अदालती कार्यवाही में तब हो सकती है ना जब सही जाँच, सही समय सीमा के अंदर हो। जब जाँच में ही झोल है, तो अदालत क्या ढोल बजाने के लिए है? धिक्कार है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो