आज कुछ ऐसा रहा हिंदी अखबारों के फ्रंट पेज का हाल

नवभारत टाइम्स में आज दो फ्रंट पेज हैं। दैनिक जागरण में तीसरे पेज को फ्रंट पेज बनाया गया है

नीरज नैयर by
Published - Monday, 23 December, 2019
Last Modified:
Monday, 23 December, 2019
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नागरिकता संशोधन कानून पर हिंसा के लंबे दौर के बाद आखिरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सफाई पेश की। उन्होंने मुस्लिमों को भरोसा दिलाया कि कोई उनका हक नहीं छीनेगा। उम्मीद की जानी चाहिए कि अब हिंसा थमेगी। पीएम की यह सफाई आज अखबारों के फ्रंट पेज की लीड है। शुरुआत करते हैं नवभारत टाइम्स से। अखबार में आज दो फ्रंट पेज हैं। पहले फ्रंट पेज की सबसे बड़ी खबर टीम इंडिया की विंडीज पर जीत है, जिसे रंगीन बॉक्स और फोटो के साथ लगाया गया है। मनीष अग्रवाल की बाईलाइन को भी प्रमुखता मिली है। खबर के अनुसार, दिल्ली हवाई अड्डे पर उड़ान से ठीक पहले कस्टम विभाग ने 100 तस्करों को गिरफ्तार किया। इसके अलावा, पेज पर चार सिंगल खबरें हैं। मसलन, झारखंड चुनाव के नतीजे आज, घर का किराया मांगा तो मर्डर किया, प्लेन में सीट पर साध्वी का विवाद और आतंक पर पाक से 150 सवाल।

दूसरे फ्रंट पेज पर लीड पीएम की सफाई है, जिसका शीर्षक काफी अलग है। इसके अलावा दूसरी और आखिरी खबर के रूप में कानून को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन हैं। हालांकि, अच्छी बात यह है कि इन प्रदर्शनों के दौरान किसी तरह की हिंसा की कोई खबर नहीं है। दिल्ली के जंतर मंतर पर तो प्रदर्शनकारियों ने सुरीले अंदाज में नागरिकता कानून का विरोध जताया। इस सुरीले विरोध को फोटो के रूप में पेज पर रखा गया है। अखबार के पहले फ्रंट पेज पर आधा पेज विज्ञापन होने के कारण खबरों वाला भाग ही शो हो रहा है, इसलिए यहां पर खबरों वाले भाग को ही लगाया गया है जबकि दूसरा फ्रंट पेज पूरा शो हो रहा है।

आज ‘राजस्थान पत्रिका’ के पेज की शुरुआत टीम इंडिया की जीत की खबर से हुई है, जिसे पहले कॉलम में रखा गया है। लीड पीएम की सफाई है और साथ ही भारत द्वारा शरणार्थी स्वीकारने से जुड़े आंकड़े भी पाठकों के समक्ष पेश किये गए हैं। पाकिस्तान से सवाल, दिल्ली की सर्दी और सैनिकों का कार्यकाल बढ़ाने संबंधी समाचार भी फ्रंट पेज पर है। सरकार उस प्रस्ताव पर विचार कर रही है जिसमें सैनिकों का कार्यकाल 10 से 18 वर्ष बढ़ाने की बात कही गई है। एंकर में साइबर सुरक्षा से जुड़ी खबर है। इसके अलावा, पेज पर कुछ अन्य खबरें भी हैं। 

अमर उजाला के फ्रंट पेज पर आज ज्यादा जगह नहीं है। लीड नागरिकता कानून पर पीएम की सफाई है, लेकिन शीर्षक विरोधियों पर निशाने को बनाया गया है। टीम इंडिया की जीत को फोटो के साथ रखा गया है। सात राज्यों में एटीएम लूटने वाले इनामी बदमाश की गिरफ्तारी और वित्तीय कार्रवाई कार्यबल यानी एफटीएफ द्वारा पाकिस्तान से मांगे गए जवाब को प्रमुखता से स्थान मिला है। एफटीएफ ने आतंकी गुटों से जुड़े मदरसों पर इमरान सरकार से जवाब मांगा है।

भारतीय मूल की डॉक्टर फातिमा घोष की उपलब्धि भी पेज पर है। उन्हें ट्रम्प प्रशासन ने संघीय संचार आयोग में बतौर चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर नियुक्त किया है। एंकर में बायोनिक महिला की कहानी है। इसके अलावा सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर से जुड़े समाचार को भी फ्रंट पेज पर लगाया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने वित्तीय अनियमितता के मामले में कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी के फैसले को खारिज करते हुए नए सिरे से जांच के आदेश दिए हैं।

अब दैनिक जागरण की बात करें तो तीसरे पेज को फ्रंट पेज बनाया गया है। लीड कानून पर पीएम मोदी की सफाई है, लेकिन इसे नीलू रंजन की बाईलाइन के रूप में लगाया गया है। इसके पास ही हिंसा में झुलसे उत्तर प्रदेश की सुधरती स्थिति है। पेज पर प्रशांत मिश्र की त्वरित टिप्पणी को भी स्थान मिला है, जिन्होंने एनआरसी और सीएए पर मचे बवाल के लिए विपक्षी दलों को कुसूरवार ठहराया है।

कश्मीर के मुस्लिमों की मिसाल को अखबार ने काफी तवज्जो दी है, जहां विकास के लिए 40 साल पुरानी मस्जिद देने के लिए मुस्लिम समाज के लोग तैयार हो गए हैं। टीम इंडिया की वेस्टइंडीज पर जीत संक्षिप्त में है, जबकि झारखंड चुनाव के आज आने वाले नतीजों को सिंगल कॉलम में रखा गया है।     

वहीं, हिन्दुस्तान में लीड ‘नागरिकता नहीं छिनेगी’ शीर्षक के साथ पीएम की सफाई को लगाया गया है। पेज की दूसरी प्रमुख खबर कश्मीर से है, जहां झेलम पर पुल के लिए मुस्लिम समाज ने 40 साल पुरानी मस्जिद छोड़कर मिसाल पेश की है। वहीं, यूपी में उपद्रवियों के खिलाफ कार्रवाई की खबर को भी प्रमुखता मिली है। चौराहों पर उपद्रवियों के पोस्टर चिपकाए गए हैं और अब तक 879 गिरफ्तारियां हुई हैं। टीम इंडिया की विंडीज पर जीत सहित चार सिंगल खबरें हैं, जबकि दिल्ली की सर्दी को तीन कॉलम जगह मिली है।

सबसे आखिरी में आज रुख करते हैं दैनिक भास्कर का। अखबार के फ्रंट पेज पर आधा पेज विज्ञापन है और केवल दो खबरों को ही स्थान मिल सका है। लीड नागरिकता कानून पर मोदी की सफाई है, जिसका शीर्षक उन्हीं के कहे शब्दों से बनाया गया है। हालांकि कानून के बारे में बताते-बताते उन्होंने विरोधियों पर भी जमकर निशाना साधा। दूसरी और आखिरी खबर अमित कुमार निरंजन की बाईलाइन है। इसमें उन्होंने बताया है कि कॉलेजों को अब यूनिवर्सिटी से मान्यता लेने की जरूरत नहीं होगी।

आज का ‘किंग’ कौन?

1: लेआउट के मामले में आज ‘दैनिक जागरण’ को छोड़कर सभी अखबार अच्छे नजर आ रहे हैं। 

2: खबरों की प्रस्तुति के लिहाज से ‘नवभारत टाइम्स’ और ‘दैनिक भास्कर’ अव्वल हैं। दोनों अखबारों ने लीड खबर को अच्छी तरह से पाठकों के समक्ष रखने का प्रयास किया है।

3: कलात्मक शीर्ष के नजरिये से ‘नवभारत टाइम्स’ सबसे आगे है। नागरिकता कानून पर पीएम की सफाई के शीर्षक में जिस तरह से ‘झूठ...झूठ...झूठ’ का प्रयोग किया गया है, वह पाठकों का ध्यान आकर्षित करने के लिए काफी है।

आप अपनी राय, सुझाव और खबरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। (हमें फेसबुक,ट्विटर, लिंक्डइन और यूट्यूब पर फॉलो करें)

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दैनिक भास्कर के रिपोर्टर को जान से मारने की धमकी, किया था ये स्टिंग

दैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट के मुताबिक, देश के 25 शहरों में ये काला धंधा करने वाला फ्रांस का सरगना माइकल अब लगातार उसके रिपोर्टर को जान से मारने की धमकी दे रहा है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 01 December, 2021
Last Modified:
Wednesday, 01 December, 2021
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देश में नकली नोटों का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है और इसका बड़ा अड्‌डा दिल्ली जैसी कैपिटल सिटीज को बताया जा रहा हैं। हिंदी के प्रतिष्ठित अखबार ‘दैनिक भास्कर’ ने अपने एक स्टिंग ऑपरेशन में इसका खुलासा किया है और बताया कि इस कारोबार में देश के कई शहर और वहां के लोग शामिल हैं, लेकिन इसके सरगना फ्रांस और अफ्रीकी देशों में बैठे हैं। भास्कर की इस रिपोर्ट के बाद इस काले कारोबार को बहुत बड़ा नुकसान हुआ है और नुकसान की बात देश के 25 शहरों में ये काला धंधा करने वाला फ्रांस का सरगना माइकल ने खुद स्टिंग को अंजाम देने वाले दैनिक भास्कर के रिपोर्टर जयदीप शर्मा से कही है। माइकल ने बताया कि उसे 37.5 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।

दैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ये इंटरनेशनल क्रिमिनल अब लगातार उसके रिपोर्टर को जान से मारने की धमकी दे रहा है। पत्रकार जयदीप शर्मा के मुताबिक, 'माइकल ने उन्हें मैसेज किया कि तुम बहुत बुरे इंसान हो। मैं तुम्हें छोड़ूंगा नहीं। तुमने मेरे आदमी को पुलिस स्टेशन पहुंचाया और पुलिस अब उसे अफ्रीका डिपोर्ट करने जा रही है। तुम्हारी वजह से भारत में मुझे 37.5 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। अब मेरी जिंदगी का मकसद केवल तुम्हें बर्बाद करना है। मैं बर्बाद हो गया हूं और अब मैं तुम्हें भी नहीं छोड़ूंगा। और, कुछ भी करने से पहले मेरे बारे में गूगल पर सर्च कर लेना।'

वहीं इस मैसेज के बाद पत्रकार जयदीप शर्मा ने क्रिमिनल माइकल को जवाब दिया, 'देश की इकोनॉमी को बचाने के लिए मैंने अपना योगदान किया है और इसमें अगर मेरी जान चली जाती है तो ये मेरा सौभाग्य होगा। किडनी का कारोबार करने वालों को उजागर करने के लिए मैं 40 दिन अस्पताल में रहा। मैं किडनी माफिया से नहीं डरा तो तुम्हारी क्या औकात है। और तुम कुछ भी करने से पहले मेरे बारे में गूगल पर सर्च कर लेना।

रिपोर्टर के मुताबिक, माइकल ने उन्हें फिर धमकाया कि वह मेरा पता जानता है। उसने कहा कि मैं राजस्थान के गांव में रहता हूं और वो मुझे और मेरे परिवार को छोड़ेगा नहीं। माइकल ने मेरी लोकेशन की तस्वीर भेजकर मुझसे कहा कि उसके लड़के मुझ तक पहुंचने वाले हैं।

दैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट के मुताबिक, उसकी टीम ने फ्रांस में बैठे सरगना से 15 दिन पहले कॉन्टैक्ट किया था। वॉट्सऐप पर चली बातचीत के बाद वो महज 5 दिन पहले नकली नोटों की डील के लिए राजी हो गया। इसके बाद दैनिक भास्कर की टीम राजस्थान के बांसवाड़ा से करीब 777 किमी का सफर तय कर डील के लिए दिल्ली पहुंचे और इस स्टिंग ऑपरेशन को अंजाम दिया।

बीते सोमवार को दैनिक भास्कर के इस ऑपरेशन के दौरान ही सरगना का भारत में कारोबार संभालने वाला साउथ अफ्रीकी गुर्गा पुलिस के हत्थे चढ़ा गया। उसने कबूल किया कि भारत के 25 शहरों में नकली नोटों का धंधा फ्रांस से ऑपरेट हो रहा है।

दैनिक भास्कर के स्टिंग ऑपरेशन से जुड़ी पूरी खबर यहां पढ़ें-

देश के 25 शहरों में जाली करेंसी का रैकेट; फ्रांस के सरगना की डील- 25 लाख दो, एक करोड़ के नकली नोट लो

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विज्ञापन के लंबित बिलों का भुगतान न होने पर पत्रकार संगठनों ने सरकार को दी ये चेतावनी

पत्रकार संगठनों का कहना है कि प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया दोनों ही सरकारी नीतियों और गतिविधियों की निंदा करेगा और तो और सरकारी खबरों का बहिष्कार भी किया जाएगा

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Tuesday, 30 November, 2021
Last Modified:
Tuesday, 30 November, 2021
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एडिटर्स गिल्ड ऑफ मणिपुर (EGM) और मणिपुर हिल जर्नलिस्ट्स यूनियन (MHJU) ने मणिपुर सरकार से लंबित पड़े सरकारी विज्ञापन बिलों को मंजूरी देने का आग्रह किया है। पत्रकार संगठनों ने सूचना मंत्री टी. बिश्वजीत और मुख्यमंत्री एन. बीरेन सहित अन्य से आग्रह किया कि 10 दिसंबर तक सभी लंबित पड़े सरकारी विज्ञापन बिलों को मंजूरी दी जाए, अन्यत: उसे अनचाहे कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ेगा।

'द हिन्दू' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पत्रकार संगठनों का कहना है कि प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया दोनों ही सरकारी नीतियों और गतिविधियों की निंदा करेगा और तो और सरकारी खबरों का बहिष्कार भी किया जाएगा (कानून-व्यवस्था को छोड़कर)।

EGM और MHJU के अध्यक्ष खोगेंद्र खोमद्रम और पीटर अडानी ने 27 नवंबर को सूचना मंत्री टी. बिश्वजीत को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें कहा गया है कि प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के कई लाख रुपए के सरकारी विज्ञापनों की राशि लंबे समय से अटकी हुयी है। लिहाजा प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की संयुक्त बैठक में लंबित पड़े सरकारी विज्ञापन बिलों की मंजूरी के लिए 10 दिसंबर की समय सीमा तय की गई।
ज्ञापन में कहा गया, ‘यह सच है कि कोविड-19 का असर सरकार और मीडिया इंडस्ट्री समेत अन्य इंडस्ट्री पर भी पड़ा है। लेकिन मीडिया महामारी से लड़ने का एक हथियार बना है। मीडिया एम्प्लॉयीज ने जोखिम के बावजूद अपना काम जारी रखा।’

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विवादों में घिरी यह ऑनलाइन मैगजीन, पब्लिश की भगवान शिव की आपत्तिजनक फोटो

आतंकवादी संगठन आईएसआईएस से जुड़ी एक ऑनलाइन मैगजीन विवादों में है। दरअसल मैगजीन के फ्रंट पर भगवान शिव की एक फोटो को प्रकाशित किया गया है, जिसका सिर गायब है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 24 November, 2021
Last Modified:
Wednesday, 24 November, 2021
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आतंकवादी संगठन आईएसआईएस से जुड़ी एक ऑनलाइन मैगजीन विवादों में है। दरअसल मैगजीन के फ्रंट पर भगवान शिव की एक फोटो को प्रकाशित किया गया है, जिसका सिर गायब है। इस प्रोपेगैंडा मैगजीन का नाम 'वॉयस ऑफ हिंद' है।

बता दें कि भगवान शिव के सिर की जगह पर संगठन का झंडा लगाया गया है और नीचे लिखा है ‘इट इज टाइम टू ब्रेक द फॉल्स गॉड्स’ अर्थात 'झूठे भगवानों को खत्म करने का समय आ चुका है।' वैसे यह मूर्ति कर्नाटक में उत्तर कन्नड़ जिले के मुरुदेश्वर शहर के समुद्र तट पर स्थित 123 फीट ऊंची प्रसिद्ध शिव प्रतिमा जैसी प्रतीत हो रही है। यह एक बेहद प्रसिद्ध तीर्थ स्थल है। इस तस्वीर को लोग सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं जो कई जगह तनाव का कारण भी बन रही है।

खुद को एनालिस्ट बताने वाले अंशुल सक्सेना ने ट्विटर पर सबसे पहले यह फोटो शेयर की थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शेयर की गई इस फोटो ने कर्नाटक में सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील तटीय जिले उत्तर कन्नड़ में तनावपूर्ण स्थिति पैदा कर दी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ऑनलाइन मैगजीन कवर में भगवान शिव की इस तरह की फोटो को लेकर हिंदू संगठन गुस्से में हैं। स्थिति को देखते हुए कर्नाटक सरकार ने मुरुदेश्वर मंदिर की सुरक्षा कड़ी कर दी है। मुरुदेश्वर तटीय शहर भटकल शहर के बहुत करीब स्थित है, जो भारतीय खुफिया एजेंसियों की लगातार निगरानी में है।

बता दें कि आतंकी यासीन भटकल इसी शहर का रहने वाला है।

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115 साल पुराने अखबार पर लगा प्रतिबंध, जानिए इसके पीछे की वजह

बेलारूस के सबसे पुराने अखबार को मंगलवार को प्रतिबंधित कर दिया गया और वह भी तब जब वह अपनी स्थापना की 115वीं वर्षगांठ मना रहा था।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 24 November, 2021
Last Modified:
Wednesday, 24 November, 2021
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बेलारूस के सबसे पुराने अखबार को मंगलवार को प्रतिबंधित कर दिया गया और वह भी तब जब वह अपनी स्थापना की 115वीं वर्षगांठ मना रहा था। इसे स्वतंत्र मीडिया पर सरकार की कठोर कार्रवाई का ताजा उदाहरण माना जा रहा है।

समाचार पत्र ‘नशा निवा’ को मिन्स्क में केन्द्रीय जिला अदालत ने कट्टरपंथी बताते हुए अवैध घोषित किया। अदालत ने सूचना मंत्रालय के अनुरोध पर यह कार्रवाई की। ‘नशा निवा’ की किसी भी सामग्री को प्रसारित या प्रचारित करने वाले को सात साल तक की कैद हो सकती है।

मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, बेलारूस के अधिकारियों ने ऑनलाइन समाचार पत्र को जुलाई में बंद कर दिया था और उसके मुख्य संपादक याहोर मार्टसिनोविच और पत्रकार एंड्री स्कर्को को गिरफ्तार कर लिया था। वे अब भी हिरासत में हैं। वैसे ‘नशा निवा’ समाचार पत्र को ऑनलाइन प्रकाशित करने वाले अधिकतर पत्रकारों ने देश छोड़ दिया है।

बताते चलें कि बेलारूस के करीब 29 पत्रकार हिरासत में हैं, जो या तो अपनी सजा काट रहे हैं या अपने मुकदमे की सुनवाई का इंतजार कर रहे हैं।

‘बेलारूस पत्रकार संघ’ के प्रमुख आंद्रेई बास्टुनेट्स ने कहा, ‘अधिकारियों द्वारा सभी को कट्टरपंथी बताकर, बेलारूस के स्वतंत्र मीडिया को तबाह करना जारी है। बेलारूस में स्थिति क्यूबा तथा ईरान से भी बदतर है और उत्तर कोरिया के मानदंडों के करीब पहुंच रही है।’

उन्होंने कहा कि ‘नशा निवा’ का राष्ट्रीय विरासत के हिस्से के रूप में स्कूल की पाठ्यपुस्तकों में व्यापक रूप से उल्लेख किया गया है। अभी यह तुरंत स्पष्ट नहीं है कि इस पर प्रतिबंध के बाद बेलारूस के अधिकारी स्थिति को कैसे संभालेंगे।

गौरतलब है कि ‘नशा निवा’ ने बड़े पैमाने पर सरकार विरोधी प्रदर्शनों पर खबरें दी हैं, जो अगस्त 2020 के राष्ट्रपति चुनाव के बाद अलेक्सांद्र लुकाशेंको के छठी बार राष्ट्रपति का कार्यकाल संभालने के बाद शुरू हुए थे। विपक्ष और पश्चिम ने राष्ट्रपति चुनाव में धांधली होने की बात कही है।

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पत्रकार नवनीत मिश्रा ने 'राजस्थान पत्रिका' से किया नई पारी का आगाज, निभाएंगे यह जिम्मेदारी

राजनीतिक रिपोर्टिंग में गहरी रुचि रखने वाले युवा पत्रकार नवनीत मिश्रा ने ‘राजस्थान पत्रिका’ (Rajasthan Patrika) के साथ अपनी नई पारी शुरू की है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 17 November, 2021
Last Modified:
Wednesday, 17 November, 2021
Navneet Mishra

राजनीतिक रिपोर्टिंग में गहरी रुचि रखने वाले युवा पत्रकार नवनीत मिश्रा ने ‘राजस्थान पत्रिका’ (Rajasthan Patrika) के साथ अपनी नई पारी शुरू की है। उन्होंने ‘राजस्थान पत्रिका’ के दिल्ली स्थित नेशनल ब्यूरो में बतौर स्पेशल करेसपॉन्डेंट जॉइन किया है। यहां पर वह बीजेपी/आरएसएस और केंद्र सरकार से जुड़े मामले कवर करेंगे।

‘राजस्थान पत्रिका’ से पूर्व नवनीत मिश्रा करीब दो साल से बतौर प्रिंसिपल पॉलिटिकल करेसपॉन्डेंट न्यूज एजेंसी ‘आईएएनएस’ (IANS) में अपनी भूमिका निभा रहे थे। ‘आईएएनएस’ में भी उनके पास सरकार/पीएमओ/बीजेपी जैसी प्रमुख बीट थीं। उन्होंने संघ और बीजेपी से जुड़ीं कई खबरें ब्रेक कीं।

मूल रूप से जौनपुर (उत्तर प्रदेश) के रहने वाले नवनीत मिश्रा को मीडिया के क्षेत्र में काम करने का करीब दस साल का अनुभव है। इस दौरान वह ‘आजतक‘ और ‘एनडीटीवी‘ की डिजिटल टीम समेत ‘जनसत्ता‘, दैनिक जागरण‘ और ‘अमर उजाला‘ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं। इसके अलावा वह ‘इंडिया संवाद’ वेबसाइट में भी अपनी भूमिका निभा चुके हैं।

पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो नवनीत मिश्रा ने जौनपुर की ‘वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल यूनिवर्सिटी’ से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। समाचार4मीडिया की ओर से नवनीत मिश्रा को उनके नए सफर के लिए ढेरों शुभकामनाएं।

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नेहरू जी की जयंती पर ‘नेशनल हेराल्ड’ ने लॉन्च किया ये एडिशन

यह पब्लिकेशन वर्ष 1938 में पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा एक दैनिक समाचार पत्र और भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के अगुआ के रूप में शुरू किया गया था।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Saturday, 13 November, 2021
Last Modified:
Saturday, 13 November, 2021
National Herald

अंग्रेजी अखबार ‘नेशनल हेराल्ड’ (National Herald) ने अपना मुंबई संस्करण लॉन्च किया है। अखबार के मुंबई एडिशन को इसके संस्थापक और देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू की 132वीं जयंती के मौके पर लॉन्च किया गया है।

बता दें कि यह पब्लिकेशन वर्ष 1938 में पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा एक दैनिक समाचार पत्र और भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के अगुआ के रूप में शुरू किया गया था। ‘नेशनल हेराल्ड’ ग्रुप में हिंदी में ‘नवजीवन’ (Navjivan) और उर्दू में ‘कौमी आवाज’ (QAUMI AWAZ) अखबार शामिल हैं।

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दैनिक भास्कर’ को बाय बोलकर अब इस अखबार से जुड़े पत्रकार विवेक मिश्रा

पत्रकार विवेक मिश्रा ने ‘दैनिक भास्कर’ को अलविदा कह दिया है। वह इस अखबार के रोहतक एडिशन में करीब पांच साल से बतौर सीनियर रिपोर्टर कार्यरत थे।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 11 November, 2021
Last Modified:
Thursday, 11 November, 2021
Vivek Mishra

पत्रकार विवेक मिश्रा ने ‘दैनिक भास्कर’ को अलविदा कह दिया है। वह इस अखबार के रोहतक एडिशन में करीब पांच साल से बतौर सीनियर रिपोर्टर कार्यरत थे। विवेक मिश्रा ने अब ‘दैनिक जागरण’ कानपुर के साथ अपने नए सफर का आगाज किया है।

बता दें कि विवेक मिश्रा ने करीब पांच साल पहले ‘राजस्थान पत्रिका‘ के सतना एडिशन से इस्तीफा देकर ‘दैनिक भास्कर‘ से नई शुरुआत की थी। ‘दैनिक भास्कर’ में अपनी पारी के दौरान विवेक मिश्रा ने रोहतक PGI को कवर कर हरियाणा के शीर्ष हेल्थ रिपोर्टर के रूप में अपना मुकाम बनाया। उन्होंने कोविड-19 के दौरान वार्ड से भास्कर live के लिए रिपोर्टिंग की। इसके साथ ही कई स्टिंग आपरेशन को भी अंजाम दिया।

मूल रूप से कानपुर के रहने वाले विवेक मिश्रा करीब 13 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं और विभिन्न मीडिया घरानों में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय (Rajarshi Tandon Open University) से पत्रकारिता में पीजी करने के बाद विवेक ने साल 2009 में गृह जनपद कानपुर से निकलने वाले सांध्य अखबार ‘कंपूमेल’ के साथ बतौर रिपोर्टर अपने करियर की शुरुआत की थी।

इसके बाद उन्होंने ‘पॉयनियर‘ (हिंदी) और वर्ष 2012 में आगरा से प्रकाशित ‘द सी एक्सप्रेस’ में काम किया। एक वर्ष बाद उन्होंने कानपुर में ‘जनसंदेश टाइम्स’ जॉइन कर लिया और इस दौरान उन्होंने रेलवे, एजुकेशन, मेडिकल व खेल बीट संभाली। ‘राजस्थान पत्रिका‘ के सतना एडिशन से साल 2014 में बतौर संवाददाता जुड़े विवेक ने यहां एजुकेशन बीट संभालने के साथ ही रेलवे से भी जुड़ी कई बड़ी व तथ्यात्मक खबरों को ब्रेक किया था। फिर ‘दैनिक भास्कर‘ होते हुए उन्होंने अब ‘दैनिक जागरण‘ के साथ पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी नई पारी का आगाज किया है। समाचार4मीडिया की ओर से विवेक मिश्रा को उनके नए सफर के लिए ढेरों शुभकामनाएं।

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सर्वोच्च नेता से संबंधित चित्र प्रकाशित करना अखबार को पड़ा महंगा, लगी पाबंदी

ईरान के न्यायिक अधिकारियों ने सोमवार को एक अखबार पर कथित रूप से प्रतिबंध लगा दिया है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Tuesday, 09 November, 2021
Last Modified:
Tuesday, 09 November, 2021
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ईरान के न्यायिक अधिकारियों ने सोमवार को एक अखबार पर कथित रूप से प्रतिबंध लगा दिया है। ऐसा इसलिए क्योंकि अखबार ने अपने पहले पन्ने पर सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामनेई जैसे दिखने वाले हाथ का ग्राफिक चित्र बनाया दिया था। चित्र में खामनेई के हाथ जैसे दिखने वाले हाथ से ईरान की गरीबी रेखा को बनाते दिखाया गया था।

गौरतलब है कि देश की गिरती अर्थव्यवस्था पर यहां की जनता का आक्रोश बढ़ता ही रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान की मीडिया की निगरानी करने वाली संस्था ने दैनिक अखबार ‘केलिद’ को बंद कर दिया है क्योंकि शनिवार को उक्त अखबार के पहले पृष्ठ पर एक आलेख छापा गया था जिसका शीर्षक था ‘गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करते लाखों ईरानी।’

शीर्षक के नीचे एक चित्र बनाया गया था, जिसमें एक व्यक्ति ने अपने बाएं हाथ में कलम पकड़ी हुई है और वह लाल रंग की रेखा खींच रहा है जिसके नीचे आम जनता को दर्शाया गया है। यह ग्राफिक खामनेई के एक पुराने चित्र से मेल खाता है जिसमें वह अपने बाएं हाथ से कागज के एक टुकड़े पर कुछ लिख रहे हैं और उनकी एक अंगुली में अंगूठी है जो वह अकसर पहनते हैं।

वर्ष 1981 में हुई बमबारी के बाद से उनका दाया हाथ काम नहीं करता। सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए ने कहा कि केलिद को बंद कर दिया गया है। इसका कारण स्पष्ट नहीं किया गया है। केलिद की ओर से इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। अखबार की वेबसाइट भी बंद कर दी गई है।

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नहीं रहे जागरण ग्रुप के चेयरमैन योगेंद्र मोहन गुप्ता, नेताओं-पत्रकारों ने दी श्रद्धांजलि

‘जागरण समूह’ (Jagran Group) के चेयरमैन योगेंद्र मोहन गुप्ता का शुक्रवार को निधन हो गया है

Last Modified:
Friday, 15 October, 2021
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‘जागरण समूह’ (Jagran Group) के चेयरमैन योगेंद्र मोहन गुप्ता का शुक्रवार को निधन हो गया है। वह पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे। योगेंद्र मोहन गुप्ता की अंत्येष्टि शनिवार को कानपुर में भैरवघाट में होगी।

दैनिक जागरण समाचार पत्र समूह को ऊंचाइयों पर ले जाने के साथ ही कला और संस्कृति के क्षेत्र में भी उनका काफी योगदान रहा। लक्ष्मीदेवी ललित कला अकादमी की स्थापना का श्रेय उन्हें ही जाता है। राष्ट्रीय के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर भी साहित्य और कला प्रेमियों को उन्होंने हमेशा ही बढ़ावा दिया। 

योगेंद्र मोहन गुप्ता एक कवि भी थे। उनकी कई पुस्तकें भी प्रकाशित हुईं। पत्रकारिता में एडवर्टाइजिंग को उन्होंने नई विधा दी। योगेन्द्र मोहन के निधन पर केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत तमाम राजनीतिक हस्तियों, पत्रकारों, साहित्यकारों और उद्योगपतियों ने उन्हें श्र्द्धांजलि दी है।

 

 

 

 

 

 

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मीडिया में आ रहे बड़े बदलावों से रूबरू कराएगा BW Businessworld का यह अंक

बिजनेस मैगजीन ‘बिजनेसवर्ल्ड’ (BW Businessworld) के आगामी अंक में इसके बारे में और विस्तार से जानकारी दी गई है और देश में मीडियाटेक्नोलॉजी पर फोकस किया गया है।

Last Modified:
Friday, 15 October, 2021
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मीडिया के क्षेत्र में टेक्नोलॉजी की काफी अहम भूमिका है, लेकिन इसका असली फायदा सिर्फ वही लोग उठा सकते हैं, जो टेक्नोलॉजी को कंटेंट, कल्चर, कॉमर्स, अंतरक्रियाशीलता (interactivity) और मीडियाटेक के इस युग में प्रमुख प्लेटफॉर्म के संयोजन के रूप में बेहतर तरीके से इसका इस्तेमाल करना जानते हों। बिजनेस मैगजीन ‘बिजनेसवर्ल्ड’ (BW Businessworld) का अगला अंक इसी स्ट्रैटेजी पर केंद्रित है।

वर्ष 2020 की बात करें तो भारतीय मीडिया और एंटरटेनमेंट (M&E) सेक्टर ने $877.8 मिलियन डॉलर का निवेश जुटाया। यह इस लिहाज से काफी उल्लेखनीय कहा जा सकता है कि महामारी के कारण इस सेक्टर को इस दौरान काफी विरोधाभासी स्थितियों का सामना करना पड़ा। एक तरफ तो कुछ बड़े मीडिया संस्थानों को अप्रत्याशित मंदी का सामना करना पड़ा, जबकि कुछ ने काफी तेजी से सफलता का सफर तय किया, अन्यथा इस स्थिति को हासिल करने में उन्हें काफी वर्षों लग जाते। भारत में इस तरह के मीडिया बिजनेस के आगे बढ़ने का एक ही कारण था कि वे सभी टेक्नोलॉजी केंद्रित मीडिया प्लेटफॉर्म्स थे।

कुछ मीडिया प्लेटफॉर्म्स के सामने अस्तित्व का संकट खड़ा हो गया तो कुछ में लाखों का निवेश हुआ। निवेश हासिल करने वालों में ‘मोहल्ला टेक’ (Mohalla Tech) कंपनी के स्वामित्व वाला शॉर्ट वीडियो ऐप ‘Moj‘ और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्स ‘शेयरचैट‘ (ShareChat), ‘डेली हंट‘ (Daily Hunt) का शॉर्ट वीडियो ऐप ‘जोश’ (Josh) और प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत शुरू किया गया ‘कू’ (Koo) आदि शामिल हैं। भारत में डिजिटल का उदय देश के लिए अपना घरेलू मीडिया प्लेटफॉर्म बनाने के अवसर को और मजबूती प्रदान कर रहा है। जो इस फील्ड में अपना स्थान बनाने की प्रतिस्पर्धा में हैं, वे सोशल, कॉमर्स, कंटेंट और कल्चर को भी इसमें शामिल कर रहे हैं, जिसकी भारतीय एंटरप्रिन्योर्स को अच्छी समझ है। इस स्ट्रैटेजी से वे अब तक सफल हो रहे हैं। 

देश की सबसे पुरानी बिजनेस मैगजीन ‘बिजनेसवर्ल्ड’ (BW Businessworld) के आगामी अंक (issue) में इसके बारे में और विस्तार से जानकारी दी गई है और देश में मीडियाटेक्नोलॉजी पर फोकस किया गया है। प्रसिद्ध कहावत है कि 'कंटेंट इज किंग बट डिस्ट्रीब्यूशन इज गॉड'  (Content is King but Distribution is God), लेकिन इस अंक में इस बात पर भी रोशनी डाली गई है कि कैसे इस तरह की विचारधारा एक ऐसी दुनिया में बदल गई है जहां टेलीविजन को व्यक्तिगत स्क्रीन (personal screens) में बदला जा रहा है। कंटेंट की प्राथमिकताओं की बात करें तो आजकल कंज्यूमर्स के लिए पसंदीदा भाषाएं और वीडियो पहली पसंद बन रही है, फिर चाहे वे ऑनलाइन शॉपिंग ही क्यों न कर रहे हों।

इस बारे में ‘बिजनेस वर्ल्ड’ और ‘एक्सचेंज4मीडिया’ ग्रुप के चेयरमैन व एडिटर-इन-चीफ डॉ. अनुराग बत्रा का कहना है, ‘ मीडिया ही ऑरिजनल ‘डायरेक्ट टू कस्टमर’ (D2C) है। यहीं पर दुनिया के सबसे ज्यादा खर्च करने वालों को अपने कंज्यूमर्स तक पहुंचने के लिए अपना पैसा लगाना पड़ा। समय के साथ, टेक्नोलॉजी ने तमाम बैरियर्स को तोड़ दिए हैं और कई संयोजन (combinations) बनाए हैं, लेकिन मीडिया की ताकत केवल बढ़ी है। इस क्षेत्र ने उन विघटनकर्ताओं (disruptors) का उदय देखा है जिन्होंने नए मॉडल पेश किए हैं। मार्केट के गैप को दूर करने के अवसर पैदा किए हैं और इस प्रक्रिया में मीडिया की परिभाषा पहले से विकसित हुई है।’

गेमिंग और सोशल कॉमर्स आज मीडिया का उतना ही हिस्सा हैं, जितना कि ‘ओवर द टॉप’(ओटीटी) या शॉर्ट वीडियो कंटेंट प्लेटफॉर्म। यह व्यापक स्पेक्ट्रम भारत को, एक प्रड्यूसर और कंज्यूमर दोनों के रूप में कंटेंट का दिग्गज बनाता है और इसे आगे बढ़ाता है।

मैगजीन के इस अंक में देश के टॉप मीडियाटेक स्टार्ट-अप्स और प्रतिष्ठित मीडिया घरानों के विचारों को शामिल किया जाएगा, जिनके पास भविष्य के अनुकूल खुद को ढालने के लिए टेक्नोलॉजी है। इस अंक में इंडस्ट्री के विचारों, नए मीडिया मुद्रीकरण के रुझानों और मीडिया परिदृश्य में बड़े बदलावों को शामिल किया जाएगा। इसके अलावा इस अंक में इस बात पर भी बारीकी से प्रकाश डाला जाएगा कि वर्तमान में और महामारी के बाद के भारत में मीडिया टेक्नोलॉजी कैसे एक बहुत बड़ा और अच्छा अवसर है।

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