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कोरोना की चुनौती के बीच प्रिंट मीडिया ने उठाए ये बड़े कदम
महामारी बन चुके कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया में अफरा-तफरी मचा दी है। हाल ये है कि ग्लोबल स्तर पर प्रिंट मीडिया भी इसके खौफ से अछूता नहीं रहा है
समाचार4मीडिया ब्यूरो 5 years ago
महामारी बन चुके कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया में अफरा-तफरी मचा दी है। हाल ये है कि ग्लोबल स्तर पर प्रिंट मीडिया भी इसके खौफ से अछूता नहीं रहा है। कोरोना वायरस के खौफ को देखते हुए कई ग्लोबल मैगजींस और अखबार पूरी तरह डिजिटल की ओर रुख कर रहे हैं, वहीं भारतीय अखबार इस चुनौती का मुस्तैदी से मुकाबला कर रहे हैं और रोजाना अपने पाठकों के घर तक अखबार पहुंचा रहे हैं।
कोरोना के खौफ को देखते हुए दुनिया की जानी-मानी ‘प्लेब्वॉय’ (Playboy) मैगजीन ने अपने प्रिंट एडिशन को बंद कर दिया है। वहीं, ‘शेफर्ड एक्सप्रेस’ (Shepherd Express) अखबार ने भी अपने प्रिंट एडिशन को फिलहाल रोक दिया है। प्लेब्वॉय ही नहीं, कई अन्य विदेशी पब्लिकेशंस का मानना है कि इस चुनौतीपूर्ण माहौल में प्रिंट बिजनेस काफी मुश्किल है।
‘शेफर्ड एक्सप्रेस’ ने इस बारे में अपने रीडर्स के लिए लिखा है, ‘अगले कुछ हफ्तों तक अखबार का फोकस वेबसाइट पर रहेगा और इसका प्रिंट एडिशन बंद रहेगा। यह पहला मौका है जब 38 साल के इतिहास में अखबार को अस्थायी रूप से बंद किया जा रहा है।’
भारत की बात करें तो अखबार रोजाना अपने टाइम पर छप रहे हैं। देश में प्रिंट मीडिया के प्रकाशन पर रोक नहीं लगाई गई है। समय सीमा का पालन किया जा रहा है और सभी कर्मचारी सुरक्षित हैं। अखबार मालिकों का कहना है कि कर्मचारियों की सुरक्षा हमारे लिए पहली प्राथमिकता है, इसलिए सभी संभव उपाय अपनाए जा रहे हैं।
इस बारे में ‘एचटी मीडिया ग्रुप’ (HT Media Group) के सीएमओ राजन भल्ला का कहना है, ‘हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण यह है कि इस माहौल में हम अपने कर्मचारियों का पूरा ध्यान रखें। कार्यस्थल को पूरी तरह सैनिटाइज किया गया है और हर आवश्यक बिंदु पर सुरक्षा जांच की जा रही है ताकि हर समय कार्यालय सुरक्षित रहे। इसके अलावा, हम यथासंभव वर्क फ्रॉम मॉडल को अपना रहे हैं। इसके लिए देखा जा रहा है कि किस काम के लिए एंप्लाई का कार्यालय में मौजूद रहना जरूरी है और कौन सा काम घर से किया जा सकता है, उसके लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। संकट के इस दौर में खासकर ऐसे समय में जब लोगों तक सही जानकारी पहुंचना और उन्हें जागरूक किया जाना बहुत जरूरी है, हम अपने एडिशंस और न्यूज के साथ किसी तरह का समझौता नहीं कर रहे हैं।’
एक तरफ कुछ अखबारों ने एंप्लाईज से वर्क फ्रॉम होम कराना शुरू कर दिया है, वहीं कुछ इस प्रक्रिया को शुरू करने के अंतिम दौर में हैं अधिकांश संस्थानों ने ऐसे सभी कार्यों को रोक दिया है, जिसमें बाहर यात्रा करनी जरूरी हो। ‘इकनॉमिक टाइम्स’ के रिपोर्टर घर से काम कर रहे हैं। ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ और ‘नवभारत टाइम्स’ के रिपोर्टर भी ऐसा ही कर रहे हैं। ‘द हिंदू बिजनेस लाइन’ भी वर्क फ्रॉम होम करा रहा है। यहां कार्यरत पत्रकारों को ऑफिस आने के बारे में अभी कोई निश्चित तारीख नहीं दी गई है।
अखबार और मैगजीन पब्लिशर्स अपने एंप्लाईज को सुरक्षित रखने और एडिशंस को चालू रखने के लिए कड़ी मशक्कत कर रहे हैं। इस बारे में ‘मातृभूमि’ के जाइंट मैनेजिंग डायरेक्टर एमवी श्रेयम्स कुमार का कहना है, ‘हमारी ज्यादातर मीटिंग्स विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये हो रही हैं, ताकि हम काम के दौरान भी पूरी तरह सुरक्षित रह सकें। हमने अपने कार्यलय परिसर को भी पूरी तरह से सैनिटाइज किया है।’ वहीं, ‘विक्तान ग्रुप’ (Vikatan Group) भी अपने एंप्लाईज की सुरक्षा को लेकर पूरा ध्यान दे रहा है। इस बारे में ग्रुप के एमडी बी.श्रीनिवासन का कहना है, ‘विभिन्न उपायों के द्वारा हम सैनिटाइजेशन पर पूरा ध्यान दे रहे हैं।’
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