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‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ में छपी इस स्टोरी पर मचा राजनीतिक घमासान, अखबार ने दी ये 'सफाई'
अमेरिका के मशहूर अखबार ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ (THE NEWYORK TIMES) के पहले पेज पर हाल ही में दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था की तारीफ को लेकर छपी एक स्टोरी को लेकर इन दिनों भारत में राजनीतिक घमासान मचा हुआ है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 3 years ago
अमेरिका के मशहूर अखबार ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ (THE NEWYORK TIMES) के पहले पेज पर हाल ही में दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था की तारीफ को लेकर छपी एक स्टोरी को लेकर इन दिनों भारत में राजनीतिक घमासान मचा हुआ है। इस बारे में ‘भारतीय जनता पार्टी’ (BJP) ने ‘आम आदमी पार्टी’ (AAP) को कठघरे में खड़ा करते हुए कई सवाल उठाए हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भाजपा ने दावा किया है कि दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था पर एक ही स्टोरी ‘द न्यूयॉर्ट टाइम्स‘ एवं ‘खलीज टाइम्स‘ में छपी है और दोनों अखबारों में एक जैसी तस्वीर लगाई गई है। भाजपा ने यह भी आरोप लगाया है कि यह स्टोरी नहीं, बल्कि विज्ञापन है, जिसे पैसे देकर पब्लिश कराया गया है। भाजपा के अनुसार, दोनों खबरों का रिपोर्टर भी एक है। भाजपा नेता रमेश बिधूड़ी ने दावा किया है कि यह स्टोरी खालिस्तान समर्थक ने लिखी है और इसे पैसे देकर लिखवाया गया है।
भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि दिल्ली सरकार ने विज्ञापनों पर पैसा बहुत ज्यादा खर्च किया है। ऐसे में इस बात की आशंका है कि ये रिपोर्ट विज्ञापन के तौर पर इन अखबारों में छपवाई गई हो। उन्होंने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था पर ‘द न्यूयॉर्ट टाइम्स’ की नहीं, बल्कि भारतीय मीडिया की रिपोर्ट्स को पढ़ना चाहिए।
वहीं, ‘आम आदमी पार्टी’ ने भाजपा के इन आरोपों को बेतुका और बेबुनियाद बताया है। आप नेता सौरभ भारद्वाज ने आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि खलीज टाइम्स में छपी रिपोर्ट में सौजन्य से न्यूयॉर्क टाइम्स लिखा हुआ है।
बता दें कि शुक्रवार को अरविंद केजरीवाल की आप सरकार के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के घर नई आबकारी नीति के मामले में सीबीआई ने छापेमारी की थी। इस पर अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि मनीष सिसोदिया के आवास पर सीबीआई की छापेमारी वैश्विक स्तर पर सराहे जा रहे उनके अच्छे प्रदर्शन का परिणाम है। उन्होंने कहा था, 'जिस दिन अमेरिका के सबसे बड़े अखबार द न्यूयॉर्क टाइम्स के मुख्य पृष्ठ पर दिल्ली शिक्षा मॉडल की तारीफ और मनीष सिसोदिया की तस्वीर छपी, उसी दिन उनके घर पर केंद्र ने सीबीआई को भेजा।'
केजरीवाल का यह भी कहना था कि किसी खबर का न्यूयार्क टाइम्स में प्रकाशित होना बहुत कठिन होता है। विश्व में हर देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री इस अखबार के पहले पन्ने पर अपना नाम और तस्वीर आने के लिए बेकरार रहते हैं।
इस विवाद के बीच ‘द न्यूयॉर्ट टाइम्स’ का बयान भी सामने आया है, जिसमें इस अखबार ने पेड न्यूज के आरोपों का खंडन किया है। इस बयान में ‘द न्यूयॉर्ट टाइम्स’ ने अपनी इस रिपोर्ट को स्वतंत्र, निष्पक्ष और ग्राउंड रिपोर्टिंग पर आधारित बताया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ‘द न्यूयॉर्ट टाइम्स’ का कहना है कि दिल्ली की शिक्षा प्रणाली में सुधार के प्रयासों के बारे में उनकी रिपोर्ट निष्पक्ष और ग्राउंड रिपोर्टिंग पर आधारित है। इस अमेरिकी अखबार का कहना है कि हमने हमेशा स्वतंत्र और मुक्त पत्रकारिता की है।
‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ की जिस स्टोरी को लेकर विवाद हो रहा है, उसका स्क्रीनशॉट आप यहां देख सकते हैं।
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