जब कोई फ़ौजी दिख जाए सर झुक कर सलाम कहिएगा। उनके जाँबाज़ी की लाज रखिएगा। जय हिंद और जय हिंद की सेना। रुबिका की यह पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
केंद्र सरकार ने पाकिस्तान-प्रायोजित आतंकवाद और उसके खिलाफ शुरू किए गए ऑपरेशन सिंदूर पर दुनिया भर के देशों तक भारतीय पक्ष पहुंचाने के लिए जिस मल्टी-पार्टी डेलिगेशन की घोषणा की है, उसको लेकर जबरदस्त राजनीतिक विवाद हो रहा है। इस बीच वरिष्ठ पत्रकार और एंकर रुबिका लियाकत ने एक बेहद भावुक पोस्ट की।
ऐसा लग रहा है कि इस सियासत को लेकर उनके मन में बेहद दुःख है। उन्होंने एक्स हैंडल पर लिखा, ऑपरेशन सिंदूर पर सियासत भारी है लेकिन मत भूलिएगा कुछ ही समय बीता है जब पाकिस्तान ड्रोन्स और मिसाइल्स की बरसात कर रहा था। हर रात आप फ़िक्र में डूबे रहते थे कि कुछ अनहोनी न हो जाये। क्या ग़ज़ब की जाँबाज़ी और तत्परता दिखाई भारत की सेना ने। घुटनों पर आ गया पाकिस्तान।
लेकिन भारत का बाल भी बाँका नहीं कर पाया दुश्मन। आप आज सुकून में हैं क्योंकि फ़ौजी अपनी जान हथेली पर रख कर आपकी जान की हिफ़ाज़त कर रहे थे। भारत के प्रधानमंत्री, रक्षामंत्री, विदेश मंत्री, तीनों सेना के प्रमुख, CDS, NSA..वतन पर लगे घाव का.. दिन-रात एक कर हिसाब ले रहे थे।
फ़ख़्र कीजिए की आप और हम सुरक्षित हाथों में हैं। जब कोई फ़ौजी दिख जाए सर झुक कर सलाम कहिएगा। उनके जाँबाज़ी की लाज रखिएगा। जय हिंद और जय हिंद की सेना। रुबिका की यह पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। लोग उनकी बातों का समर्थन करते हुए दिखाई दे रहे हैं।
Operation Sindoor पर सियासत भारी है लेकिन मत भूलिएगा कुछ ही समय बीता है जब पाकिस्तान ड्रोन्स और मिसाइल्स की बरसात कर रहा था, हर रात आप फ़िक्र में डूबे रहते थे कि कुछ अनहोनी न हो जाए…
— Rubika Liyaquat (@RubikaLiyaquat) May 20, 2025
क्या ग़ज़ब की जाँबाज़ी और तत्परता दिखाई भारत की सेना ने। घुटनों पर आ गया पाकिस्तान लेकिन भारत का…
रवि प्रकाश जायसवाल (Ravi Prakash Jaiswal) की नई पुस्तक 'दोहरीघाट टू दिल्ली' (Dohrighat to Delhi) का लोकार्पण आज नई दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर (IIC) में होगा।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
लेखक रवि प्रकाश जायसवाल (Ravi Prakash Jaiswal) की नई पुस्तक **'दोहरीघाट टू दिल्ली' (Dohrighat to Delhi)** का लोकार्पण आज नई दिल्ली (New Delhi) स्थित इंडिया इंटरनेशनल सेंटर (India International Centre-IIC), लोधी रोड (Lodhi Road) में आयोजित एक विशेष साहित्यिक संध्या के दौरान किया जाएगा। **'ए जर्नी ऑफ वैल्यूज, लाइफ एंड लेगेसी' (A Journey of Values, Life & Legacy)** थीम पर आधारित यह कार्यक्रम साहित्य, परिवार, संस्कार और जीवन मूल्यों पर केंद्रित रहेगा।
'दोहरीघाट टू दिल्ली' (Dohrighat to Delhi) केवल एक संस्मरण (Memoir) नहीं, बल्कि संस्कार, दृढ़ संकल्प, पारिवारिक मूल्यों और पीढ़ियों से चली आ रही जीवन-शिक्षाओं की भावनात्मक यात्रा है। पुस्तक यह संदेश देती है कि जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धियां केवल सफलता से नहीं, बल्कि उन मूल्यों से तय होती हैं जिन्हें हम संजोते हैं और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाते हैं।
पुस्तक में उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के दोहरीघाट (Dohrighat) की सांस्कृतिक जड़ों से लेकर दिल्ली (Delhi) तक के जीवन सफर को दर्शाया गया है। इसमें संघर्ष, ईमानदारी, उद्देश्य और समाज व परिवार के प्रति समर्पण को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया है।
आज आयोजित होने वाले कार्यक्रम में साहित्य जगत की प्रमुख हस्तियां, विशिष्ट अतिथि, लेखक के परिवारजन, मित्र और शुभचिंतक शामिल होंगे। इस दौरान पुस्तक का औपचारिक विमोचन किया जाएगा और व्यक्तिगत जीवन यात्रा, नैतिकता, नेतृत्व तथा विरासत जैसे विषयों पर पैनल चर्चा भी आयोजित होगी।
कार्यक्रम की शुरुआत शाम 5:30 बजे पंजीकरण और हाई टी (High Tea) से होगी। इसके बाद स्वागत भाषण, लेखक का परिचय, पैनल चर्चा, पुस्तक का अनावरण, लेखक के समापन संबोधन और धन्यवाद ज्ञापन का आयोजन होगा। कार्यक्रम का समापन रात्रिभोज (Dinner) के साथ किया जाएगा।
इंडोनेशिया (Indonesia) ने बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा के लिए नए नियम लागू करते हुए टिकटॉक (TikTok) और यूट्यूब (YouTube) समेत कई प्लेटफॉर्म्स पर 47 लाख नाबालिग अकाउंट निष्क्रिय कर दिए हैं।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
इंडोनेशिया (Indonesia) ने बच्चों की सोशल मीडिया (Social Media) तक पहुंच को सीमित करने के लिए नए नियमों को लागू करना शुरू कर दिया है। इन नियमों के तहत टिकटॉक (TikTok) और यूट्यूब (YouTube) ने 16 वर्ष से कम उम्र के लाखों यूजर्स के अकाउंट निष्क्रिय (Deactivate) कर दिए हैं।
देश की संचार एवं डिजिटल मामलों की मंत्री मेउत्या हाफिद (Meutya Hafid) के अनुसार, अब तक करीब 47 लाख (4.7 Million) नाबालिग यूजर्स के अकाउंट हटाए जा चुके हैं। इनमें सबसे अधिक कार्रवाई टिकटॉक (TikTok) ने की है, जिसने लगभग 41 लाख (4.1 Million) अकाउंट बंद किए। वहीं अल्फाबेट (Alphabet) के स्वामित्व वाले यूट्यूब (YouTube) ने करीब 6 लाख (600,000) अकाउंट निष्क्रिय किए हैं।
यह कार्रवाई मार्च 2026 से लागू उन नए नियमों के तहत की गई है, जिनमें "हाई रिस्क" (High Risk) श्रेणी के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को नाबालिग यूजर्स की पहचान कर उनके अकाउंट हटाने या निष्क्रिय करने का निर्देश दिया गया है। सरकार का कहना है कि इस नीति का उद्देश्य बच्चों को साइबर बुलिंग (Cyberbullying), अश्लील सामग्री (Pornography), ऑनलाइन धोखाधड़ी (Scams) और अत्यधिक स्क्रीन टाइम (Screen Time) जैसी समस्याओं से बचाना है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि ये नियम केवल टिकटॉक (TikTok) और यूट्यूब (YouTube) तक सीमित नहीं हैं, बल्कि मेटा (Meta) और अन्य वैश्विक टेक कंपनियों द्वारा संचालित प्लेटफॉर्म्स पर भी लागू होते हैं।
मेउत्या हाफिद (Meutya Hafid) ने कहा कि सरकार टेक कंपनियों द्वारा सौंपे गए अनुपालन (Compliance) रिपोर्ट्स की समीक्षा कर रही है और आने वाले समय में नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए और भी सख्त कदम उठाए जा सकते हैं। उनके अनुसार, इस नीति का उद्देश्य केवल बच्चों की सोशल मीडिया तक पहुंच सीमित करना नहीं, बल्कि कंपनियों को बच्चों के लिए अधिक सुरक्षित डिजिटल प्लेटफॉर्म डिजाइन करने के लिए प्रेरित करना भी है।
सरकार ने कंपनियों को अपने सिस्टम में बदलाव करने और नाबालिग अकाउंट्स की पहचान के लिए समय दिया था। अधिकारियों का कहना है कि यदि जरूरत पड़ी तो डिजिटल इकोसिस्टम में पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त उपाय भी लागू किए जाएंगे।
नई भूमिका में अर्पित त्यागी (Arpit Tyagi) भारत में उबर एडवरटाइजिंग (Uber Advertising) की कमर्शियल स्ट्रैटेजी (Commercial Strategy) और ऑपरेशंस (Operations) का नेतृत्व करेंगे।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
राइड-शेयरिंग प्लेटफॉर्म उबर (Uber) ने भारत में अपने विज्ञापन कारोबार को मजबूत करने के लिए अर्पित त्यागी (Arpit Tyagi) को हेड ऑफ एडवरटाइजिंग (Head of Advertising) नियुक्त किया है। कंपनी का कहना है कि यह नियुक्ति भारत में उसके विज्ञापन कारोबार के अगले चरण की रणनीति का हिस्सा है।
उबर (Uber) ने भारत में एक विज्ञापन टीम (Advertising Team) भी बनाई है, जिसका नेतृत्व अर्पित त्यागी (Arpit Tyagi) करेंगे। यह टीम ब्रांड्स, विज्ञापन एजेंसियों, मर्चेंट्स और मार्केटर्स के साथ साझेदारी को मजबूत करने के साथ-साथ कंपनी के विज्ञापन समाधानों के विस्तार पर काम करेगी।
नई भूमिका में अर्पित त्यागी (Arpit Tyagi) भारत में उबर एडवरटाइजिंग (Uber Advertising) की कमर्शियल स्ट्रैटेजी (Commercial Strategy) और ऑपरेशंस (Operations) का नेतृत्व करेंगे। उनका फोकस उबर (Uber) के प्लेटफॉर्म पर ब्रांड्स को उपभोक्ताओं तक उन वास्तविक क्षणों में पहुंचाने पर होगा, जब खरीदारी या निर्णय लेने की संभावना सबसे अधिक होती है।
अर्पित त्यागी (Arpit Tyagi) के पास विज्ञापन, मीडिया, मार्केटिंग टेक्नोलॉजी (Marketing Technology) और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन (Digital Transformation) के क्षेत्र में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है।
उन्होंने अपने करियर का बड़ा हिस्सा अमेजन (Amazon) में बिताया, जहां अमेजन ऐड्स (Amazon Ads) के तहत ब्रांड्स और एजेंसियों के साथ मिलकर रिटेल मीडिया (Retail Media) और डेटा-आधारित मार्केटिंग समाधानों पर काम किया। उबर (Uber) से जुड़ने से पहले वह द ट्रेड डेस्क (The Trade Desk) में डायरेक्टर, एंटरप्राइज सेल्स (Director, Enterprise Sales) के पद पर कार्यरत थे।
अमेरिका में स्नैप (Snap) के खिलाफ मुकदमा दायर किया गया है। आरोप है कि स्नैपचैट (Snapchat) के फीचर्स का इस्तेमाल कर एक 12 वर्षीय बच्ची को निशाना बनाया गया।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'स्नैपचैट' (Snapchat) की मूल कंपनी 'स्नैप' (Snap) के खिलाफ अमेरिका के मिसौरी (Missouri) में एक गंभीर मुकदमा दायर किया गया है। मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि प्लेटफॉर्म के कुछ फीचर्स की वजह से 12 वर्षीय बच्ची के साथ कथित दुष्कर्म की घटना संभव हुई।
शिकायत के अनुसार, 'स्नैपचैट' (Snapchat) के 'Quick Add' और 'Snap Map' फीचर्स का इस्तेमाल करते हुए 25 वर्षीय गैब्रियल जोएल वैलेंटीन-रियोस (Gabriel Joel Valentin-Rios) ने जेएफ (JF) नाम की नाबालिग लड़की से संपर्क किया। आरोप है कि इन फीचर्स की मदद से वह बच्ची तक पहुंचा और उसे बहला-फुसलाकर अपना शिकार बनाया।
मुकदमे में दावा किया गया है कि 'Quick Add' फीचर ने वैलेंटीन-रियोस को जेएफ और उसी इलाके की अन्य नाबालिग लड़कियों से जुड़ने का सुझाव दिया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि प्लेटफॉर्म ने आरोपी को एक सामान्य और मिलनसार यूजर के रूप में प्रस्तुत किया, जबकि नाबालिग यूजर्स को यह चेतावनी नहीं दी गई कि वे अजनबियों से जुड़ रहे हैं या ऐसा करना जोखिम भरा हो सकता है।
अदालत में यह भी कहा गया कि 'स्नैप' (Snap) के अधिकारियों को डार्क वेब (Dark Web) पर एक ऐसी पुस्तिका मिली थी, जिसमें 'स्नैपचैट' (Snapchat) के फीचर्स का उपयोग कर नाबालिगों को निशाना बनाने के तरीके बताए गए थे। इसके बावजूद कंपनी ने पर्याप्त सुरक्षा उपाय नहीं किए।
'हीट इनिशिएटिव' (Heat Initiative) के एक सर्वे के अनुसार, पिछले वर्ष नाबालिग 'स्नैपचैट' (Snapchat) यूजर्स में से लगभग आधे ने प्लेटफॉर्म पर असुरक्षित कंटेंट या संदिग्ध संदेश देखे।
इस बीच 'मेटा' (Meta), 'टिकटॉक' (TikTok), 'यूट्यूब' (YouTube) और 'स्नैपचैट' (Snapchat) समेत कई सोशल मीडिया कंपनियां अमेरिका में नाबालिगों की सुरक्षा और सोशल मीडिया की लत से जुड़े हजारों मुकदमों का सामना कर रही हैं। केवल कैलिफोर्निया (California) की अदालतों में ही ऐसे 3,300 से अधिक मामले लंबित बताए गए हैं।
गौरतलब है कि भारत 'स्नैपचैट' (Snapchat) का सबसे बड़ा बाजार है। 'याहू फाइनेंस' (Yahoo Finance) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में इसके 25 करोड़ से अधिक मासिक सक्रिय (Monthly Active) यूजर्स हैं, जो कंपनी के वैश्विक यूजर बेस का लगभग 36 प्रतिशत हैं।
'लिंक्डइन' (LinkedIn) ने Collaborative Posts फीचर की टेस्टिंग शुरू कर दी है। इसके जरिए कई यूजर्स और कंपनी पेज एक ही पोस्ट को संयुक्त रूप से प्रकाशित कर सकेंगे।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
प्रोफेशनल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म 'लिंक्डइन' (LinkedIn) ने एक नए Collaborative Posts फीचर की टेस्टिंग शुरू कर दी है। इस फीचर की मदद से अब कई यूजर्स और कंपनी पेज एक ही पोस्ट को संयुक्त रूप से तैयार और प्रकाशित कर सकेंगे। इससे सभी योगदानकर्ताओं (Contributors) को एक साथ पोस्ट पर विजिबिलिटी और श्रेय (Attribution) मिलेगा।
'लिंक्डइन' (LinkedIn) ने आधिकारिक पोस्ट के जरिए इस फीचर की पुष्टि करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य पेशेवर उपलब्धियों और कंटेंट निर्माण की सहयोगात्मक (Collaborative) प्रकृति को पहचान देना है। कंपनी के मुताबिक, प्लेटफॉर्म पर कई बेहतरीन विचार किसी एक व्यक्ति से नहीं, बल्कि मिलकर काम करने वाली टीमों से आते हैं।
यह फीचर काफी हद तक 'इंस्टाग्राम' (Instagram) के Collab टूल जैसा है। इसके जरिए एक ही पोस्ट के शीर्ष पर कई योगदानकर्ताओं के नाम दिखाई देंगे। इससे क्रिएटर्स, ब्रांड्स, कॉर्पोरेट एग्जीक्यूटिव्स और टीमें नए प्रोडक्ट लॉन्च, ब्रांड पार्टनरशिप, कंपनी अपडेट्स और महत्वपूर्ण उपलब्धियों की संयुक्त घोषणा आसानी से कर सकेंगी।
'लिंक्डइन' (LinkedIn) ने कहा कि सहयोग (Collaboration) रचनात्मकता और नवाचार का अहम आधार है। कंपनी के अनुसार, काम हो या जीवन, सफलता के पीछे अक्सर कई लोगों का सामूहिक योगदान होता है और यह नया फीचर उसी योगदान को उचित पहचान देगा।
कंपनी ने यह भी बताया कि आने वाले समय में व्यक्तिगत सदस्य (Members) और 'लिंक्डइन' (LinkedIn) पेज दोनों इस सुविधा का उपयोग कर सकेंगे। इससे व्यवसायों और प्रोफेशनल्स के लिए संयुक्त रूप से कंटेंट प्रकाशित करना पहले से कहीं अधिक आसान हो जाएगा।
फिलहाल इस फीचर की टेस्टिंग शुरू हो चुकी है और 'लिंक्डइन' (LinkedIn) ने कहा है कि आने वाले महीनों में इसे चरणबद्ध तरीके से सभी यूजर्स के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।
जांच इस बात पर केंद्रित है कि क्या 'फेसबुक' (Facebook) और 'इंस्टाग्राम' (Instagram) के कुछ फीचर्स बच्चों और किशोरों में लत जैसी आदतों को बढ़ावा देते हैं।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
'मेटा प्लेटफॉर्म्स' (Meta Platforms) एक बार फिर यूरोप में नियामकीय जांच के घेरे में आ गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 'यूरोपीय आयोग' (European Commission) प्रारंभिक निष्कर्ष तैयार कर रहा है, जिनमें कंपनी पर ऐसे प्लेटफॉर्म फीचर्स इस्तेमाल करने का आरोप लगाया जा सकता है जो विशेष रूप से बच्चों और किशोरों को लंबे समय तक 'फेसबुक' (Facebook) और 'इंस्टाग्राम' (Instagram) पर सक्रिय बनाए रखते हैं।
यह जांच 'यूरोपीय संघ' (European Union) के 'डिजिटल सर्विसेज एक्ट' (Digital Services Act-DSA) के तहत चल रही है। आयोग ने मई 2024 में इस मामले की जांच शुरू की थी। उस समय चिंता जताई गई थी कि 'मेटा' (Meta) नाबालिग उपयोगकर्ताओं को ऑनलाइन खतरों और संभावित नुकसान से बचाने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठा रही है।
रिपोर्ट के अनुसार, यूरोपीय नियामक यह जांच कर रहे हैं कि क्या प्लेटफॉर्म के कुछ डिजाइन फीचर्स, जैसे रिकमेंडेशन सिस्टम और एंगेजमेंट बढ़ाने वाले एल्गोरिदम, युवाओं को अत्यधिक समय तक ऑनलाइन बनाए रखने के लिए तैयार किए गए हैं। अधिकारियों का मानना है कि ऐसे फीचर्स मानसिक स्वास्थ्य, ऑनलाइन सुरक्षा और डिजिटल जिम्मेदारी से जुड़े गंभीर सवाल खड़े करते हैं।
इस वर्ष की शुरुआत में भी 'यूरोपीय संघ' (European Union) ने 'मेटा' (Meta) पर तकनीकी नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया था और कहा था कि कंपनी को 13 वर्ष से कम उम्र के बच्चों की सोशल मीडिया तक पहुंच रोकने के लिए अपने सुरक्षा उपायों को और मजबूत करना चाहिए।
'मेटा' (Meta) लगातार यह दावा करती रही है कि उसने प्लेटफॉर्म पर सुरक्षा टूल्स और पैरेंटल कंट्रोल फीचर्स में भारी निवेश किया है। हालांकि दुनिया भर में नियामक संस्थाएं अब यह जांचने में जुटी हैं कि क्या ये उपाय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के बढ़ते प्रभाव के मुकाबले पर्याप्त हैं।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में अधिग्रहित सातों कंपनियों का संयुक्त कारोबार 1,640 मिलियन रुपये से अधिक रहा। इनमें ए.सी.एन केबल और ACT Digital Home Entertainment का योगदान सबसे अधिक रहा।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
केबल टीवी वितरण क्षेत्र की प्रमुख कंपनी जीटीपीएल हैथवे (GTPL Hathway) ने दक्षिण भारत में अपनी मौजूदगी मजबूत करने के लिए एसीटी (ACT) समूह की सात कंपनियों के केबल टेलीविजन कारोबार का अधिग्रहण करने की घोषणा की है। कंपनी ने इस सौदे के लिए 36.23 करोड़ रुपये नकद भुगतान करने पर सहमति जताई है।
जीटीपीएल ने स्टॉक एक्सचेंज को दी जानकारी में बताया कि उसने एसीटी समूह की सात कंपनियों के साथ बिजनेस ट्रांसफर एग्रीमेंट (BTA) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के तहत ए.सी.एन केबल प्राइवेट लिमिटेड, ACT Digital Home Entertainment, Atria Broadband Services, Kable First India, Sri Venkateshwara Digital Home Entertainment, Mandapeta Digital Entertainment और I.B. Communications Network के केबल टीवी कारोबार का अधिग्रहण किया जाएगा।
इन कंपनियों के पास आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा और कर्नाटक के विभिन्न शहरों में लगभग 6 लाख केबल टीवी ग्राहक हैं। इस अधिग्रहण से जीटीपीएल को दक्षिण भारत के प्रमुख बाजारों में अपनी पहुंच और ग्राहक आधार बढ़ाने का अवसर मिलेगा। कंपनी के अनुसार यह सौदा 15 सितंबर 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है और इसके लिए किसी सरकारी या नियामकीय मंजूरी की आवश्यकता नहीं होगी।
विश्लेषकों का मानना है कि बढ़ती डीटीएच और ओटीटी प्रतिस्पर्धा के बीच यह अधिग्रहण जीटीपीएल की केबल टीवी रणनीति को मजबूत करेगा। साथ ही कंपनी को उन क्षेत्रों में तत्काल विस्तार मिलेगा, जहां एसीटी समूह पहले से मजबूत वितरण नेटवर्क और ग्राहक संबंध स्थापित कर चुका है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में अधिग्रहित सातों कंपनियों का संयुक्त कारोबार 1,640 मिलियन रुपये (करीब 164 करोड़ रुपये) से अधिक रहा। इनमें ए.सी.एन केबल और ACT Digital Home Entertainment का योगदान सबसे अधिक रहा। हालांकि कुछ कंपनियों के राजस्व में पिछले वर्षों में गिरावट देखी गई है, लेकिन उनका मजबूत ग्राहक आधार और स्थानीय वितरण नेटवर्क उन्हें रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बनाता है।
जीटीपीएल ने स्पष्ट किया है कि यह किसी संबंधित पक्ष (Related Party) का लेनदेन नहीं है और कंपनी के प्रमोटरों या समूह की किसी इकाई का एसीटी समूह की इन कंपनियों में कोई हित नहीं है। उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार यह सौदा केबल वितरण क्षेत्र में जारी समेकन (Consolidation) की प्रक्रिया को और गति देगा तथा जीटीपीएल की बाजार स्थिति को मजबूत करेगा।
'मेटा' द्वारा 'क्रेड' के अधिग्रहण और कुणाल शाह को 'व्हाट्सऐप' का वैश्विक सीईओ बनाए जाने के बाद उद्यमी अर्नब मित्रा की एक लिंक्डइन पोस्ट ने डेटा संप्रभुता को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
मेटा' (Meta) द्वारा 'क्रेड' (CRED) के कथित 4.5 अरब डॉलर के अधिग्रहण और कुणाल शाह (Kunal Shah) को 'व्हाट्सऐप' (WhatsApp) का वैश्विक सीईओ नियुक्त किए जाने के एक दिन बाद डेटा संप्रभुता और डिजिटल गोपनीयता को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। इस बहस की शुरुआत मुंबई स्थित उद्यमी अर्नब मित्रा (Arnab Mitra) की एक तीखी 'लिंक्डइन' (LinkedIn) पोस्ट से हुई है।
'एलआईक्यूवीडी एशिया' (LIQVD ASIA) के प्रबंध निदेशक और 'डिजीबॉक्स' (DigiBoxx) के निदेशक अर्नब मित्रा (Arnab Mitra) ने अपनी पोस्ट में सवाल उठाया कि इस सौदे में वास्तव में 'मेटा' (Meta) ने खरीदा क्या है। उन्होंने लिखा कि 'क्रेड' (CRED) ने वर्षों में एक अरब डॉलर से अधिक की फंडिंग जुटाई और भारी घाटा दर्ज किया, लेकिन इसके बावजूद कंपनी का सबसे बड़ा मूल्य उसके बिजनेस मॉडल से अधिक उसके पास मौजूद यूजर डेटा में हो सकता है।
मित्रा का दावा है कि 'क्रेड' (CRED) के पास करोड़ों सत्यापित और क्रेडिट योग्य भारतीय उपभोक्ताओं की प्रोफाइल मौजूद हैं। उनके अनुसार यह सौदा केवल एक फिनटेक प्लेटफॉर्म का अधिग्रहण नहीं बल्कि बड़े पैमाने पर डेटा तक पहुंच हासिल करने का मामला भी हो सकता है।
उन्होंने 'डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट, 2023' (Digital Personal Data Protection Act, 2023) का हवाला देते हुए सवाल उठाया कि क्या उपयोगकर्ताओं से उनके वित्तीय डेटा के किसी विदेशी कंपनी को हस्तांतरण के लिए स्पष्ट सहमति ली गई थी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो नियामकीय निगरानी की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
हालांकि अर्नब मित्रा (Arnab Mitra) ने अपनी पोस्ट में स्पष्ट किया कि उनकी नाराजगी कुणाल शाह (Kunal Shah) से नहीं है। उन्होंने लिखा कि एक उद्यमी के तौर पर शाह ने उपलब्ध अवसरों का सफलतापूर्वक उपयोग किया, लेकिन उनका सवाल उन नियमों और नीतियों से है जो इस तरह के सौदों को नियंत्रित करते हैं।
मित्रा की पोस्ट के बाद सोशल मीडिया और स्टार्टअप जगत में चर्चा का केंद्र स्टार्टअप वैल्यूएशन और संस्थापकों की सफलता से हटकर डेटा ओनरशिप, सीमा-पार डेटा ट्रांसफर और भारत में नागरिकों के डेटा को रणनीतिक संपत्ति के रूप में देखने की आवश्यकता पर आ गया है।
NEET-UG री-एग्जाम के दौरान सुरक्षा कारणों से लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध के बाद 'टेलीग्राम' की सेवाएं भारत में फिर से शुरू हो गई हैं। मैसेज और पोस्ट एडिट करने की सुविधा 30 जून तक बंद रहेगी।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
भारत में लाखों यूजर्स द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले मैसेजिंग प्लेटफॉर्म 'टेलीग्राम' (Telegram) की सेवाएं फिर से बहाल कर दी गई हैं। NEET-UG री-एग्जाम के मद्देनजर सुरक्षा कारणों से लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध को हटाने के बाद अब यूजर्स दोबारा सामान्य रूप से ऐप का इस्तेमाल कर सकते हैं।
पिछले कई दिनों से कुछ यूजर्स को 'टेलीग्राम' (Telegram) का उपयोग करने, ऐप डाउनलोड करने और अपडेट प्राप्त करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। कुछ मामलों में यह 'गूगल प्ले स्टोर' (Google Play Store) और 'एप्पल ऐप स्टोर' (Apple App Store) पर भी दिखाई नहीं दे रहा था। अब प्रतिबंध हटने के बाद यूजर्स दोनों प्लेटफॉर्म्स से ऐप को फिर से डाउनलोड और इंस्टॉल कर सकते हैं।
सरकार ने NEET-UG री-एग्जाम के दौरान संभावित गलत गतिविधियों को रोकने के लिए 22 जून तक 'टेलीग्राम' (Telegram) पर अस्थायी रोक लगाई थी। हालांकि प्लेटफॉर्म पर मैसेज और पोस्ट एडिट करने की सुविधा अभी भी बंद रहेगी और यह प्रतिबंध 30 जून तक लागू रहेगा।
जानकारी के अनुसार, NEET परीक्षा से जुड़े कथित पेपर लीक मामले की जांच के दौरान एजेंसियों ने कई डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर नजर रखी थी। इसी क्रम में 'टेलीग्राम' (Telegram) के कुछ चैनल और ग्रुप भी जांच के दायरे में आए थे। रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि कुछ चैनलों का उपयोग परीक्षा से जुड़ी भ्रामक और अपुष्ट जानकारी फैलाने के लिए किया जा रहा था।
बताया गया है कि 3 जून को 'इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय' (MeitY) के अधिकारियों ने 'टेलीग्राम' (Telegram) के प्रतिनिधियों के साथ बैठक भी की थी। इसके बाद केंद्र सरकार ने एहतियातन ऐप, वेब लिंक और वेब वर्जन तक की पहुंच को अस्थायी रूप से सीमित करने का फैसला लिया था।
इस बीच 21 जून को NEET री-एग्जाम सफलतापूर्वक आयोजित किया गया और अब तक किसी बड़े पेपर लीक, फर्जी प्रश्नपत्र या अन्य धोखाधड़ी की घटना की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में 'टेलीग्राम' (Telegram) की सेवाएं बहाल होने से छात्रों, कंटेंट क्रिएटर्स और बिजनेस यूजर्स को राहत मिली है।
'ओपनएआई' की टीम का नेतृत्व कर चुके श्यामल अनदकट भारत लौट आए हैं। उनका मानना है कि अब वैश्विक स्तर की एआई कंपनियां दुनिया के किसी भी हिस्से से बनाई जा सकती हैं।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) क्षेत्र की अग्रणी कंपनी 'ओपनएआई' (OpenAI) में करीब चार वर्षों तक काम कर चुके श्यामल अनदकट (Shyaml Anadkat) भारत लौट आए हैं। सैन फ्रांसिस्को के बे एरिया (Bay Area) में स्थित 'ओपनएआई' (OpenAI) कार्यालय से एप्लाइड इवैल्स (Applied Evals) टीम का नेतृत्व करने वाले अनदकट अब भारत में रहकर एआई के भविष्य को आकार देने की तैयारी कर रहे हैं।
श्यामल अनदकट (Shyaml Anadkat) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर अपनी वापसी की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि 'ओपनएआई' (OpenAI) में लगभग चार साल बिताने के बाद वह इस वर्ष की शुरुआत में भारत लौट आए। उन्होंने लिखा कि उनका अब भी यह दृढ़ विश्वास है कि सुपरइंटेलिजेंस (Superintelligence) विज्ञान और तकनीक को तेजी से आगे बढ़ाएगी और इसका लाभ पूरी मानवता को मिलेगा।
उन्होंने बताया कि भारत लौटने का एक प्रमुख कारण यहां के इकोसिस्टम से उनका गहरा जुड़ाव है। भारत में पले-बढ़े होने के कारण वह हमेशा यहां की प्रतिभा और संभावनाओं से जुड़े रहे हैं। वापसी के बाद उन्होंने भारत और एशिया-पैसिफिक (APAC) क्षेत्र के कई शोधकर्ताओं और इंजीनियरों से बातचीत की, जिससे उन्हें महसूस हुआ कि यहां बड़ी संख्या में ऐसे लोग मौजूद हैं जो यहीं रहकर वैश्विक स्तर पर प्रभाव डालने वाली तकनीक विकसित करना चाहते हैं।
अनदकट का मानना है कि भारत में प्रतिभा और अवसरों की कोई कमी नहीं है। उनके अनुसार सबसे बड़ी जरूरत इस विश्वास की है कि दुनिया बदलने वाली कंपनियां केवल सिलिकॉन वैली (Silicon Valley) में ही नहीं, बल्कि दुनिया के किसी भी हिस्से से बनाई जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने का यह एक दुर्लभ अवसर है, जो कई पीढ़ियों में एक बार मिलता है।
after close to four years at @openai, i moved from the bay area to india earlier this year. i still believe deeply in ensuring true superintelligence accelerates science and remains accessible and beneficial to all. having grown up here, i've also always felt deeply connected to…
— shyamal (@shyamalanadkat) June 21, 2026