जुबैर कुरैशी की नई पारी, बने ‘प्रात: किरण’ अखबार में न्यूज एडिटर

वरिष्ठ पत्रकार जुबैर कुरैशी ने भोपाल से प्रकाशित होने वाले हिंदी अखबार ‘प्रात: किरण’ के साथ मीडिया में अपने नए सफर का आगाज किया है।

Last Modified:
Wednesday, 01 April, 2026
Zuber Qureshi


वरिष्ठ पत्रकार जुबैर कुरैशी ने भोपाल से प्रकाशित होने वाले हिंदी अखबार ‘प्रात: किरण’ के साथ मीडिया में अपने नए सफर का आगाज किया है।

समाचार4मीडिया से बातचीत में जुबैर कुरैशी ने बताया कि उन्होंने यहां पर बतौर न्यूज एडिटर जॉइन किया है। जुबैर कुरैशी की क्राइम और प्रशासनिक खबरों पर गहरी पकड़ है और वह खबरों को ब्रेक करने के लिए पहचाने जाते हैं।

इससे पहले जुबैर अपना यूट्यूब चैनल और वेबपोर्टल ‘नारदमुनि लाइव’ चला रहे थे। मूल रूप से भोपाल के रहने वाले जुबैर कुरैशी को मीडिया के क्षेत्र में काम करने का तीन दशक से ज्यादा का अनुभव है।

पूर्व में वह सिटी केबल, राज एक्सप्रेस, अनादि टीवी और न्यूज वर्ल्ड जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर अपनी भूमिकाएं निभा चुके हैं।

समाचार4मीडिया की ओर से जुबैर कुरैशी को उनकी नई पारी के लिए ढेरों बधाई और शुभकामनाएं।

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डी.बी. कॉर्प का मुनाफा घटकर 69 करोड़ रुपये : राजस्व 614 करोड़

डी.बी. कॉर्प ने वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में 614 करोड़ रुपये का समेकित राजस्व दर्ज किया। विज्ञापन आय और मुनाफे में सालाना आधार पर गिरावट दर्ज हुई है।

Last Modified:
Thursday, 15 October, 2026
dbcorp

दैनिक भास्कर (Dainik Bhaskar), दिव्य भास्कर (Divya Bhaskar) और दिव्य मराठी (Divya Marathi) का प्रकाशन करने वाली डी.बी. कॉर्प (D.B. Corp) ने वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में 614 करोड़ रुपये का समेकित राजस्व दर्ज किया है। पिछले साल की समान तिमाही में यह 635 करोड़ रुपये था।

कंपनी की विज्ञापन आय 411 करोड़ रुपये रही, जो एक साल पहले 439 करोड़ रुपये थी। सर्कुलेशन आय भी 121 करोड़ रुपये से घटकर 116 करोड़ रुपये रह गई। इस दौरान कंपनी का शुद्ध मुनाफा 93 करोड़ रुपये से घटकर 69 करोड़ रुपये रहा, जबकि एबिट्डा (EBITDA) 158 करोड़ रुपये से घटकर 124 करोड़ रुपये हो गया।

कंपनी ने बताया कि विज्ञापन आय और एबिट्डा में सालाना आधार पर आई गिरावट मुख्य रूप से नवरात्रि के त्योहार की तारीखों में बदलाव के कारण रही। पिछले साल नवरात्रि दूसरी तिमाही में था, जबकि इस साल यह तीसरी तिमाही में है। कंपनी के मुताबिक, इस प्रभाव को हटाकर समान आधार पर विज्ञापन आय और एबिट्डा में एकल अंक की सकारात्मक वृद्धि दर्ज हुई।

वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही में डी.बी. कॉर्प का समेकित राजस्व 1,222 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,246 करोड़ रुपये हो गया। इस दौरान विज्ञापन आय 832 करोड़ रुपये से बढ़कर 843 करोड़ रुपये रही। सर्कुलेशन आय 241 करोड़ रुपये के मुकाबले 236 करोड़ रुपये रही, जबकि शुद्ध मुनाफा 174 करोड़ रुपये से घटकर 169 करोड़ रुपये रहा।

कंपनी ने तिमाही के दौरान न्यूजप्रिंट की लागत में भी 14 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की। इसके पीछे मुख्य वजह भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं को बताया गया है। बढ़ी हुई लागत के असर को नियंत्रित करने के लिए कंपनी लागत अनुकूलन, परिचालन दक्षता और इन्वेंटरी प्रबंधन पर लगातार ध्यान दे रही है।

डी.बी. कॉर्प लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर सुधीर अग्रवाल (Sudhir Agarwal) ने कहा कि कुछ हिस्सों में सामान्य से कम मानसून के बावजूद कंपनी की मजबूत बाजार मौजूदगी, पाठकों के साथ संबंध और विज्ञदाताओं के साथ साझेदारी ने प्रदर्शन को मजबूती दी। उन्होंने कहा कि आने वाली तिमाहियों में त्योहारी सीजन से विज्ञापन गतिविधियों और उपभोक्ता खर्च को समर्थन मिलने की उम्मीद है।

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क्षेत्रीय अखबारों के सामने विज्ञापन की चुनौती: स्थानीय बाजार में टिके रहने की लड़ाई

भारत में अखबार का कारोबार दो रफ्तारों पर चल रहा है। बड़े क्षेत्रीय समूहों ने अप्रैल-जून 2026 की तिमाही में विज्ञापन राजस्व में दोहरे अंकों की बढ़त दर्ज की।

Last Modified:
Thursday, 15 October, 2026
Newspaper8

भारत में अखबार का कारोबार दो रफ्तारों पर चल रहा है। बड़े क्षेत्रीय समूहों ने अप्रैल-जून 2026 की तिमाही में विज्ञापन राजस्व में दोहरे अंकों की बढ़त दर्ज की। दैनिक भास्कर के विज्ञापन राजस्व में 10% और दैनिक जागरण में 13% बढ़त रही। दूसरी तरफ सरकारी विज्ञापन, महंगे न्यूज़प्रिंट और डिजिटल मंचों का दबाव उन अखबारों पर ज्यादा है जिनके पास बड़ा ब्रैंड और अतिरिक्त आय के स्रोत नहीं हैं। सितंबर 2026 में सार्वजनिक हुई इंडियन न्यूजपेपर सोसाइटी (INS) की वार्षिक रिपोर्ट इस दबाव की तस्वीर देती है।

बाजार की तस्वीर: विज्ञापन का बड़ा बाजार, छोटा प्रिंट का हिस्सा 

डेंट्सू की डिजिटल ऐडवर्टाइजिंग रिपोर्ट 2026 के अनुसार 2025 में भारत का कुल विज्ञापन खर्च ₹1,21,339 करोड़ रहा। इसमें डिजिटल ₹71,621 करोड़ (59%) और प्रिंट ₹16,594 करोड़ (14%) था। रिपोर्ट का अनुमान है कि 2027 तक प्रिंट की हिस्सेदारी 10% रह जाएगी।

पिच-मैडिसन रिपोर्ट (PMAR) 2026 की परिभाषा अलग है। उसके अनुसार 2025 में प्रिंट का विज्ञापन खर्च ₹20,866 करोड़ था और मात्रा 336 मिलियन कॉलम सेंटीमीटर रही। राजस्व को सहारा प्रीमियम जगहों से मिला, जैसे फ्रंट पेज और जैकेट। 2026 के लिए रिपोर्ट का अनुमान ₹21,388 करोड़ है। इसके मुताबिक प्रिंट अब "व्यापक पहुंच" से ज्यादा "विश्वसनीयता और चुनिंदा बाजारों में असर" का माध्यम बन रहा है।

FICCI-EY की 2026 रिपोर्ट में 2025 में प्रिंट इंडस्ट्री ₹25,900 करोड़ की थी। इसमें विज्ञापन ₹17,930 करोड़ और सर्कुलेशन राजस्व ₹8,010 करोड़ रहा। प्रिंट कंपनियों के राजस्व में डिजिटल का औसत हिस्सा करीब 6% है। रिपोर्ट आगे प्रिंट विज्ञापन में सालाना करीब 2% की मामूली बढ़त का अनुमान देती है।

भाषाई अखबार: INS रिपोर्ट के आंकड़े

INS की 87वीं वार्षिक रिपोर्ट (2025-26) के अनुसार 2025 में उसके सदस्य प्रकाशनों का कुल विज्ञापन कारोबार ₹14,773.74 करोड़ रहा। इसमें मान्यता प्राप्त एजेंसियों से ₹8,178.15 करोड़ आया:

  • अंग्रेजी दैनिक: ₹3,590.29 करोड़, जो एजेंसी कारोबार का 43.9% है
  • भारतीय भाषाओं के दैनिक: ₹4,544.61 करोड़

बाकी कारोबार का ब्योरा:

  • गैर-मान्यता प्राप्त एजेंसियां: ₹2,361.03 करोड़
  • सीधे विज्ञापन: ₹2,685.74 करोड़

वैसे बता दें कि रिपोर्ट इन सीधे विज्ञापनों में स्थानीय विज्ञापनदाताओं का अलग ब्योरा नहीं देती। यह भी ध्यान रहे कि 2025 के आंकड़े 526 सदस्य प्रकाशनों ने दिए। यह पूरे बाजार का हूबहू पैमाना नहीं है।

बड़े समूह: 2026-27 की पहली तिमाही बनाम 2025-26

  • डीबी कॉर्प: अप्रैल-जून 2026 में विज्ञापन राजस्व ₹432 करोड़ रहा, जबकि अप्रैल-जून 2025 में ₹393.3 करोड़ था (10% वृद्धि)। सर्कुलेशन राजस्व लगभग स्थिर रहा (₹120.4 करोड़ बनाम ₹120.3 करोड़)। कंपनी ने रियल एस्टेट, ज्वेलरी, FMCG और सरकारी विज्ञापनों में मांग बताई। न्यूज़प्रिंट पर "कुछ दबाव" के बावजूद EBITDA मार्जिन 23.6% से बढ़कर 26.1% हुआ।
  • जागरण प्रकाशन: समेकित राजस्व ₹460.05 करोड़ से बढ़कर ₹499.35 करोड़ (करीब 8.5%) हुआ। दैनिक जागरण का विज्ञापन राजस्व ₹209 करोड़ से ₹236 करोड़ (13%) रहा, पर सर्कुलेशन राजस्व ₹71 करोड़ पर स्थिर रहा। कंपनी ने न्यूज़प्रिंट की ऊंची कीमतों को मुनाफे पर दबाव की वजह बताया। दैनिक जागरण का परिचालन मार्जिन 22.05% से घटकर 19.05% रह गया।

ये बड़ी सूचीबद्ध कंपनियां हैं। इनके नतीजे जिला-स्तरीय अखबारों की हालत का पैमाना नहीं हैं।

स्थानीय बजट और डिजिटल प्रतिस्पर्धा

छोटे कारोबारियों का पैसा तेजी से डिजिटल की तरफ जा रहा है। PMAR के अनुसार 2025 में MSME का डिजिटल विज्ञापन खर्च ₹35,814 करोड़ रहा, और 2026 में इसके ₹42,976 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। उसी रिपोर्ट में पूरे प्रिंट इंडस्ट्री का 2025 का विज्ञापन खर्च ₹20,866 करोड़ था। यानी MSME का डिजिटल खर्च अकेले पूरे प्रिंट बाजार से बड़ा है।

INS ने डिजिटल विज्ञापन में बिग टेक की प्रभुत्वशाली स्थिति को लेकर प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) में शिकायत की है। आयोग ने प्रथम दृष्टया इसे जांच योग्य माना है, नतीजा बाकी है। प्रिंट की प्रभावशीलता पर INS के साल भर के अभियान के पहले क्रिएटिव 1 जुलाई 2026 को सदस्यों को भेजे गए।

सरकारी विज्ञापन: दर बढ़ी, बजट नहीं

केंद्र सरकार ने नवंबर 2025 में प्रिंट विज्ञापन दरें 26% बढ़ाईं। एक लाख प्रसार वाले दैनिक के लिए श्वेत-श्याम विज्ञापन की दर ₹47.40 से ₹59.68 प्रति वर्ग सेमी हो गई। INS का कहना है कि प्रिंट को मिलने वाला कुल सरकारी विज्ञापन बजट उसी अनुपात में नहीं बढ़ा। रिपोर्ट यह नहीं बताती कि दर बढ़ने से विज्ञापनों की संख्या घटी या नहीं।

INS सदस्यों को 2025 में मिला सरकारी-संबंधित कारोबार:

  • केंद्रीय संचार ब्यूरो (CBC, पूर्व DAVP): ₹124.91 करोड़
  • राज्य सरकारें: ₹803.49 करोड़
  • टेंडर विज्ञापन: ₹430.15 करोड़
  • राज्य सरकारों की PSU: ₹160.20 करोड़
  • केंद्रीय PSU: ₹23.15 करोड़

राज्य सरकारों से मिलने वाला कारोबार केंद्र से कई गुना है, इसलिए राज्य स्तर पर विज्ञापन नीति क्षेत्रीय अखबारों के लिए निर्णायक है। छोटे और क्षेत्रीय प्रकाशनों की सरकारी विज्ञापन पर निर्भरता ज्यादा बताई जाती है।

प्रिंट लागत: न्यूज़प्रिंट की मार

INS ने आयातित न्यूज़प्रिंट पर 5% सीमा शुल्क हटाने की मांग फिर दोहराई है। रिपोर्ट के अनुसार पश्चिम एशिया के तनाव से कीमतों और आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता बढ़ी है। INS के निवर्तमान अध्यक्ष विवेक गुप्ता के मुताबिक घरेलू उत्पादन इंडस्ट्री की जरूरत का लगभग आधा ही पूरा करता है। रिपोर्ट गुणवत्ता की समस्याओं और मिलों के पैकेजिंग-ग्रेड कागज की ओर जाने का भी जिक्र करती है। INS ने फरवरी-मार्च 2026 में घरेलू आपूर्ति की कमी पर बयान भी जारी किए थे।

असर कंपनियों के नतीजों में दिखता है। डीबी कॉर्प ने लागत नियंत्रण से मार्जिन बढ़ाया, जबकि जागरण का मार्जिन घटा।

छोटे शहरों में पहुंच

INS के निवर्तमान अध्यक्ष गुप्ता ने कहा कि हॉकरों की उपलब्धता "गंभीर चिंता" बनती जा रही है। यह वितरण की आखिरी कड़ी है, जिस पर कस्बों और गांवों तक अखबार पहुंचना निर्भर है।

ऑडिट ब्यूरो ऑफ सर्कुलेशन (ABC) के जुलाई-दिसंबर 2025 के आंकड़ों में हिंदी पट्टी का रुझान मिला-जुला रहा। दैनिक भास्कर और हिंदुस्तान के प्रसार में मामूली बढ़त हुई, जबकि दैनिक जागरण, अमर उजाला और राजस्थान पत्रिका में गिरावट आई। EY की रिपोर्ट के अनुसार अखबारों के पाठक 35 वर्ष से ऊपर की ओर झुक रहे हैं और युवा पाठक डिजिटल पर जा रहे हैं।

आगे की राह (विश्लेषण)

  1. हाइपरलोकल पर जोर: PMAR भी प्रिंट की भूमिका को चुनिंदा बाजारों में असरदार विज्ञापन के रूप में देखती है। स्थानीय खबर और स्थानीय कारोबार का जुड़ाव अखबार का सबसे ठोस तर्क बनता है।
  2. आय के अतिरिक्त स्रोत: जागरण के आउटडोर और इवेंट खंड का राजस्व ₹56.11 करोड़ से बढ़कर ₹62.95 करोड़ हुआ। डिजिटल, इवेंट और ब्रैंडेड कंटेंट अलग आय का रास्ता दिखाते हैं।
  3. नीतिगत समर्थन: न्यूज़प्रिंट पर शुल्क राहत और सरकारी विज्ञापन बजट में वास्तविक बढ़ोतरी INS की मुख्य मांगें हैं।

कुल मिलाकर प्रिंट खत्म नहीं हो रहा, पर उसका आर्थिक आधार बदल रहा है। बड़े ब्रैंड वाले समूह आगे हैं, जबकि सरकारी विज्ञापन और स्थानीय बजट पर निर्भर अखबार ज्यादा जोखिम में हैं।

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लिविंग मीडिया को मिला WAN-IFRA अवॉर्ड, ‘मैगजीन इन मिनट्स’ पहल को मिली नई पहचान

इस पहल के जरिए प्रिंट मैगजीन को ऑन-डिमांड खरीदारी की व्यवस्था से जोड़ा गया है, जिसमें पाठकों की सुविधा को डिस्ट्रीब्यूशन स्ट्रैटेजी का अहम हिस्सा बनाया गया है।

Last Modified:
Saturday, 10 October, 2026
Living Media

लिविंग मीडिया इंडिया लिमिटेड (Living Media India Limited) को अपनी पहल ‘मैगजीन इन मिनट्स’ (Magazine in Minutes) के लिए WAN-IFRA प्रिंट एंड सस्टेनेबिलिटी अवॉर्ड्स 2026 में सप्लाई चेन इनोवेटर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। यह पहल डिजिटल माध्यम से मैगजीन तलाशने और ऑर्डर करने की सुविधा को प्रिंट मैगजीन की तेज डिलीवरी से जोड़ती है।

यह अवॉर्ड नीदरलैंड्स के रॉटरडैम में आयोजित वर्ल्ड प्रिंटर्स समिट और डिस्ट्रीप्रेस कांग्रेस के दौरान प्रदान किया गया। इस कार्यक्रम में दुनियाभर से प्रिंट और डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर के 300 से अधिक प्रोफेशनल्स शामिल हुए। कंपनी की ओर से सीईओ एवं पब्लिशर मनोज शर्मा और सेल्स एंड डिस्ट्रीब्यूशन के असिस्टेंट वाइस प्रेजिडेंट (सेल्स एंड डिस्ट्रीब्यूशन) दीपक भट्ट ने यह अवॉर्ड प्राप्त किया।

ब्लिंकिट के साथ साझेदारी से मिली रफ्तार: कोविड-19 महामारी के बाद पाठकों के बदलते व्यवहार को देखते हुए इस पहल की शुरुआत की गई। इसका उद्देश्य मैगजीन की दुकानों पर घटती ग्राहकों की आवाजाही और न्यूजस्टैंड पर कम होती बिक्री की चुनौती से निपटना था। इसके लिए प्रिंट मैगजीन को क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से उपलब्ध कराने का मॉडल अपनाया गया।

लिविंग मीडिया ने ब्लिंकिट के साथ साझेदारी कर लोगों को डिजिटल माध्यम से मैगजीन देखने और ऑर्डर करने की सुविधा दी। कंपनी के मुताबिक, इस व्यवस्था के तहत मैगजीन की डिलीवरी कुछ मामलों में महज 10 से 12 मिनट में हो जाती है। क्विक कॉमर्स के जरिए यह मॉडल अब भारत के 100 से अधिक शहरों तक पहुंच चुका है, जहां डिलीवरी में आमतौर पर 10 से 15 मिनट लगते हैं।

कंपनी ने अवॉर्ड के लिए दिए गए अपने आवेदन में बताया कि इस माध्यम की हिस्सेदारी उसके कुल मासिक सर्कुलेशन में 10% से अधिक हो गई है। इस चैनल के जरिए ग्राहकों की ओर से दोबारा खरीदारी भी हो रही है और नए ग्राहक भी जुड़ रहे हैं।

डिस्ट्रीब्यूशन प्रक्रिया में किए गए बदलाव: इस मॉडल का विस्तार करने के लिए कंपनी को अपने इन्वेंट्री और वितरण से जुड़ी प्रक्रियाओं में बदलाव करने पड़े। हर मैगजीन अंक की बिक्री के लिए सीमित समय होता है, जबकि क्विक कॉमर्स के तहत ऑर्डर पूरा करने के लिए स्थानीय डार्क स्टोर्स में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध होना जरूरी है।

अपने साझेदारों की टेक्नोलॉजी, इन्वेंट्री प्लानिंग और ऑपरेशंस टीमों के साथ काम करते हुए लिविंग मीडिया ने मैगजीन के नए अंक जारी करने, स्टॉक की दोबारा आपूर्ति, उपलब्धता और मांग का अनुमान लगाने की प्रक्रियाओं को नए सिरे से तैयार किया। कंपनी ने स्टॉक के आवंटन के लिए ऊपर से नीचे तक अपनाई जाने वाली व्यवस्था की जगह क्षेत्रवार मांग के अनुमान पर भी जोर दिया, ताकि अलग-अलग इलाकों में ग्राहकों की खरीदारी के रुझान के अनुसार स्टॉक उपलब्ध कराया जा सके।

इस बारे में  लिविंग मीडिया के सीईओ एवं पब्लिशर मनोज शर्मा ने कहा कि यह अवॉर्ड मैगजीन डिस्ट्रीब्यूशन के पारंपरिक तरीकों को चुनौती देने के लिए कंपनी की टीमों की सोच और दृढ़ संकल्प को मान्यता देता है। उन्होंने कहा, ‘हमारा मानना था कि प्रिंट का भविष्य केवल कंटेंट की गुणवत्ता पर ही नहीं, बल्कि इस बात पर भी निर्भर करेगा कि पाठक उस तक कितनी आसानी और तेजी से पहुंच सकते हैं।’ शर्मा ने कहा कि इस पहल की अहमियत केवल डिलीवरी की रफ्तार तक सीमित नहीं है। उनके मुताबिक, असली उपलब्धि मैगजीन के लिए उपभोक्ताओं की एक नई यात्रा तैयार करना है, जिसमें डिजिटल माध्यम से मैगजीन की खोज करने से लेकर उसकी तत्काल फिजिकल डिलीवरी तक की प्रक्रिया शामिल है।

युवा पाठकों तक पहुंचने पर जोर: कंपनी इस मॉडल को युवा पाठकों तक पहुंचने, प्रीमियम और विशिष्ट श्रेणियों की मैगजीन पेश करने और उपभोक्ताओं से मिलने वाले राजस्व के आधार पर नए प्रोडक्ट विकसित करने के अवसर के रूप में देख रही है।

लिविंग मीडिया के मुताबिक, पारंपरिक न्यूजस्टैंड अब भी उसके वितरण नेटवर्क का हिस्सा बने रहेंगे। हालांकि, भविष्य में कारोबार की वृद्धि इस बात पर भी निर्भर करेगी कि पाठकों तक उन प्लेटफॉर्म के जरिए कैसे पहुंचा जाए, जिनका वे पहले से इस्तेमाल करते हैं। इस पहल के जरिए प्रिंट मैगजीन को ऑन-डिमांड खरीदारी की व्यवस्था से जोड़ा गया है, जिसमें पाठकों की सुविधा को डिस्ट्रीब्यूशन स्ट्रैटेजी का अहम हिस्सा बनाया गया है।

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दैनिक भास्कर समूह 16 अक्टूबर को करेगा निवेशकों से बात, 15 अक्टूबर को आएंगे तिमाही नतीजे

दैनिक भास्कर अखबार समूह की कंपनी डीबी कॉर्प लिमिटेड (D.B. Corp Limited) 16 अक्टूबर, 2026 को निवेशकों और विश्लेषकों के साथ कॉन्फ्रेंस कॉल करेगी।

Last Modified:
Saturday, 10 October, 2026
DBCorp5841

दैनिक भास्कर अखबार समूह की कंपनी डीबी कॉर्प लिमिटेड (D.B. Corp Limited) 16 अक्टूबर, 2026 को निवेशकों और विश्लेषकों के साथ कॉन्फ्रेंस कॉल करेगी। यह कॉल शाम 4:30 बजे (भारतीय समयानुसार) शुरू होगी। इसमें कंपनी 30 सितंबर, 2026 को समाप्त दूसरी तिमाही और वित्त वर्ष की पहली छमाही के वित्तीय प्रदर्शन पर चर्चा करेगी।

कंपनी ने 9 अक्टूबर, 2026 को बीएसई (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) को दी गई सूचना में यह जानकारी दी। यह सूचना भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के लिस्टिंग से जुड़े नियमों, 2015 के नियम 30 के तहत दी गई है।

15 अक्टूबर को घोषित होंगे वित्तीय नतीजे

कंपनी के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही और 30 सितंबर, 2026 को समाप्त छमाही के वित्तीय नतीजे 15 अक्टूबर, 2026 को घोषित किए जाने हैं। इसके अगले दिन यानी 16 अक्टूबर को कॉन्फ्रेंस कॉल के जरिए कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन पर चर्चा होगी।

इस कॉल में कंपनी के प्रबंधन की ओर से डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर पवन अग्रवाल, डायरेक्टर गिरीश अग्रवाल, मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) ललित जैन, फाइनेंस एंड अकाउंट्स के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट मुश्ताक अली और निवेशक संबंध विभाग के प्रमुख प्रसून पांडे शामिल होंगे।

पहले प्रबंधन की बात, फिर सवाल-जवाब

कॉन्फ्रेंस कॉल की शुरुआत कंपनी के प्रबंधन की ओर से संक्षिप्त शुरुआती संबोधन से होगी। इसके बाद निवेशकों और विश्लेषकों के लिए सवाल-जवाब का सत्र खोला जाएगा, जिसमें वे कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन से जुड़े सवाल पूछ सकेंगे।

डीबी कॉर्प लिमिटेड भारत की प्रमुख प्रिंट मीडिया कंपनियों में से एक है। कंपनी के मुताबिक, इसके अखबार समूह में पांच अखबार शामिल हैं। इनमें हिंदी का दैनिक भास्कर, गुजराती के दिव्य भास्कर और सौराष्ट्र समाचार, मराठी का दिव्य मराठी और डीबी स्टार शामिल हैं।

कंपनी के अनुसार, दैनिक भास्कर के 43 संस्करण, दिव्य भास्कर के 8 संस्करण और दिव्य मराठी के 6 संस्करण हैं। इसके अलावा, तीन भाषाओं- हिंदी, गुजराती और मराठी, में 210 उप-संस्करणों के जरिए इसकी मौजूदगी देश के 12 राज्यों में है।

कंपनी के अनुसार, इसके प्रमुख अखबारों की कुल पाठक संख्या 6.67 करोड़ है। समूह की मौजूदगी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, गुजरात, महाराष्ट्र, बिहार और झारखंड में है।

अखबारों के अलावा, कंपनी रेडियो कारोबार में भी सक्रिय है। इसका रेडियो ब्रांड ‘94.3 माय एफएम’ (94.3 MY FM) सात राज्यों के 39 शहरों में मौजूद है। कंपनी का डिजिटल कारोबार भी बढ़ रहा है, जिसके तहत चार डिजिटल पोर्टल और चार मोबाइल ऐप हैं, जिन्हें लोग डाउनलोड करके इस्तेमाल करते हैं।

कंपनी ने दी भविष्य के अनुमानों पर चेतावनी

डीबी कॉर्प ने यह भी कहा है कि कॉन्फ्रेंस कॉल के दौरान कंपनी के भविष्य के प्रदर्शन को लेकर कुछ अनुमान या बयान दिए जा सकते हैं। ऐसे अनुमान नियामकीय बदलावों, स्थानीय राजनीतिक या आर्थिक घटनाक्रम, तकनीकी जोखिमों और अन्य कारणों से प्रभावित हो सकते हैं। इन वजहों से कंपनी के वास्तविक नतीजे बताए गए अनुमानों से काफी अलग हो सकते हैं।

कंपनी ने स्पष्ट किया है कि ऐसे बयानों के आधार पर की गई किसी कार्रवाई के लिए वह जिम्मेदार नहीं होगी। साथ ही, बाद में होने वाली घटनाओं या परिस्थितियों के आधार पर इन अनुमानों को सार्वजनिक रूप से अपडेट करने की जिम्मेदारी भी कंपनी ने नहीं ली है।

यह सूचना कंपनी के कंपनी सचिव और अनुपालन अधिकारी ओम प्रकाश पांडे की ओर से जारी की गई है।  

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निष्ठा बधानी बनीं राजस्थान पत्रिका में वाइस प्रेसिडेंट-नेशनल अकाउंट्स

निष्ठा बधानी को राजस्थान पत्रिका में वाइस प्रेसिडेंट-नेशनल अकाउंट्स नियुक्त किया गया है। इससे पहले वह जियोस्टार में एसोसिएट डायरेक्टर थीं और टेलीविजन व प्रिंट मीडिया में 16 साल का अनुभव रखती हैं।

Last Modified:
Tuesday, 29 September, 2026
nishtha

निष्ठा बधानी (Nishtha Badhani) को राजस्थान पत्रिका (Rajasthan Patrika) में वाइस प्रेसिडेंट-नेशनल अकाउंट्स (Vice President-National Accounts) नियुक्त किया गया है। उन्होंने लिंक्डइन (LinkedIn) पर एक पोस्ट के जरिए अपनी नई जिम्मेदारी की जानकारी साझा की।

अपनी पोस्ट में उन्होंने लिखा कि उन्हें यह साझा करते हुए खुशी हो रही है कि उन्होंने राजस्थान पत्रिका प्राइवेट लिमिटेड (Rajasthan Patrika Pvt. Ltd.) में वाइस प्रेसिडेंट के तौर पर नई जिम्मेदारी संभाली है।

इससे पहले निष्ठा बधानी करीब दो साल तक जियोस्टार (JioStar) के साथ एसोसिएट डायरेक्टर (Associate Director) के पद पर काम कर रही थीं।

निष्ठा बधानी को स्ट्रैटेजिक और रिजल्ट-ओरिएंटेड मीडिया सेल्स लीडर (Strategic and Result-Oriented Media Sales Leader) के तौर पर जाना जाता है। उन्हें टेलीविजन और प्रिंट मीडिया (Television and Print Media) में 16 वर्षों का अनुभव है। अपने करियर में उन्होंने रेवेन्यू ग्रोथ (Revenue Growth) और रणनीति आधारित समाधानों के जरिए लंबे समय तक क्लाइंट रिलेशनशिप (Client Relationships) विकसित करने पर काम किया है।

इससे पहले वह डिज्नी स्टार (Disney Star), नेटवर्क18 मीडिया एंड इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड (Network18 Media & Investments Limited) और डीबी कॉर्प लिमिटेड (DB Corp Ltd.) समेत कई प्रमुख मीडिया संस्थानों के साथ काम कर चुकी हैं।

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मिली ऐश्वर्या ने पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया में पूरे किए 18 साल

मिली ऐश्वर्या ने पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया में 18 साल पूरे किए हैं। उन्होंने 2008 में शुरुआत की थी और अब एडल्ट पब्लिशिंग ग्रुप के साथ 13 इम्प्रिंट्स की जिम्मेदारी संभालती हैं।

Last Modified:
Monday, 28 September, 2026
milee

पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया (Penguin Random House India) की पब्लिशर और ग्रुप सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (Publisher and Group Senior Vice President) मिली ऐश्वर्या (Milee Ashwarya) ने कंपनी के साथ 18 साल पूरे कर लिए हैं। उन्होंने सितंबर 2008 में पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया के साथ पब्लिशर, एबरी पब्लिशिंग और विंटेज पब्लिशिंग (Publisher, Ebury Publishing and Vintage Publishing) के तौर पर करियर शुरू किया था। इस भूमिका में उन्होंने 14 साल से ज्यादा समय बिताया।

जनवरी 2023 में उन्हें सीनियर वाइस प्रेसिडेंट और पब्लिशर, एडल्ट पब्लिशिंग ग्रुप (Senior Vice President and Publisher, Adult Publishing Group) की जिम्मेदारी मिली। इसके बाद जनवरी 2026 में उन्हें पब्लिशर और ग्रुप सीनियर वाइस प्रेसिडेंट के पद पर प्रमोट किया गया।

18 साल पूरे होने के मौके पर लिंक्डइन (LinkedIn) पर साझा की गई पोस्ट में मिली ऐश्वर्या ने अपने सफर को याद किया। उन्होंने कहा कि इस दौरान उन्होंने पब्लिशिंग लैंडस्केप (Publishing Landscape) में बदलाव देखे, इंडस्ट्री की चुनौतियों का सामना किया, नए लेखकों के साथ काम किया और भारतीय पाठकों के लिए कई इम्प्रिंट्स लॉन्च किए।

उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसे पब्लिशिंग प्रोग्राम (Publishing Programme) को तैयार करने पर खास गर्व है, जो भारत की भाषाई, सांस्कृतिक और बौद्धिक विविधता को दर्शाता है और पाठकों तक नई आवाजों और विचारों को पहुंचाता है।

फिलहाल मिली ऐश्वर्या पेंगुइन इंडिया के एडल्ट पब्लिशिंग ग्रुप का नेतृत्व कर रही हैं। वह एलन लेन (Allen Lane), हैमिश हैमिल्टन (Hamish Hamilton), विंटेज (Vintage), वाइकिंग (Viking), पेंगुइन क्लासिक्स (Penguin Classics) और पेंगुइन बिजनेस (Penguin Business) समेत 13 इम्प्रिंट्स की जिम्मेदारी संभालती हैं।

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तमिलनाडु न्यूजप्रिंट एंड पेपर्स की सालाना बैठक में 5 प्रस्ताव मंजूर

तमिलनाडु न्यूजप्रिंट एंड पेपर्स लिमिटेड (TNPL) की 46वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) 24 सितंबर 2026 को हुई।

Last Modified:
Saturday, 26 September, 2026
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तमिलनाडु न्यूजप्रिंट एंड पेपर्स लिमिटेड (TNPL) की 46वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) 24 सितंबर 2026 को हुई। बैठक में शेयरधारकों ने 31 मार्च 2026 को समाप्त वित्त वर्ष के लिए कंपनी के ऑडिट किए गए वित्तीय नतीजों को मंजूरी दे दी।

बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई। इसका आयोजन कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय (MCA) और भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) के सर्कुलर के तहत किया गया। बैठक की अध्यक्षता कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर कुमार जयंत ने की।

AGM में डिविडेंड घोषित करने, रोटेशन के आधार पर रिटायर हो रहे एक डायरेक्टर की दोबारा नियुक्ति और वैधानिक ऑडिटर के पारिश्रमिक तय करने समेत कुल पांच साधारण प्रस्ताव रखे गए। सभी प्रस्ताव जरूरी बहुमत से पास हो गए।

वोटिंग के नतीजे जारी

कंपनी ने SEBI के लिस्टिंग नियमों के रेगुलेशन 44(3) के तहत कंसोलिडेटेड वोटिंग रिजल्ट भी जारी किया है। 17 सितंबर 2026 की कट-ऑफ डेट तक कंपनी के कुल 51,591 शेयरधारक रिकॉर्ड पर थे।

शेयरधारकों ने 21 सितंबर से 23 सितंबर 2026 तक रिमोट ई-वोटिंग के जरिए और AGM के दौरान इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग के जरिए मतदान किया।

वित्तीय स्टेटमेंट को मंजूरी देने वाले प्रस्ताव के पक्ष में 99.98% वोट पड़े, जबकि डिविडेंड घोषित करने के प्रस्ताव को 99.99% वोट मिले। वहीं, डॉ. एस. विजयकुमार, आईएएस की दोबारा नियुक्ति के प्रस्ताव के पक्ष में 99.97% वोट पड़े।

ऑडिट में क्या कहा गया?

कंपनी के वैधानिक ऑडिटर एम/एस ए. जॉन मॉरिस एंड कंपनी ने वित्तीय स्टेटमेंट पर बिना किसी प्रतिकूल टिप्पणी के ऑडिट राय दी। हालांकि, उन्होंने कंपनी के अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर Oracle E-Business Suite (EBS) में ऑडिट ट्रेल से जुड़ी एक बात बताई।

ऑडिटर्स के मुताबिक, EBS में एप्लिकेशन लेवल पर ऑडिट ट्रेल मौजूद है, लेकिन डेटाबेस लेवल पर सीधे किए जाने वाले डेटा बदलावों को रिकॉर्ड करने के लिए ऑडिट ट्रेल चालू नहीं है। ऑडिटर्स ने यह भी स्पष्ट किया कि यूजर्स के पास बैकएंड से एंट्री को बदलने या एडिट करने की सुविधा नहीं है।

इसके अलावा, भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) ने ‘NIL’ रिपोर्ट दी, यानी खातों को लेकर कोई प्रतिकूल टिप्पणी नहीं की गई। कंपनी के सेक्रेटेरियल ऑडिटर्स एम/एस श्रीधरन एंड श्रीधरन एसोसिएट्स ने भी अपनी रिपोर्ट दी। रिपोर्ट में बताई गई योग्यताओं को बोर्ड की रिपोर्ट में संबोधित किया गया है।

AGM में कौन-कौन रहे मौजूद?

बैठक में बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर कुमार जयंत, एन. वेंकटेश, आर. कन्नन और कई स्वतंत्र डायरेक्टर शामिल रहे। इनमें डॉ. एन. सुंदरदेवन, टी.एम.टी. एम. सत्यवती, मैथ्यू थॉमस और श्रीगणेश पद्मनाभन शामिल थे।

डॉ. एस. विजयकुमार पहले से तय व्यस्तताओं के कारण बैठक में मौजूद नहीं थे। उन्हें दोबारा डायरेक्टर नियुक्त करने का प्रस्ताव AGM में मंजूर किया गया। AGM दोपहर 1:45 बजे समाप्त हुई। इस दौरान शेयरधारकों ने कंपनी के कामकाज और बाजार की स्थिति से जुड़े सवाल भी पूछे। 

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हिन्दुस्तान मीडिया वेंचर्स: प्रियव्रत भारती फिर बने डायरेक्टर, AGM में दो प्रस्ताव मंजूर

हिन्दुस्तान मीडिया वेंचर्स लिमिटेड की 16वीं (पोस्ट-आईपीओ) सालाना आम बैठक (एजीएम) 24 सितंबर 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित की गई।

Last Modified:
Friday, 25 September, 2026
hmvl9898

हिन्दुस्तान मीडिया वेंचर्स लिमिटेड की 16वीं (पोस्ट-आईपीओ) सालाना आम बैठक (एजीएम) 24 सितंबर 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित की गई। कंपनी ने बैठक में रखे गए दोनों प्रस्तावों को जरूरी बहुमत के साथ मंजूरी मिलने की जानकारी दी है।

कंपनी के मुताबिक, एजीएम सुबह 11 बजे शुरू हुई। शेयरधारकों को बैठक से पहले रिमोट ई-वोटिंग और एजीएम के दौरान ई-वोटिंग के जरिए वोट करने की सुविधा दी गई थी।

बैठक में पहला प्रस्ताव वित्त वर्ष 2025-26 के लिए कंपनी के ऑडिट किए गए स्टैंडअलोन और कंसोलिडेटेड वित्तीय विवरणों को मंजूर करने से जुड़ा था। इसमें बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स और ऑडिटर्स की रिपोर्ट भी शामिल थी। इस प्रस्ताव को 99.9935 फीसदी वोट के साथ मंजूरी मिली।

दूसरा प्रस्ताव प्रियव्रत भारती को रोटेशन के आधार पर रिटायर होने के बाद फिर से डायरेक्टर नियुक्त करने से जुड़ा था। वे दोबारा नियुक्ति के लिए पात्र थे और उन्होंने इसके लिए अपनी पेशकश की थी। इस प्रस्ताव को 99.9934 फीसदी वोट के साथ मंजूरी मिली।

कंपनी के 17 सितंबर 2026 के कट-ऑफ डेट तक कुल 15,769 शेयरधारक थे। एजीएम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रमोटर और प्रमोटर ग्रुप से 1 और पब्लिक कैटेगरी से 49 शेयरधारकों ने हिस्सा लिया।

कंपनी ने बताया कि दोनों प्रस्ताव जरूरी बहुमत के साथ पास हो गए हैं। वोटिंग के नतीजे और स्क्रूटिनाइजर की रिपोर्ट कंपनी की वेबसाइट और नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (एनएसडीएल) की ई-वोटिंग वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाएगी।

 

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D.B. Corp के दो प्रमोटर ग्रुप को पब्लिक कैटेगरी में लाने को BSE व NSE से मिली हरी झंडी

डी.बी. कॉर्प को NSE और BSE से दो प्रमोटर ग्रुप कंपनियों को ‘पब्लिक’ कैटेगरी में लाने के लिए नो-ऑब्जेक्शन लेटर मिला है।

Last Modified:
Thursday, 24 September, 2026
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डी.बी. कॉर्प लिमिटेड ने बताया है कि उसे नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) से अपने दो प्रमोटर ग्रुप से जुड़ी कंपनियों को ‘प्रमोटर ग्रुप’ कैटेगरी से ‘पब्लिक’ कैटेगरी में लाने के लिए नो-ऑब्जेक्शन लेटर मिल गया है।

कंपनी ने 23 सितंबर 2026 को शेयर बाजारों को दी जानकारी में बताया कि उसे BEDR Realcon Private Limited और Diligent Pinkcity Center Private Limited के पुनर्वर्गीकरण (Reclassification) के लिए दोनों एक्सचेंजों से नो-ऑब्जेक्शन लेटर मिला है। यह प्रक्रिया सेबी के लिस्टिंग नियमों के रेगुलेशन 31A के तहत की जा रही है।

NSE ने अपने पत्र में कहा है कि कंपनी की ओर से 22 जुलाई 2026 को दिए गए आवेदन के आधार पर दोनों प्रमोटर ग्रुप कंपनियों के पुनर्वर्गीकरण के आवेदन पर नो-ऑब्जेक्शन दिया गया है।

BSE ने भी 23 सितंबर 2026 को जारी अपने पत्र में BEDR Realcon Private Limited और Diligent Pinkcity Centre Private Limited को प्रमोटर कैटेगरी से हटाकर पब्लिक कैटेगरी में लाने के अनुरोध पर नो-ऑब्जेक्शन दिया है। 

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Infomedia Press: AGM में 4 प्रस्ताव पास, निदेशक पद पर इन अधिकारियों की पुनर्नियुक्ति मंजूर

Infomedia Press Limited की 71वीं सालाना आम बैठक (AGM) 18 सितंबर 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित की गई।

Last Modified:
Monday, 21 September, 2026
InfoMedia5412

Infomedia Press Limited की 71वीं सालाना आम बैठक (AGM) 18 सितंबर 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित की गई। कंपनी ने बैठक में हुए कामकाज के मतदान के नतीजे और स्क्रूटिनाइजर की संयुक्त रिपोर्ट शेयर बाजारों को सौंप दी है। कंपनी के मुताबिक, बैठक में रखे गए सभी 4 प्रस्ताव जरूरी बहुमत के साथ पास हो गए।

कंपनी की ओर से 18 सितंबर 2026 को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) को यह जानकारी दी गई। 71वीं AGM शाम 4 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग/अन्य ऑडियो-विजुअल माध्यम से हुई।

कंपनी के रिकॉर्ड के मुताबिक, 11 सितंबर 2026 कट-ऑफ तारीख थी और उस तारीख तक कंपनी के कुल 16,577 शेयरधारक थे। शेयरधारकों को प्रस्तावों पर रिमोट ई-वोटिंग और AGM के दौरान ई-वोटिंग के जरिए वोट करने की सुविधा दी गई थी।

पहला प्रस्ताव

पहले प्रस्ताव में 31 मार्च 2026 को समाप्त वित्त वर्ष के लिए कंपनी के ऑडिट किए गए फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स और उस पर बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स व ऑडिटर्स की रिपोर्ट को अपनाने की मंजूरी मांगी गई थी। यह प्रस्ताव साधारण प्रस्ताव (Ordinary Resolution) था और इसे जरूरी बहुमत के साथ मंजूरी मिल गई। इस प्रस्ताव के पक्ष में कुल 2,54,88,707 वोट पड़े, जबकि 11,25,657 वोट इसके खिलाफ रहे। कुल पड़े वोटों में 95.7705% वोट पक्ष में और 4.2295% वोट खिलाफ रहे।

दूसरा प्रस्ताव

दूसरे प्रस्ताव में करनवीर सिंह गिल को रोटेशन के आधार पर रिटायर हो रहे निदेशक के तौर पर दोबारा नियुक्त करने का प्रस्ताव था। यह भी साधारण प्रस्ताव था और इसे जरूरी बहुमत के साथ मंजूरी मिल गई। इस प्रस्ताव के पक्ष में 2,54,88,017 वोट पड़े, जबकि 11,26,247 वोट खिलाफ रहे। यानी कुल वोटों में 95.7683% वोट पक्ष में और 4.2317% वोट खिलाफ रहे।

तीसरा प्रस्ताव

तीसरे प्रस्ताव में बिंदु नवींचंद्र त्रिवेदी को रोटेशन के आधार पर रिटायर हो रही निदेशक के तौर पर दोबारा नियुक्त करने की मंजूरी मांगी गई थी। यह प्रस्ताव भी जरूरी बहुमत के साथ पास हुआ। इस प्रस्ताव के पक्ष में 2,54,88,017 वोट पड़े, जबकि 11,26,247 वोट इसके खिलाफ रहे। पक्ष में पड़े वोटों का प्रतिशत 95.7683% और खिलाफ पड़े वोटों का प्रतिशत 4.2317% रहा।

चौथा प्रस्ताव

चौथे प्रस्ताव में पुनीत सिंहवी को कंपनी के गैर-कार्यकारी, गैर-स्वतंत्र निदेशक (Non-Executive Non-Independent Director) के तौर पर नियुक्त करने की मंजूरी मांगी गई थी। यह प्रस्ताव भी जरूरी बहुमत के साथ पास हुआ।इस प्रस्ताव के पक्ष में 2,54,88,117 वोट पड़े, जबकि 11,26,247 वोट खिलाफ रहे। पक्ष में पड़े वोटों का प्रतिशत 95.7683% और खिलाफ पड़े वोटों का प्रतिशत 4.2317% रहा।

स्क्रूटिनाइजर की रिपोर्ट के मुताबिक, 18 सितंबर 2026 को AGM के बाद ई-वोटिंग के नतीजों को अनब्लॉक किया गया और वोटों का कंपनी के रिकॉर्ड के साथ मिलान किया गया। रिपोर्ट में कहा गया कि प्रस्तावों पर पड़े कुल वोटों में कोई अमान्य वोट नहीं था।

स्क्रूटिनाइजर नीलेश कुमार जैन ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि नोटिस में दिए गए आइटम नंबर 1 से 4 तक के सभी प्रस्ताव जरूरी बहुमत के साथ पास हो गए। 

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