INS ने बताया, प्रिंट मीडिया को 2 महीने में कितना हुआ नुकसान

प्रिंट इंडस्ट्री कोरोना वायरस के प्रकोप के साथ ही विज्ञापन राजस्व में कमी और न्यूज प्रिंट पर कस्टम ड्यूटी के कारण आर्थिक संकट का सामना कर रही है

Last Modified:
Friday, 01 May, 2020
Print

प्रिंट इंडस्ट्री कोरोना वायरस के प्रकोप के साथ ही विज्ञापन राजस्व में कमी और न्यूज प्रिंट पर कस्टम ड्यूटी के कारण आर्थिक संकट का सामना कर रही है। लिहाजा इंडियन न्यूजपेपर सोसायटी (आईएनएस) ने एक अनुमान लगाया है कि प्रिंट मीडिया इंडस्ट्री में विज्ञापनों की कमी की वजह से मार्च और अप्रैल में लगभग 4,500 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।

आईएनएस ने आशंका जताई है कि अगले सात महीनों तक प्रिंट मीडिया इंडस्ट्री को नुकसान हो सकता है। यानी इन सात महीने में नुकसान का जो कुल आकलन बताया गया है, वो करीब 15,000 करोड़ रुपए तक का हो सकता है। आईएनएस ने कहा, यदि सरकार अच्छा खासा प्रोत्साहन पैकेज देती है, तो इस नुकसान से निपटा जा सकता है।

इंडियन न्यूजपेपर सोसायटी के प्रेजिडेंट शैलेश गुप्ता ने कहा कि घाटे की वजह से अखबार कंपनियां अपने एम्प्लॉइज और वेंडर्स के वेतन का भुगतान करने में असमर्थ हैं।

आईएनएस ने अखबारी कागज (न्यूजप्रिंट) पर आयात शुल्क हटाने और दो साल तक टैक्स न लिए जाने की अपनी बात फिर दोहराई है। जहां तक प्रिंट मीडिया का सवाल है तो समाचार पत्र निकाय ने सरकार से यह भी आग्रह किया है कि वह ब्यूरो ऑफ आउटरीच एंड कम्युनिकेशन की विज्ञापन दरों को 50 प्रतिशत तक बढ़ाएं और बजट खर्च में भी 200 प्रतिशत की बढ़ोतरी करें।

आईएनएस ने सरकार से कहा है कि यह संकट न केवल इस माध्यम से जुड़े लोगों पर बल्कि पूरे सिस्टम पर पड़ेगा।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

अपनी एडिटोरियल टीम को और मजबूती देने के लिए ‘द वॉशिंगटन पोस्ट’ ने लिया बड़ा फैसला

अमेरिका के प्रतिष्ठित अखबार ‘द वॉशिंगटन पोस्ट’ ने सोमवार को एक बड़ा फैसला लिया है, जिसमें बताया गया कि वह अपनी एडिटोरिलय टीम का विस्तार करेगी।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 22 September, 2021
Last Modified:
Wednesday, 22 September, 2021
WashingtonPost8756

अमेरिका के प्रतिष्ठित अखबार ‘द वॉशिंगटन पोस्ट’ ने सोमवार को एक बड़ा फैसला लिया है, जिसमें बताया गया कि वह अपनी एडिटोरिलय टीम का विस्तार करेगी। मैनेजमेंट के इस फैसले के तहत वह अपनी टीम में 41 नए एडिटर्स की नियुक्ति करेगा। इनमें से दो एडिटर्स पेपर के मास्टहेड पर काम करेंगे।

सोमवार को अपने डिजिटल पोर्टल से इस बात की घोषणा की है। इसमें एग्जिक्यूटिव एडिटर सैली बुजबी (Sally Buzbee) और अखबार की बाकी लीडरशिप टीम ने कहा कि 41 एडिटर्स को नियुक्त करने से समय पर ब्रेकिंग न्यूज देने और खोजी कार्यों (investigative work) को करने की क्षमता बढ़ेगी। विजुअल रिपोर्ट्स और बेहतर होगी, जो दर्शकों को अपनी ओर खीच सकेंगी। ऐसे विषयों की कवरेज पर जोर होगा, जो युवाओं और अलग-अलग तरह के बहुत से पाठकों को जोड़ सकेंगी और साथ ही ऐसी नई चीजें विकसित की जा सकेंगी, जो डिजिटल पत्रकारिता के एक नए युग को परिभाषित कर सके।

इस मेल में यह भी बताया गया है कि इन नए एडिटर्स में दो एडिटर्स ऐसे होंगे जो न्यूजरूम की पॉलिसीज को रिफाइन करेंगे और उसे मेनटेन रखेंगे। वहीं एक रिक्रूटिंग एडिटर दो अन्य एडिटर्स के साथ मिलकर न्यूजरूम में चलने वाली भर्ती प्रक्रिया को संभालेंगे और उसे आगे बढ़ाने में मदद करेंगे।

बुजबी ने कहा कि यह विस्तार नए सिरे को प्रदर्शित करता है कि वॉशिंगटन पोस्ट एक मजबूत न्यूज ऑर्गनाइजेशन है, जिसकी असीम महत्वाकांक्षाएं हैं, जिन्हें पूरा करने की क्षमता भी बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि यह आपकी सफलता है जो इस तरह से न्यूजरूम को मजबूत करने में सक्षम बनाती है। उम्मीद करते हैं कि आगे आने वाले महत्वपूर्ण कार्यो में भी आपके साथ जुड़कर हम अपने आप को गौरवान्वित महसूस करें।

बता दें कि सैली बुजबी वॉशिंगटन पोस्ट की पहली एग्जिक्यूटिव एडिटर हैं, जिन्हें इस साल मई में नियुक्त किया गया था।

बता दें कि पिछले साल दिसंबर में, वॉशिंगटन पोस्ट ने यह घोषणा की थी कि वह 2021 में 150 से अधिक पत्रकारों की नियुक्ति करेगा, जिससे उसकी कुल कर्मचारियों की संख्या 1000 से अधिक हो जाएगी।

सैली बुजबी व  बाकी लीडरशिप टीम की ये घोषणा आप यहां पढ़ सकते हैं-

The Washington Post announces the addition of 41 editing roles, including 2 masthead positions

Dear Colleagues,

We are delighted to announce a major expansion to accelerate our transformation into a fully 24/7 news organization and strengthen the leadership of the newsroom. The addition of 41 editing positions will grow our capacity to produce timely breaking news, revelatory enterprise and definitive investigative work; create visually rich stories that our audiences find compelling; cover topics that resonate with younger, more diverse readers; and develop innovations that will define a new era of digital journalism. The expansion will allow us to create a greater number of career paths across the newsroom and increase the number of journalists of color in editing roles.

We will add two new deputy managing editors to the masthead to work alongside Scott Vance and Barbara Vobejda in running the daily report, ensuring that a senior editor is in place to direct news coverage across our many platforms from 7 a.m. ET (when our new hub in London hands off to Washington) until late evening (when Washington hands off to Seoul). One DME will oversee the General Assignment, Morning Mix and Live Desk teams and serve as the day-to-day architect of our live-updates coverage. All four DMEs will work with other senior editors to ensure the quality and ambition of our enterprise offerings.

The expansion will create eight new positions for assignment editors – in Photo, National, Metro, Investigations, Design and Business – to strengthen coverage and reinforce colleagues who’ve been taxed by the unrelenting news cycle. We will also establish eight new positions for assistant editors, most of whom will work closely with assignment editors in overseeing coverage. We anticipate that these positions will create opportunities for people from many corners of the newsroom, with varied skills and backgrounds, to gain expertise in line editing and guiding a team of journalists. We will grow the MPE desk by hiring five multi-platform editors, in part to expand that team’s role in publishing on our digital platforms. We will create eight positions for breaking-news and weekend editors (including one supervising producer) in Video, Photo, National, Features and Business. The role of projects editor has become vital in fostering the collaboration and strategic thinking needed to execute our most ambitious journalism, so we will add two more of these positions in Design.

The initiative will establish three additional visual enterprise editors – one in Business, one who will focus on politics and one who will work with both the Health & Science and Climate & Environment teams – building on the success we have seen with this role in Foreign. That experiment has shown that adding a senior visual journalist to help lead coverage in a department can have a transformative effect.

The expansion will enable us to experiment further. We will establish a new high-level position in the Business department: audience strategy editor. Reporting to the department head, this journalist will help us deliver our coverage of business and tech in more innovative and strategic ways. We have often stressed the need for “durable” storytelling – FAQs, explainers and timelines that help readers get up to speed and stay up to date. This explanatory journalism is critical to our future, and we will create a position for an editor focused on this work in the Health & Science team as well as one for an editor who will be part of the Audience team and act as a resource throughout the newsroom.

This major investment in the newsroom will also fund new roles to carry out functions essential to a growing news organization. First, we will create two positions for standards editors who will refine and maintain newsroom policies, working closely and collaboratively with all our journalists to promote best practices and ensure that our work meets the high expectations of our audiences. And we will establish two roles devoted to recruiting – a senior editor and an assistant editor – to help us systematize the way we recruit, hire and onboard staffers. These roles are critical to the fulfillment of our strong commitment to diversity.

This expansion demonstrates anew that The Washington Post is an ascendant news organization, with boundless ambitions and a growing capacity to meet them. We hope you’ll join us in taking a moment to reflect on all we have accomplished – it is your success that enables the company to strengthen the newsroom in this way. We feel privileged to join you in the important work that lies ahead.

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

दैनिक भास्कर ने बिहार में ऐसे लोगों को किया सम्मानित

दैनिक भास्कर के कार्यक्रम में ऐसे लोगों को राज्य के उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद और स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने गौरव सम्मान से सम्मानित किया।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Monday, 20 September, 2021
Last Modified:
Monday, 20 September, 2021
dainikBhaskar5487

दैनिक भास्कर ने बिहार में उन लोगों को स्मृति-चिह्न और प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया है, जिन लोगों ने कोरोना काल के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में एक्टिव रहकर राज्य का मान बढ़ाया है। ऐसे लोगों को राज्य के उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद और स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने गौरव सम्मान से सम्मानित किया।

कार्यक्रम का आयोजन पटना के होटल मौर्या में किया गया। इस अवसर पर बिहार-झारखंड-महाराष्ट्र के सीईओ निशिथ जैन, बिहार-झारखंड के सौरेन्द्र चटर्जी, स्टेट एडिटर सतीश कुमार, गवर्नमेंट वर्टिकल हेट अभय सिन्हा मौजूद रहे। वहीं, तारकिशोर प्रसाद और मंगल पांडेय को अंग वस्त्र और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।

इस दौरान उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने कहा कि हम सब खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। सामाजिक सरोकारों से जुड़े वैसे लोगों का सम्मान किया जा रहा है, जिन्होंने जान की बाजी लगाकर कोरोना संक्रमण के कालखंड में लोगों की मदद की। विकसित राष्ट्र भी जब परेशानी में थे, उस समय हमारे चिकित्सक, गैर चिकित्सकीय कार्य में लगे लोग, समाज सेवा मे लगे लोग और दैनिक भास्कर ने बड़ी भूमिका निभायी। जब भी देश संक्रमण काल से गुजरा है, बिहार ने बिहारीपन दिखाया है और हमेशा खड़ा रहा है।

इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्म दिन पर बिहार पूरे देश में कोरोना टीकाकरण में एक नंबर पर रहा। 33 लाख से अधिक टीकाकरण हुआ। स्वास्थ्य मंत्री के नाते जब मेरा कानों में यह खबर आती थी कि समाज में टीकाकरण का उत्साहजनक माहौल नहीं बन पा रहा है तो समस्या दिखाई पड़ने लगी, यह भी खबर आती थी कि टीका तो उपलब्ध है पर लोग सेंटर पर नहीं आ रहे हैं। इसके बाद हमलोगों ने जागरुकता अभियान चलाया। जन जागरण के अभियान में प्रबुद्ध जनों का बड़ा योगदान रहा। एक अच्छी खबर आपको यह देना चाहता हूं कि आज बिहार के अंदर 5 करोड़ टीकाकरण के आंकड़े को हम प्राप्त कर लेंगे। चार करोड़ 99 लाख 55 हजार से आगे बढ़ चुके हैं।

सोशल एक्टिविस्ट पद्मश्री सुधा वर्गीज, लेखिका पद्मश्री उषा किरण खान, महावीर मंदिर के सचिव आचार्य किशोर कुणाल, सोशल एक्टिविस्ट विकास चंद्र उर्फ गुड्डू बाबा, सोशल एक्टिविस्ट मुकेश हिसारिया, कार्डियो सर्जन व नवरस स्कूल ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स के फाउंडर डॉ. अजीत प्रधान, बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष व शिक्षाविद् डॉ. अनिल सुलभ, सोशल एक्टिविस्ट विजय कुमार, सोशल एक्टिविस्ट ऑक्सीजन मैन गौरव राय, लोक गायिका नीतू कुमारी नवगीत, डेक्सटेरिटी ग्लोबल के संस्थापक व सीईओ शरत विवेक सागर, इन्वेंशन मैन व हॉकी कोच योगेश कुमार, सोशल एक्टिविस्ट वीणा गुप्ता, सोशल एक्टिविस्ट अमृता सिंहा, सोशल एक्टिविस्ट पल्लवी सिंहा, एनवायरमेंट एक्टिविस्ट राजेश कुमार सुमन, सोशल एक्टिविस्ट विवेक विश्वास आदि सम्मानित किए गए।

इनके अलावा डॉ. दिव्यांशु शर्मा, डॉ. अयूब आलम, डॉ. विजयेश कुमार, डॉ. एच.एन. भारद्वाज, डॉ. राजीव कुमार, डॉ. अमित कुमार दास, डॉ. तेज नारायण, डॉ. अनिल कुमार सिंह, डॉ. डी. के शर्मा, डॉ. प्रभात रंजन, डॉ. कुमार राजेश रंजन, डॉ. संजीत कुमार, डॉ. धीरज कुमार, डॉ. पीयूष अग्रवाल, डॉ. प्रभाष सिंह, कुमार दिव्यांशु, पीयूष केशव, डॉ. धर्मेन्द्र कुमार, रुपेश कुमार, आनंद राज , डॉ. उमेश प्रसाद गुप्ता, सुमित कुमार, सौरभ सिंह, डॉ. सुजीत सिंह परमार, एस. के मंडल, अविनाश कुमार, डॉ. विजय पांडेय, डॉ. मधेश्वर सिंह, संजीव मिश्रा, दीनानाथ कुमार, इंजीनियर ब्रजेश्वर ठाकुर, रितेश कुमार झा, राहुल कुमार सिंह, संजीव श्रीवास्तव, नीरज कुमार, मोहन के. गुप्ता, अरुण के. सिंह, कृष्ण मोहन मिश्रा, परमहंस यादव, सुनीता देवी, कीनू कुमार, रोहन मेहता, आशुतोष कुमार द्विवेदी, मो. रेयाज आलम, नरेन्द्र कुमार, मनीष चंद्रा, प्रिंस कुमार, शशि रंजन, रणविजय सिंह, रंजीत रंजन, धर्मेन्द्र यादव सम्मानित किए गए।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

स्थानीय संपादक निर्मलेंदु साहा ने ‘दैनिक भास्कर’ से ली विदाई, आगामी सफर पर की बात

हिंदी अखबार ‘दैनिक भास्कर’ नोएडा के स्थानीय संपादक निर्मलेंदु साहा ने हाल ही में अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। 31 अगस्त, 2021 इस समूह में उनका आखिरी दिन था।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Friday, 17 September, 2021
Last Modified:
Friday, 17 September, 2021
nirmalendu54454

हिंदी अखबार ‘दैनिक भास्कर’ नोएडा के स्थानीय संपादक निर्मलेंदु साहा ने हाल ही में अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। 31 अगस्त, 2021 इस समूह में उनका आखिरी दिन था। वे पिछले डेढ़ साल से दैनिक भास्कर समूह के साथ जुड़े हुए थे।

समाचार4मीडिया से बातचीत में उन्होंने बताया कि पिछले डेढ़ साल का उनका अनुभव बेहद ही अच्छा रहा। उन्हें अपने 45 साल के करियर में बहुत कुछ सीखने को मिला। उन्होंने कहा कि हर इंसान पत्रकारिता के स्कूल से ही कुछ न कुछ सीखता है, मैंने भी सीखा।

अपने आगामी करियर के बारे में बताते हुए कहा कि वे फिलहाल भारतीय फिल्म इंडस्ट्री को हजारों नगमे देने वाले मोहम्मद रफी यानी रफी साहब पर 1500 पेजों की एक किताब लिख रहे हैं, जोकि लगभग पूरी हो चुकी है, पर इसका संपादन का काम चल रहा है। फिलहाल अभी उनका पूरा फोकस किताब पर रहेगा, ताकि जल्द से जल्द इसे लाया जा सके।

कुछ वरिष्ठ पत्रकारों को याद करते हुए उन्होंने कहा कि मुझे यह कहने में कोई झिझक नहीं है कि आज मैं जहां पर हूं, कई संपादकों और वरिष्ठ पत्रकारों के मार्गदर्शन से हूं। इनमें दिनेश चंद्र श्रीवास्तव, राजेंद्र माथुर, एसपी सिंह का नाम जरूर लेना चाहूंगा, क्योंकि दिनेश चंद्र श्रीवास्तव से मेरी पहली मुलाकात ‘अक्षरभारत’ में हुई, जोकि एक बेहतरीन इंसान थे। फिर मेरी मुलाकात संस्कारी व्यक्तित्व के धनी रहे राजेंद्र माथुर साहब से हुई, जिन्हें भूल पाना मेरे लिए संभव नहीं है। फिर मिले एसपी सिंह, जिन्हें संपादकों के भीष्म पितामह कहिए या फिर टेलीविजन पत्रकारिता के शिखर पुरुष, कम ही होगा। वह एक अच्छे इंसान के साथ-साथ एक पथप्रदर्शन भी थे और आज पत्रकारों के मार्गदर्शक हैं।

बता दें कि निर्मलेंदु साहा ने ‘एबीपी न्यूज’ से अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद वे 'नवभारत टाइम्स', 'अमर उजाला', 'दैनिक जागरण', 'न्यूज24', ‘पी7’ न्यूज चैनल और फिर ‘दैनिक भास्कर’ से जुड़े। उन्होंने ‘अक्षरभारत’ और ‘हमवतन’ साप्ताहिक को लॉन्च कराने में अपना योगदान दिया।

इस दौरान उन्होंने अपने सभी शुभचिंतकों को प्रणाम किया है।

  

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

‘आउटलुक’ ने ग्रुप एडिटर-इन-चीफ रूबेन बनर्जी को किया बर्खास्त, बताया यह कारण

‘आउटलुक ग्रुप‘ के सीईओ इंद्रनील रॉय (Indranil Roy) ने इस बारे में एक ई-मेल लिखा है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 16 September, 2021
Last Modified:
Thursday, 16 September, 2021
Ruben Banerjee

‘आउटलुक’ (Outlook) समूह ने अपने ग्रुप एडिटर-इन-चीफ रूबेन बनर्जी को बर्खास्त कर दिया है। यह आदेश तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है। ‘आउटलुक ग्रुप‘ के सीईओ इंद्रनील रॉय (Indranil Roy) ने इस बारे में रूबेन बनर्जी को एक ई-मेल लिखा है।  

अपने मेल में इंद्रनील रॉय ने लिखा है, ‘सीईओ के रूप में मुझे लगता है कि यह अनुशासन और संगठन के भविष्य के लिए अच्छा नहीं होगा, भले ही आप इसे अनिश्चित तरीके से जारी रखना चुनते हैं। पत्राचार के आदान-प्रदान और आपके आचरण ने माहौल को पूरी तरह से दूषित कर दिया है।’

ई-मेल के अनुसार, ‘आपको सूचित किया जाता है कि आपके अनुबंध की शर्तों के अनुसार आउटलुक पब्लिशिंग (इंडिया) लिमिटेड के साथ आपका अनुबंध तत्काल प्रभाव से समाप्त करने के लिए मैं मजबूर हूं।’

इस ई-मेल में यह भी कहा गया है, ‘11 अगस्त 2021 को आपने अपने सहकर्मियों को सूचित किया कि आप एक महीने की लंबी छुट्टी पर जा रहे हैं, इसलिए आप उपलब्ध नहीं रहेंगे। आठ सितंबर को आपने मुझे लिखा कि आपकी तबीयत ठीक नहीं है और आप बिना कोई तय समय बताए अपनी छुट्टी बढ़ाना चाहते हैं। अचानक, आज सुबह मुझे आपका ई-मेल मिला, जिसमें कहा गया कि आप आज से प्रभावी रूप से काम फिर शुरू कर रहे हैं।’

रॉय ने इस ई-मेल में लिखा है, ‘मैं आपके ध्यान में लाना चाहता हूं कि एक न्यूज रूम में ऑपरेशंस को समेकित करने और सितंबर 2021 के पहले सप्ताह में नई वेबसाइट लॉन्च करने की दृष्टि से समयसीमा पर चर्चा करने और सहमत होने के बावजूद काम से आपकी अचानक अनुपस्थिति ने ‘आउटलुक’ पर काफी तनाव बढ़ा दिया।’

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

विज्ञापन में छपी गलत तस्वीर पर अखबार नहीं, योगी सरकार ले पूरी जिम्मेदारी: TMC

देश में यूपी की योगी सरकार और एक प्रतिष्ठित अखबार चर्चाओं में है और इसकी वजह है एक विज्ञापन। द

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Monday, 13 September, 2021
Last Modified:
Monday, 13 September, 2021
tmc57784

देश में यूपी की योगी सरकार और एक प्रतिष्ठित अखबार चर्चाओं में है और इसकी वजह है एक विज्ञापन। दरअसल, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने 12 सितंबर को अखबार में दिए अपने एक विज्ञापन के बाद से विपक्षी पार्टियों के निशाने पर आ गए। ऐसा इसलिए क्योंकि सूबे की सरकार ने जिस ‘बदलती यूपी’ थीम पर ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ अखबार में एक विज्ञापन दिया, उस विज्ञापन में यूपी की बदली हुई तस्वीर को दिखाने के लिए जो कोलाज बनाया, उसमें फ्लाईओवर कोलकाता का लगा दिया गया।

इसके बाद तो योगी सरकार तमाम विपक्षी पार्टियों के निशाने पर आ गए। देखते ही देखते ट्विटर यूजर्स ने भी योगी सरकार की आलोचना शुरू कर दी।

बंगाल की सत्तारुढ़ तृणमूल कांग्रेस ने इस पर लंबा-चौड़ा बयान जारी किया, जिसमें कहा गया, ‘12 सितंबर के ‘संडे एक्सप्रेस’ में एक फोटो छपी, जिसमें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अजय बिष्ट खड़े हैं। उनकी तस्वीर के साथ पश्चिम बंगाल के एक इंफ्रास्ट्रक्चर की भी फोटो लगी है। अगर आप कोलकाता के इंफ्रास्ट्रक्चर से परिचित हैं तो आप इसमें आईटीसी सोनार बांग्ला और जेडब्ल्यू मैरियट देख पाएंगे। साथ में पीली टैक्सी भी है। यूपी की भाजपा सरकार इतना नीचे गिर गई है कि बंगाल की उपबलब्धियों को अपना बताने लगी है।’

वहीं, TMC नेता मुकुल रॉय ने ट्वीट किया, ‘नरेंद्र मोदी जी अपनी पार्टी को बचाने के लिए इतने लाचार हो गए हैं कि मुख्यमंत्रियों को बदलने के अलावा अब ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर की फोटो इस्तेमाल करने लगे हैं।’

यूपी सरकार के विज्ञापन में कोलकाता का 'मां फ्लाईओवर' दिखाया गया था, जिसको लेकर समाजवादी पार्टी, टीएमसी नेता महुआ मोइत्रा, आम आदमी पार्टी से राज्यसभा सांसद संजय सिंह और यूथ कांग्रेस चीफ श्रीनिवास बीवी सहित कई नेताओं ने यूपी सरकार को आड़े हाथों लिया। 

 

हालांकि इसके बाद पूरा मामला आईने की तरह तब साफ हुआ, जब देश के प्रतिष्ठित अंग्रेजी अखबार ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ ने अपने पाठकों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। विज्ञापन में गलत तस्वीर छापने के बाद ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ ने ट्वीट करके सार्वजिनक तौर पर खेद प्रकट किया और लिखा, ‘अखबार के मार्केटिंग डिपार्टमेंट द्वारा उत्तर प्रदेश पर विज्ञापन के कवर कोलाज में अनजाने में एक गलत तस्वीर शामिल कर ली गई थी। गलती के लिए गहरा खेद है और अखबार के सभी डिजिटल संस्करणों में इस तस्वीर को हटा दिया गया है।’ 

अखबार की ओर से गलती स्वीकार किए जाने के बाद भी टीएमसी इसे मुद्दा बनाने का कोई मौका नहीं चूकना चाहती। कोलकाता में एक संवाददाता सम्मेलन में टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि वह कई वर्षों तक एक विज्ञापन एजेंसी के साथ रहे हैं और इस बात की पुष्टि कर सकते हैं कि किसी भी अखबार में अगर कोई विज्ञापन छपता है तो वह विज्ञापनदाता की मंजूरी के नहीं छपता। ऐसे में अखबार को नहीं बल्कि यूपी सरकार को पूरी जिम्मेदारी लेनी होगी। डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि अखबार पर दबाव बनाकर भूल स्वीकार करने के लिए कहा गया है।

उन्होंने कहा कि यह एक बड़ी चूक है। इसका एकमात्र सकारात्मक हिस्सा यह है कि वे (भाजपा) पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी सरकार द्वारा किए गए अच्छे कार्यों को स्वीकार कर रहे हैं।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

इस विज्ञापन को लेकर विपक्षी पार्टियों के निशाने पर योगी सरकार, अखबार ने मानी गलती

यूपी सरकार और सीएम योगी आज अचानक से विपक्ष के निशाने पर आ गए हैं।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Sunday, 12 September, 2021
Last Modified:
Sunday, 12 September, 2021
yogi

यूपी सरकार और सीएम योगी आज अचानक से विपक्ष के निशाने पर आ गए हैं। दरअसल पूरा विवाद ‘इंडियन एक्सप्रेस’ में छपे एक विज्ञापन को लेकर हुआ है। आपको बता दें कि इस पूर्ण पृष्ठ वाले विज्ञापन में जो फ्लाईओवर दिखाया गया है, वो कथित तौर पर उत्तर प्रदेश का न होकर कोलकाता का ‘मां फ्लाईओवर’ है। इसके अलावा पीली टैक्सी भी पूर्ण रूप से दिखाई दे रही है, जो कोलकाता की पहचान है। इसके अलावा जेडब्ल्यू मैरियट भी साफ दिखाई दे रहा है। आरोप है कि विज्ञापन में जिस फैक्ट्री की फोटो है, वह भी अमेरिका की है।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे और टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने योगी सरकार के विज्ञापन पर अपनी नाराजगी जताते हुए ट्वीट किया है। अपने ट्वीट में अभिषेक बनर्जी ने लिखा है, ‘योगी आदित्यनाथ के लिए यूपी को बदलने का मतलब है ममता बनर्जी के नेतृत्व में बने बंगाल के इन्फ्रास्ट्रक्चर की तस्वीरों को चुराना और उन्हें इस्तेमाल करना। ऐसा लगता है कि ‘डबल इंजन मॉडल’ भाजपा के सबसे मजबूत राज्य में विफल हो गया है और अब सबके सामने इसका खुलासा भी हो गया।‘

इसके बाद कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और टीएमसी के सभी बड़े नेताओं ने इस विज्ञापन को लेकर ट्वीट करना शुरू कर दिया और देखते ही देखते यह विषय ट्विटर पर ट्रेंड करने लगा। इसी बीच विवाद को देख ‘इंडियन एक्सप्रेस’ ने भी कुछ देर पहले अपनी सफाई जारी कर दी है। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा, ‘विज्ञापन में कुछ गलत तस्वीरों का इस्तेमाल हुआ है और सभी प्लेटफार्म से वो तस्वीरें हटा ली गई है’।

आपको बता दें कि इस सफाई के ऊपर भी विपक्ष ने सवाल उठा दिया है। उनका कहना है कि अगर फोटो अखबार की गलती से लगी है तो क्या कहीं ऐसा तो नहीं है कि ‘इंडियन एक्सप्रेस’ सरकार के लिए विज्ञापन बना रहा है। खबर लिखे जाने तक सरकार की और से अभी कोई सफाई नहीं आई है।

जिस विज्ञापन को लेकर विवाद हो रहा है, उसे आप यहां देख सकते हैं।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

अखबार के दफ्तर पर तोड़फोड़, कई पत्रकार घायल

खबर है कि एक दैनिक अखबार के दफ्तर पर तोड़फोड़ की गई। इस हिंसा में कई पत्रकार भी घायल हुए हुए हैं।  

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 09 September, 2021
Last Modified:
Thursday, 09 September, 2021
newspaper454878

त्रिपुरा में राजनीतिक दलों की लड़ाई अब सड़क पर आ गई है। यहां बुधवार को उस समय अफरातफरी का माहौल बन गया जब राज्य के कई हिस्सों से सत्ताधारी पार्टी बीजेपी और मुख्य विपक्षी पार्टी सीपीएम के बीच हिंसक झड़पें होने की खबरें सामने आयीं। खबर है कि एक दैनिक अखबार के दफ्तर पर भी तोड़फोड़ की गई। इस हिंसा में कई पत्रकार भी घायल हुए हुए हैं।  

दावा किया गया कि इस हमले में बीजेपी के कई नेता शामिल थे। मिली जानकारी के अनुसार यह हमला ‘प्रतिबादी कलम’ नाम के स्थानीय दैनिक के दफ्तर पर हुआ, जिसमें चार पत्रकार घायल भी हुए। इसके साथ ही कथित कार्यकर्ताओ ने संपत्ति नष्ट की और गाड़ियां जला दीं।

प्रतिबादी कलम के संपादक और प्रकाशक अनल रॉय चौधरी द्वारा दर्ज एक पुलिस मामले के अनुसार अगरतला में दैनिक अखबार के परिसर में तोड़फोड़ की। उन्होंने उपकरण, दस्तावेज नष्ट कर दिए। उन पर कारों और बाइकों को आग लगाने का भी आरोप है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर पत्रकारों ने अगरतला पश्चिम पुलिस थाने का घेराव किया और हमले की कड़ी निंदा की। अगरतला प्रेस क्लब के सचिव प्रणब सरकार सहित कई मीडिया संगठनों और वरिष्ठ पत्रकारों व संपादकों ने जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है।

प्रेस क्लब के सचिव प्रणब सरकार ने पुलिस अधिकारियों से मुलाकात के बाद कहा, ‘अगर पुलिस 12 घंटे के भीतर हमलावरों को गिरफ्तार नहीं करती है, तो हम बड़े पैमाने पर आंदोलन करेंगे। सरकार को नुकसान की भरपाई करनी चाहिए।’

बताया जा रहा है कि हंगामे की शुरुआत गोमती जिले के उदयपुर शहर से हुई, जहां सीपीएम की स्टूडेंट विंग एक रैली निकाल रही थी। इसी रैली के दौरान सीपीएम और बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई। इस दौरान बीजेपी के एक कार्यकर्ता को गंभीर चोट आई, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया।

पुलिस के मुताबिक, वहीं पर बीजेपी कार्यकर्ताओं का एक ग्रुप भी और DYFI की रैली के दौरान दोनों पार्टियों के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई। इसमें दो से तीन लोग घायल हुए हैं। हालांकि, ये किस पार्टी से जुड़े थे, इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। 

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

RSS से जुड़ी मैगजीन ने Infosys पर साधा निशाना, कंपनी ने यूं दिया जवाब

‘पांचजन्य’ ने अपने एक लेख में IT सर्विस कंपनी Infosys कंपनी को फटकार लगाई। साथ ही इस लेख में कंपनी को देशविरोधी ताकतों और 'टुकड़े-टुकड़े गैंग का मददगार' तक बता दिया गया।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 08 September, 2021
Last Modified:
Wednesday, 08 September, 2021
panchjanya5454

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के विचारों पर चलने वाली मैगजीन ‘पांचजन्य’ (Panchjanya) ने अपने नए वर्जन में गुड्स एंड सर्विस टैक्स (GST) और इनकम टैक्स पोर्टल में गड़बड़ियों का मुद्दा उठाने पर IT सर्विस कंपनी ‘इंफोसिस’ (Infosys) कंपनी को फटकार लगाई। साथ ही इस लेख में कंपनी को देशविरोधी ताकतों और 'टुकड़े-टुकड़े गैंग का मददगार' तक बता दिया गया। वहीं, इसके बाद अब मामले में ‘इंफोसिस’ के पूर्व सीएफओ और बोर्ड के सदस्य टीवी. मोहनदास पई (TV Mohandas Pai) ने मैगजीन पर तीखा हमला बोला।

मोहनदास पई ने इकोनॉमिक वेबसाइट ‘मनीकंट्रोल’ (Moneycontrol) से बातचीत में  कहा कि ‘इंफोसिस’ हमेशा से ही देशहित में खड़ी रही है। उन्होंने कहा कि लगता है कि यह लेख कुछ 'सनकी विचारों' वाले लोगों द्वारा लिखा गया है। आगे उन्होंने कहा कि पोर्टल अगर यूजर्स की अपेक्षा के अनुरूप काम नहीं कर रहा, तो इसके लिए इंफोसिस की आलोचना की जा सकती है, लेकिन इसे राष्ट्र विरोधी कहना और इसे किसी साजिश का हिस्सा बताना कुछ दिमागी रूप से असंतुलित, सनकी लोगों का लेखन ही हो सकता है। हमें एकजुट होकर ऐसे मूर्खतापूर्ण बयानों की आलोचना करनी चाहिए। 

बता दें कि इकोनॉमिक वेबसाइट Moneycontrol की हाल ही में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक, ‘पांचजन्य’ ने बेंगलुरु स्थित ‘इंफोसिस’ पर चार पेज की कवर स्टोरी छापी है, जिसमें ‘इंफोसिस’ के फाउंडर नारायण मूर्ति (Naryana Murthy) की तस्वीर लगा कर ‘साख और आघात’ लिखा है। इंफोसिस के प्रोजेक्ट्स के हेंडलिंग की आलोचना करने वाले इस लेख में कहा गया, ‘क्या कोई राष्ट्र-विरोधी शक्ति इसके जरिए भारत के आर्थिक हितों को चोट पहुंचाने की कोशिश कर रही है।’ कंपनी को ‘ऊंची दुकान, फीका पकवान’ बताते हुए, पांचजन्य ने कहा कि नियमित गड़बड़ियों ने भारतीय अर्थव्यवस्था में टैक्सपेयर्स के विश्वास को कम कर दिया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, इस लेख में आगे कहा गया कि इंफोसिस द्वारा डेवलप GST और इनकम टैक्स रिटर्न पोर्टल दोनों में गड़बड़ियों के कारण, देश की अर्थव्यवस्था में टैक्स पेयर्स के भरोसे को झटका लगा है। सवाल उठाते हुए इस लेख में कहा गया कि क्या इंफोसिस के जरिए कोई राष्ट्रविरोधी ताकत भारत के आर्थिक हितों को चोट पहुंचाने की कोशिश कर रही है? हालांकि,  मैगजीन ने स्वीकार किया कि गंभीर आरोप के लिए उसके पास कोई ठोस सबूत नहीं हैं, लेकिन लेख में कंपनी पर कई बार ‘नक्सलियों, वामपंथियों और टुकड़े-टुकड़े गैंग’ की मदद करने का आरोप लगाया गया है।

बता दें कि पांचजन्य और इंफोसिस विवाद को बढ़ता देख फिलहाल राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ ने पत्रिका में छपे लेख से किनारा कर लिया। आरएसएस के अखिल भारतीय प्रचार प्रभारी सुनील आंबेकर ने हाल ही में एक ट्वीट कर इस विवाद पर सफाई पेश की। उन्होंने ट्विटर पर लिखा, ‘भारतीय कंपनी के नाते इंफोसिस का भारत की उन्नति में महत्वपूर्ण योगदान है। इंफोसिस संचालित पोर्टल को लेकर कुछ मुद्दे हो सकते हैं परंतु पांचजन्य में इस संदर्भ में प्रकाशित लेख, लेखक के अपने व्यक्तिगत विचार हैं, और पांचजन्य संघ का मुखपत्र नहीं है। अतः राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को इस लेख में व्यक्त विचारों से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।’

 

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

प्रिंट मीडिया इंडस्ट्री के लिए ‘सुहाना’ हो सकता है आगे का सफर: गिरीश अग्रवाल

‘डीबी कॉर्प लिमिटेड’ के नॉन एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर गिरीश अग्रवाल का कहना है कि जुलाई 2021 में कंपनी ने जुलाई 2019 का लगभग 75 प्रतिशत हासिल कर लिया, जो कि चीजों के सही दिशा में बढ़ने का संकेत है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 08 September, 2021
Last Modified:
Wednesday, 08 September, 2021
Girish Agarwal

‘डीबी कॉर्प लिमिटेड’ (D. B. Corp Ltd) के नॉन एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर गिरीश अग्रवाल का कहना है कि कोविड-19 के मामलों में कमी, अर्थव्यवस्था में धीरे-धीरे सुधार और त्योहारी सीजन में एडवर्टाइजर्स की संख्या बढ़ने से वर्ष 2021 की दूसरी छमाही में प्रिंट मीडिया इंडस्ट्री के एडवर्टाइजिंग रेवेन्यू (Ad revenue) में उछाल देखने को मिल सकता है।

वित्तीय वर्ष 2022 की पहली तिमाही की अर्निंग कॉन्फ्रेंस कॉल (earnings conference call) के दौरान गिरीश अग्रवाल का कहना था, ‘कोविड-19 के मामलों में कमी आ रही है और सरकार द्वारा प्रतिबंधों में ढील दिए जाने से अर्थव्यवस्था पटरी पर आ रही है। दूसरी लहर में लगाए गए लॉकडाउन से मांग में कमी आयी है, हालांकि, सरकार द्वारा दिए प्रोत्साहन पैकेज से थोड़ी राहत तो मिली है। इसके अलावा 2021 की दूसरी छमाही में त्योहारों सीजन भी है। ऐसे में उम्मीद है कि हमें ऑडियंस तक पहुंचने के लिए सबसे विश्वसनीय माध्यम में भारी निवेश करने वाले तमाम ब्रैंड्स के साथ प्रिंट विज्ञापन में उछाल देखने को मिलेगा।

इसके साथ ही उन्होंने कहा, ‘इस साल जुलाई में कंपनी का विज्ञापन (ad volumes) जुलाई 2019 के विज्ञापन का 75 प्रतिशत था। इसलिए मुझे उम्मीद है कि यदि ऐसे ही जारी रहा तो काफी अच्छा रहेगा।’ गिरीश अग्रवाल के अनुसार कोविड की दूसरी लहर के दौरान अखबार का सर्कुलेशन तो नहीं गड़बड़ाया, लेकिन इससे कोविड से पहले के स्तर पर वापस पहुंचने की प्रक्रिया धीमी हो गई। उन्होंने कहा, ‘पुराने स्तर तक वापस पहुंचने के लिए हम दूसरी तिमाही में योजना बना रहे हैं और मुझे लगता है कि दो और तिमाहियों में यह और आगे बढ़ेगा और उम्मीद है कि इसमें तेजी आएगी।’

गिरीश अग्रवाल का कहना था, ‘यदि विज्ञापन के नजरिये से देखें तो दूसरी लहर के आने से पहले वित्तीय वर्ष 2021 की चौथी तिमाही काफी अच्छी दिख रही थी। अप्रैल के बीच में अचानक कोविड के मामलों में दोबारा से तेजी आ गई। ऐसे में मई में सब बेकार हो गया और यह स्तर घटकर मई 2019 के स्तर के लगभग 25% तक नीचे आ गया। हम घटकर मई 2019 के स्तर के 27 प्रतिशत तक आ गए, लेकिन जून में इसमें सुधार हुआ और यह बढ़कर 40-42 प्रतिशत आ गया। मुझे यह कहते हुए खुशी हो रही है कि जुलाई 2021 में हम जुलाई 2019 का लगभग 75% हासिल करने में सफल रहे। यह एक अच्छा संकेत है और चीजें सही दिशा में आगे बढ़ रही हैं।’

इसके साथ ही गिरीश अग्रवाल ने कहा कि अधिकांश कैटेगरीज जैसे ऑटोमोबाइल्स, एजुकेशन, एफएमसीजी और रियल एस्टेट प्रिंट मीडिया पर वापस आ रही हैं। उन्होंने कहा, ‘उम्मीद करते हैं कि डेल्ट वैरिएंट और तीसरी लहर जैसी चीजें अब न आएं, ताकि सितंबर, अक्टूबर और नवंबर में हमारे त्योहारी सीजन पर कोई विपरीत असर न पड़े।’

राजनीतिक विज्ञापनों (political advertisements) के बारे में गिरीश अग्रवाल ने कहा, ‘कुछ राज्य सरकारों ने डीबी कॉर्प के स्वामित्व वाले अखबारों को विज्ञापन देना बंद कर दिया है। अभी की बात करें तो तीसरी तिमाही और चौथी तिमाही में पंजाब सरकार और यूपी सरकार के चुनाव होने जा रहे हैं। हम उस बिंदु पर देखेंगे। फिलहाल, हमें कोई बड़ा सरकारी विज्ञापन नहीं मिल रहा है। वास्तव में, कुछ राज्यों के हमारे सरकारी विज्ञापन पहले से ही रुके हुए हैं।‘  

इसके साथ ही गिरीश अग्रवाल ने कहा कि कंपनी अपने अखबारों में विज्ञापन फिर से शुरू करने के लिए उन राज्य सरकार के संबंधित विभागों से बात कर रही है।

गिरीश अग्रवाल ने बताया कि दैनिक भास्कर समूह ने नई लॉन्च की गई स्कोडा कुशाक (Škoda Kushaq) कार के एडवर्टाइजिंग कैंपेन के लिए स्कोडा ऑटो इंडिया के साथ एक विशेष एडवर्टाइजिंग डील पर हस्ताक्षर किए थे। यह डील होंडा मोटरसाइकिल्स एंड स्कूटर्स के साथ हाल में हुई बड़ी डील के अलावा थी। अग्रवाल के अनुसार, ‘कंपनी ने इन दो सौदों के अलावा कुछ और सौदे किए हैं। दरअसल से ये विज्ञापनदाता हैं जो कोविड के दौरान भी आए थे और हमारे साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिससे मार्केट में हमारी मजबूत स्थिति का पता चलता है।‘

उन्होंने यह भी कहा कि छोटे पब्लिकेशंस के बंद होने से प्रिंट मीडिया मार्केट समेकित (consolidated) हो रहा है। उन्होंने कहा कि बड़े पब्लिकेशंस वह हैं जो पिछले कुछ वर्षों में बने रहने और खुद को प्रबंधित करने में सक्षम रहे हैं। यदि आप पिछले पांच साल या सात साल के आंकड़ों को देखें तो छोटे पब्लिकेशंस वास्तव में बिजनेस से बाहर हो रहे हैं।

उन्होंने राजस्थान के मार्केट का उदाहरण दिया, जहां मुख्य रूप से दो प्लेयर्स ‘दैनिक भास्कर’ और ‘राजस्थान पत्रिका’ का वर्चस्व है।  गिरीश अग्रवाल ने कहा, लगभग 90% मार्केट इन दो पब्लिकेशंस के बीच बंटा हुआ है और अगर आप समग्र राजस्थान को देखें तो दोनों की बाजार पर हिस्सेदारी लगभग बराबर है।’

फिलहाल कंपनी का न्यूजपेपर सर्कुलेशन 42,50,000 प्रतियां (copies) है, जो कि चौथी तिमाही की तुलना में छह प्रतिशत कम है। वित्तीय वर्ष 2020 (FY20) में कंपनी का सबसे ज्यादा सर्कुलेशन (55 लाख प्रतियां) था। उन्होंने कहा, ‘हमारा सर्कुलेशन लगभग 45-46 लाख था, लेकिन कोविड की दूसरी लहर के कारण फिर से ट्रेनें रुक गईं, बसें रुक गईं, बाजार बंद थे, कार्यालय बंद थे ऐसे में लगभग छह प्रतिशत प्रतियों का नुकसान हुआ, लेकिन हमें उम्मीद है कि हम इस तिमाही में इसे रिकवर कर लेंगे और फिर अगली तिमाही से हमें अपने पहले के नंबरों पर वापस जाने की जरूरत है।’

इस दौरान गिरीश अग्रवाल का कहना था, ‘पहली तिमाही में डीबी कॉर्प ने साल दर साल (YoY) के आधार पर 8.5 प्रतिशत और तिमाही दर तिमाही (QoQ) के आधार पर कवर प्राइस में दो प्रतिशत की बढ़ोतरी की थी। अभी तक यह न्यूजप्रिंट की कीमतों में हुई वृद्धि को कवर नहीं कर पा रहा है, लेकिन एक सीमा है, जहां तक हम अपने पाठकों तक इसे पहुंचा सकते हैं। कीमत बढ़ाने को लेकर हमारे पास अभी थोड़ा सा मार्जिन है, लेकिन हमें अभी इस पर फैसला लेना है।’

उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2021 (Q1 FY21) की पहली तिमाही में 35000 से 36000 रुपये प्रति टन की तुलना में अब न्यूजप्रिंट यानी अखबारी कागज की कीमत 41000 प्रति टन पहुंच चुकी है। हमारे लिए न्यूजप्रिंट की कीमतों में करीब 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। हैरानी की बात यह है कि भारतीय अखबारी कागज की कीमत आयातित (imported) की तुलना में काफी तेज हो गई है। इसका सीधा सा कारण यह है कि हमारे पास आयातित का स्टॉक है। भारतीय अखबारी कागज निर्माताओं ने अपनी कीमतों में करीब 35 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी है,  जिसका काफी असर हुआ है। लेकिन चूंकि हमने स्टॉक पहले ही जमा कर लिया था, इसलिए इसका बहुत ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ा।

गिरीश अग्रवाल के अनुसार, ‘डिजिटल मोर्चे पर कंपनी का पूरा फोकस ऐप पर है। कंटेंट डील करने के लिए वह गूगल और फेसबुक जैसे डिजिटल प्लेयर्स से भी बातचीत कर रही है। रेडियो कारोबार में भी तेजी से रिकवरी देखने को मिल रही है। नेशनल मार्केट में अन्य प्लेयर्स से तुलना करें तो आपको यह बताते हुए खुशी हो रही है कि पहली तिमाही में हम पिछले वर्ष की पहली की तुलना में लगभग 94% बढ़े, जबकि अन्य सभी प्लेयर्स लगभग 43% से 44% थे, इसलिए हमारे पास समग्र बाजार की तुलना में मजबूत तिमाही था। हम जुलाई में अच्छी रिकवरी देख रहे हैं।’

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

इस मीडिया कंपनी ने मानी हार, एम्प्लॉयीज को वेतन देने के लिए बेचेगी संपत्तियां

नए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून की बड़ी कीमत एक अखबार को चुकानी पड़ी है। उसके बोर्ड के सभी सदस्य इस्तीफा देंगे और एम्प्लॉयीज को वेतन देने के लिए संपत्तियों को बेचने की योजना है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Tuesday, 07 September, 2021
Last Modified:
Tuesday, 07 September, 2021
NextDigital454

हॉन्ग कॉन्ग (Hong Kong) में लागू हुए नए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून की बड़ी कीमत वहां के एक अखबार को चुकानी पड़ी है। लोकतंत्र समर्थक अखबार ‘एप्पल डेली’ (Apple Daily) इस साल 24 जून को अपना आखिरी एडिशन छापा, लेकिन अब खबर है कि ‘एप्पल डेली’ के बंद होने के बाद उसकी मालिकाना कंपनी दिवालिया हो गई है। अब उसके बोर्ड के सभी सदस्य इस्तीफा दे देंगे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रविवार को शेयर बाजार में दाखिल विवरण से यह जानकारी सामने आई है।

‘नेक्स्ट डिजिटल’ नामक कंपनी ने कहा कि उसके बोर्ड के सभी सदस्य इस्तीफा देंगे और एम्प्लॉयीज को वेतन देने के लिए संपत्तियों को बेचने की योजना बनाई जा रही है। कंपनी के शेयरों के व्यापार पर जून में रोक लगा दी गयी। कंपनी के बैंक खाते से लेन-देन पर भी पाबंदी लगा दी गयी, ऐसे में वित्तीय संपत्ति जब्त होने की वजह से अखबार को बंद करने का फैसला करना पड़ा।

वहीं यह भी बता दें कि कंपनी से संबद्ध अखबार ‘एप्पल डेली’ के पांच संपादकों को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में जांच के बाद गिरफ्तार कर लिया गया था।

‘एप्पल डेली’ हॉन्ग कॉन्ग में लोकतंत्र की सबसे बुलंद आवाजों में से एक था और इसके फाउंडर जिमी लाई (Jimmy Lai) की कहानी चीन के साथ अखबार के संघर्ष का आईना है।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए