यह केस साल 2009 का है। दरअसल, साल 2009 में सरकार ने कंपनी को 320 मेगावाट का बिजली प्रोजेक्ट आवंटित किया था। यह प्रोजेक्ट लाहौल स्पीति में लगाया जाना था।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो