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हिंदी अखबारों में फ्रंट पेज की सुर्खियां बनीं आज ये खबरें
विज्ञापनों की अधिकता के कारण नवभारत टाइम्स में पांचवें पेज को जबकि अमर उजाला में तीसरे पेज को फ्रंट पेज बनाया गया है
नीरज नैयर 6 years ago
दुर्गापूजा पर दिल्ली से प्रकाशित होने वाले अखबारों में विज्ञापन रूपी ‘लक्ष्मी’ की कृपा जमकर बरस रही है। आज भी अधिकांश अखबार विज्ञापनों से पटे हुए हैं। शुरुआत देशबंधु से करते हैं। अखबार में आज फ्रंट पेज पर कोई विज्ञापन नहीं है। लीड रिजर्व बैंक है, लेकिन खबर को रेपो रेट में कमी के बजाय मौद्रिक नीति की रिपोर्ट से उठाया गया है जो कि सबसे अलग है। लीड के पास ही बॉक्स में आतंकी घुसपैठ की आशंका के बीच 30 हवाई अड्डों पर अलर्ट की खबर है। अयोध्या मामले के साथ ही वायुसेना की खबर को भी प्रमुखता के साथ लगाया गया है। एंकर में सियासी हलचल है। महाराष्ट्र चुनाव को लेकर भाजपा और शिवसेना के बीच सीटों पर सहमति बन गई है। इसके अलावा पेज पर तीन अन्य बड़ी खबरें हैं। अखबार में पीएम मोदी को पत्र लिखने वालों पर कार्रवाई की खबर को जगह नहीं दी गई है।
वहीं, नवभारत टाइम्स में फुल पेज विज्ञापन इतने ज्यादा हैं कि पांचवें पेज को फ्रंट पेज बनाया जा सका है। लीड सस्ता कर्ज है, जिसे ‘दुर्गा पूजा पर ही लक्ष्मी आगमन’ शीर्षक के साथ तीन कॉलम में लगाया गया है। पीएम को पत्र लिखने वालों पर कार्रवाई की अहमियत को नवभारत टाइम्स ने बखूबी समझा है। इस समाचार को लीड के पास ही प्रमुखता से रखा गया है। वायुसेना प्रमुख का बयान दो कॉलम में है और देश की पहली निजी ट्रेन की खबर को फोटो के साथ लगाया गया है।
अमर उजाला की बात करें तो तीसरे पेज को फ्रंट पेज का रूप दिया गया है। टॉप बॉक्स में अयोध्या मामले की सुनवाई में एक दिन की कमी है, जिसके पास ही संत रविदास मंदिर से जुड़ा समाचार है। सुप्रीम कोर्ट मंदिर के लिए अलग जमीन देने के पक्ष में है। संभव है कि इससे विवाद का अंत होगा। लीड सस्ता कर्ज है, जिसे खूबसूरत शीर्षक ‘त्योहारों से पहले तोहफा, गाड़ी, मकान की किस्त होगी और कम’ के साथ लगाया गया है।
देश की पहली निजी ट्रेन ‘तेजस’ को अमर उजाला ने फोटो के रूप में पेज पर रखा है, जिसे अच्छा फैसला कहा जा सकता है, क्योंकि इस ट्रेन को लेकर काफी चर्चा है। दैनिक जागरण की तरह अमर उजाला ने मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए एक परीक्षा को फ्रंट पेज पर रखा है, लेकिन सिंगल कॉलम में। इसके अलावा मृतक पुलिसकर्मी के परिजनों को 96 लाख देने के हाई कोर्ट के फैसले को दो कॉलम जगह मिली है। एंकर में स्थानीय महत्व के समाचार को लगाया गया है। दिल्ली में सीलिंग की निगरानी करने वालीं एजेंसियां आपस में ही उलझी हुई हैं। सुप्रीम कोर्ट ने अब इस पर कड़ी नाराजगी जताई है। अमर उजाला ने वायुसेना प्रमुख के बयान को भी फ्रंट पेज पर रखा है, जिसमें उन्होंने अपना हेलीकाप्टर मार गिराने को बड़ी चूक बताया है।
आज दैनिक जागरण में विज्ञापनों की वजह से दो फ्रंट पेज बनाए गए हैं। पहले फ्रंट पेज पर लीड सस्ता लोन है। अर्थव्यवस्था की सुस्त रफ्तार के बीच आरबीआई ने एक बार फिर रेपो रेट में कटौती की है। अयोध्या मामले की सुनवाई का एक दिन घटा दिया गया है, इस समाचार को दैनिक जागरण ने प्रमुखता से लगाया है। इसके अलावा पेज पर तीसरी और आखिरी बड़ी खबर ‘अगले सत्र से मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए एक परीक्षा’ है।
दूसरे फ्रंट पेज की बात करें तो इसमें आधा पेज विज्ञापन है। इस पेज पर वायुसेना प्रमुख के बयान को लीड लगाया गया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि अपने ही हेलीकॉप्टर को मार गिराना बहुत बड़ी चूक थी। लीड के बगल में ही तीन कॉलम में ‘तेजस के साथ नए युग में रेलवे के कदम’ शीर्षक से खबर को लगाया गया है।
अब हिन्दुस्तान का रुख करें तो यहां भी तीसरे पेज को ही फ्रंट पेज बनाया गया है। लीड बाकी अखबारों की तरह सस्ता कर्ज है, लेकिन प्रस्तुति आकर्षक है। पांच कॉलम में लगी लीड के पास ही वायुसेना प्रमुख के बयान को जगह दी गई है। अयोध्या मामले को अखबार ने ज्यादा तवज्जो न देते हुए छोटे से बॉक्स में लगाया है। पेज पर दो बाईलाइन स्टोरी भी हैं। पहली, सौरभ शुक्ल की जो बता रहे हैं कि अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए सरकार छोटे कारोबारियों को बड़ी राहत देने की तैयारी में है और दूसरी, आमोद कौशिक की, जिन्होंने बरेली क्षेत्र का हाल बयां किया है।
स्टोरी के अनुसार, बरेली के 20 से ज्यादा गांवों में हैंडपंप का पानी जहर बन गया है। अब ऐसा क्यों और किसलिए है, इसके लिए आपको स्टोरी पढ़नी होगी। पीएम मोदी को खुला पत्र लिखने वालीं 54 हस्तियों पर केस दर्ज किया गया है, इस खबर को दैनिक जागरण और अमर उजाला ने अपने फ्रंट पेज पर नहीं लगाया, लेकिन हिन्दुस्तान ने दो कॉलम जगह दी है। इसके अलावा ‘मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए एक परीक्षा’ सिंगल कॉलम में है।
इनके अलावा, नवोदय टाइम्स के फ्रंट पेज पर कल की तरह आज भी काफी खबरें हैं। लीड सस्ता कर्ज है, जिसमें महंगाई के हाल को भी शामिल किया गया है। वायुसेना प्रमुख के समाचार को ऊपर प्रमुखता के साथ बॉक्स में लगाया गया है, लेकिन खबर का एंगल बाकियों से अलग है। ‘दशहरे से पहले वायुसेना ने दुश्मन को दिखाया ट्रेलर’ शीर्षक के साथ लगी न्यूज में बालाकोट एयर स्ट्राइक का प्रतीकात्मक विडियो जारी किये जाने को तवज्जो दी गई है। जबकि ‘बड़ी चूक’ संबंधी बयान को छोटा करके लगाया गया है।
अयोध्या मामले की सुनवाई भी प्रमुखता के साथ पेज पर है। कांग्रेस की कलह को आज दो कॉलम में जगह मिली है, जबकि कल यह खबर एंकर में थी। यानी फॉलो-अप पर ध्यान केन्द्रित किया गया है, जो कि बेहद अच्छा है। कल कलह सामने आई थी और अब बागियों पर कार्रवाई की तैयारी है। मोदी को पत्र लिखने वालों पर कार्रवाई को भी नवोदय टाइम्स ने बड़ी जगह दी है। वहीं, एंकर में विदेश मंत्री का पड़ोसी देशों को लेकर दिया गया बयान है।
आज का 'किंग' कौन?
1: सबसे पहले बात करते हैं लेआउट की। हिन्दुस्तान आज इस मामले में सबसे आगे नजर आ रहा है। पेज काफी खुला-खुला है और आकर्षक दिखाई दे रहा है।
2: खबरों की प्रस्तुति के लिहाज से आज अमर उजाला को बाकी अखबारों से बेहतर कहा जा सकता है। टॉप बॉक्स से लेकर एंकर तक सबकुछ एकदम परफेक्ट है। खबरों में रिवर्स हेडलाइन और रंगों का प्रयोग अमर उजाला की टीम बेहतरीन तरीके से करती है, जिससे पेज पर खबरों की प्रस्तुति में चार-चांद लग जाते हैं।
3: कलात्मक शीर्षक की बात करें तो आज बाजी नवभारत टाइम्स ने मारी है। लीड की हेडलाइन ‘दुर्गा पूजा पर ही लक्ष्मी आगमन’ अपने आप में काफी कुछ कहती है। आरबीआई ने कर्ज सस्ता किया है, ऐसे में इसे लक्ष्मी आगमन के तौर पर देखा जा सकता है।
4: खबरों के लिहाज से हिन्दुस्तान, नवोदय टाइम्स और नवभारत टाइम्स बाकियों से आगे हैं। भीड़ की हिंसा पर पीएम को पत्र लिखने वालों पर कार्रवाई एक बड़ी घटना है और इसे प्रमुखता से उठाया जाना चाहिए था। लेकिन इन तीन अखबारों को छोड़कर किसी ने फ्रंट पेज पर इस खबर को जगह नहीं दी। इसलिए कंटेंट के मामले में आज ये तीनों अखबार अव्वल हैं।
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