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फ्रंट पेज पर अखबारों में आज इन खबरों को मिली जगह
‘अमर उजाला’ को छोड़कर अन्य हिंदी अखबारों के फ्रंट पेज पर आज थोड़े-बहुत विज्ञापन हैं
नीरज नैयर 6 years ago
दिल्ली से प्रकाशित होने वाले अखबारों में आज तीन खबरें प्रमुख हैं। पहली, अब तक के सबसे बड़े निजीकरण का फैसला। दूसरी, एनआरसी पर अमित शाह का बयान और तीसरी, अवैध या कच्ची कॉलोनियों पर बिल को मंत्रिमंडल की मंजूरी। वहीं विज्ञापन की बात करे तो ‘अमर उजाला’ को छोड़कर सभी अखबारों के फ्रंट पेज पर थोड़े-बहुत विज्ञापन हैं।
शुरुआत आज 'दैनिक भास्कर’ से करते हैं। लीड निजीकरण का सबसे बड़ा फैसला है, जिसके तहत सरकार भारत पेट्रोलियम सहित पांच कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी बेचेगी। वहीं, दूसरी खबर के रूप में महाराष्ट्र का सियासी संग्राम है। जहां चुनाव परिणामों के 27 दिन बाद भी सरकार का चेहरा साफ नहीं हो पाया है। वहीं गोवा में शुरूहुए इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल का समाचार भी पेज पर है। इस खबर में रजनीकांत की अमिताभ के पैर छूती हुई फोटो को भी लगाया गया है। चौंकाने वाली बात यह है कि 'दैनिक भास्कर’ ने एनआरसी को लेकर अमित शाह के बयान को फ्रंट पेज पर नहीं लगाया है।
अब बात करते हैं ’हिन्दुस्तान’ की। फ्रंट पेज की शुरुआत टॉप बॉक्स से हुई है, जिसमें बनारस विश्विद्यालय के सहायक प्रोफेसर डॉ. फिरोज खान को जगह मिली है। विवाद के बाद से डॉ. खान कहीं गायब हो गए हैं। उन्हें लेकर कल दिनभर अफवाहों का दौर चलता रहा। लीड, कच्ची कॉलोनियों के वैध होने की खबर है। इसे ‘कच्ची कॉलोनियों पर केंद्र का करम’शीर्षक के साथ लगाया गया है। एनआरसी पर अमित शाह के बयान सहित महाराष्ट्र के सियासी संग्राम को बड़ी जगह मिली है। वहीं, एंकर में श्रीलंका की सियासत है। श्रीलंका में जहां छोटा भाई राष्ट्रपति है, तो बड़े के पास प्रधानमंत्री की कुर्सी है। दुनिया में शायद यह पहला मामला है। इसके अलावा, चार सिंगल खबरें भी हैं। इनमें सबसे अहम् है कॉल दरों में जबरदस्त इजाफे का सुझाव और यह सुझाव किसी और ने नहीं बल्कि सरकार ने दिया है। दूरसंचार मंत्रालय ने टेलिकॉम कंपनियों को सुझाव दिया है कि कॉल दरों में 20 फीसदी की बढ़ोतरी की जाये।
आज ‘अमर उजाला’ के पाठकों को फ्रंट पेज पर काफी खबरें मिली हैं। पेज की शुरुआत टॉप बॉक्स से हुई है, जिसमें अवैध कॉलोनियों को वैध करने से जुड़ा समाचार है। लीड निजीकरण का फैसला है, जिसका शीर्षक एक ही नजर में सबकुछ स्पष्ट करता है। वहीं दीवान हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (DHFL) पर रिजर्व बैंक की कार्रवाई को भी लीड के पास ही डॉटेड बॉक्स में रखा गया है। वित्तीय संकट से जूझ रहे DHFL का बोर्ड भंग कर दिया गया है।
इस अखबार में तीन ऐसी खबरें भी हैं, जिन्हें दूसरे अखबारों के फ्रंट पेज पर जगह नहीं मिली है। मसलन, ड्रग्स ओवरडोज के चलते फोर्टिस की महिला डॉक्टर की मौत, भारत को 71 अरब की सैन्य तोपें बेचेगा अमेरिका और मौलिक अधिकारों पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी। सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि यदि मौलिक अधिकारों की रक्षा नहीं की गई तो संविधान का महत्व खत्म हो जाएगा। वहीं एंकर में एक पढ़ने योग्य खबर को सजाया गया है। अंतर्राष्ट्रीय पुरुष सप्ताह पर सचिन तेंदुलकर ने पुरुषों के नाम भावुक पत्र लिखा है। अब पत्र में ऐसा क्या है कि उसे एंकर में जगह मिल गई, इसके लिए आपको खबर पढ़नी होगी। ‘न्यूज डायरी’में भी कई समाचारों को जगह मिली है। इनमें सबसे अहम है अगले साल से महंगा होने वाला बीमा। गैरजीवन बीमा अब 15% महंगा होने वाला है।
आज का ’किंग’ कौन?
1: लेआउट में‘अमर उजाला’ और ‘हिन्दुस्तान’ बाकी अखबारों से अच्छे नजर आ रहे हैं।‘नवभारत टाइम्स’ ने ज्यादा खबरें लगाने के चक्कर में फ्रंट पेज को काफी अटपटा कर दिया है।
2: खबरों की प्रस्तुति में ‘दैनिक भास्कर’, ‘अमर उजाला’ के साथ ‘हिन्दुस्तान’ बेहतर है।
3: कलात्मक शीर्षक के मामले में आज बाजी ‘हिन्दुस्तान’ के नाम रही है। लीड का शीर्षक ‘कच्ची कॉलोनियों पर केंद्र का करम’आकर्षक है। हालांकि, लीड के शीर्षक में ‘नवभारत टाइम्स’ ने भी प्रयोग किया है, लेकिन वह उतना आकर्षक दिखाई नहीं दे रहा।
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