बिजनेस स्टैंडर्ड (BS) के पत्रकारों पर भी 'संकट', इस्तीफों का दौर शुरू 

ऑटो, टेक्सटाइल समेत कई सेक्टर्स में मंदी की खबरों को प्रकाशित कर रहा मीडिया सेक्टर भी इससे अछूता नहीं रह पा रहा है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Tuesday, 10 September, 2019
Last Modified:
Tuesday, 10 September, 2019
Business Standard

ऑटो, टेक्सटाइल समेत कई सेक्टर्स में मंदी की खबरों को प्रकाशित कर रहा मीडिया सेक्टर भी इससे अछूता नहीं रह पा रहा है। कई मीडिया हाउसेज से छंटनी की खबरों के बीच अब बिजनेस न्यूजपेपर बिजनेस स्टैंडर्ड भी मंदी की चपेट मे आ गया है। बताया जा रहा है कि पिछले डेढ़-दो साल से लगातार खर्चों को कम करने की मुहिम में जुड़े संस्थान ने अब कई पत्रकारों से रिजाइन मांगा है। वरिष्ठ पद पर आसीन कई नामी पत्रकारो के रिजाइन के बाद से संस्थान में काफी उथल-पुथल है।

इसी बीच बीएस में सीनियर एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत नितिन सेठी ने अपना इस्तीफे की औपचारिक घोषणा भी कर दी है। करीद डेढ़ साल से बीएम में कार्यरत नितिन की ये संस्थान के साथ दूसरी पारी थी। वे इससे पहले भी इसी पद पर जून 2014 से 2017 तक बीएस का हिस्सा रह चुके हैं। अपनी दोनों पारियों के बीच वे 9 महीने के लिए डेप्युटी एडिटर के पद स्क्रॉल मीडिया से जुड़ गए थे। वे टाइम्स ऑफ इंडिया, द हिंदू और डाउन टू अर्थ मैगजीन के साथ भी काम कर चुके हैं।

अपने इस्तीफे की घोषणा उन्होंने सोशल मीडिया पर करते हुए उन्होंने कुछ इस तरह लिखा है...
I have resigned from the Business Standard with immediate effect. 
2. Here is a link to, more than a 100 stories, more than a hundred thousand words, of investigations, deep dives, analysis, exclusives, long form and opinion I wrote during the short stint. 
https://lnkd.in/f7w_jka 
3. It was particularly great to team up with some of my young and brilliant colleagues at Business Standard. Without them many investigations and deep dives would have never come through with such clarity and at such speed. Several would have never seen the light of the day  without these collaborations.  
4. I would like to believe, we let the facts lead us. We said it straight and never buried facts in the safety of a fake balance. We said it without fear. We did not let go. In the process, I learnt a lot.     
5. Thank you for reading and following. Support reportage, however you can. It forms the substratum of journalism. Revealing facts that the powerful do not want citizens to know.
 

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अखबारों में फ्रंट पेज की सुर्खियां बनीं आज ये खबरें

नवभारत टाइम्स और हिन्दुस्तान में आज तीसरे पेज को फ्रंट पेज बनाया गया है जबकि दैनिक जागरण के पाठकों को दो फ्रंट पेज पढ़ने को मिले हैं।

नीरज नैयर by
Published - Tuesday, 25 February, 2020
Last Modified:
Tuesday, 25 February, 2020
Newspapers

इधर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने भव्य स्वागत से अभिभूत होकर पीएम मोदी की शान में कसीदे पढ़ रहे थे और उधर दिल्ली हिंसा की आग में झुलस रही थी। यही दोनों खबरें आज राजधानी से प्रकाशित होने वाले अखबारों की सुर्खियां हैं। सबसे पहले बात करते हैं नवभारत टाइम्स की, जिसने दोनों समाचारों को बराबर जगह दी है। ट्रंप-मोदी की फोटो सहित ‘नमोस्ते ट्रंप’ शीर्षक के साथ अमेरिकी राष्ट्रपति के दौरे को लगाया गया है। हेडलाइन में  ‘नमो’ को एक शेड लाइट किया गया है, ताकि इसे ‘नमो ट्रंप’ भी पढ़ा जा सके।

‘जल उठा यमुनापार’ शीर्षक के साथ हिंसा की खबर को लगाया गया है, इसमें पुलिसकर्मी की मौत, भीड़ द्वारा युवक की पिटाई सहित राज्य और केंद्र की बयानबाजी भी है। इन दोनों ही खबरों को ऊपर से एंकर तक उतारा गया है। दिल्ली विधानसभा में लगे जय बजरंग बली के नारे, सुन्नी बोर्ड 5 एकड़ जमीन लेने को तैयार और दिल्ली-देहरादून के बीच बनेगा एलिवेटिड एक्सप्रेस वे, इन ख़बरों को भी पेज पर जगह मिली है। एंकर में अमेरिकी स्टंटमैन की मौत से जुड़ा समाचार है।

अब नजर डालते हैं दैनिक भास्कर पर। ट्रंप के स्वागत और दिल्ली की हिंसा को एक साथ लीड के रूप में पेश किया गया है। ‘अमेरिका को दिखी महाशक्ति’, ‘इधर, दिल्ली ने दिल दुखाया’ शीर्षक के साथ दोनों खबरें पूरे आठ कॉलम में हैं।

वहीं, सुन्नी बोर्ड का जमीन लेने का फैसला, दिल्ली विधानसभा, सेंसेक्स में भारी गिरावट सहित एनजीओ के दावे को भी प्रमुखता के साथ पाठकों के समक्ष रखा गया है। एनजीओ का कहना है कि चुनाव आयोग ने एक साल से पहले ही लोकसभा चुनाव के वीवीपैड रिकॉर्ड को नष्ट कर दिया। एंकर में मुंबई में आयोजित सीईओ कॉन्क्लेव से जुड़ा समाचार है।

वहीं, दैनिक जागरण में विज्ञापन के चलते आज दो फ्रंट पेज बनाये हैं। पहला पेज ट्रंप के भारत दौरे के नाम समर्पित है। दूसरे फ्रंट पेज पर नागरिकता संशोधन कानून पर दिल्ली में हुई हिंसा को लीड के रूप में पेश किया गया है। वहीं, इलाहाबाद और झारखंड हाई कोर्ट की दो महत्वपूर्ण ख़बरों को भी अखबार ने प्रमुखता के साथ जगह दी है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने कहा है कि एससी-एसटी एक्ट के तहत कोई मामला केवल तभी बनता है जब अपराध सार्वजानिक स्थल पर हुआ हो।

उधर, झारखंड उच्च न्यायालय ने साफ किया है कि आरक्षण केवल स्थायी निवासी को ही मिलेगा। इसके अलावा, पेज पर दिल्ली-देहरादून के बीच बनने वाले एलिवेटिड एक्सप्रेस वे से जुड़ा समाचार है और एंकर में सुन्नी बोर्ड के जमीन लेने के फैसले को जगह मिली है।

अब चलते हैं हिन्दुस्तान पर, जहां जैकेट विज्ञापन की वजह से तीसरे पेज को फ्रंट पेज बनाया गया है। लीड दिल्ली की हिंसा है, जबकि ट्रंप के दौरे को सेकंड लीड का दर्जा मिला है। वहीं, देहरादून तक एलिवेटिड एक्सप्रेस वे को मिली मंजूरी, सुन्नी बोर्ड का फैसला और सोने की कीमत में छलांग को भी पेज पर पर्याप्त स्थान मिला है। सोना पहली बार 44 हजार के पार चला गया है। एंकर में अमेरिकी राष्ट्रपति और उनकी पत्नी के हिन्दुस्तानी संस्कृति के प्रति प्यार को दर्शाया गया है।

अमर उजाला के फ्रंट पेज को देखें तो डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे को मास्ट हेड से लगाते हुए लीड के रूप में पेश किया गया है। दूसरी बड़ी खबर दिल्ली की हिंसा है, जिसमें एक पुलिसकर्मी सहित पांच लोगों की मौत हो गई और 60 घायल हुए हैं। निर्भया मामले में आज होने वाली सुनवाई सहित पटियाला में गिरा एनसीसी का विमान और सुन्नी बोर्ड ने कबूली मस्जिद के लिए जमीन, इन खबरों को भी पेज पर जगह मिली है।         

सबसे आखिरी में रुख करते हैं राजस्थान पत्रिका का। अखबार ने आज केवल दो खबरों में ही पूरा फ्रंट पेज समाप्त कर दिया है। लीड ट्रंप का भारत दौरा है, जिसे मास्ट हेड से शुरू करते हुए ‘दोस्ती का चरखा चला’ शीर्षक के साथ आधे पेज तक रखा गया है। अखबार के फ्रंट पेज पर दूसरी और आखिरी खबर के रूप में दिल्ली की हिंसा है।

आज का ‘किंग’ कौन?

1: लेआउट के मामले में आज भी नवभारत टाइम्स अव्वल है, जबकि दैनिक भास्कर और हिन्दुस्तान को दूसरे नंबर पर रखा जा सकता है। हालांकि, दैनिक भास्कर का फ्रंट पेज बीच में काफी नीरस हो गया है। 

2: खबरों की प्रस्तुति की बात करें तो दैनिक भास्कर ने कम जगह में भी लीड को काफी अच्छी तरह से प्रस्तुत किया है। लिहाजा उसे पहला नंबर दिया जा सकता है। दूसरे स्थान पर नवभारत टाइम्स और तीसरे स्थान पर हिन्दुस्तान है।

3: जहां तक कलात्मक शीर्षक की बात है तो खासकर नवभारत टाइम्स और राजस्थान पत्रिका ने लीड की हेडलाइन को कलात्मक बनाने का प्रयास किया है। इस प्रयास में बाजी नवभारत टाइम्स के नाम रही है।

4: खबरों के लिहाज से देखें तो दैनिक जागरण ने बाजी मार ली है। अखबार ने एससी/एसटी एक्ट को लेकर बेहद महत्वपूर्ण समाचार को फ्रंट पेज पर जगह दी है, जबकि शेष अखबार इस मामले में चूक कर गए हैं।

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आज इन खबरों को मिली हिंदी अखबारों के फ्रंट पेज पर तवज्जो

विज्ञापन के कारण दैनिक जागरण में आज तीसरे पेज को फ्रंट पेज बनाया गया है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Monday, 24 February, 2020
Last Modified:
Monday, 24 February, 2020
Hindi Newspapers

नागरिकता संशोधन कानून को लेकर हालात सुधरने के बजाय बिगड़ते जा रहे हैं। यही ‘बिगड़ते हालात’ आज दिल्ली से प्रकाशित होने वाले अखबारों की सबसे बड़ी खबर है। शुरुआत करते हैं हिन्दुस्तान से। फ्रंट पेज पर तीन बड़े विज्ञापन हैं, लेकिन सभी महत्वपूर्ण समाचारों को स्थान देने का प्रयास किया गया है। लीड नागरिकता संशोधन कानून के नाम पर दिल्ली के कुछ इलाकों में हुई हिंसा है। कानून के समर्थक और विरोधी आमने-सामने आ गए, स्थिति नियंत्रित करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग भी करना पड़ा।

उधर, उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में भी आगजनी हुई। लीड खबर में शाहीन बाग का भी जिक्र है, वार्ताकार आज कोर्ट को अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे। दूसरी बड़ी खबर के रूप में अमरीश कुमार त्रिवेदी की बाईलाइन है, जिन्होंने अयोध्या में बनने वाले राममंदिर की खासियतों के बारे में बताया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प की आज से होने वाली भारत यात्रा, अंडरवर्ल्ड डॉन रवि पुजारी का प्रत्यर्पण और अमेरिका द्वारा कड़े किए गए एच1बी वीजा के नियमों को भी प्रमुखता के साथ पेज पर जगह मिली है।

दैनिक जागरण का रुख करें तो यहां जैकेट विज्ञापन की वजह से तीसरे पेज को फ्रंट पेज बनाया गया है। लीड सीएए पर सांप्रदायिक हिंसा है, जिसे सात कॉलम में लगभग आधे पेज तक रखा गया है। शत्रुघ्न शर्मा की बाईलाइन को सेकंड लीड का दर्जा मिला है। शर्मा ने अमेरिकी राष्ट्रपति की आज से शुरू हो रही यात्रा की हर संभव जानकारी से पाठकों को रूबरू कराने का प्रयास किया है।

वहीं, टेलीकॉम कंपनियों को मिलने वाले संभावित बेलआउट पैकेज के साथ ही कांग्रेस के हाल पर शशि थरूर के बयान को भी तवज्जो मिली है। थरूर का कहना है कि कांग्रेस को लेकर लोगों में ऐसी धारणा बन गई है कि पार्टी अपनी राजनीतिक पहचान से भटक गई है। एंकर में मोदी की ‘मन की बात’ है।

अब चलते हैं नवभारत टाइम्स पर। फ्रंट पेज पर एक बड़ा विज्ञापन है, लेकिन पाठकों तक खबरों को पहुंचाने में कोई कंजूसी नहीं बरती गई है। लीड नागरिकता संशोधन कानून पर हुई हिंसा है, इसमें अलीगढ़ और शाहीन बाग का भी जिक्र है।

सेकंड लीड के रूप में ट्रम्प की भारत यात्रा है। खबर का शीर्षक ‘ट्रम्प को भाया बाहुबली अवतार’ से शुरू किया गया है। दरअसल, ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे अपने विडियो को शेयर किया था, जिसमें उन्हें बाहुबली अवतार में दिखाया गया है। इसीलिए अखबार ने हेडलाइन में यह प्रयोग किया है। मेट्रो यात्रियों को मिली नई सुविधा को एंकर में स्थान मिला है। इसके अलावा, पेज पर चार अन्य खबरें हैं।

आज अमर उजाला की बात करें तो फ्रंट पेज पर आधा पेज विज्ञापन है। लीड नागरिकता संशोधन कानून पर हिंसा है, इसमें शाहीन बाग और अलीगढ़ का भी जिक्र है। मोदी के ‘मन की बात’ के साथ ही एच1बी वीजा के कड़े नियम भी पेज पर हैं। सेकंड लीड के रूप में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के भारत दौरे को रखा गया है।

सबसे आखिरी में रुख करते हैं राजस्थान पत्रिका का। अखबार ने लीड सबसे अलग ट्रम्प की भारत यात्रा को बनाया है। इस खबर को इतने विस्तृत रूप में केवल इसी अखबार ने ही पाठकों तक पहुंचाया है, लेकिन इस फेर में नागरिकता संशोधन कानून के नाम पर हुई हिंसा को अंडर प्ले किया गया है। इससे ज्यादा बड़ी जगह दिल्ली के स्कूलों की ‘हैप्पीनेस क्लास’ को मिली है।

एंकर में आनंद मणि त्रिपाठी की बाईलाइन स्टोरी है, जिन्होंने अमरनाथ यात्रा की तैयारियों के बारे में बताया है। इसके अलावा, अंडरवर्ल्ड डॉन रवि पुजारी का प्रत्यपर्ण और सुप्रीम कोर्ट में 4 बड़े मामलों पर होने वाली सुनवाई भी पेज पर है।   

आज का ‘किंग’ कौन?

1: लेआउट के मामले में नवभारत टाइम्स पहले और हिन्दुस्तान दूसरे स्थान पर है।

2: खबरों की प्रस्तुति का जहां तक सवाल है, तो आज राजस्थान पत्रिका सबसे आगे है। लीड खबर को बेहद आकर्षक अंदाज़ में पाठकों के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। दूसरा नंबर नवभारत टाइम्स का है। तीसरे स्थान पर हिन्दुस्तान और फिर दैनिक जागरण है।

3: शीर्षक को कलात्मक बनाने के लिए आज अखबारों ने शायद ज्यादा मशक्कत नहीं की, इसलिए सभी के सामान्य शीर्षक हैं। लेकिन राजस्थान पत्रिका और नवभारत टाइम्स ने जरूर प्रयास किया है, लिहाजा दोनों को विजेता घोषित किया जा सकता है।

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जानें, फ्रंट पेज के मामले में आज कौन सा अखबार रहा सबसे आगे

नवभारत टाइम्स, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान में आज तीसरे पेज को फ्रंट पेज बनाया गया है, जबकि दैनिक भास्कर के फ्रंट पेज पर आधा पेज विज्ञापन है

नीरज नैयर by
Published - Friday, 21 February, 2020
Last Modified:
Friday, 21 February, 2020
Newspapers

शाहीन बाग में सुलह का रास्ता निकलता नजर नहीं आ रहा है। इसी ‘रास्ते’ को आज दिल्ली से प्रकाशित होने वाले अखबारों ने प्रमुखता से लगाया है। सबसे पहले बात करते हैं नवभारत टाइम्स की। जैकेट विज्ञापन के चलते तीसरे पेज को फ्रंट पेज बनाया गया है। लीड शाहीन बाग है, इसमें ओवैसी की रैली और संघ प्रमुख के बयान को भी जगह मिली है। शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों को मनाने में वार्ताकार दूसरे दिन भी कामयाब नहीं हुए। हालांकि, उनकी कोशिशें जारी हैं।

ट्रम्प के दौरे को सेकंड लीड का दर्जा मिला है। राम मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष की पीएम मोदी से मुलाकात और दिल्ली में बीच सड़क पर हुए मर्डर को भी प्रमुखता से पेज पर रखा गया है। पारंपरिक एंकर के बजाय आज तीन खबरों को लगाया गया है। पहली, ‘नए संसद भवन के लिए काटे जाएंगे 200 पेड़, दूसरी, आर्मी चीफ का बयान और तीसरी राहुल आनंद की बाईलाइन स्टोरी है। उन्होंने टिकटॉक के नए चैलेंज और उसके खतरों के बारे में बताया है। निर्भया के दोषी विनय की कारगुजारी को नवभारत टाइम्स ने आज जगह दी है, जबकि अमर उजाला सिर फोड़ने की खबर से कल ही पाठकों को रूबरू करा चुका है।   

अब राजस्थान पत्रिका का रुख करते हैं। फ्रंट पेज की शुरुआत टॉप बॉक्स से हुई है, जिसमें ट्रम्प के भारत दौरे से जुड़ा समाचार है। लीड निर्भया का दोषी पवन है, जो खुद को मानसिक रोगी करार देने में लगा है। राम मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष की पीएम से मुलाकात को पर्याप्त स्थान मिला है, लेकिन शाहीन बाग को तवज्जो नहीं दी गई है, जबकि दिल्ली के लिहाज से यह बड़ी खबर थी।

एंकर में आनंद मणि त्रिपाठी की बाईलाइन स्टोरी है, जिन्होंने बताया है कि 2022 से पहले जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव मुश्किल हैं। इसके अलावा, पेज पर कुछ अन्य समाचार भी हैं।

इसके बाद चलते हैं दैनिक भास्कर पर, जहां फ्रंट पेज पर आधा पेज विज्ञापन है। लीड शाहीन बाग है, जबकि दूसरी बड़ी खबर के रूप में दिल्ली में दिनदहाड़े हुई हत्या को रखा गया है।

इसके अलावा, निर्भया के दोषी विनय की कारगुजारी, मंदिर निर्माण को लेकर राम मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष का बयान और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के भारत दौरे से जुड़े समाचार को भी पेज पर जगह मिली है। ट्रम्प की पत्नी दिल्ली के सरकारी स्कूलों के बच्चों से मुलाकात करेंगी।

वहीं, हिन्दुस्तान की बात करें तो फुल पेज विज्ञापन की वजह से तीसरे पेज को फ्रंट पेज का दर्जा मिला है। लीड शाहीन बाग है, जिसे काफी बेहतर ढंग से प्रस्तुत किया गया है। बेटियों की उपलब्धि पेज पर दूसरी बड़ी खबर है। अखबार ने आकर्षक अंदाज में इस खबर को प्रस्तुत किया है।

राजस्थान में दलित युवकों से बर्बरता, निर्भया के दोषी विनय की कारगुजारी और सौरभ शुक्ल की बाईलाइन भी पेज पर है। सौरभ ने बताया है कि कोरोना वायरस के संकट से निपटने के लिए सरकार दवाओं के कच्चे माल पर लगने वाले आयात शुल्क को कम करने की तैयारी कर रही है। इसके अलावा, पेज पर पांच सिंगल समाचार हैं।

सबसे आखिरी में बात करते हैं दैनिक जागरण की। फुल पेज विज्ञापन के चलते तीसरे पेज को फ्रंट पेज बनाया गया है। लीड जयप्रकाश रंजन की बाईलाइन है, जिन्होंने बताया है कि ट्रम्प के भारत दौरे के दौरान पांच क्षेत्रों से जुड़े समझौतों पर हस्ताक्षर की तैयारी है।

शाहीन बाग सेकंड लीड और राममंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष की मोदी से मुलाकात तीसरी बड़ी खबर के रूप में पेज पर है। एंकर में संजीव गुप्ता की बाईलाइन स्टोरी को स्थान मिला है। उन्होंने जहरीली हवा से बच्चों पर होने वाले प्रभाव को रेखांकित किया है। 

आज का ‘किंग’ कौन?

1: लेआउट के लिहाज से हिन्दुस्तान आज सबसे आगे है। दूसरे स्थान पर नवभारत टाइम्स को रखा जा सकता है।

2: खबरों की प्रस्तुति में भी बाजी हिन्दुस्तान के नाम रही है और नवभारत टाइम्स दूसरे नंबर पर है।

3: शीर्षक को कलात्मक बनाने में जरूर नवभारत टाइम्स ने सबको पछाड़ दिया है। लीड का शीर्षक ‘शोर में उलझता दिखा शांति बाग का रास्ता’ काफी अच्छा और आकर्षक है।

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फ्रंट पेज पर हेडिंग के मामले में आज ये अखबार रहा अव्वल

हिन्दुस्तान में आज तीसरे पेज को फ्रंट पेज बनाया गया है, वहीं दैनिक जागरण के पाठकों को दो फ्रंट पेज पढ़ने को मिले हैं

नीरज नैयर by
Published - Thursday, 20 February, 2020
Last Modified:
Thursday, 20 February, 2020
Newspaper

दिल्ली से प्रकाशित होने वाले कई अखबारों में जहां आज फिर से विज्ञापनों की ‘बरसात’ हुई है, वहीं नवभारत टाइम्स के फ्रंट पेज पर काफी दिनों के बाद खबरों के लिए ज्यादा जगह नजर आ रही है। शुरुआत करते हैं दैनिक जागरण से। विज्ञापनों के चलते तीसरे और पांचवें पेज को फ्रंट पेज बनाया गया है। पहले पेज पर राम मंदिर ट्रस्ट की पहली बैठक को लीड लगाया गया है। ट्रस्ट की तीन साल में भव्य मंदिर बनाने की योजना है। इसके अलावा, पेज पर केवल दो बड़ी और कुछ संक्षिप्त खबरें हैं। मसलन, प्रधानमंत्री फसल बीमा हुई स्वैच्छिक और घाटी में कुख्यात आतंकी ढेर।

दूसरे फ्रंट पेज का रुख करें तो यहां शुरुआत में पीएम मोदी की बिहारी व्यंजन का लुत्फ उठाते हुए फोटो है। इसे बिहार चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। लीड शाहीन बाग में सुलह की अधूरी दास्तां है। मध्यस्थ आज फिर प्रदर्शनकारियों से बातचीत करेंगे। जयप्रकाश रंजन की बाईलाइन को भी प्रमुखता के साथ पेज पर रखा गया है, जिन्होंने एफटीए को लेकर भारत की तैयारी को दर्शाया है। एंकर में स्वच्छ पेट्रोल से जुड़ा समाचार है। अप्रैल से भारत स्वच्छ पेट्रो-ईंधन के इस्तेमाल वाले चुनिंदा देशों में शुमार हो जाएगा। इसके अलावा पेज पर दो अन्य समाचार और कुछ संक्षिप्त खबरें हैं।

वहीं, हिन्दुस्तान में भी फुल पेज विज्ञापन के चलते तीसरे पेज को फ्रंट पेज का दर्जा मिला है। लीड राम मंदिर ट्रस्ट की पहली बैठक को बनाया गया है। बैठक में पदाधिकारियों के नाम पर मुहर लगी और यह तय किया गया कि जल्द ही भव्य मंदिर का निर्माण किया जाएगा। सेकंड लीड के रूप में शाहीन बाग में सुलह की अधूरी दास्तां को रखा गया है। वहीं, भारत यात्रा से पहले डोनाल्ड ट्रम्प के बयान को भी जगह मिली है। ट्रम्प ने कहा है कि मुझे मोदी पसंद हैं, लेकिन अभी व्यापार करार नहीं होगा।

सीआईसी और सीवीसी की नियुक्ति और प्रधानमंत्री फसल बीमा को स्वैच्छिक करने के सरकार के फैसले को भी पेज पर स्थान मिला है। बिमल जुल्का को मुख्य सूचना आयुक्त (सीआईसी) और संजय कोठारी को मुख्य सतर्कता आयुक्त (सीवीसी) बनाया गया है। इसके अलावा, पेज पर पांच सिंगल समाचार हैं, जिनमें सबसे प्रमुख है गुवाहाटी उच्च न्यायालय की व्यवस्था। कोर्ट का कहना है कि पैन कार्ड को नागरिकता का सबूत नहीं माना जा सकता।

आज नवभारत टाइम्स ने फ्रंट पेज की शुरुआत दिल्ली की सर्दी से की है, हालांकि ये मौसमी सर्दी नहीं बल्कि सियासी है। एक तरफ पीएम मोदी बिहारी व्यंजन का लुत्फ उठा रहे हैं, जो एक तरह से दर्शाता है कि वह दिल्ली चुनाव के नतीजों को पीछे छोड़कर बिहार चुनाव की तैयारियों में जुट गए हैं। वहीं, केजरीवाल ने गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की है, यानी उन्होंने ठंड में अकड़ गए रिश्तों को सर्दी खत्म होते ही पटरी पर लाने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। लीड शाहीन बाग में सुलह की अधूरी दास्तां को बनाया गया है।

राम मंदिर ट्रस्ट की पहली बैठक और फरीदाबाद में कारोबारी की आत्महत्या को भी पेज पर जगह मिली है। कारोबारी अतुल त्यागी ने बैंक कर्मियों पर रिकवरी के लिए परेशान करने का आरोप लगाकर अपनी जान दे दी। डोनाल्ड ट्रम्प के साथ ही जज के तबादले पर भड़के वकीलों को सिंगल कॉलम में स्थान मिला है। एंकर में दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल की हिम्मत को सलाम करती खबर है। स्वाति ने अपने तलाक की जानकारी सोशल मीडिया पर दी है।

राजस्थान पत्रिका ने सबसे अलग भारत दौरे से पहले डोनाल्ड ट्रम्प के बयान को लीड लगाया है। ट्रम्प ने कहा है कि अमेरिका के प्रति भारत का बर्ताव अच्छा नहीं रहा,लेकिन मोदी उन्हें पसंद हैं। लीड खबर में दौरे की तैयारियों के साथ ही उपेन्द्र शर्मा की बाईलाइन स्टोरी भी है, जिनके मुताबिक ट्रम्प की यात्रा भारत की दोस्त बढ़ाओ मुहिम का हिस्सा है।

मोदी के लिट्टी-चोखा प्रेम को ‘मन में बिहार’ स्लग के साथ फोटो के रूप में रखा गया है। इसके अलावा, शाहीन बाग में सुलह की अधूरी दास्तां, केजरीवाल-शाह मुलाकात और राममंदिर ट्रस्ट की पहली बैठक को भी प्रमुखता के साथ स्थान मिला है। एंकर में आनंद मणि त्रिपाठी की जम्मू-कश्मीर से जुड़ी बाईलाइन स्टोरी है। 

अब अमर उजाला की बात करें तो फुल पेज विज्ञापन के चलते यहां भी तीसरे पेज को फ्रंट पेज बनाया गया है। लीड राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक है, जबकि शाहीन बाग में सुलह की अधूरी दास्तां को दूसरी बड़ी खबर का दर्जा मिला है। प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी को अखबार ने प्रमुखता के साथ पाठकों तक पहुंचाया है। पीएम का लिट्टी-चोखा प्रेम सिंगल में है, इसके अलावा पेज पर केजरीवाल-शाह मुलाकात और निर्भया के दोषी पवन सहित कुछ अन्य खबरें मौजूद हैं। विनय ने खुद को चोटिल कर लिया है।

सबसे आखिरी में रुख करते हैं दैनिक भास्कर का। लीड शाहीन बाग में सुलह की अधूरी दास्तां है, लेकिन खबर का शीर्षक बाकियों से हटकर लगाया गया है। राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक सेकंड लीड के रूप में पेज पर है।

वहीं, प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी को उसकी अहमियत के अनुरूप स्थान दिया गया है। पीएम मोदी का लिट्टी-चोखा प्रेम, ट्रम्प की यात्रा के साथ ही दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल के तलाक को भी फ्रंट पेज पर लगाया गया है। ट्रम्प ताज के दीदार के लिए आगरा जाएंगे, लिहाजा बदबू दूर करने के लिए यमुना में 500 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। एंकर में स्कूल बैग के बोझ से बच्चों के ‘रिश्ते’ को दर्शाती स्टोरी है।   

आज का ‘किंग’ कौन?

1: लेआउट के मामले में आज पहले नंबर पर नवभारत टाइम्स है। काफी दिनों के बाद मिली जगह का अखबार की टीम ने भरपूर इस्तेमाल करके आकर्षक फ्रंट पेज तैयार किया है। वैसे, आज दैनिक जागरण के फ्रंट पेज भी पिछले दिनों की अपेक्षा बेहतर नजर आ रहे हैं।

2: खबरों की प्रस्तुति में बाजी दैनिक भास्कर ने मारी है। खासकर लीड को काफी अच्छे से पाठकों के समक्ष पेश किया गया है। इसके साथ ही आज दैनिक जागरण के प्रयासों को भी सराहा जाना चाहिए, क्योंकि अखबार में अक्सर खबरों की सीधी-सपाट प्रस्तुति रहती है।

3: शीर्षक को कलात्मक बनाने की जहां तक बात है तो नवभारत टाइम्स और दैनिक भास्कर दोनों को संयुक्त विजेता घोषित किया जा सकता है। नवभारत टाइम्स ने एंकर के शीर्षक में अच्छा प्रयोग किया है, जबकि दैनिक भास्कर की लीड हेडिंग सबसे बेहतर है।

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आज कुछ ऐसे नजर आ रहे हैं प्रमुख हिंदी अखबारों के फ्रंट पेज

विज्ञापन की अधिकता के कारण दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान में आज दो फ्रंट पेज बनाए गए हैं

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 19 February, 2020
Last Modified:
Wednesday, 19 February, 2020
Newspapers

जामिया कांड में पुलिस की चार्जशीट और आतंकी अजमल कसाब पर पूर्व पुलिस कमिश्नर का खुलासा दिल्ली से प्रकाशित होने वाले अखबारों की सुर्खियां हैं। सबसे पहले बात करते हैं नवभारत टाइम्स की, जिसके फ्रंट पेज पर आज काफी विज्ञापन है। आलम यह है कि केवल दो बड़ी खबरों को ही जगह मिल सकी है। लीड, जामिया कांड में पुलिस की चार्जशीट है। पुलिस ने जेएनयू के छात्र शरजील इमाम को हिंसा भड़काने का जिम्मेदार ठहराया है। इसी खबर में ब्रिटिश सांसद को बैरंग लौटाने से जुड़ा अपडेट भी है। अखबार ने कल भी इस खबर को पेज पर स्थान दिया था।

दूसरी और आखिरी बड़ी खबर के रूप में कसाब पर पूर्व पुलिस कमिश्नर राकेश मारिया का खुलासा है। मारिया ने अपनी किताब में बताया है कि कसाब को लश्कर ने ऐसे तैयार किया था कि मुंबई हमला हिंदू आतंकवाद नजर आये। इसके अलावा, पेज पर दो सिंगल, मसलन ‘जून से दिल्ली में दिखेंगी 400 कलस्टर बसें, ‘टक्कर मारकर 400 मीटर तक घसीटा’ और कुछ संक्षिप्त समाचार हैं।

अब दैनिक जागरण पर नजर डालें तो आज दो फ्रंट पेज बनाए गए हैं। पहले पेज पर नेमिष हेमंत की बाईलाइन को लीड लगाया गया है। उन्होंने राममंदिर ट्रस्ट की आज होने वाले बैठक के बारे में बताया है। जामिया कांड में पुलिस की चार्जशीट और दिल्ली के मोस्ट वांटेड की मेरठ में मौत को भी प्रमुखता से पेज पर रखा गया है। एंकर में गृहमंत्री अमित शाह हैं, जो कश्मीरी पंडितों से अच्छे दिनों का वादा कर रहे हैं।

दूसरे फ्रंट पेज पर चलें, तो यहां भाजपा के पूर्व सहयोगी उद्धव ठाकरे के नरम रुख को लीड का दर्जा मिला है। उद्धव का कहना है कि उनकी सरकार एनपीआर पर केंद्र के साथ है। वहीं, आतंकी कसाब पर पूर्व पुलिस कमिश्नर का खुलासा, ब्रिटिश सांसद को बैरंग लौटाने पर केंद्र की सफाई और उत्तर प्रदेश के बजट सहित गुलाम कश्मीर पर लेफ्टिनेंट जनरल का बयान भी पेज पर है। लेफ्टिनेंट जनरल केजेएम ढिल्लो का कहना है कि गुलाम कश्मीर में लांचिंग पैड आतंकियों से भरे हुए हैं। इसके अलावा, माला दीक्षित की बाईलाइन स्टोरी को भी जगह मिली है। माला ने एक रिपोर्ट के हवाले से इंटरनेट के बच्चों पर पड़ते दुष्प्रभाव के बारे में बताया है।   

वहीं दैनिक भास्कर का रुख करें तो अखबार ने कोरोना वायरस से जुड़ी खबर को फ्रंट पेज की लीड लगाया है। वित्तमंत्री का कहना है कि कोरोना से अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए उपायों का जल्द ऐलान किया जाएगा। सेकंड लीड लखनऊ एक्सप्रेस वे पर हुआ भीषण हादसा है, जिसमें छह लोगों की मौत हो गई।

राममंदिर ट्रस्ट की आज होने वाली बैठक सहित कुछ अन्य समाचार भी पेज पर हैं। जिसमें चुनाव सुधार की तैयारी और आप विधायकों का सुंदरकांड पाठ प्रमुख हैं। चुनाव आयोग ने पेड न्यूज, झूठी जानकारी देने को चुनावी अपराध बनाने पर सरकार से चर्चा की है। वहीं, आम आदमी पार्टी विधायक अपने क्षेत्रों में सुंदरकांड का पाठ कराएंगे। एंकर में पेड़ काटने पर सरकारी अफसरों को लगी सुप्रीम कोर्ट की फटकार है।

आज हिन्दुस्तान में दो फ्रंट पेज बनाए गए हैं। पहले फ्रंट पेज पर एक बड़ा विज्ञापन है। लीड जामिया कांड में पुलिस की चार्जशीट है, जबकि कोरोना वायरस से अर्थव्यवस्था को बचाने पर वित्तमंत्री का बयान दूसरी बड़ी खबर के रूप में पेज पर है। इसके अलावा, राममंदिर ट्रस्ट की आज होने वाली बैठक और दो सिंगल समाचारों को जगह मिली है। एंकर में पिज्जा बर्गर के लिए मिलने वाले कर्ज के बारे में बताया गया है। निश्चित रूप से यह खबर काफी पढ़ी जाएगी।

दूसरे पेज का रुख करें, तो यहां लीड उत्तर प्रदेश के बजट को बनाया गया है। दूसरी बड़ी खबर पंकज कुमार की बाईलाइन है, जिन्होंने बताया है कि देश में महिलाओं के साथ छेड़छाड़ के मामलों में इजाफा हो रहा है। अमर सिंह का पछतावा और एनपीआर को लेकर शिवसेना और राकांपा में रार को भी पर्याप्त जगह मिली है। इसके अलावा, पेज पर ब्रिटिश सांसद को बैरंग लौटाने पर सरकार की सफाई सहित कुछ अन्य समाचार भी हैं।

अमर उजाला की बात करें तो फ्रंट पेज की शुरुआत टॉप बॉक्स से हुई है, जिसमें पूर्व पुलिस कमिश्नर राकेश मारिया की किताब में आतंकी कसाब को लेकर किए गए खुलासों को रखा गया है। अमर उजाला ने इस खबर को काफी विस्तार में पाठकों के समक्ष पेश किया है। लीड रेल टिकट कालाबाजारी है। जामिया कांड में पुलिस की चार्जशीट, राममंदिर ट्रस्ट की आज होने वाली बैठक का तो जिक्र फ्रंट पेज पर है, लेकिन कोरोना वायरस के प्रभाव से अर्थव्यवस्था को बचाने संबंधी वित्तमंत्री के बयान को जगह नहीं दी गई है।

लखनऊ एक्सप्रेस वे पर हुए हादसे और आम आदमी पार्टी के ‘हनुमान प्रेम’ को प्रमुखता के साथ स्थान मिला है। वहीं, एंकर में एक ऐसी खबर है, जिसे लोग पढ़ना चाहेंगे। सिंगापुर में किडनी का इलाज करवा रहे अमर सिंह ने अमिताभ बच्चन से माफी मांगी है। अब उन्होंने ऐसा क्यों किया है, इसके लिए आपको खबर पढ़नी होगी।

सबसे आखिरी में रुख करते हैं राजस्थान पत्रिका का। फ्रंट पेज की शुरुआत धीरज कुमार की बाईलाइन से हुई है, जिन्होंने भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा की नई संभावित टीम के बारे में बताया है। वहीं, टॉप बॉक्स में शादाब अहमद की बाईलाइन स्टोरी है, जो बताती है कि आंगनबाड़ियों में लाखों खर्च के बाद भी शौचालय और पानी जैसी सुविधाएं नहीं हैं। लीड कोरोना वायरस को लगाया गया है।

पूर्व पुलिस कमिश्नर की किताब के खुलासे के साथ ही पुणे में बने कोरोना वायरस के टीके को भी प्रमुखता के साथ पेज पर रखा गया है। हालांकि, यदि कोरोना वायरस के टीके को लीड का ही हिस्सा बनाया जाता तो ज्यादा बेहतर रहता। इसके अलावा, शाहीन बाग से जुड़ा समाचार और कुछ सिंगल समाचार भी पेज पर हैं। एंकर में आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया से बातचीत है।

आज का ‘किंग’ कौन?

1: लेआउट के लिहाज से आज अमर उजाला अव्वल है, जबकि हिन्दुस्तान दूसरा स्थान हासिल करने में कामयाब रहा है। दैनिक भास्कर की बात करें तो फ्रंट पेज का सेकंड हाफ बेहद नीरस हो गया है।

2: खबरों की प्रस्तुति में भी अमर उजाला ने सबको पीछे छोड़ दिया है। इसके बाद हिन्दुस्तान और राजस्थान पत्रिका का नंबर आता है।

3: कलात्मक शीर्षक आज कहीं भी नजर नहीं आ रहा। फिर भी लीड के शीर्षक में प्रयोग करने के प्रयास के चलते राजस्थान पत्रिका को सबसे आगे कहा जा सकता है।

4: खबरों के मामले में हिन्दुस्तान से चूक हो गई है। अखबार ने आतंकी कसाब से जुड़े समाचार को फ्रंट पेज पर जगह नहीं दी है, जबकि उसे निश्चित तौर पर सबसे ज्यादा पढ़ा जाएगा। वहीं, अमर उजाला ने एंकर में अमर सिंह को रखकर एक अच्छी खबर पाठकों तक पहुंचाई है।

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जानें, प्रिंट मीडिया मालिकों के लिए पंजाब क्यों बना खास

पंजाब की पहचान आज सिर्फ साइकिल उत्पादन और हौजरी प्रॉडक्ट्स जैसे बिजनेस के लिए ही नहीं रह गई है, बल्कि न्यूजपेपर रीडरशिप में भी यह लगातार दमदार मौजूदगी दर्ज करा रहा है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Tuesday, 18 February, 2020
Last Modified:
Tuesday, 18 February, 2020
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पंजाब की पहचान आज सिर्फ साइकिल उत्पादन और हौजरी प्रॉडक्ट्स जैसे बिजनेस के लिए ही नहीं रह गई है, बल्कि न्यूजपेपर रीडरशिप में भी यह लगातार अपनी दमदार मौजूदगी दर्ज करा रहा है। यहां अखबार के पाठकों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।    

इंडियन रीडरशिप सर्वे 2019 की तीसरी तिमाही (IRS 2019 Q3) के अनुसार, उत्तर भारत के टॉप पांच मार्केट में पंजाब भी शामिल है। उत्तर भारत में 42.9 प्रतिशत टोटल रीडरशिप (TR) और 16.5 प्रतिशत एवरेज इश्यू रीडरशिप (AIR) के साथ आईआरएस चार्ट में पंजाब ने अपनी मजबूत स्थिति कायम कर रखी है। उत्तर भारत में आईआरएस की टॉप फाइव मार्केट की लिस्ट में जिन अन्य राज्यों ने अपना नाम दर्ज कराया है, उनमें दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान और उत्तराखंड शामिल हैं।

मार्केट लीडर्स इन न्यूजपेपर्स (Market Leaders in Newspapers)

पंजाब में अखबारों ने टोटल रीडरशिप (TR) और एवरेज इश्यू रीडरशिप (AIR) दोनों ही मामलों में ग्रोथ दर्ज की है। क्षेत्र के प्रमुख अखबार ‘पंजाब केसरी’ की एवरेज इश्यू रीडरशिप के आंकड़ों में लगातार वृद्धि देखने को मिली है। इंडियन रीडरशिप सर्वे 2019 की पहली तिमाही (IRS Q1 2019) के आंकड़ों के अनुसार जहां इस अखबार का एआईआर 936000 था, वह तीसरी तिमाही (Q3) में बढ़कर 950000 हो गया है।

दूसरी ओर, दैनिक भास्कर की ग्रोथ भी काफी अच्छी रही है। पहली तिमाही में इस अखबार की टोटल रीडरशिप (TR) 1857000 थी, जो दूसरी तिमाही में 1924000 और तीसरी तिमाही में बढ़कर 216700 हो गई है। इसी तरह अखबार की एवरेज इश्यू रीडरशिप (AIR) भी लगातार तीन तिमाहियों में 4,93,000 से 5,00,000  और फिर इससे बढ़कर 5,96,000 हो गई है।    

अब दैनिक जागरण की बात करें तो इस क्षेत्र में पहली तिमाही में अखबार की टोटल रीडरशिप 1819000 थी जो दूसरी तिमाही में बढ़कर 1922000 और तीसरी तिमाही में 1971000 हो गई। वहीं, दैनिक जागरण की एवरेज इश्यू रीडरशिप (AIR) पहली तिमाही में 446000 थी और दूसरी तिमाही में इसमें मामूली गिरावट के साथ यह 436000 हो गई थी, लेकिन तीसरी तिमाही में इसने फिर अपनी स्थिति मजबूत की और तीसरी तिमाही में यह 466000 के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई।

आखिर क्या है इसकी वजह (What keeps the newspapers going)?

पंजाब केसरी अपनी ग्रोथ का श्रेय अपनी नई पहल (innovations) को देता है, जो उसने प्रॉडक्शन में शुरू की हैं। अखबार के जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर अमित चोपड़ा का कहना है, ‘हम डिजिटल का विस्तार कर रहे हैं। पंजाब केसरी में प्रिंट और डिजिटल की ग्रोथ एक-दूसरे की पूरक हैं और इससे हमारी पहुंच बढ़ी है। टेक्नोलॉजी में नए-नए प्रयोग करने से उत्पादकता में बढ़ोतरी के साथ क्वालिटी भी बेहतर हुई है।’

चोपड़ा के अनुसार, ‘हमने हाल ही में अपनी सभी 13 प्रॉडक्शन यूनिट्स में प्रिंटिंग में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों को बदल दिया है, जिससे हमें अपनी क्वालिटी और ग्रोथ बढ़ाने में काफी मदद मिली है। सभी लोकल पुलआउट्स भी अब मेन न्यूजपेपर का हिस्सा हैं।’ इसके साथ ही चोपड़ा का यह भी कहना है, ‘उत्तर भारत में उत्तर प्रदेश जैसे राज्य की तुलना में जहां पर हिंदी की ज्यादा रीडरशिप है, पंजाब में अंग्रेजी, हिंदी और अंग्रेजी की रीडरशिप काफी ज्यादा है।’

वहीं, दैनिक जागरण के पूर्व चीफ जनरल मैनेजर, प्रिंटर पब्लिशर और रेजिडेंट एडिटर निशिकांत ठाकुर का कहना है, ‘राज्य में पंजाबी की तुलना में हिंदी रीडरशिप ज्यादा है। लोगों का हिंदी अखबारों की तरफ ज्यादा झुकाव है। पंजाब में रीजनल न्यूजपेपर्स जैसे- जगवाणी की रीडरशिप ग्रामीण इलाकों में ज्यादा है जबकि शहरी इलाकों में अजीत की रीडरशिप ज्यादा है।’

पंजाब के तीन प्रमुख शहरों-अमृतसर, जालंधर और लुधियाना में दैनिक भास्कर टॉप के अखबारों में शुमार है। दैनिक भास्कर के प्रवक्ता का कहना है, ‘हाल ही में जारी किए गए वर्ष 2019 की तीसरी तिमाही के आईआरएस सर्वे के नतीजों के अनुसार दैनिक भास्कर ही इकलौता अखबार है, जिसकी ग्रोथ में पिछली तिमाही की तुलना में 23 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। यह हमारे सर्कुलेशन को बढ़ाने और एडिटोरियल कंटेंट पर फोकस करने के साथ ही पाठकों से जमीनी तौर पर जुड़ने का परिणाम है। हमारे लिए पंजाब काफी प्रमुख मार्केट है और हम इस क्षेत्र में अपनी स्थिति को और मजबूत बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं।’

पंजाब में अखबारों की ग्रोथ का क्या कारण है (Why are newspapers in Punjab growing)?

राज्य में अखबारों की रीडरशिप बढ़ने से इस माध्यम में एडवर्टाइर्स की संख्या भी बढ़ी है। विशेषज्ञों की मानें तो राज्य में पिछले दो-तीन वर्षों में विज्ञापन की दरों (ad rates) में भी 10 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है और पिछले दिनों देश की कमजोर अर्थव्यवस्था के दौरान भी इसमें कोई कमी नहीं देखी गई है।

नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे के चौथे दौर (NFHS-4) के नतीजों के अनुसार, देश में दिल्ली और पंजाब के लोग ज्यादा अमीर हैं। ऐसे में स्वभाविक तौर पर लोगों को लुभाने के लिए एडवर्टाइजर्स पंजाब के अखबारों की ओर आकर्षित हुए हैं।

देश का 75 प्रतिशत साइकिल उत्पादन और साइकिल के कलपुर्जों का 80 प्रतिशत निर्माण पंजाब में हो रहा है। इसके अलावा ट्रैक्टर्स, स्पोर्ट्स गुड्स और एग्रीकल्चरल मशीनरी का निर्माण भी इस राज्य में सबसे ज्यादा हो रहा है। ऐसे में ज्यादा से ज्यादा लोगों तक अपनी बात और प्रॉडक्ट के बारे में जानकारी पहुंचाने के लिए ये इंडस्ट्रीज अखबारों का सहारा लेती हैं।

मीडिया विशेषज्ञ अनीता नैय्यर का कहना है, ‘देश में चंडीगढ़ और लुधियाना जैसे शहरों की गिनती अमीर शहरों में होती है और यहां के लोगों की क्रय शक्ति (purchasing Power) ज्यादा है। ऐसे में ब्रैंड्स भी लोगों को लुभाने के लिए यहां के अखबारों पर विज्ञापन में ज्यादा खर्च करते हैं।

विज्ञापन का बिजनेस (Business of advertising)

विभिन्न ब्रैंड्स के एडवर्टाइजर्स ने पंजाब के अखबारों के लिए अपने दरवाजे खोल रखे हैं। लोकल प्लेयर्स जैसे ट्रैक्टर निर्माता आदि ने स्थानीय अखबारों का सहारा लिया है, वहीं नेशनल और इंटरनेशनल ब्रैंड्स अंग्रेजी अखबारों का सहारा ले रहे हैं।

चंडीगढ़ की एडवर्टाइजिंग एजेंसी ‘De Code’ के मार्केटिंग हेड विनय कौशिक के अनुसार, ‘अंग्रेजी पाठकों के लिए एडवर्टाइजर्स पंजाब में ट्रिब्यून को प्राथमिकता देते हैं, वहीं पंजाबी के लिए अजीत और हिंदी में पंजाब केसरी उनकी पहली पसंद है। अन्य राज्यों की तुलना में पंजाब  मल्टी प्लेयर मार्केट है और यहां अंग्रेजी, हिंदी और पंजाबी में कई विकल्प हैं। यहां चुनौती काफी कड़ी है, इसके बावजूद एडवर्टाइजर्स अखबारों में विज्ञापन पर काफी खर्च कर रहे हैं। यही कारण है कि पिछले तीन साल में विज्ञापन की दरों में पांच से दस प्रतिशत की बढ़ोतरी हो चुकी है।’

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महिला सशक्तीकरण का बेहतरीन उदाहरण है दैनिक भास्कर का ये शीर्षक

एक लंबी ‘जंग’ के बाद सेना में महिलाओं को बराबरी का दर्जा मिल गया है। सुप्रीम कोर्ट ने सरकारी दलीलों को दरकिनार करते हुए उनके हक में फैसला सुनाया

नीरज नैयर by
Published - Tuesday, 18 February, 2020
Last Modified:
Tuesday, 18 February, 2020
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एक लंबी ‘जंग’ के बाद सेना में महिलाओं को बराबरी का दर्जा मिल गया है। सुप्रीम कोर्ट ने सरकारी दलीलों को दरकिनार करते हुए उनके हक में फैसला सुनाया। दिल्ली से प्रकाशित होने वाले अखबारों ने इस खबर को प्रमुखता से स्थान दिया है। शुरुआत आज दैनिक भास्कर से करते हैं। बेहद खूबसूरत शीर्षक के साथ महिला सैन्य अफसरों की जीत को लीड लगाया गया है। कोर्ट के आदेश के बाद अब महिलाएं कोर कमांडर भी बन पाएंगी। फैसला सुनाने से पहले अदालत ने केंद्र सरकार की सोच को भी रूढ़िवादी करार दिया।

सेकंड लीड के तौर पर निर्भया के दोषियों को रखा गया है। अदालत ने तीसरा डेथ वारंट जारी किया है, लेकिन सवाल कायम है कि क्या तीन मार्च को उन्हें सूली पर लटकाया जा सकेगा? वहीं, शाहीन बाग में चल रहे विरोध-प्रदर्शन को समाप्त करने के लिए सुप्रीम कोर्ट आगे आया है। कोर्ट ने 3 मध्यस्थ तय किये हैं, जो प्रदर्शनकारियों से बातचीत करेंगे। इस खबर को भी प्रमुखता से स्थान मिला है। इसके अलावा, दिल्ली की नई सरकार और दो सिंगल समाचार पेज पर हैं। एंकर में गगनयान के पायलट्स से जुड़ी स्टोरी है, जो रूस में कड़ी ट्रेनिंग ले रहे हैं।

अब रुख करते हैं नवभारत टाइम्स का, जिसके फ्रंट पेज पर आज भी काफी विज्ञापन है। अख़बार ने शाहीन बाग पर सुप्रीम कोर्ट के रुख को लीड लगाया है। सेना में महिलाओं को मिला बराबरी का हक टॉप बॉक्स में है। इसके अलावा कुर्सी संभालते ही एक्शन में आए केजरीवाल और निर्भया के दोषियों का डेथ वारंट भी पेज पर है।        

वहीं, हिन्दुस्तान में भी नवभारत टाइम्स जैसे हालात हैं। यानी खबरों के लिए केवल आधा पेज जगह ही उपलब्ध है। सेना में महिलाओं को मिला बराबरी का हक लीड है, जबकि निर्भया के दोषियों के डेथ वारंट को सेकंड लीड के रूप में पेश किया गया है।

शाहीन बाग़ पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के साथ ही निशांत कौशिक की बाईलाइन को भी पेज पर जगह मिली है। कौशिक ने नोएडा में 34 हजार नौकरियों को लेकर हुए फर्जीवाड़े का खुलासा किया है। इसके अलावा, चार सिंगल समाचार भी हैं।

अमर उजाला ने भी महिलाओं को मिले समान हक को लीड का दर्जा दिया है। दूसरी बड़ी खबर निर्भया के दोषियों का डेथ वारंट है, साथ में इसमें दोषियों की चालबाजी का भी जिक्र है। इस वजह से संशय बरकरार है कि उन्हें तय डेट पर फांसी होगी भी या नहीं? दिल्ली के मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालने वाले केजरीवाल ने अपने पास कोई विभाग नहीं रखा है। मुख्यमंत्री के इस फैसले को अखबार ने प्रमुखता के साथ पेज पर रखा है।

600 करोड़ रुपए के घोटाले में त्रिपुरा के पूर्व मुख्य सचिव की गिरफ़्तारी और दिल्ली हवाईअड्डे पर सीआईएसएफ की कार्रवाई को भी पर्याप्त स्थान मिला है। सीआईएसएफ ने परफ्यूम के डिब्बों और कपड़ों में छिपाकर ले जाई जा रही विदेशी मुद्रा जब्त की है। वहीं, शाहीन बाग पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी एंकर में है।

इसके अलावा राजस्थान पत्रिका ने सेना में महिलाओं का मिले बराबरी के हक को लीड रखा है।  कॉमन आईब्रो ‘देश में महिलाओं को न्याय की दो खबरें’ से निर्भया के दोषियों के डेथ वारंट संबंधी समाचार को भी लीड से जोड़ दिया है।

शाहीन बाग पर सुप्रीम कोर्ट के रुख को भी बड़ी जगह मिली है। खबर में कोर्ट द्वारा नियुक्त वार्ताकारों के बारे में भी जानकारी दी गई है, जो प्रदर्शनकारियों से बातचीत करेंगे। साथ ही, मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालने वाले केजरीवाल की खबर और रेल टिकटों के सबसे बड़े दलाल की गिरफ्तारी से जुड़ी खबर भी पेज पर है। एंकर में शादाब अहमद की बाईलाइन स्टोरी है। उन्होंने कांग्रेस में बढ़ती कलह से पाठकों को रूबरू कराने का प्रयास किया है।

आज सबसे आखिरी में बात करते हैं दैनिक जागरण की। लीड शाहीन बाग पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी को बनाया गया है। साथ ही इसमें वार्ताकार नियुक्त करने का भी जिक्र है। सेकंड लीड सेना में महिलाओं को मिला बराबरी का हक है।

निर्भया के दोषियों की फांसी की नई तारीख और कोई विभाग अपने पास न रखने का केजरीवाल का फैसला भी फ्रंट पेज पर है। केजरीवाल की खबर में मंत्रियों और उनके विभागों का भी उल्लेख किया गया है, जो कि अच्छा कदम है। वहीं, एंकर में टेलीकॉम कंपनियों से जुड़े मामले को लगाया गया है।         

आज का ‘किंग’ कौन?

1: लेआउट के मामले में आज मुख्य मुकाबला दैनिक भास्कर, अमर उजाला, दैनिक जागरण और राजस्थान पत्रिका में था, जिसमें से दैनिक भास्कर ने बाजी मार ली है। नवभारत टाइम्स और हिन्दुस्तान ने सीमित जगह में भी अपने पाठकों के लिए आकर्षक फ्रंट पेज तैयार किया है।

2: खबरों की प्रस्तुति का जहां तक सवाल है, दैनिक भास्कर सबसे आगे है। दूसरा नंबर हिन्दुस्तान और तीसरा अमर उजाला को दिया जा सकता है।

3: कलात्मक शीर्षक के मामले में आज दैनिक भास्कर का कोई तोड़ नहीं। लीड का शीर्षक ‘सशस्त्रीकरण’ जिसे ‘स्त्रीकरण’ भी पढ़ा जा सकता है, दर्शाता है कि अखबार में शीर्षक पर काफी काम होता है।

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फ्रंट पेज पर इस बड़ी खबर को रखने से चूक गए आज ये अखबार

विज्ञापन की अधिकता के कारण दैनिक जागरण में आज तीसरे पेज को फ्रंट पेज बनाया गया है।

नीरज नैयर by
Published - Monday, 17 February, 2020
Last Modified:
Monday, 17 February, 2020
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केजरीवाल की शपथ और नागरिकता संशोधन कानून पर पीएम मोदी का रुख आज दिल्ली से प्रकाशित होने वाले अखबारों की सुर्खियां हैं। सबसे पहले बात हैं दैनिक जागरण की, जहां विज्ञापन के चलते तीसरे पेज को फ्रंट पेज बनाया गया है। लीड केजरीवाल का शपथ ग्रहण समारोह है। इस खबर को अखबार ने लगभग आधा पेज जगह दी है। इसमें समारोह से जुड़ी निहाल सिंह की बाईलाइन भी है।

दूसरी प्रमुख खबर नागरिकता संशोधन कानून पर मोदी का वाराणसी में दिया बयान है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि सरकार सीएए पर किसी भी सूरत में पीछे नहीं हटेगी। एंकर में नई दिल्ली रेलवे स्टेशन को वर्ल्ड क्लास बनाने से जुड़ा समाचार है। इस तरह से केवल तीन बड़ी खबरों में ही फ्रंट पेज समाप्त हो गया है।

अब रुख करते हैं अमर उजाला का। फ्रंट पेज पर काफी विज्ञापन है, इसके चलते महज दो बड़ी खबरों को ही स्थान मिल सका है। पहली केजरीवाल का शपथ ग्रहण समारोह है, जिसे लीड का दर्जा मिला है और दूसरी कश्मीर पर भारत की यूएन को खरी-खरी। भारत ने साफ किया है कि कश्मीर पर किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

हिन्दुस्तान की बात करें तो लीड केजरीवाल की शपथ है, जिसे ‘मैंने अपने विरोधियों को माफ किया शीर्षक’ के साथ लगाया गया है। नागरिकता संशोधन कानून पर मोदी का सख्त रुख, जामिया कांड के नए वीडियो, उन्नाव और दिल्ली में हुए हादसे सहित स्कन्द विवेक धर की बाईलाइन को भी प्रमुखता से पेज पर लगाया गया है। जामिया कांड के 63 दिन बाद तीन विडियो सामने आये हैं, जिनमें पुलिस की बर्बरता साफ नजर आ रही है।

वहीं, स्कन्द विवेक ने बताया है कि अब दवा खराब मिलने पर मार्केटिंग कंपनियों पर भी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, पेज पर चार सिंगल समाचार हैं, जिसमें सबसे प्रमुख हैं 11 नौसेना कर्मियों की जासूसी के आरोप में गिरफ्तारी। एंकर में लंदन फैशन वीक है, जहां पहली बार इंडिया डे का आयोजन किया गया।

आज दैनिक भास्कर के फ्रंट पेज पर कोई बड़ा विज्ञापन नहीं है, इस कारण पाठकों के पढ़ने के लिए यहां काफी कुछ है। लीड केजरीवाल की शपथ है, खबर को काफी विस्तार और आकर्षक अंदाज में प्रस्तुत किया गया है। जामिया कांड में फिर से आए उबाल को सेकंड लीड का दर्जा मिला है, इसी में शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों का भी जिक्र है। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर हुए हादसे और संघ प्रमुख मोहन भागवत के बयान को भी फ्रंट पेज पर रखा गया है। भागवत का कहना है कि पढ़े-लिखे और अमीरों में तलाक के मामले ज्यादा सामने आते हैं।

पेज पर तीन सिंगल समाचारों को भी जगह मिली है, जिसमें दिल्लीवासियों को डराने वाली खबर सबसे प्रमुख है। राजधानी में स्वाइन फ्लू ने दस्तक दी है, अब तक 43 मरीजों की पुष्टि हो चुकी है. वहीं, एंकर में मनीषा भल्ला की बाईलाइन को सजाया गया है, जिन्होंने ब्रसेल्स हमले में पीड़ा का प्रतीक बनीं निधि चाफेकर की कहानी के बारे में बताया है।     

विज्ञापनों के मामले में नवभारत टाइम्स के लिए आज का दिन भी अच्छा रहा। फ्रंट पेज पर आधा पेज विज्ञापन है और केवल दो बड़ी खबरों को ही जगह मिल सकी है। लीड केजरीवाल की शपथ है। खबर में शपथ ग्रहण का बड़ा फोटो लगाया गया है, जिस पर केजरीवाल के प्रमुख मंत्रियों की भी फोटो है। दूसरी बड़ी खबर नागरिकता संशोधन कानून पर पीएम मोदी का सख्त रुख है। इसके अलावा, हादसों से जुड़े तीन समाचारों को सिंगल कॉलम में रखा गया है।

सबसे आखिरी में चलते हैं राजस्थान पत्रिका पर। केजरीवाल की शपथ को फ्रंट पेज की लीड बनाया गया है। इसमें मुकेश केजरीवाल की बाईलाइन स्टोरी को भी जगह मिली है, जिन्होंने आम आदमी पार्टी में आ रहे बदलावों को पाठकों के समक्ष रखा है। जैसे कि इस बार पार्टी नेता टोपी में नहीं बल्कि माथे पर तिलक के साथ दिखाई दिए। नागरिकता संशोधन कानून पर मोदी के सख्त रुख को सेकंड लीड का दर्जा मिला है।

धीरज कुमार की बाईलाइन और महाराष्ट्र में ‘एकला चलो’ पर कायम रहने के भाजपा के फैसले को भी बड़ी जगह दी गई है। कुमार ने भाजपा की कमजोर होती स्थिति को बयां किया है। अखबार ने जामिया कांड में आए उबाल को फ्रंट पेज पर नहीं रखा है, जबकि शाहीन बाग के प्रदर्शनकारी सिंगल में हैं। एंकर में भी बाईलाइन स्टोरी है। आनंद मणि त्रिपाठी ने घाटी के बाशिंदों की परेशानियों से देश को रूबरू कराने का प्रयास किया है।   

आज का ‘किंग’ कौन?

1: लेआउट के मामले में पहले नंबर पर दैनिक भास्कर और दूसरे नंबर पर हिन्दुस्तान है। वहीं, राजस्थान पत्रिका का फ्रंट पेज खास आकर्षक नहीं लग रहा। लेकिन यह जरूर कहना होगा कि नवभारत टाइम्स ने आज फिर सीमित जगह में एक अच्छा पेज तैयार किया है।

2: खबरों की प्रस्तुति में आज अप्रत्याशित तौर पर दैनिक जागरण ने बाजी मारी है। अखबार ने केजरीवाल के शपथ समारोह को विस्तार के साथ ही आकर्षक अंदाज में प्रस्तुत किया है। दूसरा स्थान दैनिक भास्कर का है।

3: शीर्षक को कलात्मक बनाने का प्रयास आज दैनिक जागरण ने भी किया है, लेकिन अव्वल दैनिक भास्कर रखा है। लीड की हेडलाइन ‘केजरीशपथ’ में ‘श’ को कुछ शेड लाइट किया गया है, ताकि इसे ‘केजरीपथ’ भी पढ़ा जा सके।

4: खबरों की बात करें तो राजस्थान पत्रिका, दैनिक जागरण और नवभारत टाइम्स ने जामिया कांड से जुड़ी खबर के साथ अन्याय किया है। दैनिक जागरण ने जरूर खबर को संक्षिप्त में जगह दी है, लेकिन बाकी दोनों अखबारों के फ्रंट पेज से यह महत्वपूर्ण समाचार नदारद है।

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फ्रंट पेज के शीर्षक में ये दो बड़े अखबार कर बैठे गलती

नवभारत टाइम्स के पाठकों को आज दो फ्रंट पेज पढ़ने को मिले हैं, जबकि दैनिक जागरण में तीसरे और हिन्दुस्तान में पांचवे पेज को फ्रंट पेज बनाया गया है

नीरज नैयर by
Published - Saturday, 15 February, 2020
Last Modified:
Saturday, 15 February, 2020
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विज्ञापनों की ‘बरसात’ से दिल्ली से प्रकाशित होने वाले प्रमुख अखबार आज भी सराबोर हुए हैं। सबसे पहले आज बात करते हैं नवभारत टाइम्स की। विज्ञापनों के चलते तीसरे और पांचवें पेज को फ्रंट पेज बनाया गया है। पहले पेज पर केजरीवाल का शपथ ग्रहण समारोह के लिए पीएम मोदी को न्योता लीड है। इसके अलावा, पेज पर दो अन्य समाचार और कुछ संक्षिप्त खबरें हैं। दूसरे फ्रंट पेज पर चलें, तो यहां सुप्रीम कोर्ट द्वारा मोदी सरकार को लगाई गई कड़ी फटकार सबसे बड़ी खबर है। टेलिकॉम कंपनियों से वसूली के मामले में सरकार के रवैये से नाराज कोर्ट ने यहां तक कह दिया कि देश में कानून नहीं बचा है, क्यों न सुप्रीम कोर्ट को बंद कर दिया जाए।

महेंद्र सिंह धोनी के चाहने वालों के लिए आई खुशखबरी को भी अखबार ने प्रमुखता के साथ पेज पर रखा है। धोनी एक मार्च से मैदान पर उतरेंगे। कोर्ट से जुड़ी तीन ख़बरों को एकसाथ लगाया गया है। मसलन, ‘निर्भया के दोषी की याचिका खारिज’, ‘फांसी के मामलों में जारी गाइडलाइन’ और ‘सुनवाई के बीच बेहोश हुईं जज’। पुलवामा हमले को लेकर राहुल गांधी का सरकार पर प्रहार और भाजपा नेताओं के पलटवार को भी बड़ी जगह मिली है। इस खबर की हेडलाइन थोड़ी पेचीदा बना दी गई है। इसके अलावा, जल्दबाजी में शीर्षक में एक शब्द भी छूट गया है। दरअसल, लिखा गया है ‘पुलवामा से सबसे फायदा किसे’?, जबकि होना चाहिए था ‘पुलवामा से सबसे ज्यादा फायदा किसे’? अखबार में पहले फ्रंट पेज पर आधा पेज विज्ञापन होने के कारण यहां सिर्फ खबरों वाला भाग ही शो हो रहा है, जबकि दूसरा फ्रंट पेज पूरा शो हो रहा है।  

अब हिन्दुस्तान का रुख करें तो अखबार में विज्ञापन इतने हैं कि पांचवें पेज को फ्रंट पेज बनाया जा सका है। लीड सुप्रीम कोर्ट की फटकार है, लेकिन खबर का शीर्षक ‘फटकार’ पर नहीं टेलीकॉम कंपनियों से वसूली पर केंद्रित है। इससे खबर का तीखापन थोड़ा कम हो गया है। सेकंड लीड के रूप में पुलवामा हमले की बरसी पर हुई सियासी बयानबाजी को रखा गया है।

केजरीवाल के शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां, निर्भया के दोषी और एनसीआर में निर्माण से हटी पाबंदी को भी प्रमुखता से पेज पर जगह दी गई है। श्याम सुमन ने अपनी बाईलाइन में बताया है कि सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में निर्माण कार्यों पर लगी रोक को अब पूरी तरह से हटा दिया है। इसके अलावा, पेज पर पांच सिंगल समाचार हैं। जिसमें ‘एकदिन में बन जाएगा पैनकार्ड, अमरनाथ यात्रा 23 जून से, एक अप्रैल से नहीं बिकेंगे बीएस-4 वाहन’ प्रमुख हैं।

आज राजस्थान पत्रिका के फ्रंट पेज पर टॉप बॉक्स में एक बेहतरीन और पढ़ने लायक खबर है। यह खबर बताती है कि कर्नाटक निवासी कंबाला ने उसैन बोल्ट को भी पीछे छोड़ दिया है। वहीं, पुलवामा हमले की बरसी पर सियासत और श्रद्धांजलि को भी बड़ी जगह मिली है। लीड सबसे अलग आम आदमी पार्टी से जुड़ी खबर को लगाया गया है, जो अब पूरे देश में चुनाव लड़ने का सोच रही है।

कांग्रेस में बढ़ी कलह को भी अखबार ने पेज पर रखा है। शादाब अहमद ने अपनी बाईलाइन में राज्यसभा के लिए पार्टी में मचे घमासान को रेखांकित किया है, वहीं मध्यप्रदेश में चल रही उठापठक सिंगल कॉलम में है। निर्भया के दोषी की खारिज याचिका एंकर के पास दो कॉलम में है और एंकर में सुवालाल जांगु की बाईलाइन को स्थान मिला है। उन्होंने अरुणाचल के काबू गांव के बदलाव की कहानी से पाठकों को रूबरू करवाया है। अखबार  ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा मोदी सरकार को लगाई गई फटकार को फ्रंट पेज पर नहीं रखा है।

वहीं, दैनिक भास्कर की बात करें तो लीड मोदी सरकार को मिली फटकार है, जिसे सात कॉलम में विस्तार से पाठकों के समक्ष पेश किया गया है। निर्भया के दोषी विनय की खारिज याचिका, पुलवामा हमले की बरसी से जुड़ी खबर के साथ ही केजरीवाल की शपथ की तैयारियों को भी प्रमुखता के साथ रखा गया है। एंकर में अमीरी के मामले में नए कीर्तिमान स्थापित करते उद्योगपति हैं। इसके पास ही दो कॉलम में बॉम्बे हाई कोर्ट के दूसरे सबसे सीनियर जज का इस्तीफा है। जस्टिस धर्माधिकारी का कहना है कि वो मुंबई से बाहर जाना नहीं चाहते, इसलिए इस्तीफा दिया है।

इसके अलावा, पेज पर तीन सिंगल समाचार हैं। इनमें एनडीएमसी के कर्मचारियों की परेशानी और आशंकित विजय माल्या प्रमुख हैं। एनडीएमसी के 200 कर्मचारियों के खातों से किसी जालसाज ने पैसा निकाल लिया है, वहीं प्रत्यपर्ण की सुनवाई पूरी होने के बाद घबराए माल्या ने भारतीय बैंकों को मूलधन वापस करने की इच्छा जताई है। अखाबर ने संक्षिप्त में एक बेहद महत्वपूर्ण खबर को रखा है, जिसके अनुसार देश के तीन हवाईअड्डे 50 साल के लिए अडाणी ग्रुप को सौंप दिए गए हैं।

सबसे आखिरी में रुख करते हैं दैनिक जागरण का। फ्रंट पेज पर विज्ञापन होने के कारण अखबार ने तीसरे पेज को फ्रंट पेज बनाया है। टॉप बॉक्स में दो खबरों को लगाया गया है। पहली, एनडीएमसी कर्मचारियों से हुई जालसाजी और दूसरी, फांसी की सजा पर सुनवाई की समय सीमा तय।

लीड सुप्रीम कोर्ट द्वारा मोदी सरकार को लगाई गई फटकार है। वहीं,  पुलवामा हमले की बरसी पर हुई सियासत को भी प्रमुखता के साथ पेज पर रखा गया है। दिल्ली-एनसीआर में निर्माण कार्यों से हटी रोक और एक अप्रैल से बीएस-4 वाहनों की बिक्री पर रोक को भी स्थान मिला है। एंकर में एक अच्छी खबर है। अब आप नोएडा मेट्रो में जन्मदिन पार्टी जैसे आयोजन कर सकेंगे। हालांकि इसके लिए आपको प्रति घंटे के हिसाब से भुगतान भी करना होगा।

आज का किंग कौन?

1: लेआउट हिसाब से यदि देखें तो आज दैनिक भास्कर अव्वल है। वैसे, नवभारत टाइम्स ने भी सीमित जगह में काफी अच्छा फ्रंट पेज तैयार किया है। खास बात यह है कि दैनिक जागरण का पेज भी पिछले दिनों की अपेक्षा बेहतर दिखाई दे रहा है।

2: खबरों की प्रस्तुति में पहले स्थान पर दैनिक भास्कर, और दूसरे नंबर पर नवभारत टाइम्स है।

3: शीर्षक को कलात्मक बनाने का प्रयास आज किसी भी अख़बार में नजर नहीं आ रहा है। हालांकि, नवभारत टाइम्स और दैनिक भास्कर गलती जरूर कर बैठे हैं। नवभारत टाइम्स से जहां पुलवामा पर सियासत की हेडलाइन में गलती हुई है, वहीं दैनिक भास्कर सुप्रीम कोर्ट में अफरा-तफरी के समाचार के शीर्षक में गलती कर बैठा है।

4: खबरों की बात करें, तो राजस्थान पत्रिका ने एक कदम आगे बढ़ाकर खुद को पीछे धकेलने का प्रयास किया है। कर्नाटक के ‘उसैन बोल्ट’ की खबर को जहां फ्रंट पेज पर स्थान दिया गया है, वहीं सुप्रीम कोर्ट की अति महत्वपूर्ण खबर के मामले में अख़बार से चूक हो गई है। वहीं, दैनिक भास्कर ने एक संक्षिप्त खबर से खुद को सबसे आगे पहुंचा दिया है। देश के तीन हवाईअड्डों को मोदी सरकार ने 50 साल के लिए अडाणी समूह को सौंप दिया है। समूह के पास इन हवाईअड्डों के संचालन की जिम्मेदारी होगी।

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दिवालिया होने की कगार पर 30 अखबारों का प्रकाशन करने वाला यह मीडिया समूह

30 दैनिक समाचार पत्रों की प्रकाशक कंपनी ने गुरुवार को दिवालिया होने की घोषणा कर दी है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Friday, 14 February, 2020
Last Modified:
Friday, 14 February, 2020
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अमेरिका के अखबार ‘द सैक्रामेंटो बीट’ (The Sacramento Bee), ‘द मियामी हेराल्ड’ (The Miami Herald) समेत 30 अन्य दैनिक समाचार पत्रों की प्रकाशक कंपनी 'मैकक्लैची' (McClatchy) ने गुरुवार को दिवालिया होने की घोषणा कर दी है। इसके लिए उसने अमेरिकी दिवालियापन कानून के चैप्टर 11 के तहत दिवालियापन के लिए याचिका दायर की है। बता दें कि यह अमेरिका का दूसरा सबसे बड़ा समाचार पत्र समूह है।

फिलहाल यह कंपनी प्रिंट विज्ञापन में हो रही गिरावट और तेजी से बढ़ते डिजिटल बिजनेस की चुनौतियों का सामना कर रही है। कंपनी का रेवन्यू भी लगातार घट रहा है, जिसके चलते कंपनी को अपना कर्ज उतारने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। ऐसा इसलिए क्योंकि अधिकांश पाठक और विज्ञापनदाता अब ऑनलाइन की ओर अपना रुख कर रहे हैं।  

बता दें कि 163 साल पुरानी इस कंपनी पर कुल देनदारियां लगभग 1.6 बिलियन डॉलर की हैं, जबकि इस पर 703 मिलियन डॉलर का कर्ज है। कंपनी ने दिवालियापन कानून के तहत अपने दावे में यह भी जानकारी दी है कि उसके 24,000 रिटायर्ड कर्मचारी हैं, जिन्हें 530 मिलियन डॉलर की पेंशन देनी है और कुछ हजार वर्तमान कर्मचारी हैं, जो पेंशन के लिए पात्र हैं। कंपनी ने बताया कि यह देनदारी उसके बैंक ऋण से बहुत ही ज्यादा है।

हालांकि, इस बीच कंपनी ने ये घोषणा की है कि वह क्षेत्रीय अखबारों का प्रकाशन जारी रखेगी और ऋण का बोझ कम करके इन अखबारों के डिजिटल संस्करण पर ध्यान देगी। साथ ही कंपनी ने यह भी कहा कि इस दौरान 14 राज्यों में उसके जो न्यूजरूम हैं, वह पहले की तरह काम करते रहेंगे।

कंपनी ने दिवालियापन कानून के तहत अपने दावे में कहा है कि उसने एक पुनर्गठन योजना तैयार की है जिसके तहत इन अखबारों का स्वामित्व कैथम एसेट नाम के प्राइवेट इक्विटी निवेशक समूह को सौंपा जाएगा। हालांकि इससे उसका कंपनी से 163 साल से चला आ रहा परिवार का एकाधिकार खत्म हो जाएगा।

कंपनी के निदेशक मंडल के चेयरमैन केविन मैकक्लैची ने कहा, ‘मैकक्लैची परिचालन के हिसाब से मजबूत कंपनी बनी हुई है और स्वतंत्र पत्रकारिता के लिये लगातार प्रतिबद्ध रही है। यह प्रतिबद्धता मेरे परिवार की पांच पीढ़ियों से चली आ रही है।’

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