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क्या आपने देखे हैं आज के हिंदी अखबारों के फ्रंट पेज!
दैनिक भास्कर में जैकेट विज्ञापन के कारण आज तीसरे पेज को फ्रंट पेज बनाया गया है, वहीं हिन्दुस्तान में दो फ्रंट पेज बनाए गए हैं
नीरज नैयर 6 years ago
महाराष्ट्र और हरियाणा में विधानसभा चुनावों की वोटिंग के साथ ही एग्जिट पोल भी सामने आ गए हैं। इनमें दोनों ही राज्यों में ‘कमल’ खिलने के आसार जताए गए हैं। दिल्ली से प्रकाशित होने वाले अखबारों में आज एग्जिट पोल की ही चर्चा है।
आज शुरुआत दैनिक जागरण से करते हैं। अखबार में एग्जिट पोल लीड है, जिसे टॉप में सात कॉलम जगह मिली है। दूसरी बड़ी खबर रविदास मंदिर पर यू-टर्न है। शिक्षकों की नियुक्ति पर रोक हाई कोर्ट ने हटाई, इस समाचार सहित करतारपुर शुल्क पर भारत की सहमति को दो-दो कॉलम में लगाया गया है। इसके अलावा, पेज पर तीन सिंगल कॉलम खबरें और संक्षिप्त समाचार भी हैं। यानी देखा जाए तो फ्रंट पेज पर चार बड़ी खबरों को ही स्थान मिल सका है।
अमर उजाला ने आज चुनावी पोल को लीड के बजाय टॉप बॉक्स में लगाया है। इसके पास ही जीत की दहलीज पर खड़ी टीम इंडिया की फोटो है। लीड रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के बयान को रखा गया है। राजनाथ सिंह का कहना है कि यदि पाक ने घुसपैठ नहीं रोकी तो सेना मुंहतोड़ जवाब देती रहेगी। रविदास मंदिर विवाद, सियाचिन खुलेगा पर्यटकों के लिए और करतारपुर पर शुल्क को लेकर भारत की सहमति से जुड़ी खबर भी फ्रंट पेज पर है। बैंकों की हड़ताल और संसद के शीतसत्र को संक्षिप्त में जगह मिली है।
अब दैनिक भास्कर को देखें तो अखबार में जैकेट विज्ञापन है और तीसरे पेज को फ्रंट पेज बनाया गया है। पेज पर लीड खबर कौन सी है, इसका फैसला भास्कर ने फिर से पाठकों पर छोड़ दिया है। क्योंकि दो समाचारों को एक समान शीर्षक दिया गया है, यानी उनका फॉन्ट और साइज एक ही है। टॉप बॉक्स में एग्जिट पोल हैं, जिन्हें 2014 के आंकड़ों के साथ तुलनात्मक रूप से पेश किया गया है। दूसरी बड़ी खबर, अनूप मिश्रा की स्टोरी है, जिसमें उन्होंने बताया है कि आरोपी अशफाक ने किस तरह कमलेश तिवारी का दिल जीता था।
करतारपुर कॉरिडोर, पाक ने बंद की डाक सेवा, बैंक हड़ताल और पाकिस्तान को राजनाथ सिंह की चेतावनी को भी पेज पर जगह मिली है। वहीं, अयोध्या विवाद और ट्रेनों में देरी के खुलासे को दैनिक भास्कर ने प्रमुखता से लगाया है। मुस्लिम पक्ष का कहना है कि अयोध्या पर फैसला देश की भावी पीढ़ियों पर असर डालेगा। आरटीआई में यह बात सामने आई है कि 18% राजधानी और 19% शताब्दी ट्रेनें देरी से चलीं। एंकर में नोबल पुरस्कार विजेता अभिजीत हैं,जिनसे हेमंत अत्री ने भारतीय अर्थव्यवस्था पर बात की है।
वहीं, नवभारत टाइम्स में लीड चुनाव है, जिसे कलात्मक शीर्षक ‘अबकी बार दो-तिहाई पार’ के साथ लगाया गया है। दूसरी बड़ी खबर के रूप में संत रविदास मंदिर विवाद है। कोर्ट के निर्देश पर जहां मंदिर गिराया गया था, अब उसे वहीं फिर से बनाया जाएगा। सवाल ये उठता है कि जब दोबारा बनाना ही था तो तोड़ने की क्या जरूरत थी? वहीं, कमलेश तिवारी के हत्यारों पर पुलिस ने पांच लाख का इनाम घोषित किया है, इस समाचार को भी अखबार ने प्रमुखता से लगाया है। इसके अलावा, पेज पर तीन अन्य खबरें हैं। मसलन, भारत से डाक सेवा पर पाकिस्तान ने लगाई रोक, पर्यटक अब सियाचिन का भी लुत्फ उठा सकेंगे, देश में हत्याएं कम हुईं लेकिन अपहरण बढ़े हैं।
हिन्दुस्तान में आज दो फ्रंट पेज हैं। पहले फ्रंट पेज पर लीड एग्जिट पोल है। इसके अलावा, विज्ञापनों के चलते पेज पर केवल दो अन्य खबरें ही लगाई जा सकी हैं। पहली, जॉयदीप ठाकुर की स्टोरी है, जिसमें उन्होंने बताया है कि 29 अक्टूबर से 15 दिनों तक दिल्ली की हवा और खराब होगी। दूसरी, करतारपुर पर पाकिस्तान से कल होगी बात है। दूसरे फ्रंट पेज पर लीड संत रविदास है, जबकि सियाचिन को सैलानियों के लिए खोलने की खबर को टॉप बॉक्स में रखा गया है। कमलेश हत्याकांड और सोशल मीडिया के लिए नए नियम दो-दो कॉलम में हैं। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि वह सोशल मीडिया पर नियंत्रण के लिए तीन माह में नए नियम तैयार करेगी।
इनके अलावा, नवोदय टाइम्स में फ्रंट पेज की शुरुआत टॉप बॉक्स से हुई है। जहां अपराध से जुड़ी खबर को लगाया गया है। दिल्ली में पॉलीथिन न देने पर ग्राहक ने बेकरीकर्मी की हत्या कर दी, दैनिक जागरण ने इस खबर को सिंगल में लगाया है। लीड एग्जिट पोल है, जिसे अपेक्षाकृत काफी बड़ी जगह प्रदान की गई है। इसके अलावा, पाकिस्तान की तरफ से हुई गोलीबारी को पैकेज के रूप में प्रमुखता से लगाया गया है। इसी में सेना प्रमुख और जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल को बयान को रखा गया है। एंकर में सियाचिन है, जिसे पर्यटकों के लिए खोला जाएगा।
आज आखिर में देशबंधु को देखें तो अखबार ने महाराष्ट्र-हरियाणा चुनाव के संभावित परिणामों को लीड का दर्जा दिया है। इसके पास ही कमलेश हत्याकांड का समाचार है। संत रविदास मंदिर और पाकिस्तान द्वारा रोकी गई डाक सेवा की खबर को भी प्रमुखता के साथ स्थान मिला है। पाक ने भारत के साथ पोस्टल सर्विस को फिलहाल बंद कर दिया है। मुंबई के आरे मामले में कोर्ट ने यथास्थिति बरकरार रखने के आदेश दिए हैं। यानी अब मेट्रो के नाम पर पेड़ों की कुर्बानी नहीं दी जाएगी। इस समाचार को देशबंधु ने उसकी अहमियत के अनुसार जगह दी है। नवोदय टाइम्स ने भी इसे सिंगल में लगाया है।
आज का ‘किंग’ कौन?
1: लेआउट की बात करें, तो आज नवभारत टाइम्स, हिन्दुस्तान और अमर उजाला सबसे आगे हैं। सीमित जगह में भी इन अखबारों की टीम ने बेहतरीन ले-आउट प्रस्तुत किया है।
2: खबरों की प्रस्तुति सभी की लगभग एक जैसी है, किसी ने कुछ खास किया हो ऐसा नजर नहीं आता।
3: कलात्मक शीर्षक की बात करें तो नवभारत टाइम्स को विजेता कहा जा सकता है। हालांकि, ‘अबकी बार दो-तिहाई पार’ कोई ज्यादा आकर्षक शीर्षक नहीं है, लेकिन बाकी अखबारों की सीधी-सपाट हेडलाइन के मुकाबले यह बेहतर है।
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