जानें, मधु किश्वर ने ऐसा क्या लिख दिया कि थाने पहुंच गया मामला

बेवाकी और बड़बोलेपन के बीच एक महीन रेखा होती है, जिसे अक्सर लोग नजरअंदाज कर जाते हैं

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Wednesday, 28 August, 2019
Last Modified:
Wednesday, 28 August, 2019
Madhu Kishwar

बेवाकी और बड़बोलेपन के बीच एक महीन रेखा होती है, जिसे अक्सर लोग नजरअंदाज कर जाते हैं। नतीजतन, उन्हें आलोचना और परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसा ही लेखिका मधु किश्वर के साथ हो रहा है। वैसे तो किश्वर अपनी बेवाक बयानबाजी के लिए जानी जाती हैं, लेकिन इस बार उन्होंने कुछ ऐसा कह दिया, जिस पर न केवल बवाल मचा, बल्कि मामला पुलिस स्टेशन तक पहुंच गया है। किश्वर के खिलाफ एक्टिविस्ट एवं पत्रकार साकेत गोखले ने लिखित शिकायत दर्ज कराई है। उनकी मांग है कि किश्वर पर आईपीसी की धारा 153(ए) के तहत कार्रवाई होनी चाहिए।

इस पूरे मामले की शुरुआत ‘न्यूज 24’ के एक डिबेट शो से हुई। दरअसल, इस शो में पत्रकार रिफत जावेद ने भी शिरकत की थी। इसके बाद रिफत ने इस संबंध में एक ट्वीट किया। उन्होंने लिखा, ‘जब भाजपा सांसद राकेश सिन्हा तर्क के साथ मेरी बातों का जवाब नहीं दे सके तो उन्होंने मुझे पाकिस्तानी समर्थक करार दे डाला। लिहाजा, मुझे उन्हें यह याद दिलाना पड़ा कि मुसलमानों को उनके देशभक्ति के प्रमाणपत्र की आवश्यता नहीं है।’

रिफत के इस ट्वीट पर कई लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की और मधु किश्वर भी खुद को नहीं रोक सकीं। उन्होंने लिखा, ‘हां, मुसलमानों को अपने क्रेडेंशियल साबित करने की जरूरत है और 1947 के बाद के भारत में उनके ट्रैक रिकॉर्ड को देखते हुए उन्हें प्रमाणपत्र दिया जाना चाहिए, न कि इससे पहले के आधार पर।’  

इसके कुछ ही देर में सोशल मीडिया पर किश्वर की आलोचना शुरू हो गई। बात केवल आलोचना तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि एक्टिविस्ट एवं पत्रकार साकेत गोखले ने पहले दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को अपने ट्वीट में टैग करते हुए मधु किश्वर के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। इसके बाद उन्होंने साइबर सेल में किश्वर के खिलाफ लिखित शिकायत भी दर्ज करवाई।

अपने ट्विटर हैंडल पर शिकायत की कॉपी शेयर करते हुए गोखले ने लिखा है, ‘मैंने दिल्ली पुलिस में मधु किश्वर के विरुद्ध लिखित शिकायत दर्ज कराई है। नफरत फैलाने के लिए उन पर कार्रवाई होनी चाहिए।’ वहीं किश्वर ने भी ट्विटर पर अपना पक्ष रखते हुए खुद को सही करार दिया है।

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CEO का खाता सीज होने पर ट्विटर ने इस सुविधा पर लगाया ‘ब्रेक’

ट्विटर के सीईओ जैक डोर्सी पिछले सप्ताह 'सिम स्वैप’ के शिकार हो गये थे। उस अकाउंट से कई आपत्तिजनक ट्वीट किए गए थे

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Saturday, 07 September, 2019
Last Modified:
Saturday, 07 September, 2019
Twitter

माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ‘ट्विटर’ (Twitter) ने फोन से संदेश (टेक्स्ट) भेजकर ट्वीट करने की सुविधा को फिलहाल बंद कर दिया है। दरअसल, ट्विटर ने अपने सीईओ जैक डोर्सी (Jack Dorsey) का खाता हैक हो जाने के बाद यह निर्णय लिया है। बता दें कि डोर्सी पिछले सप्ताह 'सिम स्वैप के शिकार हो गये थे। उस अकाउंट से कई आपत्तिजनक ट्वीट किए गए थे।

हैकर इस तरीके का इस्तेमाल कर उपभोक्ता का फोन अपने कंट्रोल में कर लेते हैं। इससे हैकर के पास यूजर के सोशल मीडिया खाता समेत बैंक खाता तथा अन्य संवेदीनशील जानकारियों का कंट्रोल पहुंच जाता है।

इस बारे में ट्विटर की ओर से एक ट्वीट भी किया गया है। इस ट्वीट में कहा गया है, ‘लोगों का ट्विटर खाता सुरक्षित रखने के लिये हम फिलहाल एसएमएस या टेक्स्ट के जरिये ट्वीट करने की सुविधा बंद कर रहे हैं। कंपनी इस समस्या के दीर्घकालिक समाधान पर काम कर रही है।’ ट्विटर ने भरोसा दिलाया है कि जल्दी ही इसे दोबारा शुरू कर दिया जाएगा।

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विकास भदौरिया की कौन सी रिकॉर्डिंग है रोहिणी सिंह के पास? मीडिया में हो रही है चर्चा

विकास ने अभी तक इस मामले में चुप्पी साध रखी है और ट्वीट का जवाब तक नहीं दिया है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Thursday, 29 August, 2019
Last Modified:
Thursday, 29 August, 2019
Rohini Singh

न्यूज पोर्टल ‘द वायर’ (The Wire) और अमित शाह के बेटे जय शाह की खबर को लेकर जो कोर्ट केस चल रहा है, उसमें अचानक तब एक बड़ा मोड़ आ गया, जब ‘द वायर’ की पत्रकार रोहिणी सिंह ने केस को खत्म करने की अपनी याचिका सुप्रीम कोर्ट में वापस ले ली। हाई कोर्ट ने पहले ही इसे खारिज कर दिया था। याचिका वापस लेने से जस्टिस अरुण मिश्रा ने इसे पीत पत्रकारिता बताते हुए कई तीखे कमेंट भी सुनवाई के दौरान किए। उन्होंने ये भी कहा कि जय शाह को जवाब देने के लिए न्यूज पोर्टल द्वारा चार-पांच घंटे का ही समय दिया गया।

अब इसको लेकर एबीपी न्यूज के रिपोर्टर विकास भदौरिया ने एक ट्वीट किया तो जय शाह के खिलाफ रिपोर्ट फाइल करने वालीं रोहिणी सिंह बिफर गईं और ट्वीट्स के जरिए जो लिखा, वो मीडिया जगत में चर्चा का विषय बन गया है। सवाल उठने लगे हैं कि आखिर रोहिणी सिंह के पास विकास भदौरिया की ऐसी कौन सी रिकॉर्डिंग्स हैं, जो अमित शाह के दरबार में उनकी वैल्यू कम कर सकती हैं।

जब से मोदी सरकार आई है, विकास भदौरिया धीरे-धीरे अपने ट्वीट्स के चलते राष्ट्रवादी खेमे में गिने जाने लगे थे, चुनावी कैम्पेन के दौरान मोदी ने अहमदाबाद में चलती गाड़ी में उनका हाल भी पूछा था। वो विडियो काफी चर्चा में रहा था। ऐसे में द वायर की याचिका वापसी औऱ सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों को लेकर विकास ने एक ट्वीट किया, ‘द वायर ने @AmitShah के बेटे जय शाह मानहानि मामले में सुप्रीम कोर्ट से याचिका वापस ली। कोर्ट ने बिना किसी को जवाब का मौका दिए उनके खिलाफ खबर छापने पर नाखुशी जताई। सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालत से मुकदमा तेजी से निपटाने के लिए कहा।’

हालांकि इस ट्वीट में कुछ भी ऑफेंसिव नहीं था, रोहिणी सिंह के खिलाफ कुछ नहीं था। लेकिन रोहिणी सिंह को ये नागवार गुजरा और उन्होंने विकास को एक ट्वीट रिप्लाई में किया।

इस ट्वीट में वो लिखती है, विकास जी सच तो आप जानते हैं, दो पूरे दिन का टाइम दिया था। उसके रिकॉर्ड भी है, ये बात तो आपको भी पता है। याद दिला दूं कि जिस दिन स्टोरी आई थी आपने फोन करके बधाई देने के बाद क्या बोला था...उसका भी रिकॉर्ड है। 

विकास भदौरिया ने बधाई दी तो दी, लेकिन विकास ने ‘और’ ऐसा क्या कहा, जिसके बारे में इशारा रोहिणी सिंह अपनी ट्वीट में कर रही हैं, जिसे उन्होंने रिकॉर्ड कर लिया था, इसकी चर्चा हो रही है। हालांकि विकास ने अभी तक इस मामले में चुप्पी साध रखी है, ट्वीट का जवाब तक नहीं दिया है। लेकिन इस मामले को थोड़ा और आगे बढ़ाया रोहिणी सिंह ने एक और व्यक्ति के ट्वीट के जवाब में।

रोहिणी ने सीधे विकास को निशान बनाते हुए लिखा, ‘कुछ लोग @AmitShah की पब्लिक में चापलूसी करते है और प्राइवेटली फोन करके क्या बोलते हैं, उसमे जमीन-आसमान का फर्क है। विकास जी ने तो मुझे मेरी जाति भी याद दिलवा दी थी।’

जाहिर है रोहिणी सिंह ने खुलकर विकास के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है, उन्हें अमित शाह का चापलूस बताया है, इतना ही नहीं जातिवादी घेरेबंदी करने का भी आरोप लगाया है। वो लिख रही हैं कि जय शाह की स्टोरी से विकास खुश थे और विकास ने इस मौके पर उनकी जाति भी याद दिलवा दी थी। दरअसल, दोनों ही ठाकुर हैं। ऐसे में मीडिया में पहले ही जातिवादी घेरेबंदी के आरोप लगते रहे हैं  तो कोई भी इसे सच मान सकता है।

लेकिन ये प्राइवेट फोन करके विकास ने रोहिणी को क्या बोला और क्या रिकॉर्डिंग्स हैं विकास की रोहिणी के पास, इसको लेकर मीडिया में चर्चा चल रही हैं। ये माना जा रहा है कि इन रिकॉर्डिंग्स में विकास ने पक्के तौर पर अमित शाह और बीजेपी के खिलाफ ही कुछ बोला है, तभी रोहिणी सिंह ने इसे संभाल कर रखा है। अब विकास खामोश हैं, पर इंतजार है कि रोहिणी सिंह कब इस रिकॉर्डिंग को सार्वजनिक करेंगी?

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वाह! स्मिता प्रकाश, क्या खूब जवाब दिया आपने पाक मंत्री को :)

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 खत्म किये जाने के बाद इस मामले में अंतरराष्ट्रीय मंच पर मिली हार के बाद पाकिस्तान की बौखलाहट और बढ़ गई है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Wednesday, 28 August, 2019
Last Modified:
Wednesday, 28 August, 2019
Smita Prakash

न्यूज एजेंसी ‘एएनआई’ (ANI) की संपादक स्मिता प्रकाश ने पाकिस्तान के रेल मंत्री शेख राशिद अहमद के उस बयान का जमकर मजाक उड़ाया है, जिसमें उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच अक्टूबर/नवंबर में युद्ध की संभावना जताई है।

स्मिता प्रकाश ने अपने ट्विटर हैंडल पर राशिद के इस ट्वीट का मजाक उड़ाते कहा है, ‘देखो पहले पितृपक्ष हैं, फिर नवरात्रि है, फिर दिवाली की ताश पार्टीज शुरू होती हैं। फिर वो करवाचौथ है, फिर दिवाली है... थोड़ा फ्री टाइम है नवंबर में, फिर वो कार्तिक पूर्णिमा, गुरुपर्व, क्रिसमस वगैरह आ जाते हैं। टाइम देख के ओके?’

बता दें कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 खत्म किये जाने के बाद से भारत-पाकिस्तान के बीच रिश्ते तल्ख होते जा रहे हैं। इस मामले में अंतरराष्ट्रीय मंच पर मिली हार के बाद पाकिस्तान की बौखलाहट और बढ़ गई है और वहां के नेता अनाप-शनाप बयान जारी कर रहे हैं। बता दें कि रेल मंत्री शेख राशिद का यह बयान पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान के उस बयान के बाद आया है, जिसमें उन्होंने भारत के साथ परमाणु युद्ध की गीदड़ भभकी दी थी।

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मैगसायसाय अवार्ड विजेता का इंटरव्यू लेना पत्रकार को पड़ा 'भारी'

मैगसायसाय पुरस्कार विजेता संदीप पांडेय की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हुए इस वाकये को पत्रकार ने अपने फेसबुक पेज पर बयां किया है

Last Modified:
Monday, 19 August, 2019
Shah Alam

कश्मीर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने अयोध्या पहुंचे मैगसायसाय पुरस्कार विजेता संदीप पांडेय को पुलिस ने हिरासत में लिया है। कुछ दिनों पहले ही उन्हें घर पर भी नजरबंद रखा गया था। यही नहीं, संदीप का इंटरव्यू करने पहुंचे पत्रकार शाह आलम को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

अयोद्य़ा निवासी और प्रेस क्लब के सदस्य शाह आलम ने इस बात की जानकारी अपने फेसबुक पेज के जरिए दी है। उन्होंने फेसबुक पर लिखा, ‘संदीप पाण्डेय के इंटरव्यू के दौरान उन्हें पुलिस ने पकड़ लिया।’

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पाकिस्तान के पत्रकार की ये खरी-खरी जरूर एक बार सुनिए

कश्मीर की अनुच्छेद 370 से आजादी के बाद से पाकिस्तान बौखला गया है। कभी वो भारत से रिश्ते तोड़ने की बात करता है तो कभी गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी देता है

नीरज नैयर by नीरज नैयर
Published - Monday, 19 August, 2019
Last Modified:
Monday, 19 August, 2019
Journalist

कल्पना कीजिये कि आप किसी के सामने शेखी बघार रहे हैं, अपनी पीठ थपथपा रहे हैं, अपने साहस और पराक्रम की कहानियां गढ़ रहे हैं और आपका कोई अपना ही आपकी असलियत बयां कर दे? पाकिस्तान भी फिलहाल ऐसी ही स्थिति से गुजर रहा है।

फर्क बस इतना है कि इस वाकये के बाद आप शायद मुंह नीचे कर, शर्मिंदगी का भाव लेकर वहां से चले जाएं, लेकिन पाकिस्तान अब भी बेशर्मों सा खड़ा है। वैसे इसे बेशर्मी के सटीक उदाहरण के तौर पर भी देखा जा सकता है। कश्मीर की अनुच्छेद 370 से आजादी के बाद से पाकिस्तान बौखला गया है। कभी वो भारत से रिश्ते तोड़ने की बात करता है तो कभी गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी देता है।

हालांकि, वह खुद भी जानता है कि इससे कुछ होने वाला नहीं है। लेकिन फिर भी उसके नेता और मीडिया का एक वर्ग शेखी बघार रहा है। पाकिस्तान की नई-नवेली टीवी एंकर भी हमें डराने में लगी हैं। ये बात अलग है कि उनकी एंकरिंग देखकर डर से ज्यादा हंसी आती है और शायद अकेले में वह खुद भी हंसती होंगी।

इस शेखी बघार गैंग के बीच एक शख्स ऐसा भी है जो पाकिस्तान को उसी स्थिति में पहुंचा रहा है, जहां आप होते यदि आप कल्पना करते। उस शख्स का नाम है वरिष्ठ पत्रकार और पॉलिटिकल एनालिस्ट हसन निसार। वैसे, निसार पहले भी पाक को शर्मिंदगी वाली स्थिति में धकेल चुके हैं, लेकिन पाक तो बेशर्म ठहरा, बाज कहां आता है।

इन दिनों निसार का एक विडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह ‘कश्मीर पर अड़ी’ पाकिस्तानी हुकूमत को आईना दिखा रहे हैं। गायक अदनान सामी ने इस विडियो को अपने ट्विटर हैंडल पर शेयर किया है, जिसे देखने और अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करने वालों की तादाद लगातार बढ़ रही है।

दरअसल, एक टीवी शो में पाकिस्तानी एंकर ने हसन निसार से पूछा था...तो क्या कश्मीर छोड़ दें? इसका निसार ने जो जवाब दिया, उसने शेखी बघार रहे पाक नेताओं को मुंह छिपाने पर मजबूर कर दिया, लेकिन केवल चंद सेकंड के लिए, क्योंकि पाकिस्तान तो बेशर्म ठहरा।

उन्होंने कहा, ‘बेहद दिलचस्प बात है। ईस्ट पाकिस्तान आपके पास था, कश्मीर तो लेना है। किस से लेना है, कैसे लेना है, बस हवा में तलवारें चला रहे हो और जो था हम उसे नहीं संभाल सके। बांग्लादेश भी आपसे बेहतर है, उनकी करेंसी डॉलर के मुकाबले रुपए से बेहतर है, आबादी उन्होंने कंट्रोल कर ली। आपसे जान छुड़ाकर वो आपसे ज्यादा बेहतर हैं, आप वो नहीं संभाल सके, किस मुंह से बात करते हो? कश्मीर लेना है, क्या करना है लेकर? आपसे कराची नहीं संभाला जा रहा, आपसे बलूचिस्तान नहीं संभल रहा, होश करें ये लोग। जो है उसे तो संभाल लो।’

इस दौरान एंकर साहिबा ने कश्मीर पर अपनी पाकिस्तानी इच्छा प्रकट करने का कई बार प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हो सकीं। आप भी पूरा विडियो यहां देख सकते हैं:

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और डूब गई पत्रकारिता

वरिष्ठ पत्रकार विनोद कापड़ी ने एक विडियो शेयर करते हुए ऐसा लिखा है। ये विडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Wednesday, 14 August, 2019
Last Modified:
Wednesday, 14 August, 2019
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न्यूज चैनल के रिपोर्टर लगातार रिपोर्टिंग को लेकर नए नए तरीके के प्रयोग करते रहते हैं। ऐसा ही एक प्रयोग बैंगलुरु के कन्नड़ न्यूज चैनल BTVNEWS की एक महिला रिपोर्टर ने किया है। बाढ़ की कवरेज के दौरान रिपोर्टर किस तरह डूबते हुए दिखाया गया है ये पत्रकारिता की अतिशयोक्ति है। वरिष्ठ पत्रकार विनोद कापड़ी ने ये विडियो शेयर करते हुए लिखा है-और डूब गई पत्रकारिता। ये विडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

देखें विडियो-

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अपनी तारीफ सुनने के बाद मणिशंकर अय्यर का ऐसा 'रिएक्शन' हुआ वायरल

ईटीवी भारत के संपादक राकेश त्रिपाठी ने कांग्रेसी नेता मणिशंकर अय्यर का एक इंटरव्यू लिया है, जिसका एक हिस्सा सोशल मीडिया पर वायरल हो या है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Wednesday, 14 August, 2019
Last Modified:
Wednesday, 14 August, 2019
manishankar aiyar

कांग्रेसी नेता मणिशंकर अय्यर एक बार फिर निशाने पर आ गए हैं। हालिया मामला ईटीवी भारत के साथ उनके एक इंटरव्यू का है। इस इंटरव्यू में जब पत्रकार राकेश त्रिपाठी ने उनसे एक सवाल किया, तो मणिशंकर अय्यर उखड़ गए। इसके बाद जब पत्रकार ने उनकी तारीफ करते हुए उन्हें मनीषी बताया तो उसके बाद उन्होंने जिस तरह की प्रतिक्रिया दी, वे अजीब-ओ-गरीब थी। उनकी ये प्रतिक्रिया सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है। मीडिया जानकार प्रसून शुक्ला समेत कई पत्रकारोें ने ये विडियो सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए मणिशंकर अय्यर पर निशान साधा है। 

देखें वो विडियो जो वायरल हुआ है...

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पत्रकार प्रशांत कनौजिया फिर कर बैठे 'आपत्तिजनक' ट्वीट, क्राइम ब्रांच तक पहुंचा मामला

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट के मामले में पूर्व में हो चुकी है गिरफ्तारी, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद छूटे थे जेल से

पंकज शर्मा by पंकज शर्मा
Published - Monday, 12 August, 2019
Last Modified:
Monday, 12 August, 2019
Prashant-Kanojia

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट करके सुर्खियों में आए पत्रकार प्रशांत कनौजिया एक बार फिर नए विवाद में फंस गये हैं। इस बार प्रशांत कनौजिया ने सोशल मीडिया पर एक विवादित फोटो शेयर किया है। इस फोटो में उन्होंने कश्मीर मामले पर भारतीय सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत की तुलना जनरल डायर से की है। अपने ट्वीट में उन्होंने एक तरफ जनरल बिपिन रावत तो दूसरी ओर जनरल डायर की फोटो लगाई है। प्रशांत के इस कदम की काफी आलोचना हो रही है।

इस मामले में वाराणसी के अधिवक्ता सौरभ तिवारी की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी है। वहीं प्रशांत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता आलोक श्रीवास्तव ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को पत्र लिख कर अपनी शिकायत दर्ज कराई है।

हालांकि, अपने इस ट्वीट को लेकर विवाद बढ़ने के बाद प्रशांत कनौजिया ने अपने ट्विटर अकाउंट से यह ट्वीट हटा दिया है। प्रशांत कनौजिया के ट्विटर अकाउंट से किए गए इस ट्वीट का स्क्रीन शॉट आप यहां देख सकते हैं।

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अब कंटेंट के लिए लाखों का भुगतान कर सकती है फेसबुक, पढ़ें ये रिपोर्ट

सोशल मीडिया क्षेत्र की दिग्गज कंपनी ‘फेसबुक’ समेत कई बड़ी कंपनियों पर पब्लिशर्स का कंटेंट मुफ्त में इस्तेमाल करने के आरोप लगते रहते हैं

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Saturday, 10 August, 2019
Last Modified:
Saturday, 10 August, 2019
Facebook

सोशल मीडिया क्षेत्र की दिग्गज कंपनी ‘फेसबुक’ समेत कई बड़ी कंपनियों पर पब्लिशर्स का कंटेंट मुफ्त में इस्तेमाल करने के आरोप लगते रहते हैं। अब खबर है कि ऐसे कंटेंट को अपनी साइट पर पब्लिश करने के लिए न्यूज पब्लिशर्स को फेसबुक लाखों डॉलर्स का भुगतान करने की पेशकश कर रही है।

अंग्रेजी अखबार ‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ ( The Wall Street Journal) की एक खबर के मुताबिक, स्टोरी, हेडलाइंस और इसी तरह के अन्य मैटीरियल को पब्लिश करने की अनुमति देने के लिए फेसबुक सालाना तीन मिलियन डॉलर तक का भुगतान कर सकती है। इस मामले से जुड़े सूत्रों की मानें तो फेसबुक ने स्टोरीज का लाइसेंस हासिल करने के लिए न्यूज संस्थानों से भुगतान की बात की थी।

हालांकि इन खबरों पर फेसबुक ने किसी भी तरह की प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया है, लेकिन यह बताया है कि कंपनी अपनी सर्विस के लिए ‘न्यूज टैब’ (news tab) की लॉन्चिंग पर काम कर रही है। इसी साल अप्रैल में फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने अपनी सेवाओं में 'न्यूज सेक्शन' पर बात की शुरुआत की थी।

जर्नल में यह नहीं बताया है कि फेसबुक की ओर से तीन मिलियन डॉलर के भुगतान की पेशकश किसी खास पब्लिशर के लिए अथवा सभी समाचार संस्थानों के लिए की गई थी। इस रिपोर्ट में ‘द वॉशिंगटन पोस्ट’ (The Washington Post) अखबार का भी जिक्र था, जिससे फेसबुक ने संपर्क किया था। हालांकि, अखबार ने इस बारे में कुछ भी कहने से इनकार कर दिया है।

इस बारे में ‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ अखबार में छपी रिपोर्ट को आप यहां क्लिक कर देख सकते हैं।

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राहुल को लेकर सुखबीर बादल के मुंह से निकल गया कुछ ऐसा, लगने लगे ठहाके

1984 के सिख दंगों पर संसद में अपनी बात रख रहे थे शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर बादल

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Thursday, 08 August, 2019
Last Modified:
Thursday, 08 August, 2019
Rahul Gandhi

लोकसभा चुनाव से पहले जब राहुल गांधी से पूछा जाता था कि ‘क्या आप प्रधानमंत्री बनना चाहते हैं? तो वह अपनी मुस्कराहट से अपनी इच्छा बयां कर दिया करते थे, लेकिन चुनाव परिणामों ने उनकी हंसी छीन ली। हालांकि, पीएम की कुर्सी पर बैठने की उनकी हसरत कायम है और हो भी क्यों न आखिर वह देश की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी के नेता हैं।

इस हसरत की एक झलक चंद रोज पहले संसद में उस वक्त देखने को मिली, जब शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल एक बड़ी गलती कर बैठे। बादल ने जैसे ही भूलवश प्राइम मिनिस्टर राहुल गांधी कहा, गहन सोच-विचार में बैठे राहुल की निगाहें सीधी उन पर जाकर टिक गईं। इस बीच उनकी वह मुस्कराहट भी देखने को मिली, जिसे चुनाव में मिली हार ने बादलों की तरह ढक लिया था। अब चूंकि गलती बड़ी थी और राहुल का नाम एक ऐसी घटना से जोड़ा जा रहा था जो वह शायद कभी देखना नहीं चाहेंगे, लिहाजा वह तुरंत ही गंभीर हो गए। ये बात अलग है कि उनकी इस गंभीरता का सदन में ठहाके लगा रहे सदस्यों पर कोई असर नहीं पड़ा।

दरअसल, हुआ यूं कि सुखबीर बादल सदन में 1984 के सिख दंगों पर बोल रहे थे। वो कहना चाहते थे कि सिखों के नरसंहार का आदेश उस वक़्त प्रधानमंत्री रहे राजीव गांधी ने दिया था, लेकिन उनके मुंह से राजीव की जगह राहुल निकल गया। यानी राहुल गांधी ने सिखों के नरसंहार का आदेश दिया था। बादल के आसपास बैठे उनके साथियों को भी शुरुआत में गलती का आभास नहीं हुआ, क्योंकि उनके चेहरे पहले की माफिक गंभीर थे। कांग्रेसी खेमे की तरफ से किसी ने इस गलती पर बादल का ध्यान आकर्षित किया। कहा गया...‘राहुल नहीं राजीव गांधी’। इसके बाद तो सदन में हंसी गूंजने लगी। इसकी दो वजह रहीं, पहली बादल का भूलवश राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बना देना और दूसरी कांग्रेस द्वारा जाने-अनजाने में खुद यह मान लेना कि सिखों के नरसंहार का आदेश राजीव गांधी ने ही दिया था।

सदन में बैठे अमित शाह भी बादल की इस भूल पर अपनी हंसी नहीं छिपा सके। वैसे इसमें सुखबीर सिंह बादल को भी पूरी तरह दोषी नहीं ठहरा सकते, क्योंकि चुनावी फीवर को उतरने में भी वक्त लगता है। लोकसभा चुनाव के परिणामों को इतना भी समय नहीं हुआ है कि उस दौर में सुनाई देने वाले नारों की गूंज दिलोदिमाग से पूरी तरह मिट जाए। कांग्रेसी चुनाव पूर्व राहुल को भावी प्रधानमंत्री कहते नहीं थकते थे, इसके अलावा पीएम के सवाल पर राहुल की मुस्कान भी टीवी पर छाई हुई थी। इस मेमोरी के जहन से गायब होने से पहले ही बादल 1984 में पहुंच गए और गलती कर बैठे।

केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने ट्वीट के साथ यह विडियो अपने ट्विटर हैंडल पर शेयर किया है, जो काफी वायरल हो रहा है। इस विडियो को आप यहां देख सकते हैं-

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