अब इस नाम से जाने जाएंगे जम्मू, श्रीनगर और लेह के रेडियो स्टेशन

31 अक्टूबर से जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के दो केंद्र शासित प्रदेश बनने के साथ ही जम्मू, श्रीनगर और लेह के रेडियो स्टेशनों का नाम बदल दिया गया है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 31 October, 2019
Last Modified:
Thursday, 31 October, 2019
Radio

सरदार बल्लभ भाई पटेल की जयंती पर 31 अक्टूबर से जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के दो केंद्र शासित प्रदेश बनने के साथ ही जम्मू, श्रीनगर और लेह के रेडियो स्टेशनों का नाम बदल दिया गया है। अब ये रेडियो स्टेशन ‘ऑल इंडिया रेडियो जम्मू’, ‘ऑल इंडिया रेडियो श्रीनगर’ और ‘ऑल इंडिया रेडियो लेह’ के नाम से जाने जाएंगे।

इसके साथ ही इन रेडियो स्टेशनों की पहचान के लिए की जाने वाली उद्घोषणाएं भी आज से बदल जाएंगी और अब इसे रेडियो कश्मीर के बजाय ऑल इंडिया रेडियो/आकाशवाणी के नाम से जाना जाएगा। नई व्यवस्था के तहत जम्‍मू कश्‍मीर में रेडियो कश्‍मीर की जगह अब ऑल इंडिया रेडियो का प्रसारण होगा।

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PM मोदी ने कुछ यूं की रेडियो जॉकी के काम की सराहना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने शुक्रवार को देश के प्रमुख रेडियो जॉकीज (Radio Jockey) से बातचीत की

Last Modified:
Saturday, 28 March, 2020
rj-modi

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को देश भर के रेडियो जॉकी (RJ) से बात की और कोरोनावायरस (कोविड-19) को लेकर जागरूकता फैलाने के लिए उनकी सराहना की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई इस बातचीत के दौरान पीएम ने रेडियो जॉकी से कहा कि वे इस महामारी से लोगों के सामने आ रहीं कठिनाइयों और चुनौतियों पर अपनी राय दें, ताकि सरकार उन समस्याओं का समाधान कर सके। पीएम का यह भी कहना था कि रेडियो जॉकी विशेषज्ञों की राय और इस हालात से निपटने के लिए सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों के बारे में भी सूचना प्रसारित करें।

इसके साथ ही उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि डॉक्टरों, स्वास्थ्य सेवा में जुटे कार्यकर्ताओं और विमानन कंपनी के कर्मियों के संक्रमित होने के सामाजिक डर की वजह से उनके साथ हो रहे दुर्व्यवहार की खबरों को बताया जाए, ताकि इस चुनौती का मुकाबला किया जा सके। उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि सरकार द्वारा की जा रही घोषणाओं की जानकारी लाभार्थियों को सुचारु तरीके से और समय पर मिले। जनसंप्रेषक होने के नाते रेडियो जॉकी लोगों को सामाजिक सोशल डिस्टेंसिंग के महत्व के बारे में शिक्षित करने के साथ इन घोषणाओं की जानकारी देने में सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं।

पीएम का कहना था कि कार्यक्रमों की पहुंच की वजह से रेडियो जॉकी लाखों भारतीय परिवारों के सदस्य जैसे हैं। लोग न केवल इन कार्यक्रमों को सुनते हैं, बल्कि उनका अनुपालन भी करते हैं। प्रधानमंत्री ने रेडियो जॉकी से सकारात्मक खबरों और रिपोर्ट्स को प्रचारित करने का आह्वान किया, खासतौर पर उन मरीजों के बारे में जो पूरी तरह से ठीक हो चुके हैं। उन्होंने सलाह दी कि इस तरह की खबरों का पूरे देश में प्रसारण होना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और प्रिंट मीडिया के प्रतिनिधियों से बातचीत कर इस महामारी के संक्रमण को फैलने से रोकने की दिशा में उनका समर्थन मांगा था। गौरतलब है कि कोरोना से ‘जंग’ के लिए सरकार ने तमाम एहतियाती कदम उठाए हैं। इसी दिशा में कदम बढ़ाते हुए पीएम ने देश में 21 दिन के लॉकडाउन की घोषणा कर लोगों को अपने घरों पर रहने की सलाह दी है।

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कोरोना पर सोशल मैसेज को लेकर Radio City की ये बड़ी पहल

यह कदम न सिर्फ रेडियो सिटी कोविड-19 के बारे में विश्वसनीय सूचनाएं उपलब्ध कराने का प्लेटफॉर्म बनाएगा बल्कि अपने क्लाइंट्स को विज्ञापन खर्च में कटौती करने में भी मदद करेगा।

Last Modified:
Tuesday, 24 March, 2020
Radio CIty

कोरोना वायरस (कोविड-19) ने पूरी दुनिया में कोहराम मचा रखा है। कोरोना वायरस के चलते कई लोगों की मौत हो चुकी है। इस खतरनाक बीमारी को लेकर लोगों में तमाम तरह की अफवाहें भी फैल रही हैं। ऐसे में इन अफवाहों पर लगाम लगाने और लोगों के बीच जागरूकता फैलाने के लिए ‘रेडियो सिटी’ (Radio City) ने कोरोना वायरस से जुड़े सभी प्रकार के कम्युनिकेशन में 50 प्रतिशत शुल्क कटौती की घोषणा की है। यह कदम न सिर्फ ‘रेडियो सिटी’ को कोविड-19 के बारे में विश्वसनीय सूचनाएं उपलब्ध कराने का प्लेटफॉर्म बनाएगा बल्कि अपने क्लाइंट्स को विज्ञापन खर्च में कटौती करने में भी मदद करेगा।

अपने क्लाइंट्स और एजेसिंयों के लिए जारी विज्ञापन में ‘रेडियो सिटी’ की ओर से कहा गया है, ‘अफवाहों पर रोक लगाने और जागरूकता फैलाने के लिए आपकी आवाज बनने पर हमें गर्व है।’ इस विज्ञापन में यह भी कहा गया है, ‘जिंदगी के लिए बड़ा खतरा होने के साथ ही कोरोना वायरस मानसिक तनाव के स्तर को भी बढ़ा देता है। लेकिन अगर आप एक ब्रैंड के रूप में जिम्मेदार और जागरूकता संदेश के माध्यम से समाज में सकारात्मक भूमिका निभाने में विश्वास करते हैं या किसी ऐसे प्रॉडक्ट/सर्विस को बढ़ावा देते हैं जो उपभोक्ताओं को इस वायरस से बचाने में मदद करता है, तो हमें आपका सपोर्ट कर खुशी होगी। इसलिए कोरोना वायरस के बारे में जागरूक करते संदेशों/सर्विसेज पर रेडियो सिटी की तरफ से फीस में 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।’  

इस पहल के बारे में ‘रेडियो सिटी’ के सीईओ अशित कुकियन का कहना है, ‘हम अपने क्लाइंट्स और एजेसिंयों के साथ मीटिंग्स कर रहे हैं। उनका कहना है कि ऐसे माहौल में उनका बिजनेस काफी प्रभावित होगा, इसलिए वे विज्ञापन पर पैसा लगाना नहीं चाहते हैं। हालांकि कई ब्रैंड्स सामाजिक रूप से काफी जिम्मेदार हैं और हमने सोचा है कि हमारे लिए यह सही समय है, जब कोरोना वायरस के बारे में जागरूकता संदेश फैलाने वालों को अपना प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराएं।’

कुकियन के अनुसार, ‘यह सच बात है कि बिजनेस प्रभावित होने के कारण एडवर्टाइजिंग अथवा मार्केटिंग में पैसा लगाने के लिए एडवर्टाइजर अथवा ब्रैंड्स को काफी विवेक से निर्णय लेना होगा। इसलिए हमने सोचा कि इस बोझ को कम करने के लिए एक ब्रैंड के तौर पर हम 50 प्रतिशत की छूट देंगे।’

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मार्केट को देखते हुए 93.5 RED FM ने लिया ये बड़ा फैसला

कोरोना के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए दुनियाभर में घटनाओं को या तो स्थगित कर दिया गया है या रद्द कर दिया गया है।

Last Modified:
Friday, 20 March, 2020
RED FM

दुनियाभर के लिए सिरदर्द बने कोरोना वायरस ने अब तक अलग-अलग देशों में हजारों लोगों की जानें ले ली हैं। कोरोना के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए दुनियाभर में घटनाओं को या तो स्थगित कर दिया गया है या रद्द कर दिया गया है। अधिकांश संगठनों ने अपने कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम की सुविधा शुरू की है। दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे महानगरीय शहरों में तो सरकार ने कोरोवायरस के प्रसार को रोकने के लिए स्कूल, कॉलेज, पब, मॉल और सिनेमाघरों को बंद कर दिया है।

ऐसे में मार्केट की स्थिति को देखते हुए, ‘93.5 रेड एफएम’ (93.5 RED FM) ने सभी तरह के एडिशनल कॉस्ट (अतिरिक्त खर्चें) पर कैंची चलाने का फैसला किया है। साथ ही कंपनी ने यह भी तय किया है कि कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप को लेकर वर्तमान में जो हालात बन गए हैं उसे देखते हुए इस साल इंडस्ट्री अवॉर्ड्स में वह हिस्सा नहीं लेगा।

वैसे जो खबर सामने आयी है उसके मुताबिक RED FM का बिजनेस सामान्य है। माना जा रहा है कि कोविड-19 की वजह से पहला तिमाही काफी मुश्किलों भरा रहेगा। लिहाजा कंपनी ने सतर्कता बरतते हुए पहले से ही अपने खर्चों को कम करने का फैसला लिया है। कुछ समय के लिए, कंपनी ने अपनी सभी ऑन-ग्राउंड इवेंट्स को रोक दिया है। COVID-19 ने न केवल स्वास्थ्य को लेकर डर पैदा किया है बल्कि यह इंडस्ट्री को भी बहुत ज्यादा प्रभावित कर रहा है।  

अपने इस फैसले को लेकर ‘रेड एफएम’ (RED FM) और ‘मैजिक एफएम’ (Magic FM) की डायरेक्टर और सीओओ निशा नारायणन ने कहा कि अर्थव्यवस्था की धीमी होती रफ्तार और कोविड-19 के प्रकोप से इंडस्ट्री में अनिश्चितता बनी हुई है। लिहाजा इस चुनौतीपूर्ण समय को देखते हुए, हम सभी के क्रांतिकारी कदम उठाना जरूरी है। RED FM को लेकर हमने इस साल के सभी इंडस्ट्री अवॉर्ड्स से दूर रहने का फैसला किया है, ताकि इन पैसों का उपयोग अधिक महत्वपूर्ण परियोजनाओं की ओर किया जा सके। वैसे अपने ऑन-एयर और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिये हम लोगों को इस महामारी के बारे में ज्यादा से ज्यादा लोगों को जागरूक करने का काम कर रहे हैं और इस बात पर जोर दे रहे हैं कि लोग झूठी खबरें न फैलाएं। साथ ही इस बात को भी समझाने की कोशिश कर रहे हैं कि ऐसे वक्त में आस-पास सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना कितना जरूरी है। हम उम्मीद करते हैं कि आने वाले महीनों में बिजनेस फिर से सामान्य हो जाएगा।

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यहां की 57 जेलों में खुलेंगे रेडियो स्टेशन

राज्य की ममता बनर्जी सरकार द्वारा जेलों में कैदियों के मनोरंजन और रहन-सहन के स्तर की बेहतरी के लिए शुरू की गई कवायद के तहत यह कदम उठाया जा रहा है।

Last Modified:
Thursday, 19 March, 2020
Radio Station

पश्चिम बंगाल की 57 जेलों में जल्द ही रेडियो स्टेशन खोले जाएंगे। बताया जाता है कि राज्य की ममता बनर्जी सरकार द्वारा जेलों में कैदियों के मनोरंजन और रहन-सहन के स्तर की बेहतरी के लिए शुरू की गई कवायद के तहत यह कदम उठाया जा रहा है।

हालांकि, देश की कई जेलों ने अपने रेडियो स्टेशन शुरू किए हैं, लेकिन इस राज्य की तमाम जेलों में एक साथ अपने-अपने रेडियो स्टेशन खोले जाएंगे। इस कवायद के तहत संगीत उपकरणों को रखने के लिए जेल परिसर में कमरा भी मुहैया कराया जाएगा।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर दमदम केंद्रीय जेल में सरकार ने यह परियोजना शुरू की थी। वहां इस परियोजना के कारगर रहने पर अब राज्य की तमाम जेलों में इसे शुरू करने का फैसला किया गया है। शुरुआत में राज्य की छह केंद्रीय जेलों में इसे शुरू किया जाएगा। बताया जाता है कि हर सुधार गृह में प्रस्तावित रेडियो स्टेशन के लिए पांच हजार गाने जुटाए गए हैं। इनके जरिये रोजाना आठ घंटे तक गीतों का प्रसारण किया जाएगा।

इन रेडियो स्टेशनों से प्रसारित होने वाले गीत-संगीत को कैदियों तक पहुंचाने के लिए बंदी कक्ष के बाहर जगह-जगह लाउडस्पीकर लगाए जाएंगे। इन रेडियो स्टेशन में कैदी ही रेडियो जॉकी (आरजे) की जिम्मेदारी निभाएंगे। इसके लिए जेल प्रशासन द्वारा एक गैर-सरकारी संगठन की सहायता से कैदियों को इसका प्रशिक्षण दिलाया जा रहा है।

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जल्द ही दुनिया भर में सुनाई देगी इस इंटरनेट रेडियो स्टेशन की आवाज

बहुत पुरानी कहावत है कि दुनिया के किसी भी हिस्से में चले जाओ, वहां आपको एक न एक मलयाली जरूर मिल जाएगा

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 19 February, 2020
Last Modified:
Wednesday, 19 February, 2020
Internet Radio

बहुत पुरानी कहावत है कि दुनिया के किसी भी हिस्से में चले जाओ, वहां आपको एक न एक मलयाली जरूर मिल जाएगा। यह बात सही हो या नहीं, लेकिन जल्द ही लोगों को दुनिया के किसी भी हिस्से में ‘रेडियो मलयालम’ के रूप मे मलयालम इंटरनेट रेडियो का लुत्फ उठाने का मौका मिलने वाला है।

इसके लिए 1.37 मिनट का एक जिंगल भी तैयार किया गया है, जो मलयालम में ‘Amma Malayalam’ कहकर केरल के लोगों का अपनी मातृभाषा के लिए प्यार शो करती है। इस जिंगल को बिजिबल (Bijibal) और सौम्या रामाकृष्णन ने गाया है और इसके बोल हरि नारायण के हैं।

इस इंटरनेट रेडियो स्टेशन को मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन शुक्रवार को लॉन्च करेंगे। इस प्रोजेक्ट को देश का क्षेत्रीय भाषा का पहला इंटरनेट रेडियो कहा जा रहा है। वेबसाइट (www.radiomalayalam) और मोबाइल ऐप (Malayalam Mission) के द्वारा 150 देशों के लोग इस रेडियो स्टेशन का लुत्फ उठा सकेंगे।

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आकाशवाणी ने कुछ यूं भरी उड़ान...

आकाशवाणी समाचार सेवा प्रभाग की प्रधान महानिदेशक ईरा जोशी ने कहा कि ‘एआईआर न्यूज’ (AIR News) को सटीक खबरें प्रदान करने के लिए जाना जाता है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Saturday, 15 February, 2020
Last Modified:
Saturday, 15 February, 2020
AIR

‘आकाशवाणी समाचार’ यानी ‘एआईआर न्यूज’ (AIR News) ने शुक्रवार को अपनी तीन भाषाओं में वेबसाइट की शुरुआत की है। इस वेबसाइट की लॉन्चिंग सूचना-प्रसारण मंत्रालय के सचिव रवि मित्तल ने दिल्ली में आकाशवाणी के क्षेत्रीय समाचार इकाइयों (Regional News Units) के राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान की।

बता दें कि जिन भाषाओं में इन वेबसाइट की शुरू की गई है, उनमें तमिल (Tamil), असमिया (Assamese) और डोगरी (Dogri) भाषा शामिल है।

लॉन्चिंग के दौरान मित्तल ने कहा कि ‘एआईआर न्यूज’ (AIR News) में खबरों की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए प्रयास किए जाने चाहिए, ताकि जो दर्शक अन्य माध्यमों की ओर जा रहे हैं उन्हें रोका जा सके। उन्होंने सुझाव दिया कि बेहतर समन्वय और ज्यादा प्रभाव स्थापित करने के लिए श्रोताओं, विज्ञापनदाताओं और विभिन्न क्षेत्रीय समाचार इकाइयों के साथ बातचीत करते रहना चाहिए। उन्होंने ने कहा कि इस तरह का सम्मेलन नियमित रूप से आयोजित होते रहना चाहिए।

आकाशवाणी समाचार सेवा प्रभाग की प्रधान महानिदेशक ईरा जोशी ने कहा कि ‘एआईआर न्यूज’ (AIR News) को सटीक खबरें प्रदान करने के लिए जाना जाता है और यह सूचना प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय समाचार इकाइयों ने आपदाओं के दौरान बहुत अच्छा काम किया है और इन इकाइयों ने संकट के समय में सटीक जानकारी प्रदान करके लोगों और प्रशासन की मदद की है। उन्होंने बताया कि ‘एआईआर न्यूज’ (AIR News) 24X7 FM न्यूज चैनलों को लॉन्च करने की तैयारी में है।

इस मौके पर सूचना-प्रसारण के सचिव ने सम्मेलन के दौरान 46 क्षेत्रीय समाचार इकाई (Regional News Units) के प्रतिनिधियों और विदेशी संवाददाताओं से भी बातचीत की। सरकार की नीतियों के साथ ही आकाशवाणी को और बेहतर बनाने की दिशा में की जा रही कवायद से रूबरू कराने के लिए इस दो दिवसीय सम्मेलन का आयोजन किया गया।

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डिजिटल रेडियो को लेकर TRAI ने सरकार से की ये गुजारिश

ट्राई का कहना है कि वह इस बारे में अपनी सिफारिशें पहले ही दे चुका है और जरूरत पड़ने पर आगे भी पॉलिसी इनपुट्स देने के लिए तैयार है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 13 February, 2020
Last Modified:
Thursday, 13 February, 2020
Digital Radio

‘टेलिकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया’ (ट्राई) ने सरकार से डिजिटल रेडियो ब्रॉडकास्टिंग के लिए विस्तृत पॉलिसी तैयार करने की गुजारिश की है। ट्राई का कहना है कि वह इस बारे में अपनी सिफारिशें पहले ही दे चुका है और जरूरत पड़ने पर आगे भी पॉलिसी इनपुट्स देने के लिए तैयार है।

‘Xperi Corporation’ और ‘India Cellular and Electronics Association’ द्वारा ‘डिजिटल रेडियो विजन फॉर इंडिया’ पर संयुक्त रूप से आयोजित एक वर्कशॉप को संबोधित करते हुए ‘ट्राई’ के चेयरमैन आरएस शर्मा का कहना था, ‘डिजिटल रेडियो ब्रॉडकास्टिंग’ की पॉलिसी को एक व्यापक रोडमैप के साथ एक निश्चित समय में लाना चाहिए।

इसके साथ ही आरएस शर्मा का यह भी कहना था कि टियर-दो और टियर-तीन शहरों में एफएम रेडियो चैनल्स की नीलामी के लिए रिजर्व प्राइस को लेकर ‘ट्राई’ एक हफ्ते में अपनी सिफारिशें जारी कर देगा। इस बारे में सरकार ने ट्राई से सिफारिशें मांगी हैं।

कार्यक्रम के दौरान प्रसार भारती के सीईओ शशि शेखर वेम्पती ने कहा, ‘डिजिटल एचडी रेडियो की टेस्ट स्ट्रीम पायलट बेसिस पर पहले से ही उपलब्ध है। हमें डिजिटल रेडियो की जरूरत इसलिए है क्योंकि हम अन्य जॉनर्स में भी सर्विस की उम्मीद जता रहे हैं। सिंगल एनालॉग फ्रीक्वेंसी में मैंने सभी संभव जॉनर के कंटेंट को फिट करने का प्रयास किया, लेकिन यह मामला आगे नहीं बढ़  रहा है। इसलिए विभिन्न ऑडियंस सेगमेंट के लिए हमें डिजिटल रेडियो की जरूरत है।’

वेम्पती ने यह भी बताया कि इस बारे में प्रसार भारती ने आईआईटी कानपुर के साथ एक एमओयू (MoU) भी साइन किया है। उन्होंने कहा कि आजकल मीडिया और इंफॉरमेशन के लिए स्मार्टफोन्स का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में जरूरी है कि ब्रॉडकास्ट सिग्नल आवश्यक रूप से सभी स्मार्टफोन्स तक भेजे जाएं।

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दिल्लीवासियों को कुछ यूं मतदान का महत्व समझाएगा RED FM

इस पहल के तहत उन इलाकों पर खास फोकस किया जाएगा, जहां पर वोटिंग का प्रतिशत कम रहता है

Last Modified:
Friday, 31 January, 2020
Campaign

लोगों को जागरूक करने और दिल्ली विधानसभा चुनाव में ज्यादा से ज्यादा उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए 'रेड एफएम' (Red FM) ने एक नया कैंपेन लॉन्च किया है। ‘वोट द हक’ (Vote The Haq) नाम से लॉन्च किए गए इस कैंपेन में उन इलाकों पर खास फोकस किया जाएगा, जहां पर वोटिंग का प्रतिशत कम रहता है। इन इलाकों में ऑन एयर के साथ ही ऑन ग्राउंड कैंपेन भी चलाया जाएगा।

इस कैंपेन के तहत मोटरसाइकिल सवारों के कई समूह इन इलाकों में वोटिंग के प्रति जागरूकता फैलाने का काम करेंगे। रेडियो जॉकी (RJ) इन गतिविधियों का प्रमोशन करेंगे और चुने गए श्रोताओं को आठ फरवरी को बाइक सवारों के इन ग्रुप्स के साथ संबंधित मतदान केंद्रों पर सवारी करने का मौका मिलेगा।  

इस कैंपेन के बारे में ‘रेड एफएम’ (RED FM) और ‘मैजिक एफएम’ (Magic FM) की सीओओ और डायरेक्टर निशा नारायणन का कहना है, ‘मजबूत प्रजातंत्र और अच्छी सरकार के लिए प्रत्येक वोट कीमती है। इस कैंपने का उद्देश्य दिल्ली में कम मतदान प्रतिशत वाले इलाकों में लोगों को जागरूक करना है, ताकि वे अपने वोट का महत्व समझें और मतदान जरूर करें।’ इस कैंपेन के तहत ‘रेड एफएम’ ने विशेष रूप से ‘दिल्ली चुनाव 2020’ के लिए एक गाना भी लॉन्च किया है।

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नए साल में अब रेडियो इंडस्ट्री की उम्मीदों को कुछ यूं लगेंगे 'पंख'

नई उम्मीदों को लेकर नया साल शुरू हो चुका है। रेडियो इंडस्ट्री को भी नए साल से तमाम उम्मीदें हैं

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Tuesday, 07 January, 2020
Last Modified:
Tuesday, 07 January, 2020
Radio Industry

नई उम्मीदों को लेकर नया साल शुरू हो चुका है। रेडियो इंडस्ट्री को भी नए साल से तमाम उम्मीदें हैं। रेडियो इंडस्ट्री के वर्तमान हालात पर नजर डालें तो ‘फिक्की फ्रेम्स-ईवाई रिपोर्ट’ (FICCI Frames-EY report) के अनुसार, देश में 70 प्रतिशत से ज्यादा रेडियो कंटेंट मोबाइल पर सुना जाता है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि मेट्रो शहरों में 10 में से सात, जबकि गैर मेट्रो शहरों में 10 में से छह व्यक्ति सफर करते समय मोबाइल फोन पर रेडियो सुनते हैं। रेडियो सुनने वालों के इस बढ़ते हुए ट्रेंड को देखकर एडवर्टाइजर्स भी उसी के अनुसार अपनी रणनीति तय करेंगे। पिछले साल की बात करें तो रेडियो स्टेशनों द्वारा कई सफल कैंपेन चलाए गए। इनमें ‘92.7 बिग एफएम’ द्वारा ‘धुन बदलके तो देखो’ भी शामिल रहा। खास बात यह रही कि मात्र चार मेट्रो शहरों में ही 1.84 करोड़ श्रोताओं तक इसकी पहुंच हो गई।

कुछ स्टेशन न सिर्फ एडवर्टाइजर्स को विज्ञापनों के लिए प्लेटफार्म उपलब्ध कराते हैं, बल्कि वे ऑन ग्राउंड एक्टिविटीज और डिजिटल कैंपेन के द्वारा क्रिएटिव सॉल्यूशंस भी उपलब्ध कराते हैं। हमारी सहयोगी वेबसाइट ‘एक्सचेंज4मीडिया’ (exchange4media) ने रेडियो इंडस्ट्री के दिग्गजों से वर्ष 2019 की चुनौतियों और इस साल की उम्मीदों के बारे में विस्तार से बातचीत की।

‘रेड एफएम’ (RED FM) के नेशनल मार्केटिंग हेड रजत उप्पल का कहना है कि रेवेन्यू के हिसाब से देखें तो अन्य माध्यमों की तरह रेडियो के लिए साल 2019 काफी मुश्किलों भरा रहा है। उप्पल के अनुसार, ‘इस मुश्किल समय ने चुनौतियों का सामना करने के लिए रेडियो ब्रैंड्स को कुछ अलग हटकर सोचने व करने के लिए मजबूर किया है। रेडियो इंडस्ट्री ने ब्रैंड को विस्तार देने के साथ ही विभिन्न वर्टिकल्स पर काम करना शुरू कर दिया है, जिससे अतिरिक्त रेवेन्यू जुटाया जा सके। रेड एफएम की बात करें तो हमने इस बात पर जोर दिया है कि हम एंटरटेनमेंट ब्रैंड हैं, न कि सिर्फ रेडियो ब्रैंड हैं। हमने अपने ईवेंट्स और एक्टिवेशन बिजनेस को मजबूती देने के साथ ही अपनी डिजिटल पहुंच को भी बढ़ाया है। हमारा मानना है कि इस तरह से आने वाले समय में हमारी ग्रोथ होगी।’  

रेडियो इंडस्ट्री में पिछले साल आए ट्रेंड्स के बारे में ‘रिलायंस ब्रॉडकास्‍ट नेटवर्क लिमिटेड’ (RBNL) के सीईओ अब्राहम थॉमस का कहना है कि  चुनौतियों व सफलता के मामले में साल 2019 रेडियो इंडस्ट्री के लिए काफी उतार-चढ़ाव वाला रहा है। थॉमस के अनुसार, ‘कई ब्रैंड्स ने स्थानीय स्तर पर रेडियो की पहुंच का फायदा उठाया और इसका असर उनकी सेल्स पर भी पढ़ा, जबकि कुछ इससे भी आगे बढ़ गए और उन्होंने मार्केटिंग पार्टनरशिप की दिशा में कदम आगे बढ़ाया। रही बात वर्ष 2020 की तो मेरा मानना है कि इस साल रेडियो की पहुंच के साथ इसका प्रभाव और बढ़ेगा। यह ब्रैंड्स के लिए नए जमाने का ‘ऑडियो एंटरटेनमेंट’ प्लेटफार्म बनेगा और यह इंडस्ट्री नए आयाम छुएगी।’   

रेडियो द्वारा चलाए गए उन अभियानों के बारे में, जिन्होंने वर्ष 2019 में काफी प्रभाव डाला, ‘रेडियो सिटी’ के सीईओ अशित कुकियन ने कहा कि अपने ब्रैंड की विचारधारा ‘रग रग में दौड़े सिटी’ पर चलते हुए रेडियो सिटी हमेशा से अपने श्रोताओं से मजबूत संबंध बनाने के लिए नई पहल करने में आगे रहा है। यह श्रोताओं को प्लेटफार्म भी उपलब्ध कराता है, जहां पर वे अपनी बात रख सकते हैं। इसके अलावा इन पहल के द्वारा श्रोताओं में विभिन्न मुद्दों पर जागरूकता फैलाने का काम भी किया जाता है। कुकियन के अनुसार, ‘देश के पहले और सबसे बड़े सिंगिंग टैलेंट हंट,रेडियो सिटी सुपर सिंगर के 11वें सीजन के साथ ही रेडियो सिटी ने 39 शहरों में 69 मिलियन श्रोताओं तक अपनी पहुंच बना ली है। हमने नए-नए गायकों को एक प्लेटफार्म दिया है, ताकि वे देश के सामने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें। यही नहीं, विभिन्न जॉनर और भाषाओं के संगीतकारों को सम्मानित करने के लिए रेडियो सिटी फ्रीडम अवॉर्ड्स भी शुरू किए गए हैं। सिर्फ यही नहीं, समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए भी रेडियो सिटी की ओर से तमाम कैंपेन चलाए गए हैं।’

आने वाले समय में रेडियो इंडस्ट्री के बड़े बदलावों के बारे में कुकियन ने कहा, ‘वैश्विक रूप से देखें तो रेडियो प्लेयर्स द्वारा इंटरनेट रेडियो की शक्ति का इस्तेमाल किया जाएगा, यह यूजर्स की रेडियो सुनने की आदतों के आधार पर प्लेलिस्ट तैयार करने में मददगार होगा। रेडियो कंपनियां प्रोग्रामैटिक एडवर्टाइजिंग और एक्सक्लूसिव कंटेंट के इस्तेमाल को बढ़ाने पर फोकस करेंगी। वे टार्गेट ऑडियंस के साथ ही ब्रैंड कनेक्ट को और मजबूती देंगी। जहां तक रीजनल प्लेयर्स की बात है तो मेरा मानना है कि अपनी पहुंच को विस्तार देने और एडवर्टाइजिंग रेवेन्यू को बढ़ाने के लिए वे बड़े प्लेयर्स के साथ स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप करेंगे।’

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AIR ने अनूठे अंदाज में मनाया विश्व ब्रेल दिवस

दिव्यांगों को सशक्त बनाने और समाज की मुख्य धारा में उनकी उपस्थिति को बढ़ावा देने के लिए ‘ऑल इंडिया रेडियो’ (AIR) ने यह कदम उठाया।

Last Modified:
Monday, 06 January, 2020
AIR

‘ऑल इंडिया रेडियो’ (AIR) ने ब्रेल लिपि के जनक लुइस ब्रेल की 211वीं जयंती को एक नए रूप में मनाया। इसके लिए चार जनवरी को विश्व ब्रेल दिवस (World Braille Day) पर ऑल इंडिया रेडियो न्यूज और इसकी  पुणे व नागपुर यूनिट्स में दृष्टि बाधित विद्यार्थियों और अधिकारियों ने लाइव न्यूज पढ़ी। यह न्यूज ब्रेल लिपि में लिखी गई थी।

दिव्यांगों को सशक्त बनाने और समाज की मुख्य धारा में उनकी उपस्थिति को बढ़ावा देने के लिए यह कदम उठाया गया। इसके तहत दिल्ली से सुबह 11 बजे कमल प्रजापति नाम के दृष्टि बाधित अधिकारी ने हिंदी में समाचार पढ़े। पुणे यूनिट से सुबह 07:10 बजे मराठी में दृष्टि बाधित विद्यार्थी गुलाब कांबले और कविता गावली ने न्यूज पढ़ी। दोनों विद्यार्थी ‘Pune Blind Men’s association’ से जुड़े हुए हैं।

बता दें कि एआईआर पुणे द्वारा वर्ष 2016 से ब्रेल लिपि में न्यूज ब्रॉडकास्ट की जा रही है। वहीं, ऑल इंडिया रेडियो की नागपुर यूनिट में सलोनी कपगटे ने अपनी ट्यूटर कंचन नाजपांडे की मदद से सुबह 11.58 बजे दो मिनट का न्यूज बुलेटिन पढ़ा। 

इस मौके पर आकाशवाणी समाचार की प्रधान महानिदेशक इरा जोशी ने कहा कि दृष्टि दिव्यांगजनों तक आकाशवाणी की पहुंच सबसे आसान है। उन्होंने कहा कि दृष्टिबाधित लोगों को समाचार संकलन का हिस्सा बनाने से न केवल उनमें आत्मविश्वास आता है, बल्कि श्रोताओं के साथ-साथ न्यूज रूम में अन्य लोगों को दिव्यांगजनों की जरूरतों के प्रति अधिक संवेदनशील बनाता है।

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