इस वजह से Google ने दी अपनी सर्च इंजन सर्विस बंद करने की चेतावनी

अमेरिका की दिग्गज टेक्नोलॉजी कंपनी ‘गूगल’ (Google) ने ऑस्ट्रेलिया सरकार के एक फैसले पर अपनी आपत्ति जताई है।

Last Modified:
Friday, 22 January, 2021
Google

अमेरिका की दिग्गज टेक्नोलॉजी कंपनी ‘गूगल’ (Google) ने ऑस्ट्रेलिया सरकार के उस फैसले पर आपत्ति जताई है, जिसमें टेक्नोलॉजी कंपनियों को अपनी रॉयल्टी न्यूज पब्लिशर्स के साथ शेयर करने की बात कही गई है। इसके साथ ही ‘गूगल’ ने चेतावनी दी है कि यदि ऑस्ट्रेलिया सरकार अपने फैसले पर अडिग रहती है तो वह देश में अपनी सर्च इंजन सर्विस को बंद कर सकती है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ऑस्ट्रेलिया सरकार गूगल, फेसबुक सहित कई टेक कंपनियों पर कानून ला रही है, जिसके तहत ये कंपनियां न्यूज पब्लिशर्स का कंटेंट दिखाकर जो कमाई कर रही हैं, उसमें से कुछ शेयर इन न्यूज पब्लिशर्स को देना होगा। ऑस्ट्रेलिया की सरकार के इस फैसले का तमाम टेक्नोलॉजी कंपनियां विरोध कर रही हैं।

गूगल का कहना है कि अगर इस तरह का कानून बन जाता है तो उसके पास ऑस्ट्रेलिया से अपनी सर्च इंजन सर्विस को वापस लेने के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा। हालांकि, ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन (Scott Morrison) का कहना है कि सरकार अपने फैसले पर अडिग है इस तरह की धमकियों पर प्रतिक्रिया नहीं देगी।

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PM नरेंद्र मोदी ने लॉन्च की 5जी सेवा, रजत शर्मा ने कुछ यूं दी देश को बधाई

5जी सेवा को लॉन्च करने से पहले पीएम मोदी ने दिल्ली के प्रगति मैदान में भारतीय मोबाइल कांग्रेस (आईएमसी) के छठे संस्करण का उद्घाटन किया।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Saturday, 01 October, 2022
Last Modified:
Saturday, 01 October, 2022
Journalist Rajat Sharma

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज भारत में 5जी सेवा को लॉन्च कर दिया है। अब देश में जल्द ही 4जी सेवा के दिन लदने वाले हैं और आगामी कुछ वर्षों में पूरे देश में 5जी सेवा उपलब्ध होगी। पीएम मोदी के 5जी लॉन्च करने के बाद आज से देश के 13 शहरों में 5जी सेवा शुरू हो गई है। भारत सरकार के टेलीकॉम मंत्रालय का लक्ष्य है कि आने वाले एक साल के अंदर पूरे देश में यह सेवा लागू हो। 

5जी इटरनेट सर्विस में 4G से दस गुना ज्यादा स्पीड मिलेगी, जिससे लोगों को इंटरनेट एक्सेस करने और मूवी, गेम्स, ऐप और अन्य जीजों को डाउनलोड करने में बहुत ही कम समय लगेगा। 5जी सेवा को लॉन्च करने से पहले पीएम मोदी ने दिल्ली के प्रगति मैदान में भारतीय मोबाइल कांग्रेस (आईएमसी) के छठे संस्करण का उद्घाटन किया। 

आज इस मौके पर 'इंडिया टीवी' के एडिटर-इन-चीफ और 'आप की अदालत' के होस्ट रजत शर्मा ने ट्वीट कर देशवासियों को बधाई दी है। उन्होंने ट्विटर पर लिखा, ' टेलीकॉम सेक्टर में #5G लॉन्च करने पर पीएम मोदी को बधाई। भारत आज तकनीकी क्रांति के एक नए युग में प्रवेश कर गया है। यह पीएम मोदी के 'आत्मनिर्भरता ' पर जोर के बिना संभव नहीं हो सकता था। एक भारत, श्रेष्ठ भारत। 

रजत शर्मा के द्वारा किए गए इस ट्वीट को आप यहां देख सकते हैं। 

 

 

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यूक्रेन से विवाद के बीच रूस की इस घोषणा पर ब्रजेश मिश्रा बोले, पर्दा हट गया है

यूक्रेन के चार हिस्सों- लुहांस्क, डोनेट्स्क, जैपोरिजिया और खेरसॉन में रूस के समर्थन वाले अलगाववादी नेता और अधिकारी लंबे समय से जनमत संग्रह की मांग कर रहे थे।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Saturday, 01 October, 2022
Last Modified:
Saturday, 01 October, 2022
Journalist Brajesh Mishra,

यूक्रेन और रूस के बीच महीनों भर से चल रहे विवाद ने दुनिया भर में हलचल पैदा की हुई है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने यूक्रेन के चार हिस्सों के रूस में विलय करने की घोषणा कर दी है। इसके साथ ही पुतिन ने चारों हिस्सों के लोगों को रूसी नागरिक करार दिया। 

आपको बता दे, यूक्रेन के चार हिस्सों- लुहांस्क, डोनेट्स्क, जैपोरिजिया और खेरसॉन में रूस के समर्थन वाले अलगाववादी नेता और अधिकारी लंबे समय से जनमत संग्रह की मांग कर रहे थे। इसी बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा है कि उनका देश नाटो की सदस्या के लिए आवेदन करेगा। 

इस पूरे घटनाक्रम पर वरिष्ठ पत्रकार और भारत समाचार के एडिटर-इन-चीफ ब्रजेश मिश्रा ने ट्वीट कर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने ट्वीट कर लिखा, 'बेहिसाब ताकत, तानाशाही को जन्म देती है। पुतिन उसके नए प्रतीक हैं। रूस ने एक तरह से पश्चिम के खिलाफ युद्ध का ऐलान कर दिया है। यूक्रेन के चार बड़े राज्यों पर सैन्य कब्जा करके उसे रूस का हिस्सा घोषित कर दिया। यूक्रेन ने नाटो मेंबरशिप अप्लाई कर दी है। पर्दा हट गया है। युद्ध भीषण होगा। 

उनके द्वारा किए गए इस ट्वीट को आप यहां देख सकते हैं।

 

 

 

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सीएम केजरीवाल ने जताई राघव चड्‌ढा की गिरफ्तारी की आशंका, आलोक मेहता ने यूं साधा निशाना

वर्तमान में राघव राज्यसभा सदस्य हैं और गुजरात चुनाव के मद्देनजर ताबड़तोड़ प्रचार कर रहे हैं।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Saturday, 01 October, 2022
Last Modified:
Saturday, 01 October, 2022
Journalist Alok Mehta

आम आदमी पार्टी के मुखिया और दिल्ली के सीएम केजरीवाल ने एक बार फिर केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगा दिए हैं। केजरीवाल के अनुसार, उनकी पार्टी के राज्यसभा सदस्य राघव चड्‌ढा को केंद्र सरकार गिरफ्तार करवा सकती है। वर्तमान में राघव राज्यसभा सदस्य हैं और गुजरात चुनाव के मद्देनजर ताबड़तोड़ प्रचार कर रहे हैं। 

सीएम केजरीवाल ने उनकी गिरफ्तारी की आशंका को भी आगामी गुजरात विधानसभा चुनाव से जोड़ा है। केजरीवाल ने एक ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा कि पार्टी ने राघव चड्‌ढा को गुजरात का सह-प्रभारी बनाया है और उन्होंने गुजरात में चुनाव प्रचार के लिए जाना शुरू कर दिया है। अब सुन रहे हैं कि राघव चड्‌ढा को यह लोग गिरफ्तार करेंगे। किस केस में करेंगे? क्या आरोप होंगे? यह अभी वे लोग बना रहे हैं।

उनके इस ट्वीट पर वरिष्ठ पत्रकार आलोक मेहता ने ट्वीट कर निशाना साधा है। उन्होंने अपने ट्विटर पर लिखा, 'कुछ नेताओं को गिरफ्तारी का भय क्यों बना रहता है? रोज सड़क पर रुदन करते हैं- हमें या हमारे प्रिय साथी को पकड़ने वाले हैं। यदि अपराध नहीं किया, रिश्वत-कमीशन से काला धन नहीं कमाया तो कैसे गिरफ्तारी होगी? हुई तो कुछ घंटे में अदालत से मुक्ति और पकड़ने वाले दंडित।

अलोक मेहता के द्वारा किए गए इस ट्वीट को आप यहां देख सकते हैं-

 

 

 

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दिग्विजय सिंह नहीं लड़ेंगे अध्यक्ष पद का चुनाव, राहुल कंवल ने खोला ये राज

कर्नाटक के कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे को जिस तरह से बड़े नेताओं का साथ मिल रहा है, उससे स्पष्ट है कि वो आसानी से चुनाव जीत जाएंगे।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Friday, 30 September, 2022
Last Modified:
Friday, 30 September, 2022
Journalist Rahul Kanwal

कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव को लेकर अब तस्वीर साफ होती जा रही है। दरअसल आज कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने अचानक से चुनाव नहीं लड़ने का निर्णय लिया है। उनकी जगह अब कर्नाटक के दलित नेता, सदन में कांग्रेस के चेहरे मल्लिकार्जुन खड़गे चुनाव लड़ेंगे। मल्लिकार्जुन खड़गे को सीनियर नेताओं का लगातार समर्थन मिल रहा है, दिग्विजय सिंह के नामांकन न दाखिल करने के बाद अब अशोक गहलोत भी उनके समर्थन में आ गए हैं। 

कांग्रेस अध्यक्ष पद को लेकर अब मल्लिकार्जुन खड़गे और शशि थरूर के बीच मुकाबला है और ऐसा माना जा रहा है कि मल्लिकार्जुन खड़गे का अगला कांग्रेस अध्यक्ष बनना तय है। कर्नाटक के कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे को जिस तरह से बड़े नेताओं का साथ मिल रहा है उससे स्पष्ट है कि वो आसानी से चुनाव जीत जाएंगे। 

दिग्विजय सिंह के अचानक चुनाव से बाहर हो जाने के बाद लोग तमाम कयास लगा रहे हैं। इसी मुद्दे पर 'इंडिया टुडे' के सीनियर एंकर राहुल कंवल ने भी अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की है।

उन्होंने ट्विटर पर लिखा, 'गहलोत के विश्वासघात के बाद, गांधी परिवार दिग्विजय जैसे स्वतंत्र विचार वाले व्यक्ति पर कांग्रेस अध्यक्ष बनने के लिए भरोसा नहीं कर सकता है। उनके पास इतना मजबूत व्यक्तित्व है कि 10 जनपथ या 12 तुगलक द्वारा रिमोट से नियंत्रित नहीं किया जा सकता है। इसलिए गांधी परिवार एक 80 वर्षीय वफादार पर भरोसा दिखा रहा है। '

राहुल कंवल के द्वारा किए गए इस ट्वीट को आप यहां देख सकते हैं-

 

 

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कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव नहीं लड़ेंगे सीएम गहलोत, राणा यशवंत ने कही ये बड़ी बात

इस पूरे घटनाक्रम को लेकर सीएम गहलोत सोनिया गांधी से मिले और उनसे माफी भी मांगी है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Friday, 30 September, 2022
Last Modified:
Friday, 30 September, 2022
Journalist Rana Yashwant,

राजनीति को संभावनाओं का खेल ऐसे ही नहीं कहा जाता है, वर्तमान में राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत पर ये पंक्ति सटीक बैठ रही है। दरअसल एक सप्ताह पहले तक उनका कांग्रेस अध्यक्ष बनना तय माना जा रहा था। वर्तमान कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की वह पहली पसंद थे, लेकिन राजस्थान में गहलोत समर्थक विधायकों ने सचिन पायलट को लेकर बयानबाजी की उससे सीएम गहलोत की छवि को नुकसान पहुंचा है। 

अध्यक्ष पद के चुनाव से पहले कांग्रेस राज्य में सीएम बदलना चाहती थी, लेकिन उसी शाम कांग्रेस के 92 विधायकों ने स्पीकर को अपना इस्तीफा दे दिया और विधायक दल की बैठक रद्द हो गई। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर सीएम गहलोत सोनिया गांधी से मिले और उनसे माफी भी मांगी। इसी बीच उन्होंने ऐलान किया कि वह अब कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव नहीं लड़ने वाले हैं। 

इस पूरे सियासी घटनाक्रम पर 'इंडिया न्यूज' के मैनेजिंग एडिटर और वरिष्ठ पत्रकार राणा यशवंत ने ट्वीट कर अपनी राय व्यक्त की है। उन्होंने ट्विटर पर लिखा, अशोक गहलोत ने दिया तो शह था, लेकिन हो गई मात। बिसात पर चाल को सामने वाले की दो चाल सोचकर ही चली जाती है, मगर सामने वाला कभी-कभी बहुत आगे की सोचकर तैयार बैठा रहता है। एक ही चाल में गेम ओवर हो जाता है और यही हुआ। 

राणा यशवंत के द्वारा किए गए इस ट्वीट को आप यहां देख सकते हैं-

 

 

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तीसरे मोर्चे की कवायद शुरू, अभिषेक उपाध्याय ने मायावती को लेकर कही ये बड़ी बात

इस समय बंगाल की सीएम ममता बनर्जी और बिहार के सीएम नीतीश कुमार तीसरे मोर्चे के गठन की कवायद करने में जुटे हुए हैं।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Friday, 30 September, 2022
Last Modified:
Friday, 30 September, 2022
Abhishek Upadhyay

देश में अभी आम चुनाव में काफी समय बाकी है, लेकिन विपक्षी दल अभी से मोदी सरकार को हटाने की योजना पर काम कर रहे हैं। इस समय बीजेपी सबसे मजबूत पार्टी है और बीजेपी गठबंधन साल 2014 से ही सत्ता में विराजमान है। देश के सबसे बड़े राज्य यूपी में भी इस समय बीजेपी अजेय है और खुद पीएम मोदी बनारस से सांसद हैं। 

इस समय बंगाल की सीएम ममता बनर्जी और बिहार के सीएम नीतीश कुमार तीसरे मोर्चे के गठन की कवायद करने में जुटे हुए हैं। हालांकि इतने दलों के लोगों को वह कैसे एक मंच पर लाएंगे ये बड़ा सवाल है! दूसरी और देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस ने अभी तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं। कांग्रेस के मुताबिक उनके सहयोग के बिना मोदी सरकार को हटाना असंभव है, लेकिन वह बाकी दलों को कैसे संतुष्ट करेगी, इस पर अभी संशय बना हुआ है। 

इस पूरी कवायद पर एबीपी न्यूज के वरिष्ठ पत्रकार अभिषेक उपाध्याय ने एक ट्वीट कर अपनी राय व्यक्त की है। उन्होंने लिखा, 'विपक्षी दलों में आज भी बसपा सुप्रीमो बहन मायावती से बड़ा विनिंग कॉम्बिनेशन किसी के पास नहीं।  दलित+मुस्लिम+ब्राह्मण का उनका ब्रह्मास्त्र किसी भी राजनीतिक समीकरण की चूलें हिला सकता है। सवाल सिर्फ ये है कि आखिर बहन जी इतनी खामोश क्यों हैं? 

अभिषेक उपाध्याय के द्वारा किए गए इस ट्वीट को आप यहां देख सकते हैं-

 

 

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अध्यक्ष पद का चुनाव नहीं लड़ेंगे सीएम गहलोत, सुधीर चौधरी ने उठाया ये बड़ा सवाल

राजस्थान में सचिन पायलट को सीएम बनाने की चर्चाओं के बीच राजस्‍थान के 92 विधायकों के इस्‍तीफे हो गए थे।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Friday, 30 September, 2022
Last Modified:
Friday, 30 September, 2022
Sudhir Chowdhary

राजस्थान की राजनीति हर दिन नए मोड़ लेती जा रही है। वर्तमान सीएम अशोक गहलोत ने दिल्ली आकर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मीटिंग कर बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि वो अब कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव नहीं लड़ने वाले हैं। इसके अलावा राजस्‍थान के सीएम ने कहा कि विधायक दल की बैठक नहीं होने के संदर्भ में उन्होंने सोनिया गांधी से माफी भी मांगी है। 

दरअसल राजस्थान में सचिन पायलट को सीएम बनाने की चर्चाओं के बीच राजस्‍थान के 92 विधायकों के इस्‍तीफे हो गए थे। वह हर हाल में सचिन पायलट को सीएम बनते हुए नहीं देखना चाहते, वहीं सचिन पायलट ने भी सोनिया गांधी से मुलाकात कर अपनी बात उनके सामने रखी है। 

इस पूरे घटनाक्रम पर हिंदी न्यूज चैनल 'आजतक' के सलाहकार संपादक व प्राइम टाइम एंकर सुधीर चौधरी ने भी एक ट्वीट किया है, जो चर्चा में है। उन्होंने अपने ट्विटर पर लिखा, 'राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने निर्णय लिया है कि वह अध्यक्ष पद का चुनाव नहीं लड़ेंगे, लेकिन सीएम बने रहेंगे। आगे सुधीर चौधरी ने सवाल खड़ा करते हुए पूछा की वह सीएम आखिरकार कब तक बने रहेंगे? '

सुधीर चौधरी के द्वारा किए गए इस ट्वीट को आप यहां देख सकते हैं- 

 

 

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बार-बार याचिका दायर करने पर दिल्ली HC ने फेसबुक को लगायी फटकार

इस मामले में फेसबुक की याचिका तीसरी बार खारिज हुई है। न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा ने फटकार लगाते हुए कहा कि ‘मुकदमा दायर करने के अवसरों’ का कुछ अंत होना चाहिए।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 29 September, 2022
Last Modified:
Thursday, 29 September, 2022
Delhi HC

दिल्ली हाई कोर्ट ने फेसबुक इंडिया की उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) द्वारा अपनी कंपनी वॉट्सऐप की 2021 की निजता नीति (प्राइवेसी पॉलिसी) की जांच के आदेश को रद्द करने की मांग की थी।

बता दें कि इस मामले में कंपनी की याचिका तीसरी बार खारिज हुई है। न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा ने फटकार लगाते हुए और यह कहते हुए याचिका को खारिज कर दिया कि ‘मुकदमा दायर करने के अवसरों’ का कुछ अंत होना चाहिए।

फेसबुक इंडिया ने अगस्त में हाई कोर्ट की एक खंडपीठ द्वारा संबंधित मामले में अपील को खारिज करने के बाद एकल न्यायाधीश की पीठ का रुख किया था।

खंडपीठ ने 25 अगस्त को वॉट्सऐप और फेसबुक की उन अपीलों को खारिज कर दिया था, जो सीसीआई के आदेश से की जा रही जांच को चुनौती देने के अनुरोध को खारिज करने विरोध में दायर की गई थी।

इस मामले की ताजा सुनवाई में न्यायमूर्ति वर्मा ने कहा कि सीसीआई जांच को चुनौती देने वाली फेसबुक इंक की याचिका को खंडपीठ पहले ही खारिज कर चुकी है।

हाई कोर्ट ने याचिका निरस्त करते कहा, ‘आप अब अचानक उठे और आदेश को चुनौती दें रहे हैं। अब बहुत हो गया है। ‘मुकदमेबाजी के लिए अवसरों’ का कुछ अंत होना चाहिए।’

पिछले साल अप्रैल में, हाई कोर्ट की एकल न्यायाधीश की पीठ ने सीसीआई द्वारा निर्देशित जांच को रोकने से इनकार कर दिया था और वॉट्सऐप और फेसबुक (अब ‘मेटा’) की याचिका खारिज कर दी थी।

जनवरी 2021 में वॉट्सऐप की नई निजता नीति (प्राइवेसी पॉलिसी) की सीसीआई ने जांच की घोषणा की थी और कहा था कि इस नीति के जरिए वॉट्सऐप यूजर्स का ऐसा डेटा जमा कर सकता है, जिसका उपयोग भारत में बाजार की स्वतंत्र प्रतिस्पर्धा को नुकसान पहुंचाने में हो सकता है।

इस पर वॉट्सऐप का कहना था कि सीसीआई यह जांच नहीं कर सकता, नीति भी अभी लागू नहीं की जा रही है। इसके लिए भारत का डेटा संरक्षण कानून बनने और संबंधित मामलों में सुप्रीम कोर्ट व हाई कोर्ट के आदेशों का इंतजार किया जाएगा।

फेसबुक का तर्क था कि यह जांच सीसीआई का क्षेत्र नहीं है, भले ही उसे कंपनियों के खिलाफ कोई ठोस सामग्री प्रथम दृष्टया मिली हो।

सीसीआई का पक्ष था कि वह कंपनी की निजता नीति की नहीं, बल्कि वॉट्सऐप व फेसबुक द्वारा यूजर्स की जानकारियों को स्वतंत्र प्रतिस्पर्धा को प्रभावित करने के आरोपों की जांच कर रहा है।

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गूगल इंडिया में पब्लिक पॉलिसी की हेड अर्चना गुलाटी ने दिया इस्तीफा

दिग्गज टेक कंपनी गूगल इंडिया में पब्लिक पॉलिसी की हेड अर्चना गुलाटी ने यहां जॉइनिंग के पांच महीने बाद ही कथित तौर पर इस्तीफा दे दिया है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Tuesday, 27 September, 2022
Last Modified:
Tuesday, 27 September, 2022
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दिग्गज टेक कंपनी गूगल इंडिया में पब्लिक पॉलिसी की हेड अर्चना गुलाटी ने यहां जॉइनिंग के पांच महीने बाद ही कथित तौर पर इस्तीफा दे दिया है। फिलहाल उनके इस्तीफे के कारणों का तत्काल पता नहीं चल पाया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अर्चना गुलाटी का यह इस्तीफा ऐसे समय में आया है, जब गूगल के खिलाफ दो मामलों में कॉम्पिटीशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) का फैसला आने वाला है।

अर्चना गुलाटी का यह इस्तीफा ऐसे समय में समय गूगल के खिलाफ दो मामलों में कॉम्पिटीशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) का फैसला आने वाला है। गूगल भारत में कई अविश्वास के मामलों और टेक सेक्टर से जुड़े सख्त नियमों का सामना कर रहा है। इस समय CCI की स्मार्ट टीवी मार्केट में गूगल के कारोबार करने के तरीके, इसके एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम और साथ ही इसके इन-ऐप पेमेंट सिस्टम पर कड़ी नजर है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गूगल के खिलाफ कम से दो मामलों में CCI जल्द फैसला सुनाने वाली है।

गूगल में आने से पहले वह लंबे समय तक भारत सरकार की कर्मचारी थीं।  गुलाटी इससे पहले केंद्र सरकार के थिंक-टैंक कहे जाने वाले नीति आयोग में काम करती थीं। मार्च 2021 तक नीति आयोग में वह डिजिटल कम्युनिकेशंस की जॉइंट सेक्रेटरी के तौर पर काम कर रही थीं। वह भारतीय सिविल सेवा के 1989 बैच की अधिकारी हैं और अब रिटायर हो चुकीं हैं। 

इससे पहले वह 2014 से 2016 के बीच, कॉम्पिटीशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) के मर्जर एंड एक्विजिशन डिपार्टमेंट में सीनियर ऑफिशियल के रूप में सेवाएं दे रही थीं।

गूगल सहित कई बड़ी टेक कंपनियों ने हाल में भारत सरकार के कई पूर्व-अधिकारियों को हायर किया है। दरअसल टेक कंपनियां इस समय केंद्र सरकार कड़े डेटा और प्राइवेसी नियमों के साथ-साथ CCI की जांच का भी सामना कर रही हैं, लिहाजा इतने नाजुक मौके पर गूगल की इंडिया पॉलिसी हेड का इस्तीफा कंपनी के लिए बड़ा झटका माना जा सकता है। 

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कांग्रेस में चल रही उठापटक पर मिलिंद खांडेकर का सवाल-गहलोत को ‘रेस’ से बाहर कौन कर रहा है?

पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी के बेहद करीबी माने जाने वाले सीएम अशोक गहलोत का कांग्रेस अध्यक्ष बनना तय माना जा रहा था।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Tuesday, 27 September, 2022
Last Modified:
Tuesday, 27 September, 2022
Milind Khandekar

कांग्रेस पार्टी आगामी अध्यक्ष पद के चुनाव से पहले राजस्थान में सीएम बदलना चाहती थी लेकिन पार्टी की इन कोशिशों को करारा धक्का लगा है। दरअसल पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी के बेहद करीबी माने जाने वाले सीएम अशोक गहलोत का कांग्रेस अध्यक्ष बनना तय माना जा रहा था। 

इसी कारण पार्टी ने राज्य में सीएम बदलने के लिए विधायक दल की बैठक का भी एलान किया लेकिन एक हाई वोल्टेज ड्रामे के बीच सीएम गहलोत का समर्थन कर रहे 90 से अधिक विधायकों के इस्तीफे हो गए। 

पार्टी आलाकमान ने इस पुरे घटनाक्रम को बेहद गंभीरता से लिया है और अब ये माना जा रहा है कि अशोक गहलोत अब शायद ही कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष बन पाएंगे। 

इस पुरे मसले पर वरिष्ठ पत्रकार और ‘तक चैनल्स‘ (इंडिया टुडे ग्रुप) के मैनेजिंग एडिटर मिलिंद खांडेकर ने एक ट्वीट कर बड़ा सवाल खड़ा किया है। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, ' वैसे गहलोत ने ख़ुद कहा था कि राहुल गांधी नहीं माने तो वो ख़ुद कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव लड़ेंगे. जयराम रमेश ने कहा कि कोई भी चुनाव लड़ सकता है फिर गहलोत को रेस से बाहर कौन कर रहा है या ये कोई और तय कर रहा है कि कौन कौन लड़ेगा?'

मिलिंद खांडेकर के द्वारा किए गए इस ट्वीट को आप यहां देख सकते है।

 

 

 

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