फेसबुक ने राजीव अरोड़ा पर जताया भरोसा, दी ये महत्वपूर्ण जिम्मेदारी

राजीव अरोड़ा 'फेसबुक इंडिया' की कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस डायरेक्टर बिपाशा चक्रवर्ती को रिपोर्ट करेंगे

Last Modified:
Thursday, 08 April, 2021
Rajiv Arora

राजीव अरोड़ा ने सोशल नेटवर्किंग साइट ‘फेसबुक इंडिया’ के साथ अपनी नई पारी शुरू की है। यहां पर उन्हें इंटरनल कम्युनिकेशंस की कमान दी गई है। वह 'फेसबुक इंडिया' की कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस डायरेक्टर बिपाशा चक्रवर्ती को रिपोर्ट करेंगे।

फेसबुक इंडिया से पहले राजीव अरोड़ा ‘ओयो’ (OYO) के ग्लोबल इंटरनल कम्युनिकेशंस डिपार्टमेंट की कमान संभाल रहे थे। नई पारी के बारे में राजीव अरोड़ा ने अपने लिंक्डइन प्रोफाइल पर जानकारी शेयर की है। उन्होंने लिखा है, ‘ओयो के साथ दो साल से ज्यादा लंबी यादगार व बेहतरीन पारी के बाद मैं हाल ही में फेसबुक इंडिया के साथ जुड़ गया हूं, जहां मुझे इंटरनल कम्युनिकेशंस की कमान सौंपी गई है।’

राजीव अरोड़ा को मीडिया इंडस्ट्री का काफी अनुभव है। उन्होंने ‘केपीएमजी’ (KPMG) के साथ कॉरपोरेट की दुनिया में कदम रखा था। वह अब तक ‘जनरल इलेक्ट्रिक्स’ (General Electrics), ‘एमएसडी’ (MSD), ‘एरिसेंट’ (Aricent) और ‘ओयो’ (OYO) की कम्युनिकेशन टीम में अपना योगदान दे चुके हैं।

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नए IT नियमों का पालन न करने पर ट्विटर को फटकार, कोर्ट ने दिया अंतिम मौका

दिल्ली उच्च न्यायालय ने ट्विटर के उस हलफनामे पर कड़ी आपत्ति जताई है जिसमें कहा गया है कि उसने मुख्य अनुपालन अधिकारी और शिकायत अधिकारी को 'आकस्मिक कार्यकर्ता' नियुक्त किया है।

Last Modified:
Thursday, 29 July, 2021
Twitter

दिल्ली उच्च न्यायालय ने ट्विटर के उस हलफनामे पर कड़ी आपत्ति जताई है जिसमें कहा गया है कि उसने मुख्य अनुपालन अधिकारी और शिकायत अधिकारी को 'आकस्मिक कार्यकर्ता' नियुक्त किया है। नाखुशी जताते हुए न्यायमूर्ति रेखा पल्ली की एकल पीठ ने कहा कि माइक्रोब्लॉगिंग साइट ने नए आईटी नियमों (New IT Rules 2021) की अवहेलना है, क्योंकि ट्विटर ने इसका पालन नहीं किया है।

न्यायमूर्ति रेखा पल्ली ने कहा कि नियमों के अनुसार सीसीओ के तौर पर प्रबंधन के एक अहम व्यक्ति या एक वरिष्ठ कर्मचारी को नियुक्त करना अनिवार्य है, जबकि ट्विटर ने अपने हलफनामे में कहा कि उसने तीसरी पार्टी के ठेकेदार के जरिए एक अस्थायी कर्मचारी नियुक्त किया है।

अदालत ने कहा, 'सीसीओ ने अपने हलफनामे में स्पष्ट कहा है कि वह एक कर्मचारी नहीं है। यह अपने आप में नियम के खिलाफ है। नियम को लेकर कुछ गंभीरता होनी चाहिए।'

उच्च न्यायालय ने कहा कि उसे ट्विटर के अस्थायी कर्मचारी’ शब्द के इस्तेमाल को लेकर कुछ आपत्ति है, खासतौर से तब जब यह पता नहीं है कि तीसरी पार्टी का ठेकेदार कौन है।

न्यायाधीश ने ट्विटर से कहा, 'अस्थायी कर्मचारी क्या होता है? मुझे नहीं पता इसका क्या मतलब होगा। मुझे इस शब्द से दिक्कत है। अस्थायी फिर तीसरी पार्टी का ठेकेदार। क्या है यह? मैं हलफनामे से खुश नहीं हूं।' अदालत ने कहा कि ट्विटर का हलफनामा अस्वीकार्य है और उसने उसे नियमों का पूरी तरह पालन करने के लिए कहा।

अदालत ने कहा, 'एक बेहतर हलफनामा दायर करिए। यह स्वीकार्य नहीं है। मैं आपको काफी अवसर दे रही हूं लेकिन यह उम्मीद मत करिए कि अदालत ऐसा करती रहेगी। तीसरी पार्टी के ठेकेदार का नाम बताइए और अस्थायी को स्पष्ट कीजिए।'

उच्च न्यायालय ने ट्विटर को एक सप्ताह के भीतर बेहतर हलफनामा दाखिल करने का अंतिम मौका दिया है। अदालत ने ट्विटर को न केवल सीसीओ की नियुक्ति से जुड़ी सभी जानकारियां देने को कहा बल्कि निवासी शिकायत अधिकारी (आरजीओ) की जानकारी देने के भी निर्देश दिए। साथ ही यह भी स्पष्ट करने को कहा कि एक नोडल संपर्क व्यक्ति अभी तक क्यों नियुक्त नहीं किया गया और कब तक इस पद पर नियुक्ति होगी। इस मामले पर अगली सुनवाई छह अगस्त को होगी।

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कंटेंट क्रिएटर्स को कुछ इस तरह सपोर्ट करेगी फेसबुक

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस योजना में उन क्रिएटर्स को भुगतान करने के लिए बोनस कार्यक्रम शामिल होंगे, जिन्होंने इंस्टाग्राम समेत इसके ऐप्स पर कुछ मील के पत्थर हासिल किए हैं

Last Modified:
Thursday, 15 July, 2021
Facebook

सोशल मीडिया क्षेत्र की दिग्गज कंपनी ‘फेसबुक’ (Facebook) कंटेंट क्रिएटर्स को सपोर्ट करने के लिए इस साल के अंत तक एक बिलियन डॉलर से ज्यादा निवेश करेगी। मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से यह खबर सामने आई है।

इन रिपोर्ट्स के अनुसार, फेसबुक का यह कदम ‘टिकटॉक‘ (TikTok) व ‘यूट्यूब‘ (YouTube) जैसे लोकप्रिय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से प्रतिस्पर्धा के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

बताया जाता है कि इस योजना में उन क्रिएटर्स को भुगतान करने के लिए बोनस कार्यक्रम शामिल होंगे, जिन्होंने फोटो-शेयरिंग नेटवर्क इंस्टाग्राम सहित इसके ऐप पर कुछ मील के पत्थर हासिल किए हों। इंस्टाग्राम के बोनस कार्यक्रमों में ‘रील्स’ (Reels) का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहन राशि शामिल होगी।

बता दें कि तमाम बड़े टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म्स सोशल मीडिया से जुड़े लोगों को लुभाने की कोशिश कर रहे हैं। ‘टिकटॉक’ ने क्रिएटर्स को सपोर्ट करने के लिए तीन साल में दो बिलियन डॉलर खर्च करने की प्रतिबद्धता जताई है। 

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फेसबुक इंडिया के MD की याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने किया खारिज, कही ये बात

इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की खंडपीठ ने 24 फरवरी को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।

Last Modified:
Friday, 09 July, 2021
Facebook

सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2020 के दिल्ली दंगों के मामले में दिल्ली विधानसभा की समिति के समन के खिलाफ ‘फेसबुक इंडिया’ (Facebook India) के एमडी अजीत मोहन द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया है। अजीत मोहन ने दिल्ली विधानसभा की शांति और सद्भाव समिति द्वारा जारी समन पर रोक लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।

न्यायमूर्ति एसके कौल, न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी और न्यायमूर्ति हृषिकेश रॉय की पीठ ने फेसबुक इंडिया के प्रमुख द्वारा चुनौती को ‘अपरिपक्व’ (premature) कहा है। सुप्रीम कोर्ट की इस खंडपीठ ने अजीत मोहन को शांति और सद्भाव समिति के समक्ष पेश होने के लिए कहा है।

वहीं, पीठ ने यह भी कहा कि समिति अभियोजन एजेंसी (prosecuting agency) की भूमिका नहीं निभा सकती है। पीठ का कहना था कि दिल्ली विधानसभा की शांति समिति को कानून व्यवस्था सहित ऐसे कई मामलों में हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है, जो केंद्र सरकार के अंतर्गत आते हैं। पीठ का कहना है, ‘चूंकि यह दंगों का मामाला है, इसलिए सातवीं अनुसूची के तहत संघ के किसी भी क्षेत्र में प्रवेश किए बिना विधानसभा इस मुद्दे पर गौर कर सकती है।‘

इसके साथ ही पीठ ने आरोपपत्र में फेसबुक को सह-आरोपी बनाने के बारे में समिति द्वारा दिए गए कुछ बयानों पर भी आपत्ति जताई है, जो इसके दायरे से बाहर है।

बता दें कि दिल्ली विधानसभा की शांति समिति ने इन लोगों को उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के मामलों में गवाह के रूप में अपने सामने पेश न होने पर समन जारी किए थे। ये समन पिछले साल 10 और 18 सितंबर को जारी किए गए थे। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की खंडपीठ ने 24 फरवरी को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।

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ट्विटर ने कोर्ट को बताया, कब तक नियुक्त होगा नया रेजिडेंट ग्रीवांस ऑफिसर

ट्विटर ने कोर्ट से यह भी कहा है कि वह भारत में संपर्क के लिए एक दफ्तर खोलने की तैयारी में हैं, जो भविष्य में ट्विटर से संपर्क करने के लिए स्थायी पता रहेगा।

Last Modified:
Thursday, 08 July, 2021
Twitter

माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर (Twitter) ने गुरुवार को दिल्ली हाई कोर्ट को इस बात की जानकारी दी कि आईटी कानून के तहत स्थानीय रेजिडेंट ग्रीवांस ऑफिसर (Resident Grievance Officer) को नियुक्त करने में अभी उसे 8 सप्ताह यानी करीब 2 महीने का समय लगने वाले है। ट्विटर को दिल्ली हाई कोर्ट ने डेडलाइन दी थी, जो गुरुवार को खत्म हो रही है।

बता दें कि दिल्ली हाई कोर्ट ने मंगलवार को सुनवाई करते हुए ट्विटर को 2 दिन के भीतर यह बताने के लिए कहा था वह कब तक नए आईटी कानून के तहत स्थानीय रेजिडेंट ग्रीवांस ऑफिसर (RGO) की नियुक्त करेगा। लिहाजा इस प्रक्रिया के तहत ट्विटर ने गुरुवार को हाई कोर्ट में बताया कि उसे नया रेजिडेंट ग्रीवांस ऑफिसर नियुक्त करने में 8 हफ्ते का समय लगेगा।

ट्विटर ने कोर्ट से यह भी कहा है कि वह भारत में संपर्क के लिए एक दफ्तर खोलने की तैयारी में हैं, जो भविष्य में ट्विटर से संपर्क करने के लिए स्थायी पता रहेगा। साथ ही उसने यह भी जानकारी दी कि नए आईटी नियमों के अनुपाल से संबंधित अपनी पहली रिपोर्ट वह 11 जुलाई तक पेश करेगा।

ट्विटर ने कहा है कि वह 2021 से लागू नए आईटी नियमों का पालन करने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, उसे इन नियमों की वैधता को चुनौती देने का अधिकार है।

ट्विटर ने मंगलवार को कोर्ट को सूचित किया था कि उसके द्वारा स्थानीय रेजिडेंट ग्रीवांस ऑफिसर की नियुक्ति की प्रक्रिया अभी चल रही है, जिस पर हाई कोर्ट ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा था कि अब वह ट्विटर को किसी तरह की राहत नहीं दे सकते और केंद्र सरकार कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र है।

बता दें कि अदालत एक याचिका पर सुनवाई कर रही है, जिसमें दावा किया गया कि ट्विटर केंद्र सरकार के नए सूचना प्रौद्योगिकी (IT) नियमों का अनुपालन नहीं कर रहा है।

आपको बता दें कि धर्मेंद्र चतुर के इस्तीफा देने के बाद ट्विटर ने कैलिफोर्निया के जेरेमी केसल को भारत का नया ग्रीवांस ऑफिसर नामित किया था। मगर नए IT नियमों के अनुसार शिकायत ग्रीवांस ऑफिसर सहित सभी नोडल प्राधिकरण भारत के ही होने चाहिए और जेरेमी केसल कैलिफोर्निया से आते हैं।

केंद्र ने ट्विटर पर जानबूझकर अवज्ञा करने और भारत के नए IT नियमों का पालन करने में फेल होने के साथ-साथ जरूरी अधिकारियों को नियुक्त करने में विफल रहने का भी आरोप लगाया है, जिसके परिणामस्वरूप इसका सेफ गॉर्ड भी वापस ले लिया गया था।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के दुरुपयोग को रोकने के उद्देश्य से IT नियमों के अनुसार, प्रमुख सोशल मीडिया मीडिएटर को एक मुख्य अनुपालन अधिकारी, एक नोडल अधिकारी और एक शिकायत अधिकारी को नियुक्त करना होगा, जो सभी भारतीय निवासी होने चाहिए।

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केंद्र सरकार ने दिल्ली हाई कोर्ट में दिया हलफनामा, Twitter को लेकर कही ये बात

केंद्र सरकार ने कहा है कि नए आईटी नियम 2021 देश के कानून हैं और प्रतिवादी (ट्विटर) को अनिवार्य रूप से इनका पालन करना आवश्यक है।

Last Modified:
Tuesday, 06 July, 2021
Twitter

माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म ‘ट्विटर’ (Twitter) भारत के नए आईटी नियमों का पालन करने में विफल रहा है। केंद्र सरकार ने दिल्‍ली हाई कोर्ट में यह जानकारी दी है। केंद्र सरकार का कहना है कि ट्विटर ने अभी तक मुख्य अनुपालन अधिकारी (chief compliance officer) की नियुक्ति नहीं की है। शिकायत अधिकारी (grievance officer) का पद भी खाली पड़ा हुआ है। नोडल कॉन्टैक्ट पर्सन (nodal contact person) का पद भी खाली है। इसके साथ ही संपर्क पता (contact address) जिसे 29 मई को दिखाया गया था, वह ट्विटर की वेबसाइट पर उपलब्ध नहीं है।  

‘इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय‘ (Meity) के साइबर लॉ ग्रुप के वैज्ञानिक एन. समय बालन (N. Samaya Balan) के माध्यम से दायर एक संक्षिप्त एफिडेविट में केंद्र सरकार ने कहा है कि नए आईटी नियम 2021 देश के कानून हैं और प्रतिवादी (ट्विटर) को अनिवार्य रूप से इनका पालन करना आवश्यक है।

एफिडेविट के अनुसार, आईटी नियमों का पालन नहीं किया जाना इनके प्रावधानों के उल्लंघन के समान है। इसके कारण माइक्रो ब्‍लॉगिंग साइट को आईटी अधिनियम के तहत प्रदान की गई अपनी प्रतिरक्षा को खोना पड़ सकता है।

पिछले हफ्ते ट्विटर ने हाई कोर्ट को बताया था कि वह भारत में शिकायत अधिकारी को नियुक्त करने के अंतिम चरण में है। ट्विटर ने यह भी कहा था कि भारत में एक शिकायत अधिकारी की नियुक्ति को औपचारिक रूप देने के लिए कदम उठाए जाने से पहले ही अंतरिम शिकायत अधिकारी ने 21 जून को अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली थी।  

न्यायमूर्ति रेखा पल्ली की दिल्ली उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने 31 मई को माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म को अपना जवाब दाखिल करने के लिए तीन सप्ताह का समय देते हुए नोटिस जारी किया था। मामले की अगली सुनवाई के लिए छह  जुलाई की तारीख तय की गई है।

गौरतलब है कि सरकार ने सोशल मीडिया कंपनियों के लिए 25 मई से नए आईटी नियमों की घोषणा की है। नए नियमों के तहत ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम और वॉट्सऐप जैसे बड़े सोशल मीडिया मंचों को अतिरिक्त उपाय करने की जरूरत होगी। इसमें भारत में मुख्य अनुपालन अधिकारी, नोडल अधिकारी और शिकायत अधिकारी की नियुक्ति आदि शामिल हैं। जहां तक ओटीटी प्लेटफॉर्म्स का सवाल है, उनमें से कुछ ने अभी तक इन गाइडलाइंस का पालन नहीं किया है।

इससे पहले इस महीने की शुरुआत में सरकार ने ट्विटर को नियमों के अनुपालन का आखिरी मौका देते हुए कहा था कि अगर वह इसमें विफल रहती है, तो उसे आइटी कानून के तहत मध्यस्थ मंच के नाते दायित्व से जो छूट मिली है, वह वापस ले ली जाएगी। इसके साथ ही उसे आइटी कानून और अन्य दंडात्मक प्रावधानों के तहत कार्रवाई के लिए तैयार रहना होगा।

नए नियमों के मुताबिक, 50 लाख से अधिक यूजर वाली सभी सोशल मीडिया कंपनियों के लिए शिकायतों के निपटान के लिए अधिकारी की नियुक्ति करना अनिवार्य है। इसके अलावा इन अधिकारियों के नाम, पते और कॉन्टैक्ट डिटेल्स को भी शेयर करना होगा।

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नए IT नियमों के तहत फेसबुक ने जारी की पहली रिपोर्ट, इस तरह के कंटेंट पर लिया एक्शन

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक ने नए मध्यस्थता नियमों के तहत फेसबुक और इंस्टाग्राम पर सामग्रियों के उल्लंघन के खिलाफ की गई कार्रवाई पर अपनी पहली रिपोर्ट जारी की है।

Last Modified:
Saturday, 03 July, 2021
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सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक ने नए मध्यस्थता नियमों के तहत फेसबुक और इंस्टाग्राम पर सामग्रियों (कंटेंट) के उल्लंघन के खिलाफ की गई कार्रवाई पर अपनी पहली रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट के मुताबिक, फेसबुक ने 15 मई से 15 जून के बीच दस श्रेणियों में से 3 करोड़ से ज्यादा सामग्री को हटा दिया है, जबकि इंस्टाग्राम ने नौ श्रेणियों में 20.3 लाख सामग्री को हटा दिया है।         

फेसबुक ने कहा कि यह रिपोर्ट सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 के नियम 4(1)(डी) के अनुसार प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में फेसबुक और इंस्टाग्राम पर सामग्री का उल्लंघन करने के खिलाफ की गई कार्रवाई की जानकारी है।  

फेसबुक ने इस रिपोर्ट में कहा है कि उसने 15 मई से 15 जून के बीच हेट स्‍पीच की 3,11,000 सामाग्रियों और 18 लाख नग्नता और यौन गतिविधि सामग्रि‍यों को हटाया है।

यही नहीं फेसबुक ने इसी अवधि (15 मई से 15 जून के बीच) में अपने प्लेटफॉर्म और इंस्टाग्राम से 'खतरनाक संगठन और व्‍यक्ति: संगठित नफरत' (Dangerous Organizations and Individuals: Organized Hate) नीति के तहत 75,000 कंटेंट, 'खतरनाक संगठन और व्‍यक्ति: आतंकी दुष्‍प्रचार' (Dangerous Organizations and Individuals: Terrorist Propaganda) नीति के तहत 106,000 कंटेंट और उत्पीड़न से संबंधित सामग्री के 118,000 टुकड़े हटाए।

फेसबुक के प्रवक्ता ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि बीते कुछ वर्षों में हमने अपने यूजर्स को ऑनलाइन सुरक्षित रखने के अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए प्रौद्योगिकी में लगातार निवेश किया है। हम अपनी नीतियों के खिलाफ सामग्री की पहचान करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, अपने समुदाय की रिपोर्ट और अपनी टीमों समीक्षा का इस्‍तेमाल करते हैं। हम पारदर्शिता की दिशा में इन प्रयासों पर काम करना जारी रखेंगे।

फेसबुक ने कहा है कि उसकी अगली रिपोर्ट 15 जुलाई को प्रकाशित की जाएगी जिसमें यूजर्स से मिली शिकायतों और उन्हें लेकर की गई कार्रवाई की जानकारी होगी।

बता दें कि हाल ही में गूगल ने भी नए आईटी नियमों के तहत अपनी मासिक पारदर्शिता  रिपोर्ट जारी की थी।

बता दें कि नए आईटी नियमों के तहत बड़े डिजिटल प्लेटफॉर्म्स (50 लाख यूजर्स से ज्यादा वालों) को हर महीने अनुपालन रिपोर्ट प्रकाशित करनी होगी, जिसमें वे उन्हें मिली शिकायतों और उन्हें लेकर की गई कार्रवाई की जानकारी देंगे।

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सर्वे में हुआ खुलासा, महामारी के बीच मुख्यधारा की मीडिया पर लोगों का बढ़ा भरोसा

कोरोना वायरस महामारी के बीच दुनिया के ज्यादातर देशों में मुख्य धारा की मीडिया पर लोगों का भरोसा बढ़ा है।

Last Modified:
Wednesday, 30 June, 2021
Media

कोरोना वायरस महामारी के बीच दुनिया के ज्यादातर देशों में मुख्य धारा की मीडिया पर लोगों का भरोसा बढ़ा है। एशियन कॉलेज ऑफ जर्नलिज्म की सहायता से ‘रायटर्स इंस्टीट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ जर्नलिज्म’ की रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। रिपोर्ट 46 देशों में किए गए सर्वे के आधार पर तैयार की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, 44 प्रतिशत लोग मानते हैं कि कोरोना को लेकर मुख्य धारा की मीडिया सजग रही है। वह तथ्यपूर्ण रिपोर्ट सामने लाई है। लेकिन भारत में यह आंकड़ा औसतन 38 प्रतिशत से कम है।

ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के ‘रॉयटर्स इंस्टीट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ जर्नलिज्म’ द्वारा किए गए सर्वेक्षण में समाचारों पर विश्वास के मामले में फिनलैंड 65 प्रतिशत के साथ सबसे ऊपर है, जबकि अमेरिका अपवाद रहा। यहां सिर्फ 29% लोगों ने कहा कि वे मीडिया पर जारी ज्यादातर समाचारों पर भरोसा करते हैं।

इस दौरान मीडिया ने पक्षपातपूर्ण राजनीतिक विचारों को महत्व नहीं दिया। यही कारण है कि 2020 की शुरुआत से मीडिया पर लोगों का विश्वास बढ़ता गया। सर्वे में लोगों से पूछा गया था कि क्या आप मीडिया पर जारी ज्यादातर समाचारों पर भरोसा करते हैं। फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी, जापान और फिनलैड जैसे देशों के लोगों ने ‘हां’ में जवाब दिया।

बता दें कि सर्वे को तीन वर्गों में बांटा गया था। वामपंथी, मध्यम, दक्षिणपंथी। 51% वामपंथियों ने कहा कि मीडिया राजनीतिक विचारों को निष्पक्ष रूप से कवर करता है। सिर्फ 16% दक्षिणपंथियों ने मीडिया पर विश्वास जताया।

सर्वेक्षण के अनुसार एशिया-प्रशांत में, भारत को आठवां स्थान दिया गया है, जबकि थाईलैंड शीर्ष पर है जहां 50 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा कि वे समाचारों पर विश्वास करते हैं। रॉयटर्स इंस्टीट्यूट द्वारा किए गए अध्ययन से यह भी पता चला है कि इस साल झूठी और भ्रामक सूचनाओं के बारे में वैश्विक चिंताएं अधिक हैं।

अध्ययन में एक और दिलचस्प निष्कर्ष सामने आया है कि मशहूर हस्तियां और प्रभावशाली लोग  भारत में चार बड़े मंचों फेसबुक, ट्विटर, यूट्यूब और इंस्टाग्राम पर सोशल मीडिया समाचार उपयोगकर्ताओं के बीच सबसे अधिक ध्यान आकर्षित करते हैं। हालांकि अध्ययन में संकेत दिया गया है कि इसका आंकड़ा भारत में मुख्य रूप से अंग्रेजी बोलने वाले ऑनलाइन समाचार उपयोगकर्ताओं के सर्वेक्षण पर आधारित है, जो देश में एक बड़े, अधिक विविध, देश में मीडिया बाजार का एक छोटा उपसमूह है।

भारतीय उत्तरदाताओं ने कोविड-19 के बारे में गलत सूचनाएं व्हाट्सएप से (28 प्रतिशत), फेसबुक (16 प्रतिशत), यूट्यूब (14 प्रतिशत), गूगल (सात प्रतिशत) और ट्विटर (चार प्रतिशत) के जरिये मिलने पर चिंता जताई। सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार कोरोना वायरस महामारी के बीच खबरों पर भरोसा बढ़ा है। वैश्विक स्तर पर 44 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे ज्यादातर समाचारों पर भरोसा करते हैं।

भारत उन कुछ देशों में भी शामिल है जहां अधिकांश उत्तरदाताओं (50 प्रतिशत से अधिक) समाचार संगठनों की वित्तीय स्थिति के बारे में चिंतित थे, जबकि यह अनुपात अमेरिका में केवल 32 प्रतिशत, ब्रिटेन में 26 प्रतिशत, जर्मनी में 23 प्रतिशत और सिंगापुर में 41 प्रतिशत था।

सर्वेक्षण के अनुसार भारत के लोगों में, पुराने प्रिंट ब्रांड और सरकारी प्रसारक दूरदर्शन और ऑल इंडिया रेडियो के प्रति उच्च स्तर का विश्वास दिखाई दिया ।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अमेरिका में जो बाइडेन के राष्ट्रपति बनने के बाद कई रूढ़िवादियों ने समाचार देखना, सुनना और पढ़ना बंद कर दिया है।

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इस मामले में Twitter India के एमडी मनीष माहेश्वरी के खिलाफ केस दर्ज

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में बजरंग दल के एक नेता की शिकायत के बाद यह मामला दर्ज किया गया है।

Last Modified:
Tuesday, 29 June, 2021
Manish Maheshwari

माइक्रोब्लॉगिंग साइट ‘ट्विटर’ (Twitter) द्वारा अपने प्लेटफॉर्म पर भारतीय नक्शे में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को भारत की सीमाओं से बाहर दिखाए जाने के खिलाफ ट्विटर इंडिया के एमडी मनीष माहेश्वरी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है।

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में बजरंग दल के एक नेता की शिकायत के बाद यह मामला दर्ज किया गया है। हालांकि, इसके बाद से ट्विटर ने यह नक्शा अपने प्लेटफॉर्म से हटा दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में एक मुस्लिम व्यक्ति की पिटाई के मामले में भी माहेश्वरी को तलब किया गया है।

बता दें कि नए आईटी नियमों को लेकर भारत सरकार के साथ जारी गतिरोध के बीच ट्विटर की वेबसाइट भारत का गलत नक्शा दिखाया गया था। इसे लेकर देशवासियों ने कड़ा विरोध जताते हुए ट्विटर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी। यह पहला मौका नहीं है, जब ट्विटर ने भारत के नक्शे को गलत तरीके से पेश किया है। इससे पहले उसने लेह को चीन का हिस्सा दिखाया था।

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Twitter के अंतरिम शिकायत अधिकारी धर्मेंद्र चतुर ने दिया इस्तीफा

नए आईटी नियमों को लेकर भारत सरकार से चल रही तनातनी के बीच माइक्रोब्लॉगिंग साइट ‘ट्विटर’ (Twitter) के अंतरिम शिकायत अधिकारी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।

Last Modified:
Monday, 28 June, 2021
Twiiter

नए आईटी नियमों को लेकर भारत सरकार से चल रही तनातनी के बीच माइक्रोब्लॉगिंग साइट ‘ट्विटर’ (Twitter) के अंतरिम शिकायत अधिकारी (interim grievance officer) ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। बता दें कि नए आईटी नियमों के तहत भारत के यूजर्स की शिकायतों पर कार्रवाई के लिए प्रमुख सोशल मीडिया कंपनियों में शिकायत अधिकारी की नियुक्ति जरूरी है। इसी के तहत ट्विटर इंडिया ने धर्मेंद्र की नियुक्ति कुछ हफ्तों पहले ही की थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, चतुर के इस्तीफे के बाद अब ट्विटर ने कैलिफोर्निया स्थित जेरेमी केसल (Jeremy Kessel) को भारत में नया शिकायत अधिकारी नियुक्त किया है। केसल ट्विटर के ग्लोबल लीगल पॉलिसी डाइरेक्टर हैं। हालांकि, उनकी नियुक्ति नए आईटी नियमों का पालन नहीं करती है, जिसके लिए शिकायत निवारण अधिकारी को भारत का निवासी होना आवश्यक है।

गौरतलब है कि सरकार ने सोशल मीडिया कंपनियों के लिए 25 मई से नए आईटी नियमों की घोषणा की है। नए नियमों के तहत ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम और वॉट्सऐप जैसे बड़े सोशल मीडिया मंचों को अतिरिक्त उपाय करने की जरूरत होगी। इसमें भारत में मुख्य अनुपालन अधिकारी, नोडल अधिकारी और शिकायत अधिकारी की नियुक्ति आदि शामिल हैं। जहां तक ओटीटी प्लेटफॉर्म्स का सवाल है, उनमें से कुछ ने अभी तक इन गाइडलाइंस का पालन नहीं किया है।

इससे पहले इस महीने की शुरुआत में सरकार ने ट्विटर को नियमों के अनुपालन का आखिरी मौका देते हुए कहा था कि अगर वह इसमें विफल रहती है, तो उसे आइटी कानून के तहत मध्यस्थ मंच के नाते दायित्व से जो छूट मिली है, वह वापस ले ली जाएगी। इसके साथ ही उसे आइटी कानून और अन्य दंडात्मक प्रावधानों के तहत कार्रवाई के लिए तैयार रहना होगा।

नए नियमों के मुताबिक, 50 लाख से अधिक यूजर वाली सभी सोशल मीडिया कंपनियों के लिए शिकायतों के निपटान के लिए अधिकारी की नियुक्ति करना अनिवार्य है। इसके अलावा इन अधिकारियों के नाम, पते और कॉन्टैक्ट डिटेल्स को भी शेयर करना होगा।

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Google ने रोहन तिवारी को सौंपी अब नई जिम्मेदारी

‘गूगल’ (Google) ने रोहन तिवारी को ‘गूगल टीवी’ (Google TV) का बिजनेस डेवलपमेंट हेड (एशिया पैसिफिक) नियुक्त किया है।

Last Modified:
Friday, 25 June, 2021
Rohan Tiwary

‘गूगल’ (Google) ने रोहन तिवारी को ‘गूगल टीवी’ (Google TV) का बिजनेस डेवलपमेंट हेड (एशिया पैसिफिक) नियुक्त किया है। इससे पहले वह करीब डेढ़ साल से हेड ऑफ पार्टनरशिप्स APAC (मीडिया एंड एंटरटेनमेंट: न्यूज एंड पब्लिशिंग) की जिम्मेदारी निभा रहे थे।

इस बारे में अपनी एक लिंक्डइन पोस्ट में तिवारी ने कहा है, ‘गूगल टीवी टीम में शामिल होने और यूजर्स को उनकी पसंद के कंटेंट के माध्यम से जोड़ने के विजन को आगे बढ़ाने को लेकर मैं काफी उत्साहित हूं। मीडिया इंडस्ट्री के पार्टनर्स के साथ काम करने और नए अवसरों को सामने लाने के लिए मैं तत्पर हूं।‘

बता दें कि टेक्नोलॉजी और मीडिया एग्जिक्यूटिव रोहन तिवारी को सेल्स, स्ट्रैटेजी कंसल्टिंग और प्रॉडक्ट मार्केटिंग का काफी अनुभव है। ‘गूगल‘ को जॉइन करने से पहले रोहन Accenture में मैनेजमेंट कंसल्टिंग की भूमिका निभा चुके हैं। इसके अलावा वह 'टाइम्स ग्रुप' और 'स्टार ग्रुप' (डिज्नी) में भी विभिन्न भूमिकाओं में अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं।  

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