Huella में इस बड़े पद से पंकज राय का इस्तीफा

उनका इस्तीफा तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। पंकज राय का अगला कदम क्या होगा, फिलहाल इस बारे में जानकारी नहीं मिल सकी है।

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Thursday, 15 October, 2026
Pankajj Rai


मीडिया और विज्ञापन जगत से जुड़े पंकज राय ने Huella से इस्तीफा दे दिया है। वह कंपनी में सीनियर वाइस प्रेजिडेंट-एड सेल्स, इंडिया के पद पर कार्यरत थे। उनका इस्तीफा तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। पंकज राय का अगला कदम क्या होगा, फिलहाल इस बारे में जानकारी नहीं मिल सकी है।

मार्च 2026 में पंकज राय को सीनियर वाइस प्रेजिडेंट-एड सेल्स के पद पर पदोन्नत किया गया था। इस भूमिका में वह कंपनी के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स के लिए राष्ट्रीय स्तर पर विज्ञापन बिक्री की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। इनमें NEXad, NewsroomAI और AIgnite शामिल हैं।

NEXad कंपनी का इंटरैक्टिव कनेक्टेड टीवी (CTV) प्लेटफॉर्म है। वहीं, NewsroomAI और AIgnite भी कंपनी के उत्पाद पोर्टफोलियो का हिस्सा हैं।

बता दें कि Huella ने जुलाई 2025 में पंकज राय को वाइस प्रेजिडेंट-एड सेल्स के पद पर नियुक्त किया था। इस भूमिका में उनकी जिम्मेदारी NewsroomAI के मुद्रीकरण यानी मोनेटाइजेशन से जुड़े प्रयासों का नेतृत्व करना था। इसके साथ ही उन्हें कंपनी के संस्थापकों के साथ मिलकर साझेदारियों, उत्पादों की बाजार में स्थिति और मार्केटिंग स्ट्रैटेजी पर काम करना था।

पंकज राय को ब्रॉडकास्ट और डिजिटल मीडिया क्षेत्र में 18 साल से अधिक का अनुभव है। Huella से पहले वह जी मीडिया (Zee Media) में WION और Zee Business के बिजनेस हेड के रूप में कार्यरत थे। इसके अलावा, वह Qyou Media में नेशनल सेल्स हेड की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।

पूर्व में वह Zee TV, Zee Cinema और Zee Bollywood जैसे चैनलों के लिए उत्तर और पूर्वी भारत में व्यावसायिक जिम्मेदारियां भी संभाल चुके हैं।

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एनआईआईटी ने अनिश सरकार को नियुक्त किया नया सीईओ

एनआईआईटी ने अनिश सरकार को नया सीईओ नियुक्त किया है। वह पंकज जठार की जगह जिम्मेदारी संभालेंगे। इससे पहले अनिश प्लक्स़ी, मर्सर इंडिया और कैपजेमिनी में वरिष्ठ नेतृत्व भूमिकाओं में रहे हैं।

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Thursday, 15 October, 2026
anish

एनआईआईटी लिमिटेड (NIIT Limited) ने अनिश सरकार (Anish Sarkar) को अपना नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया है। वह कंपनी के मौजूदा सीईओ पंकज जठार (Pankaj Jathar) की जगह जिम्मेदारी संभालेंगे।

एनआईआईटी के मैनेजिंग डायरेक्टर और वाइस चेयरमैन विजय कुमार थडानी (Vijay Kumar Thadani) ने कहा कि अनिश अपने साथ कारोबार को आगे बढ़ाने का अनुभव, टेक्नोलॉजी लीडरशिप और ग्रोथ को गति देने की क्षमता लेकर आए हैं। उन्होंने कहा कि अलग-अलग तरह के कारोबार में अनिश का अनुभव एनआईआईटी के लिए उपयोगी साबित होगा, क्योंकि कंपनी पिछले कुछ वर्षों में तैयार की गई मजबूत नींव पर आगे बढ़ते हुए विकास के अगले चरण की ओर बढ़ रही है।

विजय कुमार थडानी ने पंकज जठार के योगदान की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि पंकज ने संगठन को मजबूत करने और एनआईआईटी को भविष्य के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

एनआईआईटी में शामिल होने से पहले अनिश सरकार प्लक्स़ी (Pluxee), जिसे पहले सोडेक्सो बीआरएस (Sodexo BRS) के नाम से जाना जाता था, में मैनेजिंग डायरेक्टर-इंडिया और इंडिया, फिलीपींस तथा इंडोनेशिया क्लस्टर के डायरेक्टर थे।

इससे पहले वह मर्सर इंडिया (Mercer India) के सीईओ रह चुके हैं। अनिश ने कैपजेमिनी ग्रुप (Capgemini Group) के साथ भी कई वर्षों तक वरिष्ठ नेतृत्व भूमिकाओं में काम किया है। वहां उनका अनुभव मैनेजमेंट कंसल्टिंग (Management Consulting), सेल्स और टेक्नोलॉजी ट्रांसफॉर्मेशन (Technology Transformation) जैसे क्षेत्रों में रहा है।

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NDTV को बाय बोलकर अब Mint से जुड़ीं सुचेतना रे, बनीं डिप्टी मैनेजिंग एडिटर

NDTV में दो साल तक एग्जिक्यूटिव एडिटर के पद पर रहीं सुचेतना रे, इससे पहले आउटलुक में भी निभा चुकी हैं कई अहम जिम्मेदारियां

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Thursday, 15 October, 2026
Suchetana Ray

वरिष्ठ पत्रकार सुचेतना रे ने बिजनेस न्यूज प्लेटफॉर्म मिंट (Mint) में डिप्टी मैनेजिंग एडिटर के तौर पर नई पारी शुरू की है। अपनी नई भूमिका में वह Mint के एडिटर-इन-चीफ जोसी पी. जॉन (Josey P. John) को रिपोर्ट करेंगी।

सुचेतना रे को टेलीविजन, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में दो दशक से अधिक का अनुभव है। अपने करियर के दौरान उन्होंने संपादकीय नेतृत्व, कंटेंट स्ट्रैटेजी और मीडिया कारोबार को आगे बढ़ाने जैसे क्षेत्रों में काम किया है।

इससे पहले वह NDTV में एग्जिक्यूटिव एडिटर के पद पर कार्यरत थीं। NDTV में अपने दो साल के कार्यकाल के दौरान सुचेतना रे NDTV.com पर प्रीमियम कंटेंट को आगे बढ़ाने और सब्सक्रिप्शन स्ट्रैटेजी विकसित करने से जुड़ी रहीं। वह नेटवर्क के कई प्रमुख कार्यक्रमों और आयोजनों से जुड़ी टीम का भी हिस्सा थीं। इनमें NDTV Art Awards, NDTV Food Awards, NDTV Profit Business Leadership Awards, Indian of the Year और NDTV World Summit शामिल हैं।

NDTV से पहले सुचेतना रे ने आउटलुक ग्रुप में कई नेतृत्वकारी भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने आउटलुक बिजनेस की एडिटर के तौर पर काम किया। इसके बाद वह ग्रुप की चीफ स्ट्रैटेजी ऑफिसर बनीं। इस भूमिका में उन्होंने संपादकीय, ब्रैंड और रेवेन्यू से जुड़ी प्रमुख जिम्मेदारियां संभालीं।

अपने दो दशक से अधिक के पत्रकारिता करियर में सुचेतना रे ने आर्थिक नीतियों, कारोबार और आर्थिक अपराध से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग की है। पूर्व में वह ईटी नाउ (ET Now), हिन्दुस्तान टाइम्स (Hindustan Times) और द इकनॉमिक टाइम्स (The Economic Times) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अपनी भूमिका निभा चुकी हैं।  

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टाटा प्ले स्मार्ट ऐप लॉन्च : सेट-टॉप बॉक्स के बिना देखिए लाइव टीवी

टाटा प्ले ने कनेक्टेड टीवी यूजर्स के लिए स्मार्ट ऐप लॉन्च किया है। इसके जरिए बिना सेट-टॉप बॉक्स और डिश एंटीना 500 से ज्यादा लाइव टीवी चैनल देख सकेंगे।

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Thursday, 15 October, 2026
tataplay

टाटा प्ले (Tata Play) ने कनेक्टेड टीवी यूजर्स के लिए टाटा प्ले स्मार्ट (Tata Play Smart) ऐप लॉन्च किया है। इसके जरिए यूजर्स बिना सेट-टॉप बॉक्स और डिश एंटीना के 500 से ज्यादा लाइव टीवी चैनल देख सकेंगे।

कंपनी के मुताबिक, सेवा की कीमत पहले भाषा के लिए 199 रुपये प्रति माह रखी गई है। हर अतिरिक्त भाषा के लिए 99 रुपये प्रति माह देने होंगे। हालांकि, टाटा प्ले का कहना है कि यह सैटेलाइट टेलीविजन से दूर जाने की तैयारी नहीं है, बल्कि कंपनी अपनी सेवाओं का विस्तार कर रही है।

यह लॉन्च ऐसे समय हुआ है जब भारत के पेड डायरेक्ट-टू-होम (DTH) बाजार में ग्राहकों की संख्या लगातार घट रही है। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) की अप्रैल-जून 2026 की प्रदर्शन रिपोर्ट के अनुसार, चार पेड डीटीएच ऑपरेटरों का सक्रिय ग्राहक आधार 30 जून 2026 तक सालाना आधार पर 13.4 प्रतिशत घटकर 4.856 करोड़ रह गया। एक साल पहले यह संख्या 5.607 करोड़ थी। यानी एक साल में करीब 75 लाख ग्राहक कम हुए।

मार्च 2026 में 4.905 करोड़ के मुकाबले जून तक भी ग्राहक आधार में गिरावट दर्ज की गई। ऐसे में पेड-टीवी वितरण पर बढ़ते दबाव के बीच टाटा प्ले का नया ऐप कंपनी को टीवी दर्शकों तक पहुंचने का एक अतिरिक्त रास्ता देता है।

पेड डीटीएच बाजार में टाटा प्ले की स्थिति अभी भी सबसे मजबूत है। 30 जून 2026 तक कंपनी के पास 1.484 करोड़ ग्राहक थे और उसकी बाजार हिस्सेदारी 30.56 प्रतिशत थी। भारती टेलीमीडिया (Bharti Telemedia) के 1.358 करोड़, सन डायरेक्ट (Sun Direct) के 1.093 करोड़ और डिश टीवी इंडिया (Dish TV India) के 92.1 लाख ग्राहक थे।

इन आंकड़ों में प्रसार भारती (Prasar Bharati) की मुफ्त डीटीएच सेवा डीडी फ्री डिश (DD Free Dish) शामिल नहीं है। यानी पेड डीटीएच बाजार के करीब हर तीन में से एक घर में पहले से टाटा प्ले की मौजूदगी है। अब टाटा प्ले स्मार्ट के जरिए कंपनी बिना केवल सैटेलाइट सेवा पर निर्भर हुए टीवी बाजार के बाकी हिस्से तक भी पहुंच बनाने की कोशिश कर रही है।

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ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों को बड़ी राहत, GST मांग में ₹52,915 करोड़ की कटौती

ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों को जीएसटी (GST) के मामले में बड़ी राहत मिली है। कर अधिकारियों ने तीन बड़ी ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों पर पहले प्रस्तावित जीएसटी मांग में करीब 52,915 करोड़ रुपये की कटौती की है।

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Thursday, 15 October, 2026
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ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों को जीएसटी (GST) के मामले में बड़ी राहत मिली है। कर अधिकारियों ने तीन बड़ी ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों पर पहले प्रस्तावित जीएसटी मांग में करीब 52,915 करोड़ रुपये की कटौती की है। यह कटौती कुल प्रस्तावित मांग का लगभग 75.4% है। यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के ऑनलाइन मनी गेमिंग पर जीएसटी से जुड़े फैसले के बाद जारी किए गए आदेशों में सामने आया है।

एक्सचेंज4मीडिया (e4m) की ओर से देखे गए इन आदेशों के मुताबिक, स्पोर्टा टेक्नोलॉजीज (Sporta Technologies), गेम्सक्राफ्ट टेक्नोलॉजीज (Gameskraft Technologies) और प्ले गेम्स 24x7 (Play Games 24x7) पर कुल 17,297.62 करोड़ रुपये का मूल जीएसटी बकाया तय किया गया है। इससे पहले इन कंपनियों से करीब 70,212.87 करोड़ रुपये की जीएसटी वसूली का प्रस्ताव था।

हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि तीनों कंपनियों को पूरा टैक्स माफ कर दिया गया है। कर अधिकारियों ने पहले प्रस्तावित मांग का बड़ा हिस्सा हटा दिया है, लेकिन तीनों कंपनियों पर अब भी भारी टैक्स देनदारी बनी हुई है। इसके अलावा, संबंधित आदेशों के तहत ब्याज और जुर्माना भी लागू होगा।

ड्रीम11 की संचालक कंपनी को सबसे बड़ी राहत

ड्रीम11 (Dream11) का संचालन करने वाली स्पोर्टा टेक्नोलॉजीज को रकम के हिसाब से सबसे बड़ी राहत मिली है। कंपनी की मूल प्रस्तावित जीएसटी मांग में से 21,603.31 करोड़ रुपये हटा दिए गए हैं। यह कटौती मूल मांग का 76.4% है।

वहीं, गेम्सक्राफ्ट टेक्नोलॉजीज की प्रस्तावित मांग में 16,102.26 करोड़ रुपये की कटौती की गई है। कंपनी को प्रतिशत के हिसाब से सबसे ज्यादा 76.7% की राहत मिली है। प्ले गेम्स 24x7 की प्रस्तावित जीएसटी मांग में 15,209.68 करोड़ रुपये की कटौती हुई है। यह मूल मांग का 72.7% है। इस तरह तीनों कंपनियों के मामलों में जीएसटी की प्रस्तावित मांग और अंतिम रूप से तय टैक्स देनदारी के बीच बड़ा अंतर सामने आया है।

स्पोर्टा टेक्नोलॉजीज पर 6,690.87 करोड़ रुपये की जीएसटी देनदारी

मुंबई ईस्ट कमिश्नरेट ने जुलाई 2017 से मार्च 2023 की अवधि के लिए स्पोर्टा टेक्नोलॉजीज पर 6,690.87 करोड़ रुपये की कुल जीएसटी देनदारी तय की है। कंपनी के खिलाफ पहले करीब 28,294.18 करोड़ रुपये की मांग प्रस्तावित थी। इसमें से 21,603.31 करोड़ रुपये की मांग हटा दी गई है। तय की गई 6,690.87 करोड़ रुपये की जीएसटी देनदारी में 5,671.60 करोड़ रुपये एकीकृत जीएसटी (IGST) और 509.64-509.64 करोड़ रुपये केंद्रीय जीएसटी (CGST) तथा राज्य जीएसटी (SGST) के हैं।

आदेश में केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर कानून की धारा 50(1) के तहत लागू ब्याज की वसूली का भी निर्देश दिया गया है। इसमें कंपनी की ओर से पहले ही चुकाए गए जीएसटी का हिसाब भी शामिल किया जाना है।

स्पोर्टा टेक्नोलॉजीज के मामले में जुर्माने का प्रावधान दूसरी दोनों कंपनियों से अलग है। कंपनी पर धारा 73(9) के तहत जुर्माना लगाया गया है, न कि धारा 74(1) के तहत टैक्स के बराबर जुर्माना। इसके अलावा, कानून की धारा 122 और 125 के कुछ प्रावधानों के तहत प्रस्तावित अन्य जुर्माने भी हटा दिए गए हैं।

यह भी ध्यान देने वाली बात है कि 6,690.87 करोड़ रुपये कंपनी की कुल तय टैक्स देनदारी है। पहले से चुकाए गए टैक्स का हिसाब लगाने के बाद वास्तव में कितनी रकम बाकी रह जाएगी, यह अलग हो सकता है।

गेम्सक्राफ्ट की मांग में 76.7% की कटौती

गेम्सक्राफ्ट टेक्नोलॉजीज की प्रस्तावित जीएसटी मांग करीब 20,989.31 करोड़ रुपये थी। अब इसे घटाकर 4,887.05 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इस तरह कंपनी को 16,102.26 करोड़ रुपये की राहत मिली है।

बेंगलुरु ईस्ट कमिश्नरेट का यह आदेश कंपनी के रमीकल्चर (RummyCulture) और गेम्जी (Gamezy) प्लेटफॉर्म से जुड़ा है। इसमें अगस्त 2017 से जून 2022 तक की अवधि को शामिल किया गया है।

अधिकारियों ने कर योग्य रकम 20,261.97 करोड़ रुपये तय की है। इसके लिए केंद्रीय जीएसटी नियमों के नियम 31बी (Rule 31B) को आधार बनाया गया है। यह सुप्रीम कोर्ट के 27 मई 2026 के फैसले के अनुरूप है।

इस मामले में खिलाड़ियों की ओर से जमा की गई रकम और निकासी के रिकॉर्ड का सत्यापन किया गया। अधिकारियों ने ऐसी स्थिति में बार-बार खेल में लगाई गई जीत की रकम को हर बार नई जमा राशि मानकर कुल रकम जोड़ने का तरीका नहीं अपनाया, जब उस रकम को निकाला ही नहीं गया था और उसे दोबारा खेल में लगाया गया था।

यही अंतर टैक्स की दोबारा गणना में अहम रहा। मूल नोटिस में कुल खरीद या खेल में लगाई गई रकम (Cumulative Buy-in) को मुख्य आधार बनाकर काफी ज्यादा टैक्स मांग प्रस्तावित की गई थी।

अंतिम आदेश के तहत 1,548.60 करोड़ रुपये IGST और 1,669.22-1,669.22 करोड़ रुपये केंद्रीय जीएसटी तथा कर्नाटक जीएसटी की देनदारी तय की गई है। इस तरह कुल टैक्स 4,887.05 करोड़ रुपये होता है।

कंपनी की ओर से पहले जमा किए गए 20 करोड़ रुपये को तय टैक्स देनदारी में समायोजित किया गया है। साथ ही, लागू ब्याज की वसूली का निर्देश दिया गया है।

गेम्सक्राफ्ट पर धारा 74 के तहत 4,887.05 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है, जो तय टैक्स देनदारी के बराबर है। हालांकि, पांच व्यक्तियों के खिलाफ प्रस्तावित व्यक्तिगत जुर्माने हटा दिए गए हैं। कंपनी के खिलाफ एक ही काम या चूक के लिए दोहराए जाने वाले जुर्माने के प्रस्ताव भी संबंधित सीमा तक हटा दिए गए हैं।

प्ले गेम्स 24x7 पर 5,719.70 करोड़ रुपये का टैक्स

रमीसर्किल (RummyCircle) और माई11सर्किल (My11Circle) का संचालन करने वाली प्ले गेम्स 24x7 की प्रस्तावित जीएसटी मांग में 15,209.68 करोड़ रुपये की कटौती की गई है। यह मूल मांग का 72.7% है। मुंबई ईस्ट कमिश्नरेट ने जुलाई 2017 से वित्त वर्ष 2022-23 तक की अवधि के लिए कंपनी पर 5,719.70 करोड़ रुपये की मूल जीएसटी देनदारी तय की है।

इससे पहले कंपनी से करीब 20,929.38 करोड़ रुपये की वसूली प्रस्तावित थी। अब इसमें से 15,209.68 करोड़ रुपये की मांग हटा दी गई है। तय टैक्स देनदारी में 4,223.37 करोड़ रुपये IGST और 748.17-748.17 करोड़ रुपये केंद्रीय जीएसटी तथा राज्य जीएसटी के हैं।

कंपनी की ओर से पहले ही चुकाए गए 1,407.38 करोड़ रुपये को तय टैक्स देनदारी में समायोजित किया गया है। आदेश में लागू ब्याज की वसूली का भी निर्देश दिया गया है।

स्पोर्टा टेक्नोलॉजीज के विपरीत, प्ले गेम्स 24x7 पर धारा 74(9) और धारा 122(2)(b) के तहत 5,719.70 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। यह रकम कंपनी की तय टैक्स देनदारी के बराबर है।

इसके अलावा, कंपनी की अमेरिका स्थित शाखा से जुड़े कुछ विदेशी खर्चों और रकम भेजने के मामलों पर रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म (Reverse Charge Mechanism) के तहत 32.52 करोड़ रुपये की अलग IGST मांग भी तय की गई है। यह रकम 5,719.70 करोड़ रुपये की मुख्य ऑनलाइन गेमिंग टैक्स देनदारी से अलग है। इस अतिरिक्त मांग के तहत कंपनी की ओर से पहले ही चुकाए गए करीब 30.60 करोड़ रुपये को भी समायोजित किया गया है।

अधिकारियों ने कंपनी के तीन अधिकारियों के खिलाफ प्रस्तावित व्यक्तिगत जुर्माने भी हटा दिए हैं। आदेश के मुताबिक, संबंधित व्यक्तियों की भूमिका या उनके विशेष कृत्यों को साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं मिले।

तीनों कंपनियों को कुल 52,915 करोड़ रुपये की राहत

तीनों कंपनियों के आदेशों को मिलाकर देखें तो पहले करीब 70,212.87 करोड़ रुपये की जीएसटी मांग प्रस्तावित थी। अब मूल टैक्स देनदारी 17,297.62 करोड़ रुपये तय की गई है। इस तरह कुल 52,915.25 करोड़ रुपये की मांग हटा दी गई है। यह मूल प्रस्तावित मांग का करीब 75.4% है।

यह तुलना तीनों कंपनियों के ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े मुख्य टैक्स मामलों और हटाई गई मांग पर आधारित है। इसमें ब्याज और जुर्माने को शामिल नहीं किया गया है। यह रकम पहले से चुकाए गए टैक्स और अन्य समायोजन के बाद वास्तव में वसूली जाने वाली अंतिम राशि भी नहीं है। प्ले गेम्स 24x7 पर लगाई गई 32.52 करोड़ रुपये की अलग रिवर्स चार्ज मांग भी इस तुलना में शामिल नहीं है।

तीनों मामलों में जुर्माने के प्रावधान भी अलग-अलग हैं। स्पोर्टा टेक्नोलॉजीज पर धारा 73 के तहत जुर्माना लगाया गया है, जबकि गेम्सक्राफ्ट टेक्नोलॉजीज और प्ले गेम्स 24x7 पर धारा 74 के तहत तय टैक्स के बराबर जुर्माना लगाया गया है।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद हुई दोबारा गणना

ये आदेश ऑनलाइन गेमिंग पर जीएसटी लगाने और टैक्स योग्य रकम की गणना से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के मई 2026 के फैसले के बाद आए हैं। खासकर गेम्सक्राफ्ट के मामले से यह बात सामने आती है कि ऑनलाइन गेमिंग में टैक्स तय करते समय खिलाड़ियों की जमा रकम, जीत की रकम और उस रकम को दोबारा खेल में लगाने के तरीके को कैसे देखा जाता है, इससे अंतिम टैक्स देनदारी पर बड़ा असर पड़ सकता है।

कुल मिलाकर, कर अधिकारियों के इन आदेशों से तीनों कंपनियों की मूल प्रस्तावित जीएसटी मांग में बड़ी कमी आई है। लेकिन इसे पूरी टैक्स माफी नहीं माना जा सकता। तीनों कंपनियों पर अब भी हजारों करोड़ रुपये की मूल टैक्स देनदारी बनी हुई है और संबंधित आदेशों के मुताबिक ब्याज तथा जुर्माने का भुगतान भी करना पड़ सकता है। 

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SITI Networks के नए रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल बने त्रुपालकुमार पटेल, NCLT ने दी मंजूरी

केबल टीवी सेवा देने वाली कंपनी SITI Networks Limited के नए रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल (RP) के रूप में त्रुपालकुमार पटेल को नियुक्त किया गया है।

Last Modified:
Thursday, 15 October, 2026
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केबल टीवी सेवा देने वाली कंपनी SITI Networks Limited के नए रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल (RP) के रूप में त्रुपालकुमार पटेल को नियुक्त किया गया है। मुंबई स्थित नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने 28 सितंबर 2026 को इस नियुक्ति को मंजूरी दी थी। कंपनी को इस आदेश की प्रमाणित प्रति 12 अक्टूबर को मिली, जिसके बाद उसने 14 अक्टूबर को इसकी जानकारी शेयर बाजार को दी।

कंपनी ने बताया कि NCLT के मुंबई बेंच ने यह आदेश कंपनी की ओर से दायर आवेदन पर दिया है। यह आवेदन दिवाला और दिवालियापन संहिता, 2016 की धारा 27 के तहत नए रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल की नियुक्ति के लिए किया गया था।

पुराने रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल का पंजीकरण रद्द होने के बाद फैसला

NCLT के आदेश के मुताबिक, भारतीय दिवाला और दिवालियापन बोर्ड (IBBI) ने 6 अगस्त 2026 को अनुशासनात्मक कार्रवाई के तहत कंपनी के तत्कालीन रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल का पंजीकरण रद्द कर दिया था। आदेश में यह भी कहा गया था कि वह अपनी मौजूदा जिम्मेदारी जारी रखने के पात्र नहीं रहेंगे। यह आदेश 6 सितंबर 2026 से प्रभावी हुआ।

इसके बाद 16 सितंबर 2026 को कर्जदाताओं की संयुक्त बैठक हुई। बैठक में 72% वोट के साथ त्रुपालकुमार पटेल को नया रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल नियुक्त करने का फैसला लिया गया। NCLT के आदेश के अनुसार, पटेल के पास 31 दिसंबर 2026 तक वैध प्राधिकरण भी है।

NCLT ने आवेदन को मंजूरी दी

NCLT की पीठ में तकनीकी सदस्य हरिहरन नीलकांत अय्यर और न्यायिक सदस्य लक्ष्मी गुरंग शामिल थे। पीठ ने SITI Networks की ओर से दायर आवेदन को मंजूर करते हुए त्रुपालकुमार पटेल को कंपनी का रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल नियुक्त किया और आवेदन का निपटारा कर दिया। इस मामले से जुड़े दो अन्य आवेदनों पर अगली सुनवाई 3 दिसंबर 2026 को तय की गई है।

कंपनी ने NCLT के आदेश की प्रमाणित प्रति बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) को नियामकीय जानकारी के तौर पर भेजी है।  

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प्राइम फोकस के दफ्तरों और प्रमोटर डायरेक्टर्स के घर पर आयकर विभाग की जांच पूरी

मीडिया और एंटरटेनमेंट टेक्नोलॉजी कंपनी प्राइम फोकस लिमिटेड ने बताया है कि उसके कुछ दफ्तरों और कंपनी के प्रमोटर डायरेक्टर्स के घरों पर आयकर विभाग की तलाशी और जब्ती की कार्रवाई पूरी हो गई है।

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Thursday, 15 October, 2026
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मीडिया और एंटरटेनमेंट टेक्नोलॉजी कंपनी प्राइम फोकस लिमिटेड ने बताया है कि उसके कुछ दफ्तरों और कंपनी के प्रमोटर डायरेक्टर्स के घरों पर आयकर विभाग की तलाशी और जब्ती की कार्रवाई पूरी हो गई है। कंपनी के मुताबिक, यह कार्रवाई 7 अक्टूबर 2026 को शुरू हुई थी और 14 अक्टूबर की सुबह समाप्त हुई।

कंपनी ने 14 अक्टूबर को शेयर बाजारों को दी गई जानकारी में बताया कि मुंबई के आयकर विभाग ने आयकर अधिनियम, 2025 के प्रावधानों के तहत यह कार्रवाई की थी। यह जानकारी भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के लिस्टिंग नियमों के तहत साझा की गई है। कंपनी ने इससे पहले 7 अक्टूबर को भी इस मामले में जानकारी दी थी।

जांच के दौरान अधिकारियों को पूरा सहयोग दिया

प्राइम फोकस ने बताया कि तलाशी की पूरी प्रक्रिया के दौरान कंपनी और उसके अधिकारियों ने आयकर विभाग के अधिकारियों को पूरा सहयोग दिया। कंपनी ने अधिकारियों की ओर से मांगी गई जानकारी, दस्तावेज और स्पष्टीकरण भी उपलब्ध कराए।

कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल उसे ऐसा कोई आदेश या निर्देश नहीं मिला है, जिसमें इस तलाशी और जब्ती की कार्रवाई के संबंध में कोई प्रतिकूल निष्कर्ष बताया गया हो।

कंपनी के कामकाज पर असर नहीं

प्राइम फोकस के अनुसार, इस कार्रवाई का कंपनी के कामकाज, वित्तीय स्थिति या अन्य गतिविधियों पर कोई असर नहीं पड़ा है। कंपनी ने कहा कि उसका कारोबार सामान्य रूप से जारी है।

कंपनी ने अपने बयान में यह भी कहा कि वह अपने सभी कामकाज में ईमानदारी, बेहतर कॉरपोरेट गवर्नेंस और नियमों के पालन के ऊंचे मानकों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। इसमें आयकर अधिनियम के प्रावधानों का पालन भी शामिल है।

प्राइम फोकस ने शेयर बाजारों को भरोसा दिया है कि भविष्य में इस मामले में कोई महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आने पर वह इसकी जानकारी तुरंत देगी।

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Jio Platforms के IPO का घटा आकार, नहीं बदलेगी रकम खर्च करने की योजना

जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ में निवेश करने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए कंपनी ने कीमत और तारीखों से जुड़ी जानकारी जारी कर दी है।

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Thursday, 15 October, 2026
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जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ में निवेश करने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए कंपनी ने कीमत और तारीखों से जुड़ी जानकारी जारी कर दी है। रिलायंस इंडस्ट्रीज की इस सहायक कंपनी का आईपीओ 21 अक्टूबर को खुलेगा और 23 अक्टूबर को बंद होगा। इसके जरिए कंपनी 27 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी करेगी। ऊपरी कीमत के आधार पर इश्यू का आकार करीब 30,200 करोड़ रुपये होगा। कंपनी ने पात्र एम्प्लॉयीज के लिए 500 करोड़ रुपये तक और रिलायंस इंडस्ट्रीज के पात्र शेयरधारकों के लिए 2,500 करोड़ रुपये तक के शेयर आरक्षित रखने का प्रावधान किया है।

जियो प्लेटफॉर्म्स ने 14 अक्टूबर 2026 को रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) दाखिल किया। इससे पहले कंपनी ने 19 जून 2026 को ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल किया था और 28 अगस्त को भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) से इस पर ऑब्जर्वेशन लेटर मिलने की जानकारी दी थी।

₹1,065 से ₹1,119 के बीच होगी शेयर की कीमत

कंपनी ने आईपीओ के लिए प्रति शेयर 1,065 रुपये से 1,119 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है। 1,065 रुपये न्यूनतम कीमत और 1,119 रुपये अधिकतम कीमत होगी। निवेशकों को कम से कम 12 शेयरों के लिए बोली लगानी होगी। इसके बाद 12-12 शेयरों के गुणक में बोली लगाई जा सकेगी। प्रत्येक शेयर का अंकित मूल्य 10 रुपये है।

आईपीओ से पहले 19 अक्टूबर को एंकर निवेशकों के लिए बोली लगेगी। इसके बाद 21 अक्टूबर को इश्यू खुलेगा और 23 अक्टूबर को बंद होगा। कंपनी के शेयरों में 28 अक्टूबर से कारोबार शुरू होने की योजना है।

एम्प्लॉयीज को प्रति शेयर ₹54 की छूट

जियो प्लेटफॉर्म्स ने पात्र एम्प्लॉयीज के लिए 500 करोड़ रुपये तक के शेयर आरक्षित किए हैं। एम्प्लॉयी आरक्षण हिस्से के तहत बोली लगाने वाले पात्र एम्प्लॉयीज को प्रति शेयर 54 रुपये की छूट मिलेगी।

कंपनी के ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस के मुताबिक, पात्र एम्प्लॉयी कट-ऑफ प्राइस पर बोली लगा सकते हैं। प्रत्येक एम्प्लॉयी की अधिकतम बोली राशि 5 लाख रुपये तय की गई है, जबकि शुरुआती आवंटन 2 लाख रुपये से अधिक का नहीं होगा।

अगर एम्प्लॉयीज के लिए आरक्षित हिस्से में सभी शेयरों के लिए बोली नहीं आती है, तो बचे हुए शेयरों का आनुपातिक आधार पर उन पात्र एम्प्लॉयीज को आवंटन किया जा सकता है, जिन्होंने 2 लाख रुपये से अधिक की बोली लगाई है। यह आवंटन 5 लाख रुपये की अधिकतम बोली सीमा के अधीन होगा।

रिलायंस के शेयरधारकों के लिए भी आरक्षण

आईपीओ में रिलायंस इंडस्ट्रीज के पात्र शेयरधारकों के लिए 2,500 करोड़ रुपये तक के शेयर आरक्षित रखने का प्रावधान है। इसके तहत वे व्यक्ति और हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) पात्र होंगे, जो 14 अक्टूबर 2026 को RHP दाखिल किए जाने की तारीख पर रिलायंस इंडस्ट्रीज के सार्वजनिक इक्विटी शेयरधारक थे। एचयूएफ के मामले में शेयर कर्ता के नाम पर भी हो सकते हैं। लागू नियमों के तहत आईपीओ में निवेश के लिए अपात्र लोग इस आरक्षण का लाभ नहीं ले सकेंगे।

पात्र शेयरधारक कट-ऑफ प्राइस पर बोली लगा सकते हैं, लेकिन उनकी बोली की रकम 2 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। इसकी गणना अधिकतम तय कीमत को मांगे गए शेयरों की संख्या से गुणा करके की जाएगी।

पहले के प्रस्ताव से छोटा हुआ इश्यू

जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ का आकार पहले करीब 35,000 करोड़ रुपये प्रस्तावित था। अब यह ऊपरी प्राइस बैंड के आधार पर करीब 30,200 करोड़ रुपये रह गया है। इस तरह इश्यू का आकार पहले के प्रस्ताव से करीब 14% कम है। हालांकि, कंपनी ने जारी किए जाने वाले शेयरों की संख्या में कटौती नहीं की है। आईपीओ में अब भी 27 करोड़ नए शेयर जारी किए जाएंगे।

यह पूरी तरह नए शेयरों का इश्यू है। इसका मतलब है कि मौजूदा निवेशक इस आईपीओ के जरिए अपने शेयर बेचकर बाहर नहीं निकल रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, घरेलू म्यूचुअल फंडों से बातचीत के बाद इश्यू का आकार कम किया गया। बाजार में गिरावट और निवेशकों की मांग को देखते हुए कीमत को लेकर सावधानी बरती गई।

करीब 30,200 करोड़ रुपये के आकार के साथ यह रुपये के लिहाज से भारत का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ बन सकता है। यह 2024 में आए हुंडई मोटर इंडिया के 27,870 करोड़ रुपये के आईपीओ से बड़ा होगा। हालांकि, डॉलर के लिहाज से हुंडई का आईपीओ आगे रहेगा। उसने करीब 3.3 अरब डॉलर जुटाए थे, जबकि जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ का आकार करीब 3.2 अरब डॉलर बताया गया है।

आईपीओ की रकम से रिलायंस जियो इन्फोकॉम का कर्ज चुकाएगी कंपनी

जियो प्लेटफॉर्म्स ने प्रॉस्पेक्टस में बताया है कि आईपीओ से मिलने वाली रकम में से 27,500 करोड़ रुपये तक का इस्तेमाल अपनी प्रमुख सहायक कंपनी रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड के कुछ कर्जों का समय से पहले भुगतान करने के लिए किया जाएगा। यह योजना पहले के प्रस्ताव में भी शामिल थी।

जियो प्लेटफॉर्म्स में रिलायंस इंडस्ट्रीज की 66.43% हिस्सेदारी है। मेटा प्लेटफॉर्म्स की सहयोगी कंपनी जाद्धू होल्डिंग्स के पास 9.98% और गूगल इंटरनेशनल के पास 7.73% हिस्सेदारी है। केकेआर और विस्टा इक्विटी पार्टनर्स की 2.31%-2.31% हिस्सेदारी है। सिल्वर लेक की 1.88%, मुबाडाला इन्वेस्टमेंट की 1.85%, जनरल अटलांटिक की 1.34% और अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी की 1.16% हिस्सेदारी है।

आईपीओ से पहले कंपनी के अधिकारियों ने अमेरिका, ब्रिटेन, दुबई, हांगकांग और सिंगापुर जैसे बाजारों में निवेशकों के साथ बैठकें कीं। कंपनी ने आईपीओ के प्रबंधन के लिए कोटक महिंद्रा कैपिटल, मॉर्गन स्टेनली इंडिया, बीओएफए सिक्योरिटीज इंडिया, एक्सिस कैपिटल, बीएनपी पारिबा, सिटीग्रुप ग्लोबल मार्केट्स इंडिया और गोल्डमैन सैक्स इंडिया सिक्योरिटीज समेत कई वित्तीय संस्थानों को नियुक्त किया है। शेयर बीएसई और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर सूचीबद्ध किए जाने का प्रस्ताव है।

वित्त वर्ष 2025-26 में मुनाफा 15% बढ़ा

जियो प्लेटफॉर्म्स ने वित्त वर्ष 2025-26 में 30,053 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया, जो पिछले वित्त वर्ष से 15% अधिक है। कंपनी की आय 14.5% बढ़कर करीब 1.47 लाख करोड़ रुपये रही। इस दौरान ब्याज, कर, मूल्यह्रास और परिशोधन से पहले की कमाई (EBITDA) 76,255 करोड़ रुपये रही, जो कंपनी की आय का 51.9% थी।

भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) के आंकड़ों के अनुसार, अगस्त 2026 के अंत में रिलायंस जियो इन्फोकॉम के वायरलेस मोबाइल ग्राहकों की संख्या 50.843 करोड़ थी। भारती एयरटेल के 49.160 करोड़ और वोडाफोन आइडिया के 19.957 करोड़ वायरलेस मोबाइल ग्राहक थे।

एम्प्लॉयीज की संख्या और खर्च में बदलाव

31 मार्च 2026 को समाप्त वित्त वर्ष में जियो प्लेटफॉर्म्स के पूर्णकालिक एम्प्लॉयीज की संख्या 28,163 रही। वित्त वर्ष 2024-25 में यह 32,724 और वित्त वर्ष 2023-24 में 35,757 थी। वित्त वर्ष 2025-26 में एम्प्लॉयीज के कंपनी छोड़ने की दर 21.78% रही। इससे पिछले वित्त वर्ष में यह 20.22% और वित्त वर्ष 2023-24 में 22.80% थी।

एम्प्लॉयी लाभ पर कंपनी का खर्च वित्त वर्ष 2025-26 में 6,648.7 करोड़ रुपये रहा। वित्त वर्ष 2024-25 में यह 6,207.9 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2023-24 में 5,382.3 करोड़ रुपये था। हालांकि, परिचालन आय के मुकाबले एम्प्लॉयी लाभ खर्च का अनुपात घटकर 4.53% रह गया, जो इससे पिछले वित्त वर्ष में 4.84% और वित्त वर्ष 2023-24 में 4.91% था। 

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टिकटॉक, एमएक्स प्लेयर और डिज्नी के बाद निखिल गांधी ने शुरू किया अपना AI वेंचर VYYB

उन्होंने अपनी कंपनी VYYB AI Technologies Ltd लॉन्च की है। यह कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से व्यावसायिक जगहों पर लोगों के अनुभव को बेहतर बनाने से जुड़े समाधान विकसित कर रही है।

Last Modified:
Wednesday, 14 October, 2026
Nikhil Gandhi..

मीडिया और टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री में लंबे समय तक काम करने वाले निखिल गांधी ने अब उद्यमिता की दुनिया में कदम रखा है। उन्होंने अपनी कंपनी VYYB AI Technologies Ltd लॉन्च की है। यह कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से व्यावसायिक जगहों पर लोगों के अनुभव को बेहतर बनाने से जुड़े समाधान विकसित कर रही है। कंपनी ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से अपना सफर शुरू किया है और इसका मुख्यालय दुबई के DIFC Dubai AI Campus में है।

निखिल गांधी को कॉरपोरेट नेतृत्व में 26 साल से अधिक का अनुभव है। वह टिकटॉक, एमएक्स प्लेयर, द वॉल्ट डिज्नी कंपनी और टाइम्स नेटवर्क में वरिष्ठ नेतृत्व की भूमिकाएं निभा चुके हैं। इन संस्थानों में अपने काम के दौरान उन्होंने यूजर ग्रोथ, कमाई के मॉडल, विज्ञापन, डिस्ट्रीब्यूशन और कारोबारी रणनीति जैसे क्षेत्रों में अनुभव हासिल किया। साल 2026 में उन्होंने मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) का Applied Agentic AI प्रोग्राम भी पूरा किया।

म्यूजिक मैनेजमेंट से होगी शुरुआत: VYYB AI का पहला प्रोडक्ट VYYB SONIC है। यह व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में बैकग्राउंड म्यूजिक के प्रबंधन के लिए AI आधारित समाधान पर केंद्रित है। कंपनी का विचार उन जगहों पर तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाना है, जहां लोग काम करते हैं, खरीदारी करते हैं, भोजन करते हैं या अपना समय बिताते हैं। कारोबारी अपने प्रतिष्ठानों के डिजाइन और ब्रैंड की पहचान पर ध्यान देते हैं, लेकिन बैकग्राउंड म्यूजिक, तापमान और खुशबू जैसी चीजों का प्रबंधन अक्सर अलग-अलग किया जाता है। VYYB AI का उद्देश्य यह तलाशना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से इन सभी पहलुओं को किसी व्यावसायिक प्रतिष्ठान के माहौल और जरूरतों के अनुरूप कैसे बनाया जा सकता है।

तापमान और खुशबू के लिए भी विकसित होंगे सॉल्यूशंस: कंपनी की योजना म्यूजिक के अलावा अन्य क्षेत्रों में भी AI आधारित समाधान विकसित करने की है। इसके तहत VYYB ATMOS के जरिए तापमान और वातावरण को बेहतर तरीके से नियंत्रित करने से जुड़े समाधान विकसित किए जा रहे हैं। वहीं, VYYB AURA के तहत अलग-अलग परिस्थितियों और जरूरतों के अनुरूप खुशबू के इस्तेमाल से जुड़ा समाधान विकसित किया जा रहा है। लंबी अवधि में कंपनी इन क्षमताओं को VYYB AMBIENCE नाम के एक साझा प्लेटफॉर्म के माध्यम से जोड़ने की योजना बना रही है। फिलहाल, कंपनी की शुरुआत VYYB SONIC के साथ हुई है।

इस बारे में VYYB AI Technologies Ltd के फाउंडर और सीईओ निखिल गांधी ने अपने उद्यमशील सफर को लेकर कहा कि अपने करियर के दौरान उन्होंने देखा है कि तकनीक किस तरह कारोबार करने और लोगों से जुड़ने के तरीकों को बदल सकती है। उनके मुताबिक, VYYB AI के जरिए उन्हें इस सोच को भौतिक जगहों पर लागू करने का अवसर मिला है, जहां नवाचार की काफी संभावनाएं हैं।

उन्होंने कहा कि VYYB AI को UAE में बनाया जा रहा है, लेकिन इसका लक्ष्य दुनिया भर के बाजारों के लिए समाधान विकसित करना है। दुबई से काम करते हुए कंपनी ऐसे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की मदद करना चाहती है, जो अपने ग्राहकों की जरूरतों के प्रति अधिक संवेदनशील हों और अपने ब्रैंड की पहचान के अनुरूप अनुभव दे सकें।

निखिल गांधी के अनुसार, कंपनी की शुरुआत म्यूजिक से हुई है और VYYB SONIC इसका पहला समाधान है। कंपनी का ध्यान ऐसे समाधान विकसित करने पर है, जिनका व्यावसायिक प्रतिष्ठान अपने यहां व्यावहारिक रूप से इस्तेमाल कर सकें।

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YAAP Digital में बड़ा नेतृत्व बदलाव, अंजन रॉय बने चेयरमैन, MD और CEO

वहीं, कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर राज नायक ने पिछले कुछ महीनों से बार-बार हो रही स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के चलते अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।

Last Modified:
Wednesday, 14 October, 2026
Anjan Roy

डिजिटल मार्केटिंग, कंटेंट और टेक्नोलॉजी सेवाएं देने वाली कंपनी YAAP Digital Limited ने अपने नेतृत्व में बड़ा बदलाव किया है। कंपनी ने अंजन रॉय को तत्काल प्रभाव से चेयरमैन, मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) और चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर (CEO) नियुक्त किया है। 14 अक्टूबर 2026 को की गई घोषणा के मुताबिक, अंजन रॉय ने अपनी जिम्मेदारी संभाल ली है। वहीं, कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर राज नायक ने पिछले कुछ महीनों से बार-बार हो रही स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के चलते अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।

विज्ञापन, मार्केटिंग और मीडिया इंडस्ट्री में तीन दशक से ज्यादा का अनुभव: अंजन रॉय को भारतीय विज्ञापन, मार्केटिंग और मीडिया इंडस्ट्री में तीन दशक से ज्यादा का अनुभव है। वह इससे पहले मुद्रा (Mudra), जिसे अब DDB के नाम से जाना जाता है, और यूरो आरएससीजी (Euro RSCG), जिसे अब Havas के नाम से जाना जाता है, जैसी जानी-मानी विज्ञापन एजेंसियों में प्रबंधन और नेतृत्व की भूमिकाएं निभा चुके हैं। इसके अलावा, उन्होंने HSBC, HDFC Bank, Sony Entertainment Network, Voltas, Coca-Cola और Hero Group जैसे प्रतिष्ठित ब्रैंड्स के साथ भी काम किया है।

वर्ष 2008 में अंजन रॉय ने Brand Planet Consultants की सह-स्थापना की थी। यह कंपनी आगे चलकर भारत की प्रमुख स्ट्रैटेजिक ब्रैंडिंग और डिजाइन फर्मों में शामिल हुई। वर्ष 2016 में YAAP Digital ने Brand Planet Consultants का अधिग्रहण कर लिया। इसके बाद से अंजन रॉय YAAP Digital के साथ सीनियर पार्टनर के रूप में जुड़े रहे और कंपनी के ब्रैंडिंग, डिजाइन तथा स्ट्रैटेजी से जुड़े कामकाज का नेतृत्व करते रहे।

Gozoop के साथ एकीकरण पर रहेगा फोकस: YAAP Digital डिजिटल रणनीति, परफॉर्मेंस मार्केटिंग, सोशल मीडिया और क्रिएटिव सॉल्यूशंस के क्षेत्र में काम करती है। कंपनी इन सेवाओं के जरिए विभिन्न श्रेणियों के प्रमुख ब्रैंड्स के साथ साझेदारी करती है।

अपनी नियुक्ति के बारे में अंजन रॉय ने कहा कि वर्ष 2016 में Brand Planet के समूह का हिस्सा बनने के बाद से वह YAAP परिवार के साथ जुड़े हुए हैं। उन्होंने कंपनी के अगले चरण का नेतृत्व करने का अवसर मिलने पर खुशी जताई और राज नायक के नेतृत्व व मार्गदर्शन के लिए उनका आभार व्यक्त किया। साथ ही, उन्होंने राज नायक के जल्द स्वस्थ होने और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की।

अंजन रॉय के मुताबिक, आने वाले महीनों में कंपनी की तत्काल प्राथमिकता Gozoop के साथ पूरी तरह एकीकरण करना है। इसका उद्देश्य दोनों कंपनियों की टीमों को एक साथ लाकर साझा क्षमताओं और तालमेल के जरिए लागत तथा कामकाज की डिलीवरी में दक्षता बढ़ाना है।

AI Studio की लॉन्चिंग से मजबूत होंगी टेक्नोलॉजी आधारित सेवाएं: अंजन रॉय ने कहा कि टेक्नोलॉजी तेजी से कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण अंतर पैदा करने वाला कारक बन रही है। YAAP Digital के अपने प्लेटफॉर्म Buzzar, जो एक KOL (Key Opinion Leader) मार्केटप्लेस है, और Tags, जो वीडियो ऑप्टिमाइजेशन प्लेटफॉर्म है, को अच्छी संभावनाएं और स्वीकार्यता मिल रही हैं। उन्होंने बताया कि आने वाले महीनों में AI Studio लॉन्च करने की भी योजना है। इससे कंपनी की मौजूदा पेशकशों को और मजबूती मिलेगी।

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जंतर-मंतर पर पत्रकार से बदसलूकी पर राहुल कंवल ने जताई नाराजगी

एनडीटीवी के सीईओ राहुल कंवल ने जंतर-मंतर पर रिपोर्टर के साथ हूटिंग और बदसलूकी की निंदा की। उन्होंने पत्रकारों के काम और प्रदर्शनकारियों के विरोध, दोनों अधिकारों को जरूरी बताया।

Last Modified:
Wednesday, 14 October, 2026
ndtv

एनडीटीवी (NDTV) के सीईओ और एडिटर-इन-चीफ राहुल कंवल (Rahul Kanwal) ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान एनडीटीवी के एक रिपोर्टर के साथ हुई हूटिंग और बदसलूकी की निंदा की है। उन्होंने कहा कि अपना काम कर रहे पत्रकारों को डराना या उनके साथ दुर्व्यवहार करना स्वीकार्य नहीं है।

सोशल मीडिया (Social Media) पर एक पोस्ट में राहुल कंवल ने कहा कि प्रदर्शन को कवर कर रहे पत्रकारों को निशाना बनाना प्रदर्शनकारियों के अपने ही मुद्दे को नुकसान पहुंचाता है। उन्होंने कहा कि मौके पर रिपोर्टिंग कर रहे पत्रकारों पर हमला करना, हूटिंग करना या बदसलूकी करना निंदनीय है। उनके मुताबिक, जब माहौल तनावपूर्ण हो और लोग गुस्से में हों, तब लाइव रिपोर्टिंग कर रहे पत्रकारों को निशाना बनाने से प्रदर्शनकारियों का मकसद ही कमजोर होता है।

राहुल कंवल ने कहा कि प्रदर्शन करने का अधिकार और उस प्रदर्शन की रिपोर्टिंग करने की स्वतंत्रता, दोनों जरूरी अधिकार हैं। इनमें से किसी का इस्तेमाल डराने या दुर्व्यवहार के जरिए नहीं होना चाहिए।

उन्होंने एनडीटीवी की रिपोर्टिंग टीम का समर्थन करते हुए उनके संयम की भी तारीफ की। राहुल कंवल ने कहा कि उन्हें एनडीटीवी के उन सभी रिपोर्टरों पर गर्व है, जो मुश्किल और विरोधपूर्ण माहौल के बीच भी मजबूती से डटे हुए हैं और पूरी शांति तथा आत्मविश्वास के साथ खबर सामने ला रहे हैं।

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