बगदादी की मौत पर राजीव सचान को याद आई बरखा दत्त की ‘हेडमास्टर के बेटे’ वाली बात

द वॉशिंगटन पोस्ट द्वारा बगदादी के बारे में लगाए गए शीर्षक को लेकर सोशल मीडिया पर अखबार की जमकर हो रही है निंदा

Last Modified:
Monday, 28 October, 2019
Rajeev Sachan Barkha Dutt

अमेरिकी सेना की कार्रवाई में कुख्यात आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट का सरगना अबू बकर अल-बगदादी मारा गया। हालांकि, बगदादी के ठिकाने पर अमेरिका विशेष बलों की कार्रवाई में सेना का उद्देश्य उसे जिंदा पकड़ना था, लेकिन बगदादी ने खुद को विस्फोट से उड़ा लिया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने एक प्रेस कांफ्रेंस में रविवार को इसकी पुष्टि की। बगदादी की मौत के बाद उसे धार्मिक विद्वान बताए जाने पर जाने-माने अखबार ‘द वाशिंगटन पोस्ट’ (The Washington Post) को काफी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है।

दरअसल, बगदादी की मौत को लेकर अखबार ने जो न्यूज पब्लिश की, उसका  शीर्षक था, ‘Abu Bakr al-Baghdadi austere religious scholar at helm fo Islamic State, dies at 48’ हिंदी में इसका मतलब है- कट्टर धार्मिक विद्वान अबू बकर अल बगदादी, जो कि इस्लामिक स्टेट का मुखिया था। वह 48 साल की उम्र में मार दिया गया है।

फिर क्या था, जैसे ही सोशल मीडिया पर यह खबर और उसका शीर्षक आया, तब लोग दंग रह गए। इसके बाद सोशल मीडिया पर लोग इसे जमकर ट्रोल करने लगे। हालांकि, कुछ देर बाद अखबार की तरफ से इस खबर की हेडलाइन बदल दी गई। एडिट कर इसे Abu Bakr al-Baghdadi, Islamic State’s terrorist-in-Chief, dies at 48 कर दिया गया, लेकिन तब तक यह मामला सोशल मीडिया में काफी फैल चुका था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अखबार की इस खबर में यह लाइन नेशनल सिक्योरिटी रिपोर्टर जोबी वारिक ने लिखी थी। बगदादी के लिए इस्तेमाल किए गए उनके शब्दों पर खूब हल्ला हुआ। टि्वटर पर रविवार रात से ही इसी कारण वाशिंगटन पोस्ट की निंदा हो रही है।

दैनिक जागरण के वरिष्ठ पत्रकार राजीव सचान ने भी अपने ट्विटर हैंडल पर इस मामले को लेकर एक ट्वीट किया है। इस ट्वीट में उन्होंने कहा है कि वाशिंगटन पोस्ट ने नीच-घिनौने अल बगदादी की मौत पर हमदर्दी जताकर ‘हेडमास्टर के बेटे’ की याद दिला दी !!#alBaghdadi

दरअसल, राजीव सचान ने इस ट्वीट को उस घटना से जोड़ा है, जब करीब तीन साल पहले जम्मू कश्मीर में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में हिजबुल मुजाहिदीन का कमांडर बुरहान वानी मारा गया था, तब वरिष्ठ पत्रकार बरखा दत्त ने भी कुछ इसी तरह की हेडिंग दी थी, जिसका काफी विरोध हुआ था। 

उस दौरान बरखा दत्त द्वारा किया गया ट्वीट आप यहां पढ़ सकते हैं।

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सूचना प्रसारण मंत्रालय का ट्विटर अकाउंट हुआ हैक, हैकर्स ने किए इस तरह के ट्वीट!

मंत्रालय ने थोड़ी देर बाद ही अकाउंट को फिर से बहाल कर दिया और प्रोफाइल फोटो को दोबारा लगाने के साथ ही हैकर्स द्वारा पोस्ट किए गए ट्वीट्स को हटा दिया।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 12 January, 2022
Last Modified:
Wednesday, 12 January, 2022
MIB Twitter Account

पिछले कुछ सालों में हैकिंग के मामलों में काफी बढ़ोतरी हुई है। ऐसा ही एक मामला बुधवार को सामने आया, जब हैकर्स ने बुधवार को कुछ समय के लिए ‘सूचना प्रसारण मंत्रालय’ (MIB) के ऑफिशियल ट्विटर अकाउंट को हैक कर लिया। हैकर्स ने MIB का नाम भी बदलकर उसकी जगह Elon Musk कर दिया। उसकी प्रोफाइल फोटो भी बदल दी। इसके साथ-साथ कई सारे ट्वीट भी किए गए।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हैकर्स ने 'एलन मस्क' (Elon Musk) की कई पोस्ट को रीट्वीट किया और मंत्रालय के आधिकारिक हैंडल से 'ग्रेट जॉब' भी ट्वीट किया। इसके साथ ही हैकर्स ने एलन मस्क के वेरीफाइड ट्विटर हैंडल से की गई एक पोस्ट को रीट्वीट किया, जिसमें कैलिफोर्निया में सोलर टैक्स की आलोचना की गई थी। हैक होने के बाद सूचना प्रसारण मंत्रालय की ओर से मस्क के जिस ट्वीट को रिट्वीट किया गया, उसमें लिखा था, ‘कैलिफोर्निया सरकार द्वारा अजीबोगरीब पर्यावरण विरोधी कदम।’  

हालांकि, मंत्रालय ने थोड़ी देर बाद ट्विटर अकाउंट को फिर से एक्सेस कर लिया और प्रोफाइल पिक्चर को दोबारा से लगा दिया। इसके साथ ही मंत्रालय ने हैकर्स द्वारा पोस्ट किए गए ट्वीट्स को भी डिलीट कर दिया। इसके बाद मंत्रालय ने यूजर्स को बताया कि अकाउंट को रीस्टोर कर लिया गया है। एक ट्वीट में मंत्रालय ने कहा, ’ @Mibindia अकाउंट को बहाल कर दिया गया है। यह सभी फॉलोअर्स की जानकारी के लिए है।’

बता दें कि 12 दिसंबर 2021 को भी कुछ इसी तरह का वाक्या हुआ था, जब हैकर्स ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ट्विटर अकाउंट को कुछ समय के लिए हैक कर लिया था। इससे बिटकॉइन से जुड़े ट्वीट किए गए थे। बाद में प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ से बताया गया था कि नरेंद्र मोदी के ट्विटर हैंडल से कुछ समय छेड़छाड़ की गई थी और इसे अब रीस्टोर कर लिया गया है।

इसके अलावा तीन जनवरी को भी ‘इंडिया काउंसिल ऑफ वर्ल्ड अफेयर्स’(ICWA), ‘इंडियन मेडिकल एसोसिएशन’ (IMA) और ‘मन देशी महिला बैंक’ (Mann Deshi Mahila Bank) के ट्विटर अकाउंट को भी हैक कर लिया गया था। इस मामले में भी हैकर्स ने ट्विटर हैंडल का नाम बदलकर 'एलन मस्क' कर दिया था।

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सरकार ने इस वजह से टेलीग्राम चैनल को किया ब्लॉक

सरकार ने एक टेलीग्राम चैनल (Telegram Channel) को ब्लॉक कर दिया है। बताया जा रहा है कि इस चैनल पर हिंदू महिलाओं की अश्लील तस्वीरें साझा की जा रहीं थीं।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 05 January, 2022
Last Modified:
Wednesday, 05 January, 2022
545

सरकार ने एक टेलीग्राम चैनल (Telegram Channel) को ब्लॉक कर दिया है। बताया जा रहा है कि इस चैनल पर हिंदू महिलाओं की अश्लील तस्वीरें साझा की जा रहीं थीं। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस बात की जानकारी दी है।

दिल्‍ली पुलिस अब इस मामले में आधिकारिक शिकायत का इंतजार कर रही है, जिसके बाद इस मामले में एफआईआर दर्ज हो सकेगी।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि टेलीग्राम चैनल को ब्‍लॉक कर दिया गया है। वह पूरी स्थिति पर लगातार नजर बनाकर रख रहे हैं। दरअसल, पिछले साल जून से टेलीग्राम और दूसरे सोशल मीडिया ऐप और चैनल पर अश्‍लील कंटेट को भेजा जा रहा था।

इस मामले में अंशुल सक्‍सेना नाम के एक यूजर ने मुंबई पुलिस को टैग करते हुए लिखा था कि एक टेलीग्राम चैनल हिंदू महिलाओं को निशाना बना रहा है। ये टेलीग्राम चैनल जून 2021 में बनाया गया था।

उनके इस ट्वीट को कोट ट्वीट करते हुए मीरा मोहंती नाम के यूजर ने सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव को टैग किया था, जिसके बाद मंत्री ने इस मामले में एक्‍शन की बात कही। उन्‍होंने कहा कि इस चैनल को ब्‍लॉक कर दिया गया है। राज्‍य की पुलिस को इस बारे में कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

हाल ही में ‘बुल्ली बाई ऐप’ को लेकर भी इसी तरह का विवाद सामने आया था, जिस पर कथित तौर पर मुस्लिम महिलाओं की तस्वीरें अपमानजनक तरीके से साझा की जा रही थीं। इस मामले में कई गिरफ्तारियां भी हुई हैं।

 

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टीवी जर्नलिस्ट ऋचा अनिरुद्ध ने हासिल किया खास मुकाम, फेसबुक पर यूं शेयर कीं भावनाएं

ऋचा अनिरुद्ध की गिनती उन एंकर्स में होती है, जिन्होंने टीवी पत्रकारिता में भावनाओं को जिंदा रखा है। उन्होंने कभी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Friday, 24 December, 2021
Last Modified:
Friday, 24 December, 2021
Richa Anirudh

ऋचा अनिरुद्ध की गिनती उन एंकर्स में होती है, जिन्होंने टीवी पत्रकारिता में भावनाओं को जिंदा रखा है। उन्होंने कभी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। ऋचा अनिरुद्ध उन गिने-चुने लोगों में से हैं, जिन्होंने मीडिया में रहते हुए समाज और उससे जुड़े लोगों की भावनाओं को दर्शकों के सामने लाने का कार्य किया है। ट्रेनी जर्नलिस्ट के रूप में राजस्थान के दैनिक ‘दैनिक नवज्योति’ से अपना सफर शुरू करने वाली ऋचा आज सोशल मीडिया की जानी मानी हस्ती हैं।

वर्ष 2007 में ‘जिंदगी लाइव‘ जब शुरू हुआ, उस समय खुद ऋचा ने भी नहीं सोचा होगा कि एक दिन उन्हें लोगों का इतना प्यार मिलने वाला है। उस कार्यक्रम के माध्यम से उन्होंने समाज के जाबांज लोगों की कहानी को जब दर्शकों के सामने प्रस्तुत किया तो शो ने रिकॉर्ड बना दिए। टीवी में ये अपने आप में अनूठा प्रयोग था और ऋचा ने उस शो के लिए कई अवार्ड भी जीते।

साल 2013 के बाद से टीवी से उन्होंने दूरी भले ही बना ली लेकिन उन्होंने अपने यूट्यूब चैनल ‘जिंदगी विद ऋचा‘ (Zindagi with Richa) के माध्यम से लोगों से जुड़ाव बनाए रखा। आज से तीन साल पहले शुरू किए गए इस यूट्यूब चैनल ने आज एक मिलियन सबस्क्राइबर्स का आकंड़ा पार कर लिया है। पिछले तीन सालों में इस चैनल पर उन्होंने कई ऐसे लोगों का इंटरव्यू किया है, जो समाज के लिए एक मिसाल है। राजनीति और द्वेष से प्रेरित न होकर ऋचा अनिरुद्ध ने समाज के लोगों से इस चैनल के माध्यम से सीधा संवाद किया।

सिर्फ तीन साल में उनके इस चैनल का इस मुकाम को हासिल करना दर्शाता है कि मीडिया की मुख्यधारा से अलग होने के बाद भी ऋचा आज भी लोगों की पसंद बनी हुई हैं। ऋचा सोशल वर्क भी करती हैं। वह बाल शिक्षा, बालिका शिक्षा और पर्यावरण की देखभाल जैसे मुद्दों को उठाती हैं।

आज उन्होंने एक फेसबुक पोस्ट में अपनी खुशी जाहिर करते हुए लिखा, ’10 लाख सबस्क्राइबर्स! आप सबका तहे दिल से शुक्रिया इस उपलब्धि के लिए और इस सफर पर हमें अपना प्यार देने के लिए... जब हर तरफ नकारात्मक बातें हो रही हों तब सिर्फ़ और सिर्फ़ सकारात्मक, प्रेरणादायी कहानियां आप तक पहुंचाने की कोशिश की है.. ये आसान नहीं था पर बिना पैसे खर्च किए सच्चे सबस्क्राइबर्स मिलने से ही सच्ची खुशी भी मिल रही है। टीम ‘जिंदगी विद ऋचा’ के हर सदस्य की तरफ से आप सबका शुक्रिया।’

समाचार4मीडिया की ओर से ऋचा अनिरुद्ध को ढेर सारी शुभकामनाएं।

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इस ट्वीट पर बुरे ‘फंसे’ जवाहर सरकार, वरिष्ठ पत्रकार अशोक श्रीवास्तव ने यूं ली चुटकी!

राज्यसभा सदस्य जवाहर सरकार पूर्व में प्रसार भारती के सीईओ भी रहे हैं।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Friday, 24 December, 2021
Last Modified:
Friday, 24 December, 2021
Ashok Shrivastav Jawhar Sircar

सोशल मीडिया के बढ़ते प्रयोग ने देश में ‘फेक न्यूज’ का संकट पैदा कर दिया है। एक समय तक सिर्फ आम आदमी ही किसी तथ्य के न होने के कारण गलती से ऐसे वीडियो शेयर कर देता था, लेकिन अब मामला उससे भी आगे बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है। अब सिर्फ आम आदमी ही नहीं, बल्कि बड़े पदों पर आसीन तमाम लोग भी जाने-अनजाने में फेक न्यूज शेयर कर रहे हैं। ताजा मामला जवाहर सरकार का है, जो कि न सिर्फ राज्यसभा सदस्य हैं, बल्कि प्रसार भारती के सीईओ भी रहे हैं।

दरअसल, उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया वो पीएम मोदी के काशी दौरे का है। इस वीडियो में काशी परिक्रमा के समय ‘मोदी हाय-हाय और योगी चोर है’ के नारे सुनाए दे रहे हैं लेकिन ये वास्तविक वीडियो नहीं है। असल में पीएम मोदी और मुख्यमंत्री योगी दोनों चल रहे हैं और भीड़ लगातार उनका अभिवादन कर रही है, लेकिन इस हिस्से को म्यूट करके उसमें इस तरह का गलत ऑडियो जोड़ दिया गया है। इसके बाद ट्विटर ने भी इस ट्वीट को अब मैनिपुलेटेड मीडिया की श्रेणी में रख दिया है। इसी पूरे विवाद पर ‘डीडी न्यूज’ के वरिष्ठ एंकर अशोक श्रीवास्तव ने ट्वीट कर चुटकी ली है। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा है, ‘क्या दिन आ गए जवाहर सरकार के...कभी प्रसार भारती के सीईओ हुआ करते थे, आज मोदी विरोध में फेक न्यूज पेडलर हो गए हैं।

आपको बता दें कि अशोक श्रीवास्तव ने साल 2014 में जब गुजरात के तत्कालीन सीएम नरेंद्र मोदी का इंटरव्यू लिया था, तब उनके इंटरव्यू के कुछ अंशों को काट दिया गया था। इस पर बाद में काफी हंगामा हुआ और शीर्ष अधिकारियों ने बाद में उस बात को स्वीकार भी किया था। इस पूरे विवाद पर अशोक श्रीवास्तव ने ‘Narendra Modi Censored‘  नाम से किताब भी लिखी है, जो काफी चर्चा में रही।

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अब Amazon Prime पर रिलीज हुई मोहित चड्ढा की ‘Flight’

जाने-माने एक्टर मोहित चड्ढा (Mohit Chadda) की फिल्म ‘फ्लाइट’ (Flight) अब ओटीटी प्लेटफॉर्म ‘अमेजॉन प्राइम’ पर भी रिलीज हो गई है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Saturday, 04 December, 2021
Last Modified:
Saturday, 04 December, 2021
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जाने-माने एक्टर मोहित चड्ढा (Mohit Chadda) की फिल्म ‘फ्लाइट’ (Flight) अब ओटीटी प्लेटफॉर्म ‘अमेजॉन प्राइम’ पर भी रिलीज हो गई है। बता दें कि 'फ्लाइट' इस साल दो अप्रैल को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी, जिसे क्रिटिक्स और दर्शकों से काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिला। कोरोना वायरस महामारी की वजह से यह फिल्म तमाम दर्शक नहीं देख पाए थे, पर अब दर्शक अमेजॉन प्राइम वीडियो पर फैमिली के साथ ‘फ्लाइट’ का लुत्फ घर बैठे उठा सकते हैं।

बॉलीवुड में आपने एक्शन और थ्रिलर से भरपूर फिल्में कई देखी होंगी, लेकिन यह फिल्म कई मायनों में अलग है। बताया जा रहा है यह भारत की पहली एरियल एक्शन थ्रिलर फिल्म है। फिल्म में मोहित चड्ढा, रणवीर मल्होत्रा का मुख्य किरदार निभाते दिख रहे हैं, जो एक अमीर बिजनेसमैन के बेटे हैं। हालांकि फिल्म में उनके पिता का निधन हो चुका है, जिसके बाद अपने पिता की आदित्यराज एविएशन कंपनी को वही संभालते हैं। 

फिल्म के ट्रेलर में देखा जा सकता है कि मोहित चड्ढा फ्लाइट से सफर करने के लिए रवाना होते हैं, लेकिन फिर कुछ ऐसा होता है कि मोहित को पता चलता है कि उनका प्लेन क्रैश हो गया है। अब वह प्लेन के अंदर अकेले फंस गए हैं। मोहित चड्डा उस खतरनाक और दिल दहला देने वाले हादसे के इकलौते साक्षी हैं। मोहित का कोई साथी नहीं बचता है। विमान हादसे के जांच के आदेश होते हैं। पता चलता है कि उस फ्लाइट को उसके रूट से गायब कर दिया है। अब मोहित  खुद को कैसे बचाते हैं, यह जानने के लिए फिल्म अमेजॉन प्राइम पर देख सकते हैं। 

फिल्म को लेकर अभिनेता मोहित चड्ढा कहते हैं, ‘हमें खुशी है कि ‘फ्लाइट’ को बहुत ही मुश्किल समय में भी दर्शकों का इतना प्यार मिला। यह हमारा ड्रीम प्रोजेक्ट था। हमे उम्मीद है कि दर्शकों को दुनिया में चल रही उथल-पुथल से जल्द राहत मिलेगी। एक टीम के तौर पर हमें खुश है कि हम अपने लक्ष्य को हासिल कर सके। हमें यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि प्रशंसक अब जब चाहें, अमेजॉन प्राइम पर भी यह फिल्म देख सकते हैं। 

‘Flight’ को क्रेजी ब्वॉयज एंटरटेनमेंट (Crazy Boyz Entertainment) ने प्रड्यूस किया है इसे सूरज जोशी ने निर्देशित किया है। फिल्म में मोहित चड्ढा ने बेहतरीन एक्टिंग की है। साथ ही कहानी ने जो दम भरा है, वो देखने लायक है। इस फिल्म में मोहित चड्ढा के अलावा जाकिर हुसैन, पवन मल्होत्रा, शिबानी बेदी, विवेक वासवानी और प्रीतम सिंह जैसे कई बेहतरीन कलाकार लीड भूमिका में हैं।

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इस उद्देश्य के साथ हिंदी में लॉन्च हुआ LinkedIn

प्रोफेशनल नेटवर्किंग साइट ‘लिंक्डइन’ अब हिंदी में भी उपलब्ध हो गया है। हिंदी लिंक्डइन पर पहली भारतीय क्षेत्रीय भाषा है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 02 December, 2021
Last Modified:
Thursday, 02 December, 2021
Linkedin

प्रोफेशनल नेटवर्किंग साइट ‘लिंक्डइन’ (LinkedIn) अब हिंदी में भी उपलब्ध हो गया है। हिंदी लिंक्डइन पर पहली भारतीय क्षेत्रीय भाषा है। लिंक्डइन का लक्ष्य वैश्विक स्तर पर 600 मिलियन हिंदी भाषा बोलने वालों का समर्थन करना है।

कंपनी का कहना है कि इस लॉन्च के साथ लिंक्डइन का उद्देश्य भाषा की दीवारों को तोड़कर भारत समेत दुनियाभर में हिंदी भाषियों को बड़े पैमाने पर प्रोफेशनल और नेटवर्किंग के अवसर उपलब्ध कराना है। हिंदी के लॉन्च के साथ लिंक्डइन अब दुनियाभर की 25 भाषाओं में उपलब्ध हो गया है।

हिंदी में लिंक्‍डइन का फेज-1 दो दिसंबर से शुरू हो रहा है, ऐसे में मेंबर्स अपनी फीड, प्रोफाइल, जॉब और मैसेजिंग तक पहुंच सकेंगे और अपने डेस्कटॉप, एंड्रॉयड और आईओएस फोन पर हिंदी में कंटेंट बना सकेंगे। वहीं अगले कदम के तौर पर लिंक्डइन अब विभिन्न इंडस्ट्रीज में हिंदी भाषी लोगों के लिए रोजगार के अवसरों को बड़े पैमाने पर बढ़ाने की दिशा में काम करेगा, जिसमें बैंकिंग और सरकारी नौकरियां भी शामिल होंगी। प्लेटफॉर्म आने वाले हफ्तों में और अधिक हिंदी पब्लिशर्स और क्रिएटर्स को जोड़ना जारी रखेगा, ताकि हिंदी में सदस्यों का जुड़ाव और बातचीत को बढ़ावा दिया जा सके।

भारत लिंक्डइन के ग्रोथ का मुख्य बाजार है। सदस्यों की संख्या के मामले में यह अमेरिका के बाद दुनिया सबसे बड़ा मार्केट है। लिंक्डइन के दुनियाभर में 800 मिलियन सदस्यों में से 82 मिलियन सदस्य भारतीय हैं। पिछले तीन सालों में भारत में लिंक्डइन के सदस्यों की संख्या 20 मिलियन से ज्यादा बढ़ गई है, यानी साल-दर-साल 15 फीसदी की ग्रोथ। महामारी के बाद इस प्लेटफॉर्म पर लोगों के एक-दूसरे से जुड़ने और बातचीत करने में काफी दिलचस्पी दिखाई है।  

लिंक्डइन के इंडिया कंट्री मैनेजर आशुतोष गुप्ता ने कहा, ‘भारत में लिंक्डइन ने महामारी और नए जमाने के वर्किंग माहौल में लोगों को एक-दूसरे से जोड़ने, सीखने, आगे बढ़ने और जॉब पर रखने में मदद करने का महत्वपूर्ण अभियान चलाया था। हिंदी में लॉन्चिंग के साथ अब ज्यादा सदस्य और उपभोक्ता प्लेटफॉर्म पर कंटेंट, जॉब्स और नेटवर्किंग का ज्यादा लाभ उठा सकते हैं। वह अपने को उस भाषा में अभिव्यक्त कर सकते हैं, जिसमें उन्हें आसानी और सुविधा महसूस होती हो।’

लिंक्डइन का कैसे करें इस्तेमाल और हिंदी में अपना प्रोफाइल कैसे करें सेट 

लिंक्डइन का मोबाइल एप्लिकेशन हिंदी में देखने के लिए आपको अपने फोन की सेटिंग्स में जाकर डिवाइस की पसंदीदा भाषा के रूप में हिंदी का चुनाव करना होगा। जिन स्मार्टफोन यूजर्स ने अपने फोन में पहले ही डिवाइस की प्रेफर्ड लैंग्वेज के रूप मे हिंदी का चयन किया है। उन्हें  लिंक्डइन का अनुभव अपने आप हिंदी में ही मिलेगा।

  • डेस्कटॉप पर सदस्यों को सबसे पहले लिंक्डइन के होमपेज पर टॉप पर जाकर ‘मी’ आइकन पर क्लिक करना होगा।
  • इसके बाद ‘सेटिंग्स और प्राइवेसी’ को स्लेक्ट करना होगा।
  • मेंबर्स को इसके बाद लेफ्ट पर ‘अकाउंट प्रेफरेंसेज’ पर क्लिक करना होगा।
  • ‘साइट प्रेफरेंसेस’ को स्लेक्ट करना होगा।
  • लैंग्वेज के बगल में ‘चेंज’ पर क्लिक करना होगा और ‘हिंदी’ का ड्रॉप डाउन लिस्ट से चयन करना होगा।
  • एक बार स्लेक्ट किए जाने के बाद यूजर इंटरफेस और नेविगेशन बार समेत प्लेटफॉर्म पर सारा कंटेंट हिंदी में डिस्प्ले होगा।
  • इससे मेंबर्स को बेहद जल्दी और आसानी से उन फीचर्स की तलाश में मदद मिलेगी, जिसे वह खोज रहे हैं
  • मेंबर्स की होमफीड पर यूजर जेनरेटड कंटेंट उसी भाषा में दिखाई देगा, जिस भाषा में उसे बनाया गया है।

हालांकि वह मेंबर्स, जिन्होंने अपनी प्राइमरी भाषा के रूप में हिंदी का चयन किया है। वह अपनी पोस्ट पर ‘सी ट्रांसलेशन’ के ऑप्शन पर क्लिक करने से संबंधित पोस्ट का हिंदी में अनुवाद देख सकेंगे। अगर मेंबर्स लिंक्डइन पर हिंदी में कोई कंटेंट बनाने के लिए हिंदी की बोर्ड इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं तो उन्हें अपने कीबोर्ड की इनपुट लैंग्वेज को हिंदी में बदलना होगा या हिंदी कीबोर्ड को अपने डेस्कटॉप या स्मार्टफोन से जोड़ना होगा।

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पराग अग्रवाल बने Twitter के नए CEO

माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म ‘ट्विटर’ (Twitter) के सह-संस्थापक जैक डॉर्सी (Jack Dorsey) ने कंपनी के सीईओ के पद से इस्तीफा दे दिया है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Monday, 29 November, 2021
Last Modified:
Monday, 29 November, 2021
Parag Agarwal

माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म ‘ट्विटर’ (Twitter) के सह-संस्थापक जैक डॉर्सी (Jack Dorsey) ने कंपनी के सीईओ के पद से इस्तीफा दे दिया है। इसके साथ ही भारतीय मूल के पराग अग्रवाल को कंपनी का नया सीईओ नियुक्त किया गया है। पराग अग्रवाल की इस पद पर नियुक्ति तुरंत प्रभाव से प्रभावी हो गई है। हालांकि डॉर्सी वर्ष 2022 में अपना कार्यकाल समाप्त होने तक इस सोशल मीडिया कंपनी के बोर्ड में बने रहेंगे।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पराग ने करीब दस साल पहले ‘ट्विटर’ को जॉइन किया था। फिलहाल वह कंपनी में चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर के पद पर अपनी जिम्मेदारी संभाल रहे थे। इससे पहले वह ‘याहू‘ और ‘माइक्रोसॉफ्ट‘ जैसी दिग्गज कंपनियों के साथ काम कर चुके हैं। अग्रवाल ने आईआईटी बॉम्बे से पढ़ाई की है। इसके अलावा उन्होंने अमेरिका की स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस में पीएचडी की है। 

सीईओ के रूप में पराग अग्रवाल की नियुक्ति के बारे में जैक डॉर्सी का कहना है, ‘मुझे सीईओ के तौर पर पराग पर पूरा विश्वास है। पिछले 10 वर्षों में यहां उनका काम बेहद शानदार रहा है। वह कंपनी और इसकी जरूरतों को बहुत अच्छी तरीके से समझते हैं।’

वहीं, इस पद पर अपनी नियुक्ति के बारे में पराग अग्रवाल का कहना है, ’ आज के इस समाचार पर लोग अलग-अलग विचार प्रदर्शित करेंगे। क्योंकि वो ट्विटर और हमारे भविष्य की परवाह करते हैं। यह संकेत है कि हमारे काम का महत्व है। आइए दुनिया को ट्विटर की पूरी क्षमता दिखाएं। अग्रवाल ने ट्विटर पर लिखा कि वह अपनी नियुक्ति को लेकर काफी सम्मानित महसूस कर रहे हैं और खुश हैं? उन्होंने डोर्सी के ‘निरंतर मार्गदर्शन एवं दोस्ती’ के लिए उनका आभार भी व्यक्त किया है।

 

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IT मंत्री डॉ. अश्विनी वैष्णव बोले, तय हो सोशल मीडिया पर सामग्री की जिम्मेदारी

सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और वेबसाइट्स पर डाली जाने वाली सामग्री की जिम्मेदारी 'स्पष्ट रूप से परिभाषित' की जानी चाहिए।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Friday, 26 November, 2021
Last Modified:
Friday, 26 November, 2021
DrAshwani54562

सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और वेबसाइट्स पर डाली जाने वाली सामग्री की जिम्मेदारी 'स्पष्ट रूप से परिभाषित' की जानी चाहिए। मंत्री ने कहा कि पिछले कुछ दशकों में प्रौद्योगिकी और इंटरनेट में बदलाव के लिए इंटरनेट के संचालन ढांचे में बुनियादी स्तर पर पुनर्विचार की जरूरत है।

वैष्णव ने पहले इंडिया इंटरनेट गवर्नेंस फोरम (आईआईजीएफ 2021) का उद्घाटन करने के दौरान कहा, ‘सामग्री के सृजन के तरीके, सामग्री का उपभोग करने के तरीके, इंटरनेट के उपयोग के तरीके, भाषाएं, जिनमें इंटरनेट का उपयोग किया जाता है, मशीनें, इंटरनेट का उपयोग करने वाले माध्यम, सब कुछ बदल गया है। इसलिए, इन बुनियादी बदलावों के साथ, हमें निश्चित रूप से इंटरनेट के पूरे संचालन ढांचे में बुनियादी स्तर पर पुनर्विचार की जरूरत है।’

यह बताते हुए कि भारत इस संबंध में अग्रणी है, वैष्णव ने कहा कि इंटरनेट के सबसे बड़े उपयोगकर्ताओं में से एक भारत को दुनिया भर में इंटरनेट के संचालन को परिभाषित करने के तरीके में एक प्रमुख हितधारक होना चाहिए।

एक ऐसे युग में जहां सामग्री का निर्माण और उपभोग मोबाइल उपकरणों के माध्यम से किया जा रहा है, मंत्री ने प्लेटफॉर्म्स  के प्रतिभागियों से सामग्री की जिम्मेदारी सहित प्रमुख मुद्दों पर चर्चा करने और विचार-विमर्श करने के लिए कहा।

इस अवसर पर इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने जोर देकर कहा कि वैश्विक इंटरनेट का भविष्य भारत के इंटरनेट परितंत्र और नवाचार क्षमताओं के नेतृत्व में होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि इंटरनेट के भविष्य को ‘सावधानीपूर्वक नियोजित’ करना होगा, यह देखते हुए कि कुछ वर्षों में एक अरब भारतीय उपयोगकर्ता इंटरनेट का इस्तेमाल करेंगे।

चंद्रशेखर ने कहा, ‘इस संदर्भ में, यह अत्यंत महत्वपूर्ण है कि हम एक राष्ट्र के रूप में इंटरनेट के भविष्य को सावधानीपूर्वक आकार दें, नीतियों और विनियमों, अधिकारों और जिम्मेदारियों को सावधानीपूर्वक निर्धारित करें।’

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IT समिति की फेसबुक इंडिया के अधिकारियों के साथ बैठक, इन मुद्दों पर होगी चर्चा

कांग्रेस नेता शशि थरूर की अध्यक्षता वाली सूचना एवं प्रौद्योगिकी संबंधी संसद की स्थायी समिति ने 29 नवंबर को फेसबुक से जुड़े कुछ प्रतिनिधियों को अहम मुद्दों पर चर्चा के लिए बुलाया है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Friday, 26 November, 2021
Last Modified:
Friday, 26 November, 2021
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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर की अध्यक्षता वाली सूचना एवं प्रौद्योगिकी संबंधी संसद की स्थायी समिति ने इस महीने के आखिर में यानी 29 नवंबर को फेसबुक से जुड़े कुछ प्रतिनिधियों को अहम मुद्दों पर चर्चा के लिए बुलाया है। बता दें कि समिति की यह बैठक संसद भवन के कमरा नं. '2' में होगी।  

समिति के एजेंडे के मुताबिक, पहला कार्यक्रम 'नागरिकों की सुरक्षा' विषय पर होगा, जिसमें फेसबुक इंडिया के प्रतिनिधियों के विचारों को सुना जाएगा, डिजिटल स्पेस में महिला सुरक्षा पर विशेष जोर दिया जाएगा और सोशल/ऑनलाइन न्यूज मीडिया प्लेटफॉर्म के दुरुपयोग को रोकने पर विचार विमर्श किया जाएगा।

एजेंडा में दूसरा कार्यक्रम 'नागरिकों की सुरक्षा' विषय पर होगा और इसमें इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के प्रतिनिधियों के साक्ष्य पर विचार करना और डिजिटल स्पेस में महिला सुरक्षा पर विशेष जोर देने के साथ-साथ सोशल/ऑनलाइन न्यूज मीडिया प्लेटफॉर्म्स के दुरुपयोग की रोकथाम पर विचार किया जाएगा।  

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संसदीय समिति ने रखा ट्विटर-फेसबुक के लिए एक अलग निकाय स्थापित करने का प्रस्ताव

पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन बिल 2019 पर संयुक्त संसदीय समिति ने ट्विटर और फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म्स के लिए प्रेस काउंसिल की तर्ज पर एक अलग स्वतंत्र निकाय स्थापित करने की सिफारिश की है।  

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 25 November, 2021
Last Modified:
Thursday, 25 November, 2021
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पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन बिल 2019 (Personal Data Protection Bill 2019) पर संयुक्त संसदीय समिति (Joint Parliamentary Committee) ने ट्विटर और फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म्स के लिए प्रेस काउंसिल की तर्ज पर एक अलग स्वतंत्र निकाय स्थापित करने की सिफारिश की है।  

कमेटी का सुझाव है कि जो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स मध्‍यस्‍थ की तरह नहीं हैं, उन्‍हें प्रकाशकों या पब्लिशर्स (Publishers) के रूप में वर्गीकृत किया जाना चाहिए। इसके साथ ही उनके प्‍लेटफॉर्म्स पर प्रकाशित सभी सामग्री के लिए उन्‍हें ही जिम्‍मेदार बनाया जाना चाहिए।

वर्तमान में, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को मध्‍यस्‍थ के रूप में माना जाता है और उनके प्लेटफॉर्म पर प्रकाशित सामग्री से कानूनी सुरक्षा प्राप्त होती है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, संसदीय कमेटी ने यह भी सिफारिश की है कि ऐसे में सभी पब्लिशर्स को पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन बिल 2019 पर संसद की संयुक्त समिति की रिपोर्ट के अनुसार सभी यूजर्स की पहचान को अनिवार्य रूप से सत्यापित करना होगा। समिति गैर-व्यक्तिगत डेटा को भी इस बिल के दायरे में लेकर आयी है।

इसके अलावा, पैनल ने सिफारिश की है कि डेटा से संबंधित कंपनियों को अधिनियम के प्रावधानों को लागू करने के लिए लगभग 24 महीने का समय मिलना चाहिए।

माना जा रहा है कि इस प्रस्‍ताव को आगामी संसद के शीतकालीन सत्र में पेश किया जा सकता है। अपने सुझाव में संसदीय समिति ने यह भी कहा है कि उन सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म्स को भारत में काम करने की अनुमति नहीं होगी, जिनकी पैरेंट या सहयोगी कंपनी का देश में कहीं ऑफिस नहीं होगा।

समिति ने अपनी रिपोर्ट में सोशल मीडिया तंत्र को लेकर मौजूदा कानूनों को अपर्याप्‍त बताया है और यह भी कहा है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को आईटी अधिनियम के तहत मध्यस्थों के रूप में नामित किया गया है। इस रिपोर्ट को दो साल के विचार-विमर्श के बाद सदस्यों द्वारा अपनाया गया था। अब अगले हफ्ते से शुरू होने वाले संसद के आगामी शीतकालीन सत्र के दौरान इसे पेश किए जाने की उम्मीद है।

बता दें कि संयुक्त संसदीय समिति ने सोमवार को हुई मीटिंग में पर्सनल डेटा संरक्षण विधेयक 2019 को दो साल से अधिक समय तक विचार विमर्श करने के बाद इसे अंतिम रूप दे दिया है। यह मीटिंग BJP सांसद पीपी चौधरी के नेतृत्व में हुई थी। इस बिल को जल्द ही संसद के आगामी शीतकालीन सत्र (Winter Session) में पेश किया जाएगा। यह शीतकाली सत्र इस महीने के अंत में शुरू होने की उम्मीद है। समिति  को इस बिल को अंतिम रूप देने में 2 साल लग गए। इसे 5 बार विस्तार किया गया है।

संसद की संयुक्त समिति ने विधेयक की मसौदा रिपोर्ट पर विचार करने और उसे अपनाने के लिए 22 नवंबर से पहले 12 नवंबर को दिल्ली में बैठक की थी। संयुक्त समिति का गठन ‘पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन बिल 2019 की जांच के लिए किया गया है, जिसे 11 दिसंबर, 2019 को लोकसभा में पेश किया गया था।

इस विधेयक का उद्देश्य अपने व्यक्तिगत डेटा से संबंधित व्यक्तियों की गोपनीयता की सुरक्षा प्रदान करना है। इसमें व्यक्तिगत डेटा का प्रवाह और उपयोग, व्यक्तिगत डेटा को संसाधित करने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं के बीच विश्वास का संबंध बनाना, उन व्यक्तियों के अधिकारों की रक्षा करना, जिनके व्यक्तिगत डेटा को संसाधित किया जाता है।

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