होम / प्रिंट / हिंदी अखबारों के फ्रंट पेज पर आज इन खबरों को मिली तवज्जो
हिंदी अखबारों के फ्रंट पेज पर आज इन खबरों को मिली तवज्जो
दैनिक जागरण में आज दो फ्रंट पेज बनाए गए हैं। हिन्दुस्तान, अमर उजाला और नवभारत टाइम्स में आज फ्रंट पेज पर दो बड़े विज्ञापन हैं
नीरज नैयर 6 years ago
महाराष्ट्र के सियासी घटनाक्रम से भले ही नेताओं का बीपी घटता-बढ़ता रहा हो, लेकिन पत्रकारों के लिहाज से सब ठीक रहा, क्योंकि उन्हें फ्रंट पेज की लीड के लिए ज्यादा मशक्कत नहीं करनी पड़ी। आज भी अखबारों में महाराष्ट्र ही लीड है। आज सबसे पहले दैनिक जागरण की बात करें तो अखबार में दो फ्रंट पेज बनाये गए हैं। पहले पेज पर मात्र दो बड़ी खबरें हैं। पहली लीड, जिसे ‘महाराष्ट्र में आज से ठाकरे राज’ शीर्षक तले लगाया गया है और दूसरी नई शिक्षा नीति लागू करने का फैसला टला। सरकार अब अगले साल यह कवायद करेगी। दूसरे फ्रंट पेज पर कोई बड़ा विज्ञापन नहीं है, इस वजह से काफी खबरों को स्थान मिला है।
टॉप बॉक्स में अंतरिक्ष में हमारी छलांग को जगह मिली है, जबकि लीड अयोध्या विवाद के फिर से उत्पन्न होने से जुड़ी है। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर करने का फैसला लिया है। एसपीजी सुरक्षा पर गृहमंत्री अमित शाह की सफाई को भी बड़ी जगह मिली है। साध्वी प्रज्ञा ठाकुर से जुड़ी खबर को अखबार ने सबसे नीचे दो कॉलम में रखा है। वहीं, पंजाब के चर्चित 144 करोड़ के घोटाले में मुख्यमंत्री सहित सभी के बरी होने के समाचार को चार कॉलम जगह दी गई है। इसके अलावा, पेज पर स्थानीय अपराध की खबर के साथ ही एंकर में सुधा मूर्ति की कहानी को बताया गया है। मूर्ति केबीसी के फिनाले एपिसोड में नजर आएंगी।
अब दैनिक भास्कर के फ्रंट पेज पर नजर डालें तो पेज की शुरुआत अंतरिक्ष में हमारी छलांग से हुई है। लीड महाराष्ट्र है, जिसमें सुप्रिया सुले और अजित पवार की ‘ऑल इज वेल’ दर्शाती तस्वीर को लगाया गया है। ये तस्वीर सियासी समीकरणों की अहम कहानी बयां करती है, इसलिए इसे तवज्जो मिलनी ही चाहिए थी। साध्वी प्रज्ञा को भी तीन कॉलम में रखा गया है। इसके नीचे डेढ़-डेढ़ कॉलम में तीन खबरें हैं और एंकर में इंडोनेशिया से जुड़ी एक रोचक स्टोरी है। इंडोनेशिया की सरकार ने शादी से पहले जोड़ों के लिए 3 महीने का कोर्स अनिवार्य किया है। अब कोर्स क्या है और इसकी जरूरत क्यों पड़ी, इसके लिए आपको खबर पढ़नी होगी।
आज हिन्दुस्तान के फ्रंट पेज पर दो बड़े विज्ञापन हैं। लीड महाराष्ट्र है। दिल्ली में बारिश को प्रमुखता के साथ टॉप में रखा गया है। प्याज की बढ़ती कीमतों को भी अखबार ने प्रमुखता दी है। एसपीजी सुरक्षा पर अमित शाह की सफाई और अयोध्या पर मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का निर्णय भी फ्रंट पेज पर है। बोर्ड सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर करेगा।
वहीं, अमर उजाला ने फ्रंट पेज की शुरुआत टॉप बॉक्स से की है, जिसमें अंतरिक्ष में हमारी मजबूत हुई निगरानी को सजाया गया है। लीड महाराष्ट्र है और प्रज्ञा ठाकुर को तीसरी प्रमुख खबर के रूप में पेश किया गया है। हल्की बारिश से दिल्ली को मिली राहत भी पेज पर है। इसके अलावा दलाईलामा और अमित शाह को भी पर्याप्त जगह मिली है। दलाईलामा ने चीन का प्रस्ताव नकारते हुए अपना उत्तराधिकारी खुद चुनने का फैसला लिया है। वहीं अमित शाह ने गांधी परिवार की एसपीजी सुरक्षा के संबंध में संसद में सफाई दी।
सबसे आखिर में आज रुख करते हैं नवभारत टाइम्स का। ‘उद्धव सेना के सिपहसालार कौन, चेहरों पर है सस्पेंस’ शीर्षक के साथ लीड लगाई गई है। इसमें अजित के साथ पर अमित शाह की सफाई और सुप्रिया-अजित की फोटो भी है। साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने संसद में फिर बापू के हत्यारे गोडसे की शान में कसीदे पढ़े हैं। इस खबर को फ्रंट पेज पर तीन कॉलम में रखा गया है।
दिल्ली में कल का दिन विरोध-प्रदर्शनों के नाम रहा। जेएनयू के छात्रों ने जहां कनाट प्लेस पर प्रदर्शन किया, वहीं दिव्यांगों ने अपनी मांगों को लेकर मंदी हाउस पर धरना दिया। नतीजतन लोगों को जाम से दो-चार होना पड़ा। इस खबर को भी अखबार ने प्रमुखता से पेज पर जगह दी है। इसके अलावा पेज पर तीन सिंगल खबरें, मसलन-‘हल्की बारिश से दिल्ली को मिली साफ हवा, अशोक खेमका का 53वीं बार तबादला, सेना में अवैध तरह से भर्ती कराने वाले गैंग का भंडाफोड़’ रखी गई हैं। संक्षिप्त में भी कुछ समाचारों को रखा गया है।
आज का किंग कौन?
1: लेआउट के लिहाज से आज ‘दैनिक भास्कर’ अव्वल है, जबकि ‘अमर उजाला’ और ‘हिन्दुस्तान’ के फ्रंट पेज भी आकर्षक नजर आ रहे हैं।
2: खबरों की प्रस्तुति में ‘दैनिक भास्कर’ और ‘नवभारत टाइम्स’ सबसे आगे हैं। दोनों ने लीड में सियासी समीकरणों को बयां करने वाली सुप्रिया सुले और अजित पवार की तस्वीर को जगह दी है।
3: कलात्मक शीर्षक पर वैसे तो किसी अखबार ने ज्यादा जोर नहीं दिया है, फिर भी ‘अमर उजाला’ और ‘दैनिक जागरण’ को अव्वल कहा जा सकता है। दोनों ने लीड की हेडलाइन लगभग एक जैसी लगाई है, ‘महाराष्ट्र में आज से ठाकरे राज’।
टैग्स हिन्दुस्तान दैनिक जागरण अमर उजाला दैनिक भास्कर नवभारत टाइम्स न्यूजपेपर कवरेज न्यूजपेपर्स अखबारों का विश्लेषण अखबार समीक्षा