विज्ञापनों की ‘बारिश’ के बीच आज कुछ ऐसे रहे अखबारों के फ्रंट पेज

नवभारत टाइम्स में पांचवें पेज को जबकि हिन्दुस्तान में तीसरे पेज को बनाया गया है फ्रंट पेज

नीरज नैयर by नीरज नैयर
Published - Friday, 13 September, 2019
Last Modified:
Friday, 13 September, 2019
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मानसूनी बारिश भले ही दिल्लीवासियों को तरसा रही हो, लेकिन यहां से प्रकाशित होने वाले प्रमुख अखबारों पर विज्ञापनों की ‘बारिश’ लगातार जारी है। आज शुरुआत नवोदय टाइम्स से करते हैं। नवोदय टाइम्स ने फ्रंट पेज की लीड सबसे हटकर लगाई है। ‘हथियार भरे ट्रक समेत 3 आतंकी दबोचे’ शीर्षक तले घाटी को दहलाने की नाकाम कोशिश से जुड़ी खबर को चार कॉलम में रखा गया है। इसी में सूखे कुएं से 8 बम मिलने की खबर भी है।

अर्थव्यवस्था की सुस्ती पर विपक्षी नेताओं की चिंता को बॉक्स में प्रमुखता से जगह दी गई है। 2 लाख का चालान भी फ्रंट पेज पर है। नवोदय टाइम्स ने बेटी के समलैंगिक होने की आशंका में पिता की खुदकुशी के समाचार को भी फ्रंट पेज पर जगह दी है। मोदी के विपक्ष पर हमले की खबर को दो कॉलम और घूसखोर अफसर पर सीबीआई की कार्रवाई से जुड़ी न्यूज को एंकर में लगाया गया है। इसके अलावा पेज पर गणपति विसर्जन के दौरान स्टूडेंट्स के डूबने के साथ ही करतारपुर पर पाकिस्तान की नई चाल से जुड़ी खबर है। पाक का कहना है कि वो करतारपुर आने वालों से 20 डॉलर का सुविधा शुल्क लेगा।

अब रुख करते हैं नवभारत टाइम्स का, जहां पांचवें पेज को फ्रंट पेज बनाया गया है। अखबार में जाधव मामले में पाकिस्तान के यू-टर्न को लीड बनाया गया है। ‘जाधव से दोबारा नहीं मिलने देगा पाकिस्तान’ शीर्षक के साथ लीड में जम्मू-कश्मीर का भी जिक्र है। इस तरह से यह पड़ोसी की कारगुजारियों और कश्मीर का एक पैकेज बन गया है। इसके पास ही एक बड़ी जगह क्रिकेट के नाम समर्पित है। रंगीन बॉक्स में क्रिकेट से जुड़ी तीन खबरें हैं। पहली अरुण जेटली स्टेडियम में एक स्टैंड का नाम विराट रखा गया है। इस नामकरण के मौके पर विराट कोहली अपनी पत्नी के साथ उपस्थित थे। दूसरी, टेस्ट टीम का चयन और तीसरी, धोनी के संन्यास की अटकलें हैं।

नवभारत टाइम्स ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के अर्थव्यवस्था की सुस्ती पर दिए बयान को प्रमुखता के साथ लगाया है। जबकि, मोदी के अपनी सरकार के बारे में दिए बयान से जुड़ी खबर को सिंगल कॉलम में जगह मिली है। 2 लाख के चालान को अखबार ने ‘ट्रक में भरा था लिमिट तोड़ सामान, भरना पड़ा 2 लाख का चालान’ शीर्षक के साथ लगाया है। पेज पर दो स्थानीय समाचारों को भी जगह दी गई है। एक प्रेमी जोड़े ने खुदकुशी कर ली, यह खबर सिंगल कॉलम में है और बेटी के समलैंगिक होने की आशंका से दुखी पिता की खुदकुशी की खबर को एंकर में रखा गया है।

अब बात दैनिक जागरण के फ्रंट पेज की करते हैं। लीड यहां पीएम मोदी के विपक्ष पर हमले को बनाया गया है। 2 लाख के चालान की खबर को प्रमुखता के साथ पेज पर रखा गया है, लेकिन प्रस्तुति बेहद नीरस है। डीप दो कॉलम में लगे इस समाचार में न कोई फोटो है और न कोई रंगीन बॉक्स। गणपति विसर्जन के दौरान बच्चों के डूबने की घटना डीप सिंगल कॉलम में है। जीएसटी चोरों के खिलाफ सबसे बड़ी कार्रवाई की खबर को दैनिक जागरण ने बड़ी जगह दी है। इस न्यूज को अन्य अखबारों में इतनी तवज्जो नहीं मिली है। इसके अलावा पेज पर एकमात्र बड़ी खबर जाधव पर पाकिस्तान का यू-टर्न है, जबकि संक्षिप्त में चार अन्य समाचार हैं।

वहीं, हिन्दुस्तान में आज जैकेट विज्ञापन है और इस वजह से तीसरे पेज को फ्रंट पेज बनाया गया है। अब खबरों की बात करें, तो ‘किसानों-कारोबारियों के लिए पेंशन योजना शुरू’ शीर्षक के साथ मोदी सरकार की सौगात को सबसे ऊपर बॉक्स में रखा गया है। लीड जीएसटी चोरी को लेकर सबसे बड़ी कार्रवाई है। संबंधित विभागों के 1200 अफसरों ने 336 स्थानों पर छापेमारी की। नोटबंदी के बाद सरकारी स्तर पर दावे किये जा रहे थे कि जाली नोटों का कारोबार ध्वस्त हो जाएगा, लेकिन क्या वास्तव में ऐसा हुआ है? इस सवाल का जवाब अभिषेक गुप्ता ने अपनी स्टोरी में दिया है, जिसे फ्रंट पेज पर दो कॉलम जगह मिली है।

अभिषेक के मुताबिक, दो साल में जाली नोट दस गुना बढ़ गए हैं। कुलभूषण जाधव पर पाकिस्तानी यू-टर्न को भी प्रमुखता से रखा गया है। पाक ने भारत को जाधव तक राजनयिक पहुंच देने से पुन: इनकार कर दिया है। वहीं, टीम इंडिया की नई टेस्ट टीम, चिदंबरम की अर्जी पर फैसला आज और औद्योगिक विकास दर में इजाफे की खबर को सिंगल कॉलम में लगाया गया है। इसके अलावा पेज पर दो अन्य महत्वपूर्ण ख़बरें हैं। पहली है, ट्रक ड्राइवर पर दो लाख का चालान, जिसे सबसे ज्यादा पढ़ा जाएगा। ड्राइवर पर कई नियमों के उल्लंघन का आरोप है। दूसरी, सीबीएसई के छात्र अब अर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भी पढ़ेंगे, बोर्ड ने यह निर्णय लिया है।

चलिए अब अमर उजाला के फ्रंट पेज पर नजर डालते हैं। भारी विज्ञापनों के बीच पेज पर दो सिंगल सहित छह समाचार हैं। टॉप बॉक्स में सबसे चर्चित खबर यानी 2 लाख का चालान है, जिसमें हिन्दुस्तान की तरह चालान का पूरा ब्यौरा दिया गया है। इसके पास ही जाधव पर पाकिस्तान का यू-टर्न है। लीड सबसे अलग सेना प्रमुख के बयान को बनाया गया है। जनरल बिपिन रावत का कहना है कि यदि सरकार निर्देश दे तो पीओके के लिए सेना तैयार है। लीड में ही कश्मीर से जुड़ी खबरों को जगह मिली है। मोदी और सोनिया गांधी के एक-दूसरे पर ‘हमले’ को पास-पास सिंगल कॉलम में लगाया गया है। इनके अलावा, पेज पर एकमात्र खबर यूपी के मंत्री के उस बयान पर सुप्रीम कोर्ट का गंभीर रुख है, जिसमें उन्होंने कहा था कि सर्वोच्च न्यायालय भी हमारा है।

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फ्रंट पेज पर अखबारों में आज इन खबरों को मिली जगह

‘अमर उजाला’ को छोड़कर अन्य हिंदी अखबारों के फ्रंट पेज पर आज थोड़े-बहुत विज्ञापन हैं

नीरज नैयर by नीरज नैयर
Published - Thursday, 21 November, 2019
Last Modified:
Thursday, 21 November, 2019
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दिल्ली से प्रकाशित होने वाले अखबारों में आज तीन खबरें प्रमुख हैं। पहली, अब तक के सबसे बड़े निजीकरण का फैसला। दूसरी, एनआरसी पर अमित शाह का बयान और तीसरी, अवैध या कच्ची कॉलोनियों पर बिल को मंत्रिमंडल की मंजूरी। वहीं  विज्ञापन की बात करे तो ‘अमर उजाला’ को छोड़कर सभी अखबारों के फ्रंट पेज पर थोड़े-बहुत विज्ञापन हैं।

शुरुआत आज 'दैनिक भास्कर’ से करते हैं। लीड निजीकरण का सबसे बड़ा फैसला है, जिसके तहत सरकार भारत पेट्रोलियम सहित पांच कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी बेचेगी। वहीं, दूसरी खबर के रूप में महाराष्ट्र का सियासी संग्राम है। जहां चुनाव परिणामों के 27 दिन बाद भी सरकार का चेहरा साफ नहीं हो पाया है। वहीं गोवा में शुरूहुए इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल का समाचार भी पेज पर है। इस खबर में रजनीकांत की अमिताभ के पैर छूती हुई फोटो को भी लगाया गया है। चौंकाने वाली बात यह है कि 'दैनिक भास्कर’ ने एनआरसी को लेकर अमित शाह के बयान को फ्रंट पेज पर नहीं लगाया है।

अब बात करते हैं ’हिन्दुस्तान’ की। फ्रंट पेज की शुरुआत टॉप बॉक्स से हुई है, जिसमें बनारस विश्विद्यालय के सहायक प्रोफेसर डॉ. फिरोज खान को जगह मिली है। विवाद के बाद से डॉ. खान कहीं गायब हो गए हैं। उन्हें लेकर कल दिनभर अफवाहों का दौर चलता रहा। लीड, कच्ची कॉलोनियों के वैध होने की खबर है। इसे ‘कच्ची कॉलोनियों पर केंद्र का करम’शीर्षक के साथ लगाया गया है। एनआरसी पर अमित शाह के बयान सहित महाराष्ट्र के सियासी संग्राम को बड़ी जगह मिली है। वहीं, एंकर में श्रीलंका की सियासत है। श्रीलंका में जहां छोटा भाई राष्ट्रपति है, तो बड़े के पास प्रधानमंत्री की कुर्सी है। दुनिया में शायद यह पहला मामला है। इसके अलावा, चार सिंगल खबरें भी हैं। इनमें सबसे अहम् है कॉल दरों में जबरदस्त इजाफे का सुझाव और यह सुझाव किसी और ने नहीं बल्कि सरकार ने दिया है। दूरसंचार मंत्रालय ने टेलिकॉम कंपनियों को सुझाव दिया है कि कॉल दरों में 20 फीसदी की बढ़ोतरी की जाये।

आज ‘अमर उजाला’ के पाठकों को फ्रंट पेज पर काफी खबरें मिली हैं। पेज की शुरुआत टॉप बॉक्स से हुई है, जिसमें अवैध कॉलोनियों को वैध करने से जुड़ा समाचार है। लीड निजीकरण का फैसला है, जिसका शीर्षक एक ही नजर में सबकुछ स्पष्ट करता है। वहीं दीवान हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (DHFL) पर रिजर्व बैंक की कार्रवाई को भी लीड के पास ही डॉटेड बॉक्स में रखा गया है। वित्तीय संकट से जूझ रहे DHFL का बोर्ड भंग कर दिया गया है।

इस अखबार में तीन ऐसी खबरें भी हैं, जिन्हें दूसरे अखबारों के फ्रंट पेज पर जगह नहीं मिली है। मसलन, ड्रग्स ओवरडोज के चलते फोर्टिस की महिला डॉक्टर की मौत, भारत को 71 अरब की सैन्य तोपें बेचेगा अमेरिका और मौलिक अधिकारों पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी। सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि यदि मौलिक अधिकारों की रक्षा नहीं की गई तो संविधान का महत्व खत्म हो जाएगा। वहीं एंकर में एक पढ़ने योग्य खबर को सजाया गया है। अंतर्राष्ट्रीय पुरुष सप्ताह पर सचिन तेंदुलकर ने पुरुषों के नाम भावुक पत्र लिखा है। अब पत्र में ऐसा क्या है कि उसे एंकर में जगह मिल गई, इसके लिए आपको खबर पढ़नी होगी। ‘न्यूज डायरी’में भी कई समाचारों को जगह मिली है। इनमें सबसे अहम है अगले साल से महंगा होने वाला बीमा। गैरजीवन बीमा अब 15% महंगा होने वाला है।

वहीं, ‘नवभारत टाइम्स’ पर नजर डालें तो लीड एनआरसी है। कच्ची कॉलोनियों से जुड़े बिल को दूसरी बड़ी खबर के रूप में पेश किया गया है। देश के सबसे बड़े निजीकरण के फैसले की अहमियत को समझने में अखबार से चूक हुई है। इस फैसले को ‘बिल’ की खबर के साथ ही सिंगल में रखा गया है, जबकि इसे भी बड़ी जगह मिलनी चाहिए थी। महाराष्ट्र की सियासत सहित दिल्ली में पानी की सियासत भी पेज पर है। केजरीवाल सरकार का आरोप है कि पानी के सैंपल लेने में फर्जीवाड़ा किया गया है। एंकर में जीशान रायनी की भाषा और धर्म को लेकर छिड़े विवाद पर केंद्रित बाईलाइन है। बनारस विश्वविद्यालय में संस्कृत पढ़ाने के लिए मुस्लिम शिक्षक की नियुक्ति पर चल रहे बवाल के बीच जीशान ने बताया है कि कई हिंदी प्रोफेसर भी उर्दू पढ़ा रहे हैं। इस खबर का शीर्षक ‘धर्म न पूछे गुरु का, पूछ लीजिये ज्ञान’ उन लोगों को आईना दिखाता है, जो बेवजह इसे मुद्दा बनाये हुए हैं। इसके अलावा, पेज पर कई सिंगल खबरें भी हैं।

सबसे आखिर में आज ‘दैनिक जागरण’ का रुख करते हैं। लीड राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर यानी एनआरसी है। गृहमंत्री अमित शाह ने संसद में साफ किया है कि एनआरसी को बिना किसी भेदभाव के देशभर में लागू किया जाएगा। अवैध कॉलोनियों को वैध करने से जुड़े बिल को निजीकरण के फैसले पर तवज्जो देते हुए टॉप में चार कॉलम लगाया गया है। विधानसभा चुनाव से पहले मोदी सरकार ने बड़ा दांव खेलते हुए दिल्ली की अवैध कॉलोनियों को वैध करने संबंधी विधेयक को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय मंत्रिमंडल से मंजूरी के बाद अब विधेयक को आज संसद में रखा जा सकता है। निजीकरण के फैसले को इसके नीचे रखा गया है। इस खबर की प्रस्तुति और शीर्षक इतने सामान्य हैं कि पहली नजर में समझना मुश्किल है कि कौनसी कंपनियों पर निजीकरण की गाज गिरी है। इसके लिए आपको पूरी खबर या कम से कम पहला पैरा तो पढ़ना ही होगा। महाराष्ट्र का सियासी संग्राम भी पेज पर है और एंकर में दिल्ली के प्रदूषण से जुड़ा समाचार है।

आज का ’किंग’ कौन?

1: लेआउट में‘अमर उजाला’ और ‘हिन्दुस्तान’ बाकी अखबारों से अच्छे नजर आ रहे हैं।‘नवभारत टाइम्स’ ने ज्यादा खबरें लगाने के चक्कर में फ्रंट पेज को काफी अटपटा कर दिया है।

2: खबरों की प्रस्तुति में ‘दैनिक भास्कर’, ‘अमर उजाला’ के साथ ‘हिन्दुस्तान’ बेहतर है।       

3: कलात्मक शीर्षक के मामले में आज बाजी ‘हिन्दुस्तान’ के नाम रही है। लीड का शीर्षक ‘कच्ची कॉलोनियों पर केंद्र का करम’आकर्षक है। हालांकि, लीड के शीर्षक में ‘नवभारत टाइम्स’ ने भी प्रयोग किया है, लेकिन वह उतना आकर्षक दिखाई नहीं दे रहा।

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बॉम्बे हाई कोर्ट ने इंडियन एक्सप्रेस समूह के पक्ष में दिया ये आदेश

मीडिया समूह की याचिका पर जस्टिस एससी गुप्ते की सिंगल बेंच ने की मामले की सुनवाई

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Wednesday, 20 November, 2019
Last Modified:
Wednesday, 20 November, 2019
Indian Express

‘इंडियन एक्सप्रेस’ (Indian Express) समूह को बॉम्बे हाई कोर्ट से बुधवार को बड़ी राहत मिली है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार,हाई कोर्ट ने प्रशांत गोयनका को अपने अखबार में रामनाथ गोयनका के नाम अथवा फोटो का इस्तेमाल करने पर रोक लगा दी है। प्रशांत गोयनका ‘सजग समाचार परिवर्तन का’ (Sajaga Samachar Parivartan Ka) नाम से बेंगलुरु में अखबार निकालते हैं।

इस मामले में इंडियन एक्सप्रेस ने कोर्ट में एक मुकदमा दायर किया था। इस मुकदमे में कहा गया था कि प्रशांत गोयनका खुद को ‘इंडियन एक्सप्रेस’ के संस्थापक रामनाथ गोयनका का नाती बताते हुए उनकी फोटो व नाम का इस्तेमाल अपने अखबार में कर रहे हैं।

अपनी याचिका में इंडियन एक्सप्रेस ने कोर्ट से मांग की थी कि 24 नवंबर को होने वाले एक अवॉर्ड समारोह के लिए रामनाथ गोयनका के नाम का इस्तेमाल करने से प्रशांत गोयनका को रोका जाए। वादी पक्ष की याचिका पर जस्टिस एससी गुप्ते की एकल खंडपीठ (Single Bench) ने सुनवाई के बाद प्रशांत गोयनका और अन्य को ‘सजग समाचार परिवर्तन का’ अखबार में ‘इंडियन एक्सप्रेस’ समूह के संस्थापक रामनाथ गोयनका के नाम और फोटो का इस्तेमाल करने पर रोक लगा दी है।

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खबर को सनसनीखेज बनाने पर कोर्ट ने पत्रकार को दी ये सजा

पिछले साल 13 साल की लड़की के अपहरण के बाद उसकी हत्या से जुड़ा हुआ है मामला

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Wednesday, 20 November, 2019
Last Modified:
Wednesday, 20 November, 2019
Press

अदालत ने मानहानि के मामले में एक पत्रकार को सजा सुनाई है। पत्रकार पर जुर्माना भी लगाया गया है। यह मामला नेपाल के काठमांडो का है। पत्रकार पर नाबालिग लड़की के साथ रेप की खबर को सनसनीखेज तरीके से और तोड़-मरोड़कर छापने का आरोप है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, खेम भंडारी नामक यह पत्रकार एक अखबार से जुड़ा हुआ है। नेपाल में कंचनपुर जिला अदालत ने उसे सांकेतिक रूप से एक घंटे जेल की सजा सुनाई और एक रुपए का जुर्माना लगाया।

वहीं, खेम भंडारी ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को खारिज किया। खेम भंडारी का कहना था कि उसने ऐसा कुछ भी गलत नहीं किया है। अदालत के फैसले के बाद पुलिस ने पत्रकार को गिरफ्तार कर जेल में बंद कर दिया। एक घंटे बाद सजा की अवधि पूरी होने पर भंडारी को जुर्माना राशि अदा करने के बाद छोड़ दिया गया।

बताया जाता है कि पिछले साल कंचनपुर जिले में 13 वर्षीय लड़की को अगवा कर उसकी हत्या कर दी गई थी। भंडारी को इसी मामले की खबर को सनसनीखेज तरीके से और तोड़-मरोड़कर छापने के लिए यह सजा सुनाई गई।

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जानें, फ्रंट पेज के मामले में आज कौन सा अखबार रहा आगे

फीसवृद्धि को लेकर जेएनयू के छात्र पीछे हटने को तैयार नहीं हैं और दूसरी तरफ दिल्ली की जहरीली हवा भी जिद्दी बन बैठी है। ये दो खबरें आज अधिकांश अखबारों की सुर्खियां हैं।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Wednesday, 20 November, 2019
Last Modified:
Wednesday, 20 November, 2019
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फीसवृद्धि को लेकर जेएनयू के छात्र पीछे हटने को तैयार नहीं हैं और दूसरी तरफ दिल्ली की जहरीली हवा भी जिद्दी बन बैठी है। ये दो खबरें आज अधिकांश अखबारों की सुर्खियां हैं। सबसे पहले आज नजर डालते हैं हिन्दुस्तान पर। फ्रंट पेज पर आधा पेज विज्ञापन है। लीड प्रदूषण है, जिसे ‘प्रदूषण के प्रकोप से संसद चिंतित’ शीर्षक के साथ पांच कॉलम में सजाया गया है। जेएनयू विवाद को लीड के पास ही दो कॉलम में जगह मिली है और इसी के नीचे महाराष्ट्र की सियासत है। कांग्रेस और राकांपा आज शिवसेना के साथ मिलकर सत्ता का सुख भोगने पर चर्चा करेंगी, अब इस चर्चा का कोई परिणाम निकलता है या नहीं ये वक्त ही बताएगा। एक्सप्रेस-वे घोटाले से जुड़ी खबर भी पेज पर है। इस मामले में 6 अफसरों पर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। इसके अलावा, दो सिंगल, मसलन फेसबुक, इन्स्टाग्राम की सेवाएं बाधित और उत्तर भारत में भूकंप के झटके सहित संक्षिप्त में कुछ समाचारों को रखा गया है।    

अब बात करते हैं अमर उजाला की। जहरीली हवा को ‘दिल्ली के प्रदूषण पर संसद में बिगड़ी सियासी हवा’ शीर्षक के साथ टॉप बॉक्स में जगह मिली है। संसद में कल इस मुद्दे को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला। वैसे अब तक एक-दूसरे पर आरोपों से ही दिल्ली को प्रदूषण से मुफ्त कराने के प्रयास हो रहे हैं। लीड सबसे अलग जलियांवाला बाग ट्रस्ट से जुड़ी एक महत्वपूर्ण खबर को लगाया गया है। राज्यसभा में जलियांवाला बाग नेशनल ट्रस्ट संशोधित विधेयक पारित होने के साथ ही कई राज्यों की तरह यह ट्रस्ट भी कांग्रेस मुक्त हो गया है। अब तक कांग्रेस अध्यक्ष इस ट्रस्ट के पदेन स्थायी सदस्य होते थे। पिछले छह माह में बैंक घोटालों का लेखाजोखा वित्तमंत्री ने संसद के समक्ष प्रस्तुत किया है। इस खबर को डॉटेड बॉक्स में रखा गया है। वहीं बाल दुष्कर्म पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश को भी पेज पर जगह मिली है। कोर्ट ने केंद्र और राज्यों से ऐसे मामलों में अधिक सक्रिय भूमिका निभाने को कहा है। इसके अलावा, एक्सप्रेसवे घोटाले में कार्रवाई और श्रीलंकाई राष्ट्रपति की इस माह होने वाली भारत यात्रा को भी स्थान मिला है। वहीं, एंकर में एक ऐसी खबर है जिसे सभी को पढ़ना चाहिए। दिल्ली पुलिस ने नकली जीरा बनाने वाली फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। जहां फूल झाड़ू के चूरे से जीरा बनाया जाता था। हालांकि, जेएनयू की खबर को अखबार ने आज संक्षिप्त में रखा है।

नवभारत टाइम्स को देखें, तो फ्रंट पेज पर आज भी दो बड़े विज्ञापन हैं। लीड दिल्ली की जहरीली हवा है, जबकि जेएनयू की खबर को दो कॉलम में जगह मिली है। पेज पर तीसरी बड़ी खबर के रूप में फर्जी पायलट को रखा गया है। रिटायर ब्रिगेडियर का दिल्ली निवासी बेटा पिछले काफी समय से लुफ्थांसा एयरलाइन्स का नकली पायलट बनकर धाक के साथ विमानों में सफर कर रहा था, लेकिन कल उसके इस ‘फर्जी’ सफर का आखिरी दिन था। सीआईएसएफ ने उसे गिरफ्तार कर पुलिस के हवाले कर दिया है। 

इसके अलावा, तीन सिंगल सहित दो खबरों को छोटा-छोटा करके पेज पर लगाया गया है। सिंगल में ‘महिला अफसरों पर सेना को कोर्ट ने चेताया’, ‘भाजपा-शिवसेना को भागवत की नसीहत’ और ‘केदारनाथ यात्रा में मसाज से दूर होगी थकान’ हैं। कोर्ट ने सेना से कहा है कि मार्च 2019 से पहले की महिला अफसरों को भी स्थायी कमीशन दिया जाए। वहीं, भागवत ने तलाक लेने वाली भाजपा और शिवसेना को नसीहत देते हुए कहा है कि स्वार्थ से काम नहीं चलता। उधर केदारनाथ दर्शन को आने वाले भक्तों के लिए प्रशासन ने ख़ास इंतजाम किये हैं। गौरीकुंड से केदारनाथ के 16 किमी के रास्ते पर सात जगह मसाज कुर्सियां लगाई गई हैं, जहां थके भक्त पैरों की मसाज करवा सकेंगे।      


 
दैनिक जागरण में आज विज्ञापनों की वजह से दो फ्रंट पेज बनाये गए हैं। पहले पेज पर एकमात्र बड़ी खबर के रूप में ओमप्रकाश तिवारी की बाईलाइन है। जिसमें उन्होंने महाराष्ट्र के सियासी समीकरणों के बारे में बताया है। इसमें मोहन भागवत की भाजपा और शिवसेना को नसीहत भी शामिल है। दूसरे पेज की लीड प्रदूषण है, जिसे बेहद सामान्य शीर्षक के साथ पांच कॉलम जगह मिली है। दूसरी प्रमुख खबर सीआरपीएफ का राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को लिखा पत्र है। सुरक्षा बल ने वीवीआईपी के बढ़ते बोझ के चलते अतिरिक्त जवानों की मांग की है। इसके अलावा, जलियांवाला बाग ट्रस्ट से कांग्रेस अध्यक्ष की विदाई सहित दो बाईलाइन खबरों को पेज पर जगह मिली है। पहली, कुंदन तिवारी की खबर है, जिनके मुताबिक नोएडा सेक्टर 71 से नॉलेज पार्क 5 तक एक्वा मेट्रो का विस्तार होगा। जबकि दूसरी खबर है माला दीक्षित की, जिन्होंने बताया है कि सुप्रीम कोर्ट में रामलला की पैरवी करने वाले परासन के साथ वकीलों की पूरी टीम अयोध्या दर्शन के लिए जायेगी। जागरण ने जेएनयू विवाद को संक्षिप्त में लगाया है।

सबसे आखिरी में बात दैनिक भास्कर की। लीड जहरीली हवा पर संसद में हुई चर्चा है, जिसे काफी विस्तार से पाठकों के समक्ष रखा गया है। दूसरी बड़ी खबर के रूप में राजस्थान की सांभर झील में हुई देश की सबसे बड़ी पक्षी त्रासदी है। महज 11 दिनों में यहां 18 हजार से ज्यादा विदेशी पक्षियों की मौत हो गई है और यह आंकड़ा 50 हजार के पास निकल सकता है। मौत के कारणों का अभी ठीक से पता नहीं चल सका है, लेकिन इसे पर्यावरण प्रदूषण से जोड़कर जरुर देखा जा रहा है। मोहन भागवत की भाजपा-शिवसेना को नसीहत सहित सीआरपीएफ के राज्यों को लिखे पत्र, उत्तर भारत में भूकंप के झटके और सुप्रीम कोर्ट के सेना को आदेश को भी पेज पर जगह मिली है। वहीं, अयोध्या में राममंदिर के तैयार लैंडस्केप का जिक्र भी पेज पर है। एंकर में ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी को रखा गया है, जिसने इमोजी को अपने कोर्स में शामिल किया है। विशेषज्ञ मानते हैं कि भविष्य में इमोजी ही कम शब्दों वाली भाषा के रूप में काम करेंगे। जेएनयू को भास्कर ने फ्रंट पेज पर नहीं रखा है।

आज का किंग कौन?
1: ले-आउट के लिहाज से आज दैनिक भास्कर, नवभारत टाइम्स और हिन्दुस्तान बेहतर दिखाई दे रहे हैं। खासकर, नवभारत और हिन्दुस्तान ने सीमित जगह में भी अच्छा फ्रंट पेज तैयार किया है।

2: खबरों की प्रस्तुति जागरण को छोड़कर लगभग सभी अखबारों में बेहतर है। खासकर प्रदूषण के जुड़े समाचार को चारों अखबारों ने आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया है।      

3: कलात्मक शीर्षक के मामले में अमर उजाला और नवभारत टाइम्स आगे हैं। अमर उजाला ने जहां टॉप बॉक्स की हेडलाइन में प्रयोग किया है, वहीं नवभारत में लगा लीड का शीर्षक ‘पर्यावरण पर संसद में बहस, आरोपों का स्मॉग छाया रहा’ आकर्षक है।  

4. खबरों की बात करें हर अखबार में कुछ न कुछ प्लस – माइनस है, लेकिन भास्कर को अव्वल कहा जा सकता है, क्योंकि उसने सबसे बड़ी पक्षी त्रासदी को फ्रंट पेज पर रखा है।
 

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डिजिटल मीडिया की पेचीदियों को हिंदी में समझाती है शैलेंद्र तिवारी की नई किताब

शैलेंद्र तिवारी ने पत्रकारिता में भविष्य तलाशने वाले उन युवाओं को ध्यान में रखकर यह किताब तैयार की है, जिन्हें सबकुछ विस्तार में और सरल शब्दों में समझने की जरूरत होती है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Tuesday, 19 November, 2019
Last Modified:
Tuesday, 19 November, 2019
Shailendra Tiwari

यदि आप डिजिटल मीडिया को गहराई से समझना चाहते हैं, लेकिन भाषा आड़े आ रही है तो अब परेशान होने की जरूरत नहीं है। वरिष्ठ पत्रकार शैलेंद्र तिवारी ने डिजिटल मीडिया को अंग्रेजी की पेचीदियों से निकालकर हिंदी में प्रस्तुत किया है। उनकी किताब ‘डिजिटल मीडिया–खबर, फेसबुक और वॉट्सऐप’ बाजार में आने वाली है। खास बात यह है कि तिवारी ने पत्रकारिता में भविष्य तलाशने वाले उन युवाओं को ध्यान में रखकर किताब तैयार की है, जिन्हें सबकुछ विस्तार में और सरल शब्दों में समझने की जरूरत होती है।

इस किताब में आपको डिजिटल मीडिया से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी मिल जाएगी। साथ ही इसमें तिवारी ने यह भी बताया है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वालीं खबरों की हकीकत का पता कैसे लगाया जाए। मौजूदा वक्त में यह बेहद महत्वपूर्ण विषय है, क्योंकि कई नामी-गिरामी मीडिया संस्थान भी सोशल मीडिया के फेर में उलझकर कई बार अपनी फजीहत करा चुके हैं।

डिजिटल मीडिया पर किताब लिखने का ख्याल कैसे आया, इस बारे में शैलेंद्र तिवारी ने समाचार4मीडिया को बताया, ‘ये एक ऐसा विषय है जिस पर कंटेंट तो काफी है, लेकिन हिंदी में विकल्प बेहद सीमित हो जाते हैं। इसलिए मैंने सोचा कि डिजिटल मीडिया को अंग्रेजी की पेचीदियों से निकालकर हिंदी के सरल शब्दों में प्रस्तुत किया जाए। किताब में भारी-भरकम शब्दों को सरल भाषा में समझाया गया है।‘

शैलेंद्र तिवारी के अनुसार, ‘इस किताब में डिजिटल मीडिया की बारीकियों के साथ ही यह भी बताने का प्रयास किया गया है कि सोशल मीडिया ने न्यूज रूम की परिभाषा को किस हद तक बदल दिया है। मुझे पूरी उम्मीद है कि डिजिटल मीडिया में भविष्य बनाने वाले युवाओं के लिए यह किताब बेहद कारगर साबित होगी। साथ ही वह पत्रकार भी इसका लाभ उठा सकते हैं, जो प्रिंट-टीवी में हैं, लेकिन डिजिटल मीडिया के बारे में जानना चाहते हैं।‘

मध्य प्रदेश में पत्रिका समूह की डिजिटल विंग के प्रमुख शैलेंद्र तिवारी इससे पहले एक और किताब लिख चुके हैं। उनके फिक्शन नॉवल ‘रावण एक अपराजित योद्धा’ को काफी पसंद किया गया था। इस किताब में रामायण को रावण की दृष्टि से समझाया गया है। जल्द ही ‘रावण एक अपराजित योद्धा’ का सीक्वल भी बाजार में आने वाला है, जिसका नाम है ‘लंका रावण की नगरी’।

मूलरूप से उत्तर प्रदेश निवासी तिवारी पिछले 13 वर्षों से पत्रिका समूह से जुड़े हुए हैं। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत 2002 में मध्य प्रदेश से प्रकाशित होने वाले अखबार ‘स्वदेश’ से की। इसके बाद ‘नवभारत’, ‘नई दुनिया’ जैसे मीडिया संस्थानों से होते हुए पत्रिका समूह का दामन थामा और पिछले 13 सालों से यहीं सेवाएं दे रहे हैं। 

शैलेंद्र तिवारी को अपनी नई किताब के लिए समाचार4मीडिया की ओर से बधाई एवं शुभकामनाएं!

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बाजार में जल्द दिखेगी वरिष्ठ पत्रकार अकु श्रीवास्तव की नई किताब

21 नवंबर को दिल्ली में आयोजित एक समारोह में किया जाएगा किताब का लोकार्पण

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Tuesday, 19 November, 2019
Last Modified:
Tuesday, 19 November, 2019
AAKU SRIVASTAVA

लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी ने शानदार जीत दर्ज कर प्रधानमंत्री के रूप में दूसरा कार्यकाल शुरू किया है। चुनाव और मोदी की दोबारा ताजपोशी के साथ ही इस दौरान राजनीति से जुड़ीं तमाम महत्वपूर्ण घटनाओं को ‘पंजाब केसरी’ ग्रुप के हिंदी अखबार 'नवोदय टाइम्स‍' के एग्जिक्युटिव एडिटर अकु श्रीवास्तव ने एक किताब की शक्ल दी है। ‘चुनाव 2019 कहानी मोदी 2.0 की’ शीर्षक से लिखी गई इस किताब का लोकार्पण 21 नवंबर 2019 को किया जाएगा।

नई दिल्ली में रफी मार्ग स्थित कांस्टीट्यूशन क्लब के स्पीकर हॉल में गुरुवार की शाम पांच बजे आयोजित एक समारोह में किताब का लोकार्पण केंद्रीय कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद के हाथों होगा। कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार राहुल देव और ‘CVoter’ के संस्थापक एवं चुनाव विश्लेषक यशवंत देशमुख विशिष्ट अतिथि के तौर पर शामिल रहेंगे। इस किताब का प्रकाशन ‘प्रभात प्रकाशन’ ने किया है।

बता दें कि अकु श्रीवास्तव की गिनती देश के बड़े पत्रकारों में होती है। मूल रूप से लखनऊ के रहने वाले अकु श्रीवास्तव को पत्रकारिता के क्षेत्र में काम करने का काफी लंबा अनुभव है। पूर्व में वह दैनिक जागरण, नवभारत टाइम्स, राजस्थान पत्रिका, एक्सप्रेस ग्रुप, अमर उजाला और हिन्दुस्तान टाइम्स समूह में अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं।

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फ्रंट पेज की खबरों को लेकर अखबारों ने आज अपनाई ये स्ट्रैटेजी

दैनिक जागरण के फ्रंट पेज पर तीन जबकि हिन्दुस्तान, नवभारत टाइम्स और अमर उजाला के फ्रंट पेज पर दो बड़े विज्ञापन हैं। दैनिक भास्कर के फ्रंट पेज पर एक बड़ा विज्ञापन है

नीरज नैयर by नीरज नैयर
Published - Tuesday, 19 November, 2019
Last Modified:
Tuesday, 19 November, 2019
Newspapers

मोदी सरकार कई सरकारी कंपनियों को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी कर रही है। वहीं, जेएनयू एक बार फिर संग्राम स्थल बन गया है। उधर, महाराष्ट्र का सियासी संकट भी खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। दिल्ली से प्रकाशित होने वाले प्रमुख अखबारों में आज यही खबरें सुर्खियों में हैं। शुरुआत आज सबसे पहले दैनिक जागरण से करते हैं। अखबार में फ्रंट पेज पर तीन बड़े विज्ञापन हैं। टॉप में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के फैसले को रखा गया है। बिजली, पानी और बसों में मुफ्त यात्रा की सौगात के बाद अब केजरीवाल ने सीवर कनेक्शन का शुल्क भी माफ कर दिया है। इसके पास ही सियाचिन में हिमस्खलन की खबर है। इस हादसे में सेना के 4 जवान और 2 पोर्टर शहीद हो गए हैं।

लीड की बात करें तो महाराष्ट्र के सियासी संग्राम को सबसे बड़ी खबर के रूप में पेश किया गया है। दरअसल, राकांपा प्रमुख शरद पवार ने कल दिल्ली में सोनिया गांधी से मुलाकात की। माना जा रहा था कि इस मुलाकात में सरकार गठन का फार्मूला तय होगा, मगर ऐसा हुआ नहीं। पवार ने तो यहां तक कह दिया कि अभी इस पर कोई चर्चा नहीं हुई है। इसके अलावा, पेज पर राज्यसभा के 250वें सत्र के दौरान दिया गया पीएम मोदी का भाषण है। अखबार ने फीस वृद्धि को लेकर सड़कों पर उतरे जेएनयू छात्रों की खबर को संक्षिप्त में लगाया है।

अब नजर डालते हैं दैनिक भास्कर पर। टॉप बॉक्स में महाराष्ट्र के सियासी संग्राम को लगाया गया है। इसी में पीएम मोदी द्वारा राकांपा की तारीफ का भी जिक्र है। लीड जेएनयू विवाद है। जेएनयू के छात्र फीस वृद्धि के लेकर आंदोलन कर रहे हैं। इसे अखबार ने ‘बढ़ी फीस पर बड़ा बवाल’ शीर्षक के साथ समझाया है। सियाचिन के हिमस्खलन को पेज पर बड़ी जगह मिली है।

इसके पास ही पाकिस्तान में तख्तापलट की आशंका से जुड़ा समाचार है। सेना प्रमुख से मुलाकात के बाद पाक प्रधानमंत्री इमरान खान छुट्टी पर चले गए हैं। लिहाजा माना जा रहा है कि पाकिस्तान में एक बार फिर तख्तापलट हो सकता है। एंकर में विजय उपाध्याय की अयोध्या पर केंद्रित खास स्टोरी है। इस स्टोरी में उन्होंने बताया है कि मंदिर पर हमले के विरोध में 500 सालों से नंगे सिर-पैर घूम रहे 105 गांवों के क्षत्रिय अब पगड़ी और जूते पहनेंगे। इसके अलावा, चीफ जस्टिस की फोटो को भी पेज पर रखा गया है। 

आज हिन्दुस्तान के फ्रंट पेज पर दो बड़े विज्ञापन हैं, लेकिन पेज पर खबरों की कोई कमी नहीं है। लीड सबसे अलग, केंद्र सरकार की सरकारी कंपनियों को बेचने की तैयारी है। वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर ने संसद में बताया है कि सरकार 28 सरकारी कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी बेचेगी। जेएनयू में संग्राम को बड़ी फोटो के साथ टॉप में रखा गया है।

अखबार ने आज महाराष्ट्र के सियासी संग्राम को ज्यादा तवज्जो नहीं दी है, जबकि दिल्ली में हवा के बाद पानी की सियासत को प्रमुखता के साथ पेज पर रखा गया है। पानी की गुणवत्ता को लेकर केजरीवाल और केंद्र सरकार आमने-सामने आ गए हैं। वहीं दिल्ली की जहरीली हवा और सियाचिन के हिमस्खलन को दो-दो कॉलम में लगाया गया है। इसके अलावा, महंगी होंगी कॉल और मुफ्त सीवर कनेक्शन को सिंगल में जगह मिली है।

अब अमर उजाला की बात करें तो फ्रंट पेज पर दो बड़े विज्ञापन हैं। लीड शीतकालीन सत्र में पीएम मोदी के बयान को बनाया गया है। साथ ही इसमें महाराष्ट्र के सियासी संग्राम का भी जिक्र है। सियाचिन के हिमस्खलन को दो कॉलम के डॉटेड बॉक्स में रखा गया है। जेएनयू के संग्राम को भी तवज्जो मिली है, यह समाचार चार कॉलम में है।

इसके अलावा पेज पर पीएनबी और यूबीआई में अन्य बैंकों के विलय को सैद्धांतिक मंजूरी और पाकिस्तान में दो भारतीयों की गिरफ्तारी से जुड़ा समाचार भी है। पाक का दावा है कि उसने अवैध तरीके से मुल्क में घुस रहे दो भारतीयों को गिरफ्तार किया है। वहीं, दिल्ली में मुफ्त सीवर कनेक्शन की खबर सबसे नीचे दो कॉलम में हैं। इसके साथ ही महंगी कॉल दरों के समाचार को भी जगह मिली है। मां के आशीर्वाद के साथ अपने कामकाज की शुरुआत करते चीफ जस्टिस की फोटो पहले कॉलम में सबसे ऊपर है।

सबसे आखिर में आज नवभारत टाइम्स का रुख करते हैं। फ्रंट पेज की शुरुआत छह कॉलम टॉप बॉक्स से हुई है, जिसमें जेएनयू के संग्राम को रखा गया है। शेष दो कॉलम में सियाचिन का हिमस्खलन है, जिसमें चार सैनिक शहीद हो गए हैं। ‘दैनिक जागरण’ की तरह ‘नवभारत टाइम्स’ ने भी महाराष्ट्र के सियासी संग्राम को लीड का दर्जा दिया है। हालांकि,  ‘नवभारत टाइम्स’ ने खबर को अलग एंगल से उठाकर उसे एक नया रूप दे दिया है। ‘मोदी का पवार प्ले’  शीर्षक से साथ लगी यह खबर केवल महाराष्ट्र के सियासी संग्राम का ही जिक्र नहीं करती, बल्कि उसमें नरेंद्र मोदी की अहम भूमिका को भी रेखांकित करती है। मोदी ने संसद में राकांपा की तारीफ करके पवार के शिवसेना की तरफ बढ़ते क़दमों को रोकने का प्रयास किया है।

दिल्ली की हवा पिछले दो दिनों से बेहतर हुई है, इसके मद्देनजर केजरीवाल सरकार ने ऑड-ईवन को बंद कर दिया है। ‘नवभारत टाइम्स’ ने इस समाचार को प्रमुखता से लगाया है। इसी में दिल्ली के पानी को लेकर शुरू हुई सियासत का भी जिक्र है। मुफ्त सीवर कनेक्शन को सिंगल में अलग से रखा गया है। चीफ जस्टिस बोबडे ने अपनी मां का आशीर्वाद लेकर कामकाज की शुरुआत की, इसे फोटो के रूप में पेज पर रखा गया है। इसके अलावा, एयरटेल और वोडाफोन के ग्राहकों के लिए एक बुरी खबर को भी फ्रंट पेज पर जगह मिली है। दोनों ही कंपनियां कॉल महंगी करने जा रही हैं।

आज का ‘किंग’ कौन?

1: लेआउट के मामले में आज सभी अखबार अच्छे नजर आ रहे हैं। लिहाजा किसी एक को अव्वल कहना गलत होगा।

2: खबरों की प्रस्तुति की जहां तक बात है तो आज ‘दैनिक भास्कर’ और ‘नवभारत टाइम्स’ अव्वल हैं। दोनों के लीड और टॉप बॉक्स बेहद आकर्षक नजर आ रहे हैं। वैसे, अमर उजाला ने भी लीड को अच्छे से प्रस्तुत किया है।

3: कलात्मक शीर्षक आज दो अखबारों में देखने को मिला है। ‘नवभारत टाइम्स’ और ‘दैनिक भास्कर’ दोनों ने लीड के शीर्षक में प्रयोग किया है।

4: खबरों के लिहाज से फ्रंट पेज देखें तो ‘अमर उजाला’ और ‘दैनिक भास्कर’ बाकियों से कुछ आगे हैं। ‘अमर उजाला’ में जहां पाक में भारतीयों की गिरफ्तारी की खबर है, वहीं ‘दैनिक भास्कर’ में पाकिस्तान में तख्तापलट की आशंका से जुड़ा समाचार है।

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इकनॉमी की ABCD समझाने का संपादक ने निकाला ये ‘लल्लनटॉप’ तरीका

पत्रकारिता के फील्ड में जितना हिस्ट्री और राजनीति को समझना जरूरी है, उतना ही भारत की इकनॉमी को समझना भी जरूरी है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Monday, 18 November, 2019
Last Modified:
Monday, 18 November, 2019
Economy

आम जनता ही नहीं, पत्रकारिता के फील्ड में आने वाले तमाम नवोदित पत्रकारों और पत्रकारिता की पढ़ाई कर रहे छात्र-छात्राओं की भी बड़ी समस्या है भारत की इकनॉमी को समझना। पत्रकारिता के फील्ड में जितना हिस्ट्री और राजनीति को समझना जरूरी है, उतना ही भारत की इकनॉमी को समझना भी जरूरी है। ऐसे में सरल भाषा में, सुलभ अंदाज में, वो भी हिंदी में अगर आप समझना चाहें तो जॉइन करिए अंशुमान तिवारी सर की क्लास। अंशुमान तिवारी ‘इंडिया टुडे’ (हिंदी) के संपादक हैं और उनकी एक ‘क्लास’ लगती है ‘टीवी टुडे’ ग्रुप के यूट्यूब चैनल 'लल्लनटॉप' पर हर रविवार सुबह 10:00 बजे। वैसे आप उनके पुराने शो बाद में भी ‘लल्लनटॉप’ के चैनल और साइट पर देख सकते हैं।

अंशुमान तिवारी को बिजनेस पत्रकारिता का लगभग तीन दशक का अनुभव है, ‘इंडिया टुडे’ जॉइन करने से पहले नई पत्रकारों की पीढ़ी इकनॉमी की एबीसीडी समझने के लिए उन्हें ‘मनी भास्कर डॉट कॉम’ और ‘दैनिक जागरण’ में पढ़ा करती थी। ‘दैनिक जागरण’ के साथ उन्होंने अपने करियर का लंबा समय बिताया है। हालांकि ‘इंडिया टुडे’ जॉइन करने के बाद उन्हें तमाम मसलों में स्पेशल स्टोरीज में वक्त देना पड़ता है। साथ में साहित्य विशेषांक, सेक्स विशेषांक जैसे स्पेशल एडिशन में सिर खपाने के बावजूद अंशुमान तिवारी अपने एडिटोरियल को मोटे तौर पर इकनॉमी पर ही फोकस करते हैं और उनके एडिटोरियल कॉलम का नाम है 'अर्थात' और टैगलाइन है धन की बात।

इसी नाम और इसी टैगलाइन के साथ अंशुमान तिवारी अब यूट्यूब पर भी उपलब्ध हैं ‘लल्लनटॉप’ के चैनल पर। जो उनके कॉलम से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हो पाते और उन्हें लगता है अंशुमान थोड़ा और विस्तार से बताते तो ऐसे सभी लोगों के लिए लल्लनटॉप ने शुरू किया है उनके साथ एक शो 'अर्थात'। इस शो में लल्लनटॉप की ओर से उनके ताजा कॉलम पर चर्चा की जाती है। साथ में पाठकों और दर्शकों के पत्र भी लिए जाते हैं। इसमें अंशुमान तिवारी कॉलम के अलावा भी कई मुद्दों पर आसान भाषा में समझाते हैं।

आरसीईपी क्या है, भारत पर उसका क्या असर पड़ेगा, NSO की रिपोर्ट कैसे तैयार होती है, मंदी क्यों आ रही है, सरकार कहां गलती कर रही है, एयर इंडिया के विनिवेश से क्या फर्क पड़ेगा, बीएसएनएल के मामले में सरकार को क्या करना चाहिए, गिरती जीडीपी और सरकार की नीतियों का आपस में क्या ताल्लुक है,‌कहां इन्वेस्टमेंट करें हैं और कहां नहीं करें? ऐसे तमाम रोजमर्रा के आर्थिक मुद्दे होते हैं, जिनसे न केवल आम आदमी का वास्ता पड़ता है, बल्कि नवोदित पत्रकारों का भी। ऐसे में उन सभी के लिए अंशुमान तिवारी का यह हिंदी में शो वाकई में रामबाण साबित हो सकता है।

आप उनका लेटेस्ट शो नीचे देख सकते हैं, इकॉनॉमी को सरलता से समझने के लिए उनके अन्य शो भी आपको यूट्यूब पर मिल जाएंगे।

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किस अखबार का कैसा रहा आज का फ्रंट पेज, देखें यहां

दैनिक जागरण में आज दो फ्रंट पेज बनाये गए हैं, जबकि दैनिक भास्कर में फ्रंट पेज पर आधा पेज विज्ञापन है। हिन्दुस्तान के फ्रंट पेज पर दो और अमर उजाला व नवभारत टाइम्स के फ्रंट पेज पर एक बड़ा विज्ञापन है।

नीरज नैयर by नीरज नैयर
Published - Monday, 18 November, 2019
Last Modified:
Monday, 18 November, 2019
Newspapers

यदि आप सोच रहे हैं कि अयोध्या विवाद आखिरकार निपट गया तो आप गलत हैं। इस विवाद का ‘नया अध्याय’ शुरू होने जा रहा है। दिल्ली से प्रकाशित होने वाले अखबारों ने आज इसी बात को प्रमुखता से उठाया है। शुरुआत दैनिक भास्कर से करते हैं। फ्रंट पेज पर आधा पेज विज्ञापन है। इसके बावजूद पाठकों के समक्ष ज्यादा से ज्यादा खबरें प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है। लीड अयोध्या है और दूसरी बड़ी खबर के रूप में प्रताप क्षेत्री की बाईलाइन स्टोरी है। उन्होंने बताया है कि मिजोरम के सैनिक स्कूल में पहली बार 12 लड़कियों को दाखिला मिला है।

भाजपा-शिवसेना में बढ़ती दूरियों के साथ ही सबरीमाला मंदिर की खबर को भी पेज पर रखा गया है। आज से शुरू होने वाले शीतकालीन सत्र को अखबार ने सिंगल में लगाया है। इसी के साथ दो अन्य महत्वपूर्ण सिंगल खबरें भी फ्रंट पेज पर हैं। पहली, गौतम गंभीर के ‘लापता’ होने की। दरअसल, सांसद महोदय को लेकर दिल्ली में पोस्टर लगाये गए हैं, जिन पर लिखा है ‘लापता...क्या आपने इन्हें देखा है? आखिरी बार इंदौर में जलेबी खाते देखा गया था’। दूसरी, निर्भया केस फिर से एक अन्य अदालत में ट्रांसफर कर दिया गया है।

आज हिन्दुस्तान के फ्रंट पेज पर दो बड़े विज्ञापन हैं। इसके बावजूद पाठकों के पढ़ने के लिए पेज पर काफी कुछ है। लीड अयोध्या है, जिसे ‘अयोध्या पर आदेश को चुनौती देगा बोर्ड’ शीर्षक तले तीन कॉलम में रखा गया है। पेज पर स्कन्द विवेक धर की बाईलाइन को प्रमुखता से स्थान मिला है, जो बता रहे हैं कि आयुष्मान योजना का लाभ उठाने में यूपी और बिहार फिसड्डी साबित हुए हैं। दिल्ली को प्रदूषण से मिली मामूली राहत के साथ ही शीतसत्र से पहले पीएम मोदी के बयान को भी पेज पर रखा गया है। मोदी का कहना है कि हम सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार हैं।

फर्जीवाड़े से जुड़ी एक खबर को चार कॉलम में लगाया गया है। दिल्ली पुलिस ने फर्जी कॉल सेंटर पर कार्रवाई करते हुए 35 लोगों को गिरफ्तार किया है, ये लोग अब तक कनाडा के 500 से ज्यादा लोगों को करोड़ों का चूना लगा चुके हैं। इसके अलावा, पेज पर पांच सिंगल समाचार भी हैं। इनमें ‘जस्टिस बोबडे आज लेंगे शपथ’, ‘जेएनयू में तोड़फोड़ के खिलाफ केस दर्ज’, राजपक्षे ने राष्ट्रपति चुनाव में जीत दर्ज की’ और ‘आगरा का नाम बदलने की तैयारी’ शामिल हैं।

वहीं, अमर उजाला के फ्रंट पेज पर भी बड़ा विज्ञापन है। लीड अयोध्या है और इसके पास ही संसद के शीतकालीन सत्र में सरकार की मुश्किलें बढ़ाने वाले मुद्दों के बारे में बताया गया है। फर्जी कॉल सेंटर पर छापेमारी सहित जस्टिस बोबडे और राजपक्षे की खबर को भी फ्रंट पेज पर रखा गया है। जस्टिस बोबडे आज चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया का पदभार संभालेंगे। वहीं, राजपक्षे एक बार फिर से श्रीलंका के राष्ट्रपति चुन लिए गए हैं।

दिल्ली की हवा में आये सुधार को एंकर में जगह मिली है। घाटी में हुए आईईडी ब्लास्ट को दो कॉलम में रखा गया है। इस धमाके में एक जवान शहीद हो गया, जबकि दो घायल हैं। इसके अलावा, कश्मीर के राजनीतिक बंदियों और नक्सलवादियों से जुड़ी खबर डेढ़-डेढ़ कॉलम में है। घाटी में अनुच्छेद 370 हटाये जाने के बाद से नजरबंद किए गए नेताओं पर चार करोड़ से ज्यादा खर्च हो चुके हैं। उधर, नक्सलियों ने ड्रोन से सीआरपीएफ शिविर की निगरानी करके सबको चौंका दिया है।

अब बात नवभारत टाइम्स की करते हैं। फ्रंट पेज पर बड़े विज्ञापन के चलते ज्यादा जगह नहीं है। पेज की शुरुआत रंगीन बॉक्स से हुई है, जिसमें दिल्ली की साफ होती हवा को फोटो के साथ रखा गया है। लीड अयोध्या है। दरअसल, ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ याचिका दायर करने का फैसला लिया है। अखबार ने इसी बात को ध्यान में रखते हुए ‘अयोध्या पर एक और अध्याय खोलने को तैयार मुस्लिम बोर्ड’ शीर्षक लगाया है।

इसके अलावा पेज पर आज से शुरू हो रहे संसद के शीतसत्र से जुड़ी खबर है और एंकर में भाजपा एवं शिवसेना के बीच बढ़ती दूरियों को दर्शाता समाचार है। बाल ठाकरे की पुण्यतिथि के मौके पर उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री फडनवीस पर शिवसैनिकों ने कटाक्ष किये।

आखिरी में  दैनिक जागरण का रुख करते हैं। अखबार में आज दो फ्रंट पेज बनाये गए हैं। पहला पेज अयोध्या के नाम है जबकि दूसरे पेज पर संसद सत्र से पहले पीएम मोदी के बयान को लीड लगाया गया है। वहीं, दूसरी बड़ी खबर महाराष्ट्र से है। ओम प्रकाश तिवारी ने अपनी बाईलाइन में बताया है कि राकांपा प्रमुख शरद पवार सरकार गठन को लेकर आज दिल्ली में सोनिया गांधी से मुलाकात करेंगे।

श्रीलंका में राजपक्षे की जीत को सबसे बड़ी जगह इसी अखबार ने दी है, इस खबर को तीन कॉलम में रखा गया है। साथ ही सबरीमाला मंदिर विवाद पर केरल के कानूनमंत्री के बयान को भी प्रमुखता मिली है। मंत्री महोदय का कहना है कि मंदिर को अखाड़ा नहीं बनने देंगे। एंकर में अनिल मिश्रा की बाईलाइन है। अनिल ने नक्सलियों द्वारा इस्तेमाल किये गए ड्रोन के बारे में विस्तार से बताया है।

आज का ‘किंग’ कौन?

1: लेआउट के मामले में आज ‘नवभारत टाइम्स’, ‘हिन्दुस्तान’ और ‘दैनिक भास्कर’ सबसे आगे हैं। ‘अमर उजाला’ का फ्रंट पेज कुछ अटपटा दिखाई दे रहा है और ‘दैनिक जागरण’ का फ्रंट पेज नीरस है।

2: खबरों की प्रस्तुति में ‘हिन्दुस्तान’ और ‘नवभारत टाइम्स’ अव्वल हैं।     

3: कलात्मक शीर्षक आज केवल ‘नवभारत टाइम्स’ में देखने को मिला है। जिस तरह से अयोध्या विवाद की नई शुरुआत को शीर्षक ‘अयोध्या पर एक और अध्याय खोलने को तैयार मुस्लिम बोर्ड’ में दर्शाया गया है, वो काबिले तारीफ है। जबकि बाकी अखबारों ने लीड के शीर्षक में कोई प्रयोग नहीं किया है।

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फ्रंट पेज पर अखबारों में आज किन खबरों को मिली प्रमुखता, पढ़ें यहां

हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण और अमर उजाला में आज तीसरा जबकि नवभारत टाइम्स और दैनिक भास्कर में पांचवा पेज फ्रंट पेज बनाया गया है

नीरज नैयर by नीरज नैयर
Published - Saturday, 16 November, 2019
Last Modified:
Saturday, 16 November, 2019
Newspapers

दिल्ली की हवा बद से बदतर होती जा रही है। आम जनता से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक इसे लेकर चिंतित है, लेकिन हमारे सांसदों के लिए शायद यह गंभीर मुद्दा नहीं। शायद यही वजह है कि इस विषय पर होने वाली अहम बैठक से गौतम गंभीर और हेमा मालिनी नदारद रहे। दिल्ली के हेल्थ इमरजेंसी से जूझने के बीच क्रिकेट की पिच से सियासत की गलियों में कदम रखने वाले गंभीर की इंदौरी पोहा-जलेबी का लुत्फ उठाते तस्वीर कल सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई थी। आज अधिकांश अखबारों ने इसे प्रमुखता से जगह दी है।

आज शुरुआत हिन्दुस्तान से करते हैं। अखबार ने भारी विज्ञापनों के चलते तीसरे पेज को फ्रंट का दर्जा दिया गया है। हालांकि, यहां भी पांच बड़ी खबरें ही आ सकी हैं। लीड दिल्ली की जहरीली हवा है, जिसे काफी अच्छे से नेताओं और अफसरों पर कटाक्ष करते हुए लगाया गया है। इसके साथ ही गौतम की जलेबी का लुत्फ उठाते हुए फोटो भी चस्पा की गई है। महाराष्ट्र की सियासत को भी पेज पर रखा गया है है। नए फार्मूले के तहत मुख्यमंत्री शिवसेना का होगा और कांग्रेस एवं राकांपा भी सरकार में अहम भूमिका निभाएंगे।

वहीं, उपभोक्ता व्यय में गिरावट और सरकार का आंकड़े जारी करने से इनकार भी फ्रंट पेज पर है। इसके अलावा क्रिकेटर मयंक अग्रवाल की उपलब्धि और नागरिकता बिल को भी तवज्जो दी गई है। मोदी सरकार सोमवार से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र में नागरिकता बिल पेश कर सकती है। वहीं, एंकर में श्याम सुमन की बाईलाइन स्टोरी है, जिन्होंने चीफ जस्टिस के रूप में रंजन गोगोई के आखिरी कार्यदिवस के बारे में बताया है। 

अमर उजाला में भी आज तीसरे पेज को फ्रंट पेज बनाया गया है। लीड दिल्ली की जहरीली हवा है, जिसमें सांसद गौतम गंभीर की पोहा-जलेबी का लुत्फ उठाती तस्वीर भी है। इसके पास ही मयंक अग्रवाल की उपलब्धि को फोटो के रूप में लगाया गया है। इंदौर में बांग्लादेश के खिलाफ खेले जा रहे टेस्ट मैच में दोहरा शतक लगाने के साथ ही मयंक ने इस मामले में डॉन ब्रैडमैन को पीछे छोड़ दिया है। सबरीमाला मंदिर विवाद पर जस्टिस नरीमन द्वारा केंद्र को लगाई गई फटकार को भी अखबार ने प्रमुखता से जगह दी है।

इसके अलावा, दिल्ली नगर निगम का बजट, पुलिस-वकील भिड़ंत सहित वित्तमंत्री का बयान भी पेज पर है। दिल्ली नगर निगम के बजट में संपत्ति कर की दरों में इजाफा किये जाने के आसार हैं। वहीं, हाई कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद आक्रामक हुए वकीलों ने हड़ताल समाप्त कर ली है। वहीं, वित्तमंत्री ने सरकार की तैयारियों के बारे में बताते हुए कहा है कि बैंकों में जमा राशि पर एक लाख से ज्यादा बीमा मिल सकता है। एंकर में रक्षामंत्री के अरुणाचल दौरे से चीन को लगी ‘मिर्ची’ से जुड़ा समाचार है। राजधानी, शताब्दी और दुरंतों में महंगे हुए खान-पान को अखबार ने संक्षिप्त में जगह दी है। चीफ जस्टिस के रूप में रंजन गोगोई की विदाई की खबर फ्रंट पेज पर नहीं है।

अब रुख करते हैं नवभारत टाइम्स का। अखबार में आज विज्ञापनों की बहार है। इस वजह से पांचवें पेज को फ्रंट पेज बनाया गया है। लीड दिल्ली की जहरीली हवा है, जिसे गौतम गंभीर की फोटो के साथ आकर्षक अंदाज में पाठकों के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। महाराष्ट्र के सियासी संग्राम को भी अखबार ने तवज्जो दी है। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की विदाई को फोटो और रंगीन बैकग्राउंड के साथ पेज पर रखा गया है। एंकर में रेलवे के महंगे हुए खानपान को जगह मिली है। तीन अन्य खबर एक-एक कॉलम में हैं। मसलन, सेप्टिक टैंक की फ्री सफाई, काम पर लौटे वकील और राहुल गांधी के खिलाफ 100 करोड़ के टैक्स का मामला फिर खोला जाएगा। यानी कांग्रेस के युवराज की भी मुश्किलें बढ़ना तय है।

वहीं, दैनिक जागरण को देखें तो यहां भी तीसरा पेज फ्रंट पेज है। लीड दिल्ली की जहरीली हवा है, लेकिन इसमें गौतम गंभीर की फोटो को जगह नहीं दी गई है। ‘सोनिया एवं राहुल गांधी के खिलाफ 100 करोड़ रुपए टैक्स का मामला’ इस खबर को अखबार ने प्रमुखता के साथ लीड के पास ही लगाया है। महाराष्ट्र के सियासी संकट को अपेक्षाकृत काफी बड़ी जगह दी गई है, यदि इसे छोटा लगाया जाता तो कई दूसरी महत्वपूर्ण खबरों को भी फ्रंट पेज पर स्थान मिल सकता था। चीफ जस्टिस के रूप में रंजन गोगोई की विदाई को सबसे नीचे दो कॉलम में रखा गया है। ट्रेनों में महंगे खान-पान को अखबार ने संक्षिप्त में लगाया है।

सबसे आखिर में आज दैनिक भास्कर का रुख करते हैं। चार फुल पेज विज्ञापनों के चलते पांचवें पेज को फ्रंट पेज का दर्जा दिया गया है। लीड दिल्ली की जहरीली हवा है। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को फटकार लगाते हुए कहा है कि दिल्ली में चीन जैसे एयर प्यूरीफायर लगाये जाएं। लीड में ही गौतम गंभीर की प्रदूषण पर ‘गंभीरता’ दर्शाती तस्वीर भी है। पेज पर दूसरी प्रमुख खबर के रूप में एक रिपोर्ट को लगाया गया है। इसमें दावा किया गया है कि उपभोक्ता खर्च में चार दशक बाद गिरावट आई है। हालांकि सरकार आंकड़े जारी करने को तैयार नहीं है। पेज पर जनता की जेब को प्रभावित करने वाला एक समाचार भी है। रेलवे ने राजधानी, शताब्दी और दुरंतों ट्रेनों के खान-पान को काफी महंगा कर दिया है।

महाराष्ट्र की सियासत और दिल्ली विधानसभा चुनाव से जुड़ी अखिलेश कुमार की बाईलाइन स्टोरी को भी पेज पर जगह मिली है। शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस में सरकार बनाने पर सहमति हो गई है, सभी दलों ने राज्यपाल से मिलने का समय मांगा है। वहीं, अखिलेश बता रहे हैं कि जिन ईवीएम को लोकसभा चुनाव में इस्तेमाल किया गया था, उनसे ही दिल्ली विधानसभा चुनाव कराये जाएंगे। एंकर में चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की विदाई से जुड़ी पवन कुमार की बाईलाइन खबर है। अखबार ने फ्रंट पेज पर क्रिकेटर मयंक अग्रवाल की उपलब्धि को फोटो के रूप में स्थान दिया है। दोहरा शतक जड़ने के मामले में मयंक अब ब्रैडमैन से आगे निकल गए हैं।

आज का ‘किंग’ कौन?

1: ले-आउट की नजर से देखें तो आज ‘नवभारत टाइम्स’ और ‘हिन्दुस्तान’ ने सीमित जगह में भी काफी अच्छा फ्रंट पेज तैयार किया है।

2: खबरों की प्रस्तुति की बात करें तो ‘दैनिक जागरण’ को छोड़कर सभी अखबारों ने अच्छा काम किया है। खासकर लीड के मामले में ‘नवभारत टाइम्स’, ‘हिन्दुस्तान’ और ‘दैनिक भास्कर’ अव्वल हैं।     

3: कलात्मक शीर्षक का टोटा आज भी अखबारों में दिखाई दे रहा है।

4: खबरों के लिहाज से फ्रंट पेज देखें तो ‘नवभारत टाइम्स’ और ‘दैनिक जागरण’ ने जहां क्रिकेटर मयंक की उपलब्धि को जगह नहीं दी है, वहीं राहुल और सोनिया गांधी की खबर को पेज पर लगाकर सबसे आगे निकल गए हैं। वहीं ‘अमर उजाला’ से चीफ जस्टिस की खबर के मामले में चूक हुई है।

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