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आज इन खबरों को मिली अखबारों के फ्रंट पेज पर जगह
अमर उजाला में तीसरे पेज को फ्रंट पेज बनाया गया है, जबकि नवोदय टाइम्स में आज फ्रंट पेज पर कोई बड़ा विज्ञापन नहीं है
नीरज नैयर 6 years ago
मोदी सरकार ने अर्थव्यवस्था की सुस्त रफ्तार को गति देने के लिए कुछ बड़े फैसले लिए हैं। अब इनका परिणाम क्या होगा, यह तो वक्त बताएगा, लेकिन अखबारों की अच्छी आर्थिक स्थिति के इंडिकेटर यानी विज्ञापनों की, दिल्ली से प्रकाशित होने वाले प्रमुख समाचार पत्रों में आज भी भरमार है। आज सबसे पहले अमर उजाला की बात करें तो फ्रंट पेज पर पूरे पेज का विज्ञापन है, जिसकी वजह से तीसरे पेज को फ्रंट बनाया गया है। अखबार ने पूरे सात कॉलम में लगभग आधे पेज तक लीड को जगह दी है। ‘महाविलय...अब सिर्फ 12 सरकारी बैंक’ शीर्षक के साथ लीड को इस अंदाज में पेश किया गया है कि पाठक एक नजर में ही सब कुछ समझ जाए। आज ही मांग भी यही है। अधिकांश लोग पूरी खबर पढ़ने में विश्वास नहीं रखते। वे न्यूज का केवल वही भाग देखते हैं, जो उन्हें जरूरी लगता है, इसलिए अखबार प्रेजेंटेशन पर ज्यादा जोर देने लगे हैं।
लीड में ही जीडीपी की गिरावट को रखा गया है, जो छह साल में सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। यौन शोषण का आरोप झेल रहे पूर्व मंत्री चिन्मयानंद दूसरी बड़ी खबर के रूप में पेज पर हैं। सुप्रीम कोर्ट इस मामले में सख्त रुख अपना रहा है। इस समाचार के पास ही चिदंबरम की मुश्किलों से जुड़ी खबर को डेढ़ कॉलम में जगह मिली है, वह तीन दिन और सीबीआई की हिरासत में रहेंगे। सीबीआई ने देशभर में 150 जगह छापे मारे हैं, अमर उजाला ने इस न्यूज को अपने प्रिय डॉटेड बॉक्स में दो कॉलम उतारा है। एंकर में अयोध्या विवाद की सुनवाई को रखा गया है। हिंदू पक्षकार का तर्क है कि इस्लाम में बाबरी मस्जिद वैध नहीं है।
आज नवोदय टाइम्स का फ्रंट पेज देखें तो इस पर कोई बड़ा विज्ञापन नहीं है। अखबार ने सभी अखबारों से अलग जीडीपी में गिरावट और बैंकों में विलय को एक समान तवज्जो दी है। पहले चार कॉलम में छह साल में सबसे निचले स्तर पर आई जीडीपी को रखा गया है और इसके बाद के चार कॉलम बैंकों के विलय के नाम हैं। नवोदय टाइम्स में पिछले कुछ दिनों से लीड को लेकर सकारात्मक प्रयोग देखने को मिल रहे हैं। यौन शोषण के आरोपित पूर्व मंत्री चिन्मयानंद और चिदंबरम की मुश्किलों को प्रमुखता से लगाया गया है। पाक सेना की ना-पाक हरकतें भी डीप दो कॉलम में हैं। इसके अलावा, बिहार में पान मसाले पर पाबंदी और पीएम मोदी के प्रधान सचिव से जुड़े समाचार को पेज पर जगह मिली है। एंकर में पुष्पेंद्र मिश्रा की स्टोरी है, जिसमें उन्होंने बताया है कि किस तरह मेधावी छात्र को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
वहीं, नवभारत टाइम्स में आज विज्ञापन का आलम यह है कि पांचवें पेज को फ्रंट पेज बनाया गया है और इस पर भी काफी विज्ञापन है। नवभारत ने ‘विकास’ की सुस्ती को लीड बनाया है और बैंकों के विलय को पैकेज के रूप में दो कॉलम में रखा गया है। इसके अलावा पेज पर पाकिस्तान में सिख युवती के धर्मांतरण से जुड़ा वह समाचार भी है, जो कल से ही सोशल मीडिया पर छाया हुआ है। इसके अलावा इस पेज पर चिन्मयानंद से जुड़ी तीन कॉलम खबर के साथ ही कुछ सिंगल खबरें हैं। इसके साथ ही दो कॉलम में फोटो फीचर के रूप में कलर स्क्रीन में लगी एक खबर में बताया गया है कि कैसे एक बच्ची को फ्रैक्चर होने पर प्लास्टर करने के लिए सरकारी अस्पताल में उसकी गुड़िया का 'इलाज' किया गया, तब बच्ची चुप हुई।
यदि हम दैनिक जागरण को देखें तो अखबार में आज जैकेट विज्ञापन है और तीसरा पेज फ्रंट पेज बनाया गया है। अमर उजाला की तरह जागरण ने भी बैंकों के विलय की खबर को तवज्जो दी है और जीडीपी में गिरावट को नीचे अलग से लगाया है। ‘विलय से बलवान बनेंगे सरकारी बैंक’ शीर्षक के साथ लीड की प्रस्तुति आकर्षक है। इसके पास ही दो कॉलम में सीबीआई के देशभर में छापे का समाचार है। पेज पर चौथी और एकमात्र खबर आज आने वाली एनआरसी की अंतिम सूची है, जिसे एंकर में सजाया गया है।
अब हिन्दुस्तान का रुख करते हैं। यहां जैकेट विज्ञापन है और तीसरे पेज को फ्रंट पेज का रूप दिया गया है। लीड अर्थव्यवस्था है, लेकिन बैंकों के विलय के बजाय जीडीपी की गिरावट को प्रमुखता दी गई है। ‘संकट: आर्थिक विकास दर पांच फीसदी पर टिकी’ शीर्षक तले गिरावट के असर और आशंका को भी बतौर ग्राफिक्स दर्शाया गया है। बैंकों का विलय इसके बाद है। लीड के पास ही दो-दो कॉलम में तीन खबरों को रखा गया है। पहली इमरान खान की नई चाल, दूसरी पूर्व मंत्री चिन्मयानंद और तीसरी बिहार में शराब के बाद अब पान मसाले पर भी रोक। यह कहना गलत नहीं होगा कि हिन्दुस्तान इस तरह से डीसी लगाने को लेकर टाइप्ड होता जा रहा है। सीबीआई छापे के साथ ही एनआरसी की अंतिम सूची से जुड़ी खबर को भी प्रमुखता के साथ जगह दी गई है। एंकर में काम की खबर है, जिसे आज सबसे ज्यादा पढ़ा जाएगा। ‘कल से बदल जाएंगे यातायात, बीमा और कर से जुड़े नियम’ हेडलाइन के साथ नियमों में बदलाव को समझाया गया है।
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