पॉलिसी का उद्देश्य दूरदर्शन और आकाशवाणी के विशाल टीवी और रेडियो आर्काइव से कंटेंट को मोनेटाइज करना और इसे ज्यादा लोगों तक पहुंचाना है
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
प्रसार भारती अपनी नई कंटेंट सिंडिकेशन पॉलिसी 2025 को मध्य नवंबर तक फाइनल करने वाला है। यह कदम प्रमुख इंडस्ट्री स्टेकहोल्डर्स के साथ हुई सलाह-मशविरों के बाद उठाया जा रहा है।
'इंडियन एक्सप्रेस' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, प्रसार भारती के सीईओ गौरव द्विवेदी ने बताया कि अगले 10–12 दिनों में हम इंडस्ट्री कंसल्टेशन आयोजित करेंगे। मुझे लगता है कि मध्य नवंबर तक यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
पॉलिसी का उद्देश्य दूरदर्शन और आकाशवाणी के विशाल टीवी और रेडियो आर्काइव से कंटेंट को मोनेटाइज करना और इसे ज्यादा लोगों तक पहुंचाना है। साथ ही, यह देश और विदेश के प्लेटफॉर्म्स के साथ स्ट्रैटेजिक कोलैबोरेशन की राह भी खोलेगी।
पॉलिसी के ड्राफ्ट और कंसल्टेशन नोट पिछले महीने OTT प्लेटफॉर्म्स, टीवी चैनल्स, रेडियो नेटवर्क्स, टेलीकॉम ऑपरेटर्स और कंटेंट एग्रीगेटर्स को भेजे गए थे। इसमें मोनेटाइजेशन मॉडल और रेगुलेटरी फ्रेमवर्क पर फीडबैक मांगा गया।
पॉलिसी के अनुसार कंटेंट सिंडिकेशन को तीन श्रेणियों में बांटा जाएगा- फ्री या पब्लिक, कमर्शियल और इंटरनेशनल।
फ्री या पब्लिक कैटेगरी: इसमें सरकारी विभाग, शैक्षणिक संस्थान और कम्युनिटी मीडिया गैर-व्यावसायिक, शैक्षणिक और जागरूकता उद्देश्यों के लिए कंटेंट इस्तेमाल कर सकते हैं। साथ ही, कंटेंट में कोई बदलाव करने के लिए पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
कमर्शियल कैटेगरी: OTT प्लेटफॉर्म्स, टीवी चैनल्स, एग्रीगेटर्स, टेलीकॉम कंपनियां और इन-फ्लाइट एंटरटेनमेंट प्रोवाइडर्स कंटेंट का इस्तेमाल पेड लाइसेंसिंग, रिवेन्यू-शेयर एग्रीमेंट्स या बंडल्ड ऑफर के जरिए कर सकेंगे। एक्सक्लूसिव राइट्स मामले के हिसाब से दी जा सकती हैं।
इंटरनेशनल कैटेगरी: इसमें विदेशी ब्रॉडकास्टर्स, डायस्पोरा प्लेटफॉर्म्स और कल्चरल ऑर्गनाइजेशन शामिल होंगे। ये राइट्स ग्लोबल या टेरिटरी-स्पेसिफिक, एक्सक्लूसिव या नॉन-एक्सक्लूसिव आधार पर जारी की जा सकती हैं।
प्रसार भारती फ्लैट-फी लाइसेंसिंग, हाइब्रिड मिनिमम गारंटी + रिवेन्यू-शेयर और बार्टर-बेस्ड कंटेंट एक्सचेंज जैसे लचीले मोनेटाइजेशन मॉडल भी अपनाने पर विचार कर रहा है।
पॉलिसी में AI-संचालित ऐडवर्टाइजिंग, ब्लॉकचेन-एनबल्ड रॉयल्टी ट्रैकिंग और एड्रेसेबल टीवी जैसे नए टूल्स के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की बात भी कही गई है।
ड्राफ्ट के अनुसार, एक सिंडिकेशन रिव्यू कमिटी (SRC) बनाई जाएगी, जो सभी सिंडिकेशन अप्लिकेशन की समीक्षा करेगी ताकि संपादकीय, कानूनी और वित्तीय मानकों का पालन हो।
इसके अलावा, पॉलिसी में रेट कार्ड, ब्रांडिंग गाइडलाइन्स, मेटाडेटा टेम्प्लेट्स और प्रतिबंधित उपयोग के मामलों (जैसे राजनीतिक विज्ञापन और AI ट्रेनिंग के लिए बिना अनुमति कंटेंट इस्तेमाल) की भी जानकारी शामिल है।
म्यूजिक और एंटरटेनमेंट कंपनी Saregama India Limited ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपनी Business Responsibility and Sustainability Report (BRSR) जारी कर दी है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
म्यूजिक और एंटरटेनमेंट कंपनी Saregama India Limited ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपनी Business Responsibility and Sustainability Report (BRSR) जारी कर दी है। कंपनी ने यह रिपोर्ट SEBI के Listing Obligations and Disclosure Requirements Regulations, 2015 के तहत जारी की है। रिपोर्ट में कंपनी के कारोबार, कर्मचारियों, ग्राहक शिकायतों, पर्यावरण, कॉरपोरेट गवर्नेंस और सामाजिक जिम्मेदारियों से जुड़ी कई अहम जानकारियां दी गई हैं।
कंपनी ने बताया कि उसकी कुल गतिविधियों में म्यूजिक लाइसेंसिंग सबसे बड़ा कारोबार है। FY2025-26 में कुल टर्नओवर में म्यूजिक लाइसेंसिंग की हिस्सेदारी 74.47% रही। इसके अलावा फिल्मों और सीरीज से 10.94%, म्यूजिक रिटेल यानी Carvaan से 8.39% और इवेंट्स से 6.20% टर्नओवर आया।
42.75% टर्नओवर एक्सपोर्ट से
रिपोर्ट के मुताबिक Saregama का कारोबार सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है। वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी के कुल टर्नओवर का 42.75% हिस्सा एक्सपोर्ट से आया। कंपनी की सब्सिडियरीज के जरिए दुबई, यूके, अमेरिका और मॉरीशस में भी मौजूदगी है, जबकि म्यूजिक लाइसेंसिंग का कारोबार दुनिया भर में किया जाता है।
कंपनी के B2B ग्राहकों में ऑडियो-वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म, टीवी चैनल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म शामिल हैं। वहीं B2C कारोबार के तहत कंपनी मुख्य रूप से Carvaan जैसे प्रोडक्ट अपनी वेबसाइट और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के जरिए सीधे ग्राहकों को बेचती है।
कंपनी में 383 कर्मचारी
FY2025-26 के अंत में Saregama में कुल 383 कर्मचारी थे। इनमें 279 स्थायी कर्मचारी और 104 अन्य श्रेणी के कर्मचारी शामिल हैं। कुल कर्मचारियों में 269 पुरुष और 114 महिलाएं हैं।
कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में 8 सदस्य हैं, जिनमें 3 महिलाएं यानी 37.5% हिस्सेदारी रखती हैं। वहीं कंपनी ने बताया कि उसके यहां दिव्यांग कर्मचारियों की संख्या शून्य है।
कंपनी के मुताबिक स्थायी कर्मचारियों के लिए PF और ग्रेच्युटी की कवरेज 100% है। साथ ही स्थायी कर्मचारियों को हेल्थ और एक्सीडेंट इंश्योरेंस की सुविधा भी दी जाती है।
कर्मचारी कल्याण पर भी खर्च
Saregama ने बताया कि कर्मचारियों के कल्याण पर किया गया खर्च FY2025-26 में कंपनी के कुल रेवेन्यू का 0.38% रहा, जो पिछले वित्त वर्ष के 0.29% से अधिक है।
कंपनी ने स्वास्थ्य, सुरक्षा, ट्रेनिंग और कर्मचारी विकास के लिए कई कार्यक्रम चलाने की जानकारी दी है। रिपोर्ट के अनुसार, FY2025-26 में कंपनी में कोई घातक कार्यस्थल दुर्घटना, रिकॉर्डेबल वर्क-रिलेटेड इंजरी या Lost Time Injury नहीं हुई।
ग्राहक शिकायतों में बड़ी संख्या, लेकिन सभी का निपटारा
Saregama के सामने FY2025-26 में ग्राहकों की ओर से 50,363 शिकायतें आईं। कंपनी के अनुसार इनमें ज्यादातर शिकायतें प्रोडक्ट से जुड़ी थीं और सभी का समाधान कर दिया गया। शिकायतों के समाधान के लिए कंपनी ने रिप्लेसमेंट और रिफंड जैसी सुविधाओं का इस्तेमाल किया। इसके मुकाबले FY2024-25 में ग्राहकों की शिकायतों की संख्या 69,839 थी। यानी एक साल में शिकायतों की संख्या में करीब 28% की कमी आई।
कंपनी ग्राहकों को टोल-फ्री नंबर 1800 102 7799, ईमेल, वेबसाइट, Business WhatsApp और IVR जैसे माध्यमों से शिकायत दर्ज कराने की सुविधा देती है। रिपोर्ट में बताया गया है कि ग्राहकों की शिकायतों को ट्रैक करने के लिए टिकट या रेफरेंस आईडी भी दी जाती है।
डेटा ब्रीच का कोई मामला नहीं
रिपोर्ट के मुताबिक FY2025-26 में कंपनी ने डेटा ब्रीच का कोई मामला दर्ज नहीं किया। ग्राहकों की निजी जानकारी से जुड़े डेटा ब्रीच की संख्या भी शून्य रही। कंपनी ने साइबर सिक्योरिटी और डेटा प्राइवेसी से जुड़ी नीति होने की जानकारी दी है। इसके अलावा Saregama के पास ISO 27001 सर्टिफिकेशन भी है, जो सूचना सुरक्षा और डेटा प्रोटेक्शन से जुड़ा है।
IP और पाइरेसी को बड़ा बिजनेस रिस्क माना
Saregama के लिए Intellectual Property यानी म्यूजिक, फिल्म और कंटेंट राइट्स की सुरक्षा एक अहम मुद्दा है। कंपनी ने IP infringement यानी कंटेंट के अनधिकृत इस्तेमाल और पाइरेसी को अपने कारोबार के लिए महत्वपूर्ण जोखिम बताया है।
कंपनी के मुताबिक पाइरेसी से सीधे तौर पर रेवेन्यू प्रभावित हो सकता है और एक्सक्लूसिव कंटेंट की वैल्यू कम हो सकती है। इसके लिए कंपनी ने एक समर्पित टीम बनाई है, जो IP उल्लंघनों पर नजर रखती है और जरूरत पड़ने पर सुधारात्मक और कानूनी कार्रवाई करती है।
डिजिटलाइजेशन को बड़ा अवसर मानती है कंपनी
कंपनी ने डिजिटलाइजेशन को अपने कारोबार के लिए बड़े अवसर के रूप में देखा है। म्यूजिक स्ट्रीमिंग, डाउनलोड, इंटरनेट रेडियो और सब्सक्रिप्शन आधारित म्यूजिक सेवाओं ने कंटेंट के डिस्ट्रीब्यूशन और कमाई के तरीके को बदल दिया है।
Saregama के मुताबिक डिजिटल माध्यमों ने उसके लिए कमाई के नए रास्ते खोले हैं और आने वाले समय में भी डिजिटल बिजनेस उसके लिए महत्वपूर्ण रहेगा।
पर्यावरण के मोर्चे पर कंपनी का फोकस
BRSR रिपोर्ट में Saregama ने पर्यावरण से जुड़े कई आंकड़े भी साझा किए हैं। FY2025-26 में कंपनी ने कुल 30.1 मीट्रिक टन कचरा उत्पन्न होने की जानकारी दी है। इसमें 3.9 मीट्रिक टन प्लास्टिक वेस्ट, 1.6 मीट्रिक टन ई-वेस्ट, 0.8 मीट्रिक टन बैटरी वेस्ट और 23.8 मीट्रिक टन पैकेजिंग पेपर वेस्ट शामिल है।
कंपनी के अनुसार इस कचरे में से 6.9 मीट्रिक टन रिसाइकिल किया गया, जबकि 23.8 मीट्रिक टन अन्य रिकवरी ऑपरेशन के तहत संभाला गया।
कंपनी ने बताया कि वह प्लास्टिक, बैटरी और ई-वेस्ट के लिए Extended Producer Responsibility यानी EPR नियमों का पालन करती है। इसके लिए कंपनी Central Pollution Control Board (CPCB) के साथ रजिस्टर्ड है और अधिकृत वेस्ट मैनेजमेंट एजेंसियों के साथ काम करती है।
Scope 1 और Scope 2 उत्सर्जन 764.8 MTCO₂e
FY2025-26 में Saregama का कुल Scope 1 और Scope 2 ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन 764.8 मीट्रिक टन CO₂ equivalent रहा। इसमें Scope 1 उत्सर्जन 150.2 MTCO₂e और Scope 2 उत्सर्जन 614.6 MTCO₂e रहा।
वहीं Scope 3 उत्सर्जन 2,114 MTCO₂e रहा। कंपनी ने बताया कि इस साल Scope 3 की गणना का दायरा बढ़ाकर सात कैटेगरी तक किया गया, जिसमें खरीदी गई वस्तुएं और सेवाएं, कैपिटल गुड्स, अपस्ट्रीम ट्रांसपोर्टेशन, वेस्ट, बिजनेस ट्रैवल, कर्मचारी कम्यूट और डाउनस्ट्रीम ट्रांसपोर्टेशन शामिल हैं।
2070 तक नेट जीरो लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही कंपनी
Saregama ने बताया कि वह RPSG Group की व्यापक सस्टेनेबिलिटी रणनीति के अनुरूप काम कर रही है। कंपनी ने 2070 तक नेट जीरो ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन के लंबे समय के लक्ष्य के साथ खुद को जोड़ने की बात कही है।
इसके अलावा कंपनी 2040 तक Zero Waste to Landfill के लक्ष्य की दिशा में भी काम करने की बात कहती है। इसके लिए कचरा कम करने, दोबारा इस्तेमाल और रिसाइक्लिंग को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है।
कॉरपोरेट गवर्नेंस और एंटी-करप्शन पर जोर
Saregama ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि उसके पास एंटी-करप्शन और एंटी-ब्राइबरी पॉलिसी है। FY2025-26 में कंपनी के डायरेक्टर्स, KMPs या कर्मचारियों के खिलाफ रिश्वत या भ्रष्टाचार से जुड़ी किसी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जानकारी नहीं दी गई है।
कंपनी के अनुसार डायरेक्टर्स और KMPs से जुड़े Conflict of Interest की भी कोई शिकायत FY2025-26 में नहीं मिली।
CSR के तहत शिक्षा पर फोकस
Saregama ने CSR के तहत शिक्षा और कम्युनिटी डेवलपमेंट पर भी जोर दिया है। कंपनी के मुताबिक RPSG Group के हिस्से के तौर पर कोलकाता में एक स्कूल स्थापित किया गया है, जहां आधुनिक सुविधाओं के जरिए बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
कंपनी ने कहा है कि इस पहल का उद्देश्य अलग-अलग सामाजिक और आर्थिक पृष्ठभूमि से आने वाले बच्चों के लिए बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराना है।
कंपनी की वित्तीय स्थिति
रिपोर्ट में Saregama India Limited का टर्नओवर ₹8,206.35 करोड़ और नेट वर्थ करीब ₹16,918.02 करोड़ बताई गई है। कंपनी का पेड-अप कैपिटल ₹19.28 करोड़ से अधिक है।
कुल मिलाकर BRSR रिपोर्ट से साफ है कि Saregama का कारोबार मुख्य रूप से म्यूजिक लाइसेंसिंग और डिजिटल कंटेंट पर आधारित है। कंपनी ने एक तरफ डिजिटलाइजेशन और ग्लोबल म्यूजिक लाइसेंसिंग को कारोबार बढ़ाने का अवसर बताया है, वहीं दूसरी तरफ IP सुरक्षा, साइबर सिक्योरिटी, कर्मचारी कल्याण और पर्यावरणीय जिम्मेदारियों को अपनी ESG रणनीति का अहम हिस्सा बताया है।
प्राइवेट एफएम रेडियो फेज-III की तीसरी बैच के ई-ऑक्शन में सफल बोलीदाताओं के लिए सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने भुगतान को लेकर जरूरी अपडेट जारी किया है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
प्राइवेट एफएम रेडियो फेज-III की तीसरी बैच के ई-ऑक्शन में सफल बोलीदाताओं के लिए सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने भुगतान को लेकर जरूरी अपडेट जारी किया है। मंत्रालय ने साफ किया है कि सफल बोलीदाताओं को अपनी बोली की रकम का भुगतान Bharat Kosh के जरिए इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से करना होगा।
मंत्रालय ने 13 अगस्त 2025 को जारी अपने आदेश में कहा कि सभी सफल बोलीदाताओं को भुगतान Bharat Kosh के जरिए करना होगा। इसके लिए क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, नेट बैंकिंग, RTGS और NEFT जैसे इलेक्ट्रॉनिक विकल्प उपलब्ध रहेंगे।
भुगतान Ministry of Information & Broadcasting, New Delhi के Pay and Accounts Officer के नाम से किया जाना है। मंत्रालय ने इसके लिए Bharat Kosh पर “Receipt From Auction of FM Channels” के नाम से संबंधित हेड ऑफ अकाउंट भी बताया है।
25% रकम जमा करने की आखिरी तारीख 18 अगस्त
मंत्रालय के मुताबिक, सफल बोली की रकम यानी Non-refundable One Time Entry Fee (NOTEF) का 25% Bid Deposit के तौर पर जमा करना होगा।
इस 25% रकम को जमा करने की आखिरी तारीख 18 अगस्त 2025 है। वहीं, सफल बोली की रकम में से Bid Deposit घटाने के बाद बची बाकी रकम 28 अगस्त 2025 तक जमा करनी होगी।
यानी सफल बोलीदाताओं को पहले कुल सफल बोली राशि का एक चौथाई हिस्सा जमा करना होगा और उसके बाद बाकी रकम तय समयसीमा के भीतर जमा करनी होगी।
समय पर भुगतान नहीं किया तो EMD हो जाएगा जब्त
मंत्रालय ने सफल बोलीदाताओं को भुगतान की समयसीमा का पालन करने की चेतावनी भी दी है। अगर 18 अगस्त 2025 तक Bid Deposit जमा नहीं किया जाता है, तो संबंधित बोलीदाता की Earnest Money Deposit (EMD) जब्त कर ली जाएगी।
इसी तरह, अगर 28 अगस्त 2025 तक बाकी सफल बोली राशि जमा नहीं की जाती है, तो EMD के साथ Bid Deposit भी जब्त कर लिया जाएगा।
मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि रकम समय पर जमा नहीं होने की स्थिति में EMD और Bid Deposit जब्त करने के अलावा मंत्रालय की ओर से अन्य कार्रवाई भी की जा सकती है।
तीसरी बैच के ई-ऑक्शन से जुड़ा है फैसला
यह भुगतान प्रक्रिया प्राइवेट एफएम रेडियो फेज-III के तीसरे बैच के चैनलों की ई-नीलामी से जुड़ी है। मंत्रालय ने इससे पहले 13 अगस्त 2025 को सफल बोलीदाताओं और उनकी सफल बोली राशि यानी NOTEF की जानकारी दी थी।
अब मंत्रालय ने सफल बोलीदाताओं को रकम जमा करने की प्रक्रिया और अंतिम तारीखों के बारे में स्पष्ट कर दिया है। इस तरह FM रेडियो के तीसरे बैच की नीलामी प्रक्रिया में अब सफल बोलीदाताओं के लिए भुगतान का चरण अहम हो गया है।
मंत्रालय ने सभी सफल बोलीदाताओं को निर्देश दिया है कि वे तय समयसीमा के भीतर निर्धारित इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से भुगतान पूरा करें, ताकि उनकी बोली से जुड़ी प्रक्रिया आगे बढ़ सके।
Tips Films Limited के मैनेजमेंट में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। कंपनी के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) हरेश सेधानी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
Tips Films Limited के मैनेजमेंट में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। कंपनी के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) हरेश सेधानी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनका इस्तीफा निजी कारणों से है और वह 22 सितंबर 2026 को कारोबारी समय खत्म होने के साथ CFO के पद से हट जाएंगे। कंपनी के बोर्ड ने उनकी जगह सौरभ राठी को नया CFO नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है। सौरभ राठी 23 सितंबर 2026 से CFO की जिम्मेदारी संभालेंगे।
कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक 14 अगस्त 2026 को हुई। इस बैठक में CFO में बदलाव के साथ-साथ 30 जून 2026 को खत्म हुई पहली तिमाही के अनऑडिटेड स्टैंडअलोन वित्तीय नतीजों को भी मंजूरी दी गई।
पहली तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन कमजोर
Tips Films के वित्तीय नतीजों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में कंपनी की कुल आय 48.24 करोड़ रुपये रही। इसमें ऑपरेशंस से 47.96 करोड़ रुपये की आय और अन्य आय के तौर पर करीब 28 लाख रुपये शामिल हैं।
हालांकि, इस दौरान कंपनी के खर्च काफी ज्यादा रहे। कंपनी का कुल खर्च करीब 77.65 करोड़ रुपये रहा। इसमें फिल्मों के प्रोडक्शन की लागत सबसे बड़ी रही, जो करीब 74.24 करोड़ रुपये थी। इसके अलावा कर्मचारी लाभ पर 1.51 करोड़ रुपये, फाइनेंस कॉस्ट पर 20 लाख रुपये और डेप्रिसिएशन एवं अमॉर्टाइजेशन पर करीब 1.71 करोड़ रुपये खर्च हुए।
इन खर्चों के चलते कंपनी को जून 2026 तिमाही में करीब 29.41 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ।
इसके मुकाबले जून 2025 की पहली तिमाही में कंपनी को करीब 4.76 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ था। यानी एक साल पहले की समान तिमाही की तुलना में कंपनी के प्रदर्शन में काफी गिरावट आई है।
आय में भी आई बड़ी गिरावट
कंपनी की कुल आय भी सालाना आधार पर काफी कम हुई है। जून 2025 तिमाही में Tips Films की कुल आय करीब 95.59 करोड़ रुपये थी, जो जून 2026 तिमाही में घटकर 48.24 करोड़ रुपये रह गई।
इस तरह कंपनी की कुल आय में करीब 47.35 करोड़ रुपये की कमी आई है। वहीं, फिल्मों के प्रोडक्शन पर खर्च जून 2025 की 85.11 करोड़ रुपये की तुलना में जून 2026 में घटकर 74.24 करोड़ रुपये रहा।
मार्च 2026 को खत्म हुई पिछली तिमाही में कंपनी की कुल आय करीब 2.70 करोड़ रुपये थी और उस दौरान कंपनी को करीब 3.55 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। हालांकि, कंपनी ने यह भी बताया है कि उसके कारोबार की प्रकृति ऐसी है कि आय पूरे साल एक समान तरीके से नहीं आती। इसलिए किसी एक तिमाही के नतीजे को पूरे साल के प्रदर्शन का सीधा संकेत नहीं माना जा सकता।
कौन हैं नए CFO सौरभ राठी?
Tips Films के नए CFO बनने जा रहे सौरभ राठी एक अनुभवी चार्टेड अकाउंटेंट हैं और उन्हें मीडिया एवं एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में 14 साल से ज्यादा का अनुभव है।
उन्होंने Finance, Accounts, Taxation, Financial Planning और Business Finance जैसे क्षेत्रों में काम किया है। उनका अनुभव फिल्म प्रोडक्शन, फिल्म डिस्ट्रीब्यूशन, टेलीविजन ब्रॉडकास्टिंग, फिल्म और म्यूजिक लाइसेंसिंग, इंटरनेशनल फिल्म रॉयल्टी मैनेजमेंट, आर्टिस्ट मैनेजमेंट, ब्रांड पार्टनरशिप और इन-फिल्म ब्रांड इंटीग्रेशन जैसे क्षेत्रों में भी रहा है।
सौरभ राठी अपने करियर में The Walt Disney Company, UTV, Star India, Fox Corporation Group और Yash Raj Films जैसी बड़ी मीडिया और एंटरटेनमेंट कंपनियों में महत्वपूर्ण वित्तीय जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं।
कंपनी के मुताबिक, अपने करियर के दौरान उन्होंने फाइनेंशियल गवर्नेंस मजबूत करने, रेगुलेटरी कंप्लायंस, बिजनेस प्रोसेस को बेहतर बनाने, टैक्सेशन, स्टैच्यूटरी रिपोर्टिंग और बिजनेस ग्रोथ के लिए रणनीतिक वित्तीय सलाह देने जैसे क्षेत्रों में काम किया है।
सौरभ राठी ICAI से Chartered Accountant हैं।
हरेश सेधानी ने बोर्ड का जताया आभार
अपने इस्तीफे पत्र में हरेश सेधानी ने कहा कि उन्होंने निजी कारणों की वजह से CFO का पद छोड़ने का फैसला किया है। वह 22 सितंबर 2026 को कारोबारी समय खत्म होने के बाद कंपनी से अलग हो जाएंगे।
उन्होंने कंपनी के चेयरमैन, मैनेजमेंट और बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स का उनके कार्यकाल के दौरान मिले मार्गदर्शन, सहयोग और भरोसे के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि कंपनी के साथ जुड़ना उनके लिए सम्मान की बात रही और इस दौरान उन्हें कई महत्वपूर्ण अनुभव और अवसर मिले।
हरेश सेधानी ने Tips Films, उसके मैनेजमेंट और पूरी टीम के भविष्य के लिए सफलता की शुभकामनाएं भी दी हैं।
बोर्ड मीटिंग करीब एक घंटे चली
Tips Films की बोर्ड मीटिंग 14 अगस्त को सुबह 11:45 बजे शुरू हुई और दोपहर 12:50 बजे समाप्त हुई। बैठक में वित्तीय नतीजों को मंजूरी देने के साथ CFO के इस्तीफे को रिकॉर्ड पर लिया गया और नए CFO की नियुक्ति को भी मंजूरी दी गई।
कंपनी ने कहा है कि बोर्ड द्वारा मंजूर किए गए वित्तीय नतीजे और CFO से जुड़े बदलाव की जानकारी स्टॉक एक्सचेंजों को नियमों के मुताबिक दे दी गई है।
सारेगामा इंडिया के MD विक्रम मेहरा ने Q1 नतीजों के बाद कॉन्फ्रेंस कॉल में कंपनी की रणनीति, AI, सब्सक्रिप्शन, आर्टिस्ट मैनेजमेंट, लाइव इवेंट्स और वीडियो बिजनेस पर बात की।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
देश की अग्रणी म्यूजिक कंपनियों में शुमार सारेगामा इंडिया (Saregama India) के मैनेजिंग डायरेक्टर विक्रम मेहरा ने कंपनी की पहली तिमाही के नतीजों के बाद हुई कॉन्फ्रेंस कॉल में कारोबार की दिशा, म्यूजिक इंडस्ट्री के भविष्य, AI, पेड सब्सक्रिप्शन, आर्टिस्ट मैनेजमेंट, लाइव इवेंट्स और वीडियो बिजनेस को लेकर विस्तार से बात की। उन्होंने साफ कहा कि कंपनी को किसी एक तिमाही के प्रदर्शन से नहीं, बल्कि कम से कम 12 महीने के आधार पर देखा जाना चाहिए।
मेहरा के मुताबिक, Q1 FY27 में Saregama का ऑपरेशनल रेवेन्यू 263.6 करोड़ रुपये रहा, जो सालाना आधार पर 27% ज्यादा है। एडजस्टेड EBITDA 112.4 करोड़ रुपये रहा, जिसमें 69% की बढ़ोतरी हुई। ऑपरेशनल PBT 70.5 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले के मुकाबले 38% ज्यादा है। हालांकि, उन्होंने निवेशकों को सलाह दी कि कंपनी के प्रदर्शन को एक तिमाही के बजाय रोलिंग 12-महीने के आधार पर देखें।
भारत दुनिया के सबसे बड़े लेकिन कम इस्तेमाल हुए Music Markets में
मेहरा ने कहा कि भारत दुनिया के सबसे बड़े लेकिन अभी भी काफी कम इस्तेमाल हुए म्यूजिक मार्केट्स में से एक है। उनके मुताबिक, 2025 में ग्लोबल रिकॉर्डेड म्यूजिक मार्केट 31.7 अरब डॉलर का था, लेकिन भारत की हिस्सेदारी सिर्फ करीब 1% रही, जबकि दुनिया की करीब 18% आबादी भारत में रहती है।
उनका मानना है कि Saregama के सामने अगले 20 साल में इस अवसर का फायदा उठाने की बड़ी संभावना है। कंपनी का म्यूजिक बिजनेस अब सिर्फ पुराने गानों के कैटलॉग तक सीमित नहीं है, बल्कि वह लगातार नए म्यूजिक IP पर भी काम कर रही है।
म्यूजिक बिजनेस में 20-23% ग्रोथ का भरोसा
मेहरा ने बताया कि Music vertical, जिसमें Licensing, Artiste Management और Retail शामिल हैं, ने पहली तिमाही में 230.6 करोड़ रुपये का रेवेन्यू दर्ज किया, जो सालाना आधार पर 39% की वृद्धि है।
हालांकि, उन्होंने कहा कि कंपनी तिमाही आधार पर कोई खास ग्रोथ गाइडेंस देने से बचती है। Saregama की मध्यम अवधि की गाइडेंस अभी भी यही है कि Music vertical में सालाना 20% से 23% की ग्रोथ रहेगी।
मेहरा ने यह भी बताया कि कंपनी इस वित्त वर्ष नए म्यूजिक कंटेंट पर करीब 300 से 350 करोड़ रुपये खर्च करने वाली है। इनमें कई बड़े फिल्म और म्यूजिक प्रोजेक्ट शामिल हैं।
अब Saregama सिर्फ पुरानी Music Catalogue कंपनी नहीं
मेहरा के मुताबिक, Saregama को केवल पुराने गानों के कैटलॉग वाली कंपनी समझना सही नहीं होगा। उन्होंने बताया कि FY26 में कंपनी के म्यूजिक रेवेन्यू का करीब 60% हिस्सा 2000 के बाद रिलीज हुए गानों से आया। इनमें करीब 45% रेवेन्यू 2020 के बाद रिलीज हुए म्यूजिक से आया।
यानी कंपनी का कारोबार तेजी से नए म्यूजिक IP की तरफ भी बढ़ रहा है। Saregama के पास करीब 1.80 लाख गानों का कैटलॉग है और हर साल इसमें हजारों नए गाने जुड़ रहे हैं।
Paid Music Subscription में बड़ा मौका
मेहरा ने भारत में पेड म्यूजिक सब्सक्रिप्शन को कंपनी के लिए सबसे बड़े भविष्य के अवसरों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि भारत में पेड स्ट्रीमिंग की पहुंच अभी करीब 3% है, जबकि स्वीडन में यह 67%, अमेरिका में 57% और ब्राजील व चीन जैसे बाजारों में करीब 18% है।
उनका मानना है कि अगर म्यूजिक सब्सक्रिप्शन की कीमत करीब 100 रुपये महीना रखी जाए और मुफ्त म्यूजिक की सप्लाई कम होती है, तो भारत में पेड सब्सक्राइबर्स की संख्या तेजी से बढ़ सकती है।
मेहरा ने सवाल-जवाब के दौरान अपना निजी अनुमान बताते हुए कहा कि अगर मुफ्त म्यूजिक की सप्लाई बंद होती है तो भारत में 100 रुपये प्रति महीने की कीमत पर 100 मिलियन यानी 10 करोड़ पेड सब्सक्राइबर्स तक पहुंचना संभव है। उनका अनुमान है कि ऐसा 12 से 18 महीने में भी हो सकता है। उन्होंने कहा कि EY और IMI की रिसर्च में भी बड़ी संख्या में लोगों ने कहा है कि मुफ्त म्यूजिक उपलब्ध नहीं होने पर वे पेड सर्विस के लिए भुगतान करने को तैयार हैं।
AI से पुराने गानों को मिल सकती है नई जिंदगी
Saregama AI को लेकर भी काफी प्रयोग कर रही है। मेहरा ने बताया कि कंपनी ने AI के लिए दो अलग टीमें बनाई हैं। एक टीम AI की मदद से Saregama के गानों से जुड़े नए ऑडियो कंटेंट, पॉडकास्ट और पुराने गानों के लिए नए म्यूजिक वीडियो बनाने पर काम कर रही है। दूसरी टीम कंपनी के अंदर अलग-अलग प्रक्रियाओं में AI का इस्तेमाल करके लागत और काम की रफ्तार बेहतर करने पर काम कर रही है।
उन्होंने बताया कि पुराने गानों के मामले में Saregama के पास गानों के अधिकार तो हैं, लेकिन 1960 और 1970 के दशक की फिल्मों के मूल म्यूजिक वीडियो के अधिकार अक्सर कंपनी के पास नहीं हैं। ऐसे में नए वीडियो बनाना महंगा पड़ता था। अब AI की मदद से कम लागत में पुराने गानों के लिए नए और वास्तविक जैसे दिखने वाले वीडियो तैयार किए जा सकते हैं।
मेहरा के मुताबिक, अगर यह प्रयोग सफल रहा तो पुराने ऑडियो को नए वीडियो के साथ पेश कर Gen X को टारगेट किया जा सकता है। वहीं, गानों के इंस्ट्रूमेंटेशन में बदलाव कर उन्हें थोड़ा आधुनिक रूप देकर नए वीडियो के साथ Gen Z के लिए भी पेश किया जा सकता है।
AI पर अभी बड़ा निवेश नहीं, पहले छोटे प्रयोग
मेहरा ने कहा कि AI से जुड़े प्रयोग अभी शुरुआती दौर में हैं। कंपनी पहले छोटे स्तर पर प्रयोग करेगी, देखेगी कि कौन सा कंटेंट और कौन सी भाषा बेहतर काम करती है और फिर सफल मॉडल को बड़े स्तर पर लागू किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि AI के लिए फिलहाल अलग से बड़ा बजट रखने की जरूरत नहीं है। म्यूजिक से जुड़े ये खर्च 300-350 करोड़ रुपये के कुल नए म्यूजिक कंटेंट निवेश के भीतर ही रहेंगे। उन्होंने यहां तक कहा कि AI की मदद से एक म्यूजिक वीडियो बनाने की लागत करीब 70 हजार रुपये तक हो सकती है।
Podcast में भी पुराने गानों का इस्तेमाल
Saregama AI के जरिए पॉडकास्टिंग में भी नया प्रयोग कर रही है। मेहरा ने बताया कि कंपनी ऐसे पॉडकास्ट बनाने की कोशिश कर रही है जिनमें Saregama के लोकप्रिय गानों को कहानी के साथ जोड़ा जाए।
मसलन, अगर किसी व्यक्ति की पुरानी यादों या प्यार, जुदाई और दोस्ती की कहानी है, तो उस कहानी के साथ उसी दौर या भावना से जुड़े Saregama के लोकप्रिय गाने जोड़े जा सकते हैं। कंपनी आगे चलकर ऐसे कंटेंट को थर्ड-पार्टी पॉडकास्ट कंपनियों को लाइसेंस भी कर सकती है।
Live Events को बड़ी ग्रोथ की उम्मीद
मेहरा ने Live Events को भी कंपनी के लिए बड़ा अवसर बताया। उन्होंने कहा कि भारत में COVID के बाद लाइव इवेंट्स का बाजार तेजी से बढ़ा है। Gen Z और Millennials अब सामान खरीदने के बजाय अनुभवों पर ज्यादा खर्च करना चाहते हैं, जिससे लाइव इवेंट्स को फायदा मिल रहा है।
उनके मुताबिक, आने वाले समय में Live Events Saregama का सबसे तेजी से बढ़ने वाला वर्टिकल हो सकता है। हालांकि, असली चुनौती रेवेन्यू बढ़ाने के बजाय इस बिजनेस के मार्जिन को बेहतर करना होगी।
कंपनी इसके लिए अपने खुद के IP पर भी जोर दे रही है। UN40, Manoj Muntashir के साथ Krishna शो और Carvaan Live जैसे अपने IP लंबे समय में बेहतर मार्जिन देने वाले बिजनेस बन सकते हैं।
Artiste Management में 309 कलाकार, 44 करोड़ नहीं 440 मिलियन का सोशल मीडिया बेस
मेहरा ने बताया कि तिमाही के अंत तक Saregama 309 कलाकारों का प्रतिनिधित्व कर रही थी। इन कलाकारों के Instagram और YouTube पर कुल मिलाकर 440 मिलियन से ज्यादा फॉलोअर्स और सब्सक्राइबर्स हैं।
कंपनी का मॉडल सिर्फ कलाकारों की बुकिंग कराने तक सीमित नहीं है। Saregama उन्हें अपने म्यूजिक वीडियो, गानों, FilterCopy कंटेंट और Live Events के जरिए भी आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही है।
मेहरा ने कहा कि यही Saregama के Artiste Management मॉडल की सबसे बड़ी खासियत है। कंपनी कलाकार को बड़ा बनाने में मदद करती है और जैसे-जैसे कलाकार की लोकप्रियता और कमाई बढ़ती है, कंपनी को भी फायदा होता है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि एक ही कलाकार के साथ Saregama म्यूजिक, लाइव कॉमेडी, फिल्म और Artiste Management जैसे अलग-अलग स्तरों पर काम कर सकती है। इसी तरह युवा कलाकारों को कंपनी अपने गानों, म्यूजिक वीडियो, FilterCopy सीरीज और लाइव इवेंट्स में मौके देती है।
Pocket Aces को लेकर भी भरोसा
मेहरा ने Pocket Aces के बारे में कहा कि कंपनी का अधिग्रहण मुख्य रूप से Gen Z तक पहुंच मजबूत करने के लिए किया गया था। उनका मानना है कि किसी म्यूजिक लेबल की सबसे बड़ी ताकत सिर्फ पैसे नहीं, बल्कि यह क्षमता भी है कि वह किसी गाने या एल्बम को युवा दर्शकों के बीच कितना बड़ा बना सकता है।
उन्होंने बताया कि Pocket Aces पिछले वित्त वर्ष में ब्रेक-ईवन पर पहुंच गया और इस वित्त वर्ष कंपनी को इससे मुनाफा आने की उम्मीद है।
Video Business को धीरे-धीरे बंद करेगी कंपनी
Saregama अपने फिल्म बिजनेस को धीरे-धीरे खत्म करने की दिशा में बढ़ रही है। मेहरा ने कहा कि कंपनी फिल्मों में मुख्य रूप से इसलिए गई थी ताकि उन फिल्मों का म्यूजिक हासिल किया जा सके। अब यह जरूरत Bhansali Productions में निवेश के जरिए पूरी होगी।
उनके मुताबिक, बैलेंस शीट में मौजूद फिल्मों को अगले करीब तीन से चार तिमाहियों में रिलीज कर दिए जाने की उम्मीद है। इसके बाद Video Business का आकार मौजूदा स्तर के आसपास ही रहेगा और कंपनी नए फिल्म प्रोजेक्ट्स में पहले की तरह निवेश नहीं करेगी।
Short-form Content और Brands भी अहम कमाई का जरिया
मेहरा ने कहा कि Saregama अब किसी एक कमाई के जरिये पर निर्भर नहीं रहना चाहती। कंपनी Music, Artiste Management, Live Events और Short-form Content को एक साथ जोड़कर एक ऐसा मॉडल बना रही है, जिसके जरिए ब्रांड्स को Gen Z तक पहुंचने के कई रास्ते मिलते हैं।
उनके मुताबिक, किसी ब्रांड को म्यूजिक लाइसेंस, नया गाना, Instagram के लिए short-form content या Gen Z से जुड़े Live Events की sponsorship जैसी कई सेवाएं एक ही कंपनी से मिल सकती हैं।
सबसे बड़ा अवसर Streaming और Advertising में
मेहरा के मुताबिक, आने वाले समय में Saregama के लिए सबसे बड़ा रेवेन्यू अवसर Paid Music Streaming में है। इसके अलावा Short-form Content में भी कमाई बढ़ाने की बड़ी संभावना है। अभी कई short-form apps म्यूजिक कंपनियों को fixed fee मॉडल पर भुगतान करते हैं, लेकिन आगे चलकर advertising revenue sharing का मॉडल बढ़ सकता है।
इसके अलावा YouTube जैसे प्लेटफॉर्म पर विज्ञापन खर्च बढ़ने का फायदा भी म्यूजिक कंपनियों को मिल सकता है। उन्होंने Public Performance Rights को भी भारत में एक बड़ा लेकिन अभी पूरी तरह इस्तेमाल नहीं हुआ अवसर बताया।
अगले 20-30 साल की ग्रोथ पर दांव
कॉल के आखिर में मेहरा ने कहा कि Saregama की ग्रोथ कहानी अगले कुछ सालों तक ही सीमित नहीं है। उनके मुताबिक, भारत में डिजिटल खपत बढ़ने, नए इंटरनेट यूजर्स जुड़ने और मौजूदा यूजर्स के ज्यादा कंटेंट इस्तेमाल करने से कंपनी को लंबे समय तक फायदा मिल सकता है।
उन्होंने कहा कि भारत अभी ग्लोबल स्ट्रीमिंग मार्केट के शुरुआती दौर में है। इसलिए कंपनी के सामने सब्सक्राइबर्स बढ़ाने, प्रति ग्राहक कमाई (ARPU) बढ़ाने और नए फॉर्मेट्स में विस्तार करने- तीनों अवसर खुले हुए हैं। मेहरा का मानना है कि कंपनी अपने मौजूदा कंटेंट कैटलॉग, नए म्यूजिक IP, मजबूत बैलेंस शीट और अलग-अलग बिजनेस को जोड़ने वाले मॉडल के दम पर अगले 20 से 30 साल तक कमाई बढ़ाने की क्षमता रखती है।
म्यूजिक कंपनी TIPS Music Limited ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपनी Business Responsibility and Sustainability Report (BRSR) जारी की है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
म्यूजिक कंपनी TIPS Music Limited ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपनी Business Responsibility and Sustainability Report (BRSR) जारी की है। कंपनी ने इस रिपोर्ट में अपने कारोबार के साथ-साथ पर्यावरण, कर्मचारियों, कॉरपोरेट गवर्नेंस और सामाजिक जिम्मेदारियों से जुड़ी कई जानकारियां साझा की हैं। कंपनी ने अपनी रिपोर्ट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटलाइजेशन को म्यूजिक इंडस्ट्री के लिए अहम अवसर के साथ-साथ चुनौती भी बताया है।
TIPS Music के मुताबिक, डिजिटलाइजेशन ने म्यूजिक इंडस्ट्री का पूरा तरीका बदल दिया है। फिजिकल फॉर्मेट में म्यूजिक की बिक्री घटने के साथ स्ट्रीमिंग, डाउनलोड, इंटरनेट रेडियो और सब्सक्रिप्शन आधारित म्यूजिक सर्विसेज तेजी से अहम चैनल बन गए हैं। कंपनी का कहना है कि डिजिटल टेक्नोलॉजी ने म्यूजिक के डिस्ट्रीब्यूशन के साथ-साथ कमाई के तरीकों को भी बदल दिया है।
AI को लेकर कंपनी ने जताई चिंता
रिपोर्ट में TIPS Music ने AI-generated music को एक तरफ रचनात्मकता के नए मौके देने वाला बताया है, तो दूसरी तरफ इसे एक जोखिम भी माना है। कंपनी के मुताबिक AI म्यूजिक प्रोडक्शन को आसान और ज्यादा लोगों तक पहुंचाने में मदद कर सकता है, लेकिन इससे कॉपीराइट, रॉयल्टी और इंसानों द्वारा बनाए गए ओरिजिनल म्यूजिक की वैल्यू से जुड़े सवाल भी खड़े होते हैं। कंपनी ने कहा है कि AI से जुड़ी इन चुनौतियों से निपटने के लिए कॉपीराइट प्रोटेक्शन को मजबूत करने और कानूनी व्यवस्था को बदलती परिस्थितियों के मुताबिक तैयार करने की जरूरत है।
डेटा प्राइवेसी और कॉपीराइट पर भी नजर
TIPS Music ने डेटा प्राइवेसी और साइबर सिक्योरिटी को अपने कारोबार से जुड़े जोखिमों में शामिल किया है। कंपनी के अनुसार, कॉपीराइट वाली सामग्री के अनधिकृत इस्तेमाल पर नजर रखने के लिए एक डेडिकेटेड टीम काम करती है। कंपनी ने प्राइवेसी से जुड़े मामलों की निगरानी और जोखिम कम करने के लिए इंटरनल कंट्रोल और प्रक्रियाओं को भी मजबूत किया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी का कारोबार ऑडियो-विजुअल म्यूजिक कंटेंट बनाने और हासिल करने तथा भारत और विदेशों में अलग-अलग प्लेटफॉर्म के जरिए अपनी म्यूजिक लाइब्रेरी को लाइसेंस देकर कमाई करने पर आधारित है। FY 2025-26 में कंपनी के कुल टर्नओवर में एक्सपोर्ट का योगदान 68.57% रहा।
कंपनी में 98 कर्मचारी
FY 2025-26 के अंत में TIPS Music में कुल 98 कर्मचारी थे। इनमें 69 स्थायी और 29 अन्य कर्मचारी शामिल थे। स्थायी कर्मचारियों में 48 पुरुष और 21 महिलाएं थीं। बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में 6 में से 1 महिला और Key Management Personnel में भी 6 में से 1 महिला थी।
कंपनी ने यह भी बताया कि कर्मचारियों की सेहत और सुरक्षा को लेकर कई सुविधाएं दी जाती हैं। इसके अलावा, कंपनी के मुताबिक कर्मचारियों के लिए हेल्थ और सेफ्टी ट्रेनिंग तथा स्किल अपग्रेडेशन प्रोग्राम भी चलाए गए।
पर्यावरण को लेकर भी उठाए कदम
कंपनी ने बताया कि उसके कारोबार की प्रकृति के कारण मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ा बड़ा पर्यावरणीय प्रभाव नहीं है। इसके बावजूद प्लास्टिक के इस्तेमाल को कम करने के लिए प्लास्टिक गार्बेज बैग की जगह बायोडिग्रेडेबल बैग का इस्तेमाल किया जा रहा है। कंप्यूटर और दूसरे ई-वेस्ट को प्रमाणित एजेंसियों को सौंपा जाता है। कंपनी ने ऑफिस में प्लास्टिक बोतलों की जगह ग्लास और स्टील की बोतलों के इस्तेमाल तथा डिजिटल प्रक्रियाओं के जरिए कागज की खपत कम करने की बात भी कही है।
कंपनी ने यह भी बताया कि FY 2025-26 में कंज्यूमर से जुड़े डेटा प्राइवेसी, विज्ञापन और साइबर सिक्योरिटी समेत बताए गए मामलों में कोई शिकायत दर्ज नहीं हुई। रिपोर्ट में डेटा ब्रीच के मामले भी शून्य बताए गए हैं।
कुल मिलाकर, TIPS Music की BRSR रिपोर्ट से साफ है कि कंपनी के लिए डिजिटल म्यूजिक और AI आने वाले समय में बड़े अवसर हैं, लेकिन इनके साथ कॉपीराइट, रॉयल्टी, डेटा प्राइवेसी और साइबर सिक्योरिटी जैसी चुनौतियों पर भी लगातार ध्यान देना जरूरी होगा।
Warner Music Group (WMG) के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) और चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO) अरमिन जर्जा (Armin Zerza) ने निजी कारणों से अपने पद से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
Warner Music Group (WMG) के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) और चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO) अरमिन जर्जा (Armin Zerza) ने निजी कारणों से अपने पद से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि, कंपनी ने बताया कि वह वित्तीय वर्ष (Fiscal Year) के अंत तक ट्रांजिशन प्रक्रिया को सुचारु रूप से पूरा कराने के लिए कंपनी के साथ जुड़े रहेंगे।
कंपनी ने अपने नए CFO की नियुक्ति के लिए औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। तब तक ग्लोबल कंट्रोलर और चीफ अकाउंटिंग ऑफिसर (Chief Accounting Officer) लू डिकलर (Lou Dickler) को अंतरिम (Acting) CFO की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
WMG के मुताबिक, लू डिकलर इससे पहले भी अंतरिम CFO की भूमिका निभा चुके हैं। उन्हें वित्तीय मामलों का लंबा अनुभव है और कंपनी के संचालन की गहरी समझ भी है। इसी वजह से उन्हें यह अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है।
इस मौके पर Warner Music Group के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) रॉबर्ट किंकल (Robert Kyncl) ने कहा, "अरमिन जर्जा कंपनी के विकास और बदलाव के महत्वपूर्ण दौर में हमारी नेतृत्व टीम के बेहद अहम सदस्य रहे हैं। उन्होंने कंपनी को मजबूत व्यावसायिक और वित्तीय नेतृत्व दिया है। हम उनके योगदान के लिए उनका दिल से धन्यवाद करते हैं और उनके भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हैं।"
अरमिन जर्जा के इस्तीफे के बाद अब कंपनी की नजर नए CFO की नियुक्ति पर होगी। तब तक लू डिकलर अंतरिम CFO के तौर पर कंपनी की वित्तीय जिम्मेदारियां संभालेंगे।
भारत में म्यूजिक सुनने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन अब म्यूजिक इंडस्ट्री की नजर ऐसे लोगों पर है जो इसके लिए पैसे भी खर्च करें।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
भारत में म्यूजिक सुनने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन अब म्यूजिक इंडस्ट्री की नजर ऐसे लोगों पर है जो इसके लिए पैसे भी खर्च करें। EY और इंडियन म्यूजिक इंडस्ट्री (IMI) की संयुक्त रिपोर्ट के मुताबिक, अगर मौजूदा कमाई (मॉनेटाइजेशन) की कोशिशें इसी तरह जारी रहीं, तो देश में पेड म्यूजिक सब्सक्राइबरों की संख्या 2028 तक बढ़कर 2.8 से 3 करोड़ (28-30 मिलियन) तक पहुंच सकती है।
रिपोर्ट के अनुसार, साल 2025 में भारत में करीब 1.4 करोड़ (14 मिलियन) पेड म्यूजिक सब्सक्राइबर थे। यह तब है, जब म्यूजिक देश में सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाले डिजिटल मनोरंजन माध्यमों में शामिल है।
15 हजार से ज्यादा स्मार्टफोन यूजर्स पर किए गए सर्वे में सामने आया कि 96 फीसदी लोग अपने स्मार्टफोन पर म्यूजिक सुनते हैं। इनमें से 80 फीसदी लोग हर दिन एक घंटे से ज्यादा समय म्यूजिक स्ट्रीमिंग या सुनने में बिताते हैं।
हालांकि, सबसे बड़ी चुनौती इन श्रोताओं को पेड सब्सक्राइबर में बदलने की है। रिपोर्ट के मुताबिक, केवल 38 फीसदी लोगों ने कभी म्यूजिक स्ट्रीमिंग सर्विस के लिए भुगतान किया है, जबकि 86 फीसदी लोग किसी न किसी वीडियो OTT प्लेटफॉर्म का सब्सक्रिप्शन ले चुके हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि इसकी बड़ी वजह मुफ्त में उपलब्ध म्यूजिक और फ्री व प्रीमियम म्यूजिक सर्विस के बीच बहुत कम अंतर होना है। यही कारण है कि लोग भुगतान करने की बजाय मुफ्त विकल्पों का इस्तेमाल करना पसंद करते हैं।
हालांकि, रिपोर्ट में इस क्षेत्र में बड़े अवसर भी दिखाई देते हैं। 61 फीसदी लोगों ने कहा कि अगर मुफ्त विकल्प उपलब्ध न हों और सब्सक्रिप्शन की कीमत किफायती हो, तो वे म्यूजिक स्ट्रीमिंग के लिए भुगतान करने को तैयार हैं। वहीं, 39 फीसदी लोगों का कहना है कि वे ऐसी स्थिति में भी मुफ्त या पायरेटेड स्रोतों का इस्तेमाल करना पसंद करेंगे।
रिपोर्ट के मुताबिक, 60 फीसदी लोग अभी भी म्यूजिक सुनने के लिए समर्पित डिजिटल स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करना पसंद करते हैं। हालांकि, नए गाने खोजने के लिए लोग तेजी से शॉर्ट वीडियो और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की ओर बढ़ रहे हैं, जो बदलती उपभोक्ता आदतों का संकेत है।
IMI के अध्यक्ष ब्लेज़ फर्नांडिस ने कहा कि भारत के म्यूजिक इकोसिस्टम को आगे बढ़ाने के लिए उपभोक्ताओं का मजबूत समर्थन जरूरी है। उनके मुताबिक, पेड सब्सक्रिप्शन सिर्फ एक सेवा का शुल्क नहीं, बल्कि कलाकारों और भारतीय संगीत विरासत में किया गया निवेश है।
IMI के चेयरमैन विक्रम मेहरा ने कहा कि यह रिपोर्ट दिखाती है कि भारतीय उपभोक्ता अच्छी गुणवत्ता वाले कंटेंट के लिए भुगतान करने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि IMI डिजिटल स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स के साथ मिलकर पेड ऑडियो इकोसिस्टम को मजबूत करेगा, ताकि भारत दुनिया के शीर्ष पांच म्यूजिक बाजारों में अपनी जगह बना सके।
EY इंडिया में मीडिया और एंटरटेनमेंट लीडर आशीष फेरवानी ने कहा कि म्यूजिक भारत में सबसे लोकप्रिय डिजिटल मनोरंजन माध्यमों में से एक है। उनका मानना है कि बेहतर जागरूकता, प्रीमियम सेवाओं में स्पष्ट अंतर और नए इनोवेटिव फीचर्स के जरिए पेड सब्सक्रिप्शन की रफ्तार और तेज की जा सकती है।
कुल मिलाकर, रिपोर्ट बताती है कि भारत में म्यूजिक स्ट्रीमिंग इंडस्ट्री के लिए आने वाले वर्षों में बड़ा अवसर मौजूद है। अब चुनौती नए श्रोता जोड़ने से ज्यादा मौजूदा श्रोताओं को यह भरोसा दिलाने की है कि बेहतर म्यूजिक अनुभव के लिए भुगतान करना फायदे का सौदा है।
'रेडियो सिटी' की पैरेंट कंपनी म्यूजिक ब्रॉडकास्ट लिमिटेड ने अपनी वरिष्ठ प्रबंधन टीम को मजबूत करते हुए अनुरिता पटेल और मिली शाह को सीनियर मैनेजमेंट पर्सनल के रूप में नामित किया है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
'रेडियो सिटी' की पैरेंट कंपनी म्यूजिक ब्रॉडकास्ट लिमिटेड (Music Broadcast Limited) ने अपनी वरिष्ठ प्रबंधन टीम (Senior Management) को मजबूत करते हुए अनुरिता पटेल और मिली शाह को सीनियर मैनेजमेंट पर्सनल (Senior Management Personnel) के रूप में नामित किया है। यह फैसला कंपनी के निदेशक मंडल की 22 जुलाई 2026 को हुई बैठक में लिया गया।
कंपनी ने शेयर बाजार को दी गई सूचना में बताया कि यह निर्णय नॉमिनेशन एंड रेम्यूनरेशन कमेटी की सिफारिश के आधार पर लिया गया है। दोनों की नई जिम्मेदारियां 22 जुलाई 2026 से प्रभावी हो गई हैं।
कौन हैं अनुरिता पटेल और मिली शाह?
कंपनी के अनुसार, अनुरिता पटेल फिलहाल नेशनल प्रोग्रामिंग की प्रमुख (Head – National Programming) हैं। वहीं, मिली शाह कंपनी में कमर्शियल और एडमिनिस्ट्रेशन विभाग का नेतृत्व कर रही हैं।
अब दोनों को सेबी (SEBI) के लिस्टिंग नियमों के तहत आधिकारिक तौर पर सीनियर मैनेजमेंट पर्सनल का दर्जा दिया गया है।
नौकरी की शर्तों में कोई बदलाव नहीं
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह कोई नई नियुक्ति (Appointment) नहीं है। अनुरिता पटेल और मिली शाह पहले से ही कंपनी में पूर्णकालिक (Full-time) कर्मचारी के रूप में कार्यरत हैं। उनके पदनाम और पहचान में बदलाव किया गया है, लेकिन नौकरी की शर्तों, वेतन या अन्य सेवा शर्तों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
बोर्ड बैठक में लिया गया फैसला
Music Broadcast Limited के बोर्ड की बैठक 22 जुलाई को दोपहर 2:30 बजे शुरू हुई और 4:30 बजे समाप्त हुई। बैठक में दोनों अधिकारियों को वरिष्ठ प्रबंधन का दर्जा देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
कंपनी ने यह जानकारी SEBI (Listing Obligations and Disclosure Requirements) Regulations, 2015 के रेगुलेशन 30 के तहत बीएसई (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) को भेजी है।
गौरतलब है कि Music Broadcast Limited देश के प्रमुख एफएम रेडियो नेटवर्क Radio City का संचालन करती है और रेडियो प्रसारण के क्षेत्र में उसकी मजबूत मौजूदगी है।
म्यूजिक कंपनी Tips Music Limited ने अपने प्रस्तावित शेयर बायबैक (Share Buyback) को फिलहाल टालने का फैसला किया है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
म्यूजिक कंपनी Tips Music Limited ने अपने प्रस्तावित शेयर बायबैक (Share Buyback) को फिलहाल टालने का फैसला किया है। हालांकि, इसके साथ ही कंपनी ने वित्त वर्ष की पहली तिमाही (Q1) में आय (Revenue) में साल-दर-साल मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की है।
पहली तिमाही में आय 1.07 अरब रुपये पहुंची
कंपनी के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में उसका रेवेन्यू 1.07 अरब रुपये (करीब 107 करोड़ रुपये) रहा। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह 881 मिलियन रुपये (करीब 88.1 करोड़ रुपये) था।
इस तरह कंपनी की आय में सालाना आधार पर उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिली, जो उसके म्यूजिक कारोबार के लगातार मजबूत प्रदर्शन को दर्शाती है।
शेयर बायबैक फिलहाल टला
कंपनी ने एक अलग घोषणा में बताया कि उसने अपने प्रस्तावित शेयर बायबैक को फिलहाल स्थगित (Deferred) कर दिया है। हालांकि, कंपनी ने यह नहीं बताया कि बायबैक अब कब किया जाएगा या इसे टालने के पीछे क्या वजह है।
फिलहाल बायबैक की नई समय-सीमा या अन्य शर्तों को लेकर भी कोई जानकारी साझा नहीं की गई है।
हालांकि, बायबैक टालने के फैसले के बावजूद कंपनी की पहली तिमाही के नतीजे बताते हैं कि उसके मुख्य म्यूजिक कारोबार से होने वाली आय में लगातार मजबूती बनी हुई है।
यदि आप Apple Music का इस्तेमाल करते हैं, तो अब इसके लिए आपको पहले से ज्यादा पैसे चुकाने होंगे। Apple ने भारत में अपने Student, Individual और Family प्लान्स की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
यदि आप Apple Music का इस्तेमाल करते हैं, तो अब इसके लिए आपको पहले से ज्यादा पैसे चुकाने होंगे। Apple ने भारत में अपने Student, Individual और Family प्लान्स की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। कंपनी का कहना है कि म्यूजिक के लाइसेंस (Music Licensing) की बढ़ती लागत के चलते यह फैसला लिया गया है।
नई कीमतों के अनुसार, Student प्लान अब 59 रुपये की जगह 69 रुपये प्रति माह का हो गया है। वहीं Individual प्लान की कीमत 119 रुपये से बढ़ाकर 139 रुपये प्रति माह कर दी गई है।
इसके अलावा, Family प्लान, जिसमें एक साथ छह सदस्य Apple Music का इस्तेमाल कर सकते हैं, अब 179 रुपये की जगह 229 रुपये प्रति माह में मिलेगा।
Apple ने अपने Apple One सब्सक्रिप्शन बंडल की कीमतों में भी बढ़ोतरी की है। Apple One Individual प्लान अब 175 रुपये की जगह 195 रुपये प्रति माह का हो गया है। कंपनी ने अन्य Apple One प्लान्स की कीमतें भी बढ़ाई हैं।
Apple के मुताबिक, यह बदलाव दुनिया भर में बढ़ रही म्यूजिक लाइसेंसिंग लागत के कारण किया गया है। कंपनी ने इसे वैश्विक स्तर पर लागू किए जा रहे प्राइस अपडेट का हिस्सा बताया है। भारत के अलावा अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोप जैसे कई बाजारों में भी Apple Music की कीमतें बढ़ाई गई हैं।
हालांकि, कंपनी ने कीमत बढ़ाने के साथ किसी नए फीचर या अतिरिक्त सुविधा का ऐलान नहीं किया है।
यह 2022 के बाद Apple Music की पहली वैश्विक प्राइस बढ़ोतरी है। वहीं भारत में पिछले दो वर्षों के भीतर यह दूसरी बार है जब Apple ने अपने म्यूजिक सब्सक्रिप्शन की कीमतें बढ़ाई हैं। इससे पहले 2024 के आखिर में कंपनी ने Individual प्लान की कीमत 99 रुपये से बढ़ाकर 119 रुपये की थी।
कीमतें बढ़ने के बावजूद Apple Music की मौजूदा सुविधाएं पहले की तरह जारी रहेंगी। इनमें बिना विज्ञापन (Ad-Free) म्यूजिक सुनने की सुविधा, ऑफलाइन डाउनलोड, Spatial Audio, Lossless Audio और 10 करोड़ (100 मिलियन) से ज्यादा गानों की लाइब्रेरी शामिल है। कुछ देशों में स्टूडेंट प्लान लेने वालों को पहले की तरह Apple TV+ का लाभ भी मिलता रहेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि दुनिया भर में कंटेंट और लाइसेंसिंग की लागत लगातार बढ़ रही है। इसी वजह से कई स्ट्रीमिंग कंपनियां अपने सब्सक्रिप्शन प्लान महंगे कर रही हैं। भारत में भी डिजिटल मनोरंजन सेवाओं पर बढ़ता खर्च अब उपभोक्ताओं के लिए एक नई चुनौती बनता जा रहा है, जिसे उद्योग जगत में 'स्ट्रीमफ्लेशन' (Streamflation) कहा जा रहा है।