फेसबुक के चीफ मार्केटिंग ऑफिसर ने लिया ये बड़ा फैसला

दिग्गज सोशल मीडिया कंपनी ‘फेसबुक’ (Facebook) से एक बड़ी खबर निकलकर सामने आई है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Saturday, 22 August, 2020
Last Modified:
Saturday, 22 August, 2020
Facebook

दिग्गज सोशल मीडिया कंपनी ‘फेसबुक’ (Facebook) से एक बड़ी खबर निकलकर सामने आई है। खबर ये है कि कंपनी के चीफ मार्केटिंग ऑफिसर ‘एंटोनियो लुसियो’ (Antonio Lucio) अगले महीने अपना पद छोड़ रहे हैं। वह करीब दो साल से इस कंपनी के साथ थे। लुसियो ने घोषणा की है कि वह विविधता, इक्विटी और समावेश पहल पर ध्यान केंद्रित करते हुए अपने करियर को आगे बढ़ाने की योजना बना रहे हैं।

बताया जाता है कि फेसबुक में 18 सितंबर उनका आखिरी दिन होगा। अपनी एक पोस्ट में उन्होंने घोषणा की है कि इस पद पर किसी उपयुक्त व्यक्ति की तलाश करने के लिए वह इस साल के अंत तक फेसबुक के साथ काम करेंगे।  

अपनी पोस्ट में उन्होंने लिखा है, ‘मैंने अपना पूरा ध्यान विविधता, समावेश और इक्विटी के लिए समर्पित करने का फैसला लिया है। हालांकि ये मुद्दे कई वर्षों से मेरे व्यक्तिगत उद्देश्यों के लिए महत्वपूर्ण रहे हैं और मेरे काम का अहम हिस्सा रहे हैं। अब मैं उन पर अपना पूरा ध्यान केंद्रित करना चाहता हूं।’

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Twitter के नोटिस के बाद कार्टूनिस्ट मंजुल के खिलाफ नेटवर्क18 ने लिया ये एक्शन!

मंजुल को चार जून को ट्विटर ने सूचित किया था कि भारतीय कानूनों के 'उल्लंघन' के लिए उनका ट्विटर अकाउंट जांच के दायरे में आ गया है

Last Modified:
Friday, 11 June, 2021
Cartoonist Manjul

पॉलिटिकल कार्टूनिस्ट मंजुल को ‘नेटवर्क18’ (Network18) से कथित रूप से निलंबित कर दिया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मंजुल को ट्विटर द्वारा एक नोटिस मिलने के बाद यह कदम उठाया गया है। बताया जाता है कि मंजुल को चार जून को ट्विटर ने सूचित किया था कि भारतीय कानूनों के 'उल्लंघन' के लिए उनका ट्विटर अकाउंट जांच के दायरे में आ गया है।

मंजुल को भेजे अपने नोटिस में ट्विटर द्वारा कहा गया था कि ‘भारतीय कानून प्रवर्तन’ (Indian law enforcement) द्वारा उनके (मंजुल के) ट्विटर अकाउंट के खिलाफ कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो नेटवर्क18 द्वारा मंजुल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यहां वह करीब छह साल से कॉन्ट्रैक्ट आधार पर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे। ट्विटर का नोटिस मिलने के बाद से  कार्टूनिस्ट को सोशल मीडिया पर भारी समर्थन मिल रहा है। यहां तक ​​कि अन्य कार्टूनिस्टों ने भी उनके प्रति एकजुटता व्यक्त की है।

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नए IT नियमों का पालन करने के लिए ट्विटर ने सरकार से मांगा समय, दिया ये हवाला

ऑनलाइन सोशल नेटवर्किंग साइट ट्विटर ने नए सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) नियमों का पालन करने के लिए सरकार से और समय मांगा है।

Last Modified:
Tuesday, 08 June, 2021
Twitter

ऑनलाइन सोशल नेटवर्किंग साइट ट्विटर ने नए सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) नियमों का पालन करने के लिए सरकार से और समय मांगा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्विटर ने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) को पत्र लिखकर कहा कि वह नियमों का पालन करने का इरादा रखती है, लेकिन भारत में महामारी की स्थिति के कारण उसे अधिक समय की जरूरत है।

वहीं, इससे पहले इससे ट्विटर प्रवक्ता ने दोहराया था कि माइक्रोब्लॉगिंग साइट भारत के लिए प्रतिबद्ध है और बनी रहेगी। प्रवक्ता ने कहा था, ‘हमने भारत सरकार को आश्वासन दिया है कि ट्विटर नए दिशानिर्देशों का पालन करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है, और हमारी प्रगति का संक्षिप्त विवरण विधिवत रूप से साझा किया गया है। हम भारत सरकार के साथ अपनी सकारात्मक बातचीत जारी रखेंगे।’

बता दें कि ये प्रतिक्रिया तब आई है जब शनिवार को MeitY ने आईटी नियमों का पालन न करने पर ट्विटर को फटकार लगाई और स्पष्टीकरण मांगा। सोशल मीडिया दिग्गज को संबोधित पत्र में, मंत्रालय ने कहा था कि ट्विटर ने अपने मुख्य अनुपालन अधिकारी के बारे में सूचित नहीं किया है और यह भी कहा है कि ट्विटर द्वारा नामित निवासी शिकायत अधिकारी और नोडल संपर्क व्यक्ति ट्विटर इंक का कर्मचारी नहीं है और कंपनी का आधिकारिक पता भारत में एक कानूनी फर्म का है, जो कि नियमों के अनुसार नहीं है। इसके बाद, इसने चेतावनी दी कि अनुपालन नहीं किया तो इसके अनायास नतीजे होंगे, जिसमें ट्विटर एक मध्यस्थ के रूप में दायित्व से छूट खो देगा।

वहीं, मंत्रालय ने अपने नोटिस में यह भी कहा था कि ट्विटर द्वारा इन नियमों के अनुपालन नहीं किया जाना यह दर्शाता है कि इस माइक्रोब्लॉगिंग साइट में भारत के प्रति प्रतिबद्धता की कमी है और वह भारत के लोगों को अपने मंच पर सुरक्षित अनुभव प्रदान करने का प्रयास नहीं करना चाहती। 

मंत्रालय ने कहा था, भारत में करीब एक दशक से अधिक से परिचालन के बावजूद यह विश्वास करना मुश्किल है कि ट्विटर एक ऐसा तंत्र विकसित करने से कतराती रही है, जिससे भारत के लोगों को उसके मंच पर अपने मुद्दों के समयबद्ध और पारदर्शी व उचित प्रक्रिया से समाधान में मदद मिलती। 

गौरतलब है कि सरकार ने सोशल मीडिया कंपनियों के लिए नए आईटी नियमों की घोषणा की है। इस नए नियम के तहत ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप जैसे बड़े सोशल मीडिया मंचों को अतिरिक्त उपाय करने की जरूरत होगी। इसमें भारत में मुख्य अनुपालन अधिकारी, नोडल अधिकारी और शिकायत अधिकारी की नियुक्ति आदि शामिल हैं। 

प्रमुख सोशल मीडिया मंचों को नए नियमों के अनुपालन के लिए तीन महीने का समय दिया गया था। इस श्रेणी में उन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को रखा जाता है, जिनके पंजीकृत उपयोगकर्ताओं की संख्या 50 लाख से अधिक है। मंत्रालय ने ट्विटर को भेजे गए नोटिस में यह भी कहा था कि ये नियम हालांकि 26 मई, 2021 से प्रभावी हैं, लेकिन सद्भावना के तहत टि्वटर इंक को एक आखिरी नोटिस के जरिए नियमों के अनुपालन का अवसर दिया जाता है। 

उसे तत्काल नियमों का अनुपालन करना है। यदि वह इसमें विफल रहती है, तो उसे एक मध्यम के रूप में दायित्व से जो छूट मिली है, वह वापस ले ली जाएगी। साथ ही उसे आईटी कानून और अन्य दंडात्मक प्रावधानों के तहत कार्रवाई के लिए तैयार रहना होगा। नोटिस में हालांकि यह नहीं बताया गया था कि ट्विटर को इन नियमों का अनुपालन कब तक करना है।

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अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कुछ यूं 'पंख' फैलाएगा KOO

हाल ही में इस माइक्रोब्लॉगिंग साइट ने सीरीज बी फंडिंग के तहत 30 मिलियन डॉलर जुटाए हैं।

Last Modified:
Monday, 07 June, 2021
KOO

अफ्रीकी देश नाइजीरिया में ‘ट्विटर’ (Twitter) पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद इंडियन माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म ‘कू’ (Koo) वहां पर अपने पंख फैलाने की तैयारी में है। बता दें कि नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए नाइजीरिया के राष्ट्रपति मुहम्मदु बुहारी (Muhammadu Buhari) के एक ट्वीट को डिलीट किए जाने के बाद ट्विटर को वहां पर प्रतिबंधित कर दिया गया है।  

इस बारे में ‘कू’ के को-फाउंडर और सीईओ अप्रमेय राधाकृष्ण (Aprameya Radhakrishna) ने एक ट्वीट में कहा है, ‘@kooindia नाइजीरिया में उपलब्ध है। हम वहां स्थानीय भाषा में भी इसे उपलब्ध कराने की सोच रहे हैं।‘

हाल ही में इस माइक्रोब्लॉगिंग साइट ने सीरीज बी फंडिंग के तहत 30 मिलियन डॉलर जुटाए हैं। अप्रमेय राधाकृष्ण (Aprameya Radhakrishna) और मयंक बिदावतका (Mayank Bidawatka) द्वारा स्थापित ‘कू’ के महज एक साल में छह मिलियन डाउनलोड्स हो चुके हैं। अप्रमेय राधाकृष्ण का कहना है, ‘हमारे पास अगले कुछ वर्षों में दुनिया के सबसे बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स में से एक में आगे बढ़ने की पुख्ता योजना है।’

वहीं, अपने खिलाफ कार्रवाई के जवाब में ट्विटर का कहना है, ‘नाइजीरिया में ट्विटर को प्रतिबंधित किए जाने को लेकर हम काफी चिंतित हैं। आधुनिक समाज में इंटरनेट का इस्तेमाल प्रमुख मानवाधिकार है। हम नाइजीरिया में उन सभी लोगों तक पहुंच बहाल करने के लिए काम करेंगे, जो दुनिया से संवाद करने और जुड़ने के लिए ट्विटर पर भरोसा करते हैं।‘

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KOO पर तेजी से बढ़ रही सुधीर चौधरी के फॉलोअर्स की संख्या, पार किया यह आंकड़ा

माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म ‘कू’ (Koo) पर ‘जी न्यूज’ के एडिटर-इन-चीफ सुधीर चौधरी के फॉलोअर्स की संख्या ने महज सौ दिनों में पांच लाख से ज्यादा का आंकड़ा पार कर लिया है।

Last Modified:
Wednesday, 02 June, 2021
KOO

इंडियन माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म ‘कू’ (Koo) का इस्तेमाल करने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। देश की तमाम बड़ी हस्तियां इससे जुड़ चुकी हैं और उनके फॉलोअर्स भी लगतार बढ़ते जा रहे हैं। इस प्लेटफॉर्म पर ‘जी न्यूज’ (Zee News) के एडिटर-इन-चीफ सुधीर चौधरी के फॉलोअर्स की संख्या ने महज सौ दिनों में पांच लाख से ज्यादा का आंकड़ा पार कर लिया है। सुधीर चौधरी ने इस ऐप को इस साल फरवरी में जॉइन किया था। हिंदी के साथ-साथ अंग्रेजी में भी उनकी फैन फॉलोइंग है।

सुधीर चौधरी इस ऐप पर न्यूज के साथ पर्सनल अपडेट्स भी शेयर करते रहते हैं। हाल ही में उन्होंने अस्पताल से घर जाने के दौरान भी पोस्ट शेयर की थी। बता दें कि पिछले दिनों सुधीर चौधरी कोरोनावायरस (कोविड-19) की चपेट में आ गए थे और अस्पताल में भर्ती थे।

इस बारे में ‘कू’ के को-फाउंडर अप्रमेय राधाकृष्ण (Aprameya Radhakrishna) का कहना है, ‘सुधीर चौधरी जी को ‘कू’ पर इतना प्यार मिलते देखना बहुत अच्छा लगता है। वह टीवी का जाना-माना चेहरा हैं और मुझे यकीन है कि उनके कई फॉलोअर्स यहां उनसे जुड़ना चाहेंगे। उन्होंने करीब 100 दिनों में ही पांच लाख फॉलोअर्स का आंकड़ा पार कर लिया है। ‘कू’ पर जिस गति से उनके फॉलोअर्स बढ़ रहे हैं, वह उनके दूसरे सोशल मीडिया से काफी ज्यादा हैं। मुझे यकीन है कि वह जल्द ही ‘कू’ पर उन रिकॉर्ड्स को तोड़ देंगे।‘

वहीं, ‘कू’ के एक अन्य को-फाउंडर मयंक बिदावतका (Mayank Bidawatka) का कहना है, ‘सुधीर जी वास्तव में लोगों से जुड़ना जानते हैं। इतनी जल्दी उनके फॉलोअर्स आधा मिलियन से ज्यादा हो गए हैं, यह देखना बहुत अच्छा है। वह कोविड से लड़ रहे हैं और आप देख सकते हैं कि जब उन्होंने अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बारे में पोस्ट की तो उन्हें लोगों का कितना प्यार मिला। सुधीर चौधरी के फॉलोअर्स उन्हें ‘कू’ पर शीघ्र स्वस्थ होने की कामना के संदेश भेज रहे हैं। हमें खुशी है कि हम ‘कू’ पर उन्हें उनके फॉलोअर्स तक पहुंचा रहे हैं। हम देश भर में हजारों प्रमुख हस्तियों को उनके फॉलोअर्स से जोड़ने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देंगे।‘

बता दें कि ‘कू’ भारतीय भाषाओं में एक माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म है, जिसे मार्च 2020 में शुरू किया गया है। इसे ट्वविटर के भारतीय विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है। इसे अप्रमेय राधाकृष्ण और मयंक बिदावतका ने डेवलप किया है। यहां देश के लोग अपनी मातृभाषा में अलग-अलग मुद्दों पर अपने व्यूज और ओपिनियन दे सकते हैं। पिछले साल अगस्त में इस ऐप को केंद्र सरकार द्वारा चलाए जा रहे आत्मनिर्भर इनोवेटिव ऐप का खिताब मिला था। गौरतलब है कि इस प्लेटफॉर्म पर पांच लाख से ज्यादा फॉलोअर्स जुटाने वालों की लिस्ट में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और प्रकाश जावड़ेकर का नाम भी शामिल है।

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दिल्ली HC ने ट्विटर को अपना पक्ष रखने का दिया निर्देश, नियमों को लेकर कही ये बात

दिल्ली हाई कोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए ट्विटर को नोटिस जारी किया है और अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है।

Last Modified:
Monday, 31 May, 2021
Twitter

दिल्ली हाई कोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए ट्विटर को नोटिस जारी किया है और अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है। हाई कोर्ट ने कहा है कि सभी को देश के नियम मानने ही होंगे।

कोर्ट ने कहा कि यदि डिजिटल मीडिया संबंधी नए सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) नियमों पर रोक नहीं लगाई गई है, तो ट्विटर को इनका पालन करना होगा। इस टिप्पणी के साथ ही जस्टिस रेखा पल्ली ने एडवोकेट अमित आचार्य की याचिका पर केंद्र और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर को नोटिस जारी कर उन्हें अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है।


एडवोकेट अमित आचार्य ने अपनी याचिका में दावा किया है कि ट्विटर ने नए नियमों का पालन नहीं किया है।

दूसरी ओर, ट्विटर ने अदालत के समक्ष दावा किया कि उसने नियमों का पालन किया है और एक शिकायत निवारण अधिकारी नियुक्त किया है, लेकिन केंद्र सरकार ने इस दावे को गलत ठहराया। अदालत ने कहा, ‘यदि इन (नियमों) पर रोक नहीं लगाई गई है, तो उन्हें इसका पालन करना होगा।’

 
आचार्य ने वकील आकाश वाजपेयी और मनीष कुमार के जरिए दर्ज कराई गई याचिका में कहा कि जब उन्होंने कुछ ट्वीट के बारे में शिकायत दर्ज करवाने का प्रयास किया, तब उन्हें सरकारी नियमों का अनुपालन कथित रूप से नहीं किए जाने के बारे में पता चला।

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कई सोशल मीडिया कंपनियों को नए IT नियम कबूल, Twitter अभी भी अड़ा

माइक्रोब्लॉगिंग साइट ने अनुपालन अधिकारी का विवरण आईटी मंत्रालय को नहीं भेजा है और एक वकील को शिकायत अधिकारी के रूप में नामित किया है

Last Modified:
Monday, 31 May, 2021
Social Media

सोशल मीडिया कंपनियों-‘फेसबुक‘,‘गूगल‘ और ‘वॉट्सऐप‘ ने सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यवर्ती दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 का पालन करना शुरू कर दिया है, जबकि माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ‘ट्विटर’  ने अभी तक 26 मई को लागू हुए नए दिशानिर्देशों का पालन नहीं किया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ‘ट्विटर‘ को छोड़कर ‘गूगल‘,‘फेसबुक‘ और ‘वॉट्सऐप‘ ने सरकार के नए सोशल मीडिया नियमों के तहत ‘इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय‘ (MeitY) के साथ अनुपालन रिपोर्ट (compliance reports) भी साझा कर दी है। हालांकि, ‘ट्विटर‘ ने अनुपालन अधिकारी का विवरण आईटी मंत्रालय को नहीं भेजा है और एक वकील को शिकायत अधिकारी के रूप में नामित किया है

बता दें कि 26 मई को केंद्र सरकार ने सभी प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से नई इंटरमीडियरी गाइडलाइंस और डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड (new Intermediary Guidelines and Digital Media Ethics Code)  के अनुपालन का विवरण साझा करने का अनुरोध किया था। वहीं, ‘गूगल’ और ‘फेसबुक’ ने कहा था कि वे नई गाइडलाइंस का अनुपालन करेंगे। फेसबुक का कहना है कि वह नए आईटी नियमों को लागू करने की दिशा में काम कर रहा है। वहीं, वॉट्सऐप ने नई गाइडलाइंस के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नई गाइडलाइंस में एक नियम का हवाला देते हुए वॉट्सऐप का कहना है कि यह यूजर्स की प्राइवेसी का उल्लंघन कर सकता है, क्योंकि यह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से सूचना के प्रथम स्रोत्र (first originator of information) की जानकारी देने की मांग करता है। नई गाइडलाइंस के मुताबिक सोशल मीडिया कंपनियों को उस यूजर्स की पहचान बतानी होगी, जिसने सबसे पहले किसी मैसेज को पोस्ट या शेयर किया है।

क्या हैं नए आईटी नियम?

21 फरवरी 2021 को सरकार सोशल मीडिया कंपनियों के लिए नई गाइडलाइन लेकर आई और इन्हें लागू करने के लिए 25 मई तक का समय दिया। इन नियमों के लिए 26 मई की समयसीमा तय की गई थी। हालांकि ट्विटर सहित कई सोशल मीडिया कंपनियों ने अभी तक नए नियमों का पालन नहीं किया है। नए नियमों के अनुसार, वॉट्सऐप और फेसबुक जैसी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिये भेजे और शेयर किए जाने वाले मैसेजेस के ओरिजनल सोर्स को ट्रैक करना जरूरी है। यानी यदि कोई फेक या गलत पोस्ट वायरल हो रही है तो सरकार कंपनी से उसके ऑरिजनेटर के बारे में पूछ सकती है और सोशल मीडिया कंपनियों को बताना होगा कि उस पोस्ट को सबसे पहले किसने शेयर किया था।

नए नियमों के अनुसार, सोशल मीडिया कंपनियों को किसी पोस्ट के लिए शिकायत मिलने पर उसके खिलाफ कार्रवाई करनी होगी। इसके लिए कंपनियों को तीन अधिकारियों (मुख्य अनुपालन अधिकारी, नोडल अधिकारी और शिकायत निवारण अधिकारी) को नियुक्त करना होगा। ये अधिकारी भारत के ही रहने वाले होने चाहिए और इनका कॉन्टेक्ट नंबर सोशल मीडिया वेबसाइट के अलावा ऐप पर होना अनिवार्य है, ताकि लोग आसानी से शिकायत कर सकें।

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Twitter को लगा झटका, इस मामले में दिल्ली हाई कोर्ट में दायर हुई याचिका

याचिका में कहा गया है कि ट्विटर को अपने वैधानिक और कार्यकारी कर्तव्यों का पालन करना चाहिए

Last Modified:
Saturday, 29 May, 2021
Twitter

सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यवर्ती दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 का पालन न करने पर माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ‘ट्विटर’ (Twitter) के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई है। सुप्रीम कोर्ट और दिल्ली उच्च न्यायालय के अधिवक्ता अमित आचार्य ने यह याचिका दायर की है। अपनी याचिका में आचार्य का कहना है कि ट्विटर को एक 'महत्वपूर्ण सोशल मीडिया मध्यस्थ' (significant social media intermediary) के रूप में अपने वैधानिक और कार्यकारी कर्तव्यों का पालन करना चाहिए।

ट्विटर ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए 'संभावित खतरे' पर चिंता जताते हुए कहा था कि नए आईटी नियमों में कुछ ऐसे तत्व हैं, जो मुक्त बातचीत को रोकते हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने यह कहकर पलटवार किया था कि इस तरह का स्टेटमेंट दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के लिए अपनी शर्तों को निर्धारित करने का एक प्रयास है।  अपने इस तरह के कार्यों और जानबूझकर अवज्ञा के माध्यम से  ट्विटर भारत की कानूनी व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास कर रहा है।

क्या हैं नए आईटी नियम?

नए आईटी नियमों (IT Rules) की वजह से सरकार और वॉट्सऐप के बीच विवाद चल रहा है। 21 फरवरी 2021 को सरकार सोशल मीडिया कंपनियों के लिए नई गाइडलाइन लेकर आई और इन्हें लागू करने के लिए 25 मई तक का समय दिया। इन नियमों के लिए 26 मई की समयसीमा तय की गई थी। हालांकि ट्विटर सहित कई सोशल मीडिया कंपनियों ने अभी तक नए नियमों का पालन नहीं किया है। नए नियमों के अनुसार, वॉट्सऐप और फेसबुक जैसी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिये भेजे और शेयर किए जाने वाले मैसेजेस के ओरिजनल सोर्स को ट्रैक करना जरूरी है। यानी यदि कोई फेक या गलत पोस्ट वायरल हो रही है तो सरकार कंपनी से उसके ऑरिजनेटर के बारे में पूछ सकती है और सोशल मीडिया कंपनियों को बताना होगा कि उस पोस्ट को सबसे पहले किसने शेयर किया था।

नए नियमों के अनुसार, सोशल मीडिया कंपनियों को किसी पोस्ट के लिए शिकायत मिलने पर उसके खिलाफ कार्रवाई करनी होगी। इसके लिए कंपनियों को तीन अधिकारियों (मुख्य अनुपालन अधिकारी, नोडल अधिकारी और शिकायत निवारण अधिकारी) को नियुक्त करना होगा। ये अधिकारी भारत के ही रहने वाले होने चाहिए और इनका कॉन्टेक्ट नंबर सोशल मीडिया वेबसाइट के अलावा ऐप पर होना अनिवार्य है, ताकि लोग आसानी से शिकायत कर सकें।

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नई गाइडलाइंस के खिलाफ दिल्ली HC पहुंचा Whatsapp, कही ये बात

फेसबुक के स्वामित्व वाले इंस्टैंट मैसेजिंग ऐप ‘वॉट्सऐप’ ने नई इंटरमीडियरी गाइडलाइंस और डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

Last Modified:
Wednesday, 26 May, 2021
Whatsapp

फेसबुक के स्वामित्व वाले इंस्टैंट मैसेजिंग ऐप ‘वॉट्सऐप’ (WhatsApp)  ने नई इंटरमीडियरी गाइडलाइंस और डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड (new Intermediary Guidelines and Digital Media Ethics Code) के खिलाफ कानूनी शिकायत दर्ज कराते हुए दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नई गाइडलाइंस में एक नियम का हवाला देते हुए वॉट्सऐप का कहना है कि यह यूजर्स की प्राइवेसी का उल्लंघन कर सकता है, क्योंकि यह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से सूचना के प्रथम स्रोत्र (first originator of information) की जानकारी देने की मांग करता है। नई गाइडलाइंस के मुताबिक सोशल मीडिया कंपनियों को उस यूजर्स की पहचान बतानी होगी, जिसने सबसे पहले किसी मैसेज को पोस्ट या शेयर किया है।

अपनी याचिका में वॉट्सऐप ने 26 मई से लागू होने वाली नई गाइडलाइंस पर रोक लगाने की मांग की है। इसके साथ ही वॉट्सऐप का यह भी कहना है कि वह सिर्फ उन लोगों के लिए नियमन चाहता है जो प्लेटफॉर्म का गलत इस्तेमाल करते हैं। वॉट्सऐप प्लेटफॉर्म एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड (end-to-end encrypted) है, इसलिए कानून का पालन करने के लिए वॉट्सऐप को इस एन्क्रिप्शन का उल्लंघन करना पड़ेगा। ऐसे में वॉट्सऐप यूजर्स की प्राइवेसी खतरे में आ जाएगी।

बता दें कि भारत सरकार की नई आईटी गाइडलाइंस को 25 फरवरी 2021 को पेश किया गया था। इन नियमों का उद्देश्य देश में डिजिटल संस्थाओं के लिए समान अवसर उपलब्ध कराना है। प्लेटफार्म्स को दिशानिर्देशों का पालन करने के लिए तीन महीने का समय दिया गया था, वहीं नियम न मानने पर सरकार की ओर से कार्रवाई की बात कही गई थी। यह डेडलाइन 26 मई को खत्म हो रही है। सरकार की नई सोशल मीडिया गाइडलाइंस में साफ लिखा गया है कि देश में सोशल मीडिया कंपनियों को कारोबार की छूट है, लेकिन इस प्लेटफॉर्म के हो रहे दुरुपयोग को रोकना जरूरी है। 

नए नियमों में सोशल मीडिया कंपनियों को कोई भी कंटेंट या मैसेज सबसे पहले कहां से जारी किया गया, इसकी पहचान करने की जरूरत होती है, जब भी इस बारे में जानकारी मांगी जाए। नए नियम के अनुसार भारत में 50 लाख से ज्यादा यूजर वाले किसी भी सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म को यूजर्स की शिकायत सुनने और निवारण के लिए कम से कम तीन अधिकारियों को नियुक्त करना होगा। नए नियम लागू होने के बाद इन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर पोस्ट किए गए किसी भी कंटेंट से अगर किसी यूजर को आपत्ति है, तो वह इसकी शिकायत कर सकेंगे।

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कोरोना को लेकर गलत सूचना के प्रसार को रोकने के लिए सरकार ने उठाया यह कदम

देश में कोरोनावायरस (कोविड-19) जमकर कहर बरपा रहा है। यह वायरस अब तक तमाम लोगों की जिंदगी निगल चुका है

Last Modified:
Saturday, 22 May, 2021
Corona

देश में कोरोनावायरस (कोविड-19) जमकर कहर बरपा रहा है। यह वायरस अब तक तमाम लोगों की जिंदगी निगल चुका है, वहीं कई लोग अभी भी विभिन्न अस्पतालों में अपना इलाज कर रहे हैं। इन दिनों कोरोना वायरस के नए वेरिएंट को लेकर काफी चर्चा हो रही है। ऐसे में केंद्र सरकार ने सोशल मीडिया कंपनियों से कोरोना वायरस के भारतीय वेरिएंट के संदर्भ वाले सभी कंटेंट को अपने प्लेटफॉर्म से हटाने के लिए कहा है। इसमें वे पोस्‍ट्स शामिल हैं, जिनमें यह टर्म इस्‍तेमाल हुआ है या उसकी ओर इशारा भी किया गया है। कोरोना को लेकर गलत सूचना के प्रसार को रोकने के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस बारे में इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने सभी सोशल मीडिया कंपनियों को एक लेटर भेजा है। इस लेटर में मिनिस्‍ट्री का कहना है, ‘हमारी जानकारी में आया है कि एक झूठा बयान ऑनलाइन सर्कुलेट हो रहा है, जिसका मतलब है कि कई देशों में कोरोना वायरस का एक 'भारतीय वेरिएंट' फैल रहा है। यह पूरी तरह से झूठ है।‘

भारत सरकार स्पष्ट करती है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अपने 32 पेज के दस्तावेज में ‘भारतीय वेरिएंट’ शब्द को कोरोना वायरस बी.1.617 से नहीं जोड़ा है। उन्होंने भारतीय शब्द का इस्तेमाल भी अपनी रिपोर्ट में नहीं किया है। WHO ने 11 मई को कहा था कि भारत में पिछले साल पहली बार पहचाने गए कोरोना वायरस वेरिएंट B.1.617 को वैश्विक स्‍तर पर चिंताजनक वेरिएंट की सूची में रखा जा रहा है। WHO ने अपनी किसी भी रिपोर्ट में ‘इंडियन वेरिएंट‘ शब्द को कोरोनावायरस के B.1.617 वेरिएंट के साथ नहीं जोड़ा है।

कंपनियों से कहा गया है कि वे ऐसा हर वो कंटेंट हटा दें, जिसमें 'कोरोना वायरस के इंडियन वेरिएंट का जिक्र हो, संदर्भ हो या उसका अर्थ भी निकलता हो।'

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संबित पात्रा के इस ट्वीट पर ट्विटर ने लिया एक्शन, लगाया ‘Manipulated Media’ का लेबल

माइक्रोब्लॉगिंग साइट ‘ट्विटर’ (Twitter) ने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा द्वारा कथित टूलकिट को लेकर किए गए ट्वीट को मैनिपुलेटेड मीडिया करार दिया है।

Last Modified:
Friday, 21 May, 2021
twitter44

माइक्रोब्लॉगिंग साइट ‘ट्विटर’ (Twitter) ने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा द्वारा कथित टूलकिट को लेकर किए गए ट्वीट को मैनिपुलेटेड मीडिया (Manipulated Media) यानी तोड़ मरोड़कर पेश करने वाला बताया है। सामान्य शब्दों में कहें तो ट्विटर ने संबित पात्रा का कांग्रेस पर अफवाह और भ्रम फैलाने का दावा तथ्यात्मक रूप से सही नहीं पाया है।

बता दें कि संबित पात्रा ने 18 मई को किए एक ट्वीट में कथित टूलकिट (Toolkit) का हवाला देते हुए कांग्रेस पर आरोप लगाया था। संबित पात्रा ने दावा किया था कि कोरोना कहर के बीच कांग्रेस एक टूलकिट के जरिये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि बिगाड़ने का काम कर रही है। इस ट्वीट में एक कागज शेयर किया गया था, जिस पर कांग्रेस का लोगो था और सोशल मीडिया पर किस तरह ट्वीट और जानकारी साझा करनी है, इस बारे में बताया गया था।

वहीं, कांग्रेस ने बीजेपी के इस तरह के आरोपों को नकार दिया है। इस मामले में संबित पात्रा समेत बीजेपी के कई नेताओं के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है। अब ट्विटर ने इस ट्वीट को ‘मैनिपुलेटेड मीडिया’ करार देकर संबित पात्रा को झटका दे दिया है। बता दें कि ट्विटर की नीतियों के मुताबिक, अगर ट्वीट की गई किसी जानकारी का स्रोत सटीक नहीं है और दी गई जानकारी भी गलत है तो इस तरह का लेबल लगाया जाता है। यह वीडियो, ट्वीट फोटो या अन्य किसी भी कंटेंट पर लगाया जाता है।

दरअसल, पिछले कुछ वर्षों में ट्विटर और फेसबुक पर कई बार फेक न्यूज प्रसारित करने के आरोप लगे हैं, जिसके बाद अब दोनों की टीमों ने गंभीर मुद्दों का फैक्ट चेक शुरू कर दिया है। ऐसे में जब भी आप कोई जानकारी साझा करेंगे और उसका सोर्स सही नहीं रहेगा तो ट्विटर उस ट्वीट के नीचे 'मैनिपुलेटेड मीडिया' लिख देता है, यानी ये ट्वीट सटीक जानकारी वाला नहीं है। ट्विटर की ओर से इसके लिए एक गाइडलाइन भी है। इस गाइडलाइन के अनुसार ही ट्विटर किसी ट्वीट पर इस तरह की कार्रवाई करता है।

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