएनपीए ने अल्फाबेट इंक (Alphabet Inc), गूगल एलएलसी (Google LLC), गूगल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (Google India) और गूगल आयरलैंड (Google Ireland) लिमिटेड के खिलाफ शिकायत की थी, जिसमें कहा गया था कि डिजिटल ऐडवर्टाइजिंग मार्केट में  गूगल का एकाधिकार होने की वजह से वह भारत में इसका दुरुपयोग कर रहा है।

डीएनपीए ने अपनी शिकायत में कहा कि गूगल एल्गोरिदम से मनमाने तरीके से तय कर देता है कि कोई जानकारी खोजने पर कौन सी वेबसाइट ऊपर दिखेगी। यही नहीं, भारतीय न्यूज प्रकाशक गुणवत्तापूर्ण कंटेंट के लिए बड़ा निवेश करते हैं, लेकिन इसे दिखाने के एवज में मिलने वाली विज्ञापन राशि का काफी बड़ा हिस्सा गूगल रख लेता है, जबकि वह कंटेंट क्रिएट नहीं करता। गूगल डिजिटल ऐड रेवेन्यू का 10-15% हिस्सा ही न्यूज वेबसाइट के साथ साझा करता है। गूगल न्यूज जैसे प्लेटफॉर्म पर भी वह पब्लिशर्स का ही कंटेंट दिखाकर अनुचित लाभ ले रहा है।

डीएनपीए द्वारा प्रदान की गई न्यूज वेबसाइट्स पर ट्रैफिक के विवरण के मुताबिक, ऑनलाइन सर्च इंजन 50% से अधिक ट्रैफिक प्रदान करता है, इसके बाद सोशल डोमेन (25-30%) का स्थान आता है। बाकी का 10-15% ट्रैफिक सीधे आता है। लिहाजा, सर्च इंजन के मामले में गूगल एक बड़ा खिलाड़ी है।

ऑनलाइन विज्ञापन और ऐप डेवलपर्स से प्लेस्टोर के नाम पर मनमाना कमीशन वसूलने को लेकर गूगल भारत में पहले से ही जांच के घेरे में है। आयोग की ओर से 21 पन्नों के आदेश में कहा गया कि प्रथम दृष्टया उसका विचार है कि गूगल ने प्रतिस्पर्धा अधिनियम, 2002 की धारा-4 के प्रावधानों का उल्लंघन किया है, जो बाजार में मजबूत स्थिति के दुरुपयोग से संबंधित है। यह आदेश डिजिटल न्यूज पब्लिशर्स एसोसिएशन द्वारा दायर एक शिकायत पर आया है। 

आयोग ने ताजा आदेश में माना है कि गूगल एकाधिकार का दुरुपयोग कर डिजिटल न्यूज पब्लिशर्स पर अनुचित शर्तें थोप रहा है।

आयोग के अनुसार सुचारू रूप से काम कर रहे लोकतंत्र में न्यूज मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका को कम करके नहीं आंका जा सकता है और यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि डिजिटल कंपनी सभी हितधारकों के बीच आय का उचित वितरण निर्धारित करने की प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया को नुकसान पहुंचाने के लिए अपनी मजबूत स्थिति का दुरुपयोग न करे। आयोग ने गूगल और इसकी मूल कंपनी अल्फाबेट के विरुद्ध जांच रिपोर्ट 60 दिन के भीतर तलब की है। 

आयोग ने अपने आदेश में फ्रांस और ऑस्ट्रेलिया के नए नियमों का भी उल्लेख किया, जिसके बाद गूगल को लोकल न्यूज पब्लिशर्स को उचित भुगतान के लिए राजी होना पड़ा। वहीं, यूरोपियन यूनियन भी टेक कंपनियों द्वारा पब्लिशर्स को भुगतान करने का कानून बना रही है जिससे बचने के लिए गूगल विरोध कर रहा है।

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सूचना प्रसारण मंत्रालय का ट्विटर अकाउंट हुआ हैक, हैकर्स ने किए इस तरह के ट्वीट!

मंत्रालय ने थोड़ी देर बाद ही अकाउंट को फिर से बहाल कर दिया और प्रोफाइल फोटो को दोबारा लगाने के साथ ही हैकर्स द्वारा पोस्ट किए गए ट्वीट्स को हटा दिया।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 12 January, 2022
Last Modified:
Wednesday, 12 January, 2022
MIB Twitter Account

पिछले कुछ सालों में हैकिंग के मामलों में काफी बढ़ोतरी हुई है। ऐसा ही एक मामला बुधवार को सामने आया, जब हैकर्स ने बुधवार को कुछ समय के लिए ‘सूचना प्रसारण मंत्रालय’ (MIB) के ऑफिशियल ट्विटर अकाउंट को हैक कर लिया। हैकर्स ने MIB का नाम भी बदलकर उसकी जगह Elon Musk कर दिया। उसकी प्रोफाइल फोटो भी बदल दी। इसके साथ-साथ कई सारे ट्वीट भी किए गए।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हैकर्स ने 'एलन मस्क' (Elon Musk) की कई पोस्ट को रीट्वीट किया और मंत्रालय के आधिकारिक हैंडल से 'ग्रेट जॉब' भी ट्वीट किया। इसके साथ ही हैकर्स ने एलन मस्क के वेरीफाइड ट्विटर हैंडल से की गई एक पोस्ट को रीट्वीट किया, जिसमें कैलिफोर्निया में सोलर टैक्स की आलोचना की गई थी। हैक होने के बाद सूचना प्रसारण मंत्रालय की ओर से मस्क के जिस ट्वीट को रिट्वीट किया गया, उसमें लिखा था, ‘कैलिफोर्निया सरकार द्वारा अजीबोगरीब पर्यावरण विरोधी कदम।’  

हालांकि, मंत्रालय ने थोड़ी देर बाद ट्विटर अकाउंट को फिर से एक्सेस कर लिया और प्रोफाइल पिक्चर को दोबारा से लगा दिया। इसके साथ ही मंत्रालय ने हैकर्स द्वारा पोस्ट किए गए ट्वीट्स को भी डिलीट कर दिया। इसके बाद मंत्रालय ने यूजर्स को बताया कि अकाउंट को रीस्टोर कर लिया गया है। एक ट्वीट में मंत्रालय ने कहा, ’ @Mibindia अकाउंट को बहाल कर दिया गया है। यह सभी फॉलोअर्स की जानकारी के लिए है।’

बता दें कि 12 दिसंबर 2021 को भी कुछ इसी तरह का वाक्या हुआ था, जब हैकर्स ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ट्विटर अकाउंट को कुछ समय के लिए हैक कर लिया था। इससे बिटकॉइन से जुड़े ट्वीट किए गए थे। बाद में प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ से बताया गया था कि नरेंद्र मोदी के ट्विटर हैंडल से कुछ समय छेड़छाड़ की गई थी और इसे अब रीस्टोर कर लिया गया है।

इसके अलावा तीन जनवरी को भी ‘इंडिया काउंसिल ऑफ वर्ल्ड अफेयर्स’(ICWA), ‘इंडियन मेडिकल एसोसिएशन’ (IMA) और ‘मन देशी महिला बैंक’ (Mann Deshi Mahila Bank) के ट्विटर अकाउंट को भी हैक कर लिया गया था। इस मामले में भी हैकर्स ने ट्विटर हैंडल का नाम बदलकर 'एलन मस्क' कर दिया था।

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सरकार ने इस वजह से टेलीग्राम चैनल को किया ब्लॉक

सरकार ने एक टेलीग्राम चैनल (Telegram Channel) को ब्लॉक कर दिया है। बताया जा रहा है कि इस चैनल पर हिंदू महिलाओं की अश्लील तस्वीरें साझा की जा रहीं थीं।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 05 January, 2022
Last Modified:
Wednesday, 05 January, 2022
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सरकार ने एक टेलीग्राम चैनल (Telegram Channel) को ब्लॉक कर दिया है। बताया जा रहा है कि इस चैनल पर हिंदू महिलाओं की अश्लील तस्वीरें साझा की जा रहीं थीं। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस बात की जानकारी दी है।

दिल्‍ली पुलिस अब इस मामले में आधिकारिक शिकायत का इंतजार कर रही है, जिसके बाद इस मामले में एफआईआर दर्ज हो सकेगी।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि टेलीग्राम चैनल को ब्‍लॉक कर दिया गया है। वह पूरी स्थिति पर लगातार नजर बनाकर रख रहे हैं। दरअसल, पिछले साल जून से टेलीग्राम और दूसरे सोशल मीडिया ऐप और चैनल पर अश्‍लील कंटेट को भेजा जा रहा था।

इस मामले में अंशुल सक्‍सेना नाम के एक यूजर ने मुंबई पुलिस को टैग करते हुए लिखा था कि एक टेलीग्राम चैनल हिंदू महिलाओं को निशाना बना रहा है। ये टेलीग्राम चैनल जून 2021 में बनाया गया था।

उनके इस ट्वीट को कोट ट्वीट करते हुए मीरा मोहंती नाम के यूजर ने सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव को टैग किया था, जिसके बाद मंत्री ने इस मामले में एक्‍शन की बात कही। उन्‍होंने कहा कि इस चैनल को ब्‍लॉक कर दिया गया है। राज्‍य की पुलिस को इस बारे में कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

हाल ही में ‘बुल्ली बाई ऐप’ को लेकर भी इसी तरह का विवाद सामने आया था, जिस पर कथित तौर पर मुस्लिम महिलाओं की तस्वीरें अपमानजनक तरीके से साझा की जा रही थीं। इस मामले में कई गिरफ्तारियां भी हुई हैं।

 

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टीवी जर्नलिस्ट ऋचा अनिरुद्ध ने हासिल किया खास मुकाम, फेसबुक पर यूं शेयर कीं भावनाएं

ऋचा अनिरुद्ध की गिनती उन एंकर्स में होती है, जिन्होंने टीवी पत्रकारिता में भावनाओं को जिंदा रखा है। उन्होंने कभी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Friday, 24 December, 2021
Last Modified:
Friday, 24 December, 2021
Richa Anirudh

ऋचा अनिरुद्ध की गिनती उन एंकर्स में होती है, जिन्होंने टीवी पत्रकारिता में भावनाओं को जिंदा रखा है। उन्होंने कभी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। ऋचा अनिरुद्ध उन गिने-चुने लोगों में से हैं, जिन्होंने मीडिया में रहते हुए समाज और उससे जुड़े लोगों की भावनाओं को दर्शकों के सामने लाने का कार्य किया है। ट्रेनी जर्नलिस्ट के रूप में राजस्थान के दैनिक ‘दैनिक नवज्योति’ से अपना सफर शुरू करने वाली ऋचा आज सोशल मीडिया की जानी मानी हस्ती हैं।

वर्ष 2007 में ‘जिंदगी लाइव‘ जब शुरू हुआ, उस समय खुद ऋचा ने भी नहीं सोचा होगा कि एक दिन उन्हें लोगों का इतना प्यार मिलने वाला है। उस कार्यक्रम के माध्यम से उन्होंने समाज के जाबांज लोगों की कहानी को जब दर्शकों के सामने प्रस्तुत किया तो शो ने रिकॉर्ड बना दिए। टीवी में ये अपने आप में अनूठा प्रयोग था और ऋचा ने उस शो के लिए कई अवार्ड भी जीते।

साल 2013 के बाद से टीवी से उन्होंने दूरी भले ही बना ली लेकिन उन्होंने अपने यूट्यूब चैनल ‘जिंदगी विद ऋचा‘ (Zindagi with Richa) के माध्यम से लोगों से जुड़ाव बनाए रखा। आज से तीन साल पहले शुरू किए गए इस यूट्यूब चैनल ने आज एक मिलियन सबस्क्राइबर्स का आकंड़ा पार कर लिया है। पिछले तीन सालों में इस चैनल पर उन्होंने कई ऐसे लोगों का इंटरव्यू किया है, जो समाज के लिए एक मिसाल है। राजनीति और द्वेष से प्रेरित न होकर ऋचा अनिरुद्ध ने समाज के लोगों से इस चैनल के माध्यम से सीधा संवाद किया।

सिर्फ तीन साल में उनके इस चैनल का इस मुकाम को हासिल करना दर्शाता है कि मीडिया की मुख्यधारा से अलग होने के बाद भी ऋचा आज भी लोगों की पसंद बनी हुई हैं। ऋचा सोशल वर्क भी करती हैं। वह बाल शिक्षा, बालिका शिक्षा और पर्यावरण की देखभाल जैसे मुद्दों को उठाती हैं।

आज उन्होंने एक फेसबुक पोस्ट में अपनी खुशी जाहिर करते हुए लिखा, ’10 लाख सबस्क्राइबर्स! आप सबका तहे दिल से शुक्रिया इस उपलब्धि के लिए और इस सफर पर हमें अपना प्यार देने के लिए... जब हर तरफ नकारात्मक बातें हो रही हों तब सिर्फ़ और सिर्फ़ सकारात्मक, प्रेरणादायी कहानियां आप तक पहुंचाने की कोशिश की है.. ये आसान नहीं था पर बिना पैसे खर्च किए सच्चे सबस्क्राइबर्स मिलने से ही सच्ची खुशी भी मिल रही है। टीम ‘जिंदगी विद ऋचा’ के हर सदस्य की तरफ से आप सबका शुक्रिया।’

समाचार4मीडिया की ओर से ऋचा अनिरुद्ध को ढेर सारी शुभकामनाएं।

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इस ट्वीट पर बुरे ‘फंसे’ जवाहर सरकार, वरिष्ठ पत्रकार अशोक श्रीवास्तव ने यूं ली चुटकी!

राज्यसभा सदस्य जवाहर सरकार पूर्व में प्रसार भारती के सीईओ भी रहे हैं।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Friday, 24 December, 2021
Last Modified:
Friday, 24 December, 2021
Ashok Shrivastav Jawhar Sircar

सोशल मीडिया के बढ़ते प्रयोग ने देश में ‘फेक न्यूज’ का संकट पैदा कर दिया है। एक समय तक सिर्फ आम आदमी ही किसी तथ्य के न होने के कारण गलती से ऐसे वीडियो शेयर कर देता था, लेकिन अब मामला उससे भी आगे बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है। अब सिर्फ आम आदमी ही नहीं, बल्कि बड़े पदों पर आसीन तमाम लोग भी जाने-अनजाने में फेक न्यूज शेयर कर रहे हैं। ताजा मामला जवाहर सरकार का है, जो कि न सिर्फ राज्यसभा सदस्य हैं, बल्कि प्रसार भारती के सीईओ भी रहे हैं।

दरअसल, उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया वो पीएम मोदी के काशी दौरे का है। इस वीडियो में काशी परिक्रमा के समय ‘मोदी हाय-हाय और योगी चोर है’ के नारे सुनाए दे रहे हैं लेकिन ये वास्तविक वीडियो नहीं है। असल में पीएम मोदी और मुख्यमंत्री योगी दोनों चल रहे हैं और भीड़ लगातार उनका अभिवादन कर रही है, लेकिन इस हिस्से को म्यूट करके उसमें इस तरह का गलत ऑडियो जोड़ दिया गया है। इसके बाद ट्विटर ने भी इस ट्वीट को अब मैनिपुलेटेड मीडिया की श्रेणी में रख दिया है। इसी पूरे विवाद पर ‘डीडी न्यूज’ के वरिष्ठ एंकर अशोक श्रीवास्तव ने ट्वीट कर चुटकी ली है। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा है, ‘क्या दिन आ गए जवाहर सरकार के...कभी प्रसार भारती के सीईओ हुआ करते थे, आज मोदी विरोध में फेक न्यूज पेडलर हो गए हैं।

आपको बता दें कि अशोक श्रीवास्तव ने साल 2014 में जब गुजरात के तत्कालीन सीएम नरेंद्र मोदी का इंटरव्यू लिया था, तब उनके इंटरव्यू के कुछ अंशों को काट दिया गया था। इस पर बाद में काफी हंगामा हुआ और शीर्ष अधिकारियों ने बाद में उस बात को स्वीकार भी किया था। इस पूरे विवाद पर अशोक श्रीवास्तव ने ‘Narendra Modi Censored‘  नाम से किताब भी लिखी है, जो काफी चर्चा में रही।

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अब Amazon Prime पर रिलीज हुई मोहित चड्ढा की ‘Flight’

जाने-माने एक्टर मोहित चड्ढा (Mohit Chadda) की फिल्म ‘फ्लाइट’ (Flight) अब ओटीटी प्लेटफॉर्म ‘अमेजॉन प्राइम’ पर भी रिलीज हो गई है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Saturday, 04 December, 2021
Last Modified:
Saturday, 04 December, 2021
Flight8726

जाने-माने एक्टर मोहित चड्ढा (Mohit Chadda) की फिल्म ‘फ्लाइट’ (Flight) अब ओटीटी प्लेटफॉर्म ‘अमेजॉन प्राइम’ पर भी रिलीज हो गई है। बता दें कि 'फ्लाइट' इस साल दो अप्रैल को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी, जिसे क्रिटिक्स और दर्शकों से काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिला। कोरोना वायरस महामारी की वजह से यह फिल्म तमाम दर्शक नहीं देख पाए थे, पर अब दर्शक अमेजॉन प्राइम वीडियो पर फैमिली के साथ ‘फ्लाइट’ का लुत्फ घर बैठे उठा सकते हैं।

बॉलीवुड में आपने एक्शन और थ्रिलर से भरपूर फिल्में कई देखी होंगी, लेकिन यह फिल्म कई मायनों में अलग है। बताया जा रहा है यह भारत की पहली एरियल एक्शन थ्रिलर फिल्म है। फिल्म में मोहित चड्ढा, रणवीर मल्होत्रा का मुख्य किरदार निभाते दिख रहे हैं, जो एक अमीर बिजनेसमैन के बेटे हैं। हालांकि फिल्म में उनके पिता का निधन हो चुका है, जिसके बाद अपने पिता की आदित्यराज एविएशन कंपनी को वही संभालते हैं। 

फिल्म के ट्रेलर में देखा जा सकता है कि मोहित चड्ढा फ्लाइट से सफर करने के लिए रवाना होते हैं, लेकिन फिर कुछ ऐसा होता है कि मोहित को पता चलता है कि उनका प्लेन क्रैश हो गया है। अब वह प्लेन के अंदर अकेले फंस गए हैं। मोहित चड्डा उस खतरनाक और दिल दहला देने वाले हादसे के इकलौते साक्षी हैं। मोहित का कोई साथी नहीं बचता है। विमान हादसे के जांच के आदेश होते हैं। पता चलता है कि उस फ्लाइट को उसके रूट से गायब कर दिया है। अब मोहित  खुद को कैसे बचाते हैं, यह जानने के लिए फिल्म अमेजॉन प्राइम पर देख सकते हैं। 

फिल्म को लेकर अभिनेता मोहित चड्ढा कहते हैं, ‘हमें खुशी है कि ‘फ्लाइट’ को बहुत ही मुश्किल समय में भी दर्शकों का इतना प्यार मिला। यह हमारा ड्रीम प्रोजेक्ट था। हमे उम्मीद है कि दर्शकों को दुनिया में चल रही उथल-पुथल से जल्द राहत मिलेगी। एक टीम के तौर पर हमें खुश है कि हम अपने लक्ष्य को हासिल कर सके। हमें यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि प्रशंसक अब जब चाहें, अमेजॉन प्राइम पर भी यह फिल्म देख सकते हैं। 

‘Flight’ को क्रेजी ब्वॉयज एंटरटेनमेंट (Crazy Boyz Entertainment) ने प्रड्यूस किया है इसे सूरज जोशी ने निर्देशित किया है। फिल्म में मोहित चड्ढा ने बेहतरीन एक्टिंग की है। साथ ही कहानी ने जो दम भरा है, वो देखने लायक है। इस फिल्म में मोहित चड्ढा के अलावा जाकिर हुसैन, पवन मल्होत्रा, शिबानी बेदी, विवेक वासवानी और प्रीतम सिंह जैसे कई बेहतरीन कलाकार लीड भूमिका में हैं।

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इस उद्देश्य के साथ हिंदी में लॉन्च हुआ LinkedIn

प्रोफेशनल नेटवर्किंग साइट ‘लिंक्डइन’ अब हिंदी में भी उपलब्ध हो गया है। हिंदी लिंक्डइन पर पहली भारतीय क्षेत्रीय भाषा है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 02 December, 2021
Last Modified:
Thursday, 02 December, 2021
Linkedin

प्रोफेशनल नेटवर्किंग साइट ‘लिंक्डइन’ (LinkedIn) अब हिंदी में भी उपलब्ध हो गया है। हिंदी लिंक्डइन पर पहली भारतीय क्षेत्रीय भाषा है। लिंक्डइन का लक्ष्य वैश्विक स्तर पर 600 मिलियन हिंदी भाषा बोलने वालों का समर्थन करना है।

कंपनी का कहना है कि इस लॉन्च के साथ लिंक्डइन का उद्देश्य भाषा की दीवारों को तोड़कर भारत समेत दुनियाभर में हिंदी भाषियों को बड़े पैमाने पर प्रोफेशनल और नेटवर्किंग के अवसर उपलब्ध कराना है। हिंदी के लॉन्च के साथ लिंक्डइन अब दुनियाभर की 25 भाषाओं में उपलब्ध हो गया है।

हिंदी में लिंक्‍डइन का फेज-1 दो दिसंबर से शुरू हो रहा है, ऐसे में मेंबर्स अपनी फीड, प्रोफाइल, जॉब और मैसेजिंग तक पहुंच सकेंगे और अपने डेस्कटॉप, एंड्रॉयड और आईओएस फोन पर हिंदी में कंटेंट बना सकेंगे। वहीं अगले कदम के तौर पर लिंक्डइन अब विभिन्न इंडस्ट्रीज में हिंदी भाषी लोगों के लिए रोजगार के अवसरों को बड़े पैमाने पर बढ़ाने की दिशा में काम करेगा, जिसमें बैंकिंग और सरकारी नौकरियां भी शामिल होंगी। प्लेटफॉर्म आने वाले हफ्तों में और अधिक हिंदी पब्लिशर्स और क्रिएटर्स को जोड़ना जारी रखेगा, ताकि हिंदी में सदस्यों का जुड़ाव और बातचीत को बढ़ावा दिया जा सके।

भारत लिंक्डइन के ग्रोथ का मुख्य बाजार है। सदस्यों की संख्या के मामले में यह अमेरिका के बाद दुनिया सबसे बड़ा मार्केट है। लिंक्डइन के दुनियाभर में 800 मिलियन सदस्यों में से 82 मिलियन सदस्य भारतीय हैं। पिछले तीन सालों में भारत में लिंक्डइन के सदस्यों की संख्या 20 मिलियन से ज्यादा बढ़ गई है, यानी साल-दर-साल 15 फीसदी की ग्रोथ। महामारी के बाद इस प्लेटफॉर्म पर लोगों के एक-दूसरे से जुड़ने और बातचीत करने में काफी दिलचस्पी दिखाई है।  

लिंक्डइन के इंडिया कंट्री मैनेजर आशुतोष गुप्ता ने कहा, ‘भारत में लिंक्डइन ने महामारी और नए जमाने के वर्किंग माहौल में लोगों को एक-दूसरे से जोड़ने, सीखने, आगे बढ़ने और जॉब पर रखने में मदद करने का महत्वपूर्ण अभियान चलाया था। हिंदी में लॉन्चिंग के साथ अब ज्यादा सदस्य और उपभोक्ता प्लेटफॉर्म पर कंटेंट, जॉब्स और नेटवर्किंग का ज्यादा लाभ उठा सकते हैं। वह अपने को उस भाषा में अभिव्यक्त कर सकते हैं, जिसमें उन्हें आसानी और सुविधा महसूस होती हो।’

लिंक्डइन का कैसे करें इस्तेमाल और हिंदी में अपना प्रोफाइल कैसे करें सेट 

लिंक्डइन का मोबाइल एप्लिकेशन हिंदी में देखने के लिए आपको अपने फोन की सेटिंग्स में जाकर डिवाइस की पसंदीदा भाषा के रूप में हिंदी का चुनाव करना होगा। जिन स्मार्टफोन यूजर्स ने अपने फोन में पहले ही डिवाइस की प्रेफर्ड लैंग्वेज के रूप मे हिंदी का चयन किया है। उन्हें  लिंक्डइन का अनुभव अपने आप हिंदी में ही मिलेगा।

  • डेस्कटॉप पर सदस्यों को सबसे पहले लिंक्डइन के होमपेज पर टॉप पर जाकर ‘मी’ आइकन पर क्लिक करना होगा।
  • इसके बाद ‘सेटिंग्स और प्राइवेसी’ को स्लेक्ट करना होगा।
  • मेंबर्स को इसके बाद लेफ्ट पर ‘अकाउंट प्रेफरेंसेज’ पर क्लिक करना होगा।
  • ‘साइट प्रेफरेंसेस’ को स्लेक्ट करना होगा।
  • लैंग्वेज के बगल में ‘चेंज’ पर क्लिक करना होगा और ‘हिंदी’ का ड्रॉप डाउन लिस्ट से चयन करना होगा।
  • एक बार स्लेक्ट किए जाने के बाद यूजर इंटरफेस और नेविगेशन बार समेत प्लेटफॉर्म पर सारा कंटेंट हिंदी में डिस्प्ले होगा।
  • इससे मेंबर्स को बेहद जल्दी और आसानी से उन फीचर्स की तलाश में मदद मिलेगी, जिसे वह खोज रहे हैं
  • मेंबर्स की होमफीड पर यूजर जेनरेटड कंटेंट उसी भाषा में दिखाई देगा, जिस भाषा में उसे बनाया गया है।

हालांकि वह मेंबर्स, जिन्होंने अपनी प्राइमरी भाषा के रूप में हिंदी का चयन किया है। वह अपनी पोस्ट पर ‘सी ट्रांसलेशन’ के ऑप्शन पर क्लिक करने से संबंधित पोस्ट का हिंदी में अनुवाद देख सकेंगे। अगर मेंबर्स लिंक्डइन पर हिंदी में कोई कंटेंट बनाने के लिए हिंदी की बोर्ड इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं तो उन्हें अपने कीबोर्ड की इनपुट लैंग्वेज को हिंदी में बदलना होगा या हिंदी कीबोर्ड को अपने डेस्कटॉप या स्मार्टफोन से जोड़ना होगा।

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पराग अग्रवाल बने Twitter के नए CEO

माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म ‘ट्विटर’ (Twitter) के सह-संस्थापक जैक डॉर्सी (Jack Dorsey) ने कंपनी के सीईओ के पद से इस्तीफा दे दिया है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Monday, 29 November, 2021
Last Modified:
Monday, 29 November, 2021
Parag Agarwal

माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म ‘ट्विटर’ (Twitter) के सह-संस्थापक जैक डॉर्सी (Jack Dorsey) ने कंपनी के सीईओ के पद से इस्तीफा दे दिया है। इसके साथ ही भारतीय मूल के पराग अग्रवाल को कंपनी का नया सीईओ नियुक्त किया गया है। पराग अग्रवाल की इस पद पर नियुक्ति तुरंत प्रभाव से प्रभावी हो गई है। हालांकि डॉर्सी वर्ष 2022 में अपना कार्यकाल समाप्त होने तक इस सोशल मीडिया कंपनी के बोर्ड में बने रहेंगे।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पराग ने करीब दस साल पहले ‘ट्विटर’ को जॉइन किया था। फिलहाल वह कंपनी में चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर के पद पर अपनी जिम्मेदारी संभाल रहे थे। इससे पहले वह ‘याहू‘ और ‘माइक्रोसॉफ्ट‘ जैसी दिग्गज कंपनियों के साथ काम कर चुके हैं। अग्रवाल ने आईआईटी बॉम्बे से पढ़ाई की है। इसके अलावा उन्होंने अमेरिका की स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस में पीएचडी की है। 

सीईओ के रूप में पराग अग्रवाल की नियुक्ति के बारे में जैक डॉर्सी का कहना है, ‘मुझे सीईओ के तौर पर पराग पर पूरा विश्वास है। पिछले 10 वर्षों में यहां उनका काम बेहद शानदार रहा है। वह कंपनी और इसकी जरूरतों को बहुत अच्छी तरीके से समझते हैं।’

वहीं, इस पद पर अपनी नियुक्ति के बारे में पराग अग्रवाल का कहना है, ’ आज के इस समाचार पर लोग अलग-अलग विचार प्रदर्शित करेंगे। क्योंकि वो ट्विटर और हमारे भविष्य की परवाह करते हैं। यह संकेत है कि हमारे काम का महत्व है। आइए दुनिया को ट्विटर की पूरी क्षमता दिखाएं। अग्रवाल ने ट्विटर पर लिखा कि वह अपनी नियुक्ति को लेकर काफी सम्मानित महसूस कर रहे हैं और खुश हैं? उन्होंने डोर्सी के ‘निरंतर मार्गदर्शन एवं दोस्ती’ के लिए उनका आभार भी व्यक्त किया है।

 

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