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‘कारवां’ के पत्रकार ने पुलिस पर लगाया शोषण का आरोप, प्रेस क्लब ने की जांच की मांग
‘कारवां’ पत्रिका के मल्टी मीडिया पत्रकार शाहिद तांत्रे ने आरोप लगाया है कि सेना से संबंधित उनके लेख को लेकर जम्मू-कश्मीर पुलिस उन्हें परेशान कर रही है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 3 years ago
‘कारवां’ पत्रिका के लिए काम कर रहे मल्टी मीडिया पत्रकार शाहिद तांत्रे ने आरोप लगाया है कि सेना से संबंधित उनके लेख को लेकर जम्मू-कश्मीर पुलिस उन्हें परेशान कर रही है।
पत्रकार शाहिद तांत्रे के मुताबिक, कश्मीर में दैनिक घटनाक्रम पर लिखने के कारण पुलिस उन्हें और उनके परिवार को धमका रही है। हालांकि पुलिस ने इस आरोप को खारिज किया और कहा कि उसे कुछ प्रमुख व्यक्तियों का जीवन खतरे में डालने को लेकर पत्रकार के बारे में शिकायत मिली थी।
मिली जानकारी के मुताबिक, तांत्रे ने इस साल पत्रिका में एक लेख लिखा था, जिसमें दावा किया गया था कि सेना घाटी में हालात सामान्य बताने के लिए शांति मार्च निकाल रही है। साथ ही उन्होंने सेना के साथ काम कर रहे पार्षदों और शांति कार्यकर्ताओं का भी जिक्र किया था।
तांत्रे ने मीडिया को जारी बयान में कहा, 'पुलिस ने पर्याप्त दस्तावेजों के बिना मुझे तलब किया है। लिहाजा मुझे सीआरपीसी की धारा 41ए के तहत उचित तरीके से नोटिस जारी करें। नोटिस प्राप्त करने के बाद ही मैं जांच में शामिल होउंगा और पूरा सहयोग करूंगा।'
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर कहा, 'कई प्रमुख व्यक्तियों ने कारवां के शाहिद तांत्रे नामक पत्रकार के लेख ''फॉल्स फ्लैग्स'' को लेकर उनके खिलाफ शिकायत की थी। आरोप है कि लेख में उनके नाम दिए गए हैं, जो आतंकी समूहों को उन्हें निशाना बनाने का मौका देने और उनकी जान खतरे में डालने जैसा है।’
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने कहा कि लेख में जिन लोगों के नाम हैं, वे अपने घरों से बाहर निकलने में खतरा महसूस कर रहे हैं क्योंकि उन्हें डर है कि वे आतंकवादी समूहों का अगला लक्ष्य हो सकते हैं।
वहीं दूसरी तरफ, प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने पत्रकार शाहिद तांत्रे को जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा प्रताडि़त करने की कड़ी निंदा की है। प्रेस क्लब ने कहा है कि पुलिस की ओर से तांत्रे को ऐसी रिपोर्टिंग न करने या फिर कार्रवाई का सामना करने की धमकी 1975 के आपातकाल की याद दिलाई है।
प्रेस क्लब के अध्यक्ष उमाकांत लखेड़ा और महासचिव विनय कुमार की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि इस मामले की तुरंत जांच की जाए और तांत्रे को श्रीनगर में बेरोकटोक काम करने दिया जाए।
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