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जानें, रेडियो के लिए कैसा रहा इस साल का शुरुआती ‘सफर’
‘पिच मैडिसन एडवर्टाइजिंग रिपोर्ट’ (PMAR) 2020 के अर्द्धवार्षिक रिव्यू में अनुमान लगाया गया है कि इस साल रेडियो की ग्रोथ 1350 से 1600 करोड़ रुपये तक हो सकती है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 5 years ago
‘पिच मैडिसन एडवर्टाइजिंग रिपोर्ट’ (PMAR) 2020 के मंगलवार को जारी हुए अर्द्धवार्षिक रिव्यू (Mid-Year Review) के अनुसार, इस वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही (April to June 2020) में रेडियो में 90 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई है।
यदि हम पिछले तीन साल में जनवरी से जून तक के भारतीय विज्ञापन बाजार को देखें तो विज्ञापन खर्च के मामले में वर्ष 2018 की पहली छमाही (H1 ’18) में रेडियो ने 1002 करोड़ रुपये दर्ज किए। वर्ष 2019 की पहली छमाही में (H1’19) यह आंकड़ा 1182 करोड़ रुपये और इस साल की पहली छमाही (H1’20) में यह सबसे कम 569 करोड़ रुपये दर्ज किया गया है। विज्ञापन के क्षेत्र में तीनों वर्षों में रेडियो का योगदान तीन प्रतिशत रहा है।
विज्ञापन खर्च के मामले में इस साल की पहली तिमाही (Q1’20) में रेडियो को 19 प्रतिशत गिरावट का सामना करना पड़ा, जबकि मार्केट में एडवर्टाइजिंग मनी न होने के परिणामस्वरूप दूसरी तिमाही (Q2) में यह आश्चर्यजनक रूप से 87 प्रतिशत तक दर्ज की गई। यदि दोनों को मिला दें तो रेडियो पर विज्ञापन खर्च (radio AdEx) 52 प्रतिशत तक कम हो गया।
कुल मिलाकर, रेडियो पर इस साल की पहली छमाही (H1’20) में विज्ञापन खर्च 569 रहा और दूसरी तिमाही में इसने 71 करोड़ रुपये का बिजनेस किया। ग्रोथ में कमी की वजह से विज्ञापन खर्च के मामले में रेडियो का योगदान अप्रैल से जून 2020 के बीच एक प्रतिशत रहा।
ग्रोथ में कमी के कारण प्रभावित हुईं ब्रैंड कैटेगरीज BFSI, ऑटो, ई-कॉमर्स, एफएमसीजी, और रियल एस्टेट रहीं। रेडियो एडवर्टाइजिंग में रियल एस्टेट और BFSI का योगदान 13 प्रतिशत (74 करोड़ रुपये) और एफएमसीजी का 10 प्रतिशत (55 करोड़ रुपये) रहा।
सकारात्मक रूप से देखें तो लॉकडाउन के दौरान अधिकांश रेडियो प्लेटफॉर्म्स ने ओटीटी म्यूजिक स्ट्रीमिंग ऐप्स के साथ मिलकर अपने कंटेंट को लोगों तक पहुंचाया, वहीं कुछ रेडियो एफएम चैनल्स ने श्रोताओं से जुड़े रहने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया और डिजिटल कंसर्ट व सेलेब्रिटीज के साथ लाइव चैट आयोजित कीं।
जून में ‘अनलॉक1’ (Unlock 1.0) के दौरान आर्थिक गतिविधियां शुरू होने से कुछ स्थानीय एडवर्टाइजर्स रेडियो एडवर्टाइजिंग की ओर आकर्षित हुए। पिच मैडिसन की इस रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि त्योहारी सीजन तक रेडियो इस घाटे को पूरा कर लेगा। 2020 में रेडियो की ग्रोथ के बारे में अनुमान लगाया गया है कि यह 1350 से 1600 करोड़ रुपये तक हो सकती है।
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