समीक्षा: जनभावना से जुड़ी है दैनिक भास्कर की हेडलाइन

जैकेट विज्ञापन के कारण नवभारत टाइम्स में दो फ्रंट पेज बनाए गए हैं, वहीं दैनिक जागरण में भी आज दो फ्रंट पेज हैं

नीरज नैयर by
Published - Saturday, 07 December, 2019
Last Modified:
Saturday, 07 December, 2019
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हैदराबाद की लेडी डॉक्टर से दरिंदगी के चारों आरोपितों की पुलिस मुठभेड़ में मौत आज के अखबारों की सबसे बड़ी खबर है। शुरुआत करते हैं अमर उजाला से। अखबार ने ‘पुलिस का इंसाफ’ शीर्षक के साथ पूरे आठ कॉलम में लीड लगाई है। इसी में उन्नाव पीड़िता की मौत, निर्भया के दोषी की याचिक खारिज और राष्ट्रपति द्वारा कानून पर उठाये गए सवाल को भी जगह मिली है। अयोध्या पर दायर पुनर्विचार याचिकाओं को भी प्रमुखता से पेज पर रखा गया है, जबकि एंकर में जजों पर सीबीआई के छापे हैं।

राजस्थान पत्रिका ने हैदराबाद पुलिस की कार्रवाई को ‘खुशी’ और ‘सवाल’ दोनों दर्शाने वाले शीर्षक से उठाया है। आधा पेज लगाई गई लीड को पक्ष-विपक्ष की तरह दो भागों में विभाजित किया गया है। हालांकि उन्नाव पीड़िता की मौत और निर्भया के दोषी की याचिका खारिज होने से जुड़े समाचार को फ्रंट पेज पर नहीं रखा गया है। शिवसेना-कांग्रेस-राकांपा के राज में अजित पवार को सिंचाई घोटाले से जुड़े 17 मामलों में क्लीन चिट मिल गई है। इस खबर को दो कॉलम जगह मिली है। इसके अलावा पेज पर चार अन्य समाचार भी हैं। एंकर में स्मार्टफोन के असर को समझाया गया है। ब्रिटेन की एक शोध एजेंसी ने खुलासा किया है कि चुनावों के दौरान लोग फोन पर आईं खबरों को देखते ही अपने वोट तय कर लेते हैं।   

अब दैनिक भास्कर पर नजर डालें तो आधा पेज जगह हैदराबाद पुलिस की कार्रवाई को दी गई है। जनभावना के अनुरूप शीर्षक ‘दुष्कर्मियों...! देख लो अंजाम’ के साथ लगी इस खबर को काफी विस्तार से पाठकों के समक्ष रखा गया है। निर्भया के दोषी की याचिका खारिज होने और उन्नाव पीड़िता की मौत की खबर भी लीड के हिस्से के रूप में मौजूद है। हालांकि, आज भी संख्या को लेकर अखबारों में गफलत का माहौल देखने को मिला है। ‘नवभारत टाइम्स’, ‘हिन्दुस्तान’ और ‘दैनिक जागरण’ जहां अयोध्या विवाद पर शुक्रवार को दाखिल पुनर्विचार याचिकाओं की संख्या 6 बता रहे हैं, वहीं ‘दैनिक भास्कर’ में 5 का जिक्र है, जबकि ‘अमर उजाला’ के मुताबिक यह संख्या 8 है। पेज पर मुकेश कौशिक और पवन कुमार की बाईलाइन खबर भी है। इस खबर के अनुसार, संसद में तंज कसने के लिए ‘पप्पू’ जैसे शब्दों के इस्तेमाल पर पाबंदी लगाई गई है। इसके अलावा, मंगलम बिड़ला का कंपनी बंद करने संबंधी बयान और मारुति द्वारा कारें वापस बुलाने संबंधी खबरें भी सिंगल में हैं।

आज दैनिक जागरण में दो फ्रंट पेज बनाये गए हैं। पहला पेज हैदराबाद पुलिस की कार्रवाई के नाम समर्पित है। इसकी हेडलाइन है, ‘जहां हुई थी दरिंदगी, वहीं आरोपित ढेर’। जबकि दूसरे पेज पर दया याचिका कानून को लेकर राष्ट्रपति के बयान को सबसे बड़ी खबर का दर्जा मिला है। राष्ट्रपति का कहना है कि पॉस्को एक्ट के दोषियों को दया याचिका का अधिकार नहीं मिलना चाहिए। स्थानीय अपराध समाचार और जजों पर सीबीआई छापे को भी अखबार ने प्रमुखता से उठाया है। दिल्ली के रोहिणी इलाके में एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी और बहू को मौत के घाट उतार दिया। हत्याकांड की वजह थी अवैध संबंधों का शक। वहीं, सीबीआई ने मेडिकल कॉलेज को लाभ पहुंचाने के मामले में छापेमारी की है। इसके अलावा, उन्नाव पीड़िता की मौत, निर्भया के दोषी की याचिक खारिज सहित कुछ अन्य समाचार भी पेज पर हैं।

वहीं, हिन्दुस्तान की बात करें तो टॉप बॉक्स में ‘हिन्दुस्तान लीडर समिट’ के उद्घाटन के मौके पर पीएम मोदी का भाषण है। मोदी का कहना है कि सरकार पर बेहतर प्रदर्शन का दबाव होना चाहिए। गैंगरेप के आरोपितों का एनकाउंटर अखबार की लीड है, जिसे ‘हैदराबाद के हैवान हलाक’ शीर्षक तले आरोपितों के फोटो सहित लगाया गया है। साथ ही इसमें उन्नाव पीड़िता की मौत का भी जिक्र है। वहीं टेलीकॉम सेक्टर की मंदी पर आदित्य बिड़ला ग्रुप के चेयरमैन मंगलम बिड़ला का बयान और अयोध्या विवाद पर दायर 6 याचिकाओं को दो-दो कॉलम जगह मिली है। बिड़ला का कहना है कि यदि सरकार से मदद नहीं मिली तो वोडाफोन-आइडिया कंपनी को बंद करना होगा। हाईकोर्ट के मौजूदा और पूर्व जजों पर सीबीआई छापे के साथ ही रेलवे द्वारा अपने 32 अधिकारियों को जबरन सेवानिवृत्त करने को अखबार ने प्रमुखता से लगाया है। इसके अलावा पेज पर तीन सिंगल खबरें हैं, जिनमें भगोड़े नित्यानंद का पासपोर्ट रद्द करने की खबर भी शामिल है।

सबसे आखिर में आज रुख करते हैं नवभारत टाइम्स का। जैकेट विज्ञापन के चलते आज दो फ्रंट पेज बनाये गए हैं। पहले पेज पर हैदराबाद की घटना को न रखते हुए दो खबरों को लगाया गया है। टॉप बॉक्स में निर्भया के दोषी की दया याचिका खारिज होने, राष्ट्रपति द्वारा दया याचिका संबंधी कानून पर सवाल उठाने और उन्नाव पीड़िता की नाजुक हालात को रखा गया है। हालांकि, उन्नाव का लास्ट अपडेट देने में अखबार चूक गया है। उन्नाव पीड़िता की मौत हो गई है और कई अखबारों ने इसे पब्लिश भी किया है।

लीड स्थानीय अपराध समाचार है। 64 वर्षीय एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी और बहू को मौत के घाट उतार दिया। दूसरा पेज हैदराबाद पुलिस की कार्रवाई को समर्पित है। ‘एनकाउंटर पर जश्न और सवाल’ इस शीर्षक के साथ लगाई गई लीड को फोटो, ग्राफिक्स के साथ विस्तार से समझाया गया है। साथ ही पक्ष और विपक्ष की प्रतिक्रियाओं को भी इसमें जगह मिली है। इसके अलावा पेज पर तीन छोटी-छोटी खबरें हैं। मसलन, अयोध्या विवाद में 6 पुनर्विचार याचिकाएं दाखिल, दिल्ली में प्रदूषण रिटर्न और मारुति ने वापस मंगवाई 63 हजार कारें। अखबार के पहले फ्रंट पेज पर आधा पेज विज्ञापन होने के कारण खबरों वाला भाग ही शो हो रहा है, इसलिए यहां पर खबरों वाले भाग को ही लगाया गया है जबकि दूसरा फ्रंट पेज पूरा शो हो रहा है। 

आज का किंग कौन?

1: लेआउट पर बात करने के लिए आज ज्यादा कुछ नहीं है, क्योंकि अधिकांश अखबारों में विज्ञापनों की भरमार है।

2: खबरों की प्रस्तुति, खासकर लीड के हिसाब से देखें तो आज ‘दैनिक जागरण’ और ‘हिन्दुस्तान’ को छोड़कर सभी अखबारों ने काफी मेहनत की है। ‘दैनिक जागरण’ ने जहां सीधी-सपाट लीड लगाई है, वहीं ‘हिन्दुस्तान’ ने इतने बड़े मामले को अपेक्षाकृत कम जगह दी है और शायद यही वजह है कि घटना से जुड़े फोटो भी नहीं लगाये गए हैं। 

3: कलात्मक शीर्षक की बात करें तो आज हर अखबार ने कुछ न कुछ अलग किया है, लेकिन ताज ‘दैनिक भास्कर’ के सिर ही सजेगा। ‘दैनिक भास्कर’ने लोगों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए लीड की हेडलाइन ‘दुष्कर्मियों...! देख लो अंजाम’ तैयार की है और इसलिए इसका प्रभाव ज्यादा रहेगा।

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अखबारों ने आज इन खबरों से 'सजाया' फ्रंट पेज

विज्ञापन के कारण हिन्दुस्तान में आज तीसरा पेज फ्रंट पेज है, जबकि नवभारत टाइम्स और दैनिक जागरण में दो फ्रंट पेज बनाए गए हैं

नीरज नैयर by
Published - Wednesday, 29 January, 2020
Last Modified:
Wednesday, 29 January, 2020
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दिल्ली से प्रकाशित होने वाले अखबारों में देशद्रोह के आरोपित शरजील की गिरफ्तारी और कोरोना वायरस से जुड़े समाचारों को प्रमुखता से पाठकों के समक्ष रखा गया है। शुरुआत करते हैं दैनिक भास्कर से, जिसने वायरस से पीड़ित चीन के आंखों-देखे हाल को फ्रंट पेज की लीड लगाया है। इसी में सरकार की तैयारी और उस पर उठते सवालों को भी जगह मिली है। हेमंत अली की बाईलाइन स्टोरी को सेकंड लीड का दर्जा दिया गया है। अली की स्टोरी लोकसभा चुनाव में प्रमुख सियासी दलों के खर्चों पर प्रकाश डालती है।

वहीं, दिल्ली विधानसभा चुनाव में जनता का रुख अपनी ओर मोड़ने की कोशिश में नेताओं की बयानबाजी जारी है। अब भाजपा सांसद ने शाहीनबाग को लेकर भड़काऊ बयान दिया है। इस खबर के साथ ही शरजील की बिहार से गिरफ्तारी और निर्भया के दोषी की याचिका पर हुई सुनवाई को भी पेज पर जगह मिली है। एंकर में शरद पाण्डेय की बाईलाइन को सजाया गया है। खबर के अनुसार देश की पहली अंडरवॉटर मेट्रो कोलकाता में चलेगी।

आज अमर उजाला के फ्रंट पेज पर कोई बड़ा विज्ञापन नहीं है, लिहाजा पाठकों के पढ़ने के लिए यहां काफी कुछ है। टॉप बॉक्स में सियासी बयानबाजी है। एक तरफ जहां पीएम मोदी ने फिर पाकिस्तान का जिक्र करके अपनी पीठ थपथपाई है, वहीं राहुल गांधी ने उन पर देश की छवि को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है। केन्द्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर को अपने भड़काऊ भाषण के लिए चुनाव आयोग ने नोटिस जारी किया है। लीड देशद्रोह के आरोपित शरजील की गिरफ्तारी को लगाया गया है। कोरोना वायरस के प्रकोप और सरकार की तैयारी को भी प्रमुखता के साथ पेश किया गया है। सरकार चीन के वुहान में फंसे 300 भारतीयों को एयरलिफ्ट करेगी।

निर्भया के दोषी की याचिका पर सुनवाई भी पेज पर है। कोर्ट आज इस पर अपना फैसला सुनाएगी। वैसे जिस तरह से गुनाहगार नए-नए तरीके आजमा रहे हैं, उससे यह शंका गहरा गई है कि क्या उन्हें एक फरवरी को भी फांसी हो पाएगी? मौसम के मिजाज की फोटो के साथ ही ‘आई लव केजरीवाल’ लिखे ऑटो पर कार्रवाई को भी अखबार ने पाठकों तक पहुंचाया है। ऑटो चालक ने 10 हजार रुपए की चालानी कार्रवाई को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। एंकर की बात करें तो यहां चीतों को भारत में बसाने की योजना को मिली हरी झंडी को रखा गया है। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को अफ्रीका से चीते मंगाने की अनुमति दे दी है। हालांकि, सबसे बड़ा सवाल यह है बाघों को सुरक्षित रखने में नाकाम साबित हो रहा तंत्र क्या चीतों को महफूज रख पाएगा?

अब आते हैं हिन्दुस्तान पर, जहां तीसरे पेज को फ्रंट पेज बनाया गया है। लीड शरजील की गिरफ्तारी है और इसी खबर में भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर के भड़काऊ बयान पर चुनाव आयोग द्वारा भेजे गए नोटिस को भी रखा गया है। कोरोना वायरस से जुड़ा समाचार टॉप में चार कॉलम में है। अच्छी बात यह है कि देश में इस वायरस से अब तक कोई संक्रमित नहीं पाया गया है।

जुबानी जंग में आमने-सामने आये नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी की खबरों को भी आमने-सामने लगाया गया है। मोदी का कहना है कि सीसीए का विरोध वोट बैंक की खातिर हो रहा है, जबकि राहुल के अनुसार मोदी सरकार देश की छवि खराब कर रही है। इसके अलावा, निर्भया के दोषी की याचिका पर हुई सुनवाई सहित एक अन्य समाचार पेज पर है। मसलन, राम मंदिर ट्रस्ट की घोषणा सप्ताह भर में।

वहीं, नवभारत टाइम्स में आज भी विज्ञापनों के चलते दो फ्रंट पेज तैयार किये गए हैं। पहले फ्रंट पेज पर टॉप बॉक्स में कोरोना वायरस से जुड़ा समाचार है। भारत का कहना है कि चीन में कोई भारतीय छात्र इससे पीड़ित नहीं है। रंगीन बैकग्राउंड में लगी इस खबर में मास्क पहनकर ताजमहल का दीदार कर रहे चीनी जोड़े की फोटो भी है। लीड निर्भया के दोषी की याचिका पर सुनवाई है, लेकिन राजेश चौधरी ने अपनी इस बाईलाइन खबर को अलग अंदाज से पेश किया है।

दूसरे फ्रंट पेज पर जाएं तो लीड शरजील की गिरफ्तारी है, जबकि नागरिकता संशोधन कानून पर पीएम मोदी का बयान दूसरी बड़ी खबर के रूप में पेज पर है। वहीं, अमित शाह और केजरीवाल के बीच चल रही जुबानी जंग को आज भी फ्रंट पेज पर स्थान मिला है। ‘आई लव केजरीवाल’ लिखे ऑटो पर हुई कार्रवाई सिंगल में है, इसके साथ तीन अन्य खबरें भी पेज पर हैं। अखबार के पहले फ्रंट पेज पर आधा पेज विज्ञापन होने के कारण यहां सिर्फ खबरों वाला भाग ही दिखाई दे रहा है, जबकि दूसरा फ्रंट पेज पूरा दिखाई दे रहा है।

अब राजस्थान पत्रिका का रुख करें, तो यहां फ्रंट पेज पर सबसे अलग खबर को लीड का दर्जा दिया गया है। जयपुर में युवा आक्रोश रैली में राहुल गांधी द्वारा मोदी सरकार पर हमला बोला गया। उन्होंने नौकरी और बेरोजगारी का वह मुद्दा उठाया। इसी के पास पीएम मोदी का नागरिकता संशोधन कानून पर दिया गया बयान है। इन दोनों ख़बरों में फोटो ऐसी लगाई गई हैं, जैसे दोनों नेता एक-दूसरे को देखकर बोल रहे हैं। ये दर्शाता है कि पेज डिजाइन करने वाले ने फोटो चुनने में काफी मेहनत की है। इस तरह के छोटे-छोटे प्रयास ही पेज को निखारने में अहम भूमिका निभाते हैं।

प्रोजेक्ट चीता पर सुप्रीम कोर्ट की हरी झंडी के साथ ही निर्भया के दोषी की याचिका पर हुई सुनवाई को भी प्रमुखता के साथ रखा गया है। पारंपरिक एंकर के बजाय आज अखबार ने पूरे आठ कॉलम दिल्ली चुनाव के नाम समर्पित कर दिए हैं। हालांकि, शरजील की गिरफ्तारी और कोरोना वायरस से जुड़े समाचार को किसी भी रूप में फ्रंट पेज पर नहीं रखा गया है, जबकि ये दोनों ही बड़ी ख़बरें हैं।

सबसे आखिर में आज दैनिक जागरण की बात करते हैं। अखबार ने आज दो फ्रंट पेज बनाए हैं। पहले फ्रंट पेज पर नागरिकता संशोधन कानून पर पीएम नरेंद्र मोदी के बयान को लीड लगाया गया है। पीएम का कहना है कि वोट बैंक की राजनीति के लिए कुछ पार्टियां इसका विरोध कर रही हैं। लीड के बगल में ही दो कॉलम में राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़ी खबर को लगाया गया है। पाकिस्तान के सिंध प्रांत में हिंदू लड़की के अपहरण पर भारत ने पाक से विरोध जताया है। इस खबर को चार कॉलम में लगाने के साथ पेज पर कुछ संक्षिप्त खबरें भी हैं।

वहीं, दूसरे फ्रंट पेज की बात करें तो देशद्रोह के आरोपित शरजील की बिहार से गिरफ्तारी को लीड लगाया गया है। लीड के बगल में ही चीन में फैले कोरोना वायरस और वहां से भारतीयों को निकालने की सरकार की कोशिशों को दो कॉलम में जगह दी गई है। निर्भया कांड के दोषी मुकेश की याचिका पर कोर्ट आज फैसला सुनाएगी, इस खबर को भी फ्रंट पेज पर जगह मिली है, वहीं मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में पीएफआई एनजीओ के सात पदाधिकारियों को तलब किए जाने की खबर भी दो कॉलम में पेज पर है। नारायण मूर्ति द्वारा रतन टाटा के पैर छूकर आशीर्वाद लिए जाने को अखबार ने फोटो के रूप में पेज पर रखा है। प्रशांत किशोर पर नीतीश कुमार के बयान को तीन कॉलम में लगाने के साथ ही एंकर में देश में चीतों को बसाने की योजना को सुप्रीम कोर्ट से मिली अनुमति को भी रखा गया है। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को अफ्रीका से चीते मंगाने के मामले में हरी झंडी दे दी है  

आज का ‘किंग’ कौन?

1: लेआउट के मामले में आज पहले नंबर पर हिन्दुस्तान रहा है। फ्रंट पेज काफी खुला-खुला, संतुलित एवं आकर्षक नजर आ रहा है।

2: खबरों की प्रस्तुति का जहां तक सवाल है, तो आज सभी अखबारों ने खबरों को ऐसे सजाया है कि पाठकों को हर छोटी-बड़ी जानकारी मिल सके। हालांकि, निर्भया के दोषी की याचिका के मामले में नवभारत टाइम्स और राजस्थान पत्रिका ने खबर अलग एंगल से उठाई है। 

3: कलात्मक शीर्षक जैसा कुछ आज के अख़बारों में कहीं दिखाई नहीं दे रहा।

4: खबरों के लिहाज से यदि देखें तो दैनिक भास्कर ने जहां दो एक्सक्लूसिव खबरें फ्रंट पेज पर लगाकर बाकी अखबारों पर बढ़त बनाने का प्रयास किया, वहीं प्रोजेक्ट चीता पर मिली हरी झंडी को जगह न देकर उस बढ़त को खुद ही खत्म कर लिया। नवभारत टाइम्स और हिन्दुस्तान से भी इस खबर की अहमियत को समझने में चूक हुई है। राजस्थान पत्रिका ने जरूर प्रोजेक्ट चीता को फ्रंट पेज पर रखा है, मगर शरजील की गिरफ्तारी और कोरोना वायरस की ख़बरों से दूरी बनाई है। लिहाजा इस मामले में अमर उजाला अव्वल माना जा सकता है।

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इस बड़ी खबर को फ्रंट पेज पर लगाने से चूक गया यह अखबार

विज्ञापनों की अधिकता के कारण हिन्दुस्तान, नवभारत टाइम्स और दैनिक जागरण में आज दो फ्रंट पेज बनाए गए हैं।

नीरज नैयर by
Published - Tuesday, 28 January, 2020
Last Modified:
Tuesday, 28 January, 2020
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चुनावी मौसम में ‘जुबानी जंग’ न हो, ये तो संभव नहीं। दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर यह ‘जंग’ अब तेज हो गई है। वहीं, नागरिकता संशोधन कानून पर हिंसा को लेकर हुए खुलासे से राष्ट्रीय स्तर पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। इन दोनों खबरों ने आज दिल्ली से प्रकाशित होने वाले अखबारों में प्रमुखता से जगह पाई है। सबसे पहले बात करते हैं दैनिक जागरण की, जहां विज्ञापनों के चलते दो फ्रंट पेज बनाये गए हैं। लीड सीएए हिंसा पर खुलासा है। प्रवर्तन निदेशालय ने इस संबंध में अपनी रिपोर्ट में बताया है कि हिंसा फैलाने के लिए पीपुल फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) द्वारा फंडिंग की गई थी। इतना ही नहीं, कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल और वकील इंदिरा जयसिंह को भी बड़ा भुगतान किया गया। हालांकि, दोनों ही इसे अपने खिलाफ साजिश करार दे रहे हैं।

बोडोलैंड विवाद के अंत को दूसरी बड़ी खबर के रूप में जगह मिली है। अलगाववादी गुटों ने केंद्र एवं राज्य सरकार से समझौता कर अलग राज्य की मांग छोड़ दी है। वहीं, पाकिस्तान में शादी के मंडप से हिंदू दुल्हन को अगवा करने से जुड़े समाचार को भी प्रमुखता से लगाया गया है। दूसरे फ्रंट पेज को देखें तो यहां मोदी सरकार के एयर इंडिया बेचने के फैसले को लीड का दर्जा मिला है। सरकार अपनी 100 फीसदी हिस्सेदारी बेचना चाहती है। अमित शाह और केजरीवाल के बीच जुबानी जंग टॉप में चार कॉलम में है, साथ ही मशहूर बास्केटबॉल खिलाड़ी कोबी ब्रायंट के निधन से जुड़ा समाचार भी पेज पर है।

वहीं, हिन्दुस्तान में भी आज दो फ्रंट पेज हैं। शाहीनबाग को लेकर अमित शाह और केजरीवाल के बीच हुई जुबानी जंग को पहले फ्रंट पेज पर लीड लगाया गया है। निर्भया के दोषी की याचिका पर आज होने वाली सुनवाई और 60 साल पुराने बोडो विवाद के अंत को दो-दो कॉलम में रखा गया है। इसके अलावा पेज पर तीन सिंगल समाचार हैं।

दूसरे फ्रंट पेज को देखें तो लीड जेवर में जमीन अधिग्रहण को लेकर किसानों और पुलिस के बीच हुआ टकराव है। एयर इंडिया बेचने के सरकार के फैसले को भी प्रमुखता के साथ पाठकों के समक्ष रखा गया है। वहीं, चीन में कोरोना वायरस के आतंक के बीच भारत वहां फंसे देशवासियों को निकालने की कवायद में जुट गया है। सरकार की इस कोशिश के साथ ही दिल्ली के मौसम को भी फ्रंट पेज पर जगह मिली है।

नवभारत टाइम्स के पाठकों को भी आज दो फ्रंट पेज मिले हैं। पहले फ्रंट पेज की सबसे बड़ी खबर बास्केटबॉल खिलाड़ी कोबी ब्रायंट की हेलिकॉप्टर हादसे में हुई मौत है। इस दुर्घटना में उनकी बेटी की भी जान चली गई। दूसरी खबर निर्भया के दोषी की याचिका पर आज होने वाली सुनवाई है। चीफ जस्टिस का कहना है कि यदि किसी को फांसी होनी है तो उसकी याचिका पर सुनवाई से जरूरी कुछ नहीं हो सकता।

दूसरे फ्रंट पेज की शुरुआत नागरिकता संशोधन कानून पर हुई हिंसा से जुड़े खुलासे से हुई है। प्रवर्तन निदेशालय का कहना है कि यूपी में हिंसा के लिए 120 करोड़ की फंडिंग की गई थी। हालांकि, अखबार ने कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल और इंदिरा जयसिंह पर लगे आरोपों को तवज्जो नहीं दी है। लीड शाहीनबाग पर केजरीवाल और अमित शाह में चल रही जुबानी जंग को बनाया गया है। एयर इंडिया बेचने के सरकार के फैसले के मामले में अखबार से चूक हो गई है। इस खबर को किसी भी रूप में फ्रंट पेज पर नहीं रखा गया है। अखबार के पहले फ्रंट पेज पर आधा पेज विज्ञापन होने के कारण यहां सिर्फ खबरों वाला भाग ही दिखाई दे रहा है, जबकि दूसरा फ्रंट पेज पूरा दिखाई दे रहा है।

आज अमर उजाला के फ्रंट पेज पर काफी कम जगह है। इसलिए खबरों को छोटा-छोटा करके लगाया गया है, ताकि पाठकों तक ज्यादा से ज्यादा समाचार पहुंचाए जा सकें। लीड नागरिकता संशोधन कानून पर हुई हिंसा से जुड़ा खुलासा है। इसी में सिब्बल की सफाई सहित कुछ अन्य खबरें भी हैं। एयर इंडिया बेचने के सरकार के फैसले को प्रमुखता के साथ दो कॉलम में रखा गया है।

वहीं, अनुराग ठाकुर द्वारा भीड़ से लगवाये गए ‘गोली मारो’ के नारे से जुड़ा समाचार डॉटेड बॉक्स में है। एंकर पर नजर डालें तो यहां निर्भया के दोषी की याचिक पर चीफ जस्टिस की टिप्पणी है, जिनका कहना है कि किसी को फांसी होनी है तो तुरंत सुनवाई जरूरी हो जाती है। इसके अलावा पेज पर दो सिंगल खबरें और यूपी में गंगा यात्रा की शुरुआत का फोटो है।

अब रुख करते हैं दैनिक भास्कर का। ‘दिल्ली चुनाव वाया शाहीनबाग’ इस टैगलाइन के साथ नेताओं की ज़ुबानी जंग को लीड का रूप दिया गया है। इसी में सीएए पर हिंसा से जुड़ा खुलासा भी है। चीन में फंसे भारतीयों को निकालने की सरकार की तैयारी दूसरी बड़ी खबर के रूप में है। वहीं, निर्भया के दोषी की याचिका पर चीफ जस्टिस की टिप्पणी को तीन कॉलम जगह मिली है।

एयर इंडिया बेचने के सरकारी फैसले को अखबार ने ज्यादा तवज्जो न देते हुए महज सिंगल में रखा है। हालांकि, खबर सरकार के फैसले से नहीं, बल्कि उसके खिलाफ आवाज बुलंद करने वाले सुब्रमण्यम स्वामी से उठाई गई है। एंकर में ओलंपिक को लेकर जापान की तैयारियों पर प्रकाश डाला गया है। इसके अलावा पेज पर दो सिंगल सहित कुछ संक्षिप्त समाचार भी हैं।

सबसे आखिरी में बात करते हैं राजस्थान पत्रिका की। फ्रंट पेज की शुरुआत आकाश मिश्रा और अनीश परिहार की बाईलाइन से हुई है। जिन्होंने बताया है कि किस तरह आजादी के 72 साल बाद माओवादियों की मांद में तिरंगा फहराया गया। लीड बोडोलैंड विवाद का अंत है। अखबार ने इस खबर को सबसे ज्यादा विस्तार से समझाया है। हालांकि, दिल्ली चुनाव को लेकर चल रही जुबानी जंग और सीएए हिंसा पर खुलासे को फ्रंट पेज पर जगह न देना चौंकाने वाला फैसला है।

एयर इंडिया बेचने के सरकारी फैसले को अखबार ने संक्षिप्त में रखा है। निर्भया के दोषी की याचिका पर चीफ जस्टिस की टिप्पणी को जरूर प्रमुखता मिली है। इसके अलावा, टैक्स में गड़बड़ी करने वालीं 5000 कंपनियों के साथ ही कुछ अन्य समाचार पेज पर हैं। एंकर में लंदन के एक स्कूल के बारे में बताया गया है, जहाँ भू-तापीय ऊर्जा से खाना बनेगा।

आज का ‘किंग’ कौन?

1: लेआउट के मामले में आज दैनिक भास्कर और राजस्थान पत्रिका बेहतर नजर आ रहे हैं। वैसे, बाकी अख़बारों के फ्रंट पेज पर विज्ञापन इतना ज्यादा है कि उनके पास ज्यादा कुछ करने की गुंजाइश नहीं थी।

2: खबरों की प्रस्तुति की जहां तक बात है तो आज किसी एक को अव्वल नहीं कहा जा सकता। दैनिक जागरण को छोड़कर सभी ने अच्छा प्रयास किया है।

3: कलात्मक शीर्षक के मामले में आज अप्रत्याशित रूप से दैनिक जागरण ने सबको पछाड़ दिया है। अखबार ने एयर इंडिया बेचने के सरकारी फैसले को शीर्षक ‘एयर इंडिया का कॉकपिट छोड़ने को सरकार राजी’ के साथ पाठकों के समक्ष पेश किया है।

4: ख़बरों के लिहाज से नवभारत टाइम्स से आज चूक हो गई है। एयर इंडिया बेचने के फैसले को अखबार ने किसी भी रूप में फ्रंट पेज पर नहीं लिया है। वहीं, दैनिक जागरण और राजस्थान पत्रिका ने भी इस खबर को कम आंकने की भूल की है। पत्रिका के पेज पर कई ऐसी ख़बरें हैं, जिनके स्थान पर इस फैसले और दिल्ली की चुनावी जंग से जुड़े समाचारों को लगाया जा सकता था।

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बदलते हुए भारत को बखूबी दर्शाता है फ्रंट पेज पर नवभारत टाइम्स का यह शीर्षक

विज्ञापनों की अधिकता के कारण नवभारत टाइम्स में आज दो फ्रंट पेज बनाए गए हैं, वहीं हिन्दुस्तान में तीसरे पेज को फ्रंट पेज का दर्जा मिला है

नीरज नैयर by
Published - Monday, 27 January, 2020
Last Modified:
Monday, 27 January, 2020
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71वां गणतंत्र दिवस पूरे देश ने धूमधाम से मनाया। राजपथ से लेकर वतन का कोना-कोना ‘जय हिंद, वंदेमातरम’ जैसे नारों से गूंज उठा। इसी गूंज को आज दिल्ली से प्रकाशित होने वाले अख़बारों में खबर के रूप में जगह मिली है। सबसे पहले नजर डालते हैं नवभारत टाइम्स पर। विज्ञापनों के चलते दो फ्रंट पेज बनाये गए हैं। पहला फ्रंट पेज गणतंत्र दिवस के नाम समर्पित है। हालांकि, यहां असम में हुए धमाकों को भी रखा गया है। गनीमत रही कि इन धमाकों में किसी की जान नहीं गई।

दूसरे फ्रंट पेज पर लीड नागरिकता संशोधन कानून का विरोध है। नसीरुद्दीन शाह सहित 300 हस्तियों ने कानून के विरोध में खुला खत लिखा है। खबर में विरोध का केंद्र बने शाहीन बाग़ में हुए झंडाबंदन का फोटो, यूरोपीय संसद में नागरिकता कानून के खिलाफ प्रस्ताव और जेएनयू छात्र पर 4 राज्यों में दर्ज हुई एफआईआर भी है। सीएए पर ही अमित शाह एवं केजरीवाल की ज़ुबानी जंग और शाह की रैली में हुआ कानून का विरोध अलग से चार कॉलम में है। वहीं, चीन में फंसे भारतीयों को निकालने की कोशिश, गौरव चंदेल हत्याकांड में आरोपितों की गिरफ्तारी, पीएम का देश के नाम संबोधन और न्यूजीलैंड पर टीम इंडिया की जीत भी पेज पर है। अखबार के पहले फ्रंट पेज पर आधा पेज विज्ञापन होने के कारण यहां सिर्फ खबरों वाला भाग ही दिखाई दे रहा है, जबकि दूसरा फ्रंट पेज पूरा दिखाई दे रहा है।

अब बात करते हैं दैनिक जागरण की, जहां फ्रंट पेज पर कोई बड़ा विज्ञापन नहीं है। लीड गणतंत्र दिवस की गूंज है, जिसे सात कॉलम में परेड और पीएम की फोटो सहित लगाया गया है। वहीं, असम में धमाके और चंदेल हत्याकांड में आरोपितों की गिरफ्तारी भी प्रमुखता के साथ पेज पर है।

यूरोपीय संसद में हमारे नागरिकता संशोधन कानून पर होने वाली बहस को अखबार ने तवज्जो देते हुए बड़ा स्थान दिया है। भारत ने यूरोपीयन सांसदों के इस प्रस्ताव पर कड़ी नाराजगी जताई है। एंकर में पीएम मोदी का देश के नाम संबोधन है। मोदी का कहना है कि हिंसा से नहीं, बातचीत से निकालें समस्या का समाधान।

वहीं, हिन्दुस्तान का रुख करें, तो यहां विज्ञापनों के चलते तीसरे पेज को फ्रंट पेज बनाया गया है। पेज की शुरुआत गणतंत्र दिवस का इतिहास दर्शाती फोटो से हुई हैं। पहली फोटो 26 जनवरी 1950 की है और दूसरी 26 जनवरी 2020 की। लीड पीएम मोदी की देशवासियों से अपील है। शाहीनबाग में झंडाबंधन, असम में धमाके और चीन में भारतीयों के लिए जारी की गई तीसरी हेल्पलाइन से जुड़े समाचारों को भी प्रमुखता मिली है। चीन में कोरोना वायरस का प्रकोप तेजी से फैल रहा है, ऐसे में वहां रह रहे भारतीयों को लेकर चिंता का माहौल है।

वहीं, चंदेल हत्याकांड में गिरफ्तारी और टीम इंडिया की जीत सहित चार सिंगल खबरें फ्रंट पेज पर हैं। एंकर में दिल्ली का दम घोंटने वाले प्रदूषण का समाचार है। सरकारी संस्था ‘सफर’ का कहना है कि दोपहिया वाहन सबसे ज्यादा प्रदूषण फैला रहे हैं।   

आज का 'किंग' कौन?

1: लेआउट के लिहाज से आज हिन्दुस्तान अव्वल है। दैनिक जागरण ने हमेशा की तरह कुछ खास करने का प्रयास नहीं है, लेकिन नवभारत टाइम्स ने काफी विज्ञापन होने के बावजूद अच्छा फ्रंट पेज बनाया है।

2: खबरों की प्रस्तुति में भी बाजी हिन्दुस्तान के नाम ही रही है।

3: कलात्मक शीर्षक की बात करें तो नवभारत टाइम्स ने ‘गणतंत्र दिवस की गूंज’ को पाठकों तक पहुंचाने में बेहतरीन प्रयास किया है। ‘राजपथ पर दिखा नए भारत का नया अंदाज’ शीर्षक परंपराओं को तोड़कर आगे बढ़ते देश को बखूबी दर्शाता है। अब गणतंत्र दिवस पर कौन सी परंपराएं टूटी हैं, इसके लिए आपको खबर पढ़नी होगी। 

आप अपनी राय, सुझाव और खबरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। (हमें फेसबुक,ट्विटर, लिंक्डइन और यूट्यूब पर फॉलो करें)

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किस अखबार का फ्रंट पेज है आज सबसे ‘दमदार’, पढ़ें यहां

विज्ञापन की अधिकता के कारण आज नवभारत टाइम्स और दैनिक जागरण में दो फ्रंट पेज बनाए गए हैं, जबकि हिन्दुस्तान में तीसरे पेज को फ्रंट पेज का दर्जा मिला है।

नीरज नैयर by
Published - Saturday, 25 January, 2020
Last Modified:
Saturday, 25 January, 2020
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दिल्ली से प्रकाशित होने वाले अधिकांश अखबारों में आज विज्ञापनों की ‘बरसात’ हुई है। हालांकि ‘राजस्थान पत्रिका’ इस ‘बरसात’ से अछूता है। आज सबसे पहले बात ‘राजस्थान पत्रिका’ की करते हैं । फ्रंट पेज की शुरुआत मौनी अमावस्या पर उमड़े जनसैलाब की फोटो से हुई है। लीड चीन के कोरोना वायरस को लगाया गया है, जिसने संभवतः भारत में भी दस्तक दे दी है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड के सख्त आदेश सहित चीफ जस्टिस के बयान को भी प्रमुखता मिली है। प्रत्यक्ष कर बोर्ड का कहना है कि पैन नंबर न देने वाले कर्मचारियों का 20 फीसदी वेतन काटा जाए, जबकि चीफ जस्टिस बोबडे ने ज्यादा टैक्स को सामाजिक अन्याय करार दिया है। सीएए विरोध के नाम पर हो रही हिंसा को देखते हुए 154 हस्तियों ने राष्ट्रपति से हिंसा करने वालों पर कार्रवाई की अपील की है। इस खबर को अखबार ने तवज्जो देते हुए तीन कॉलम जगह दी है।

इसी तरह चुनाव आयोग की मांग भी पेज पर है। आयोग ने शीर्ष अदालत से मांग की है कि वो सियासी पार्टियों को अपराधियों को टिकट न देने का निर्देश दे। इसके अलावा, एक देश, एक टैक्स पर केंद्र सरकार की राज्यों से बात, लंदन के अखबार द्वारा की गई मोदी सरकार की आलोचना और मुख्य चुनाव आयोग के अंतर्राष्ट्रीय फोरम की कमान संभालने से जुड़ा समाचार भी फ्रंट पेज पर है। एंकर में आशुतोष कुमार सिंह की बाईलाइन को सजाया गया है। इस खबर के मुताबिक धोखे से सीमा पार पहुंचे एक मूक-बधिर को परिजनों से मिलाने के लिए बांग्लादेश का एक युवक उसे लेकर यहां आया है। ये स्टोरी काफी हद तक सलमान खान की फिल्म ‘बजरंगी भाईजान’ से मिलती है। कुल मिलाकर आज अखबार के पेज पर सभी अच्छी खबरें हैं।

भारी विज्ञापनों की चलते नवभारत टाइम्स में आज दो फ्रंट पेज बनाए गए हैं। पहले पेज पर टीम इंडिया की जीत को रंगीन बॉक्स में बेहद आकर्षक शीर्षक के साथ सजाया गया है। भारत ने न्यूजीलैंड को पहले टी-20 मुकाबले में शिकस्त दी है। लीड भाजपा और आम आदमी पार्टी में जुबानी जंग है। चुनावी मौसम में ऐसे नज़ारे अभी और देखने को मिलेंगे। इसी के नीचे भाजपा नेता कपिल मिश्रा के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर है। विवादित बयानों के चलते चुनाव आयोग के निर्देश पर कपिल मिश्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इसके अलावा, निर्भया के दोषियों के नए पैंतरे सहित कुछ संक्षिप्त समाचार हैं। निर्भया के गुनाहगारों ने अदालत में आरोप लगाया है कि तिहाड़ जेल प्रशासन उन्हें दया याचिका दाखिल करने के लिए जरूरी कागजात नहीं दे रहा है।

दूसरे फ्रंट पेज की बात करें, तो यहां सीएए के विरोध में हो रहे प्रदर्शन पर कार्रवाई रोकने से सुप्रीम कोर्ट के इनकार को लीड का दर्जा मिला है। रासुका हटाने की मांग पर कोर्ट का कहना है कि हम पुलिस प्रशासन के हाथ नहीं बांध सकते। इसी में राष्ट्रपति से हिंसा पर कार्रवाई करने वालों की अपील का भी जिक्र है। वहीं, छात्रों से पीएम मोदी के संवाद को फोटो के साथ पेज पर जगह मिली है। ज्यादा टैक्स को सामाजिक अन्याय बताने संबंधी चीफ जस्टिस का बयान डीप सिंगल में है। इसके अलावा, तीन और ख़बरों को फ्रंट पेज पर स्थान मिल सका है। मसलन, ब्रिटिश पत्रिका द्वारा मोदी सरकार की आलोचना, जामिया नगर हिंसा में पूर्व MLA से पूछताछ और जेएनयू छात्रों को फीस पर कोर्ट से राहत। अखबार के पहले फ्रंट पेज पर आधा पेज विज्ञापन होने के कारण यहां सिर्फ खबरों वाला भाग ही दिखाई दे रहा है, जबकि दूसरा फ्रंट पेज पूरा दिखाई दे रहा है।

हिन्दुस्तान में जैकेट विज्ञापन के कारण तीसरे पेज को फ्रंट पेज का दर्जा मिला है। लीड सबसे अलग चुनाव आयोग की मांग है। आयोग ने सुप्रीम कोर्ट से अपील करते हुए कहा है वो सियासी पार्टियों को अपराधियों को टिकट न देने का निर्देश दे। कोरोना वायरस की भारत में संभावित दस्तक को भी प्रमुखता से पेज पर रखा गया है। ज्यादा टैक्स को लेकर चीफ जस्टिस की टिप्पणी और कपिल मिश्रा के खिलाफ दर्ज एफआईआर से जुड़ा समाचार भी पेज पर है। इसके अलावा केवल छह सिंगल खबरों को लगाया जा सका है। इनमें ‘आधार से लिंक होगा वोटर आईडी, टीम इंडिया की जीत, अदालत पहुंचे निर्भया के दोषी और कश्मीर में मोबाइल इंटरनेट सेवा बहाल प्रमुख हैं।

अब दैनिक भास्कर की बात करें तो बेहतरीन टॉप बॉक्स से फ्रंट पेज की शुरुआत की गई है। बेहतरीन इस लिहाज से कि दो अच्छी ख़बरों को एक बैनर तले पाठकों के समक्ष रखने का प्रयास किया गया है। पहली खबर ज्यादा टैक्स पर चीफ जस्टिस की टिप्पणी है। उनका कहना है कि मनमाना टैक्स लगाना सामाजिक अन्याय है। संभव है कि जस्टिस बोबडे की इस टिप्पणी का बजट पर कोई प्रभाव पड़े। दूसरी खबर है अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष प्रमुख का बयान, जिन्होंने कहा है कि भारत की आर्थिक सुस्ती अस्थाई है, जल्द सुधार होने की उम्मीद है।

लीड कोरोना वायरस के भारत पहुंचने की आशंका है, लेकिन इस खबर से संदिग्ध मरीजों की संख्या को लेकर गफलत पैदा हो गई है। ‘राजस्थान पत्रिका’ इस संख्या को 10 बता रहा है और ‘दैनिक भास्कर’ में अकेले केरल में मिले संदिग्ध मरीजों की संख्या 80 बताई गई है। फिर अदालत पहुंचने वाले निर्भया के दोषी सिंगल में हैं, वहीं कपिल मिश्रा पर एफआईआर को प्रमुखता से जगह मिली है। टीम इंडिया की जीत को फोटो के रूप में पेज पर रखा गया है। वहीं, एंकर में क़यामत की घड़ी के बारे में बताया गया है।

आखिर में आज दैनिक जागरण का रुख करते हैं। यहां भी विज्ञापनों के चलते दो फ्रंट पेज बनाए गए हैं। पहले फ्रंट पेज पर चुनाव आयोग की सुप्रीम कोर्ट से अपील को लीड लगाया गया है। वहीं, अधिक टैक्स पर चीफ जस्टिस की टिप्पणी, कश्मीर में मोबाइल इंटरनेट से हटा बैन और आधार को वोटर आईडी से जोड़ने की तैयारी भी प्रमुखता से पेज पर है। इसके अलावा, फिर से अदालत पहुंचे निर्भया के दोषियों सहित कुछ अन्य समाचार भी हैं।

दूसरे फ्रंट पेज पर अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष प्रमुख के बयान को लीड का दर्जा दिया गया है, जिनका कहना है कि भारत की आर्थिक सुस्ती ज्यादा दिन नहीं रहेगी। दूसरे बड़ी खबर के रूप में भारत होटल्स ग्रुप की विदेश में बेनामी संपत्तियों का खुलासा है। कोरोना वायरस और प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई रोकने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार से जुड़ी खबर को भी प्रमुखता मिली है। एंकर में सीमा सुरक्षा बल का दावा है, जिसमें कहा गया है कि सीएए के चलते घुसपैठिये भागने लगे हैं।

आज का ‘किंग’ कौन?

1: लेआउट के लिहाज से आज सभी अख़बारों के फ्रंट पेज अच्छे नजर आ रहे हैं। हिन्दुस्तान और नवभारत टाइम्स ने सीमित जगह में भी अच्छा पेज तैयार किया है।

2: खबरों की प्रस्तुति में पहले नंबर पर दैनिक भास्कर और दूसरे स्थान पर हिन्दुस्तान को रखा जा सकता है।

3: कलात्मक शीर्षक के मामले में बाजी नवभारत टाइम्स ने मारी है। क्रिकेट की खबर हो या पहले पेज की लीड, दोनों में ही अख़बार ने बेहतरीन शीर्षक लगाया है। टीम इंडिया के बल्लेबाज श्रेयस्कर ने जीत में अहम भूमिका निभाई। ऐसे में नवभारत टाइम्स की हेडलाइन ‘न्यूजीलैंड के खिलाफ श्रेयस्कर जीत’ इसी को दर्शाती है। वहीं, वाईफाई पर भाजपा और आप में जुबानी जंग को ‘वाईफाई पर बीजेपी और आप में हाईफाई जंग’ शीर्षक के साथ पाठकों के समक्ष रखा गया है।

आप अपनी राय, सुझाव और खबरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। (हमें फेसबुक,ट्विटर, लिंक्डइन और यूट्यूब पर फॉलो करें)

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फ्रंट पेज पर अखबारों में आज इन खबरों ने बनाई अपनी जगह

दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान में आज दो फ्रंट पेज बनाए गए हैं, वहीं दैनिक भास्कर और नवभारत टाइम्स में फ्रंट पेज पर आधा पेज विज्ञापन है

नीरज नैयर by
Published - Friday, 24 January, 2020
Last Modified:
Friday, 24 January, 2020
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दिल्ली से प्रकाशित होने वाले अखबारों ने आज लटकती फांसी पर सुप्रीम कोर्ट के सख्त रुख को सबसे बड़ी खबर के रूप में पेश किया है। सबसे पहले बात करते हैं दैनिक जागरण की, जहां विज्ञापनों के चलते दो फ्रंट पेज बनाए गए हैं। पहले पेज पर लीड अनुच्छेद 370 पर हुई सुनवाई को रखा गया है। इसमें केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि फैसला वापस लेना मुमकिन नहीं है। गाजियाबाद में वायुसेना के 2-सीटर विमान की आपात लैंडिंग फोटो के रूप में पेज पर है। कल ये खबर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की सुर्खियां थी।

इसके अलावा, पेज पर दो अन्य खबरें हैं। पहली, मध्यप्रदेश के दो युवकों के खाते में आये 274 करोड़ और दूसरी, कश्मीर पर बयानबाजी पर पाकिस्तान को लताड़। वहीं, दूसरे फ्रंट पेज की बात करें तो फांसी पर सुप्रीम कोर्ट के सख्त रुख को लीड का दर्जा मिला है। अदालत का कहना है कि फांसी से जुड़े मामलों में अंतहीन मुकदमेबाजी की इजाजत नहीं दे सकते। दिल्ली में नागरिकता संशोधन कानून के विरोधियों पर गरजे अमित शाह को भी पेज पर जगह मिली है। शाह का कहना है कि देश तोड़ने की बात करने वालों को जेल जाना होगा।

हिन्दुस्तान में भी आज पाठकों को दो फ्रंट पेज मिले हैं। पहले फ्रंट पेज पर बृजेश सिंह की बाईलाइन स्टोरी को लीड का दर्जा मिला है। बृजेश ने शाहीन बाग़ में चल रहे प्रदर्शन को देखते हुए चुनाव आयोग की तैयारियों पर प्रकाश डाला है। गाजियाबाद के एक्सप्रेस-वे पर विमान की आपात लैंडिंग फोटो के रूप में पेज पर है। इसके अलावा, असम में 644 उग्रवादियों के समर्पण सहित कुछ अन्य समाचारों को भी स्थान मिला है।

दूसरे फ्रंट पेज का रुख करें तो यहां अनुच्छेद 370 पर केंद्र की दलील को लीड और लटकती फांसी पर सुप्रीम कोर्ट के सख्त रुख को सेकंड लीड लगाया गया है। पेज पर दो बाईलाइन खबरें भी हैं। रिंकू झा ने जहां एक ऐसे गांव के बारे में बताया है, जिसकी 56 बेटियां राष्ट्रीय खिलाड़ी बन चुकी हैं। वहीं, स्कंद विवेक धर ने मेडिकल पीजी में सीटें बढ़ने की संभावना पर प्रकाश डाला है। कोरोना वायरस के चलते सऊदी अरब में 30 भारतीय नर्सों की निगरानी की जा रही है, ये समाचार भी फ्रंट पेज पर प्रमुखता के साथ है। एंकर में विराट कोहली के गुस्से को स्थान मिला है। कोहली लगातार होने वाले क्रिकेट आयोजनों से खफा हैं और उन्होंने इसके लिए एक तरह से बीसीसीआई पर निशाना साधा है।           

अब दैनिक भास्कर को देखें तो यहां भी फ्रंट पेज पर ज्यादा जगह नहीं है। आधा पेज विज्ञापन के चलते केवल चार बड़ी खबरों को ही स्थान मिल सका है। लीड लटकती फांसी पर सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख है। चीफ जस्टिस का कहना है कि फांसी के खिलाफ अपीलों का एक छोर पर अंत जरूरी है। दरअसल, चीफ जस्टिस ने यह टिप्पणी 7 लोगों के हत्यारे प्रेमी जोड़े की पुनर्विचार याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान की। लीड में ही निर्भया केस में डेथ वारंट जारी करने वाले जज के तबादले का भी जिक्र है।

दूसरी बड़ी खबर के रूप में पवन कुमार की बाईलाइन को लगाया गया है, जिसके अनुसार, 30 लाख आशा-आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के परिवारों को आयुष्मान भारत का लाभ मिल सकता है। वहीं, वर्तमान आंदोलनों पर पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का बयान और भीमा कोरेगांव हिंसा पर पुलिस के साथ महाराष्ट्र की समीक्षा बैठक को भी पेज पर जगह मिली है। मुखर्जी का कहना है कि मौजूदा शांतिपूर्ण आंदोलन देश को मजबूत करेंगे।

नवभारत टाइम्स के फ्रंट पेज पर भी आधा पेज विज्ञापन है। लीड लटकती फांसी पर सुप्रीम कोर्ट के सख्त रुख को लगाया गया है। एक्सप्रेस-वे पर विमान की आपात लैंडिंग के फोटो को भी जगह मिली है। वहीं, नागरिकता संशोधन कानून का पहली बार खुलकर विरोध करने वाले अरविंद केजरीवाल को भी प्रमुखता के साथ पेज पर रखा गया है। इसके अलावा, पेज पर केवल तीन सिंगल समाचार हैं।   

सबसे आखिरी में बात करते हैं राजस्थान पत्रिका की। फ्रंट पेज की शुरुआत एक्सप्रेस वे पर विमान की आपात लैंडिंग के फोटो से हुई है। लीड लटकती फांसी पर सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख है और इसमें अभिनेत्री कंगना रनौत की वरिष्ठ वकील इंदिरा जय सिंह पर की गई तीखी टिप्पणी को भी शामिल किया गया है। इंदिरा ने निर्भया के दोषियों को माफ करने को कहा था। पृथ्वी के दोहन से जुड़ी एक वैश्विक रिपोर्ट को अखबार ने बेहद आकर्षक अंदाज में पाठकों के समक्ष पेश किया है। हालांकि इसके आंकड़े डराने वाले हैं। वहीं, सीएए समर्थक जुलूस पर रांची में पथराव सहित कुछ अन्य समाचार भी पेज पर हैं। एंकर में दिल्ली विधानसभा से जुड़ी दो ख़बरों लगाया गया है। इससे दो फायदे हुए हैं एक तो दिल्ली के समाचारों को पेज पर स्थान मिला है और दूसरा टाइप्ड हो चुके सेकंड हाफ से भी छुटकारा मिला है।

आज का ‘किंग’ कौन?

1: लेआउट के लिहाज से आज राजस्थान पत्रिका और हिन्दुस्तान को अव्वल कहा जा सकता है। विज्ञापनों के चलते शेष अख़बारों के लिए ज्यादा कुछ करने की गुंजाइश ही नहीं थी।

2: खबरों की प्रस्तुति के मामले में दैनिक जागरण को छोड़कर सभी अखबारों के फ्रंट पेज अच्छे नजर आ रहे हैं।

3: शीर्षक को कलात्मक बनाने का प्रयास आज भी अखबारों ने नहीं किया है।

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आज कैसा रहा अखबारों के फ्रंट पेज का हाल, जानें यहां

जैकेट विज्ञापन के कारण नवभारत टाइम्स में तीसरे पेज को फ्रंट पेज बनाया गया है, वहीं अमर उजाला के फ्रंट पेज पर आज आधा पेज विज्ञापन है।

नीरज नैयर by
Published - Thursday, 23 January, 2020
Last Modified:
Thursday, 23 January, 2020
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नागरिकता संशोधन कानून पर रोक लगाने से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया है। यही ‘इनकार’ आज राजधानी से प्रकाशित होने वाले अखबारों की सबसे बड़ी खबर है। सबसे पहले नजर डालते हैं अमर उजाला पर। फ्रंट पेज पर आधा पेज विज्ञापन है, लिहाजा कुछ ही ख़बरों को स्थान मिल सका है। लीड सीएए पर सर्वोच्च न्यायालय का रुख है, जिसे ‘नागरिकता कानून पर सुप्रीम रोक नहीं’ शीर्षक के साथ लगाया गया है। पेज पर दूसरी खबर भी सुप्रीम कोर्ट से जुड़ी है। अदालत ने धारा 370 के मामले को फिलहाल बड़ी पीठ में भेजने से इनकार कर दिया है। तीसरी और आखिरी खबर लंदन से है, जो 31 जनवरी को यूरोपीयन संघ से अलग हो रहा है।

अब रुख करते हैं दैनिक जागरण का। लीड नागरिकता संशोधन कानून पर रोक से सुप्रीम कोर्ट का इनकार है, जबकि निर्भया के दोषियों की फांसी पर चल रही सियासत के बीच केंद्र सरकार के कदम को सेकंड लीड का दर्जा मिला है। सरकार ने याचिका दायर पर सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई है कि डेथ वारंट जारी होने के 7 दिनों के भीतर फांसी होनी चाहिए। वहीं, बढ़ते विरोध को देखते हुए सरकार राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर से विवादित सवालों को हटाने पर विचार कर रही है, इस खबर को भी अखबार ने प्रमुखता से पेज पर रखा है। इसके अलावा, ईपीएस (कर्मचारी पेंशन स्कीम) के तहत न्यूनतम पेंशन सीमा बढ़ने की संभावना और रणजी ट्रॉफी मुकाबले में दिल्ली की जीत को भी जगह दी गई है।

हिन्दुस्तान की बात करें तो लीड यहां भी नागरिकता संशोधन कानून पर रोक से सुप्रीम कोर्ट का इनकार है। इसरो की अंतरिक्ष तैयारी को दो कॉलम में फोटो के साथ जगह मिली है। इसरो महिला रोबोट ‘व्योममित्र’ को अंतरिक्ष में भेजेगा। दूसरी बड़ी खबर के रूप में केंद्र सरकार की सुप्रीम कोर्ट से गुहार को रखा गया है। वहीं, कोहरे की मार और लोकतंत्र सूचकांक में फिसलते भारत को भी प्रमुखता के साथ पेज पर जगह मिली है। इस वैश्विक सूचकांक में हमारा देश दस पायदान नीचे आ गया है। इसके अलावा, पेज पर चार सिंगल समाचार भी हैं, जिनमें ‘कश्मीर पर भारत की दो टूक और मुंबई में 24 घंटे खुलेंगी दुकानें’ प्रमुख हैं।

अब नजर डालते हैं नवभारत टाइम्स पर। जैकेट विज्ञापन के चलते तीसरे पेज को फ्रंट पेज बनाया गया है। हालांकि, यहां भी केवल आधा पेज ही जगह मिल सकी है। लीड नागरिकता संशोधन कानून पर रोक से सुप्रीम कोर्ट का इनकार है, इसी में एनपीआर पर सरकार के रुख में नरमी की संभावना का भी जिक्र है। दिल्ली की चुनावी सरगर्मियां मय फोटो पेज पर हैं, साथ ही फांसी को लेकर केंद्र की गुहार को भी प्रमुखता मिली है। सरकार चाहती है कि डेथ वारंट के सात दिनों के अंदर दोषियों को फांसी होनी चाहिए। इसके अलावा, एटलस कंपनी के मालिक की पत्नी की आत्महत्या सहित पांच अन्य खबरें भी पेज पर हैं।

वहीं, राजस्थान पत्रिका में भी लीड नागरिकता संशोधन कानून पर रोक से सुप्रीम कोर्ट का इनकार है। दूसरी बड़ी खबर का दर्जा इसरो के मिशन अंतरिक्ष को मिला है। अखबार ने इस खबर को सबसे ज्यादा विस्तार से पाठकों के समक्ष पेश किया है। वहीं, घाटी के लिए 80 हजार करोड़ का पैकेज, निर्भया के दोषियों को फांसी के मामले में केंद्र की अदालत से गुहार सहित अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी करने पर सुनवाई से जुड़े समाचार को भी प्रमुखता के साथ पेज पर स्थान दिया गया है। मुंबई में 24 घंटे दुकानें खोलने की राज्य सरकार से हरी झंडी मिल गई है, यह समाचार सिंगल कॉलम में है। एंकर की बात करें तो यहां कैंसर और उसके खात्मे पर हुए शोध के बारे में बताया गया है।

सबसे आखिरी में रुख करते हैं दैनिक भास्कर का। अखबार का फ्रंट पेज काफी हद तक कल जैसा नजर आ रहा है। दूसरे शब्दों में कहें तो लेआउट में खास बदलाव नहीं किया गया है। कल भी टॉप बॉक्स लगाया गया था और आज भी है। इसके अलावा लीड कल जिस स्थान पर थी, आज भी वहीं है। खबरों की बात करें तो टॉप बॉक्स में फांसी पर केंद्र की अदालत से गुहार है, जबकि लीड नागरिकता संशोधन कानून पर रोक से सुप्रीम कोर्ट के इनकार को रखा गया है। ‘हिन्दुस्तान’ और ‘राजस्थान पत्रिका’ की तरह ‘दैनिक भास्कर’ ने भी इसरो के मिशन अंतरिक्ष को बड़ी जगह दी है। देरी से पहुंची देश की पहली निजी ट्रेन ‘तेजस’ के यात्रियों को मुआवजे की घोषणा से जुड़ा समाचार भी पेज पर रखा गया है। आईआरसीटीसी का कहना है कि ट्रेन में सवार सभी 630 यात्रियों को 100-100 रुपए मुआवजा दिया जाएगा। एंकर में ब्रिटिश अखबार के दावे को जगह मिली है, जिसके मुताबिक, सऊदी शहजादे ने वॉट्सऐप के जरिये अमेजॉन के मालिक का फोन हैक किया था। इसके अलावा, पेज पर दो सिंगल सहित कुछ अन्य खबरें भी हैं।               

आज का ‘किंग’ कौन?

1: लेआउट के मामले में हिन्दुस्तान पहले स्थान पर है। हालांकि, यदि दैनिक भास्कर कल के मुकाबले कुछ अलग करने का प्रयास करता तो वही अव्वल रहता। आज उसे दूसरे स्थान से ही संतोष करना पड़ेगा, तीसरे नंबर पर राजस्थान पत्रिका को रखा जा सकता है। पिछले दिनों के मुकाबले अख़बार का फ्रंट पेज बेहतर दिखाई दे रहा है।

2: खबरों की प्रस्तुति का जहां तक सवाल है, विज्ञापनों के चलते नवभारत टाइम्स और अमर उजाला के पास ज्यादा कुछ करने की गुंजाइश नहीं थी। असल मुकाबला हिन्दुस्तान, दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण और राजस्थान पत्रिका में था और इनमें से दैनिक जागरण को छोड़कर सभी ने अपने-अपने हिसाब से अच्छा काम किया है।

3: कलात्मक शीर्षक के मामले में आज सभी अखबारों के हाथ खाली है।

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पत्रकार धर्मेंद्र सिंह की सात साल बाद हुई 'घर वापसी'

उत्तर प्रदेश में उन्नाव के रहने वाले धर्मेंद्र सिंह पूर्व में कई अखबारों में अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 22 January, 2020
Last Modified:
Wednesday, 22 January, 2020
Dharmendra Singh

युवा पत्रकार धर्मेंद्र सिंह ने ‘राजस्थान पत्रिका’ में करीब सात साल लंबी अपनी पारी को विराम दे दिया है। उन्होंने अपना नया सफर अब दैनिक जागरण, नोएडा के साथ शुरू किया है। यहां उन्हें डिप्टी न्यूज एडिटर बनाया गया है। राजस्थान पत्रिका में भी वह डिप्टी न्यूज एडिटर की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। राजस्थान पत्रिका के साथ पारी शुरू करने से पहले भी धर्मेंद्र सिंह दैनिक जागरण, नोएडा में काम कर चुके हैं। दैनिक जागरण के साथ उनकी यह तीसरी पारी है।

मूल रूप से उन्नाव के रहने वाले धर्मेंद्र सिंह ने कानपुर की छत्रपति शाहूजी महाराज यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके साथ ही उन्होंने ‘जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन’ के कानपुर कैंपस से प्रिंट जर्नलिज्म में पीजी डिप्लोमा भी किया है।

धर्मेंद्र सिंह ने अपने पत्रकारीय करियर की शुरुआत जुलाई 2007 में दैनिक जागरण, इलाहाबाद से बतौर जूनियर सब एडिटर की थी। इसके बाद ‘अमर उजाला’, अलीगढ़, फिर ‘दैनिक जागरण’, नोएडा होते हुए वह दिसंबर 2012 में ‘राजस्थान पत्रिका’, जयपुर चले गए। यहां संस्थान ने उन्हें प्रमोशन देकर डिप्टी न्यूज एडिटर की जिम्मेदारी सौंप दी थी। करीब छह महीने से वह ‘राजस्थान पत्रिका’ के नोएडा ऑफिस में फ्रंट पेज इंचार्ज के तौर पर अपनी जिम्मेदारी संभाल रहे थे, जहां से उन्होंने एक बार फिर ‘दैनिक जागरण’ का रुख किया है।

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दैनिक जागरण में कई संपादक हुए इधर से उधर

हिंदी अखबार ‘दैनिक जागरण’ में कई संपादकों के तबादले की खबर सामने आई है। इसके तहत कुछ को प्रमोशन से भी नवाजा गया है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 22 January, 2020
Last Modified:
Wednesday, 22 January, 2020
Dainik Jagran

हिंदी अखबार ‘दैनिक जागरण’ में बड़े पैमाने पर संपादकों के तबादले की खबर सामने आई है। इसके तहत कुछ को प्रमोशन से भी नवाजा गया है। बताया जाता है कि बिहार में स्टेट हेड की जिम्मेदारी संभाल रहे मनोज झा को अब छत्तीसगढ़ भेजा गया है। यहां उन्हें जागरण प्रकाशन लिमिटेड के अखबार ‘नई दुनिया’ का स्टेट एडिटर नियुक्त किया गया है। बिहार में भागलपुर के मूल निवासी मनोज झा इससे पहले दिल्ली-एनसीआर के संपादक पद की जिम्मेदारी निभा रहे थे। उन्हें पिछले साल ही बिहार भेजा गया था। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ के स्टेट एडिटर की भूमिका निभा रहे आलोक मिश्रा को पटना  भेजा गया है।

तबादलों की इस लिस्ट में प्रयागराज के संपादकीय प्रभारी मदन मोहन सिंह का नाम भी शामिल है। उन्हें अब गोरखपुर के संपादकीय प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, बनारस में इनपुट हेड के पद पर काम कर रहे डिप्टी न्यूज एडिटर राकेश पांडे को प्रमोशन देकर प्रयागराज का संपादकीय प्रभारी बनाया गया है। गोरखपुर में संपादकीय प्रभारी के पद पर काम कर रहे जितेंद्र त्रिपाठी को अब नोएडा में सेंट्रल डेस्क से संबद्ध कर दिया गया है।

इसके साथ ही मुरादाबाद के संपादकीय प्रभारी संजय मिश्र को नई दुनिया, भोपाल में सीनियर न्यूज एडिटर के पद पर भेजा गया है और पटना के इनपुट हेड के पद पर काम कर रहे बसंत भारती को मुरादाबाद के संपादकीय प्रभारी के पद पर नई जिम्मेदारी दी गई है। वे अभी तक पटना में न्यूज एडिटर के तौर पर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे। खबर ये भी है कि दैनिक जागरण में जल्द ही कुछ और तबादले हो सकते हैं।

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फ्रंट पेज पर इन बड़ी खबरों को रखने से चूका यह अखबार

जैकेट विज्ञापन के कारण नवभारत टाइम्स में तीसरे पेज को फ्रंट पेज बनाया गया है, जबकि हिन्दुस्तान में भी आज तीसरा पेज फ्रंट पेज है

नीरज नैयर by
Published - Wednesday, 22 January, 2020
Last Modified:
Wednesday, 22 January, 2020
Newspapers

नागरिकता संशोधन कानून पर भले ही विरोध-प्रदर्शन का दौर चल रहा है, लेकिन सरकार अपने रुख से पीछे हटने को तैयार नहीं है। गृहमंत्री अमित शाह ने एक बार फिर साफ किया है कि सीएए किसी भी कीमत पर वापस नहीं लिया जाएगा। दिल्ली से प्रकाशित होने वाले अखबारों में अन्य खबरों के साथ ही इस समाचार को भी प्रमुखता मिली है। आज सबसे पहले बात करते हैं नवभारत टाइम्स की। जैकेट विज्ञापन के चलते तीसरे पेज को फ्रंट पेज बनाया गया है। पेज की शुरुआत केजरीवाल के नामांकन से जुड़े टॉप बॉक्स से हुई है। केजरीवाल पर्चा भरने के लिए 6 घंटे से ज्यादा बैठे रहे, अब उनकी पार्टी इसे भाजपा की साजिश बता रही है।

लीड प्रियंका सिंह की बाईलाइन है, जिन्होंने बताया है कि शाहीन बाग़ से 29 को भारत बंद का ऐलान किया गया है। इसी में अमित शाह का बयान भी लगाया गया है। जहांगीरपुरी में डबल मर्डर और संसद-विधानसभा सदस्यों को अयोग्य घोषित करने के स्पीकर के अधिकारों को लेकर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी भी पेज पर है। कोर्ट का कहना है कि संसद विचार करे कि यह फैसला स्पीकर ले या स्वंत्रत निकाय। गणतंत्र दिवस की तैयारियों को दर्शाते फोटो को भी जगह मिली है। इसके अलावा, चार सिंगल समाचार हैं। जिसमें नीरव मोदी जैसा एक और बैंक घोटाला, नेपाल में 8 भारतीयों की मौत और अयोध्या केस फिर कोर्ट में, प्रमुख हैं। एंकर की बात करें, तो यहां रेलवे की ई-टिकटिंग से आतंकी फंडिंग के बारे में बताया गया है।

अब हिन्दुस्तान का रुख करें, तो यहां भी तीसरा पेज फ्रंट पेज है। लीड नागरिकता संशोधन कानून पर अमित शाह का सख्त रुख है, जबकि शाहीन बाग़ से भारत बंद की घोषणा को अलग से सिंगल कॉलम में रखा गया है। केजरीवाल का नामांकन प्रमुखता के साथ पांच कॉलम में है। वहीं, ई-टिकटिंग से आतंकी फंडिंग के खुलासे के साथ ही स्पीकर के अधिकारों पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी को भी तवज्जो मिली है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने फिर कश्मीर राग छेड़ा है। उन्होंने इमरान खान से कहा है कि यदि दोनों देश चाहें तो वह मदद के लिए तैयार हैं। अखबार ने इस खबर को फ्रंट पेज पर जगह दी है। इसके अलावा तीन सिंगल समाचारों को भी स्थान मिला है, जिनमें अयोध्या फैसले पर याचिका और नेपाल में 8 भारतीयों की मौत प्रमुख है। एंकर में ग्रीनपीस की रिपोर्ट को सजाया गया है। इसके अनुसार देश के 23 शहरों में उच्च स्तर का वायु प्रदूषण बरकरार है। अखबार ने बैंक घोटाले को फ्रंट पेज पर नहीं रखा है, जबकि यह काफी बड़ी खबर है।

दैनिक भास्कर ने आज भी टॉप बॉक्स से फ्रंट पेज की शुरुआत की है। इसमें राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़ी विजय उपाध्याय की बाईलाइन स्टोरी को जगह मिली है। विजय ने बताया है कि ट्रस्ट के लिए 17 नामों की सूची तैयार हो गई है, जिसकी घोषणा 30 को होगी। लीड नागरिकता संशोधन कानून पर अमित शाह का बयान है। हालांकि भारत बंद के ऐलान को इसमें नहीं रखा गया है।

स्पीकर की शक्तियों पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी को प्रमुखता के साथ पेज पर लगाया गया है, वहीं ट्रम्प का कश्मीर राग सिंगल कॉलम में है। केजरीवाल के नामांकन को भी पेज पर जगह मिली है। एंकर में एक सर्वे रिपोर्ट को सजाया गया है, जिसके मुताबिक भारत में सरकार और मीडिया पर लोगों का भरोसा बढ़ा है। बैंक घोटाला और आतंकी फंडिंग के खुलासे को अखबार ने फ्रंट पेज पर नहीं रखा है, जबकि ये दोनों काफ़ी बड़ी खबरें हैं।

वहीं, दैनिक जागरण के फ्रंट पेज पर नजर डालें, तो यहां आतंकी फंडिंग के खुलासे को लीड का दर्जा मिला है। इस खबर को अखबार ने सबसे विस्तार से पाठकों के समक्ष रखा है। सीएए पर अमित शाह का बयान पेज की दूसरी बड़ी खबर है। अखबार ने बैंक घोटाले को भी प्रमुखता के साथ जगह दी है और स्पीकर की शक्तियों पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी को एंकर में रखा गया है।

सबसे आखिर में आज राजस्थान पत्रिका का रुख करते हैं। अखबार ने नागरिकता संशोधन कानून पर अमित शाह के बयान को लीड लगाया है। अच्छी बात यह है कि आज दिल्ली की चुनावी सरगर्मियों को अखबार ने प्रमुखता देते हुए टॉप में जगह दी है। केजरीवाल का नामांकन फोटो के साथ पेज पर है। अयोध्या फैसले पर कोर्ट में याचिका और 370 निष्प्रभावी करने पर कोर्ट में सुनवाई के साथ ही बैंक घोटाला भी पेज पर है। हालांकि, आतंकी फंडिंग के खुलासे के मामले से जुड़ी खबर फ्रंट पेज पर नहीं है। एंकर में राजीव मिश्रा की बाईलाइन है, जिन्होंने बताया है कि कैसे वैज्ञानिकों ने प्रयोगशाला में कृत्रिम भूकंप पैदा किया।       

आज का ‘किंग’ कौन?

1: लेआउट के लिहाज से आज नवभारत टाइम्स सबसे बेहतर है। हिन्दुस्तान को दूसरे नंबर पर रखा जा सकता है।

2: खबरों की प्रस्तुति के मामले में दैनिक जागरण को छोड़कर सभी अखबारों के फ्रंट पेज अच्छे नजर आ रहे हैं।

3: कलात्मक शीर्षक की बात करें तो आज सभी अखबार एक जैसे हैं, यानी शीर्षक को कलात्मक बनाने का प्रयास नहीं किया गया है। हालांकि, नवभारत टाइम्स ने एंकर के शीर्षक में जरूर प्रयोग करने का प्रयास किया है।

4: खबरों की बात करें तो नवभारत टाइम्स के साथ ही दैनिक जागरण को अव्वल कहा जा सकता है, क्योंकि दोनों ने फ्रंट पेज पर आतंकी फंडिंग और बैंक घोटाले को जगह दी है। दैनिक भास्कर में राम मंदिर ट्रस्ट को लेकर एक्सक्लूसिव स्टोरी है, लेकिन इन महत्वपूर्ण ख़बरों के मामले में उससे चूक हो गई है।

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आज किस अखबार का पलड़ा रहा भारी, जानें यहां

दिल्ली से प्रकाशित होने वाले प्रमुख अखबारों में आज पीएम की ‘परीक्षा पर चर्चा’, नड्डा की ताजपोशी, विधानसभा चुनाव और निर्भया के दोषी की खारिज याचिका प्रमुख खबरें हैं

नीरज नैयर by
Published - Tuesday, 21 January, 2020
Last Modified:
Tuesday, 21 January, 2020
Newspapers

दिल्ली से प्रकाशित होने वाले प्रमुख अखबारों में आज पीएम की ‘परीक्षा पर चर्चा’, नड्डा की ताजपोशी, विधानसभा चुनाव और निर्भया के दोषी की खारिज याचिका प्रमुख खबरें हैं। सबसे पहले बात करते हैं दैनिक भास्कर की। फ्रंट पेज की शुरुआत टॉप बॉक्स से हुई है। इस बॉक्स में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा छात्रों से की गई चर्चा को जगह मिली है। अखबार ने बेहद खूबसूरत अंदाज में खबर को पाठकों के समक्ष रखा है। लीड निर्भया के दोषी को लगाया गया है, जिसने अपने नाबालिग होने का हवाला देकर फांसी से बचने का प्रयास किया। हालांकि कोर्ट ने यह प्रयास नाकाम करते हुए उसकी याचिका खारिज कर दी है।

नागरिकता संशोधन कानून को लेकर राजग में फूट खुलकर सामने आने लगी है। शिरोमणि अकाली दल ने साफ़ कर दिया है कि वो दिल्ली चुनाव नहीं लड़ेगी। इस खबर के साथ ही अखबार ने यूनिटेक पर सरकार के महत्वपूर्ण फैसले को प्रमुखता से जगह दी है। केंद्र सरकार ने यूनिटेक का प्रबंधन अपने हाथों में लेने का निर्णय लिया है। इसके अलावा, भारत की सुस्त अर्थव्यवस्था पर अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की टिप्पणी को भी बड़ा स्थान दिया गया है, जबकि भाजपा के नए ‘शाह’ यानी जेपी नड्डा की ताजपोशी सबसे नीचे दो कॉलम में है। एंकर में जनसंख्या नियंत्रण पर बाबा रामदेव का बयान है, जिनका कहना है कि बच्चे दो ही अच्छे। वहीं, मुजफ्फरनगर बालिका गृहकांड में कोर्ट के फैसले को सिंगल में रखा गया है। अदालत ने 19 आरोपितों को दोषी करार दिया है।

आज अमर उजाला के फ्रंट पेज पर कोई विज्ञापन नहीं है, इसलिए पाठकों के पढ़ने के लिए यहां काफी कुछ है। ‘परीक्षा पर चर्चा’ को टॉप बॉक्स में सजाया गया है और पास में जेपी नड्डा की भाजपा अध्यक्ष के रूप में ताजपोशी का फोटो है। निर्भया के दोषी की खारिज याचिका लीड है, इसी खबर में मुजफ्फरनगर बालिका गृहकांड पर कोर्ट के फैसले को भी रखा गया है। वहीं, यूनिटेक की कमान अपने हाथों में लेने का केंद्र सरकार का निर्णय भी प्रमुखता के साथ पेज पर है।

इसके अलावा, दिल्ली परिवहन विभाग के दफ्तर में आग, यूपी में आईएसआई एजेंट की गिरफ्तारी और अपने ही रोड शो में फंसे केजरीवाल को भी स्थान दिया गया है। रोड शो में उमड़ी भीड़ के चलते केजरीवाल जाम में ऐसे फंसे कि नामांकन ही दाखिल नहीं कर पाए। अब वह आज पर्चा दाखिल करने जाएंगे। एंकर की बात करें, तो यहां इलाहाबाद हाई कोर्ट से जुड़ा समाचार है। हाई कोर्ट का कहना है कि मस्जिदों पर लाउडस्पीकर लगाने की अनुमति देने से सामाजिक संतुलन बिगड़ेगा। अखबार ने ‘न्यूज़ डायरी’ में संक्षिप्त ख़बरों के साथ फोटो लगाने का जो प्रयोग किया है, उससे पेज काफी आकर्षक दिखने लगा है।       

दैनिक जागरण ने भी ‘परीक्षा पर चर्चा’ से फ्रंट पेज की शुरुआत की है। लीड सबसे अलग एक ऐसी खबर को लगाया गया है, जिसे पढ़ने के बाद निश्चित तौर पर कांग्रेस समर्थकों को झटका लगेगा। रॉबर्ट वाड्रा की लंदन स्थित संपत्ति खरीदने के मामले में एनआरआई थंपी को गिरफ्तार किया गया है।

नागरिकता संशोधन कानून पर दिल्ली में भाजपा से रिश्ता तोड़ने वाले शिरोमणि अकाली दल को प्रमुखता के साथ पेज पर रखा गया है। निर्भया के दोषी की खारिज याचिका सिंगल कॉलम में है, जबकि मुजफ्फरनगर बालिका गृहकांड पर कोर्ट के फैसले को दो कॉलम में जगह मिली है। वहीं, एंकर में जेपी नड्डा की भाजपा अध्यक्ष के रूप में ताजपोशी है। यूनिटेक से जुड़े समाचार को अखबार ने संक्षिप्त में देकर अंदर के पेज पर बड़ी जगह दी है।

अब नजर डालते हैं राजस्थान पत्रिका पर। लीड सबसे अलग आम बजट की तैयारियों और वित्तमंत्री के बयान को लगाया गया है। सेकंड लीड के रूप में केंद्र सरकार की वह घोषणा है, जिसमें कहा गया है कि यूएई कोर्ट के दीवानी फैसले अब भारत में भी लागू होंगे। इसके साथ ही संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार समिति के ऐतिहासिक फैसले सहित निर्भया के दोषी की खारिज याचिका को भी प्रमुखता के साथ पेज पर रखा गया है। यूएन का कहना है कि जलवायु संकट के चलते यदि कोई व्यक्ति किसी दूसरे देश में प्रवेश करता है, तो उसे वापस जाने के लिए विवश नहीं किया जा सकता।

जेपी नड्डा की ताजपोशी बतौर फोटो पेज पर है। वहीं, एंकर में हवाई विश्वविद्यालय के शोध को जगह मिली है, जिसके मुताबिक, लाखों शार्क के शरीर में मछली पकड़ने के हुक फंसे हुए हैं। परीक्षा पर चर्चा को फ्रंट पेज पर जगह देने के बजाय 14वें पेज पर रखा गया है। गनीमत बस इतनी है कि हेडर में इसका जिक्र है। इसी तरह दिल्ली चुनाव की सरगर्मियां भी प्रथम पृष्ठ पर नहीं हैं।

वहीं, नवभारत टाइम्स ने नागरिकता संशोधन कानून पर भाजपा से रिश्ता तोड़ने वाले अकाली दल को लीड लगाया है। इसी में केजरीवाल के रोड शो का भी जिक्र है। जेपी नड्डा की ताजपोशी फोटो के साथ पेज पर है। इसके अलावा, यूनिटेक पर सरकार का फैसला, परिवहन विभाग के दफ्तर में आग, आम बजट की तैयारियां, मुजफ्फरनगर बालिका गृहकांड और निर्भया के दोषी की खारिज याचिका से जुड़े समाचारों को भी फ्रंट पेज पर स्थान मिला है। एंकर में पीएम मोदी की परीक्षा पर चर्चा है।

सबसे आखिरी में आज रुख करते हैं हिन्दुस्तान का। जेपी नड्डा की ताजपोशी को लीड का दर्जा मिला है, जबकि परीक्षा पर चर्चा को इसके पास ही दो कॉलम में रखा गया है। केजरीवाल का रोड शो पेज की तीसरी बड़ी खबर है। वहीं, निर्भया के दोषी की खारिज याचिका, यूनिटेक पर केंद्र सरकार का निर्णय, मुजफ्फरनगर बालिका गृहकांड में अदालत का फैसला भी पेज पर है। इसके अलावा, स्थानीय स्कूल से जुड़े समाचार को भी जगह मिली है। आठवीं के एक छात्र द्वारा किए गए स्प्रे से 14 लोगों की तबीयत ख़राब हो गई है। एंकर में ऑक्सफेम की एक रिपोर्ट का जिक्र है। इसमें बताया गया है कि देश के 63 अमीरों के पास बजट से अधिक पैसा है।   

आज का ‘किंग’ कौन?

1: लेआउट की बात करें तो आज पहला नंबर अमर उजाला का है, जबकि हिन्दुस्तान दूसरे स्थान पर है। दैनिक भास्कर का फ्रंट पेज बीच में ज्यादा बेहतर दिखाई नहीं दे रहा है।

2: खबरों की प्रस्तुति में अमर उजाला और दैनिक भास्कर को संयुक्त रूप से अव्वल कहा जा सकता है। नवभारत टाइम्स का पेज भी खबरों को बेहतर ढंग से प्रस्तुत करता है, लेकिन अमर उजाला और दैनिक भास्कर का पलड़ा थोड़ा भारी है।

3: कलात्मक शीर्षक की कमी आज लगभग सभी अखबारों में है।

4: खबरों के लिहाज से यदि फ्रंट पेज को परखा जाए तो राजस्थान पत्रिका को छोड़कर सभी अखबारों ने बेहतर काम किया है। राजस्थान पत्रिका के संपादकीय विभाग को दिल्ली की खबरों से ‘अन्याय’ करने की आदत छोड़नी होगी।

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