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पत्रकारों व मीडिया संस्थानों के ट्वीट पर सरकार की टेढ़ी नजर, ट्विटर ने जारी की ये रिपोर्ट

पत्रकारों और मीडिया संस्थानों के ट्वीट पर सरकार की टेढ़ी नजर है। यह हम नहीं बल्कि माइक्रोब्लॉगिंग वेबसाइट ट्विटर ने अपनी हालिया पारदर्शिता रिपोर्ट में यह जानकारी दी है

Last Modified:
Saturday, 30 July, 2022
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पत्रकारों और मीडिया संस्थानों के ट्वीट पर सरकार की टेढ़ी नजर है। यह हम नहीं बल्कि माइक्रोब्लॉगिंग वेबसाइट ट्विटर ने अपनी हालिया पारदर्शिता रिपोर्ट में यह जानकारी दी है। रिपोर्ट में बताया गया है कि ट्वीट हटाने की मांग करने में भारत दुनिया में सबसे आगे है। यानी जुलाई से दिसंबर 2021 के बीच वैश्विक स्तर पर भारत ने ट्विटर पर सत्यापित पत्रकारों और मीडिया संस्थानों द्वारा पोस्ट की गई सामग्री को हटाने की कानूनी मांग सबसे ज्यादा की है।   

रिपोर्ट के मुताबिक, ट्विटर खातों से जुड़ी जानकारी मांगने में भारत सिर्फ अमेरिका से पीछे था। वैश्विक स्तर पर मांगी गई जानकारी में उसकी हिस्सेदारी 19 फीसदी थी। सर्वाधिक सूचना के लिए सरकारी अनुरोध करने वाले शीर्ष पांच देशों में जापान, फ्रांस और जर्मनी भी शामिल हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, भारत जुलाई से दिसंबर 2021 के बीच सभी तरह के यूजर्स के मामले में सामग्री को प्रतिबंधित करने का आदेश देने वाले शीर्ष पांच देशों में शामिल था।

ट्विटर ने अपनी पारदर्शिता रिपोर्ट में कहा, जुलाई से दिसंबर 2021 के बीच उससे दुनियाभर से सत्यापित पत्रकारों और मीडिया संस्थानों से जुड़े 349 अकाउंट पर मौजूद सामग्री को हटाने की कानूनी मांग की गई। कंपनी के मुताबिक, जिन अकाउंट की सामग्री पर आपत्ति दर्ज कराई गई, उनकी संख्या पूर्व की अवधि (जनवरी से जून 2021) से 103 फीसदी अधिक है।

ट्विटर के अनुसार, इस वृद्धि के लिए मुख्य रूप से भारत (114), तुर्की (78), रूस (55) और पाकिस्तान (48) द्वारा दाखिल कानूनी आपत्तियां जिम्मेदार हैं।

रिपोर्ट में बताया गया है कि पिछले साल की पहली छमाही (जनवरी से जून 2021 के बीच) में भी भारत 89 मांगों के साथ शीर्ष पर था। 

ट्विटर ने कहा कि ‘कानूनी मांगों’ में सामग्री हटाने से संबंधित अदालती आदेश और अन्य औपचारिक मांगें शामिल हैं, जो सरकारी निकायों और व्यक्तियों का प्रतिनिधित्व करने वाले अधिवक्ताओं से प्राप्त होती हैं।

बिना कोई विवरण देते हुए कंपनी ने बताया कि 2021 की दूसरी छमाही में वैश्विक स्तर पर प्रमाणित पत्रकारों और मीडिया संस्थानों के 17 ट्वीट हटाए गए, जबकि साल की पहली छमाही में ऐसे ट्वीट की संख्या 11 थी।

ट्विटर ने बताया कि उसे भारत के राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग से एक नाबालिग के निजता संबंधी मुद्दों को लेकर उससे जुड़ी सामग्री हटाने की कानूनी मांग हासिल हुई है।

हालांकि, कंपनी ने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन उसका संदर्भ कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा पिछले साल अगस्त में किए गए ट्वीट को लेकर माना जा रहा है, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म की शिकार एक नाबालिग दलित लड़की के माता-पिता से अपनी मुलाकात की तस्वीर साझा की थी।

ट्विटर ने कहा, ‘भारतीय कानून के मुताबिक एक वरिष्ठ राजनेता द्वारा किए गए ट्वीट को भारत में प्रतिबंधित कर दिया गया था।’

जून से 2021 के बीच ट्विटर को यूजर्स के अकाउंट से जुड़ी जानकारी मुहैया कराने के दूसरे सर्वाधिक सरकारी अनुरोध भी भारत से मिले।

कंपनी ने कहा, ‘इस अवधि में अमेरिका से सबसे ज्यादा सरकारी सूचना अनुरोध प्राप्त हुए, जो वैश्विक स्तर पर हासिल अनुरोध का 20 प्रतिशत और निर्दिष्ट वैश्विक खातों का 39 फीसदी हैं।’

ट्विटर के मुताबिक, ‘दूसरे सर्वाधिक सरकारी सूचना अनुरोध भारत से प्राप्त हुए, जो वैश्विक स्तर पर हासिल अनुरोध का 19 प्रतिशत और निर्दिष्ट वैश्विक खातों का 27 फीसदी हैं।’

पारदर्शिता रिपोर्ट में बताया गया है कि जून से दिसंबर 2021 के बीच ट्विटर को भारत से 63 अतिरिक्त (पिछली अवधि से तीन फीसदी ज्यादा) यानी 2,211 नियमित अनुरोध मिले, जबकि इस अवधि में अनुरोधों के लिए निर्दिष्ट नियमित खातों की संख्या 205 (पिछली अवधि से तीन प्रतिशत अधिक) की वृद्धि के साथ 7,768 पर पहुंच गई।

वैश्विक स्तर पर ट्विटर को 11,460 अनुरोध प्राप्त हुए।

भारत से की गई कानूनी मांगों का विवरण देते हुए ट्विटर ने बताया कि जुलाई से दिसंबर 2021 के बीच दुनियाभर में सामग्री हटाने के लिए किए गए कुल 47,572 अनुरोध में से 3,992 यानी आठ प्रतिशत अनुरोध भारत से मिले थे। इनमें 23 अदालती आदेश और 3,969 अन्य कानूनी मांगें शामिल थीं।

इस दौरान ट्विटर ने भारत में 88 अकाउंट और 303 ट्वीट पर रोक लगा दी।

ट्विटर के दिशा-निर्देशों के अनुसार, ‘सरकारी सूचना अनुरोधों’ में कानून प्रवर्तन और अन्य सरकारी एजेंसियों द्वारा खाते की जानकारी के लिए जारी आपातकालीन और नियमित कानूनी मांगें शामिल हैं।

वहीं, ‘नियमित अनुरोध’ (यानी गैर-आपातकालीन अनुरोध) में सरकार या कानून प्रवर्तन अधिकारियों द्वारा जारी कानूनी मांगें (मसलन समन, अदालती आदेश, तलाश वारंट) शामिल हैं, जो ट्विटर को अकाउंट की जानकारी साझा करने के लिए बाध्य करते हैं।

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एलन मस्क ने किया बड़ा ऐलान, Twitter में दिखाई देंगे अब ये बदलाव

खरबपति बिजनेसमैन एलन मस्क द्वारा ‘ट्विटर’ का अधिग्रहण किए जाने के बाद इसे लेकर आए दिन नई-नई खबरें मीडिया में आ रही हैं।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Saturday, 26 November, 2022
Last Modified:
Saturday, 26 November, 2022
Twitter

माइक्रोब्लॉगिंग साइट ‘ट्विटर’ (Twitter) पिछले काफी समय से चर्चाओं में है। खरबपति बिजनेसमैन एलन मस्क द्वारा ‘ट्विटर’ का अधिग्रहण किए जाने के बाद इसे लेकर आए दिन नई-नई खबरें मीडिया में आ रही हैं। खबर है कि वेरीफाइड ‘ट्विटर’ अकाउंट पर लगने वाले नीले रंग के टिक (Blue Tick) अलावा अब इस पर गोल्ड (Gold) व ग्रे (Grey) रंग के टिक भी दिखाई देंगे।

बताया जा रहा है कि कंपनियों के लिए गोल्ड टिक, सरकारी संस्थाओं के लिए ग्रे टिक और लोगों के लिए ब्लू टिक होगा। मस्क ने संस्थानों अथवा लोगों के वेरिफाइड ट्विटर अकाउंट पर अलग-अलग रंगों के टिक होने के पहले ही संकेत दिए थे।

ट्विटर के सीईओ एलन मस्क का कहना है कि अकाउंट वेरिफिकेशन का काम अगले हफ्ते से शुरू होगा। संभवत: यह दो दिसंबर से शुरू हो जाएगा। उन्होंने इस कवायद को कष्टदायी लेकिन जरूरी कदम बताया है। इसके साथ ही मस्क ने अपने ट्वीट में यह भी स्पष्ट किया है कि यह सेवा शुरू करने से पहले सभी वेरिफाइड ट्विटर अकाउंट्स को फिर से सत्यापित किया जाएगा।

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मार्क जुकरबर्ग के इस्तीफे की खबर पर Meta ने कही ये बात

छंटनी को लेकर ‘मेटा’ के चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर मार्क जुकरबर्ग ने माफी भी मांगी, लेकिन अब मीडिया में खुद मार्क जुकरबर्ग के इस्तीफे की खबर फैली हुई है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 23 November, 2022
Last Modified:
Wednesday, 23 November, 2022
MarkZukerberg18788

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘फेसबुक’ (Facebook) की पैरेंट कंपनी मेटा (Meta) ने हाल ही में अपने 11,000 से ज्यादा एंप्लॉयीज को यह कहते हुए बाहर का रास्ता दिखाया कि पिछली तिमाही में कंपनी की कुल लागत में वृद्धि दर्ज करने के बाद कंपनी अब लागत में कटौती की दिशा में कदम उठा रही है। हालांकि इस छंटनी को लेकर ‘मेटा’ के चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर मार्क जुकरबर्ग ने माफी भी मांगी, लेकिन अब मीडिया में खुद मार्क जुकरबर्ग के इस्तीफे की खबर फैली हुई है।

इन खबरों की मानें तो मार्क जुकरबर्ग अगले साल यानी 2023 में इस्तीफा दे सकते हैं। कहा जा रहा है कि लगातार फेल हो रहे कंपनी के प्रोजेक्ट के बाद अब मेटा में बड़े बदलाव की तैयारी चल रही है।

‘द लीक’ नाम की वेबसाइट ने अपनी रिपोर्ट में मार्क जुकरबर्ग के कंपनी छोड़ने का दावा किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि मार्क जुकरबर्ग ने ‘मेटावर्स’   प्रोजेक्ट पर पानी की तरह पैसा बहाया, लेकिन इसके परिणाम सामने नहीं आ रहे हैं। इसके अतिरिक्त कंपनी को लगातार नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। मार्क जुकरबर्ग के VR प्रोजेक्ट का भी बाजार से कुछ खास रेस्पॉन्स नहीं मिल रहा है।

इस तरह की मीडिया रिपोर्ट्स के बीच, अब मार्क जुकरबर्ग के इस्तीफे की रिपोर्ट को मेटा ने खारिज कर दिया है। मेटा के कम्युनिकेशन डायरेक्टर एंडी स्टोन ने इस्तीफे की रिपोर्ट को अफवाह बताया और मीडिया गलियारों में फैलीं इन खबरों का खंडन किया। उन्होंने कहा कि अगले साल मार्क जुकरबर्ग के सीईओ पद से हटने की खबरें झूठी हैं।


 

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Meta इंडिया में यह बड़ी जिम्मेदारी निभाएंगी संध्या देवनाथन

वह एक जनवरी 2023 को अपनी जिम्मेदारी संभालेंगी और मेटा (एशिया पैसिफिक) के वाइस प्रेजिडेंट डैन नियरी को रिपोर्ट करेंगी और एशिया पैसिफिक की लीडरशिप टीम के साथ मिलकर काम करेंगी।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 17 November, 2022
Last Modified:
Thursday, 17 November, 2022
Sandhya Devanathan

‘फेसबुक’ (Facebook) की पैरेंट कंपनी ‘मेटा’ (Meta) ने संध्या देवनाथन को ‘मेटा इंडिया’ (Meta India) का वाइस प्रेजिडेंट नियुक्त करने की घोषणा की है। अपनी इस भूमिका में देवनाथन ‘मेटा’ के बिजनेस और भारत के प्रति प्रतिबद्धता के दीर्घकालिक विकास की दिशा में काम करते हुए कंपनी के पार्टनर्स और क्लाइंट्स की सेवा करने के लिए बिजनेस और राजस्व से जुड़ी प्राथमिकताओं को एक साथ लाने पर ध्यान केंद्रित करेंगी।

वह एक जनवरी 2023 को अपनी जिम्मेदारी संभालेंगी और मेटा (एशिया पैसिफिक) के वाइस प्रेजिडेंट डैन नियरी (Dan Neary) को रिपोर्ट करेंगी और एशिया पैसिफिक की लीडरशिप टीम के साथ मिलकर काम करेंगी। वह भारतीय ऑर्गनाइजेशन और स्ट्रैटेजी का नेतृत्व करने के लिए यहां वापस आएंगी।

देवनाथन को वैश्विक स्तर पर बैंकिंग, पेमेंट्स और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में काम करने का करीब 22 साल का अनुभव है। उन्होंने वर्ष 2016 में मेटा में जॉइन किया था और सिंगापुर व वियतनाम बिजनेस को तैयार करने के साथ-साथ दक्षिण पूर्व एशिया में मेटा की ई-कॉमर्स पहलों को तैयार करने में अहम भूमिका निभाई। बाद में वह कंपनी की गेमिंग डिवीजन (एशिया पैसिफिक) में चली गईं। पूर्व में संध्या ‘Pepper Financial Services’ के ग्लोबल बोर्ड में भी अपनी भूमिका निभा चुकी हैं। 

इस पद पर संध्या देवनाथन की नियुक्ति के बारे में ‘मेटा’ की चीफ बिजनेस ऑफिसर Marne Levine का कहना है, भारत के लिए हमारे नए लीडर के रूप में संध्या का स्वागत करते हुए मुझे खुशी हो रही है। संध्या को बिजनेस को आगे, बेहतरीन टीम बनाने और मजूबत साझेदारी का काफी अनुभव है। हम भारत में उनके नेतृत्व में मेटा की निरंतर वृद्धि को लेकर रोमांचित हैं।’ 

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श्रद्धा हत्याकांड पर रुबिका लियाकत का छलका दर्द, देश की बेटियों से कही ये बात

एबीपी न्यूज की सीनियर एंकर रुबिका लियाकत ने कहा मेरी शिकायत तुमसे भी है प्यारी श्रद्धा, और एक हिदायत देश की हर एक बेटी को है जिसे लगता है वो अब बड़ी हो गई है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 17 November, 2022
Last Modified:
Thursday, 17 November, 2022
rubika54875

बहुचर्चित श्रद्धा वालकर हत्याकांड ने सबको हिलाकर रख दिया है। दिल्ली के छतरपुर में 28 वर्षीय आफताब अमीन पूनावाला ने अपनी लिव-इन पार्टनर 28 वर्षीय श्रद्धा वाकर की बेरहमी से हत्याकर हैवानियत की सारी हदें पार कर दी। आफताब ने ना सिर्फ उसकी हत्या की, बल्कि दो दिनों तक उसके शरीर के 35 टुकड़े किए। उन्हें फ्रिज में रखा और 18 दिनों तक शरीर के एक-एक टुकड़े को दिल्ली के महरौली के जंगल में जाकर फेंककर सबूत मिटाता रहा। मई में हुई निर्मम हत्या का रहस्य अब जाकर खुला है। आफताब ने पुलिस पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया है।

श्रद्धा वालकर ने अपने माता-पिता के साथ बगावत करके आफताब पूनावाला के साथ लिव इन रिलेशनशिप में रहने का फैसला किया था। उसके पिता ने उसे बार-बार समझाया था, लेकिन उसने अपने पिता से यही कहा कि वह 25 साल की है और अपना भला बुरा समझती है। उसने आफताब पूनावाला के लिए अपना घर छोड़ा था। इसी मामले में अब एबीपी न्यूज की सीनियर एंकर रुबिका लियाकत ने आरोपी आफताब के लिए फांसी की सजा की मांग की है। उन्होंने कहा मैं या एबीपी नेटवर्क ही नहीं बल्कि पूरा देश चाहता है कि आफताब को फांसी से भी ज्यादा कड़ी सजा होनी चाहिए।  

उन्होंने कहा कि मेरी शिकायत तुमसे भी है प्यारी श्रद्धा, क्योंकि जिन मां-बाप ने तुम्हें कलेजे से लगाकर रखा, जिनका जिगर का टुकड़ा थीं तुम, 25 साल तक जिनका हाथ पकड़कर तुम जिंदगी का हर लुत्फ उठाती रहीं, उनकी 25 साल की मोहब्बत को तुमने दरकिनार कर दिया। इस आफताब को तो जानें तुम्हें कुछ ही महीने ही हुए थे, इस आफताब से मोहब्बत हुए तुम्हें कुछ ही महीनें ही हुए थे, लेकिन फिर भी... बच्ची थीं तुम उनकी, अपने मां-बाप से लड़ती झगड़ती, जिद करती, उनका हाथ पकड़कर कहती कि जब तक आप नहीं मानेंगे, मैं आपका हाथ नहीं छोड़ूंगी, घर नहीं छोड़ूगी, लेकिन क्या तुमने ऐसा किया श्रद्धा। फिर जो इस लड़के ने तुम्हारे साथ किया, उसे सोच-सोचकर तो हमारा कलेजा कांपने लगता है। उन्होंने कहा कि मैं आज हर उस लड़की से ‘मास्टरस्ट्रोक’ के जरिए कहना चाहती हूं कि आप यदि ऐसा कोई कदम उठा रही हैं, तो पहले आप अपने मां-बाप की ओर देखना और फिर आज की स्टोरी को बार-बार देखना। इसलिए कदम वो मत उठाना जिससे इंसानियत कांप जाए।

 

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इस कंपनी संग नई पारी शुरू कर सकते हैं Meta इंडिया के पूर्व पब्लिक पॉलिसी हेड राजीव अग्रवाल

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राजीव अग्रवाल को इस दक्षिण कोरियाई कंपनी में यही पद दिया जा सकता है और वह दिसंबर में कार्यभार संभाल सकते हैं।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 17 November, 2022
Last Modified:
Thursday, 17 November, 2022
Rajiv Aggarwal

‘फेसबुक’ (Facebook) की पैरेंट कंपनी ‘मेटा’ (Meta) इंडिया के पूर्व पब्लिक पॉलिसी हेड राजीव अग्रवाल के बारे में खबर मिली है कि वह ‘सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी’ (Samsung Electronics Co) की लोकल यूनिट से अपनी नई पारी शुरू कर सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राजीव अग्रवाल को इस दक्षिण कोरियाई कंपनी में यही पद दिया जा सकता है।  

‘ब्लूमबर्ग’ (Bloomberg) की एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि राजीव अग्रवाल इस कंपनी में घरेलू नीति से जुड़े मामलों पर सरकारी अधिकारियों के साथ संपर्क करने और तालमेल बिठाने की जिम्मेदारी संभालेंगे। नाम न छापने की शर्त पर एक सूत्र ने बताया कि वह दिसंबर में कार्यभार संभालेंगे। हालांकि, सैमसंग ने अभी तक सार्वजनिक रूप से राजीव अग्रवाल की नियुक्ति की घोषणा नहीं की है।

मेटा द्वारा यह घोषणा किए जाने के ठीक एक दिन बाद यह खबर आई है कि राजीव अग्रवाल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। बता दें कि हाल ही में मेटा द्वारा दुनिया भर में अपने करीब 11000 एंप्लॉयीज को निकाले जाने की खबरें सामने आई हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, सोशल मीडिया क्षेत्र की यह दिग्गज कंपनी लागत में कमी के लिए यह कदम उठा रही है।

एंप्लॉयीज के लिए एक संदेश में कंपनी के चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर मार्क जुगरबर्ग कह चुके हैं कि वे कंपनी को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए खर्च में कटौती करने समेत कई अन्य अतिरिक्त कदम भी उठा रहे हैं।  

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WhatsApp इंडिया के हेड अभिजीत बोस ने दिया इस्तीफा

Meta इंडिया के पब्लिक पॉलिसी डायरेक्टर राजीव अग्रवाल ने भी छोड़ी कंपनी

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 16 November, 2022
Last Modified:
Wednesday, 16 November, 2022
Abhijit Bose

इंस्टैंट मैसेजिंग ऐप ‘वॉट्सऐप’ (WhatsApp) के इंडिया हेड़ अभिजीत बोस ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इसके साथ ही फेसबुक की पैरेंट कंपनी ‘मेटा’ (Meta) इंडिया के पब्लिक पॉलिसी हेड राजीव अग्रवाल ने भी कंपनी को अलविदा कह दिया है। वहीं, वॉट्सऐप इंडिया में पब्लिक पॉलिसी के डायरेक्टर शिवनाथ ठुकराल को भारत में सभी मेटा ब्रैंड्स के लिए डायरेक्टर (पब्लिक पॉलिसी) बनाया गया है। मेटा के प्रमुख ब्रैंड्स में वॉट्सऐप, फेसबुक और इंस्टाग्राम तीनों शामिल हैं।

‘लिंक्डइन’ पर अपने इस्तीफे की घोषणा करते हुए बोस ने लिखा है, ‘वॉट्सऐप में चार वर्षों के योगदान के बाद मैंने ‘मेटा‘ को अलविदा कहने का फैसला किया है। यह फैसला मेरे लिए आसान नहीं रहा है। वॉट्सऐप दुनिया के सबसे स्पेशल प्रॉडक्ट्स में से एक है और इसका एक छोटा सा हिस्सा होना मेरे लिए अनूठा अनुभव और सौभाग्य रहा है।’ इसके साथ ही उन्होंने लिखा है कि वह अपनी नई नौकरी को लेकर काफी उत्साहित हैं। बोस ने लिखा है, ‘एक छोटे से ब्रेक के बाद एंटरप्रिन्योरशिप की दुनिया में फिर से शामिल होने की मेरी योजना है।’

वॉट्सऐप के हेड विल कैथकार्ट (Will Cathcart) ने इस बारे में जारी एक स्टेटमेंट में कहा है, ‘मैं अभिजीत बोस को भारत में वॉट्सऐप के हमारे पहले हेड के रूप में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं। उनके प्रयासों ने हमारी टीम को नई सर्विसेज प्रदान करने में मदद की, जिससे लाखों लोगों और व्यवसायों को लाभ हुआ है।

भारत के लिए वॉट्सऐप और भी बहुत कुछ कर सकता है और हम भारत के डिजिटल परिवर्तन को आगे बढ़ाने में मदद करने के लिए उत्साहित हैं।’ इसके साथ ही कंपनी ने कहा है कि राजीव अग्रवाल ने नए अवसरों की तलाश के लिए इस्तीफा देने का फैसला लिया है।

बता दें कि यह इस्तीफे ऐसे समय में आए हैं, जब हाल ही में मेटा द्वारा दुनिया भर में अपने करीब 11000 एंप्लॉयीज को निकाले जाने की खबरें सामने आई हैं। इससे पहले इस महीने की शुरुआत में ‘मेटा’ इंडिया के कंट्री हेड अजीत मोहन भी अपने पद से इस्तीफा दे चुके हैं।

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Twitter और Meta के बाद अब ‘एमेजॉन’ के एंप्लॉयीज पर लटकी छंटनी की तलवार

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जानी-मानी यह ई-कॉमर्स कंपनी करीब दस हजार एंप्लॉयीज को जल्द बाहर का रास्ता दिखा सकती है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Tuesday, 15 November, 2022
Last Modified:
Tuesday, 15 November, 2022
Amazon

सोशल मीडिया क्षेत्र की दिग्गज कंपनियों ‘मेटा’ (Meta) और ‘ट्विटर’ (Twitter) में बड़े पैमाने पर छंटनी के बाद अब जानी-मानी ई-कॉमर्स कंपनी ‘एमेजॉन’ (Amazon) में तमाम एंप्लॉयीज की नौकरी पर खतरे की तलवार लटक गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी में जल्द ही करीब 10000 एंप्लॉयीज को बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है।  

बताया जाता है कि लाभ में बढ़ोतरी करने के लिए कंपनी कॉस्ट कटिंग यानी लागत में कटौती करने के साथ ही अन्य उपायों का भी सहारा ले रही है। कुछ यूनिट्स में एंप्लॉयीज को अन्य अवसरों की तलाश करने के लिए कहा गया है।

गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों में ‘मेटा’ और ‘ट्विटर’ में बड़े पैमाने पर एंप्लॉयीज को निकाले जाने की खबरें सामने आई हैं। ट्विटर में करीब 50 प्रतिशत एंप्लॉयीज को पिंक स्लिप दी गई है। इसके अलावा मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने भी पिछले दिनों वैश्विक स्तर पर करीब 11000 एंप्लॉयीज को नौकरी से निकाले जाने की बात कही थी।

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PIB ने की राहुल गांधी के इस ट्वीट की जांच, बताया फर्जी

‘प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो’ (PIB) ने रेलवे के प्राइवेटाइजेशन को लेकर 'भारत जोड़ो' यात्रा में जुटे राहुल गांधी द्वारा किए गए दावों को फर्जी करार दिया है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Monday, 14 November, 2022
Last Modified:
Monday, 14 November, 2022
rahulgandhi454875

‘प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो’ (PIB) ने रेलवे के प्राइवेटाइजेशन को लेकर 'भारत जोड़ो' यात्रा में जुटे राहुल गांधी द्वारा किए गए दावों को फर्जी करार दिया है। साथ ही साथ ही यह साफ कर दिया कि रेलवे ने अपनी किसी भी संपत्ति का निजीकरण नहीं किया है। दरअसल, राहुल गांधी ने एक वीडियो शेयर किया था, जिसमें कहा गया था कि भारतीय रेलवे ने 151 ट्रेनों का निजीकरण कर दिया है।

राहुल गांधी के इस दावे को लेकर ‘पीआईबी’ ने उनके एक ट्वीट का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए कहा, ‘एक ट्वीट में फर्जी दावा किया जा रहा है कि भारतीय रेलवे की 151 ट्रेनों, रेलवे संपत्ति, स्टेशनों और अस्पतालों का निजीकरण कर दिया गया है। ये दावे पूर्णतः फर्जी एवं तथ्यहीन हैं। रेल मंत्रालय अपनी किसी संपत्ति का निजीकरण नहीं कर रहा।’

दरअसल राहुल गांधी ने शनिवार को वीडियो शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा था, ‘भारतीय रेल देश को जोड़ती है। 12 लाख लोगों को रोजगार, 2.5 करोड़ देशवासियों की रोज सेवा करती है। प्रधानमंत्री जी, रेलवे देश की संपत्ति है, इसे निजीकरण नहीं, सशक्तिकरण की जरूरत है। बेचिए मत।’

राहुल ने यह ट्वीट भारत जोड़ो यात्रा के दौरन किया है। जारी किए गए वीडियो में राहुल तेलंगाना में नजर आ रहे हैं। राहुल गांधी ने जो वीडियो शेयर किया था, उसमें वह दक्षिण मध्य रेलवे कर्मचारी संघ के सदस्य भरणी भानु प्रसाद व अन्य लोगों से बातचीत करते दिख रहे हैं। इस वीडियो में रेलवे के निजीकरण को लेकर बात कही गई है।

 

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Meta ने 11000 से ज्यादा एंप्लॉयीज को नौकरी से निकाला

बता दें कि कुछ दिन पहले ही एक अन्य प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्विटर’ (Twitter) ने भी वैश्विक स्तर पर अपने करीब 50 प्रतिशत एंप्लॉयीज को बाहर का रास्ता दिखा दिया है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 09 November, 2022
Last Modified:
Wednesday, 09 November, 2022
Meta

लोकप्रिय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘फेसबुक’ (Facebook) की पैरेंट कंपनी मेटा (Meta) ने अपने 11000 से ज्यादा एंप्लॉयीज को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछली तिमाही में कंपनी की कुल लागत में वृद्धि दर्ज करने के बाद कंपनी लागत में कटौती की दिशा में कदम उठा रही है।

इस बारे में ‘मेटा’ के चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर मार्क जुकरबर्ग ने बुधवार को एक ब्लॉग पोस्ट कर कहा है, ‘आज मैं मेटा के इतिहास में किए गए कुछ सबसे कठिन बदलावों को शेयर कर रहा हूं। मैंने अपनी टीम के आकार को लगभग 13 प्रतिशत कम करने का फैसला किया है और 11,000 से अधिक प्रतिभाशाली एंप्लॉयीज को जाने देने का फैसला किया है।’

इसके अलावा जुकरबर्ग का यह भी कहना है, ‘हम कंपनी को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए खर्च में कटौती करने समेत कई अन्य अतिरिक्त कदम भी उठा रहे हैं।’

बता दें कि कुछ दिन पहले ही एक अन्य प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्विटर’ (Twitter) ने भी वैश्विक स्तर पर अपने करीब 50 प्रतिशत एंप्लॉयीज को नौकरी से निकाल दिया है। खरबपति बिजनेसमैन और अमेरिकी इलेक्ट्रिक कार कंपनी ‘टेस्ला’ (Tesla) के चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर (CEO) एलन मस्क (Elon Musk) ने ट्विटर को 44 अरब डॉलर में खरीदा है और इसके अधिग्रहण के बाद से ही लगातार इसमें तमाम बदलाव की कवायद की जा रही है।

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इस मामले में भी गूगल पर CCI की टेढ़ी नजर, लग सकता है तीसरी बार जुर्माना

गूगल (Google) को एक बार फिर तगड़ा झटका लग सकता है। गूगल इस मामले में भी भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (Competition Commission of India) की नजर में है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Monday, 07 November, 2022
Last Modified:
Monday, 07 November, 2022
Google

स्मार्ट टीवी मार्केट में अपने प्रभुत्व का कथित दुरुपयोग करने के मामले में गूगल (Google) को तगड़ा झटका लग सकता है। गूगल इस मामले में भी भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (Competition Commission of India) की नजर में है और यदि ऐसा होता है तो यह तीसरा मौका होगा, जब उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

प्रतिस्पर्धा आयोग यानी कि CCI ने पिछले साल जून में गूगल द्वारा स्मार्ट टीवी ओएस- Android TV के जरिए किए जा रहे मार्केट के कथित दुरुपयोग के मामले में जांच के आदेश दिए थे, जब दो ट्रस्टों के वकीलों द्वारा दायर एक शिकायत पर कार्रवाई करते हुए उसे प्रथम दृष्टया सबूत मिले थे। 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, CCI के डायरेक्टर जनरल ऑफिस ने इस मामले में अपनी जांच पूरी करके रिपोर्ट सबमिट कर दी है।

रिपोर्ट की मानें तो गूगल पर लगाए गए आरोपों की जांच की गई है। जांच में पाया गया है कि कि गूगल उन मैन्युफैक्चरर्स के लिए मार्केट ऐक्सेस को ब्लॉक कर देता है, जो उसके साथ लाइसेंसिंग समझौता नहीं करते हैं। गूगल के लाइसेंसिंग एग्रीमेंट के साथ समझौता करने वाले टीवी मैन्युफैक्चरर के प्रॉडक्ट्स में गूगल प्ले स्टोर प्री-इंस्टॉल्ड मिलता है। वहीं, गूगल के अनुबंध को न मानने वाले मैन्युफैक्चरर अपने टीवी में गूगल प्ले स्टोर की सर्विस नहीं ऑफर कर पाते।

CCI जल्द ही निर्णय प्रक्रिया के लिए रिपोर्ट लेगी, जहां गूगल को आरोपों का जवाब देने की अनुमति भी दी जाएगी।  

बता दें कि अक्टूबर महीने में एक हफ्ते के भीतर गूगल को लगातार दो बार आरोपों का सामना करना पड़ा और उसके खिलाफ कार्रवाई की भी की गई। पहले CCI की ओर से करीब 1338 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया गया था। यह कार्रवाई एंड्रॉयड मोबाइल उपकरण क्षेत्र में बाजार में अपनी मजबूत स्थिति का दुरुपयोग करने को लेकर की गई थी। इसके बाद CCI ने गूगल पर 936.44 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया, जोकि प्ले स्टोर नीतियों में अपनी दबदबे की स्थिति का दुरुपयोग करने के लिए लगाया गया। इस तरह, गूगल पर अक्टूबर महीने में 2300 करोड़ रुपए के करीब जुर्माना लगाया जा चुका है।

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