भारी पड़ सकती है अखबारों को लेकर सोशल मीडिया पर की जा रही ये 'कारगुजारी'

न्यूज पब्लिशर्स इन दिनों ऐसे ऑनलाइन ग्रुप्स और प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ लगाम लगाने की तैयारी में हैं

Last Modified:
Wednesday, 06 May, 2020
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न्यूज पब्लिशर्स इन दिनों ऐसे ऑनलाइन ग्रुप्स और प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ लगाम लगाने की तैयारी में हैं, जो पाठकों को रोजाना लोकप्रिय अखबारों के पीडीएफ संस्करण शेयर कर रहे हैं।   

तमाम अखबारों के प्रबंधन के लिए सोशल मीडिया पर इस तरह अखबारों के पीडीएफ का सर्कुलेशन कुछ और नहीं, बल्कि पायरेसी का एक रूप है। बताया जाता है कि जल्द ही सिर्फ सबस्क्राइब्ड मेंबर्स यानी जिन्होंने सबस्क्रिप्शन लिया है, वे ही ऑनलाइन न्यूजपेपर का उपयोग कर पाएंगे।  

इस बारे में ‘इंडियन न्यूजपेपर सोसायटी’ (Indian Newspaper Society) सचिवालय की महासचिव मैरी पाल का कहना है, ‘हमारी जानकारी में आया है कि कुछ पब्लिशर्स को अखबारों के डिस्ट्रीब्यूशन में कुछ परेशानी आ रही है और पायरेसी के मामले, खासकर डिजिटल फॉर्मेट में ज्यादा बढ़ रहे हैं।’

दरअसल, आजकल तमाम अखबार ई-प्रारूप (epaper format) में उपलब्ध हैं, जिन्हें ऑनलाइन पढ़ा जा सकता है, जिनमें से कुछ तो बिल्कुल मुफ्त हैं। वैश्विक महामारी कोरोनावायरस (कोविड-19) के कारण अखबारों का सर्कुलेशन काफी प्रभावित हुआ है। खासकर, अप्रैल की शुरुआत में देश के कई स्थानों पर अखबारों का सर्कुलेशन बंद कर दिया गया था, तब से विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर ईपेपर्स की उपलबध्ता में काफी बढ़ोतरी हुई।  

‘आईएनएस’ के अनुसार, तमाम यूजर्स अखबार के पेजों की पीडीएफ (PDF) बना रहे हैं और उसे वॉट्सऐप और टेलिग्राम ग्रुप्स पर पाठकों को भेज रहे हैं। इससे अखबारों और ई-पेपर्स को सबस्क्रिप्शन रेवेन्यू के रूप में काफी नुकसान हो रहा है। ‘आईएनएस’ ने भी सोशल मीडिया पर अखबारों के इस तरह सर्कुलेशन को गैरकानूनी करार देते हुए कहा कि तमाम पब्लिकेशंस अपने तरीके से इससे लड़ने का प्रयास कर रहे हैं। इस तरह की गतिविधियों को रोकने के लिए ‘आईएनएस’ ने कुछ सुझाव भी दिए हैं।  

1: ऐप्स, वेबसाइट और अखबारों में स्पष्ट रूप से यह उल्लेख किया जाए कि इस तरह किसी भी अखबार अथवा उसके कुछ हिस्से को सर्कुलेट करना गैरकानूनी है और भारी जुर्माना लगाने के साथ ही कड़ी कानूनी कार्यवाही की जाएगी।

2: कानूनी कार्यवाही के बारे में कुछ खबरें प्रसारित करें, जिसमें भारी जुर्माने के साथ ही दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही के बारे में बताया जाए, ताकि अन्य लोगों को ऐसा करने से रोका जा सके।  

3: इस तरह की गतिविधियों में लिप्त लोगों खासकर वॉट्सऐप और टेलिग्राम एडमिन के खिलाफ कानूनी कदम उठाएं और उन्हें कानूनी नोटिस भेजें। किसी भी वॉट्स ग्रुप में कुछ भी गैरकानूनी होता है, तो उसके लिए ग्रुप का एडमिन ही उत्तरदायी होता है।

4: कुछ ऐसे फीचर्स तैयार करें, जिससे पायरेसी को रोका अथवा कम किया जा सके। जैसे-पीडीएफ और इमेज डाउनलोड को सीमित कर दिया जाए। पेजों को कॉपी न किया जा सके, इसके लिए उसमें कुछ कोडिंग की जाए। इसमें यूजर आइडेंटिफायर कोड डाला जाए, जो दिखाई न दे। ताकि सोशल मीडिया पर पीडीएफ सर्कुलेट करने वालों की पहचान हो सके। प्रति सप्ताह एक निश्चित संख्या से अधिक पीडीएफ डाउनलोड करने वाले यूजर्स की सूची तैयार हो और उन्हें ब्लॉक किया जाए।

बताया जाता है कि कुख अखबारों ने इन सुझावों पर अमल करना भी शुरू कर दिया है। हिंदी अखबार ‘दैनिक भास्कर’ ने वॉट्सऐप और इंस्टाग्राम ग्रुप पर ऑनलाइन सर्कुलेशन के रूप में अखबारों की चोरी के बारे में एक खबर भी प्रकाशित की थी। इस खबर में कहा गया था कि वॉट्सऐप पर ई-पेपर के पीडीएफ शेयर करना गैरकानूनी है और इसका पालन न करने की स्थिति में ग्रुप एडमिन के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि, ‘फ्री प्रेस जर्नल’ (Free Press Journal) में छपी एक रिपोर्ट में कहा गया कि वॉटसऐप, टेलिग्राम या अन्य किसी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फ्री प्रेस जर्नल के ई-पेपर के पीडीएफ को साझा करने पर कोई प्रतिबंध नहीं है। इन दोनों परस्पर विरोधी खबरों से लोगों में भ्रम पैदा हो गया कि वास्तव में ई-पेपर की पीडीएफ शेयर करना सही है या नहीं।

इसके बाद ‘इंडिया टुडे’ के एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि अगर कोई अखबार ई-पेपर की पीडीएफ मुफ्त में उपलब्ध कराता है तो उसे प्रसारित करना गैरकानूनी नहीं है, लेकिन अगर कोई अखबार ई-पेपर के पैसे लेता है तो उसकी पीडीएफ बनाकर शेयर करना गैरकानूनी है। इसके अलावा, किसी भी ई-पेपर को डाउनलोड करके या कॉपी करके पीडीएफ बनाना और उसे टेलिग्राम और वॉट्सऐप आदि पर सर्कुलेट करना गैरकानूनी है।

इस बारे में उत्तर भारत के एक प्रमुख अखबार के मार्केटिंग हेड का कहना है, ‘अखबार उस समाचारपत्र मैनेजमेंट की प्रॉपर्टी है। इसे या तो खरीदकर अथवा ऑनलाइन सबस्क्राइब कर पढ़ा जा सकता है। इंडस्ट्री पहले ही मुश्किल दौर से गुजर रही है। हम नहीं चाहते कि पाठक प्रिंट मीडिया को छोड़ दें। सभी अखबार इस मामले में एक साथ हैं और इस स्थिति से निपटने के लिए जल्द ही एक प्लान लेकर आएंगे। हमें विश्वास है कि हमारे संरक्षक इसमें हमारे साथ खड़े होंगे।’

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LIVE रिपोर्टिंग के दौरान बाल-बाल बचा पत्रकार, वीडियो हुआ वायरल

दुनिया भर में पत्रकारों को कई बार बड़े ही मुश्किल भरे हालातों में भी काम करना पड़ता है, लिहाजा इसके चलते कई बार हादसे भी हो जाते हैं।

Last Modified:
Friday, 15 January, 2021
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दुनिया भर में पत्रकारों को कई बार बड़े ही मुश्किल भरे हालातों में भी काम करना पड़ता है, लिहाजा इसके चलते कई बार हादसे भी हो जाते हैं। कनाडा के एक पत्रकार के साथ रिपोर्टिंग के दौरान कुछ इस तरह का वाक्या हो सकता था, लेकिन वह खुद को संभालने में कामयाब रहते हैं और चोटिल होने से बाल-बाल बच जाते हैं। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

दरअसल, यह वीडियो कनाडा स्थित सीटीवी टोरंटो के संवाददाता अनवर नाइट का है। अपनी हालिया रिपोर्ट में अनवर गिरते तापमान के बारे में बात कर रहे थे, जब उन्होंने मौसम की जानकारी देने के लिए पहाड़ी पर कदम रखा, तो उनका पांव फिसल गया और वह ढलान की तरफ फिसलने लगे। वीडियो देखने से लगता है कि किसी भी क्षण उनके साथ कोई दुर्घटना घट सकती थी, लेकिन जिस तरह से वह न केवल खुद को संभालते हैं, बल्कि लाइव टीवी पर रिपोर्टिंग भी करते हैं, वह काबिल-ए-तारीफ है।   

इस घटना के बाद पत्रकार अनवर नाइट ने भी अपने सोशल मीडिया पर इस वीडियो को साझा किया है। अनवर ने इस वीडियो को साझा कर लिखा है कि वही हुआ जिसका मुझे पहले से ही अनुमान था। लाइव टीवी के दौरान रिपोर्टिंग का यह वीडियो वायरल हो गया है।

 

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फेसबुक ने पब्लिक पेज पर किया ये बड़ा बदलाव

बढ़ते इस्तेमाल के चलते सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स लगातार नए-नए बदलाव कर रहे हैं। फिर चाहे वह फेसबुक हो, वॉट्सऐप या फिर इंस्टाग्राम...

Last Modified:
Monday, 11 January, 2021
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बढ़ते इस्तेमाल के चलते सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स लगातार नए-नए बदलाव कर रहे हैं। फिर चाहे वह फेसबुक हो, वॉट्सऐप या फिर इंस्टाग्राम... ये सभी कंपनियां यूजर्स की जरूरत और अपने फायदे के हिसाब से लगातार कुछ नया अपडेट्स करती रहती हैं। इस बीच अब फेसबुक ने एक बड़ा बदलाव किया है। दरअसल फेसबुक ने अपने प्लेटफॉर्म पर दिए गए पब्लिक पेज से लाइक बटन को हटा दिया है।

फेसबुक ने ऐसा इसलिए किया है, क्योंकि उसका मानना है कि लाइक बटन के हटाने से पब्लिक पेज के फॉलोअर्स और बढ़ेंगे। आपको बता दें कि अब तक किसी भी सेलिब्रिटी जैसे कलाकार, नेता और किसी संस्थान के फेसबुक पेज पर यूजर्स को फॉलो के अलावा लाइक करने का बटन भी मिलता था, लेकिन नए अपडेट के बाद अब आपको लाइक का बटन नहीं मिलेगा, बल्कि किसी भी पब्लिक फेसबुक पेज पर सिर्फ फॉलो का बटन ही मिलेगा। हालांकि आप पहले की तरफ किसी पोस्ट को लाइक भी कर सकते हैं। फेसबुक ने अपने ऑफिशियल ब्लॉग पर इस बारे में जानकारी दी है।

वहीं इस बदलाव से पहले फेसबुक ने अपने यूजर्स के लिए लाइव चैट फीचर लॉन्च किया, जिसमें यूजर्स Messenger Rooms के जरिए 50 लोगों के साथ लाइव जुड़ सकते हैं। इसके अलावा आप ग्रुप में रूम को ब्रॉडकास्ट भी कर सकते हैं। हालांकि ऐसा करने के लिए पहले आपको चैट रूम बनाना होगा। क्रिएट किए गए चैट रूम की मदद से आप सीधे लाइव जा सकते हैं। आप इसमें किसी को ऐड होने के लिए इनवाइट भी कर सकते हैं, फिर चाहे उस व्यक्ति के पास अपना फेसबुक अकाउंट न भी हो, तो भी आप उसे इनवाइट भेज पाएंगे। इसके अलावा चैट क्रिएटर्स ये खुद डिसाइड कर पाएंगे कि आपकी लाइव चेट को कौन देख सकता है और कौन नहीं। Rooms के सभी यूजर्स को लाइव ब्रॉडकास्ट में शामिल होने के लिए एक नोटिफिकेशन जाएगा, जिसके बाद उनके पास भी ब्रॉडकास्ट में शामिल होने या न होने का विकल्प रहेगा।

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Google और Snap से फंड जुटाएगी ShareChat: रिपोर्ट

सोशल नेटवर्क कंपनी ‘शेयरचैट’ (ShareChat) 200 मिलियन डॉलर से ज्यादा का फंड जुटाने के लिए अमेरिका की दिग्गज टेक्नोलॉजी कंपनियों ‘गूगल’ और ‘स्नैप’ से बातचीत कर रही है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 06 January, 2021
Last Modified:
Wednesday, 06 January, 2021
Sharechat

बेंगलुरु स्थित सोशल नेटवर्क कंपनी ‘शेयरचैट’ (ShareChat) 200 मिलियन डॉलर से ज्यादा का फंड जुटाने के लिए अमेरिका की दिग्गज टेक्नोलॉजी कंपनियों ‘गूगल’ (Google) और ‘स्नैप’ (Snap) से बातचीत कर रही है। इसके बाद कंपनी की वैल्यू एक बिलियन से ज्यादा हो जाएगी। कंपनी के निवेशकों की लिस्ट में ‘ट्विटर’ (Twitter) पहले से शामिल है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बातचीत अभी शुरुआती स्तर पर है और इसमें सौदे की शर्तों में बदलाव हो सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, नया फाइनेंशियल राउंड Series E 200 मिलियन डॉलर से ज्यादा हो सकता है और इसमें अकेले गूगल 100 मिलियन डॉलर से ज्यादा निवेश कर सकता है।

अब तक, शेयरचैट ने लगभग 264 मिलियन डॉलर जुटाए हैं और पिछले साल इसका मूल्य लगभग 700 मिलियन डॉलर था। बता दें कि वर्ष 2020 में खबर आई थी कि गूगल कथित तौर पर शेयरचैट को खरीदने पर विचार कर रहा है। हालांकि यह डील परवान नहीं चढ़ सकी थी।

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Twitter ने इस पॉडकास्टिंग APP का किया अधिग्रहण

अपने ब्लॉग में ब्रेकर का कहना है कि लोग अब अपने सबस्क्रिप्शंस को अन्य पॉडकास्ट ऐप में ट्रांसफर कर सकते हैं।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 06 January, 2021
Last Modified:
Wednesday, 06 January, 2021
Twitter

माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ‘ट्विटर’ (Twitter) ने सोशल ब्रॉडकास्टिंग ऐप ‘ब्रेकर’ (Breaker) का अधिग्रहण कर लिया है। हालांकि, इस सौदे की वित्तीय शर्तों का खुलासा नहीं किया गया है।

ब्रेकर के अनुसार, इस अधिग्रहण के बाद वह अपने ऐप और वेबसाइट को 15 जनवरी 2021 को बंद कर देगा और उसकी टीम ट्विटर को जॉइन कर लेगी। अपने ब्लॉग में ब्रेकर का कहना है कि लोग अब अपने सबस्क्रिप्शंस को अन्य पॉडकास्ट ऐप में ट्रांसफर कर सकते हैं।

ब्रेकर के सीईओ एरिक बर्लिन (Erik Berlin) ने अपने ब्लॉग में लिखा, ‘हम इस बात को लेकर काफी उत्साहित हैं कि ब्रेकर की टीम ट्विटर को जॉइन कर रही है। हम वास्तव में ऑडियो कम्युनिकेशन को लेकर काफी उत्साहित हैं और ट्विटर दुनिया भर के लोगों के लिए जिस तरह से सार्वजनिक बातचीत की सुविधा प्रदान कर रहा है, उससे हम काफी प्रेरित हैं।’

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ShareChat से जुड़े अजीत वर्गीज, बड़ी भूमिका में आएंगे नजर

‘शेयरचैट’ को जॉइन करने से पहले अजीत वेवमेकर (Wavemaker) में ग्लोबल प्रेजिडेंट के तौर पर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 09 December, 2020
Last Modified:
Wednesday, 09 December, 2020
Ajit Varghese

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘शेयरचैट’ (ShareChat) ने अजीत वर्गीज को चीफ कॉमर्शियल ऑफिसर के पद पर नियुक्त किया है। वह ‘शेयरचैट’ के सीओओ और को-फाउंडर फरीद अहसान (Farid Ahsan) को रिपोर्ट करेंगे।

अजीत को मीडिया, क्रिएटिव, डिजिटल, डाटा, कंटेंट, स्पोर्ट्स और परफॉर्मेंस के क्षेत्र में काम करने का 25 साल से ज्यादा का अनुभव है। ‘शेयरचैट’ को जॉइन करने से पहले अजीत ‘वेवमेकर’ (Wavemaker) में ग्लोबल प्रेजिडेंट के तौर पर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे।

अजीत वर्गीज की नियुक्ति पर फरीद अहसान का कहना है, ‘ब्रैंड मार्केटिंग और मुद्रीकरण पर शेयरचैट का मुख्य फोकस होने जा रहा है। नेतृत्व क्षमता के साथ अजीत को मीडिया, मार्केटिंग और एडवर्टाइजिंग के क्षेत्र का काफी अनुभव है। शेयरचैट को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में हमें उनके अनुभव का लाभ मिलेगा।’

वहीं, अजीत वर्गीज का कहना है, ‘मेरा मानना ​​है कि अगले कुछ वर्षों में शेयरचैट हर ब्रैंड के लिए मजबूत भागीदार के रूप में विकसित होगा। नए डिजिटल युग के अनावरण में शेयरचैट सबसे आगे रहेगा।’

अजीत ने ‘ओडिशा यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर एंड टेक्नोलॉजी’ (Orissa University of Agriculture and Technology) से एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग करने के बाद, भुवनेश्वर के ‘जेवियर इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट’ (Xavier Institute of Management) से पढ़ाई की है। भारत के अलावा अजीत सिंगापुर और लंदन में भी काम कर चुके हैं।

वर्गीज मैक्सस (Maxus) से WPP में आए थे, जहां उनका अंतिम पद सीईओ एशिया पैसिफिक का था। वह सात साल के कार्यकाल के बाद मैडिसन वर्ल्ड (Madison World) के सीओओ के पद से इस्तीफा देने के बाद ही साल 2006 में मैक्सस के साथ जुड़े थे। 

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न्यूज कंटेंट के लिए गूगल-फेसबुक को करना पड़ सकता है भुगतान

न्यूज कंटेंट के लिए ऑस्ट्रेलिया में गूगल और फेसबुक को भुगतान करना पड़ सकता है। इस संदर्भ में बुधवार को ऑस्ट्रेलिया सरकार संसद में प्रस्ताव पेश करने जा रही है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Tuesday, 08 December, 2020
Last Modified:
Tuesday, 08 December, 2020
Google News

न्यूज कंटेंट के लिए ऑस्ट्रेलिया में गूगल और फेसबुक को भुगतान करना पड़ सकता है। इस संदर्भ में बुधवार को ऑस्ट्रेलिया सरकार संसद में प्रस्ताव पेश करने जा रही है।

वित्त मंत्री जोश फ्रायडेनबर्ग ने कहा है कि न्यूज कंटेंट के संबंध में यह मसौदा संसदीय समिति में गहनता के साथ तथ्यों को देखने के बाद सांसदों के मतदान के लिए संसद में अगले वर्ष पेश किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि यह मीडिया की दुनिया में बहुत बड़ा परिवर्तन है और पूरी दुनिया हमारी तरफ देख रही है। जुलाई में इस संबंध में एक प्रस्ताव तैयार किया गया था, लेकिन अब उसमें कुछ परिवर्तन किया गया है। संशोधन मीडिया प्लेटफॉर्म और ऑस्ट्रेलिया के मीडिया संगठनों से राय लेने के बाद किए गए हैं।

वित्तमंत्री ने बताया कि वर्तमान में ऑनलाइन विज्ञापनों पर गूगल का 53 फीसद और फेसबुक का 23 फीसद हिस्सा बना हुआ है।

ज्ञात हो कि फेसबुक ने पहले ही चेतावनी दे दी है कि वह न्यूज कंटेंट का भुगतान करने से बेहतर ऑस्ट्रेलिया की खबरों को अपने प्लेटफॉर्म पर रोकना चाहेगा। गूगल ने कहा है कि ऐसी स्थिति में मुफ्त में गूगल सर्च और यूट्यूब उपलब्ध कराना संभव नहीं हो सकेगा।

वित्तमंत्री फ्रायडेनबर्ग ने इस साल जुलाई के अंत में ये स्पष्ट कर दिया था कि उनका ये कदम ऑस्ट्रेलियाई मीडिया कंपनियों को भी कमाने की जगह देने के लिए उठाया गया है। 

बता दें कि पारंपरिक मीडिया फर्म्स लंबे समय से इस तरह की शिकायत कर रहीं हैं कि डिजिटल प्लेटफॉर्म बिना उचित मुआवजा दिए उनके कंटेंट का इस्तेमाल कर रहे हैं और उनका शोषण कर रहे हैं।   

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पेड कंटेंट को यूजर्स तक कुछ यूं मुफ्त पहुंचाएगा Google

दिग्गज टेक कंपनी ‘गूगल’ (Google) ने अपने ‘न्यूज शोकेस’ (News Showcase) में कुछ अपडेशन करने की घोषणा की है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Friday, 04 December, 2020
Last Modified:
Friday, 04 December, 2020
googlenews

दिग्गज टेक कंपनी ‘गूगल’ (Google) ने अपने ‘न्यूज शोकेस’ (News Showcase) में कुछ अपडेशन करने की घोषणा की है। बता दें कि ‘न्यूज शोकेस’ अक्टूबर में लोगों को प्रासंगिक खबरें खोजने में मदद करने के उद्देश्य से लॉन्च किया गया था।

कंपनी का कहना है कि ये अपडेट रीडर्स और पब्लिशर्स दोनों के अनुभव को बेहतर और उपयोगी बना देंगे।

सबसे पहले, गूगल चुनिंदा न्यूज पब्लिशर्स के साथ एक साझेदारी के तहत पेड कंटेंट को लोगों को उपलब्ध कराएगा। बता दें कि कुछ न्यूज पब्लिशर्स के लिए पे-वाल के जरिए रेवेन्यू अर्जित करना अहम स्ट्रैटजी है।

ऐसे लोग जो न्यूज शोकेस के यूजर्स हैं और पब्लिशर्स से सब्स्क्रिप्शन नहीं लिया है, उनके लिए पेड कंटेंट को मुफ्त उपलब्ध कराने के लिए गूगल कुछ पब्लिशर्स को गूगल भुगतान करेगा और बदले में, कंटेंट प्राप्त करने के लिए यूजर्स को उन न्यूज पब्लिशर्स के साथ रजिस्ट्रेशन करना होगा, जिन पर वे भरोसा करते हैं, ताकि न्यूज पब्लिशर्स यूजर्स के साथ रिलेशन बनाए रख सके।

इससे रीडर्स के लिए महत्वपूर्ण न्यूज कंटेंट का उपयोग करना आसान हो जाएगा, क्योंकि रीडर्स की पसंद क्या है, लोकल या नेशनल न्यूज के लिए वे किस पब्लिशर्स के आर्टिकल को पढ़ना पसंद करते हैं, यह समझकर ही न्यूज शोकेस उनके पसंदीदा पब्लिशर्स के महत्वपूर्ण आर्टिकल्स को सूचीबद्ध करेगा।

विस्तार की दिशा में कदम बढ़ाते हुए न्यूज शोकेस अब एंड्रॉयड के साथ-साथ आईओएस (IOS) पर उपलब्ध गूगल न्यूज एप पर उपलब्ध होगा। लेकिन, गूगल की योजना इस फीचर को news.google.com और गूगल डिस्कवर ऐप पर भी देने की है।  न्यूज शोकेस की मदद से पब्लिशर्स बेहतर तरीके से समझ पाएंगे कि यूजर्स किन विषयों में अधिक रुचि रखते हैं और वे किस तरह अपनी प्रतिक्रिया दे रहे  हैं।

 

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इस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को खरीद सकती है Google

दिग्गज टेक कंपनी गूगल (Google) कथित तौर पर बेंगलुरु स्थित इस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को खरीदने की योजना बना रहा है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Tuesday, 24 November, 2020
Last Modified:
Tuesday, 24 November, 2020
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दिग्गज टेक कंपनी गूगल (Google) कथित तौर पर बेंगलुरु स्थित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म शेयरचैट (ShareChat) को खरीदने की योजना बना रही है।

हालांकि, न तो गूगल और न ही शेयरचैट ने इसकी आधिकारिक पुष्टि की है, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स में ये अनुमान लगाया जा रहा है कि गूगल शेयरचैट में 1.03 बिलियन निवेश करने को तैयार है।

शेयरचैट के मुताबिक, पूरे भारत में उसके 160 मिलियन यूजर्स हैं और वह करीब 15 भारतीय भाषाओं में सेवाएं प्रदान करता है। लॉकडाउन के दौरान शेयरचैट ने अपने मंथली यूजर्स की संख्या में 166% स्पाइक देखा, जोकि 60 मिलियन से बढ़कर 160 मिलियन हो गया। साथ ही यह भी देखने को मिला कि इन महीनों में प्लेटफॉर्म पर यूजर्स ने सबसे अधिक समय बिताया है।

हाल के दिनों में शेयरचैट की में हुई इस वृद्धि का श्रेय लॉकडाउन को दिया जा सकता है। और वैसे भी टिकटॉक पर प्रतिबंध लगने के बाद लोग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की ओर रुख करने लगे थे। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर यह वृद्धि टियर II और टियर III क्षेत्रों की वजह से ज्यादा देखने को मिली है। शायद यही वजह है कि गूगल शेयरचैट को खरीदने की योजना बना रही है।

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इस मामले को लेकर पत्रकारों की कैटेगरी में नंबर-1 बने सीनियर जर्नलिस्ट दीपक चौरसिया

सोशल मीडिया एनालिटिक्स फर्म ‘ट्वीटीट’ (Twitteet) ने अक्टूबर 2020 की अपनी ट्विटर इंगेजमेंट रिपोर्ट जारी की है। ट्वीटीट ने 20 कैटेगरीज में यह रिपोर्ट जारी की है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Monday, 23 November, 2020
Last Modified:
Monday, 23 November, 2020
deepak

सोशल मीडिया एनालिटिक्स फर्म ‘ट्वीटीट’ (Twitteet) ने अक्टूबर 2020 की अपनी ट्विटर इंगेजमेंट रिपोर्ट जारी की है। ट्वीटीट ने 20 कैटेगरीज में यह रिपोर्ट जारी की है, जिनमें राजनेता, पत्रकार, बिजनेस लीडर्स, फाउंडर और इन्वेस्टर्स, खिलाड़ी, शेफ, लेखक, कॉमेडियन और मूवी स्टार्स शामिल हैं। इस रिपोर्ट में अक्टूबर महीने में इन कैटेगरीज के यूजर्स के अकाउंट पर इंगेजमेंट के बारे में जानकारी दी गई है।

इस रिपोर्ट के मुताबिक पत्रकारों की लिस्ट में वरिष्ठ पत्रकार दीपक चौरसिया 1.88 मिलियन इंगेजमेंट के साथ पहले नंबर पर, रोहित सरदाना 1.1 मिलियन इंगेजमेंट के साथ दूसरे नंबर पर और सुशांत सिन्हा 1.05 मिलियन इंगेजमेंट के साथ तीसरे नंबर पर हैं।

पॉलिटिक्स कैटेगरी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ट्विटर इंगेजमेंट सबसे ज्यादा 7.2 मिलियन रहा है। इसके बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी 3.5 मिलियन इंगेजमेंट के साथ दूसरे नंबर पर हैं, जबकि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तीसरे नंबर और प्रियंका गांधी चौथे नंबर पर हैं।

बॉलीवुड फिल्मों में अक्सर विलेन का किरदार निभाने वाले सोनू सूद असल जीवन में हीरो साबित हुए हैं। कोरोना काल के दौरान उन्होंने जिस तरह आम आदमी की मदद की है, वह एक नजीर है। ट्विटर इंगेजमेंट के मामले में 2.4 मिलियन इंगेजमेंट के साथ सोनू सूद बॉलीवुड स्टार्स में पहले पायदान पर पहुंच गए हैं। वहीं शाहरुख खान 7.3 मिलियन इंगेजमेंट के साथ दूसरे नंबर पर हैं। अक्षय कुमार 6.72 मिलियन इंगेजमेंट के साथ तीसरे नंबर पर हैं।

यहां जानिए किस कैटेगरी में किसने मारी बाजी-

पॉलिटिक्स- नरेंद्र मोदी, इंगेजमेंट 72,15,913

बॉलीवुड- सोनू सूद, इंगेजमेंट- 24,36,601

बिजनेस हेड- आनंद महिंद्रा, इंगेजमेंट- 4,08,882

क्रिकेटर- विराट कोहली, इंगेजमेंट- 24,65,918

स्पोर्ट्स स्टार (नॉन-क्रिकेट)- विजेंद्र सिंह, इंगेजमेंट- 4,27,006

टीवी स्टार- सिद्धार्थ शुक्ला, इंगेजमेंट- 3,90,901

पत्रकार- दीपक चौरसिया, इंगेजमेंट- 18,88,720

फाउंडर्स- कुणाल शाह, इंगेजमेंट- 60,093

कॉमेडियन- कुणाल कामरा, इंगेजमेंट- 11,46,111

रीजनल सिनेमा स्टार- महेश बाबू, इंगेजमेंट- 7,32,964

लेखक- आनंद रंगनाथन, इंगेजमेंट- 5,36,874

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इस तरह की सोशल मीडिया पोस्ट पर अब हो सकती है 5 साल तक की जेल

केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने पुलिस कानून में बदलाव से जुड़े विवादित अध्यादेश (Ordinance) को मंजूरी दे दी है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Monday, 23 November, 2020
Last Modified:
Monday, 23 November, 2020
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केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने पुलिस कानून में बदलाव से जुड़े विवादित अध्यादेश (Ordinance) को मंजूरी दे दी है। इस अध्यादेश के तहत केरल पुलिस अधिनियम में संशोधन कर किसी भी ‘अपमानजनक’ सोशल मीडिया या साइबर पोस्ट के लिए जेल भेजने का प्रवाधान किया गया है। केरल के राजभवन ने मीडिया को बताया कि ‘केरल पुलिस एक्ट’ में धारा 118 (A) जोड़ने वाले आदेश पर राज्यपाल ने हस्ताक्षर कर दिए हैं। इसके तहत केवल पोस्ट ही नहीं, बल्कि अगर किसी व्यक्ति द्वारा किसी अन्य को भेजे गए कोई भी संदेश, चाहे वो कोई भी डिजिटल माध्यम हो, अगर आपत्तिजनक या धमकी भरे लगते हैं तो उसे या तो 5 साल कारावास होगा या फिर 10,000 रुपए जुर्माना, या दोनों ही सजा दी जा सकती है।

मुख्यमंत्री पिनराई विजयन का कहना है कि सोशल मीडिया पर लोगों को निशाना बना कर उन्हें गालियां देने की घटनाएं बढ़ रही हैं, इसीलिए उन पर लगाम लगाने के लिए ये कानून लाया गया है।

वहीं सरकार का यह भी कहना है कि यह अध्यादेश महिला और बच्चों की रक्षा करेगा, जो घृणित बयानों और डराने-धमकाने के वाकयों का सोशल मीडिया पर शिकार होते हैं। सरकार का कहना है कि सोशल मीडिया पर ऐसे हमला किसी भी व्यक्ति की शारीरिक और मानसिक सुरक्षा के लिए भी खतरा हैं। संशोधित कानून के तहत पुलिस को ऐसे मामलों में स्वतः संज्ञान लेकर कार्रवाई करने की इजाजत है।

वहीं, कानून के इन कड़े प्रावधानों का विपक्ष विरोध कर रहा है। विपक्ष ने एलडीएफ (लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट) सरकार के इस कानून पर सवाल उठाते हुए कहा है कि यह पुलिस को अनावश्यक और असीमित ताकत देगा। इससे प्रेस की आजादी (Freedom Of Press) पर भी अंकुश लगेगा।

कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने ट्वीट कर इस कानून को लेकर हैरानी जताई है। उन्होंने लिखा, केरल में लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंड (एलडीएफ) सरकार द्वारा पारित कानून चौंकाने वाला है। यह सोशल मीडिया पर किसी भी आपत्तिजनक पोस्ट पर 5 साल जेल का प्रावधान करता है। एलडीएफ सरकार ने अक्टूबर में जब पुलिस एक्ट 2011 में बदलाव के लिए यह निर्णय किया था तो सहयोगी दल भाकपा ने भी इस पर चिंता जाहिर की थी।

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