होम / प्रिंट / खबरों के मामले में आज कुछ ऐसा रहा हिंदी अखबारों का फ्रंट पेज
खबरों के मामले में आज कुछ ऐसा रहा हिंदी अखबारों का फ्रंट पेज
दिल्ली से प्रकाशित होने वाले प्रमुख अखबारों में आज भी काफी विज्ञापन है। नवभारत टाइम्स में तीसरे पेज को बनाया गया है फ्रंट पेज
नीरज नैयर 6 years ago
अखबारों में जबरदस्त विज्ञापनों का सिलसिला जारी है। दिल्ली से प्रकाशित होने वाले प्रमुख अखबारों में आज भी अच्छे-खासे विज्ञापन हैं। आज सबसे पहले अमर उजाला की बात करें तो पेज की शुरुआत में ही फोटो के साथ बारिश से बिगड़ते हालातों को बयां किया गया है। इसके बाद लीड है, जिसमें राजनाथ सिंह के पीओके पर बयान के साथ ही कश्मीर की स्थिति को वैल्यू एडिशन के तौर पर रखा गया है। हुड्डा की बगावत को डेढ़ कॉलम में जगह मिली है। यमुना एक्सप्रेस वे हादसे से जुड़ी खबर को प्रमुखता से लगाया गया है और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के रिश्तेदारों पर सीबीआई का कसता शिकंजा सबसे नीचे दो कॉलम में है।
आज नवोदय टाइम्स का फ्रंट पेज देखें तो अखबार ने राजनाथ सिंह को लीड लगाया है, लेकिन उसकी प्रस्तुति बेहद सामान्य है। दो कॉलम खबर में तीन लाइन का शीर्षक लगाने से सिर बड़ा और धड़ छोटा जैसी स्थिति हो गई है। पेज पर दूसरी बड़ी खबर भारी बारिश के चलते यमुना का खतरे के निशान की तरफ बढ़ना है। सहारनपुर में पत्रकार और उसके भाई की हत्या को भी अखबार ने तीन कॉलम में लगाया है। इसके अलावा बागी हुड्डा और एमपी के सीएम कमलनाथ के भांजे की खबर को भी प्रथम पेज पर जगह मिली है। अरुण जेटली की बिगड़ती तबीयत को डीप सिंगल कॉलम में रखा गया है, जबकि यमुना एक्सप्रेस वे हादसे को महज पॉइंटर में ही निपटा दिया गया है।
नवभारत टाइम्स ने आज तीसरे पेज को फ्रंट पेज बनाया है। अखबार ने लीड ऐसी खबर को बनाया है, जिसकी चर्चा पिछले कुछ दिनों से थी, लेकिन कोई उसे समझ नहीं पाया। नरेंद्र मिश्रा ने अपनी बाईलाइन स्टोरी में बताया है कि पीएम अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए बड़े फैसले लेने वाले हैं। निश्चित तौर पर आज यह खबर सबसे ज्यादा पढ़ी जाएगी। इसके पास ही राजनाथ सिंह के पीओके पर दिए बयान को रंगीन बैकग्राउंड के साथ लगाया गया है, जिससे यह खबर काफी निखर कर आ रही है। इसके नीचे तीन कॉलम में स्थानीय समाचार को प्रमुखता से रखा गया है। अपनी मां को जलता देखकर 9 साल की बच्ची ने जिस हिम्मत से काम लिया, वो काबिले तारीफ है। नवभारत ने बाढ़ की विकरालता को फोटो और रंगीन बैकग्राउंड के साथ डीप दो कॉलम में उतारा है। इसके दोनों तरफ दो-दो सिंगल खबर हैं, जिसमें एक्सप्रेस –वे पर हादसा और भूपेंद्र सिंह हुड्डा के बगावती तेवरों सहित दो अन्य समाचार हैं। एंकर में राहुल आनंद की एम्स से जुड़ी एक स्टोरी है, जो दर्शाती है कि अस्पताल के स्टाफ ने मुश्किल वक्त में किस तरह मोर्चा संभाला।
बाकी अखबारों की तरह दैनिक जागरण के फ्रंट पेज पर भी काफी विज्ञापन हैं, इसलिए केवल पांच बड़ी खबरें ही जगह पा सकी हैं। लीड राजनाथ सिंह हैं और दूसरी मुख्य खबर घाटी के हालात हैं, जिसे तीन कॉलम में फोटो के साथ रखा गया है। यमुना एक्सप्रेस वे पर हादसा और बगावती हुड्डा को भी अखबार ने प्रमुखता से लगाया है। एंकर के रूप में दैनिक जागरण ने दिलचस्प और ज्ञान बढ़ाने वाली खबर प्रस्तुत की है। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वालों के लिए तो यह न्यूज बेहद ज़रूरी है, क्योंकि यह सवाल उनसे भविष्य में पूछा जा सकता है कि टेस्ट क्रिकेट इतिहास में पहले स्थानापन्न बल्लेबाज का नाम क्या है?
वहीं, हिन्दुस्तान के फ्रंट पेज पर विज्ञापनों के चलते सिर्फ 6 बड़ी खबरें ही आ सकी हैं। लीड पीओके पर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के बयान को रखा गया है। इसके पास तीन कॉलम में मदन जैड़ा की ‘बीपी जांच’ को लेकर पढ़ने योग्य स्टोरी है। इसके नीचे भूपेंद्र सिंह हुड्डा के बगावती तेवर और एम्स में अग्निकांड के बाद सेवाओं की बहाली का समाचार है। यमुना एक्सप्रेस वे हादसे को पेज पर दो कॉलम जगह मिली है। इसके अलावा बहन के प्रेमी की हत्या को भी प्रमुखता से लगाया गया है। अरुण जेटली की हालत गंभीर, इस समाचार को हिन्दुस्तान ने सिंगल कॉलम में लिया है।
टैग्स हिन्दुस्तान दैनिक जागरण अमर उजाला नवोदय टाइम्स नवभारत टाइम्स न्यूजपेपर कवरेज न्यूजपेपर्स अखबारों का विश्लेषण अखबार समीक्षा