अब इस नाम से जाने जाएंगे जम्मू, श्रीनगर और लेह के रेडियो स्टेशन

31 अक्टूबर से जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के दो केंद्र शासित प्रदेश बनने के साथ ही जम्मू, श्रीनगर और लेह के रेडियो स्टेशनों का नाम बदल दिया गया है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 31 October, 2019
Last Modified:
Thursday, 31 October, 2019
Radio

सरदार बल्लभ भाई पटेल की जयंती पर 31 अक्टूबर से जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के दो केंद्र शासित प्रदेश बनने के साथ ही जम्मू, श्रीनगर और लेह के रेडियो स्टेशनों का नाम बदल दिया गया है। अब ये रेडियो स्टेशन ‘ऑल इंडिया रेडियो जम्मू’, ‘ऑल इंडिया रेडियो श्रीनगर’ और ‘ऑल इंडिया रेडियो लेह’ के नाम से जाने जाएंगे।

इसके साथ ही इन रेडियो स्टेशनों की पहचान के लिए की जाने वाली उद्घोषणाएं भी आज से बदल जाएंगी और अब इसे रेडियो कश्मीर के बजाय ऑल इंडिया रेडियो/आकाशवाणी के नाम से जाना जाएगा। नई व्यवस्था के तहत जम्‍मू कश्‍मीर में रेडियो कश्‍मीर की जगह अब ऑल इंडिया रेडियो का प्रसारण होगा।

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नए साल में अब रेडियो इंडस्ट्री की उम्मीदों को कुछ यूं लगेंगे 'पंख'

नई उम्मीदों को लेकर नया साल शुरू हो चुका है। रेडियो इंडस्ट्री को भी नए साल से तमाम उम्मीदें हैं

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Tuesday, 07 January, 2020
Last Modified:
Tuesday, 07 January, 2020
Radio Industry

नई उम्मीदों को लेकर नया साल शुरू हो चुका है। रेडियो इंडस्ट्री को भी नए साल से तमाम उम्मीदें हैं। रेडियो इंडस्ट्री के वर्तमान हालात पर नजर डालें तो ‘फिक्की फ्रेम्स-ईवाई रिपोर्ट’ (FICCI Frames-EY report) के अनुसार, देश में 70 प्रतिशत से ज्यादा रेडियो कंटेंट मोबाइल पर सुना जाता है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि मेट्रो शहरों में 10 में से सात, जबकि गैर मेट्रो शहरों में 10 में से छह व्यक्ति सफर करते समय मोबाइल फोन पर रेडियो सुनते हैं। रेडियो सुनने वालों के इस बढ़ते हुए ट्रेंड को देखकर एडवर्टाइजर्स भी उसी के अनुसार अपनी रणनीति तय करेंगे। पिछले साल की बात करें तो रेडियो स्टेशनों द्वारा कई सफल कैंपेन चलाए गए। इनमें ‘92.7 बिग एफएम’ द्वारा ‘धुन बदलके तो देखो’ भी शामिल रहा। खास बात यह रही कि मात्र चार मेट्रो शहरों में ही 1.84 करोड़ श्रोताओं तक इसकी पहुंच हो गई।

कुछ स्टेशन न सिर्फ एडवर्टाइजर्स को विज्ञापनों के लिए प्लेटफार्म उपलब्ध कराते हैं, बल्कि वे ऑन ग्राउंड एक्टिविटीज और डिजिटल कैंपेन के द्वारा क्रिएटिव सॉल्यूशंस भी उपलब्ध कराते हैं। हमारी सहयोगी वेबसाइट ‘एक्सचेंज4मीडिया’ (exchange4media) ने रेडियो इंडस्ट्री के दिग्गजों से वर्ष 2019 की चुनौतियों और इस साल की उम्मीदों के बारे में विस्तार से बातचीत की।

‘रेड एफएम’ (RED FM) के नेशनल मार्केटिंग हेड रजत उप्पल का कहना है कि रेवेन्यू के हिसाब से देखें तो अन्य माध्यमों की तरह रेडियो के लिए साल 2019 काफी मुश्किलों भरा रहा है। उप्पल के अनुसार, ‘इस मुश्किल समय ने चुनौतियों का सामना करने के लिए रेडियो ब्रैंड्स को कुछ अलग हटकर सोचने व करने के लिए मजबूर किया है। रेडियो इंडस्ट्री ने ब्रैंड को विस्तार देने के साथ ही विभिन्न वर्टिकल्स पर काम करना शुरू कर दिया है, जिससे अतिरिक्त रेवेन्यू जुटाया जा सके। रेड एफएम की बात करें तो हमने इस बात पर जोर दिया है कि हम एंटरटेनमेंट ब्रैंड हैं, न कि सिर्फ रेडियो ब्रैंड हैं। हमने अपने ईवेंट्स और एक्टिवेशन बिजनेस को मजबूती देने के साथ ही अपनी डिजिटल पहुंच को भी बढ़ाया है। हमारा मानना है कि इस तरह से आने वाले समय में हमारी ग्रोथ होगी।’  

रेडियो इंडस्ट्री में पिछले साल आए ट्रेंड्स के बारे में ‘रिलायंस ब्रॉडकास्‍ट नेटवर्क लिमिटेड’ (RBNL) के सीईओ अब्राहम थॉमस का कहना है कि  चुनौतियों व सफलता के मामले में साल 2019 रेडियो इंडस्ट्री के लिए काफी उतार-चढ़ाव वाला रहा है। थॉमस के अनुसार, ‘कई ब्रैंड्स ने स्थानीय स्तर पर रेडियो की पहुंच का फायदा उठाया और इसका असर उनकी सेल्स पर भी पढ़ा, जबकि कुछ इससे भी आगे बढ़ गए और उन्होंने मार्केटिंग पार्टनरशिप की दिशा में कदम आगे बढ़ाया। रही बात वर्ष 2020 की तो मेरा मानना है कि इस साल रेडियो की पहुंच के साथ इसका प्रभाव और बढ़ेगा। यह ब्रैंड्स के लिए नए जमाने का ‘ऑडियो एंटरटेनमेंट’ प्लेटफार्म बनेगा और यह इंडस्ट्री नए आयाम छुएगी।’   

रेडियो द्वारा चलाए गए उन अभियानों के बारे में, जिन्होंने वर्ष 2019 में काफी प्रभाव डाला, ‘रेडियो सिटी’ के सीईओ अशित कुकियन ने कहा कि अपने ब्रैंड की विचारधारा ‘रग रग में दौड़े सिटी’ पर चलते हुए रेडियो सिटी हमेशा से अपने श्रोताओं से मजबूत संबंध बनाने के लिए नई पहल करने में आगे रहा है। यह श्रोताओं को प्लेटफार्म भी उपलब्ध कराता है, जहां पर वे अपनी बात रख सकते हैं। इसके अलावा इन पहल के द्वारा श्रोताओं में विभिन्न मुद्दों पर जागरूकता फैलाने का काम भी किया जाता है। कुकियन के अनुसार, ‘देश के पहले और सबसे बड़े सिंगिंग टैलेंट हंट,रेडियो सिटी सुपर सिंगर के 11वें सीजन के साथ ही रेडियो सिटी ने 39 शहरों में 69 मिलियन श्रोताओं तक अपनी पहुंच बना ली है। हमने नए-नए गायकों को एक प्लेटफार्म दिया है, ताकि वे देश के सामने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें। यही नहीं, विभिन्न जॉनर और भाषाओं के संगीतकारों को सम्मानित करने के लिए रेडियो सिटी फ्रीडम अवॉर्ड्स भी शुरू किए गए हैं। सिर्फ यही नहीं, समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए भी रेडियो सिटी की ओर से तमाम कैंपेन चलाए गए हैं।’

आने वाले समय में रेडियो इंडस्ट्री के बड़े बदलावों के बारे में कुकियन ने कहा, ‘वैश्विक रूप से देखें तो रेडियो प्लेयर्स द्वारा इंटरनेट रेडियो की शक्ति का इस्तेमाल किया जाएगा, यह यूजर्स की रेडियो सुनने की आदतों के आधार पर प्लेलिस्ट तैयार करने में मददगार होगा। रेडियो कंपनियां प्रोग्रामैटिक एडवर्टाइजिंग और एक्सक्लूसिव कंटेंट के इस्तेमाल को बढ़ाने पर फोकस करेंगी। वे टार्गेट ऑडियंस के साथ ही ब्रैंड कनेक्ट को और मजबूती देंगी। जहां तक रीजनल प्लेयर्स की बात है तो मेरा मानना है कि अपनी पहुंच को विस्तार देने और एडवर्टाइजिंग रेवेन्यू को बढ़ाने के लिए वे बड़े प्लेयर्स के साथ स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप करेंगे।’

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AIR ने अनूठे अंदाज में मनाया विश्व ब्रेल दिवस

दिव्यांगों को सशक्त बनाने और समाज की मुख्य धारा में उनकी उपस्थिति को बढ़ावा देने के लिए ‘ऑल इंडिया रेडियो’ (AIR) ने यह कदम उठाया।

Last Modified:
Monday, 06 January, 2020
AIR

‘ऑल इंडिया रेडियो’ (AIR) ने ब्रेल लिपि के जनक लुइस ब्रेल की 211वीं जयंती को एक नए रूप में मनाया। इसके लिए चार जनवरी को विश्व ब्रेल दिवस (World Braille Day) पर ऑल इंडिया रेडियो न्यूज और इसकी  पुणे व नागपुर यूनिट्स में दृष्टि बाधित विद्यार्थियों और अधिकारियों ने लाइव न्यूज पढ़ी। यह न्यूज ब्रेल लिपि में लिखी गई थी।

दिव्यांगों को सशक्त बनाने और समाज की मुख्य धारा में उनकी उपस्थिति को बढ़ावा देने के लिए यह कदम उठाया गया। इसके तहत दिल्ली से सुबह 11 बजे कमल प्रजापति नाम के दृष्टि बाधित अधिकारी ने हिंदी में समाचार पढ़े। पुणे यूनिट से सुबह 07:10 बजे मराठी में दृष्टि बाधित विद्यार्थी गुलाब कांबले और कविता गावली ने न्यूज पढ़ी। दोनों विद्यार्थी ‘Pune Blind Men’s association’ से जुड़े हुए हैं।

बता दें कि एआईआर पुणे द्वारा वर्ष 2016 से ब्रेल लिपि में न्यूज ब्रॉडकास्ट की जा रही है। वहीं, ऑल इंडिया रेडियो की नागपुर यूनिट में सलोनी कपगटे ने अपनी ट्यूटर कंचन नाजपांडे की मदद से सुबह 11.58 बजे दो मिनट का न्यूज बुलेटिन पढ़ा। 

इस मौके पर आकाशवाणी समाचार की प्रधान महानिदेशक इरा जोशी ने कहा कि दृष्टि दिव्यांगजनों तक आकाशवाणी की पहुंच सबसे आसान है। उन्होंने कहा कि दृष्टिबाधित लोगों को समाचार संकलन का हिस्सा बनाने से न केवल उनमें आत्मविश्वास आता है, बल्कि श्रोताओं के साथ-साथ न्यूज रूम में अन्य लोगों को दिव्यांगजनों की जरूरतों के प्रति अधिक संवेदनशील बनाता है।

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कश्मीर के मुद्दे पर फेसबुक को रास नहीं आया ये न्यूज बुलेटिन, उठाया बड़ा कदम

‘फेसबुक’ ने एक बड़ा कदम उठाते हुए ‘रेडियो पाकिस्तान’ के न्यूज बुलेटिन के प्रसारण पर रोक लगा दी

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Monday, 30 December, 2019
Last Modified:
Monday, 30 December, 2019
Radio Facebook

सोशल मीडिया क्षेत्र की दिग्गज कंपनी ‘फेसबुक’ ने  एक बड़ा कदम उठाते हुए ‘रेडियो पाकिस्तान’ के न्यूज बुलेटिन की लाइव स्ट्रीमिंग पर रोक लगा दी। बताया जाता है कि कश्मीर के बारे में फैलाए जा रहे फेक न्यूज को प्रोपेगेंडा को देखते हुए यह रोक लगाई गई। फेसबुक का कहना है कि खतरनाक व्यक्तियों और संस्थानों को लेकर मानकों के उल्लंघन के आरोप में यह रोक लगाई गई।

वहीं, रेडियो पाकिस्तान का आरोप है कि पाकिस्तान ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन के बुलेटिन में कश्मीर में भारत के जुल्म को दिखाने के लिए फेसबुक ने इस प्रसारण पर रोक लगाई। हालांकि, इसके बाद बुलेटिन के ऑनलाइन प्रसारण के लिए वैकल्पिक उपाय किए गए और इसे यूट्यूब पर लाइव स्ट्रीमिंग किया गया।

dawn.com की रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की विशेष सलाहकार (सूचना और प्रसार) फिरदौस आशिक अवान ने कहा कि आत्मनिर्भर होने के लिए पाकिस्तान को सोशल मीडिया से दूरी बनाने की जरूरत है।

इस्लामाबाद में फिरदौस ने दावा किया, 'जब भी हम फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मानवाधिकारों के हनन का मामला प्रमुखता से उठाते हैं, अकाउंट को सस्पेंड कर दिया जाता है। हमने इसके खिलाफ पहले भी आवाज उठाई है और आगे भी अपनी आवाज उठाएंगे।'

बता दें कि 2016 में भी फेसबुक ने आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर बुरहान वानी की मौत के बाद दर्जनों आपत्तिजनक पोस्ट पर रोक लगा दी थी। वहीं, कुछ माह पूर्व ही पाकिस्तान के डायरेक्टर जनरल (इन्टर सर्विसेज पब्लिक रिलेशन्स) मेजर जनरल आसिफ गफूर ने कहा था कि पाकिस्तानी अधिकारियों ने पाक सोशल मीडिया अकाउंट्स को हटाए जाने को लेकर फेसबुक और ट्विटर से बात की है।

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BBC का बड़ा फैसला: बंद होगी हिंदी की ये सर्विस

‘बीबीसी वर्ल्ड सर्विस’ का पिछले कुछ वर्षों के दौरान भारत पर काफी फोकस रहा है। इस दौरान भारत में चार नई भारतीय भाषाओं में सेवा शुरू की गई है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 19 December, 2019
Last Modified:
Thursday, 19 December, 2019
BBC HINDI

रेडियो श्रोताओं में हो रही लगातार कमी के कारण ‘बीबीसी’ ने हिंदी में शॉर्टवेव रेडियो का प्रसारण बंद करने का निर्णय लिया है। हालांकि डिजिटल और टीवी के साथ ही एफएम पार्टनर चैनल्स के द्वारा यह दर्शकों और श्रोताओं तक अपनी पहुंच बनाए रखेगा। दरअसल, इन प्लेटफॉर्म्स पर तमाम लोग लगाता बीबीसी से जुड़ रहे हैं, इसलिए इन प्लेटफॉर्म्स में निवेश जारी रखने का फैसला लिया गया है।

बताया जाता है कि ‘बीबीसी हिंदी’ के सुबह साढ़े छह बजे प्रसारित होने वाले कार्यक्रम ‘नमस्कार भारत’ का अंतिम प्रसारण 27 दिसंबर को होगा, वहीं, शाम साढ़े सात बजे प्रसारित होने वाले कार्यक्रम ‘दिन भर’ का अंतिम प्रसारण 31 जनवरी को होगा। शॉर्टवेव प्रसारण बंद होने के बावजूद बीबीसी डिजिटल माध्यमों पर अपने कुछ नियमित कार्यक्रम जैसे-‘विवेचना’ और ‘दुनिया-जहां’ डिजिटल ऑडियो के रूप में प्रसारित करता रहेगा।

गौरतलब है कि ‘बीबीसी वर्ल्ड सर्विस’ का पिछले कुछ वर्षों के दौरान भारत पर काफी फोकस रहा है। इस दौरान भारत में चार नई भारतीय भाषाओं में भी सेवा शुरू की गई है। हालांकि, डिजिटल के बढ़ते प्रभाव के कारण बड़ी संख्या में ‘बीबीसी’ के उन श्रोताओं ने डिजिटल और टीवी की ओर रुख कर लिया, जो शॉर्टवेव रेडियो से जुड़े हुए थे। इसलिए ही बीबीसी ने अब यह निर्णय लिया है।  

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पत्रकार अमित राजपूत की रेडियो की दुनिया में वापसी, मिली नई जिम्मेदारी

हाल ही में अमित राजपूत ने चीन की एक वेबसाइट से इस्तीफा दिया है, जहां ये क्रिएटिव कंटेंट के लिए सपोर्ट कर रहे थे

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Tuesday, 05 November, 2019
Last Modified:
Tuesday, 05 November, 2019
Amit Rajpoot

कुछ सालों से ब्रॉडकास्टिंग की दुनिया से दूर रहे रेडियो पत्रकार अमित राजपूत एक बार फिर से नई जिम्मेदारी के साथ वापस लौटे हैं। अमित राजपूत ने बतौर प्रोग्राम को-ऑर्डिनेटर भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) के सामुदायिक रेडियो ‘96.9 एफएम-अपना रेडियो’ को जॉइन कर लिया है।

अमित राजपूत IIMC के 2014-15 बैच के छात्र भी रहे हैं। आकाशवाणी महानिदेशालय में दिल्ली स्टेशन के प्रधानमंत्री के विशेष कार्यक्रम ‘मन की बात’ से कॅरियर की शुरुआत करने वाले अमित राजपूत मूलरूप से उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के रहने वाले हैं। अमित राजपूत को आकाशवाणी में ‘मन की बात’ के अलावा एफएम रेनबो और एफएम गोल्ड में विशेष रूप से काम का अनुभव है। इसके अलावा अमित राजपूत प्रसार भारती द्वारा क्रॉस चैनल पब्लिसिटी और क्रॉस मीडिया पब्लिसिटी के लिए गठित प्रोग्राम प्रमोशन यूनिट की स्क्रीनिंग कमेटी के सदस्य भी रहे हैं।

आकाशवाणी के बाद इन्होंने ब्रॉडकास्टिंग की दुनिया से किनारा कर लिया था और वर्ष 2017 के यूपी विधानसभा चुनावों की कवरेज के लिए लखनऊ चले गये। वहां आउटलुक फेम योगेश मिश्रा के संस्थान न्यूजट्रैक डॉट कॉम और हिंदी साप्ताहिक ‘अपना भारत’ में काम किया। हाल ही में अमित राजपूत ने चीन की एक वेबसाइट से इस्तीफा दिया है, जहां ये क्रिएटिव कंटेंट के लिए सपोर्ट कर रहे थे।

इसके अलावा अमित राजपूत अपनी किताब ‘अंतर्वेद प्रवरः गणेश शंकर विद्यार्थी’ पर काम कर रहे थे, जो कि शीघ्र ही लॉन्च होने जा रही है। इससे पूर्व अमित राजपूत विदेश मंत्रालय की एक कॉफी-टेबल बुक ‘अभूतपूर्व संपर्क- असाधारण सफलताएं’ का वर्तनी शुद्धिकरण भी कर चुके हैं। इस यात्रा के बाद अमित राजपूत एक बार फिर से ब्रॉडकास्टिंग की ओर लौटे हैं और अपना रेडियो में हेड ऑफ प्रोग्रामिंग राजेन्द्र चुघ के बाद टीम के वाइस कैप्टन की भूमिका में बतौर प्रोग्राम को-ऑर्डिनेटर नई जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

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रेडियो चैनल के खिलाफ शिकायत दर्ज, लगा ये आरोप

शिकायतकर्ता का आरोप है कि तमाम बार कहने के बावजूद सुनने के लिए तैयार नहीं हैं रेडियो चैनल्स

Last Modified:
Monday, 28 October, 2019
Radio

चंडीगढ़ में एक रेडियो चैनल के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है। रेडियो चैनल पर अश्लीलता, शराब और गन कल्चर को प्रमोट करने वाले गाने बजाने का आरोप है। पोस्ट ग्रेजुएट गवर्नमेंट कॉलेज (पीजीजीसी) में समाज शास्त्र विभाग के प्रो. पंडित राव धरेनवर ने इंडस्ट्रियल एरिया स्थित रेडियो चैनल के खिलाफ डीडीआर दर्ज कराई है। आरोप है कि पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट के आदेश के बावजूद रेडियो चैनल शराब को प्रमोट करने वाले गाने बजा रहे हैं।

अपनी शिकायत में पंडित राव धरेनवर का कहना है कि 24 अक्टूबर की शाम 5.07 बजे रेडियो चैनल ने शराब को प्रमोट करने वाला गाना चलाया। उन्होंने रेडियो चैनल में फोन कर इस गाने को चलाने के पीछे मकसद भी पूछा, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने यह कदम उठाया।

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BBC का इतना मुस्लिम प्रेम नहीं भाया, सिख पत्रकार ने लिया ये निर्णय

पत्रकार के अनुसार, बीबीसी को डर था कि कार्यक्रम से उसके मुस्लिम श्रोता नाराज हो सकते हैं

Last Modified:
Friday, 04 October, 2019
BBC

भारतीय मूल के ब्रिटिश पत्रकार लॉर्ड इन्द्रजीत सिंह ने बीबीसी के साथ 35 साल पुराना रिश्ता तोड़ दिया है। इसकी वजह उन्होंने मीडिया संस्थान की समुदाय विशेष के प्रति अत्यधिक संवेदनशीलता बताई है। सिंह बीबीसी रेडियो 4 के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘थॉट फॉर द डे’ को प्रेजेंट करते थे। उन्हें ब्रिटेन में सिख समुदाय की आवाज माना जाता है।

लॉर्ड सिंह के मुताबिक, बीबीसी ने उन्हें सिख गुरु तेग बहादुर के बारे में चर्चा करने से रोकने की कोशिश की, जिन्होंने 17वीं शताब्दी में भारत में हिंदुओं को जबरन मुस्लिम बनाये जाने के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी। सिंह का कहना है कि बीबीसी को डर था कि कार्यक्रम से उसके मुस्लिम श्रोता नाराज हो सकते हैं, जबकि उनकी स्क्रिप्ट में इस्लाम की आलोचना जैसा कुछ नहीं था। बीबीसी का यह रवैया उसकी ‘पूर्वग्रह और असहिष्णुता'से ग्रस्त मानसिकता दर्शाता है।

हालांकि, मीडिया समूह ने इन्द्रजीत सिंह के आरोपों को बेबुनियाद करार दिया है। बीबीसी के एक प्रवक्ता ने कहा कि 'थॉट फॉर द डे’ एक सजीव, सामयिक सेगमेंट है और समाचारों को व्यापक स्तर पर पहुंचाने के लिए संपादकीय बदलाव असामान्य नहीं होते, यह एक सामान्य प्रक्रिया है। हम सिंह से पूरी तरह असहमत हैं।

मीडिया से बातचीत में सिंह ने बीबीसी पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा, ‘बीबीसी ने जो किया, वो कुछ ऐसा है जैसे किसी ईसाई से कहना कि यहूदियों के डर से उसे ईस्टर के बारे में बात नहीं करनी चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि 'थॉट्स ऑफ द डे’ का उद्देश्य अब पूरी तरह से बदल दिया गया है। मुझे विश्वास है कि यदि सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक और यहां तक कि ईसा मसीह जीवित होते तो उन्हें भी 'थॉट्स फॉर द डे' में शामिल नहीं किया जाता।‘

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रेडियो जॉकी के साथ हुई बड़ी घटना, पुलिस तक पहुंचा मामला

घटना के दौरान दिल्ली में ओखला स्थित अपने स्टूडियो से घर लौट रहे थे रेडियो जॉकी

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Saturday, 07 September, 2019
Last Modified:
Saturday, 07 September, 2019
Radio Jockey

दिल्ली के महेंद्रा पार्क इलाके में निजी एफएम चैनल के रेडियो जॉकी (आरजे) से जबरन रुपए अपने खाते में डलवाने का मामला सामने आया है। बताया जाता है कि आरोपित ने जबरन रेडियो जॉकी से पेटीएम के द्वारा अपने अकाउंट में बीस हजार रुपए डलवा लिए और फरार हो गया। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपित की तलाश शुरू कर दी है।

लव खेत्रपाल (27) एक एफएम चैनल में रेडियो जॉकी हैं। गुरुवार की रात वह ओखला स्थित अपने स्टूडियो से घर लौट रहे थे। रात करीब आठ बजे मुकरबा चौक पर आगे चल रही फॉर्च्यूनर गाड़ी से उनकी कार टकरा गई।

इसके बाद फॉर्च्यूनर गाड़ी के चालक ने नुकसान की भरपाई के नाम पर लव को धमकी देते हुए जबरन उनके पेटीएम अकाउंट से 20 हजार रुपए अपने खाते में डलवा लिए। हालांकि पुलिस अधिकारी ने बताया कि जांच के दौरान आरोपित ने लव के खाते में रुपए वापस भी कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस ने उसकी तलाश शुरू कर दी है।

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अपनी मांगों को लेकर आकाशवाणी कर्मियों ने लिया अब ये फैसला

पिछले हफ्ते हुई ऑल इंडिया रेडियो कैजुअल अनाउंसर एंड कॉम्पीयर्स यूनियन की बैठक में उठाए गए कई मुद्दे

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Tuesday, 03 September, 2019
Last Modified:
Tuesday, 03 September, 2019
All India Radio

आकाशवाणी महानिदेशालय द्वारा किए जा रहे शोषण के विरुद्ध व अपनी मांगों को लेकर देश भर के कैजुअल अनाउंसर/काम्पीयर्स/आरजे 13 सितंबर को महिला आयोग और महानिदेशालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन करेंगे। ऑल इंडिया रेडियो कैजुअल अनाउंसर एंड कॉम्पीयर्स यूनियन (AIRCACU) के राष्ट्रीय अध्यक्ष हरिकृष्ण शर्मा ने बताया कि पिछले सप्ताह दिल्ली में हुई यूनियन की बैठक में यह निर्णय लिया गया।

उनका कहना था कि देशभर के आकाशवाणी केन्द्रों के कैजुअल अनाउंसर/कॉम्पीयर्स/आरजे करीब चार साल से सरकार के सामने अपने  नियमितीकरण की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन आकाशवाणी महानिदेशालय और सरकार इनकी सुनवाई नहीं कर रही है। ऐसे में, दिनोंदिन आकाशवाणी महानिदेशालय द्वारा इनका शोषण बढ़ता जा रहा है।

उन्होंने बताया कि महिलाओं के शोषण के विरोध में यूनियन ने महिला आयोग से गुहार लगाई। इस पर महिला आयोग ने आकाशवाणी महानिदेशालय को तलब किया, लेकिन महानिदेशालय ने अभी तक दोषी अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की है। न ही पीड़ित महिलाओं की ड्यूटी शुरू की है और न ही किसी मुआवजे का ऐलान किया है, जिससे यूनियन से जुड़ी महिलाओं में भारी रोष है और ये सभी 13 सितंबर को प्रदर्शन के लिए महिला आयोग के समक्ष पहुंचेंगी।

यूनियन की महासचिव डॉ. शबनम खानम ने बताया कि वो महिलाओ को न्याय दिलाने के लिये महिला आयोग के संपर्क में हैं, पर अभी तक आयोग ने भी इन्हें कोई विशेष राहत प्रदान नहीं की है। यूनियन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष महेश शर्मा ने बताया कि आकाशवाणी महानिदेशालय,परफारमेंस रिव्यू/री स्क्रीनिंग की आड़ में स्वर/लिखित/एवं साक्षात्कार परीक्षा का आयोजन कर वर्षों से कार्य कर रहे अनुभवी कैजुअल कर्मियों को आकाशवाणी से बाहर निकालने तथा इनकी जगह नए लोगों,अपने रिश्तेदारों के चयन की गलत नीति तथा तथ्यों पर अण्डरटेकिंग जैसी शोषणकारी नीति अपना रहा है।

उन्होंने बताया कि इसके विरोध में ऑल इंडिया कैजुअल अनाउंसर एंड कॉम्पीयर्स रजिस्ट्रर्ड यूनियन ने सितंबर 2017 और जुलाई 2018 में महानिदेशालय का घेराव किया व सामूहिक रूप से पुलिस को अपनी गिरफ्तारियां दीं। पुलिस के सहयोग से प्रसार भारती के सीईओ व अन्य अधिकारियों से कई मुद्दों पर बातचीत हुई, लेकिन उचित मांगों पर अधिकारियों ने कोई भी वांछित कार्यवाही नहीं की। इसलिए यूनियन ने 13 सितंबर को आकाशवाणी महानिदेशालय के घेराव का निर्णय लिया है

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AIR: कॉन्ट्रैक्ट पर काम कर रहे स्टाफ पर नई कंपनी का 'सितम'

आकाशवाणी में रोजमर्रा के टाइपिंग संबंधी काम के लिये डाटा एंट्री ऑपरेटर और मल्टी टास्किंग स्टाफ के तौर पर युवाओं को कॉन्ट्रैक्ट पर रखा गया है

Last Modified:
Friday, 30 August, 2019
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ऑल इंडिया रेडियो (आकाशवाणी) में कॉन्ट्रैक्ट पर कार्यरत डाटा एंट्री ऑपरेटर और मल्टी टास्किंग स्टाफ (MTS) से नई कंपनी द्वारा आठ हजार रुपए प्रति व्यक्ति मांगे जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि रकम अदा नहीं करने अथवा देने से मना करने की स्थिति में उन्हें नौकरी से निकालने की धमकी भी जा रही है| दरअसल, आकाशवाणी में रोजमर्रा के टाइपिंग संबंधी काम के लिये डाटा एंट्री ऑपरेटर और मल्टी टास्किंग स्टाफ के तौर पर करीब 200 युवाओं को कॉन्ट्रैक्ट पर रखा गया है | इनमें से कई युवा वर्षों से यहीं काम कर रहे हैं|

आरोप है कि आकाशवाणी महानिदेशालय और प्रसार भारती ने जानबूझकर युवाओं को सीधे रोजगार न देकर एक प्राइवेट कंपनी को कॉन्ट्रैक्ट दे रखा है, जो आवश्यकता अनुसार डाटा एंट्री ऑपरेटर और एमटीएस मुहैय्या कराती है| जून 2014 से ‘ट्रायो सिक्योरिटी एजेंसी’ (trio security agency) को कॉन्ट्रैक्ट मिला हुआ था| बताया जाता है कि लाजपत नगर स्थित यह एजेंसी संस्थाओं को सिक्योरिटी गार्ड्स मुहैया कराने का काम करती है। अब पटेल नगर दिल्ली स्थित ‘मैक्स प्रोटेक्शन’ (MAX PROTECTION) नामक जिस कंपनी को कॉन्ट्रैक्ट दिया जा रहा है, वह भी सिक्योरिटी गार्ड्स और डिटेक्टिव सर्विस मुहैया कराने वाली कंपनी है।

आरोप यह भी हैं कि यह कंपनी आकाशवाणी दिल्ली केंद्र और आकाशवाणी महानिदेशालय में डाटा एंट्री ऑपरेटर और एमटीएस के पद पर काम कर रहे युवाओं से 8 हजार रुपए प्रति व्यक्ति मांग रही है| इस बारे में ट्रायो सिक्योरिटी एजेंसी से जुड़े कपिल का कहना है कि उनका कॉन्ट्रैक्ट इस साल खत्म हो गया, इसलिए नई कंपनी को कॉन्ट्रैक्ट दिया जा रहा है। नई कंपनी द्वारा पैसे मांगे जाने की बात पर उन्होंने कहा कि इस तरह का मामला उनकी जानकारी में भी आया है और इस बारे में पीड़ितों को शिकायत करनी चाहिए। वहीं, मैक्स प्रोटेक्शन से जुड़े महादेव ने फोन पर इस बारे में कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।

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