हिंदी अखबारों ने फ्रंट पेज पर आज रखीं ये खबरें

नवोदय टाइम्स में आज फ्रंट पेज पर आधा पेज विज्ञापन है, जबकि दैनिक जागरण में कल की तरह आज भी तीसरे पेज को फ्रंट पेज बनाया गया है

नीरज नैयर by नीरज नैयर
Published - Saturday, 24 August, 2019
Last Modified:
Saturday, 24 August, 2019
Newspapers

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर अर्थव्यवस्था की सुस्त रफ्तार को गति देने के लिए मोदी सरकार ने कुछ बड़ी घोषणाएं कीं और इन्हीं घोषणाओं को लगभग सभी अखबारों ने अपने फ्रंट पेज पर प्रमुखता से लगाया है। आज नवोदय टाइम्स के फ्रंट पेज से शुरुआत करें तो अखबार में इस पेज पर आधा पेज विज्ञापन है, इसलिए महज तीन बड़ी खबरों को ही लगाया जा सका है। लीड को ‘मंदी पर मरहम, अर्थव्यवस्था को पैकेज’ शीर्षक के साथ पांच कॉलम में बड़ी जगह मिली है। इसके पास दो कॉलम में चिदंबरम और फ्रांस में मोदी का भारतीयों के नाम संबोधन है। वायुसेना की कार्रवाई और पाकिस्तान की नई आफत से जुड़ी खबर को संक्षिप्त में रखा गया है।

वहीं, नवभारत टाइम्स ने फ्रंट पेज पर जन्माष्टमी और घोषणाओं को जोड़ते हुए लीड का शीर्षक ‘निर्मला ने फोड़ी हांडी, सबके लिए मलाई’ तैयार किया है। सबके लिए मलाई इसलिए कहा जा सकता है, क्योंकि आम आदमी से लेकर बैंकों-उद्योगों तक को वित्तमंत्री ने राहत प्रदान की है। लीड के पैकेज में दही हांड़ी फोड़ते हुए बच्चों की फोटो भी लगाई गई है, जिससे शीर्षक पूरी तरह से स्पष्ट हो गया है। पेज पर दूसरी बड़ी खबर चिदंबरम हैं, जिन्हें ईडी से तो फौरी राहत मिली है, लेकिन सीबीआई से नहीं। दिग्गज कांग्रेसी नेताओं के मोदी गुणगान को अखबार ने सिंगल में रखा है और गलती से अपना हेलिकॉप्टर मार गिराने वाले वायुसेना के पांच अधिकारियों से जुड़े समाचार को प्रमुखता के साथ दो कॉलम में लगाया गया है। इसके अलावा पेज पर फ्रांस में पीएम मोदी का आर्टिकल 370 पर दिया बयान है और इसी में वैल्यू एडिशन के रूप में पाक की नई आफत को रखा गया है। एंकर में स्थानीय महत्व की खबर को जगह मिली है। इसके अनुसार, एनसीआर में आने-जाने के लिए कैब मिलने में आज से दिक्कत होगी।

इसके अलावा दैनिक जागरण में आज भी विज्ञापनों की बौछार के चलते तीसरे पेज को फ्रंट पेज बनाया गया है। लीड को टॉप में पूरे आठ कॉलम जगह मिली है, जिसका शीर्षक ‘सुस्ती पर 32 सूत्री प्रहार, आगे और उपाय तैयार’ बेहद आकर्षक है। अन्य प्रमुख खबरों में चिदंबरम और पाकिस्तान की नई आफत हैं। टेरर फंडिग पर नजर रखने वाली वैश्विक संस्था ने पाक को काली सूची में डाल दिया है। नोटबंदी के दौरान अवैध लेन-देन के दोषी पंजाब नेशनल बैंक के तीन पूर्व अधिकारियों को कारावास का समाचार भी जागरण के फ्रंट पेज पर है, जबकि नवभारत टाइम्स से इस मामले में चूक हो गई है। इसी तरह जागरण वायुसेना के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की महत्वपूर्ण खबर के मामले में चूक कर गया है। यह समाचार छोटे या बड़े किसी भी रूप में फ्रंट पेज पर नहीं है। एंकर को पीएम मोदी की फ्रांस यात्रा के नाम समर्पित किया गया है।

आज अमर उजाला के फ्रंट पेज पर नजर डालें तो टॉप में सात कॉलम में वित्त मंत्री की सौगात है, जिसे बेहद खूबसूरत अंदाज में प्रस्तुत किया गया है। बैंक अफसरों को मिली सजा के खबर को भी प्रमुखता के साथ चार कॉलम में रखा गया है। पेज पर श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का एक सुंदर फोटो भी है। चिदंबरम को आज तीसरी प्रमुख खबर के रूप में फ्रंट पेज पर जगह मिली है। अमर उजाला ने आईएनएस बेतवा हादसे में नौसेना अधिकारियों पर कार्रवाई की खबर को पेज पर लगाया है, लेकिन वायुसेना की कार्रवाई से जुड़ी न्यूज नदारद है जबकि ये समाचार भी उतना ही महत्वपूर्ण था। एंकर में पाकिस्तान की नई आफत को विस्तार से समझाया गया है।

नोटः हिन्दुस्तान का ई-पेपर ओपन न होने के कारण आज इस अखबार को समीक्षा में शामिल नहीं किया जा सका है।

आप अपनी राय, सुझाव और खबरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। (हमें फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन और यूट्यूब पर फॉलो करें)

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

डिजिटल मीडिया की पेचीदियों को हिंदी में समझाती है शैलेंद्र तिवारी की नई किताब

शैलेंद्र तिवारी ने पत्रकारिता में भविष्य तलाशने वाले उन युवाओं को ध्यान में रखकर यह किताब तैयार की है, जिन्हें सबकुछ विस्तार में और सरल शब्दों में समझने की जरूरत होती है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Tuesday, 19 November, 2019
Last Modified:
Tuesday, 19 November, 2019
Shailendra Tiwari

यदि आप डिजिटल मीडिया को गहराई से समझना चाहते हैं, लेकिन भाषा आड़े आ रही है तो अब परेशान होने की जरूरत नहीं है। वरिष्ठ पत्रकार शैलेंद्र तिवारी ने डिजिटल मीडिया को अंग्रेजी की पेचीदियों से निकालकर हिंदी में प्रस्तुत किया है। उनकी किताब ‘डिजिटल मीडिया–खबर, फेसबुक और वॉट्सऐप’ बाजार में आने वाली है। खास बात यह है कि तिवारी ने पत्रकारिता में भविष्य तलाशने वाले उन युवाओं को ध्यान में रखकर किताब तैयार की है, जिन्हें सबकुछ विस्तार में और सरल शब्दों में समझने की जरूरत होती है।

इस किताब में आपको डिजिटल मीडिया से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी मिल जाएगी। साथ ही इसमें तिवारी ने यह भी बताया है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वालीं खबरों की हकीकत का पता कैसे लगाया जाए। मौजूदा वक्त में यह बेहद महत्वपूर्ण विषय है, क्योंकि कई नामी-गिरामी मीडिया संस्थान भी सोशल मीडिया के फेर में उलझकर कई बार अपनी फजीहत करा चुके हैं।

डिजिटल मीडिया पर किताब लिखने का ख्याल कैसे आया, इस बारे में शैलेंद्र तिवारी ने समाचार4मीडिया को बताया, ‘ये एक ऐसा विषय है जिस पर कंटेंट तो काफी है, लेकिन हिंदी में विकल्प बेहद सीमित हो जाते हैं। इसलिए मैंने सोचा कि डिजिटल मीडिया को अंग्रेजी की पेचीदियों से निकालकर हिंदी के सरल शब्दों में प्रस्तुत किया जाए। किताब में भारी-भरकम शब्दों को सरल भाषा में समझाया गया है।‘

शैलेंद्र तिवारी के अनुसार, ‘इस किताब में डिजिटल मीडिया की बारीकियों के साथ ही यह भी बताने का प्रयास किया गया है कि सोशल मीडिया ने न्यूज रूम की परिभाषा को किस हद तक बदल दिया है। मुझे पूरी उम्मीद है कि डिजिटल मीडिया में भविष्य बनाने वाले युवाओं के लिए यह किताब बेहद कारगर साबित होगी। साथ ही वह पत्रकार भी इसका लाभ उठा सकते हैं, जो प्रिंट-टीवी में हैं, लेकिन डिजिटल मीडिया के बारे में जानना चाहते हैं।‘

मध्य प्रदेश पत्रिका समूह की डिजिटल विंग के प्रमुख शैलेंद्र तिवारी इससे पहले एक और किताब लिख चुके हैं। उनके फिक्शन नॉवल ‘रावण एक अपराजित योद्धा’ को काफी पसंद किया गया था। इस किताब में रामायण को रावण की दृष्टि से समझाया गया है। जल्द ही ‘रावण एक अपराजित योद्धा’ का सीक्वल भी बाजार में आने वाला है, जिसका नाम है ‘लंका रावण की नगरी’।

मूलरूप से उत्तर प्रदेश निवासी तिवारी पिछले 13 वर्षों से पत्रिका समूह से जुड़े हुए हैं। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत 2002 में मध्य प्रदेश से प्रकाशित होने वाले अखबार ‘स्वदेश’ से की। इसके बाद ‘नवभारत’, ‘नई दुनिया’ जैसे मीडिया संस्थानों से होते हुए पत्रिका समूह का दामन थामा और पिछले 13 सालों से यहीं सेवाएं दे रहे हैं। 

शैलेंद्र तिवारी को अपनी नई किताब के लिए समाचार4मीडिया की ओर से बधाई एवं शुभकामनाएं!

आप अपनी राय, सुझाव और खबरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। (हमें फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन और यूट्यूब पर फॉलो करें)

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

बाजार में जल्द दिखेगी वरिष्ठ पत्रकार अकु श्रीवास्तव की नई किताब

21 नवंबर को दिल्ली में आयोजित एक समारोह में किया जाएगा किताब का लोकार्पण

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Tuesday, 19 November, 2019
Last Modified:
Tuesday, 19 November, 2019
AAKU SRIVASTAVA

लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी ने शानदार जीत दर्ज कर प्रधानमंत्री के रूप में दूसरा कार्यकाल शुरू किया है। चुनाव और मोदी की दोबारा ताजपोशी के साथ ही इस दौरान राजनीति से जुड़ीं तमाम महत्वपूर्ण घटनाओं को ‘पंजाब केसरी’ ग्रुप के हिंदी अखबार 'नवोदय टाइम्स‍' के एग्जिक्युटिव एडिटर अकु श्रीवास्तव ने एक किताब की शक्ल दी है। ‘चुनाव 2019 कहानी मोदी 2.0 की’ शीर्षक से लिखी गई इस किताब का लोकार्पण 21 नवंबर 2019 को किया जाएगा।

नई दिल्ली में रफी मार्ग स्थित कांस्टीट्यूशन क्लब के स्पीकर हॉल में गुरुवार की शाम पांच बजे आयोजित एक समारोह में किताब का लोकार्पण केंद्रीय कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद के हाथों होगा। कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार राहुल देव और ‘CVoter’ के संस्थापक एवं चुनाव विश्लेषक यशवंत देशमुख विशिष्ट अतिथि के तौर पर शामिल रहेंगे। इस किताब का प्रकाशन ‘प्रभात प्रकाशन’ ने किया है।

बता दें कि अकु श्रीवास्तव की गिनती देश के बड़े पत्रकारों में होती है। मूल रूप से लखनऊ के रहने वाले अकु श्रीवास्तव को पत्रकारिता के क्षेत्र में काम करने का काफी लंबा अनुभव है। पूर्व में वह दैनिक जागरण, नवभारत टाइम्स, राजस्थान पत्रिका, एक्सप्रेस ग्रुप, अमर उजाला और हिन्दुस्तान टाइम्स समूह में अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं।

आप अपनी राय, सुझाव और खबरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। (हमें फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन और यूट्यूब पर फॉलो करें)

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

फ्रंट पेज की खबरों को लेकर अखबारों ने आज अपनाई ये स्ट्रैटेजी

दैनिक जागरण के फ्रंट पेज पर तीन जबकि हिन्दुस्तान, नवभारत टाइम्स और अमर उजाला के फ्रंट पेज पर दो बड़े विज्ञापन हैं। दैनिक भास्कर के फ्रंट पेज पर एक बड़ा विज्ञापन है

नीरज नैयर by नीरज नैयर
Published - Tuesday, 19 November, 2019
Last Modified:
Tuesday, 19 November, 2019
Newspapers

मोदी सरकार कई सरकारी कंपनियों को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी कर रही है। वहीं, जेएनयू एक बार फिर संग्राम स्थल बन गया है। उधर, महाराष्ट्र का सियासी संकट भी खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। दिल्ली से प्रकाशित होने वाले प्रमुख अखबारों में आज यही खबरें सुर्खियों में हैं। शुरुआत आज सबसे पहले दैनिक जागरण से करते हैं। अखबार में फ्रंट पेज पर तीन बड़े विज्ञापन हैं। टॉप में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के फैसले को रखा गया है। बिजली, पानी और बसों में मुफ्त यात्रा की सौगात के बाद अब केजरीवाल ने सीवर कनेक्शन का शुल्क भी माफ कर दिया है। इसके पास ही सियाचिन में हिमस्खलन की खबर है। इस हादसे में सेना के 4 जवान और 2 पोर्टर शहीद हो गए हैं।

लीड की बात करें तो महाराष्ट्र के सियासी संग्राम को सबसे बड़ी खबर के रूप में पेश किया गया है। दरअसल, राकांपा प्रमुख शरद पवार ने कल दिल्ली में सोनिया गांधी से मुलाकात की। माना जा रहा था कि इस मुलाकात में सरकार गठन का फार्मूला तय होगा, मगर ऐसा हुआ नहीं। पवार ने तो यहां तक कह दिया कि अभी इस पर कोई चर्चा नहीं हुई है। इसके अलावा, पेज पर राज्यसभा के 250वें सत्र के दौरान दिया गया पीएम मोदी का भाषण है। अखबार ने फीस वृद्धि को लेकर सड़कों पर उतरे जेएनयू छात्रों की खबर को संक्षिप्त में लगाया है।

अब नजर डालते हैं दैनिक भास्कर पर। टॉप बॉक्स में महाराष्ट्र के सियासी संग्राम को लगाया गया है। इसी में पीएम मोदी द्वारा राकांपा की तारीफ का भी जिक्र है। लीड जेएनयू विवाद है। जेएनयू के छात्र फीस वृद्धि के लेकर आंदोलन कर रहे हैं। इसे अखबार ने ‘बढ़ी फीस पर बड़ा बवाल’ शीर्षक के साथ समझाया है। सियाचिन के हिमस्खलन को पेज पर बड़ी जगह मिली है।

इसके पास ही पाकिस्तान में तख्तापलट की आशंका से जुड़ा समाचार है। सेना प्रमुख से मुलाकात के बाद पाक प्रधानमंत्री इमरान खान छुट्टी पर चले गए हैं। लिहाजा माना जा रहा है कि पाकिस्तान में एक बार फिर तख्तापलट हो सकता है। एंकर में विजय उपाध्याय की अयोध्या पर केंद्रित खास स्टोरी है। इस स्टोरी में उन्होंने बताया है कि मंदिर पर हमले के विरोध में 500 सालों से नंगे सिर-पैर घूम रहे 105 गांवों के क्षत्रिय अब पगड़ी और जूते पहनेंगे। इसके अलावा, चीफ जस्टिस की फोटो को भी पेज पर रखा गया है। 

आज हिन्दुस्तान के फ्रंट पेज पर दो बड़े विज्ञापन हैं, लेकिन पेज पर खबरों की कोई कमी नहीं है। लीड सबसे अलग, केंद्र सरकार की सरकारी कंपनियों को बेचने की तैयारी है। वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर ने संसद में बताया है कि सरकार 28 सरकारी कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी बेचेगी। जेएनयू में संग्राम को बड़ी फोटो के साथ टॉप में रखा गया है।

अखबार ने आज महाराष्ट्र के सियासी संग्राम को ज्यादा तवज्जो नहीं दी है, जबकि दिल्ली में हवा के बाद पानी की सियासत को प्रमुखता के साथ पेज पर रखा गया है। पानी की गुणवत्ता को लेकर केजरीवाल और केंद्र सरकार आमने-सामने आ गए हैं। वहीं दिल्ली की जहरीली हवा और सियाचिन के हिमस्खलन को दो-दो कॉलम में लगाया गया है। इसके अलावा, महंगी होंगी कॉल और मुफ्त सीवर कनेक्शन को सिंगल में जगह मिली है।

अब अमर उजाला की बात करें तो फ्रंट पेज पर दो बड़े विज्ञापन हैं। लीड शीतकालीन सत्र में पीएम मोदी के बयान को बनाया गया है। साथ ही इसमें महाराष्ट्र के सियासी संग्राम का भी जिक्र है। सियाचिन के हिमस्खलन को दो कॉलम के डॉटेड बॉक्स में रखा गया है। जेएनयू के संग्राम को भी तवज्जो मिली है, यह समाचार चार कॉलम में है।

इसके अलावा पेज पर पीएनबी और यूबीआई में अन्य बैंकों के विलय को सैद्धांतिक मंजूरी और पाकिस्तान में दो भारतीयों की गिरफ्तारी से जुड़ा समाचार भी है। पाक का दावा है कि उसने अवैध तरीके से मुल्क में घुस रहे दो भारतीयों को गिरफ्तार किया है। वहीं, दिल्ली में मुफ्त सीवर कनेक्शन की खबर सबसे नीचे दो कॉलम में हैं। इसके साथ ही महंगी कॉल दरों के समाचार को भी जगह मिली है। मां के आशीर्वाद के साथ अपने कामकाज की शुरुआत करते चीफ जस्टिस की फोटो पहले कॉलम में सबसे ऊपर है।

सबसे आखिर में आज नवभारत टाइम्स का रुख करते हैं। फ्रंट पेज की शुरुआत छह कॉलम टॉप बॉक्स से हुई है, जिसमें जेएनयू के संग्राम को रखा गया है। शेष दो कॉलम में सियाचिन का हिमस्खलन है, जिसमें चार सैनिक शहीद हो गए हैं। ‘दैनिक जागरण’ की तरह ‘नवभारत टाइम्स’ ने भी महाराष्ट्र के सियासी संग्राम को लीड का दर्जा दिया है। हालांकि,  ‘नवभारत टाइम्स’ ने खबर को अलग एंगल से उठाकर उसे एक नया रूप दे दिया है। ‘मोदी का पवार प्ले’  शीर्षक से साथ लगी यह खबर केवल महाराष्ट्र के सियासी संग्राम का ही जिक्र नहीं करती, बल्कि उसमें नरेंद्र मोदी की अहम भूमिका को भी रेखांकित करती है। मोदी ने संसद में राकांपा की तारीफ करके पवार के शिवसेना की तरफ बढ़ते क़दमों को रोकने का प्रयास किया है।

दिल्ली की हवा पिछले दो दिनों से बेहतर हुई है, इसके मद्देनजर केजरीवाल सरकार ने ऑड-ईवन को बंद कर दिया है। ‘नवभारत टाइम्स’ ने इस समाचार को प्रमुखता से लगाया है। इसी में दिल्ली के पानी को लेकर शुरू हुई सियासत का भी जिक्र है। मुफ्त सीवर कनेक्शन को सिंगल में अलग से रखा गया है। चीफ जस्टिस बोबडे ने अपनी मां का आशीर्वाद लेकर कामकाज की शुरुआत की, इसे फोटो के रूप में पेज पर रखा गया है। इसके अलावा, एयरटेल और वोडाफोन के ग्राहकों के लिए एक बुरी खबर को भी फ्रंट पेज पर जगह मिली है। दोनों ही कंपनियां कॉल महंगी करने जा रही हैं।

आज का ‘किंग’ कौन?

1: लेआउट के मामले में आज सभी अखबार अच्छे नजर आ रहे हैं। लिहाजा किसी एक को अव्वल कहना गलत होगा।

2: खबरों की प्रस्तुति की जहां तक बात है तो आज ‘दैनिक भास्कर’ और ‘नवभारत टाइम्स’ अव्वल हैं। दोनों के लीड और टॉप बॉक्स बेहद आकर्षक नजर आ रहे हैं। वैसे, अमर उजाला ने भी लीड को अच्छे से प्रस्तुत किया है।

3: कलात्मक शीर्षक आज दो अखबारों में देखने को मिला है। ‘नवभारत टाइम्स’ और ‘दैनिक भास्कर’ दोनों ने लीड के शीर्षक में प्रयोग किया है।

4: खबरों के लिहाज से फ्रंट पेज देखें तो ‘अमर उजाला’ और ‘दैनिक भास्कर’ बाकियों से कुछ आगे हैं। ‘अमर उजाला’ में जहां पाक में भारतीयों की गिरफ्तारी की खबर है, वहीं ‘दैनिक भास्कर’ में पाकिस्तान में तख्तापलट की आशंका से जुड़ा समाचार है।

आप अपनी राय, सुझाव और खबरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। (हमें फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन और यूट्यूब पर फॉलो करें)

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

इकनॉमी की ABCD समझाने का संपादक ने निकाला ये ‘लल्लनटॉप’ तरीका

पत्रकारिता के फील्ड में जितना हिस्ट्री और राजनीति को समझना जरूरी है, उतना ही भारत की इकनॉमी को समझना भी जरूरी है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Monday, 18 November, 2019
Last Modified:
Monday, 18 November, 2019
Economy

आम जनता ही नहीं, पत्रकारिता के फील्ड में आने वाले तमाम नवोदित पत्रकारों और पत्रकारिता की पढ़ाई कर रहे छात्र-छात्राओं की भी बड़ी समस्या है भारत की इकनॉमी को समझना। पत्रकारिता के फील्ड में जितना हिस्ट्री और राजनीति को समझना जरूरी है, उतना ही भारत की इकनॉमी को समझना भी जरूरी है। ऐसे में सरल भाषा में, सुलभ अंदाज में, वो भी हिंदी में अगर आप समझना चाहें तो जॉइन करिए अंशुमान तिवारी सर की क्लास। अंशुमान तिवारी ‘इंडिया टुडे’ (हिंदी) के संपादक हैं और उनकी एक ‘क्लास’ लगती है ‘टीवी टुडे’ ग्रुप के यूट्यूब चैनल 'लल्लनटॉप' पर हर रविवार सुबह 10:00 बजे। वैसे आप उनके पुराने शो बाद में भी ‘लल्लनटॉप’ के चैनल और साइट पर देख सकते हैं।

अंशुमान तिवारी को बिजनेस पत्रकारिता का लगभग तीन दशक का अनुभव है, ‘इंडिया टुडे’ जॉइन करने से पहले नई पत्रकारों की पीढ़ी इकनॉमी की एबीसीडी समझने के लिए उन्हें ‘मनी भास्कर डॉट कॉम’ और ‘दैनिक जागरण’ में पढ़ा करती थी। ‘दैनिक जागरण’ के साथ उन्होंने अपने करियर का लंबा समय बिताया है। हालांकि ‘इंडिया टुडे’ जॉइन करने के बाद उन्हें तमाम मसलों में स्पेशल स्टोरीज में वक्त देना पड़ता है। साथ में साहित्य विशेषांक, सेक्स विशेषांक जैसे स्पेशल एडिशन में सिर खपाने के बावजूद अंशुमान तिवारी अपने एडिटोरियल को मोटे तौर पर इकनॉमी पर ही फोकस करते हैं और उनके एडिटोरियल कॉलम का नाम है 'अर्थात' और टैगलाइन है धन की बात।

इसी नाम और इसी टैगलाइन के साथ अंशुमान तिवारी अब यूट्यूब पर भी उपलब्ध हैं ‘लल्लनटॉप’ के चैनल पर। जो उनके कॉलम से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हो पाते और उन्हें लगता है अंशुमान थोड़ा और विस्तार से बताते तो ऐसे सभी लोगों के लिए लल्लनटॉप ने शुरू किया है उनके साथ एक शो 'अर्थात'। इस शो में लल्लनटॉप की ओर से उनके ताजा कॉलम पर चर्चा की जाती है। साथ में पाठकों और दर्शकों के पत्र भी लिए जाते हैं। इसमें अंशुमान तिवारी कॉलम के अलावा भी कई मुद्दों पर आसान भाषा में समझाते हैं।

आरसीईपी क्या है, भारत पर उसका क्या असर पड़ेगा, NSO की रिपोर्ट कैसे तैयार होती है, मंदी क्यों आ रही है, सरकार कहां गलती कर रही है, एयर इंडिया के विनिवेश से क्या फर्क पड़ेगा, बीएसएनएल के मामले में सरकार को क्या करना चाहिए, गिरती जीडीपी और सरकार की नीतियों का आपस में क्या ताल्लुक है,‌कहां इन्वेस्टमेंट करें हैं और कहां नहीं करें? ऐसे तमाम रोजमर्रा के आर्थिक मुद्दे होते हैं, जिनसे न केवल आम आदमी का वास्ता पड़ता है, बल्कि नवोदित पत्रकारों का भी। ऐसे में उन सभी के लिए अंशुमान तिवारी का यह हिंदी में शो वाकई में रामबाण साबित हो सकता है।

आप उनका लेटेस्ट शो नीचे देख सकते हैं, इकॉनॉमी को सरलता से समझने के लिए उनके अन्य शो भी आपको यूट्यूब पर मिल जाएंगे।

आप अपनी राय, सुझाव और खबरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। (हमें फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन और यूट्यूब पर फॉलो करें)

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

किस अखबार का कैसा रहा आज का फ्रंट पेज, देखें यहां

दैनिक जागरण में आज दो फ्रंट पेज बनाये गए हैं, जबकि दैनिक भास्कर में फ्रंट पेज पर आधा पेज विज्ञापन है। हिन्दुस्तान के फ्रंट पेज पर दो और अमर उजाला व नवभारत टाइम्स के फ्रंट पेज पर एक बड़ा विज्ञापन है।

नीरज नैयर by नीरज नैयर
Published - Monday, 18 November, 2019
Last Modified:
Monday, 18 November, 2019
Newspapers

यदि आप सोच रहे हैं कि अयोध्या विवाद आखिरकार निपट गया तो आप गलत हैं। इस विवाद का ‘नया अध्याय’ शुरू होने जा रहा है। दिल्ली से प्रकाशित होने वाले अखबारों ने आज इसी बात को प्रमुखता से उठाया है। शुरुआत दैनिक भास्कर से करते हैं। फ्रंट पेज पर आधा पेज विज्ञापन है। इसके बावजूद पाठकों के समक्ष ज्यादा से ज्यादा खबरें प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है। लीड अयोध्या है और दूसरी बड़ी खबर के रूप में प्रताप क्षेत्री की बाईलाइन स्टोरी है। उन्होंने बताया है कि मिजोरम के सैनिक स्कूल में पहली बार 12 लड़कियों को दाखिला मिला है।

भाजपा-शिवसेना में बढ़ती दूरियों के साथ ही सबरीमाला मंदिर की खबर को भी पेज पर रखा गया है। आज से शुरू होने वाले शीतकालीन सत्र को अखबार ने सिंगल में लगाया है। इसी के साथ दो अन्य महत्वपूर्ण सिंगल खबरें भी फ्रंट पेज पर हैं। पहली, गौतम गंभीर के ‘लापता’ होने की। दरअसल, सांसद महोदय को लेकर दिल्ली में पोस्टर लगाये गए हैं, जिन पर लिखा है ‘लापता...क्या आपने इन्हें देखा है? आखिरी बार इंदौर में जलेबी खाते देखा गया था’। दूसरी, निर्भया केस फिर से एक अन्य अदालत में ट्रांसफर कर दिया गया है।

आज हिन्दुस्तान के फ्रंट पेज पर दो बड़े विज्ञापन हैं। इसके बावजूद पाठकों के पढ़ने के लिए पेज पर काफी कुछ है। लीड अयोध्या है, जिसे ‘अयोध्या पर आदेश को चुनौती देगा बोर्ड’ शीर्षक तले तीन कॉलम में रखा गया है। पेज पर स्कन्द विवेक धर की बाईलाइन को प्रमुखता से स्थान मिला है, जो बता रहे हैं कि आयुष्मान योजना का लाभ उठाने में यूपी और बिहार फिसड्डी साबित हुए हैं। दिल्ली को प्रदूषण से मिली मामूली राहत के साथ ही शीतसत्र से पहले पीएम मोदी के बयान को भी पेज पर रखा गया है। मोदी का कहना है कि हम सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार हैं।

फर्जीवाड़े से जुड़ी एक खबर को चार कॉलम में लगाया गया है। दिल्ली पुलिस ने फर्जी कॉल सेंटर पर कार्रवाई करते हुए 35 लोगों को गिरफ्तार किया है, ये लोग अब तक कनाडा के 500 से ज्यादा लोगों को करोड़ों का चूना लगा चुके हैं। इसके अलावा, पेज पर पांच सिंगल समाचार भी हैं। इनमें ‘जस्टिस बोबडे आज लेंगे शपथ’, ‘जेएनयू में तोड़फोड़ के खिलाफ केस दर्ज’, राजपक्षे ने राष्ट्रपति चुनाव में जीत दर्ज की’ और ‘आगरा का नाम बदलने की तैयारी’ शामिल हैं।

वहीं, अमर उजाला के फ्रंट पेज पर भी बड़ा विज्ञापन है। लीड अयोध्या है और इसके पास ही संसद के शीतकालीन सत्र में सरकार की मुश्किलें बढ़ाने वाले मुद्दों के बारे में बताया गया है। फर्जी कॉल सेंटर पर छापेमारी सहित जस्टिस बोबडे और राजपक्षे की खबर को भी फ्रंट पेज पर रखा गया है। जस्टिस बोबडे आज चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया का पदभार संभालेंगे। वहीं, राजपक्षे एक बार फिर से श्रीलंका के राष्ट्रपति चुन लिए गए हैं।

दिल्ली की हवा में आये सुधार को एंकर में जगह मिली है। घाटी में हुए आईईडी ब्लास्ट को दो कॉलम में रखा गया है। इस धमाके में एक जवान शहीद हो गया, जबकि दो घायल हैं। इसके अलावा, कश्मीर के राजनीतिक बंदियों और नक्सलवादियों से जुड़ी खबर डेढ़-डेढ़ कॉलम में है। घाटी में अनुच्छेद 370 हटाये जाने के बाद से नजरबंद किए गए नेताओं पर चार करोड़ से ज्यादा खर्च हो चुके हैं। उधर, नक्सलियों ने ड्रोन से सीआरपीएफ शिविर की निगरानी करके सबको चौंका दिया है।

अब बात नवभारत टाइम्स की करते हैं। फ्रंट पेज पर बड़े विज्ञापन के चलते ज्यादा जगह नहीं है। पेज की शुरुआत रंगीन बॉक्स से हुई है, जिसमें दिल्ली की साफ होती हवा को फोटो के साथ रखा गया है। लीड अयोध्या है। दरअसल, ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ याचिका दायर करने का फैसला लिया है। अखबार ने इसी बात को ध्यान में रखते हुए ‘अयोध्या पर एक और अध्याय खोलने को तैयार मुस्लिम बोर्ड’ शीर्षक लगाया है।

इसके अलावा पेज पर आज से शुरू हो रहे संसद के शीतसत्र से जुड़ी खबर है और एंकर में भाजपा एवं शिवसेना के बीच बढ़ती दूरियों को दर्शाता समाचार है। बाल ठाकरे की पुण्यतिथि के मौके पर उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री फडनवीस पर शिवसैनिकों ने कटाक्ष किये।

आखिरी में  दैनिक जागरण का रुख करते हैं। अखबार में आज दो फ्रंट पेज बनाये गए हैं। पहला पेज अयोध्या के नाम है जबकि दूसरे पेज पर संसद सत्र से पहले पीएम मोदी के बयान को लीड लगाया गया है। वहीं, दूसरी बड़ी खबर महाराष्ट्र से है। ओम प्रकाश तिवारी ने अपनी बाईलाइन में बताया है कि राकांपा प्रमुख शरद पवार सरकार गठन को लेकर आज दिल्ली में सोनिया गांधी से मुलाकात करेंगे।

श्रीलंका में राजपक्षे की जीत को सबसे बड़ी जगह इसी अखबार ने दी है, इस खबर को तीन कॉलम में रखा गया है। साथ ही सबरीमाला मंदिर विवाद पर केरल के कानूनमंत्री के बयान को भी प्रमुखता मिली है। मंत्री महोदय का कहना है कि मंदिर को अखाड़ा नहीं बनने देंगे। एंकर में अनिल मिश्रा की बाईलाइन है। अनिल ने नक्सलियों द्वारा इस्तेमाल किये गए ड्रोन के बारे में विस्तार से बताया है।

आज का ‘किंग’ कौन?

1: लेआउट के मामले में आज ‘नवभारत टाइम्स’, ‘हिन्दुस्तान’ और ‘दैनिक भास्कर’ सबसे आगे हैं। ‘अमर उजाला’ का फ्रंट पेज कुछ अटपटा दिखाई दे रहा है और ‘दैनिक जागरण’ का फ्रंट पेज नीरस है।

2: खबरों की प्रस्तुति में ‘हिन्दुस्तान’ और ‘नवभारत टाइम्स’ अव्वल हैं।     

3: कलात्मक शीर्षक आज केवल ‘नवभारत टाइम्स’ में देखने को मिला है। जिस तरह से अयोध्या विवाद की नई शुरुआत को शीर्षक ‘अयोध्या पर एक और अध्याय खोलने को तैयार मुस्लिम बोर्ड’ में दर्शाया गया है, वो काबिले तारीफ है। जबकि बाकी अखबारों ने लीड के शीर्षक में कोई प्रयोग नहीं किया है।

आप अपनी राय, सुझाव और खबरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। (हमें फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन और यूट्यूब पर फॉलो करें)

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

फ्रंट पेज पर अखबारों में आज किन खबरों को मिली प्रमुखता, पढ़ें यहां

हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण और अमर उजाला में आज तीसरा जबकि नवभारत टाइम्स और दैनिक भास्कर में पांचवा पेज फ्रंट पेज बनाया गया है

नीरज नैयर by नीरज नैयर
Published - Saturday, 16 November, 2019
Last Modified:
Saturday, 16 November, 2019
Newspapers

दिल्ली की हवा बद से बदतर होती जा रही है। आम जनता से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक इसे लेकर चिंतित है, लेकिन हमारे सांसदों के लिए शायद यह गंभीर मुद्दा नहीं। शायद यही वजह है कि इस विषय पर होने वाली अहम बैठक से गौतम गंभीर और हेमा मालिनी नदारद रहे। दिल्ली के हेल्थ इमरजेंसी से जूझने के बीच क्रिकेट की पिच से सियासत की गलियों में कदम रखने वाले गंभीर की इंदौरी पोहा-जलेबी का लुत्फ उठाते तस्वीर कल सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई थी। आज अधिकांश अखबारों ने इसे प्रमुखता से जगह दी है।

आज शुरुआत हिन्दुस्तान से करते हैं। अखबार ने भारी विज्ञापनों के चलते तीसरे पेज को फ्रंट का दर्जा दिया गया है। हालांकि, यहां भी पांच बड़ी खबरें ही आ सकी हैं। लीड दिल्ली की जहरीली हवा है, जिसे काफी अच्छे से नेताओं और अफसरों पर कटाक्ष करते हुए लगाया गया है। इसके साथ ही गौतम की जलेबी का लुत्फ उठाते हुए फोटो भी चस्पा की गई है। महाराष्ट्र की सियासत को भी पेज पर रखा गया है है। नए फार्मूले के तहत मुख्यमंत्री शिवसेना का होगा और कांग्रेस एवं राकांपा भी सरकार में अहम भूमिका निभाएंगे।

वहीं, उपभोक्ता व्यय में गिरावट और सरकार का आंकड़े जारी करने से इनकार भी फ्रंट पेज पर है। इसके अलावा क्रिकेटर मयंक अग्रवाल की उपलब्धि और नागरिकता बिल को भी तवज्जो दी गई है। मोदी सरकार सोमवार से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र में नागरिकता बिल पेश कर सकती है। वहीं, एंकर में श्याम सुमन की बाईलाइन स्टोरी है, जिन्होंने चीफ जस्टिस के रूप में रंजन गोगोई के आखिरी कार्यदिवस के बारे में बताया है। 

अमर उजाला में भी आज तीसरे पेज को फ्रंट पेज बनाया गया है। लीड दिल्ली की जहरीली हवा है, जिसमें सांसद गौतम गंभीर की पोहा-जलेबी का लुत्फ उठाती तस्वीर भी है। इसके पास ही मयंक अग्रवाल की उपलब्धि को फोटो के रूप में लगाया गया है। इंदौर में बांग्लादेश के खिलाफ खेले जा रहे टेस्ट मैच में दोहरा शतक लगाने के साथ ही मयंक ने इस मामले में डॉन ब्रैडमैन को पीछे छोड़ दिया है। सबरीमाला मंदिर विवाद पर जस्टिस नरीमन द्वारा केंद्र को लगाई गई फटकार को भी अखबार ने प्रमुखता से जगह दी है।

इसके अलावा, दिल्ली नगर निगम का बजट, पुलिस-वकील भिड़ंत सहित वित्तमंत्री का बयान भी पेज पर है। दिल्ली नगर निगम के बजट में संपत्ति कर की दरों में इजाफा किये जाने के आसार हैं। वहीं, हाई कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद आक्रामक हुए वकीलों ने हड़ताल समाप्त कर ली है। वहीं, वित्तमंत्री ने सरकार की तैयारियों के बारे में बताते हुए कहा है कि बैंकों में जमा राशि पर एक लाख से ज्यादा बीमा मिल सकता है। एंकर में रक्षामंत्री के अरुणाचल दौरे से चीन को लगी ‘मिर्ची’ से जुड़ा समाचार है। राजधानी, शताब्दी और दुरंतों में महंगे हुए खान-पान को अखबार ने संक्षिप्त में जगह दी है। चीफ जस्टिस के रूप में रंजन गोगोई की विदाई की खबर फ्रंट पेज पर नहीं है।

अब रुख करते हैं नवभारत टाइम्स का। अखबार में आज विज्ञापनों की बहार है। इस वजह से पांचवें पेज को फ्रंट पेज बनाया गया है। लीड दिल्ली की जहरीली हवा है, जिसे गौतम गंभीर की फोटो के साथ आकर्षक अंदाज में पाठकों के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। महाराष्ट्र के सियासी संग्राम को भी अखबार ने तवज्जो दी है। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की विदाई को फोटो और रंगीन बैकग्राउंड के साथ पेज पर रखा गया है। एंकर में रेलवे के महंगे हुए खानपान को जगह मिली है। तीन अन्य खबर एक-एक कॉलम में हैं। मसलन, सेप्टिक टैंक की फ्री सफाई, काम पर लौटे वकील और राहुल गांधी के खिलाफ 100 करोड़ के टैक्स का मामला फिर खोला जाएगा। यानी कांग्रेस के युवराज की भी मुश्किलें बढ़ना तय है।

वहीं, दैनिक जागरण को देखें तो यहां भी तीसरा पेज फ्रंट पेज है। लीड दिल्ली की जहरीली हवा है, लेकिन इसमें गौतम गंभीर की फोटो को जगह नहीं दी गई है। ‘सोनिया एवं राहुल गांधी के खिलाफ 100 करोड़ रुपए टैक्स का मामला’ इस खबर को अखबार ने प्रमुखता के साथ लीड के पास ही लगाया है। महाराष्ट्र के सियासी संकट को अपेक्षाकृत काफी बड़ी जगह दी गई है, यदि इसे छोटा लगाया जाता तो कई दूसरी महत्वपूर्ण खबरों को भी फ्रंट पेज पर स्थान मिल सकता था। चीफ जस्टिस के रूप में रंजन गोगोई की विदाई को सबसे नीचे दो कॉलम में रखा गया है। ट्रेनों में महंगे खान-पान को अखबार ने संक्षिप्त में लगाया है।

सबसे आखिर में आज दैनिक भास्कर का रुख करते हैं। चार फुल पेज विज्ञापनों के चलते पांचवें पेज को फ्रंट पेज का दर्जा दिया गया है। लीड दिल्ली की जहरीली हवा है। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को फटकार लगाते हुए कहा है कि दिल्ली में चीन जैसे एयर प्यूरीफायर लगाये जाएं। लीड में ही गौतम गंभीर की प्रदूषण पर ‘गंभीरता’ दर्शाती तस्वीर भी है। पेज पर दूसरी प्रमुख खबर के रूप में एक रिपोर्ट को लगाया गया है। इसमें दावा किया गया है कि उपभोक्ता खर्च में चार दशक बाद गिरावट आई है। हालांकि सरकार आंकड़े जारी करने को तैयार नहीं है। पेज पर जनता की जेब को प्रभावित करने वाला एक समाचार भी है। रेलवे ने राजधानी, शताब्दी और दुरंतों ट्रेनों के खान-पान को काफी महंगा कर दिया है।

महाराष्ट्र की सियासत और दिल्ली विधानसभा चुनाव से जुड़ी अखिलेश कुमार की बाईलाइन स्टोरी को भी पेज पर जगह मिली है। शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस में सरकार बनाने पर सहमति हो गई है, सभी दलों ने राज्यपाल से मिलने का समय मांगा है। वहीं, अखिलेश बता रहे हैं कि जिन ईवीएम को लोकसभा चुनाव में इस्तेमाल किया गया था, उनसे ही दिल्ली विधानसभा चुनाव कराये जाएंगे। एंकर में चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की विदाई से जुड़ी पवन कुमार की बाईलाइन खबर है। अखबार ने फ्रंट पेज पर क्रिकेटर मयंक अग्रवाल की उपलब्धि को फोटो के रूप में स्थान दिया है। दोहरा शतक जड़ने के मामले में मयंक अब ब्रैडमैन से आगे निकल गए हैं।

आज का ‘किंग’ कौन?

1: ले-आउट की नजर से देखें तो आज ‘नवभारत टाइम्स’ और ‘हिन्दुस्तान’ ने सीमित जगह में भी काफी अच्छा फ्रंट पेज तैयार किया है।

2: खबरों की प्रस्तुति की बात करें तो ‘दैनिक जागरण’ को छोड़कर सभी अखबारों ने अच्छा काम किया है। खासकर लीड के मामले में ‘नवभारत टाइम्स’, ‘हिन्दुस्तान’ और ‘दैनिक भास्कर’ अव्वल हैं।     

3: कलात्मक शीर्षक का टोटा आज भी अखबारों में दिखाई दे रहा है।

4: खबरों के लिहाज से फ्रंट पेज देखें तो ‘नवभारत टाइम्स’ और ‘दैनिक जागरण’ ने जहां क्रिकेटर मयंक की उपलब्धि को जगह नहीं दी है, वहीं राहुल और सोनिया गांधी की खबर को पेज पर लगाकर सबसे आगे निकल गए हैं। वहीं ‘अमर उजाला’ से चीफ जस्टिस की खबर के मामले में चूक हुई है।

आप अपनी राय, सुझाव और खबरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। (हमें फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन और यूट्यूब पर फॉलो करें)

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

देखें, आज के प्रमुख अखबारों के फ्रंट पेज

आज दैनिक जागरण में जहां दो फ्रंट पेज बनाए गए हैं, वहीं हिन्दुस्तान में जैकेट विज्ञापन की वजह से तीसरे पेज को फ्रंट पेज बनाया गया है

नीरज नैयर by नीरज नैयर
Published - Friday, 15 November, 2019
Last Modified:
Friday, 15 November, 2019
Newspapers

भारतीय राजनीति में राफेल की अहमियत कम होने का नाम नहीं ले रही है। हालांकि, देश की सर्वोच्च अदालत दूसरी बार भी यह साफ कर चुकी है कि मोदी सरकार इस मामले में पाक-साफ है, लेकिन कांग्रेस अपने रुख पर कायम है। इस खबर को आज दिल्ली से प्रकाशित होने वाले प्रमुख अखबारों ने प्रमुखता से उठाया है। आज सबसे पहले बात करते हैं अमर उजाला की। फ्रंट पेज की शुरुआत सात कॉलम टॉप बॉक्स से हुई है, जिसमें दिल्ली की जहरीली हवा पर बच्चों की पीएम से गुहार को लगाया गया है। इस खबर का शीर्षक ‘बच्चों ने पीएम मोदी से कही मन की बात, हमें साफ हवा चाहिए’ आकर्षक है। लीड, राफेल है। सुप्रीम कोर्ट ने लड़ाकू विमान सौदे की जांच वाली पुनर्विचार याचिकाओं को खारिज कर दिया है। साथ ही ‘चौकीदार चोर है’ के लिए राहुल गांधी को फटकार भी लगाई है।

सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश के संबंध में दायर याचिकाओं पर अब सुप्रीम कोर्ट की 7 सदस्यीय पीठ फैसला लेगी। इस खबर को भी प्रमुखता के साथ दो कॉलम में रखा गया है। कर्नाटक में कांग्रेस-जेडीएस के 16 बागी विधायक भाजपाई हो गए हैं। इस खबर को भी पेज पर जगह मिली है। वहीं, पेज पर सबसे नीचे दो कॉलम में किसी जमाने में आइंस्टीन को चुनौती देने वाले महान गणितज्ञ विशिष्ट नारायण सिंह के निधन का समाचार है। खबर में यह भी बताया गया है कि उनके शव को ले जाने के लिए एंबुलेंस तक उपलब्ध नहीं कराई गई।

अब नवभारत टाइम्स का रुख करें तो फ्रंट पेज पर आज भी ज्यादा जगह नहीं है। लीड राफेल पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला है, जिसे लड़ाकू विमान और उदास मुद्रा में बैठे राहुल गांधी की फोटो के साथ लगाया गया है। दूसरी बड़ी खबर सबरीमाला मंदिर है। सुप्रीम कोर्ट की 7 सदस्यीय पीठ मंदिर सहित मस्जिदों में महिलाओं के प्रवेश पर भी फैसला सुनाएगी। वहीं, जेएनयू विवाद और दिल्ली के प्रदूषण को डेढ़-डेढ़ कॉलम जगह मिली है। गणितज्ञ विशिष्ट नारायण सिंह के निधन सहित कुछ खबरों को सिंगल में लगाया गया है।

आज दैनिक जागरण ने दो फ्रंट पेज बनाये हैं। पहले पेज पर आधा पेज विज्ञापन है और लीड राफेल पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला है, जिसे पूरे आठ कॉलम लगाया गया है। लीड में ही सबरीमाला मंदिर विवाद और अनुच्छेद 370 को भी रखा गया है। जहां सबरीमाला मामला सुप्रीम कोर्ट की 7 जजों की बेंच के हवाले किया गया है, वहीं कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने पर कोर्ट ने अंतरिम आदेश जारी नहीं किया है।

दूसरे फ्रंट पेज को देखें तो यहां लीड जहरीली हवा है। दूसरी प्रमुख खबर ब्रिक्स सम्मलेन में पीएम मोदी का बयान है। इसके साथ ही संजय मिश्र की बाईलाइन खबर को भी पेज पर जगह मिली है। मिश्र बता रहे हैं कि कांग्रेस ने शिवसेना के सामने कौन सी शर्त रखी है। गणितज्ञ विशिष्ट नारायण सिंह के निधन का समाचार सबसे नीचे दो कॉलम में है।

दैनिक भास्कर की बात करें तो आज भी मास्टहेड में प्रयोग किया गया है। बाल दिवस पर प्रदूषण के चलते घरों में कैद रहे बच्चों की व्यथा को ‘बाल विवश’ शीर्षक के साथ बयां किया गया है। नि:संदेह यह अच्छा प्रयास है, लेकिन पेज कल जैसा ही नजर आ रहा है, क्योंकि कल भी इसी थीम पर मास्टहेड तैयार किया गया था। लीड राफेल पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला है,  जिसे दो लाइन के शीर्षक के साथ विस्तार से समझाया गया है। सबरीमाला मंदिर से जुड़ी खबर को भी प्रमुखता मिली है।

वहीं, महाराष्ट्र के सियासी संकट को भी पेज पर रखा गया है। शिवसेना और राकांपा समझौते के करीब आ गए हैं। इसके अलावा, पेज पर वोडाफोन एवं एयरटेल को हुए घाटे और जमीयत उलेमा ए हिंद का बयान है। देश के प्रमुख मुस्लिम संगठन का कहना है कि सुन्नी वक्फ बोर्ड को पांच एकड़ जमीन नहीं लेनी चाहिए। एंकर में गणितज्ञ विशिष्ट नारायण सिंह के निधन के समाचार को लगाया गया है।

आखिर में आज हिन्दुस्तान का रुख करते हैं। अखबार में जैकेट विज्ञापन के चलते तीसरा पेज फ्रंट पेज है। लीड राफेल है, जिसे ‘राफेल पर फिर खिंची तलवारें’ शीर्षक के साथ लगाया गया है। दूसरी बड़ी खबर के रूप में पेज पर दिल्ली का प्रदूषण है। बादलों के चलते बढ़ी धुंध के आज से छंटने की उम्मीद है। वहीं, क्रिकेटर अश्विन की उपलब्धि को फोटो के साथ रखा गया है। बांग्लादेश के साथ मैच में अपने प्रदर्शन के साथ ही अश्विन ने घरेलू मैदान पर तेजी से विकेट लेने के मामले में कुंबले को पीछे छोड़ दिया है।

महाराष्ट्र की सियासत के साथ ही कर्नाटक के बागी विधायकों के भाजपा का दामन थामने की खबर को पेज पर जगह मिली है। इसके अलावा, सबरीमाला मंदिर और जेएनयू में विवेकानंद की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त करने के प्रयास से जुड़ी खबरों को दो-दो कॉलम में रखा गया है। एंकर में केके उपाध्याय की बाईलाइन स्टोरी है, जिसमें उन्होंने गणितज्ञ विशिष्ट नारायण सिंह के जीवन से जुड़ी बातों पर प्रकाश डाला है।

आज का ‘किंग’ कौन?

1: ले-आउट की बात करें तो आज ‘अमर उजाला’ और ‘दैनिक भास्कर’ अव्वल नजर आ रहे हैं, जबकि ‘हिन्दुस्तान’ का फ्रंट पेज काफी भरा-भरा दिखाई दे रहा है।

2: खबरों की प्रस्तुति में ‘दैनिक भास्कर’, ‘अमर उजाला’ के साथ ‘नवभारत टाइम्स’ बेहतर है। ‘हिन्दुस्तान’ ने भी लीड को अच्छी तरह से प्रस्तुत किया है, लेकिन बाकी खबरें उतनी आकर्षक दिखाई नहीं दे रहीं।     

3: कलात्मक शीर्षक ‘अमर उजाला’ और ‘नवभारत टाइम्स’ में हैं। ‘अमर उजाला’ ने जहां टॉप बॉक्स की हेडलाइन में प्रयोग किया है, वहीं ‘नवभारत टाइम्स’ ने लीड की।

आप अपनी राय, सुझाव और खबरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। (हमें फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन और यूट्यूब पर फॉलो करें)

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

आज क्रिएटिव है दैनिक भास्कर का फ्रंट पेज, अमर उजाला का भी अच्छा प्रयास

जैकेट विज्ञापन के चलते आज हिन्दुस्तान में तीसरे पेज को फ्रंट पेज बनाया गया है

नीरज नैयर by नीरज नैयर
Published - Thursday, 14 November, 2019
Last Modified:
Thursday, 14 November, 2019
Newspapers

दिल्ली का प्रदूषण कम होने का नाम नहीं ले रहा है। इस नकारात्मक खबर के साथ सकारात्मक खबर यह है कि चीफ जस्टिस के कार्यालय से भी ‘सूचना के अधिकार’ (RTI) के तहत अब जानकारी मांगी जा सकेगी। इन दोनों खबरों को दिल्ली से प्रकाशित होने वाले अधिकांश अखबारों ने प्रमुखता से उठाया है। आज शुरुआत नवभारत टाइम्स से करते हैं। फ्रंट पेज पर एक बड़ा विज्ञापन है, लेकिन हमेशा की तरह ज्यादा से ज्यादा समाचारों को पेज पर रखने का सराहनीय प्रयास किया गया है। लीड सूचना का अधिकार है। सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए कहा है कि चीफ जस्टिस का दफ्तर भी आरटीआई के दायरे में आएगा।

दूसरी बड़ी खबर जहरीली हवा है। दिल्ली में प्रदूषण के चलते इमरजेंसी जैसी स्थिति बन गई है। स्कूल-कॉलेजों को दो दिनों के लिए बंद किया गया है। उधर, महाराष्ट्र के सियासी संकट को लेकर अमित शाह के बयान को भी तवज्जो मिली है। शाह का कहना है कि जब चुनाव पूर्व ही यह साफ कर दिया गया था कि देवेन्द्र फडनवीस ही सीएम होंगे, तब शिवसेना ने विरोध क्यों नहीं किया? इसके अलावा, पेज पर पांच सिंगल खबरें हैं। इनमें जेएनयू में फीस वृद्धि का फैसला वापस, वोडाफोन नहीं छोड़ेगी भारत और दिल्ली में कैब ड्राइवर बनकर लूटपाट प्रमुख हैं।

अब दैनिक जागरण का रुख करें तो फ्रंट पेज पर दो बड़े विज्ञापन हैं। लीड सूचना का अधिकार है, जिसे ‘कुछ शर्तों के साथ अब सीजेआई का दफ्तर भी आरटीआई के दायरे में’ शीर्षक तले विस्तार से लगाया गया है। दिल्ली की जहरीली हवा पेज पर दूसरी बड़ी खबर के रूप में मौजूद है। कर्नाटक के बागी विधायकों को सुप्रीम कोर्ट से कुछ राहत मिली है और इस राहत को ‘दैनिक जागरण’ ने प्रमुखता के साथ जगह दी है। तत्कालीन स्पीकर ने 17 विधायकों को अयोग्य करार दिया था। कोर्ट ने इस फैसले को तो सही माना, लेकिन विधायकों को उपचुनाव लड़ने की इजाजत दे दी। इसके अलावा, कुलभूषण जाधव पर पाकिस्तान की पैंतरेबाजी भी पेज पर है। वहीं,जेएनयू में फीस वृद्धि वापस सहित कुछ समाचारों को संक्षिप्त में रखा गया है।

आज दैनिक भास्कर का फ्रंट पेज कुछ अलग ही नजर आ रहा है। सबसे पहली बात जो पाठकों को आकर्षित करती है, वो है बाल दिवस और दिल्ली के प्रदूषण को एक साथ मास्ट हेड में दर्शाने की कला। ‘दिल्ली-एनसीआर के स्कूलों में दो दिन की छुट्टी, बच्चे पहली बार बाल दिवस घर पर मनाएंगे’ शीर्षक के साथ मास्टहेड में लगी यह खबर सरकारी व्यवस्थाओं पर करारी चोट करती है। बाल दिवस पर मास्टहेड तो अधिकांश अखबारों ने लगाया है, लेकिन ‘दैनिक भास्कर’ दो कदम आगे है।

लीड सूचना का अधिकार है, जिसे काफी विस्तार से समझाया गया है। इसी में कर्नाटक के 17 बागी विधायकों पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को भी रखा गया है। महाराष्ट्र के सियासी संकट के बीच उद्धव ठाकरे और कांग्रेस नेताओं की मुलाकात को पेज पर प्रमुखता मिली है। लता मंगेशकर से जुड़े समाचार को भी पेज पर रखा गया है। उनकी तबीयत नाजुक बनी हुई है। इसके अलावा, अयोध्या के कायाकल्प को लेकर योगी सरकार द्वारा तैयार किये गए ब्लूप्रिंट के बारे में बताती खबर दो कॉलम में हैं। साथ ही कुछ अन्य समाचारों को संक्षिप्त में जगह मिली है।

उधर, हिन्दुस्तान में विज्ञापनों की भरमार है। जैकेट विज्ञापन के चलते तीसरे पेज को फ्रंट पेज बनाया गया है और यहां भी आधा पेज विज्ञापन है। लीड चीफ जस्टिस दफ्तर का आरटीआई के दायरे में आना है, जिसे काफी विस्तार से पाठकों के समक्ष पेश किया गया है। दिल्ली का प्रदूषण दूसरी प्रमुख खबर है। अयोग्य विधायकों को सिंगल कॉलम में जगह मिली है, वहीं जेएनयू में फीस वृद्धि वापस और अमित शाह की दो टूक को दो-दो कॉलम में रखा गया है। महाराष्ट्र में सरकार बनाने की सभी संभावनाएं समाप्त होने के बाद अब शाह ने शिवसेना पर निशाना साधा है। शाह का कहना है कि हमने पहले ही सीएम को लेकर स्थिति साफ कर दी थी, लिहाजा शिवसेना कि नई मांगें नहीं मानी जाएंगी।

सबसे आखिर में आज अमर उजाला की बात करते हैं। अखबार ने बाल दिवस के मौके पर टॉप में पूरे आठ कॉलम में एक प्रेरक स्टोरी लगाई है। इस स्टोरी में सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षाविद सोनम वांगचुक ने बताया है कि शिक्षा ऐसी होनी चाहिए जो समझ बढ़ाए और दिल से अमीर बनाए। अखबार ने लीड में सुप्रीम कोर्ट के फैसलों को लगाया है। जिसमें चीफ जस्टिस दफ्तर का आरटीआई के दायरे में आना, कर्नाटक के बागी 17 विधायकों को उप चुनाव लड़ने की इजाजत देना और वित्त अधिनियम 2017 में बनाए गए नियम रद्द करने का फैसला शामिल है। दिल्ली के प्रदूषण को फोटो के साथ लीड के बगल में जगह मिली है। 29 से नर्सरी दाखिले की दौड़, कश्मीर में आतंकियों की गोलीबारी से कारोबारी की मौत और राम मंदिर निर्माण ट्रस्ट के लिए बिल से जुड़ी खबर भी पेज पर है। इसके अलावा एंकर में कुलभूषण जाधव को जगह मिली है। खबर के अनुसार, जाधव मामले के बाद पाकिस्तान अब सैन्य कानून में बदलाव कर सकता है।        

आज का ‘किंग’ कौन?

1: लेआउट के लिहाज से आज ‘नवभारत टाइम्स’ का फ्रंट पेज काफी आकर्षक नजर आ रहा है। हालांकि, आधे पेज पर ही खबर लग सकी हैं, लेकिन पेज को बेहद खूबसूरती से डिजायन किया गया है।

2: खबरों की प्रस्तुति में नि:संदेह आज की बाजी ‘दैनिक भास्कर’ के नाम रही है। ‘नवभारत टाइम्स’ ने लीड को भले ही ज्यादा आकर्षक अंदाज में सजाया है, लेकिन दिल्ली के प्रदूषण को बाल दिवस से जोड़ते हुए खबर को जिस तरह से ‘दैनिक भास्कर’ ने पेश किया है, वो काबिल-ए-तारीफ है।     

3: कलात्मक शीर्षक के मामले में आज भी सभी अखबार एक जैसे हैं, यानी किसी ने हेडलाइन को लेकर प्रयोग नहीं किया है।

4: खबरों की बात करें तो ‘नवभारत टाइम्स’ को छोड़कर सभी अखबार लगभग एक समान हैं। ‘नवभारत टाइम्स’ से 17 बागी विधायकों की खबर के मामले में चूक हो गई है। वैसे, ‘दैनिक जागरण’ और ‘दैनिक भास्कर’ सबसे आगे कहे जा सकते हैं। ‘दैनिक भास्कर’ में जहां लता मंगेशकर की खबर फ्रंट पेज पर है, वहीं ‘दैनिक जागरण’ में कुलभूषण जाधव की।

आप अपनी राय, सुझाव और खबरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। (हमें फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन और यूट्यूब पर फॉलो करें)

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

जानिए, किन मायनों में खास है अमित राजपूत की ये किताब

दिल्ली में 10, राजाजी मार्ग स्थित पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को उनके आवास पर सौंपी किताब की पहली प्रति

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Wednesday, 13 November, 2019
Last Modified:
Wednesday, 13 November, 2019
Amit Rajpoot

पत्रकार अमित राजपूत की किताब ‘अंतर्वेद प्रवरः गणेश शंकर विद्यार्थी’ का लोकार्पण शुक्रवार को किया गया। दिल्ली में 10, राजाजी मार्ग स्थित पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को उनके आवास पर अमित राजपूत ने अपनी किताब की पहली प्रति भेंट सौंपी।

इस मौके पर अमित राजपूत ने बताया कि इस किताब में गणेश शंकर विद्यार्थी से जुड़ी उन बातों को शामिल किया गया है, जो अब तक लोगों के सामने नहीं आई हैं। यही नहीं, आजादी के बाद गणेशजी के प्रभावों से जुड़ी कई राजनीतिक घटनाओं को भी इसमें शामिल किया गया है।

किताब के लोकार्पण के मौके पर अमित राजपूत के साथ शैलेन्द्र भदौरिया, वरिष्ठ साहित्यकार लक्ष्मी शंकर बाजपेयी और भारतीय जनसंचार के पूर्व महानिदेशक व वरिष्ठ पत्रकार केजी सुरेश, राजीव तिवारी, राजश्री त्रिवेदी और हर्ष कुमार मिश्र सहित अनेक प्रशासनिक अधिकारी और विद्वान शामिल रहे।

आप अपनी राय, सुझाव और खबरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। (हमें फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन और यूट्यूब पर फॉलो करें)

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

तिरंगे का अपमान कर बैठा अखबार, अब उठ रहे सवाल

‘स्वदेशी जागरण मंच’ के राष्ट्रीय संयोजक अश्वनी महाजन ने उठाया यह मुद्दा

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Wednesday, 13 November, 2019
Last Modified:
Wednesday, 13 November, 2019
Newspaper

‘स्वदेशी जागरण मंच’ के राष्ट्रीय संयोजक हैं अश्वनी महाजन। अश्वनी महाजन ने दो-तीन दिन पहले एक अखबार की खबर के लिंक के साथ ट्वीट किया। उन्होंने ट्विटर को टैग करते हुए शिकायत की कि यह ट्विटर हैंडल हमारे देश के झंडे का अपमान कर रहा है। उसके बाद से वह ट्वीट वायरल होता चला गया। ‌ दरअसल वह अखबार था ‘फाइनेंसियल टाइम्स’ (Financial Times) और खबर थी पीएम नरेंद्र मोदी की नीतियों पर एक आलोचनात्मक कॉलम। इसमें फोटो की जगह लगा हुआ था तिरंगा, जिसमें चक्र को कई टुकड़ों में दिखाया गया था।

‘फाइनेंसियल टाइम्स’ के चीफ फॉरेन कॉलमिस्ट गिडियोन‌ रैचमैन (GIDEON RACHMAN)  हर हफ्ते दुनिया भर की हस्तियों से जुड़ा अपना एक कॉलम ' द रैचमैन रिव्यू' लिखते हैं। इस बार उनके निशाने पर थे पीएम मोदी। कॉलम की हेडिंग थी-'India's Narendra Modi has had a free pass from the West for too long।'

इस कॉलम में उन्होंने नरेंद्र मोदी की दुनिया भर के नेताओं से मुलाकातों के बाद जो छवि बनी है, उस पर तो चर्चा की ही, नरेंद्र मोदी का दूसरा चेहरा भी दिखाने की कोशिश की कि कैसे उनकी अल्पसंख्यक विरोधी नीतियों की वजह से, अनुच्छेद 370 हटाने की वजह से देश-दुनिया में आलोचना होती है।

यहां तक तो शायद कोई बड़ी बात नहीं थी, लेकिन उस कॉलम के साथ एक ग्राफिकल फोटो लगाई गई, जिसमें तिरंगा बना हुआ था और तिरंगे के बीच के चक्र को तोड़कर कई भागों में बांट दिया गया था। हालांकि, चित्र सांकेतिक था और खबर के मिजाज को बता रहा था, लेकिन कानून के मुताबिक अब नेशनल फ्लैग के साथ कोई भी तोड़-मरोड़ नहीं कर सकते हैं और इसी को लेकर अश्विनी महाजन ने मुद्दा बना दिया।

‘फाइनेंसियल टाइम्स’ को भी शायद अपनी गलती महसूस हुई और उस तस्वीर की जगह मोदी का एक फोटो लगा दिया लेकिन लोगों ने तिरंगे की वो तस्वीर सेव कर ली थी। अब उन्हें ऐतराज है कि क्यों अखबार ने माफी नहीं मांगी और न ही खेद जताया। केवल तस्वीर बदलकर इतिश्री कर दी। ऐसे में लोग सोशल मीडिया पर 1971 के ऑनर एक्ट के मुताबिक अखबार पर एक्शन लेने की मांग कर रहे हैं।

आप अपनी राय, सुझाव और खबरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। (हमें फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन और यूट्यूब पर फॉलो करें)

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए