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आज कैसा रहा हिंदी अखबारों का फ्रंट पेज, पढ़ें यहां
दैनिक जागरण में आज दो फ्रंट पेज बनाए गए हैं, वहीं हिन्दुस्तान में तीसरे पेज को फ्रंट पेज बनाया गया है
नीरज नैयर 6 years ago
राजनीति में बाजी कितनी जल्दी पलट जाती है, महाराष्ट्र इसका सबसे सटीक उदाहरण है। कल रात तक शरद पवार, शिवसेना के साथ खड़े थे और सुबह होते ही पाला बदल लिया। इसलिए आज के अखबारों में महाराष्ट्र की सियासत को लेकर लगीं खबरें एकदम से पुरानी हो गई हैं।
सबसे पहले बात करते हैं नवभारत टाइम्स की। लीड महाराष्ट्र है, जिसमें उद्धव और उनके बेटे का हंसते हुए फोटो है। कोलकाता में पहली बार गुलाबी गेंद से हुए टेस्ट मैच को आज भी फ्रंट पेज पर जगह मिली है। ईशांत शर्मा ने पांच विकेट लेते हुए बांग्लादेश को महज 106 पर ऑल आउट कर दिया। वहीं, दिल्ली में चल रही पानी पर सियासत को भी पेज पर रखा गया है। जल बोर्ड का कहना है कि 9 में से 8 जगहों पर पानी पीने योग्य है।
इसके अलावा, जेएनयू सहित तीन अन्य समाचार भी पेज पर हैं। सरकार की ओर से गठित समिति ने जेएनयू के आंदोलनकारी छात्रों से बात की, लेकिन कोई सहमति नहीं बन सकी। आधा पेज विज्ञापन होने के चलते इससे ज्यादा खबरों की गुंजाइश पेज पर नहीं थी।
वहीं, दैनिक जागरण में आज विज्ञापनों के चलते दो फ्रंट पेज बनाये गए हैं। पहले पेज की लीड महाराष्ट्र है, जिसमें उद्धव और उनके बेटे आदित्य का हंसते हुए फोटो है। दूसरी और एकमात्र बड़ी खबर दिल्ली में सस्ते पेयजल कनेक्शन को मंजूरी है।
दूसरे फ्रेट पेज की बात करें तो लीड यहां एसपीजी सुरक्षा के सीमित होते दायरे को रखा गया है। सरकार संसद में इस संबंध में एक बिल पेश करने जा रही है, जिसके पारित होने के बाद पूर्व प्रधानमंत्रियों के परिवार को एसपीजी सुरक्षा नहीं दी जाएगी। भारत-बांग्लादेश मैच को भी तीन कॉलम जगह मिली है। सबसे नीचे दो कॉलम में संजय मिश्र की बाईलाइन स्टोरी है, जिसमें उन्होंने संसद में न बैठने की सांसदों की आदत के बारे में बताया है।
अब दैनिक भास्कर पर नजर डालते हैं। फ्रंट पेज की शुरुआत गुलाबी गेंद से हुए टेस्ट मैच से हुई है। फोटो के साथ इस खबर को खूबसूरत अंदाज में प्रस्तुत किया गया है। लीड महाराष्ट्र है। एसपीजी सुरक्षा के घटते कवर को अखबार ने सिंगल में रखा है, वहीं एम्स के महंगे इलाज को बड़ी जगह मिली है।
एंकर में एक ऐसी खबर को सजाया गया है, जिसे सभी पैरेंट्स को जरूर पढ़ना चाहिए। भोपाल में एक बच्ची स्कूल से सीधे अदालत पहुंच गई और वहां उपस्थित जज से अपने माता-पिता को लड़ाई न करने का आदेश देने की गुहार लगाई। यह घटना पारिवारिक कलह से बच्चों के मन पर होने वाले प्रभाव को बखूबी बयां करती है। इसके अलावा, पेज पर इस अखबार की एक इनहाउस खबर भी है।
हिन्दुस्तान में आज जैकेट विज्ञापन के कारण तीसरे पेज को फ्रंट पेज बनाया गया है। लीड महाराष्ट्र है और गुलाबी गेंद से ईशांत के कमाल को फोटो के रूप में सजाया गया है। वहीं, दिल्ली के प्रदूषण पर केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावडेकर के दावे को भी पेज पर जगह मिली है। मंत्री महोदय का कहना है कि प्रदूषण को रोकने में दिल्ली बीजिंग को पछाड़ देगी।
महंगाई के दौर में इलाज के महंगे होने की खबर को भी अखबार ने पेज पर लगाया है। स्कंद विवेक धर ने अपनी बाईलाइन में बताया है कि एम्स में इलाज कराना अब महंगा होने जा रहा है। इसके अलावा, बनारस में हुए बवाल को भी पाठकों के समक्ष रखा गया है। डॉक्टर फिरोज की नियुक्ति के विरोध में पिछले 15 दिनों से चल रहा धरना फ़िलहाल समाप्त हो गया है। जेएनयू को आज अखबार ने सिंगल कॉलम में जगह दी है।
आखिर में आज अमर उजाला का रुख करें तो अखबार ने महाराष्ट्र को लीड लगाया है और दूसरी बड़ी खबर के रूप में गुलाबी गेंद से ईशांत के जलवे को फोटो के साथ पेज पर रखा है। झारखंड में नक्सली हमला और पूर्व मुख्यमंत्री के घर छापेमारी की खबर को भी प्रमुखता के साथ लगाया गया है। झारखंड में 30 नवंबर को होने वाले मतदान से पहले नक्सलियों ने हमला किया, जिसमें 4 जवान शहीद हो गए।
वहीं, सीबीआई ने 32 करोड़ के घोटाले में मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री के घर पर छापा मारा। दिल्ली में 500 से कम टीडीएस पर आरओ नहीं चलाने की पाबंदी को सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा है। इस खबर को अखबार ने दो कॉलम जगह दी है, इसके पास ही एक और स्थानीय समाचार है। दिल्ली में अब 2310 रुपए में पेयजल कनेक्शन की योजना को मंजूरी मिल गई है। एंकर में दिल्ली-एनसीआर के प्रदूषण को जगह मिली है।
आज का ‘किंग’ कौन?
1: लेआउट में आज ‘दैनिक जागरण’ को छोड़कर सभी अखबारों के फ्रंट पेज अच्छे नजर आ रहे हैं।
2: खबरों की प्रस्तुति में भी ‘दैनिक जागरण’ के अलावा, सभी अखबार बेहतर हैं, लेकिन क्रिकेट की खबर के प्रस्तुतिकरण में ‘दैनिक भास्कर’ को अव्वल कहा जा सकता है।
3: कलात्मक शीर्षक के मामले में आज भी सभी अखबार एक जैसे हैं, यानी किसी ने हेडलाइन को लेकर प्रयोग नहीं किया है।
4: खबरों की बात करें तो ‘दैनिक जागरण’ और ‘दैनिक भास्कर’ सबसे आगे हैं। क्योंकि दोनों ही अखबारों ने एसपीजी सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण समाचार को फ्रंट पेज पर रखा है।
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