अखबारी समीक्षा: चिदंबरम की खबर पर दिखा अखबारों का अलग-अलग 'गणित'

नवभारत टाइम्स में आज दो फ्रंट पेज बनाए गए हैं, जबकि अमर उजाला और दैनिक जागरण के फ्रंट पेज पर दो बड़े विज्ञापन हैं

नीरज नैयर by
Published - Thursday, 05 December, 2019
Last Modified:
Thursday, 05 December, 2019
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‘एनआरसी’ पर हंगामा मचाने वाले विपक्ष को एक और मौका मिल गया है। केंद्रीय कैबिनेट ने पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आये गैर-मुस्लिमों को भारत की नागरिकता देने वाले विधेयक पर मुहर लगा दी है। यह बिल जल्द ही संसद में पेश किया जाएगा। इस खबर के साथ ही जेल की सलाखों से बाहर निकले चिदंबरम से जुड़ी खबर को आज सभी अखबारों ने प्रमुखता से लगाया है। सबसे पहले बात करते हैं ‘दैनिक भास्कर’ की। लीड नागरिकता विधेयक है, जिसे खूबसूरत शीर्षक ‘गैर मुस्लिम हैं...तो स्वागत!’ शीर्षक के साथ विस्तार से लगाया गया है।

कैबिनेट ने डेटा संरक्षण विधेयक को भी मंजूरी दे दी है। इसके तहत डेटा चोरी अपराध की श्रेणी में आएगा। इस खबर को भी लीड के हिस्से के रूप में रखा गया है। वहीं, 106 दिनों के बाद तिहाड़ से बाहर निकले पूर्व केंद्रीय मंत्री चिदंबरम को फोटो के साथ पेज पर जगह मिली है। दिल्ली में 65 साल के डॉक्टर ने अपनी 51 वर्षीय प्रेमिका के साथ खुदकुशी कर ली, इस समाचार को अखबार ने प्रमुखता से लगाया है। एंकर में सऊदी अरब की तेल पर निर्भरता खत्म करने की तैयारी है। सऊदी अरब 37 लाख करोड़ रुपए से दुनिया की पहली स्पोर्ट्स सिटी बना रहा है। इसके अलावा, पेज पर तीन सिंगल खबरों सहित कुछ संक्षिप्त समाचार हैं।

आज हिन्दुस्तान ने ‘नागरिकता बिल कैबिनेट से पास’ शीर्षक तले लीड को पांच कॉलम में रखा है और शेष तीन कॉलम में चिदंबरम को जगह मिली है। अखबार के हिसाब से चिदंबरम ने 105 दिन जेल में गुजारे, जबकि ‘दैनिक भास्कर’ में यह संख्या 106 है।

वहीं, चुनावी मौसम में केजरीवाल सरकार ने एक और सौगात दिल्लीवासियों को दी है। अब राजधानी में रहने वाले 16 दिसंबर से मुफ्त वाईफाई इस्तेमाल कर पाएंगे। इसके लिए 11 हजार हॉटस्पॉट लगाने पर काम चल रहा है। इस खबर को अखबार ने प्रमुखता से पेज पर रखा है।इस मामले में ‘दैनिक भास्कर’ से चूक हो गई है। अखबार ने इसे संक्षिप्त में जगह दी है, जबकि इसे बड़ा स्थान मिलना चाहिए था। सूडान में 18 भारतीयों की मौत के साथ ही आईटीबीपी जवान की गोलीबारी भी पेज पर है। जवान छुट्टी न मिलने से इतना नाराज हो गया कि उसने अपने पांच साथियों को गोलियों से भून डाला। एंकर में जलवायु परिवर्तन को रेखांकित करती मदन जैड़ा की स्टोरी है। इस स्टोरी के अनुसार बाढ़-तूफान के सबसे खतरे वाले देशों में भारत पांचवें स्थान पर है।

अब दैनिक जागरण की बात करें तो अखबार के फ्रंट पेज पर दो बड़े विज्ञापन हैं। अखबार ने नागरिकता विधेयक को लीड रखा है, हालांकि इसकी प्रस्तुति बेहद सामान्य है। दूसरी बड़ी खबर के रूप में आईटीबीपी जवान की गोलीबारी है। ‘दैनिक जागरण’ की खबर बताती है कि चिदंबरम 106 दिन बाद जेल से बाहर निकले, जबकि ‘हिन्दुस्तान’ इसे 105 बता रहा है। केजरीवाल सरकार की मुफ्त वाईफाई सौगात को भी पेज पर प्रमुखता से लगाया गया है। इसके अलावा पेज पर कुछ संक्षिप्त समाचार हैं। हालांकि, डॉक्टर की आत्महत्या को किसी भी रूप में जगह नहीं मिली है।

वहीं, अमर उजाला के फ्रंट पेज पर 'दैनिक जागरण' की तरह दो बड़े विज्ञापन हैं। लीड नागरिकता विधेयक है, जिसे काफी विस्तार में पाठकों के समक्ष परोसा गया है। चिदंबरम को ऊपर तीन कॉलम में जगह मिली है और इसके ठीक नीचे दिल्लीवासियों को मिली वाईफाई की सौगात है। ‘अमर उजाला’ भी चिदंबरम के जेल में काटे दिनों की संख्या 106 बता रहा है। सूडान में 18 भारतीयों की मौत के साथ ही पेज पर 18 भारतीयों के अपहरण के समाचार को भी रखा गया है। समुद्री डाकुओं ने नाइजीरिया के तट से हांगकांग के जिस जहाज का अपहरण किया, उसमें 18 भारतीय भी सवार थे। यह खबर दूसरे अखबारों में नहीं है।

नवभारत टाइम्स की बात करें तो आज पाठकों को दो फ्रंट पेज मिले हैं। पहले पेज की लीड दिल्लीवासियों को मुफ्त वाईफाई की सौगात है। दूसरी बड़ी खबर के रूप में चिदंबरम की रिहाई को रखा गया है। इस अखबार के हिसाब से भी चिदंबरम 106 दिन जेल में गुजारकर बाहर आये हैं। महिलाओं की सुरक्षा को लेकर धरने पर बैठीं स्वाति मालीवाल आज भी फोटो के रूप में पेज पर हैं। एंकर में प्रेमिका सहित डॉक्टर की आत्महत्या को जगह मिली है। अखबार ने इस खबर को काफी विस्तार से बताया है।

दूसरे पेज की लीड नागरिकता विधेयक है। आईटीबीपी जवान की गोलीबारी को भी प्रमुखता से साथ रखा गया है। इसके अलावा पेज पर दो सिंगल खबरें भी हैं। पहली राजनाथ सिंह का बयान है, जो कह रहे हैं कि हमारे सैनिक भी सीमा लांघते हैं और दूसरी एलओसी के पास आये बर्फीले तूफान से जुड़ी है, जिसमें 4 जवान शहीद हो गए। नवभारत टाइम्स के पहले फ्रंट पेज पर आधा पेज विज्ञापन होने के कारण खबरों वाला भाग ही शो हो रहा है, इसलिए यहां पर खबरों वाले भाग को ही लगाया गया है जबकि दूसरा फ्रंट पेज पूरा शो हो रहा है। 

सबसे आखिरी में आज ‘राजस्थान पत्रिका’ पर नजर डालते हैं। लीड नागरिकता विधेयक है, जिसे काफी विस्तार से रखा गया है। दूसरी बड़ी खबर सबसे अलग सुंदर पिचाई से जुड़ी है, जिन्हें गूगल की मूल कंपनी अल्फाबेट का भी सीईओ बनाया गया है। चिदंबरम की रिहाई को ज्यादा तवज्जो न देते हुए पेज के सेकंड हाफ में जगह दी गई है, जबकि आईटीबीपी के जवान की गोलीबारी ऊपर चार कॉलम में है। इसरो ने ‘विक्रम’ की खोज पर नासा के दावे को खारिज कर दिया है। उसका कहना है कि तीन दिन बाद ही विक्रम को खोज लिया गया था। इस खबर को पेज पर प्रमुखता के साथ रखा गया है। एलओसी पर बर्फीले तूफान सहित कुछ अन्य समाचार भी पेज पर हैं, जबकि एंकर में शिक्षा खर्च से जुड़ा समाचार है।

आज का ‘किंग’ कौन?

1: लेआउट के लिहाज से आज ‘दैनिक जागरण’ और ‘राजस्थान पत्रिका’ को छोड़कर सभी अखबार अच्छे नजर आ रहे हैं।

2: खबरों की प्रस्तुति में केवल ‘दैनिक जागरण’ का पक्ष कमजोर है, जबकि अन्य अखबारों ने अपने फ्रंट पेज पर खबरों के प्रेजेंटेशन में काफी मेहनत की है।     

3: कलात्मक शीर्षक की बात करें तो आज की बाजी ‘दैनिक भास्कर’ के नाम है। लीड के शीर्षक में केवल ‘दैनिक भास्कर’ ने प्रयोग किया है, जबकि बाकियों ने सीधी-सपाट हेडिंग दी है।

आप अपनी राय, सुझाव और खबरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। (हमें फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन और यूट्यूब पर फॉलो करें)

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सीएए पर कांग्रेसियों के मतभेद को बखूबी दर्शाता है NBT का यह शीर्षक

विज्ञापन के कारण दैनिक जागरण और नवभारत टाइम्स में आज तीसरे पेज को फ्रंट पेज बनाया गया है।

नीरज नैयर by
Published - Monday, 20 January, 2020
Last Modified:
Monday, 20 January, 2020
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नागरिकता संशोधन कानून पर सियासत और सरकारी तैयारियां आज दिल्ली से प्रकाशित होने वाले अखबारों की प्रमुख खबरें हैं। सबसे पहले बात करते हैं दैनिक जागरण की। विज्ञापन के चलते अखबार में आज तीसरे पेज को फ्रंट पेज बनाया गया है। लीड नीलू रंजन की बाईलाइन है, जिन्होंने बताया है कि गैर-भाजपा शासित राज्यों के विरोध के बावजूद मोदी सरकार सीएए पर आगे बढ़ेगी। इसके पास ही तीन कॉलम में सलमान खुर्शीद और कपिल सिब्बल का बयान है। दोनों नेताओं का कहना है कि कानून का पालन सभी राज्यों को करना होगा।

वहीं, बिहार में जल-जीवन और हरियाली के लिए बनाई गई मानव श्रृंखला को फोटो के रूप में पेज पर जगह मिली है। इसके अलावा आम आदमी का घोषणा पत्र, कंगारुओं पर टीम इंडिया की जीत और मथुरा में नोएडा की युवती की बलात्कार के बाद हत्या, इन ख़बरों को भी अखबार ने प्रमुखता दी है। एंकर में माला दीक्षित की बाईलाइन स्टोरी है, जो बताती है कि किस तरह निर्भया के दोषी कानूनी पेंच का फायदा उठा रहे हैं।

अब हिन्दुस्तान का रुख करें तो लीड नागरिकता संशोधन कानून है। हालांकि इसमें कांग्रेस नेताओं के बयान के इतर बढ़ते टकराव पर फोकस किया गया है। जिम कार्बेट में बाघों की भिड़ंत का फोटो फ्रंट पेज पर है। फोटो के साथ दी गई जानकारी भविष्य के संकट को रेखांकित करती है। बाघों के लिए पार्क में पहले 20 किमी का दायरा था, जो अब सिमटकर 5 किमी रह गया है, ऐसे में शिकार के लिए भिड़ंत के मामलों में बढ़ोतरी तय है।

आम आदमी पार्टी का घोषणापत्र, टीम इंडिया की जीत के साथ ही छेड़छाड़ के विरोध में पिता की हत्या, इन खबरों को भी पेज पर जगह मिली है। उन्नाव की इस घटना में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पुलिस, आरोपित को पकड़ने के बजाय पीड़ित लड़की को ही थाने ले आई। जब गांववालों ने जाम लगाया, तब वरिष्ठ अधिकारियों की नींद खुली। इसी खबर में नोएडा की युवती से रेप और हत्या का भी जिक्र है। अखबार ने शिरडी विवाद को भी फ्रंट पेज पर लगाया है, जो कि अच्छा फैसला है। क्योंकि यह खबर सीधे तौर पर लाखों-करोड़ों लोगों से जुड़ाव रखती है। वहीं, एंकर में साम्प्रदायिक सौहार्द की मिसाल पेश करता समाचार है। केरल में मुस्लिम समाज द्वारा हिंदू युवती की शादी कराई गई। हालाँकि, निर्भया के दोषियों की चालबाजी को पेज पर जगह नहीं मिली है।

आज नवभारत टाइम्स में तीसरे पेज को फ्रंट पेज बनाया जा सका है। टॉप बॉक्स में आम आदमी पार्टी का घोषणा पत्र है, जबकि लीड नागरिकता संशोधन कानून पर कांग्रेसियों में मतभेद को बनाया गया है। सलमान खुर्शीद और कपिल सिब्बल जहां राज्यों के विरोध के अधिकार पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं अहमद पटेल का कहना है कि विरोध जारी रहेगा। इन अलग-अलग बयानों को अखबार ने एक शीर्षक में बेहद खूबसूरती से जोड़कर पाठकों के समक्ष पेश किया है।

बांग्लादेश की मुख्यमंत्री के साथ ही एक्टर सैफ अली खान के सीएए पर दिए बयान को भी लीड के हिस्से के रूप में रखा गया है। कश्मीर छोड़ने के 30 साल पूरे होने के मौके पर कश्मीरी पंडितों का प्रदर्शन, बिहार की मानव श्रृंखला और टीम इंडिया की जीत फोटो के रूप में पेज पर है। इसके अलावा, घाटी में नेटबंदी पर सरकारी थिंक टैंक सदस्य के विवादित बोल सहित सुनील गौड़ की बाईलाइन को भी प्रमुखता मिली है। के.वी सारस्वत का मानना है कि घाटी में नेट बंद करने से अर्थव्यवस्था पर खास असर नहीं पड़ता, क्योंकि वहां के लोग नेट पर गंदी फिल्में देखने के अलावा कुछ नहीं करते थे। वहीं, सुनील गौड़ ने बताया है कि अब देश में ट्रेनें 160 की रफ्तार से दौड़ेंगी। एंकर में शिरडी विवाद से जुड़ा समाचार है। ‘नवभारत टाइम्स’ ने भी ‘हिन्दुस्तान’ की तरह निर्भया के दोषियों की चालबाजी को फ्रंट पेज पर नहीं लगाया है।

सबसे आखिर में आज राजस्थान पत्रिका को देखें तो फ्रंट पेज की शुरुआत टॉप बॉक्स से हुई है। इसमें कानूनी दांवपेंच में फंसी निर्भया के दोषियों की फांसी के बीच इतिहास में दर्ज कुछ ऐसे मामलों पर प्रकाश डाला गया है, जिसमें डेथ वारंट आख़िरकार रद्द हो गया या बड़ी अदालतों ने उन पर रोक लगा दी। लीड सबसे अलग संघ प्रमुख मोहन भगवत का बयान है, जिनका कहना है कि सरकार जनसंख्या नियंत्रण के लिए नीति बनाए।

शिरडी विवाद के साथ ही नागरिकता संशोधन कानून पर केरल सरकार और राज्यपाल में बढ़ते विवाद को भी प्रमुखता के साथ पेज पर जगह मिली है। हालांकि, खबर में सीएए पर कांग्रेसी नेताओं के अलग-अलग सुर का जिक्र नहीं है। चीफ जस्टिस शरद अरविंद बोबडे का क्रिकेट खेलते फोटो पेज पर है। उन्होंने नागपुर में एक मैत्री मैच में अपनी बल्लेबाजी का जौहर दिखाया। वहीं, एंकर में नए संसद भवन से जुड़ा समाचार है। अखबार ने आम आदमी पार्टी के घोषणा पत्र को किसी भी रूप में फ्रंट पेज पर नहीं रखा है। यह समझना बेहद मुश्किल है कि आखिर दिल्ली संस्करण में दिल्ली से जुड़ी खबरों को तवज्जो क्यों नहीं मिलती।

आज का ‘किंग’ कौन?

1: लेआउट के लिहाज से आज सभी अख़बार बेहतर हैं। यहां तक कि दैनिक जागरण का फ्रंट पेज भी काफी दिनों के बाद संतुलित दिखाई दे रहा है।

2: खबरों की प्रस्तुति में बाजी नवभारत टाइम्स ने मारी है। खासकर लीड को काफ़ी अच्छी तरह से पाठकों के समक्ष प्रस्तुत किया गया है।

3: कलात्मक शीर्षक का ताज भी नवभारत टाइम्स के सिर ही सजेगा। सीएए पर कांग्रेसियों के मतभेद को शीर्षक ‘नागरिकता कानून पर ‘हाथ’ की सभी उंगलियाँ एक जैसी नहीं दिख रहीं’ के साथ दर्शाया गया है।

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प्रमुख अखबारों के फ्रंट पेज पर आज इन खबरों को मिली जगह

विज्ञापन की अधिकता के कारण नवभारत टाइम्स, दैनिक जागरण, हिन्दुस्तान और दैनिक भास्कर में आज तीसरे पेज को फ्रंट पेज का दर्जा मिला है

नीरज नैयर by
Published - Saturday, 18 January, 2020
Last Modified:
Saturday, 18 January, 2020
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दिल्ली में बादलों के साथ-साथ अखबारों में विज्ञापन भी ‘बरस’ रहे हैं। राजधानी से प्रकाशित होने वाले अधिकांश समाचारपत्रों में आज विज्ञापनों के चलते तीसरे पेज को फ्रंट पेज बनाया जा सका है। शुरुआत नवभारत टाइम्स से करते हैं। यहां तीसरा पेज फ्रंट पेज है और उस पर भी लगभग आधा पेज विज्ञापन है। इसके बावजूद ज्यादा से ज्यादा खबरें पेज पर रखी गई हैं। लीड निर्भया के दोषियों को फांसी की नई तारीख है। अब उन्हें एक फरवरी को सूली पर चढ़ाया जाएगा। इस मुद्दे पर चल रही राजनीति को भी लीड का हिस्सा बनाया गया है।

दिल्ली चुनाव के लिए भाजपा द्वारा घोषित प्रत्याशी भी प्रमुखता के साथ पेज पर हैं। केरल के बाद पंजाब विधानसभा में भी नागरिकता संशोधन कानून को असंवैधानिक करार देने वाला विधेयक पारित हो गया है, इस खबर के साथ ही भीम आर्मी प्रमुख की जामा मस्जिद में विरोध प्रदर्शन की फोटो को भी जगह मिली है। इसके अलावा, पेज पर सात सिंगल समाचार हैं, जिनमें ‘कल से शिर्डी में बेमियादी बंद, पाक में 3 हिंदू लड़कियों का अपहरण और मुआवज़े के लिए आधार ज़रूरी’, प्रमुख हैं।

हिन्दुस्तान में भी आज तीसरे पेज को फ्रंट पेज का दर्जा मिला है। लीड निर्भया के दोषियों की फांसी की नई तारीख है, इसी में भाजपा और आम आदमी पार्टी के बीच चल रही जुबानी जंग को भी रखा गया है। कंगारुओं पर टीम इंडिया की जीत फोटो के रूप में है। वहीं, भाजपा प्रत्याशियों की घोषणा, मुंबई धमाके के फरार आतंकी की गिरफ्तारी सहित दो बाईलाइन खबरों को भी प्रमुखता से लगाया गया है। पहली बाईलाइन पंकज कुमार पाण्डेय की है, जिनके मुताबिक एनपीआर में माता-पिता का जन्मस्थान बताना जरूरी नहीं होगा।

दूसरी बाईलाइन श्याम सुमन की है। उन्होंने कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए बताया है कि अनुबंधित सरकारी कर्मचारी भी ईपीएफ के हकदार हैं। इसके अलावा पेज पर पांच अन्य समाचार हैं, जिनमें आगरा में बनने वाला सिख शोध केंद्र और जेईई परिणाम प्रमुख हैं। एंकर में दिशा सांघवी की बाईलाइन स्टोरी है। दिशा ने बीमा से जुड़ी नई नीति पर प्रकाश डालते हुए बताया है कि अब कई वाहनों के लिए अलग-अलग बीमा नहीं लेना पड़ेगा।

वहीं, राजस्थान पत्रिका के फ्रंट पेज पर आज कोई विज्ञापन नहीं है। कल की तरह आज भी पेज की शुरुआत दावों और असलियत के बीच के अंतर को दर्शाती फोटो से हुई है। मध्यप्रदेश के देवास में सरकारी स्कूल के बच्चे ढह चुकी छत के नीचे पढ़ाई करने को मजबूर हैं। सिस्टम की इस तस्वीर को रवि पाटीदार ने पाठकों तक पहुंचाया है। लीड सबसे जुदा पाकिस्तान की काली करतूतों को बनाया गया है। अमेरिकी अदालत में पाकिस्तान के पांच लोगों पर संवेदनशील परमाणु और मिसाइल तकनीक की चोरी का केस चलाया जा रहा है। वहीं, निर्भया के दोषियों को होने वाली फांसी से जुड़ी खबर सेकंड लीड है। अब उन्हें एक फरवरी को सुबह छह बजे सूली पर चढ़ाया जाएगा।

पेज पर दो बाईलाइन खबरों को भी स्थान मिला है। पहली, शाहाब अहमद/धीरज कुमार की है, जिनके मुताबिक एनपीआर में मां-बाप का जन्मस्थान बताना जरूरी नहीं है। दूसरी गजेंद्र सिंह दहिया की है, जिन्होंने मेजर कृष्णन की टीम द्वारा तैयार मेडिकल दस्तानों पर प्रकाश डाला है, जो दुर्गम स्थानों पर तैनात सैनिकों की सहायता करेंगे। 50 से अधिक धमाकों के आरोपित ‘डॉ. बम’ की कानपुर से गिरफ्तारी सहित कुछ अन्य समाचार भी पेज पर हैं। हालांकि दिल्ली से जुड़े समाचार को फिर अखबार ने अंडरप्ले किया है। भाजपा के घोषित प्रत्याशियों को सबसे नीचे दो कॉलम में रखा गया है, जबकि इसे फर्स्ट हाफ में प्रमुखता से रखा जाना चाहिए था। एंकर में आतंकियों के साथ पकड़े गए डीएसपी से जुड़ा समाचार है।

अब दैनिक भास्कर की बात करें तो पहले पेज पर फुल विज्ञापन के कारण तीसरे पेज को फ्रंट पेज बनाया गया है। अखबार ने निर्भया से जुड़ी खबर को लगभग आधे पेज पर और पूरे आठ कॉलम में जगह दी है। इसी पैकेज में निर्भया की मां के केजरीवाल के खिलाफ चुनाव लड़ने की अटकलों से जुड़ी खबर को लगाया गया है। दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने अपने प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर दी है। अखबार ने इस खबर को तीन कॉलम जगह दी है। गुरुग्राम में एमसीडी द्वारा टोल पर चेकिंग और बारिश के कारण करीब 12 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। अखबार ने इसे फोटो समेत लगाया है। क्रिकेट में भारत की ऑस्ट्रेलिया पर जीत को भी अखबार ने पहले पेज पर रखा है।

दिल्ली हाई कोर्ट ने उन्नाव दुष्कर्म केस में भाजपा से निकाले गए विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की उम्र कैद की सजा पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। इस खबर को सिंगल कॉलम में लेने के साथ ही अखबार ने परमाणु कार्यक्रम के लिए पाक के पांच लोगों पर चोरी के आरोप की खबर को भी फ्रंट पेज पर जगह दी है। वहीं, एंकर में नवनाथ दिघे की बाईलाइन को जगह दी गई है, जिन्होंने अपनी खबर में बताया है कि शिर्डी में साई जन्मस्थली विवाद के बाद कल से बेमियादी बंद किया जाएगा। हालांकि इस दौरान मंदिर-धर्मशाला खुले रहेंगे।

सबसे आखिर में आज दैनिक जागरण का रुख करते हैं। जैकेट विज्ञापन के कारण अखबार में आज तीसरे पेज को फ्रंट पेज बनाया गया है। इस पेज की शुरुआत टॉप बाक्स से हुई है, जिसमें निर्भया के दोषियों को फांसी से जुड़ी खबर है। दोषियों को अब एक फरवरी को फांसी दी जाएगी। दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा के प्रत्याशियों की पहली सूची से जुड़ी खबर को टॉप बाक्स के बगल में दो कॉलम में लगाया गया है। अखबार ने लीड पाकिस्तान के प्रधानमंत्री से जुड़ी खबर को लगाया है। ‘बार-बार मुंह की खाए इमरान ने माना कश्मीर पर कोई नहीं है हमारे साथ’ शीर्षक के साथ इस खबर को जगह दी गई है। परमाणु तकनीक की चोरी में पकड़े गए पाक की खबर को भी तीन कॉलम में लगाया गया है, वहीं एंकर में एनपीआर की खबर को स्थान दिया गया है।

आज का ‘किंग’ कौन?

1: लेआउट के लिहाज से आज सभी अखबारों के फ्रंट पेज सामान्य हैं। किसी का भी पेज खास आकर्षक दिखाई नहीं दे रहा है।

2: खबरों की प्रस्तुति में हिन्दुस्तान, नवभारत टाइम्स और दैनिक भास्कर तीनों ही अखबार बेहतर नजर आ रहे हैं।

3: कलात्मक शीर्षक के मामले में आज दैनिक भास्कर अव्वल रहा है। अखबार ने निर्भया कांड को लेकर हो रही सियासत और सिस्टम का फायदा उठा रहे दोषियों पर कटाक्ष करती हेडलाइन लगाई है।

4: खबरों के मामले में नवभारत टाइम्स को पहला स्थान दिया जा सकता है, क्योंकि अखबार ने बेहद कम जगह होने के बावजूद फ्रंट पेज पर अधिक से अधिक खबरों को रखने का प्रयास किया है। वैसे, हिन्दुस्तान ने भी सभी महत्वपूर्ण समाचारों को फ्रंट पेज पर जगह दी है। इसके अलावा, बाईलाइन खबरों से पेज और भी दमदार हो गया है। राजस्थान पत्रिका को सबसे आखिरी स्थान दिया जा सकता है, क्योंकि अखबार लगातार दिल्ली के संस्करण में दिल्ली की खबरों से 'अन्याय' कर रहा है।

आप अपनी राय, सुझाव और खबरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। (हमें फेसबुक,ट्विटर, लिंक्डइन और यूट्यूब पर फॉलो करें)

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प्रमुख हिंदी अखबारों के फ्रंट पेज का आज कुछ ऐसा है हाल

जैकेट विज्ञापन के कारण हिन्दुस्तान और दैनिक जागरण में आज तीसरे पेज को फ्रंट पेज बनाया गया है

Last Modified:
Friday, 17 January, 2020
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क्या महेंद्र सिंह धोनी अब टीम इंडिया के लिए खेलते दिखाई नहीं देंगे? आज के अखबार देखने के बाद यह सवाल पूछा जाने लगा है। सबसे पहले बात करते हैं दैनिक भास्कर की, जहां फ्रंट पेज की शुरुआत टॉप बॉक्स में धोनी से हुई है। धोनी को बीसीसीआई ने अपनी अनुबंध सूची से हटा दिया है, लिहाजा यह अटकलें तेज हो गई हैं कि माही संयास लेने वाले हैं। लीड पवन कुमार की बाईलाइन है, जिन्होंने बताया है कि निर्भया के दोषी विनय ने जेल में जान देने का प्रयास किया। इसी में लटकती फांसी और उस पर हो रही सियासत का जिक्र है।

टेलिकॉम कंपनियों को ‘सुप्रीम’ झटके सहित, आतंकी साजिश नाकाम, पीएमसी घोटाले में सुप्रीम कोर्ट की सख्ती और पाकिस्तान जाने से टीम इंडिया का इनकार, इन ख़बरों को भी प्रमुखता के साथ पेज पर जगह मिली है। अदालत ने टेलिकॉम कंपनियों को 1.47 लाख करोड़ रुपए एक हफ्ते में चुकाने के आदेश दिए हैं। वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने पीएमसी बैंक घोटाले में दो प्रमोटरों को जेल से घर शिफ्ट करने के फैसले पर रोक लगा दी है। टीम इंडिया की बात करें तो उसने पाकिस्तान में एशिया कप खेलने से इनकार कर दिया है। एंकर में अमेरिकी पुस्तक में ट्रम्प द्वारा मोदी को लेकर किये गए खुलासे को रखा गया है।

आज जैकेट विज्ञापन के कारण हिन्दुस्तान में तीसरे पेज को फ्रंट पेज बनाया गया है। इस फ्रंट पेज पर भी दो बड़े विज्ञापन हैं, इसके बावजूद ख़बरों को लगाने में कोई कंजूसी नहीं दिखाई गई है। लीड रायसीना संवाद कार्यक्रम में दिया गया सीडीएस बिपिन रावत का बयान है। रावत का कहना है कि आतंकवाद से हमें उसी तरह लड़ना चाहिए, जैसे अमेरिका ने 9/11 के बाद लड़ा था। इसी में जैश के पांच आतंकियों को पकड़े जाने से जुड़ा समाचार भी है।

वहीं, बीसीसीआई के अनुबंध से बाहर हुए धोनी, दरिंदों की फांसी पर सियासत, टेलिकॉम कंपनियों को झटका सहित सौरभ शुक्ल की बाईलाइन भी पेज पर है। अपनी स्टोरी में शुक्ल ने बताया है कि बैंकों के खिलाफ सर्वाधिक शिकायतें नई दिल्ली में सामने आई हैं। इसके आलावा पेज पर कई सिंगल समाचार हैं, जिनमें डीएसपी देवेंद्र से वीरता पदक छीना गया और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री को न्यौता देगा भारत प्रमुख हैं। यह न्यौता दिल्ली में होने वाली शंघाई सहयोग बैठक के लिए होगा।   

अब दैनिक जागरण का रुख करें तो जैकेट विज्ञापन की वजह से तीसरे पेज को फ्रंट पेज बनाया गया है। पेज की शुरुआत दिल्ली में हुई बारिश की फोटो और टेलिकॉम कंपनियों को लगे झटके से हुई है। दूरसंचार कंपनियों को 1.47 करोड़ चुकाने होंगे। लिहाजा संभव है कि वो इसका कुछ बोझ ग्राहकों पर डालें। लीड सबसे अलग कश्मीर पर चीन की नाकाम चाल है। जयप्रकाश रंजन ने अपनी बाईलाइन स्टोरी में बताया है कि किस तरह सुरक्षा परिषद के चार सदस्यों ने कश्मीर पर भारत के रुख का समर्थन किया।

निर्भया के दोषियों के डेथ वारंट पर लगी रोक को भी तवज्जो मिली है। इसके अलावा, पीएमसी घोटाले पर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती और नीलू रंजन की बाईलाइन को भी फ्रंट पेज पर जगह दी गई है। रंजन की स्टोरी बताती है कि एनपीआर पर पश्चिम बंगाल अलग-थलग पड़ गया है। अखबार ने बीसीसीआई के अनुबंध से बाहर हुए धोनी को एंकर में लगाया है। सीडीएस बिपिन रावत से जुड़े समाचार को जगह नहीं मिली है।

नवभारत टाइम्स के फ्रंट पेज पर भी आज ज्यादा जगह नहीं है। लीड निर्भया के दोषियों की लटकती फांसी है, जिसे ’22 को भी फांसी नहीं चढ़ेंगे निर्भया के दोषी’ शीर्षक के साथ विस्तार से लगाया गया है। वहीं, बीसीसीआई के अनुबंध से बाहर हुए धोनी को प्रमुखता के साथ पेज पर रखा गया है। मैच फिक्सिंग में वांटेड बुकी संजीव चावला को ब्रिटेन से भारत लाया जाएगा। चावला ने प्रत्यर्पण को लंदन की अदालत में चुनौती दी थी, लेकिन उसकी सभी दलीलों को खारिज कर दिया गया है। इस खबर सहित इमरान खान को दिए जाने वाले न्यौते और टेलिकॉम कंपनियों को लगे झटके को भी जगह मिली है।

वहीं, अमर उजाला की बात करें तो शुरुआत के डेढ़ कॉलम में चार खबरों को जगह मिली है, जिनमें बीसीसीआई के अनुबंध से बाहर हुए धोनी और इमरान खान को दिया जाने वाला न्यौता शामिल है। यह प्रयोग काफी अच्छा नजर आ रहा है। टॉप बॉक्स में दूरसंचार कंपनियों को लगे झटके को रखा गया है। लीड आतंकवाद पर सीडीएस बिपिन रावत का बयान है। निर्भया के दोषियों की टली फांसी और आतंकी हमले की नाकाम साजिश भी प्रमुखता के साथ पेज पर है। एंकर में सरकार के एक बड़े कदम का जिक्र है, जिसके तहत मिजोरम से विस्थापित ब्रू आदिवासियों को त्रिपुरा में बसाया जाएगा। इसके अलावा, दिल्ली में हुई बारिश के फोटो सहित कुछ अन्य समाचार भी पेज पर हैं।

सबसे आखिरी में रुख करते हैं राजस्थान पत्रिका का, जहां फ्रंट पेज की शुरुआत राजनीति में महिला आरक्षण की असलियत उजागर करती फोटो से हुई है। लीड सबसे अलग इमरान खान को दिए जाने वाले न्यौते को रखा गया है। इसी में आतंकवाद पर सीडीएस बिपिन रावत के बयान का भी जिक्र है। निर्भया के दोषियों की टली फांसी, डीएसपी देवेंद्र सिंह और दुनिया में फैली अशांति को दर्शाती खबर भी फ्रंट पेज पर है। गिरफ्तार डीएसपी ने पूछताछ में दावा किया है कि वो बड़े मिशन के तहत आतंकियों के साथ था। वहीं एक शोध में यह बात सामने आई है कि दुनिया के हर चौथे देश में नागरिक संघर्ष हो रहा है। बीसीसीआई के अनुबंध से बाहर हुए धोनी को एंकर में जगह मिली है।

आज का ‘किंग’ कौन?

1: लेआउट की बात करें तो आज सबसे बेहतर और आकर्षक फ्रंट पेज अमर उजाला का नजर आ रहा है।

2: खबरों की प्रस्तुति में दैनिक भास्कर और अमर उजाला को संयुक्त रूप से पहला स्थान दिया जा सकता है।

3: कलात्मक शीर्षक के मामले में आज सभी अखबारों के हाथ खाली हैं।

आप अपनी राय, सुझाव और खबरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। (हमें फेसबुक,ट्विटर, लिंक्डइन और यूट्यूब पर फॉलो करें)

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फ्रंट पेज पर अखबारों ने आज किन खबरों को दी तवज्जो, पढ़ें यहां

विज्ञापन की अधिकता के कारण हिन्दुस्तान, दैनिक भास्कर और दैनिक जागरण में तीसरे पेज को फ्रंट पेज बनाया गया है, जबकि राजस्थान पत्रिका के फ्रंट पेज पर आज कोई विज्ञापन नहीं है।

नीरज नैयर by
Published - Thursday, 16 January, 2020
Last Modified:
Thursday, 16 January, 2020
Newspapers

निर्भया के दोषियों को फांसी पर लटकते देखने की देश की मुराद फिलहाल पूरी होने वाली नहीं है। जटिल और कमजोर व्यवस्था का फायदा उठाकर गुनाहगार कानून का मजाक बनाने में लगे हैं। इसी ‘मजाक’ को दिल्ली से प्रकाशित होने वाले अधिकांश अखबारों ने अपनी प्रमुख खबर के रूप में फ्रंट पेज पर जगह दी है। आज सबसे पहले बात करते हैं अमर उजाला की। पेज की शुरुआत मकर संक्रांति पर प्रयाग में उमड़ी भक्तों की भीड़ को दर्शाती फोटो से हुई है, जिसे मास्ट हेड से लगाया गया है। निर्भया के दोषी और सिख दंगों को मिलाकर लीड का दर्जा दिया गया है। निर्भया के गुनाहगारों को जहां 22 को फांसी नहीं होगी, वहीं केंद्र सरकार ने सिख दंगों की जांच के लिए बने विशेष जांच दल की सिफारिशों को स्वीकार कर लिया है।

हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज को शक है कि उनका फोन टैप हो रहा है, उनके इस शक को भी फ्रंट पेज पर जगह मिली है। इसके अलावा, घाटी की बर्फबारी की फोटो और जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष आइशी घोष के विवादित बोल भी पेज पर हैं। घोष का कहना है कि संविधान से छेड़छाड़ की शुरुआत कश्मीर से हुई है। एंकर में कार्यक्रम ‘रायसीना डायलॉग’ है, जिसमें ईरान के विदेशमंत्री ने कहा कि अमेरिका के साथ तनाव कम करने में भारत भूमिका निभा सकता है। वहीं, सेना दिवस पर पुरुषों की बटालियन का नेतृत्व करने वालीं तान्या शेरगिल और आईसीसी अवार्ड्स पहले कॉलम में हैं।

अब राजस्थान पत्रिका के फ्रंट पेज पर नजर डालते हैं। फ्रंट पेज पर आज कोई विज्ञापन नहीं है। लीड निर्भया के दोषियों की फांसी से जुड़ी खबर को बनाया गया है। पुरुषों की बटालियन का नेतृत्व करने वालीं तान्या शेरगिल को अखबार ने प्रमुखता देते हुए उनके फोटो को टॉप में रखा है। नारायणमूर्ति समय के कितने पाबंद हैं, यह दर्शाने वाली खबर भी पेज पर है। अमेजॉन प्रमुख जेफ बेजोस का दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम जब डेढ़ घंटे देरी से शुरू हुआ तो नाराज नारायणमूर्ति अपने 20 मिनट के भाषण की जगह महज पांच मिनट में अपनी बात कहकर चले गए।

आतंकियों के साथ पकड़े गए डीएसपी देवेन्द्र सिंह की बर्खास्तगी, कश्मीर पर चीन की चाल, सिख दंगों पर जांच आयोग की रिपोर्ट सहित अभिनेत्री से छेड़छाड़ के आरोप में 3 साल की सजा, इन खबरों को प्रमुखता के साथ पाठकों के समक्ष रखा गया है। वर्ष 2017 में बॉलिवुड की एक अभिनेत्री ने आरोप लगाया था कि विमान में विकास सचदेवा ने उसके साथ छेड़छाड़ की, अब कोर्ट ने सचदेवा को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। एंकर में ईरानी विदेशमंत्री की भारत से आस को जगह मिली है, जिनका मानना है कि भारत खाड़ी में तनाव कम करने में अहम भूमिका निभा सकता है।           

आज नवभारत टाइम्स के फ्रंट पेज पर कोई बड़ा विज्ञापन नहीं है। टॉप बॉक्स में दिल्ली चुनाव से जुड़ा समाचार है, जबकि लीड निर्भया के दोषियों को फांसी से जुड़ी खबर को बनाया गया है। भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद को कोर्ट से सशर्त जमानत मिल गई है। यह खबर डीप सिंगल कॉलम में है। वहीं दिल्ली के शाहीन बाग में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शन से जुड़ा समाचार भी फोटो के साथ पेज पर है। पंजाब से 550 किसान प्रदर्शनकारियों का साथ देने के लिए दिल्ली पहुंच गए हैं। इस खबर में जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष का कश्मीर पर विवादित बयान सहित कुछ समाचारों का भी जिक्र है। इसके अलावा, सिख दंगों पर जांच दल की रिपोर्ट, अभिनेत्री से छेड़छाड़ पर कैद सहित सेना दिवस के कार्यक्रम की फोटो को भी जगह मिली है। एंकर में दिल्ली पहुंचे अमेजॉन प्रमुख द्वारा की गई भारत की तारीफ को सजाया गया है।

वहीं, हिन्दुस्तान की बात करें तो जैकेट विज्ञापन के कारण आज तीसरे पेज को फ्रंट पेज बनाया गया है। लीड निर्भया के दोषियों की लटकती फांसी है। वहीं, आईसीसी अवार्ड्स को प्रमुखता के साथ टॉप में रखा गया है। दिल्ली में कुछ और स्मॉग टॉवर लगाने के कोर्ट के आदेश सहित, सिख दंगों में जांच दल की रिपोर्ट, डीएसपी देवेन्द्र सिंह की बर्खास्तगी, कश्मीर पर चीन की चाल और एटीएम कार्ड की सुरक्षा के नए नियमों को भी अखबार ने तवज्जो देते हुए फ्रंट पेज पर जगह दी है। आरबीआई ने डेबिट और क्रेडिट कार्ड से बढ़ते फर्जीवाड़े को रोकने के लिए नए नियम जारी किये हैं, इस खबर को ‘राजस्थान पत्रिका’ ने भी फ्रंट पेज पर रखा है। इसके अलावा, बैंककर्मियों की 31 से प्रस्तावित हड़ताल भी सिंगल कॉलम में है। एंकर में मदन जैड़ा की बाईलाइन है, जिन्होंने जलवायु परिवर्तन के मानसून पर पड़ रहे असर के बारे में बताया है।

दैनिक जागरण में फ्रंट पेज पर फुलपेज विज्ञापन के चलते तीसरे पेज को फ्रंट का दर्जा मिला है। लीड सबसे अलग रायसीना डायलॉग कार्यक्रम के दौरान विदेशमंत्री के बयान को रखा गया है। निर्भया के दोषियों की लटकती फांसी सेकंड लीड है। सिख दंगों से जुड़ी एसआईटी की रिपोर्ट पर केंद्र सरकार के रुख को काफी बड़ा स्थान मिला है। मोदी सरकार ने जांच दल की सिफारिशों को स्वीकार कर लिया है। नीलू रंजन की बाईलाइन को भी पेज पर रखा गया है। जिन्होंने एनपीआर पर केंद्र की पूरी हुई तैयारी पर प्रकाश डाला है। वहीं, एंकर में दिल्ली के विकास से जुड़ी खबर है, जो 2024 तक बिलकुल नए रूप में नजर आएगी।

सबसे आखिर में अब रुख करते हैं दैनिक भास्कर का। लीड निर्भया को दोषियों को फांसी से जुड़ी खबर को लगाया गया है। दिल्ली सरकार ने कोर्ट में कहा है कि इस मामले में चारों दुष्कर्मियों को 22 जनवरी को फांसी संभव नहीं है। पेप्सीको कंपनी के मैनेजर की पत्नी ने नोएडा में 14वीं मंजिल से कूदकर जान दे दी है। इस खबर को अखबार ने फ्रंट पेज पर दो कॉलम में जगह दी है। दिल्ली पहुंचे अमेजॉन प्रमुख की खबर को फ्रंट पेज पर काफी बड़ी जगह दी गई है। सिंख दंगों पर जस्टिस ढींगरा की सिफारिशों को मंजूरी, बजट सत्र 31 जनवरी से समेत कुछ अन्य खबरों को भी अखबार ने फ्रंट पेज पर जगह दी है। एंकर में कैप्टन तानिया शेरगिल की खबर है, जो सेना दिवस पर पुरुषों की परेड का नेतृत्व करने वाली पहली महिला बनी हैं।

 

आज का ‘किंग’ कौन?

1: लेआउट के मामले में आज नवभारत टाइम्स और हिन्दुस्तान दूसरे अखबारों के मुकाबले काफी बेहतर है। दोनों अखबारों के फ्रंट पेज बेहद आकर्षक दिखाई दे रहे हैं।

2: खबरों की प्रस्तुति में अमर उजाला के साथ-साथ नवभारत टाइम्स और हिन्दुस्तान भी आगे हैं।

3: कलात्मक शीर्षक का ताज नवभारत टाइम्स के सिर सजाया जा सकता है। अखबार ने फ्रंट पेज की दो हेडलाइन में प्रयोग किया है। पहली लीड की, ‘फांसी फंस गई’ और दूसरी भीम आर्मी प्रमुख को मिली जमानत...‘चंद्रशेखर बेल पर आजाद’।

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पीएम ने मीडिया संस्थानों का कुछ यूं बढ़ाया हौसला, फिर कही ये बात

मोदी ने चेन्नई में आयोजित तमिल की राजनीतिक और व्यंग्य पत्रिका ‘तुगलक’ के स्वर्ण जयंती कार्यक्रम को दिल्ली से विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये संबोधित किया

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 15 January, 2020
Last Modified:
Wednesday, 15 January, 2020
MODI

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीडिया संस्थानों से कहा है कि वे जनता के समक्ष विवेकपूर्ण और तार्किक ढंग से खबरें पेश करें। पीएम के अनुसार, समाचारों की विश्वसनीयता के लिए उनमें तथ्यों का होना बहुत जरूरी है।

मंगलवार को चेन्नई में आयोजित तमिल की राजनीतिक और व्यंग्य पत्रिका ‘तुगलक’ (Tughlaq) के स्वर्ण जयंती कार्यक्रम को दिल्ली से विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये संबोधित किया। इस दौरान मोदी ने कहा कि स्वच्छता अभियान और प्लास्टिक से फैल रहे प्रदूषण के प्रति लोगों में जागरूकता फैलाने में मीडिया ने बड़ी भूमिका निभाई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मीडिया, राष्ट्र निर्माण की इस तरह की पहल को सपोर्ट करना जारी रखेगी।

उन्होंने यह भी कहा कि अनुच्छेद 370 और 35ए तथा तीन तलाक को समाप्त कर, आर्थिक रूप से कमजोरों के लिए दस प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था करने के साथ ही अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग की स्थापना और आयुष्मान भारत योजना लागू करके सरकार ने पुरानी समस्याओं के समाधान की पहल की है।

प्रधानमंत्री का कहना था कि देश तेज गति से विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है, लेकिन कुछ समाज विरोधी समूहों को यह परिवर्तन हजम नहीं हो रहा है। यही कारण है कि ऐसे समूहों/संगठनों द्वारा अपने निहित स्वार्थ के लिए लोगों को गुमराह करने और अशांति फैलाने की कोशिश की जा रही है। ऐसे में विश्वसनीय तरीके से तथ्यों के साथ लोगों को खबरें उपलब्ध कराने की मीडिया की जिम्मेदारी काफी बढ़ जाती है।

इस मौके पर उप राष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने चेन्नई में पत्रिका के कर्मियों को पुरस्कृत किया। उन्होंने कहा कि मीडिया संस्थानों को पत्रकारिता में नैतिकता बनाए रखनी चाहिए। उनका कहना था कि किसी भी मामले में प्रश्न उठाते समय भी सकारात्मक रहने से लोकतांत्रिक प्रणाली को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

उपराष्ट्रपति ने इस बात पर जोर दिया कि लोगों की प्राथमिकता में सबसे पहले देश होना चाहिए, फिर पार्टी और सबसे आखिर में खुद को होना चाहिए। उन्होंने ‘तुगलक’ मैगजीन के संस्थापक दिवंगत संपादक चो रामास्वामी (Cho Ramasamy) का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी कलम किसी डर अथवा दबाव के आगे नहीं झुकी और उन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में एक मिसाल कायम की है।

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आज किस अखबार का फ्रंट पेज है सबसे बेहतर, पढ़ें यहां

विज्ञापन की अधिकता के कारण हिन्दुस्तान के पाठकों को आज दो फ्रंट पेज पढ़ने को मिले हैं। राजस्थान पत्रिका के फ्रंट पेज पर आज विज्ञापन नहीं है

नीरज नैयर by
Published - Wednesday, 15 January, 2020
Last Modified:
Wednesday, 15 January, 2020
Newspapers

दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर आम आदमी पार्टी ने अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं। वहीं, दिल्ली पुलिस को अदालत ने जमकर लताड़ लगाई है और निर्भया के दोषियों की क्यूरेटिव याचिका भी खारिज कर दी गई है। इन खबरों को आज राजधानी से प्रकाशित होने वाले अखबारों में प्रमुखता से जगह मिली है। शुरुआत करते हैं नवभारत टाइम्स से। फ्रंट पेज आज भी विज्ञापनों से भरा हुआ है, लेकिन हमेशा की तरह अधिक से अधिक खबरों को लगाने का प्रयास किया गया है। लीड आम आदमी पार्टी की चुनावी तैयारी है, जिसने 15 विधायकों के टिकट काटकर 24 नए चेहरों को मौका दिया है। दूसरी बड़ी खबर है पुलिस को फटकार। नागरिकता संशोधन कानून को लेकर हुए विरोध-प्रदर्शन के मामले में सुनवाई करते हुए अदालत ने कहा, ‘पुलिस ऐसे काम कर रही है जैसे जामा मस्जिद पाकिस्तान में हो’।

इसके अलावा, निर्भया के दोषियों, बर्फीले तूफान में 6 जवानों सहित 12 की मौत और आतंकियों के साथ पकड़े गए डीएसपी पर सियासत को भी जगह मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने निर्भया के दो दोषियों की याचिका खारिज कर दी है, उधर कांग्रेस ने आरोपित डीएसपी के तार पुलवामा हमले से जोड़ते हुए गंभीर सवाल उठाये हैं। इसके अलावा पेज पर दो अन्य समाचार हैं। मसलन, ‘फास्टटैग आज लगवा लें, कल से डबल टोल संभव’ और ‘वॉट्सऐप ग्रुप से हिंसा के मैसेज, फोन जब्त करें’।

अब हिन्दुस्तान की बात करें तो आज यहां दो फ्रंट पेज बनाये गए हैं। पहले फ्रंट पेज की लीड आम आदमी पार्टी के घोषित उम्मीदवार हैं। निर्भया के दोषियों की खारिज याचिक दूसरी प्रमुख खबर है। इसके साथ ही आतंकियों के साथ गिरफ्तार डीएसपी देवेंद्र सिंह पर गर्माती सियासत को भी बड़ा स्थान मिला है। कांग्रेस जहां पुलवामा हमले की नए सिरे से जांच की मांग कर रही है, वहीं भाजपा ने फिर से पाकिस्तान राग अलापना शुरू कर दिया है।

दूसरे फ्रंट पेज की सबसे बड़ी खबर है जेएनयू हिंसा पर हाई कोर्ट का आदेश। कोर्ट ने आरोपित छात्रों के मोबाइल जब्त करने को कहा है। इसी खबर में पुलिस को लगी लताड़ का भी जिक्र है। बर्फीले तूफान में 12 की मौत के साथ ही पेज पर कई अन्य समाचार भी हैं। इनमें ‘थोक महंगाई दर में इजाफा, हॉलमार्किंग अनिवार्य, परीक्षा पर चर्चा में इस बार कॉलेज छात्र नहीं’ प्रमुख हैं। स्कंद विवेक धर ने अपनी बाईलाइन में बताया है कि मोदी सरकार ने ‘परीक्षा पर चर्चा’ कार्यक्रम में कॉलेज छात्रों को शामिल न करने का फैसला लिया है।

वहीं, अमर उजाला के फ्रंट पेज पर भी आज काफी विज्ञापन है। पेज की शुरुआत दिल्ली पुलिस को लगी लताड़ से हुई है। लीड निर्भया के दोषियों की खारिज याचिका है। आम आदमी पार्टी के घोषित उम्मीदवारों को अपेक्षाकृत कम जगह मिली है। डीएसपी देवेंद्र सिंह और बर्फीले तूफान में हुई मौतों से जुड़ा समाचार भी पेज पर है। इसके अलावा, नौकरीपेशा लोगों के लिए अहम खबर को भी अखबार ने जगह दी है। सरकारी या कॉर्पोरेट कार्यालयों में तनाव को कम करने के लिए योग अवकाश या योग ब्रेक जल्द शुरू किया जा सकता है।

दैनिक जागरण का रुख करें तो लीड ‘फंदे के और करीब निर्भया के गुनाहगार’ शीर्षक के साथ दोषियों की खारिज याचिका को लगाया गया है। आम आदमी पार्टी के घोषित प्रत्याशियों को प्रमुखता के साथ दो कॉलम में जगह मिली है। बर्फीले तूफान सहित ट्रम्प के फरवरी में संभावित भारत दौरे को भी पेज पर रखा गया है। वहीं, केरल द्वारा नागरिकता संशोधन कानून को कोर्ट में दी गई चुनौती चार कॉलम में है। एंकर की बात करें तो यहां ‘रायसीना डायलॉग’ को जगह मिली है। यह वैश्विक कूटनीति पर आयोजित होने वाला एशिया का अनूठा कार्यक्रम है।

अब दैनिक भास्कर के फ्रंट पेज पर नजर डालते हैं। मकर संक्रांति से आम आदमी पार्टी की चुनावी तैयारी को जोड़कर टॉप बॉक्स तैयार किया गया है। लीड दिल्ली पुलिस को मिली फटकार है, जिसे काफी बेहतर ढंग से पाठकों के समक्ष रखा गया है। निर्भया के दोषियों की खारिज याचिक भी प्रमुखता के साथ पेज पर है। वहीं, जेएनयू हिंसा पर हाई कोर्ट का आदेश, बर्फबारी, एसबीआई द्वारा घटाई गईं ब्याज दरों के साथ ही राजस्थान की क्रेडिट सोसाइटी घोटाले को भी सिंगल-सिंगल कॉलम में जगह मिली है।

सबसे आखिरी में बात करते हैं राजस्थान पत्रिका की। दिल्ली के लिए महत्व वाली खबर को समझने में आज भी अखबार से चूक हो गई है। विधानसभा चुनाव के लिए आम आदमी पार्टी ने सभी सीटों पर प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं, हर अखबार ने इस खबर को प्रमुखता के साथ फ्रंट पेज पर लगाया है, लेकिन इस अखबार ने पॉइंटर में समेटकर इसे अंदर के पन्ने पर पहुंचा दिया है। फ्रंट पेज पर स्थान पाए समाचारों की बात करें तो लीड दिल्ली पुलिस को मिली फटकार है, जबकि निर्भया के दोषियों की खारिज याचिका को सेकंड लीड का दर्जा मिला है। वहीं, बर्फीले तूफान और डीएसपी देवेंद्र सिंह पर हो रही सियासत को भी जगह मिली है। सरकार ने पायलट बनने के नियम आसान किये हैं, ताकि पायलटों की कमी को दूर किया जा सके, इस खबर को पेज पर प्रमुखता दी गई है। इसके अलावा, परीक्षा पर चर्चा, ट्रम्प के संभावित भारत दौरे सहित कुछ अन्य समाचार भी फ्रंट पेज पर हैं। एंकर में भारत पहुंचे अमेजॉन के संस्थापक की खबर को रखा गया है।     

आज का ‘किंग’ कौन?

1: लेआउट के लिहाज से आज ‘दैनिक जागरण’ को छोड़कर सभी अखबार अच्छे नजर आ रहे हैं।

2: खबरों की प्रस्तुति में बाजी दैनिक भास्कर ने मारी है। आम आदमी पार्टी की खबर को मकर संक्रांति से जोड़कर जिस तरह प्रस्तुत किया गया है, वह काफी बेहतर है। इसके अलावा, लीड की प्रेजेंटेशन भी काफी अच्छी रही है।

3: कलात्मक शीर्षक की बात करें तो आज सभी अखबार एक जैसे हैं, यानी शीर्षक को कलात्मक बनाने का प्रयास नहीं किया गया है।

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राष्ट्रीय सहारा ने वरिष्ठ पत्रकार रमाकांत चंदन को दिया नए साल का ‘तोहफा’

बिहार में लखीसराय जनपद के मूल निवासी रमाकांत चंदन ढाई दशक से अधिक समय से सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Tuesday, 14 January, 2020
Last Modified:
Tuesday, 14 January, 2020
Rashtriya Sahara.

‘राष्ट्रीय सहारा’ की पटना यूनिट से खबर है कि यहां कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार रमाकांत चंदन को संस्थान ने प्रमोट कर रेजिडेंट एडिटर की नई जिम्मेदारी सौंपकर नए साल का तोहफा दिया है। बताते चलें कि इस खाली पद को भरने के लिए संस्थान मैराथन खोज में लगा हुआ था। बिहार में लखीसराय जनपद के मूल निवासी रमाकांत चंदन ढाई दशक से अधिक समय से सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं। रमाकांत ने अपने पत्रकारीय करियर की शुरुआत ‘सहारा मीडिया’ के साथ की थी। इसके पहले एमएससी करने के दौरान ही वे एनबीटी, दैनिक हिन्दुस्तान, सारिका और हंस पत्रिका समेत तमाम अखबारों के लिए लिखते थे। इसी दौरान 1986 में ‘सारिका’ में छपी कहानी ‘पापा गंदे हैं’ को लेकर तमाम सुर्खियां बटोरी थीं। इसके बाद स्वतंत्र पत्रकार के रूप में इनकी नियमित कविता, कहानी व रिपोतार्ज छपते थे।

वर्ष 1996 में ‘सहारा मीडिया’ के अखबार ‘हस्तक्षेप’ में बतौर रिपोर्टर नोएडा में जॉइन करने वाले रमाकांत करीब 24 वर्षों से ‘सहारा मीडिया’ का हिस्सा हैं। रमाकांत चंदन वर्ष 1998 में ‘राष्ट्रीय सहारा’ में प्रोविंशियल इंचार्ज बने। इसके बाद वर्ष 2005 में यूपी के गोरखपुर में ‘सहारा समय’ रीजनल चैनल में बतौर करेसपॉन्डेंट उन्होंने टीवी पत्रकारिता में पदार्पण किया। एक साल बाद यानी वर्ष 2006 में ‘राष्ट्रीय सहारा’ की पटना यूनिट में रिपोर्टिंग टीम का हिस्सा बने। 2012 में वह स्पेशल करेसपॉन्डेंट बने और फिर पटना में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में कार्यभार संभाला।

एक लेखक के रूप में रमांकांत चंदन की अब तक दो पुस्तकें हिंदी अकादमी दिल्ली से ‘नवान्न’ व राजभाषा बिहार से ‘दूसरा पक्ष’ प्रकाशित हो चुकी हैं। इसके लिए बिहार में इन्हें सम्मानित भी किया जा चुका है। अब ‘सहारा मीडिया’ के सीईओ व एडिटर-इन-चीफ उपेंद्र राय ने रमाकांत को स्थानीय संपादक की कमान सौंपी है। नई जिम्मेदारी के लिए रमाकांत चंदन को समाचार4मीडिया.कॉम की ओर से बधाई और शुभकामनाएं।

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आर्थिक सुस्ती और महंगाई को बखूबी दर्शाता है दैनिक भास्कर का यह शीर्षक

विज्ञापन की अधिकता के कारण आज हिन्दुस्तान में तीसरे पेज को जबकि नवभारत टाइम्स में पांचवे पेज को फ्रंट पेज बनाया गया है

नीरज नैयर by
Published - Tuesday, 14 January, 2020
Last Modified:
Tuesday, 14 January, 2020
Newspapers

दिल्ली से प्रकाशित होने वाले अखबारों में आज नागरिकता संशोधन कानून पर बिखरती विपक्षी एकता और बढ़ती महंगाई सबसे प्रमुख खबरों के रूप में मौजूद हैं। आज सबसे पहले बात करते हैं दैनिक भास्कर की। घटते रोजगार और बढ़ती महंगाई को अखबार ने बेहतरीन ढंग से पाठकों के समक्ष पेश किया है। आईब्रो ‘आर्थिक मोर्चे से डराने वालीं दो तस्वीरें’ के साथ दोनों खबरों को जोड़ने का कलात्मक प्रयास किया गया है। जेएनयू हिंसा पर हाई कोर्ट का सोशल मीडिया कंपनियों को निर्देश भी पेज पर है। कोर्ट ने आगे की जांच के लिए कंपनियों से डेटा संरक्षित रखने को कहा है। आम्रपाली समूह मामले में जेपी मॉर्गन की संपत्ति की कुर्की का आदेश और नोएडा-लखनऊ में कमिश्नर प्रणाली के अलावा जेपी नड्डा की भाजपा अध्यक्ष के रूप में संभावित नियुक्ति को भी फ्रंट पेज पर जगह मिली है।

वहीं, दैनिक जागरण ने फ्रंट पेज पर सीएए पर बिखरती विपक्षी एकता को लीड लगाया है। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की बुलाई बैठक से सपा-बसपा, आप, टीएमसी और शिवसेना नदारद रहीं। जेएनयू हिंसा मामले में आईशी घोष से पूछताछ और नोएडा में लागू कमिश्नर प्रणाली को अखबार ने प्रमुखता से पेज पर लगाया है। इसके अलावा, जेपी मॉर्गन की संपत्ति कुर्क करने संबंधी सुप्रीम कोर्ट का आदेश एवं चंदा कोचर की बढ़ती मुश्किलें भी पेज पर हैं। आईसीआईसी बैंक ने कोचर को दिए बोनस की वसूली के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया है। अखबार ने बढ़ती महंगाई को फ्रंट पेज पर जगह नहीं दी है।

अब अमर उजाला के फ्रंट पेज पर नजर डालें तो लीड सबसे अलग आम्रपाली मामले में जेपी मॉर्गन पर गिरी सुप्रीम कोर्ट की गाज है। मॉर्गन पर आरोप है कि उसने आम्रपाली समूह से साठगांठ कर फ्लैट खरीदारों के पैसों में हेरफेर किया। जामिया में कुलपति के घेराव और जेएनयू हिंसा में छात्रों से पूछताछ को एक साथ पैकेज के रूप में पेज पर रखा गया है। जामिया के छात्रों ने पुलिस के खिलाफ केस दर्ज कराने की मांग को लेकर कुलपति का घेराव किया था। दिल्ली चुनाव के लिए आज से शुरू होने वाली नामांकन प्रक्रिया के साथ-साथ घाटी में हुई मुठभेड़, बढ़ती महंगाई, चंदा कोचर की मुश्किलें, अमेजन-फ्लिपकार्ट के खिलाफ जांच के आदेश भी पेज पर हैं। वहीं, सीएए पर बिखरती विपक्षी एकता को अखबार ने ज्यादा तवज्जो न देते हुए सबसे नीचे जगह दी है।

आज हिन्दुस्तान में फ्रंट पेज पर विज्ञापन के चलते तीसरे पेज को फ्रंट पेज बनाया गया है। पेज की शुरुआत जामिया में हुए बवाल वाले टॉप बॉक्स से हुई है। लीड बढ़ती महंगाई को लगाया गया है। महंगाई दर साढ़े पांच साल में सबसे ज्यादा पहुंच गई है। सीएए पर बिखरती विपक्षी एकता को टॉप में दो कॉलम जगह मिली है, इसी के नीचे नोएडा की कमिश्नर प्रणाली को लगाया गया है। आतंकियों के साथ पकड़े गए डीएसपी के बारे में नए खुलासे करती मदन जैड़ा की बाईलाइन सहित जेपी मॉर्गन की संपत्ति कुर्क करने का आदेश भी पेज पर है। हालांकि चंदा कोचर की मुश्किलों को जगह नहीं मिली है।

अब नवभारत टाइम्स का रुख करते हैं। विज्ञापनों की भरमार के चलते पांचवें पेज को फ्रंट पेज बनाया गया है। पेज की शुरुआत दिल्ली चुनाव से जुड़े समाचार वाले टॉप बॉक्स से हुई है। लीड सीएए पर बिखरती विपक्षी एकता है। वहीं, जामिया में कुलपति का घेराव और जेएनयू मामले में पूछताछ की खबरों को पैकेज के रूप में लगाया गया है। महंगाई को अखबार ने महज सिंगल कॉलम जगह दी है, जबकि जेपी मॉर्गन की संपत्ति कुर्क करने का आदेश और नोएडा-लखनऊ की कमिश्नर प्रणाली को पर्याप्त स्थान मिला है। आतंकियों से रिश्ते रखने वाले डीएसपी की बर्खास्तगी का समाचार प्रमुखता के साथ पेज पर है। आरोपित से राष्ट्रपति मेडल छीनने पर भी विचार हो रहा है। एंकर की बात करें तो यहां पूनम पांडेय की बाईलाइन को सजाया गया है। उन्होंने इस बार की गणतंत्र दिवस परेड की खासियत पर प्रकाश डाला है। चंदा कोचर की मुश्किलों सहित कुछ अन्य समाचार संक्षिप्त में हैं।

सबसे आखिरी में बात करते हैं राजस्थान पत्रिका की। फ्रंट पेज की शुरुआत बढ़ती महंगाई से हुई है। लीड नागरिकता संशोधन कानून पर बिखरती विपक्षी एकता है। तीसरे बड़ी खबर के रूप में सुप्रीम कोर्ट को स्थान मिला है, जिसके नौ न्यायाधीश धार्मिक आस्था और मौलिक अधिकारों के संबंध परखेंगे। चंदा कोचर की मुश्किलें, जेएनयू हिंसा में सोशल मीडिया कंपनियों को कोर्ट का आदेश, कर्नाटक में यीशु की प्रतिमा के विरोध, तेजस में खराब खाने से 25 यात्री हुए बीमार सहित कुछ अन्य समाचारों को भी प्रमुखता के साथ पेज पर रखा गया है। एंकर में ऑनलाइन विवाद समाधान के भारत में बढ़ते चलन को दर्शाती खबर है।   

आज का ‘किंग’ कौन?

1: लेआउट के लिहाज से आज नवभारत टाइम्स अव्वल है। काफी दिनों के बाद खाली मिले फ्रंट पेज को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। वैसे, राजस्थान पत्रिका का फ्रंट पेज भी आज अच्छा लग रहा है।

2: खबरों की प्रस्तुति में आज पहले स्थान पर दैनिक भास्कर है। अखबार ने लीड खबर को काफी बेहतर तरीके से पाठकों के समक्ष रखा है। वहीं, दूसरे नंबर पर हिन्दुस्तान और तीसरे पर राजस्थान पत्रिका है।

3: कलात्मक शीर्षक का ताज भी आज दैनिक भास्कर के ही नाम है। ‘घटे 16 लाख रोजगार...ऊपर से महंगाई की मार’, शीर्षक को कलात्मक ढंग से ‘...’ से जोड़ा गया है।

आप अपनी राय, सुझाव और खबरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। (हमें फेसबुक,ट्विटर, लिंक्डइन और यूट्यूब पर फॉलो करें)

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आज इन खबरों को मिली है अखबारों के फ्रंट पेज पर जगह

विज्ञापन की अधिकता के कारण दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान में आज दो फ्रंट पेज बनाए गए हैं

Last Modified:
Monday, 13 January, 2020
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नागरिकता संशोधन कानून देशभर में लागू हो गया है। हालांकि विरोध-प्रदर्शन का सिलसिला जारी है। शायद यही वजह है कि सरकारी स्तर पर लोगों को समझाने के प्रयास भी जारी हैं। इन्हीं प्रयासों को दिल्ली से प्रकाशित होने वाले अधिकांश अखबारों ने प्रमुखता से अपने फ्रंट पेज पर जगह दी है। सबसे पहले बात करते हैं नवभारत टाइम्स की। फ्रंट पेज पर दो बड़े विज्ञापनों के बीच लीड सीएए पर पीएम मोदी की समझाइश है। इसी में दिल्ली के शाहीन बाग में चल रहे प्रदर्शन को बतौर फोटो रखा गया है। वहीं गौरव चंदेल हत्याकांड के विरोध में सडकों को उतरे ग्रेटर नोएडावासियों को भी पेज पर जगह मिली है. घाटी में तीन आतंकी ढेर और जेएनयू हिंसा के 9 नकाबपोशों की पहचान के दावे को भी प्रमुखता से लगाया गया है। इसके अलावा, पेज पर निर्भया के दोषियों को फांसी की तैयारी सिंगल में है, साथ ही कुछ संक्षिप्त में कुछ समाचार हैं।



अमर उजाला की बात करें तो फ्रंट पेज पर आज एक बड़ा विज्ञापन है। लीड सबसे अलग 208 कुलपतियों-शिक्षकों द्वारा पीएम को लिखे पत्र को रखा गया है। पत्र में कहा गया है कि वामपंथी शिक्षण संस्थानों का माहौल बिगाड़ रहे हैं। नागरिकता संशोधन कानून पर मोदी की समझाइश भी लीड का हिस्सा है। घाटी में तीन आतंकियों की मौत सहित अमेरिका-ईरान में बढ़ते विवाद को प्रमुखता के साथ जगह दी गई है। ईरान ने अमेरिकी ठिकानों पर फिर राकेट दागे हैं। एंकर में हेमंत रस्तोगी की बाईलाइन है, जिसमें उन्होंने तमाम मुश्किलों को मात देकर सफल क्रिकेटर बनने वालीं शेफाली की कहनी से पाठकों को रू-ब-रू करवाया है. इसके अलावा, पेज पर दो सिंगल समाचार हैं। पहला, 200 फाइटर जेट खरीदेगी वायुसेना, और दूसरा काशी विश्वनाथ मंदिर में अब भक्तों के लिए ड्रेसकोड।

वहीं, हिन्दुस्तान में विज्ञापनों के चलते आज पाठकों को दो फ्रंट पेज मिले हैं। पहले पेज पर पीएम की समझाइश को लीड बनाया गया है. दूसरी बड़ी खबर एनएसजी से जुड़ी है, जिसे अब वीआईपी सुरक्षा से हटाया जाएगा। पाकिस्तानी सेना के हमले में अब यह जानकारी सामने आई है कि एक नहीं बल्कि दो स्थानीय नागरिकों के सिर काटे गए थे। पुंछ में शुक्रवार को पाकिस्तानी सैनिकों ने इस कायराना हरकत को अंजाम दिया था। इस खबर के साथ ही घाटी में तीन आतंकियों के ढेर होने के समाचार को भी प्रमुखता मिली है. एंकर में सीआरपीएफ की अनोखी पहल के बारे में बताया गया है. सुरक्षा बल पुलवामा के शहीदों के आंगन की मिट्टी से पुलवामा में ही भारत मानचित्र बनाएगा. दूसरे पेज की बात करें तो जेएनयू हिंसा पर हो रही राजनीति को लीड का दर्जा मिला है. इसमें चार खबरों को शामिल किया गया है। मसलन, 208 कुलपतियों-शिक्षकों ने पीएम को लिखा पत्र, कांग्रेस ने जांच रिपोर्ट में कुलपति को ठहराया ज़िम्मेदार, हिंसा में सात अन्य छात्रों की पहचान और जबलपुर में अमित शाह का बयान. शाह का कहना है कि देश विरोधी नारे लगाने वालों को जेल भेजा जाएगा. पेज पर सुहेल हामिद की बाईलाइन खबर को भी रखा गया है. जिसके अनुसार बैंकों के खिलाफ शिकायतों में 40% तक इजाफा हुआ है. इसके अलावा, अमेरिका-ईरान में बढ़ता विवाद सहित कुछ अन्य समाचार भी पेज पर हैं।      
       

दैनिक जागरण में भी आज दो फ्रंट पेज हैं। पहले पेज पर नजर डालें तो लीड मोदी की नागरिकता संशोधन कानून पर समझाइश है। जबकि दूसरी और आखिरी बड़ी खबर के रूप में ईरान द्वारा अमेरिकी ठिकानों पर किया गया हमला है। दूसरे पेज की सबसे बड़ी खबर आतंकियों के साथ गिरफ्तार डीएसपी देविंदर सिंह से जुड़ी है. पूछताछ में यह बात सामने आई है कि सिंह की आतंकियों से 12 लाख रुपए की डील हुई थी। कुलपतियों-शिक्षकों द्वारा पीएम को लिखे पत्र को को जागरण ने तवज्जो देते हुए बड़ी जगह उपलब्ध कराई है। एनएसजी को वीआईपी सुरक्षा से हटाये जाने की खबर जागरण के फ्रंट पेज पर भी है। इसके अलावा, जेएनयू हिंसा में छात्रों से आज होने वाली पूछताछ सहित कुछ अन्य समाचार पेज पर हैं।

वहीं, राजस्थान पत्रिका के फ्रंट पेज की शुरुआत शाकाहार अपनाने के लिए प्रेरित करती खबर से हुई है। इसमें बताया गया है कि मांसाहार छोड़ने पर खाद्य पदार्थों से कार्बन उत्सर्जन 60% कम हो जाएगा। जबकि टॉप बॉक्स में राजस्थान के सरकारी अस्पतालों की दुर्दशा बयां करता समाचार फोटो के साथ है। लीड नागरिकता संशोधन कानून पर मोदी की समझाइश को रखा गया है और अमत शाह का बयान भी लीड का हिस्सा है। काशी-विश्वनाथ मंदिर में ड्रेसकोड, आतंकियों के मददगार डीएसपी, फांसी से पहले निर्भया के दोषियों का व्यवहार और अमेरिका-ईरान में बढ़ते विवाद से जुड़े समाचार भी फ्रंट पेज पर हैं। एंकर में ऑस्ट्रेलिया के जंगलों में आग से बचे जानवरों के लिए किये जा रहे सरकारी प्रयासों को जगह मिली है।

सबसे आखिरी में बात करते हैं दैनिक भास्कर की। फ्रंट पेज की शुरुआत 208 कुलपतियों-शिक्षकों द्वारा मोदी को लिखे पत्र से हुई है। जबकि लीड नागरिकता संशोधन कानून पर जबलपुर में अमित शाह का दिया बयान है। दूसरी बड़ी खबर एयरफ़ोर्स के लिए खरीदे जाने वाले 200 लड़ाकू विमान से जुड़ी है। अमेरिका-ईरान विवाद, आतंकियों के मददगार डीएसपी और निर्भया के दोषियों को फांसी चढ़ाने की तैयारी को सिंगल-सिंगल कॉलम में जगह दी गई है। वहीं, एंकर में महिला क्रिकेटरों की उपलब्धि को सजाया गया है।      

आज का किंग कौन?
1: ले-आउट के मामले में दैनिक जागरण को छोड़कर आज सभी अखबार आकर्षक नजर आ रहे हैं।
2: खबरों की प्रस्तुति भी आज सभी अखबारों में समान है, लेकिन जागरण को यहां भी सबसे पीछे रखना होगा क्योंकि उसने प्रत्येक समाचार बेहद सामान्य ढंग से पाठकों के समक्ष रखा है।
3: शीर्षक को कलात्मक बनाने का प्रयास आज केवल दैनिक भास्कर ने किया है। ‘मोदी को 208 शिक्षाविदों का पत्र लेफ्ट को सीधा करो’, आकर्षक है।

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हिंदी अखबारों के फ्रंट पेज का आज कुछ ऐसा रहा हाल

विज्ञापन की अधिकता के कारण आज हिन्दुस्तान में पांचवे पेज को जबकि नवभारत टाइम्स और दैनिक भास्कर में तीसरे पेज को फ्रंट पेज बनाया गया है

नीरज नैयर by
Published - Saturday, 11 January, 2020
Last Modified:
Saturday, 11 January, 2020
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जेएनयू हिंसा के मामले में पुलिस ने छात्र संघ अध्यक्ष सहित नौ छात्रों की पहचान की है। वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने इंटरनेट को मौलिक अधिकार घोषित करते हुए जम्मू-कश्मीर में पाबंदी पर सरकार से विचार करने को कहा है। यह दो खबरें आज दिल्ली से प्रकाशित होने वाले प्रमुख अखबारों की सुर्खियां हैं। सबसे पहले नजर डालते हैं अमर उजाला पर। फ्रंट पेज की शुरुआत टॉप बॉक्स से हुई है, जिसमें दिल्ली पुलिस ने जेएनयू हिंसा में कुछ छात्रों की पहचान की है। इन छात्रों में 7 लेफ्ट और 2 एबीवीपी से जुड़े हैं। लीड सुप्रीम कोर्ट है, जिसने सरकार से कहा है कि इंटरनेट अनिश्चितकाल तक बंद नहीं कर सकते। कोर्ट का यह आदेश इंटरनेटबंदी झेल रहे घाटी के लोगों के लिए राहत के समान है।

यूपी में हुआ दर्दनाक हादसा भी पेज पर है। कन्नौज में भिड़ंत के बाद बस-ट्रक आग के गोले में तब्दील हो गए, जिसमें 20 यात्रियों के जिंदा जलने की आशंका है। पाकिस्तान की काली करतूत और नागरिकता संशोधन कानून को लेकर जारी अधिसूचना को भी प्रमुखता मिली है। पाक की बॉर्डर एक्शन टीम के हमले में दो पोर्टर शहीद हो गए हैं, इतना ही नहीं पाक सैनिक एक पोर्टर का सिर काटकर भी ले गए। एंकर में थ्रीडी तकनीक से प्रैक्टिस के बाद घायल खिलाड़ी के शरीर से तीर निकालने से जुड़ा समाचार है। वहीं, टी-20 सीरीज में टीम इंडिया की जीत को पहले कॉलम में रखा गया है।

अब राजस्थान पत्रिका की बात करें तो लीड सुप्रीम कोर्ट का आदेश है, जिसे विस्तार के साथ पाठकों के समक्ष रखा गया है। दूसरी सबसे बड़ी खबर है चंदा कोचर पर ईडी की कार्रवाई। ईडी ने चंदा के घर समेत 78 करोड़ की संपत्ति जब्त की है। ‘अमर उजाला’ इस खबर के मामले में चूक गया है। अखबार ने किसी भी रूप में इसे फ्रंट पेज पर स्थान नहीं दिया है।

हालांकि, दिल्ली से जुड़े समाचार को प्राथमिकता देने में ‘राजस्थान पत्रिका’ एक बार फिर नाकाम रहा है। जेएनयू हिंसा में 9 छात्रों की पहचान महत्वपूर्ण खबर थी, लेकिन उसे महज पॉइंटर के रूप में फ्रंट पेज पर रखा गया है। दिल्ली एडिशन में दिल्ली की खबरों को प्राथमिकता न देना समझ से परे है, जबकि पेज पर कई ऐसी खबरों को जगह दी गई है, जिन्हें अंदर के पेजों पर भी लगाया जा सकता था। पाकिस्तान में सिख की हत्या में पुलिस का खुलासा सिंगल कॉलम में है। पुलिस का कहना है कि मंगेतर ने ही सिख की हत्या करवाई थी। एंकर में ग्लोबल वार्मिंग से जुड़ा समाचार है। वहीं,नागरिकता संशोधन कानून की अधिसूचना संक्षिप्त में हैं, इसके अलावा कुछ अन्य खबरें पेज पर हैं।

वहीं, हिन्दुस्तान का रुख करें तो विज्ञापनों के चलते पांचवें पेज को फ्रंट पेज बनाया जा सका है। पेज की शुरुआत टॉप बॉक्स से हुई है, जिसमें जेएनयू हिंसा के मामले में पुलिस द्वारा की गई नौ छात्रों की पहचान से जुड़ी खबर को रखा गया है। पास में यूपी में हुए भीषण हादसे को रखा गया है। लीड इंटरनेट को लेकर सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला है। वहीं, नागरिकता संशोधन कानून की अधिसूचना, मिस्त्री को टाटा संस का चेयरमैन बनाने पर रोक और चंदा कोचर पर ईडी की कार्रवाई भी प्रमुखता के साथ पेज पर है। इसके अलावा पेज पर दो सिंगल और कुछ संक्षिप्त समाचार हैं।

नवभारत टाइम्स में आज जैकेट विज्ञापन है, जिसके कारण तीसरे पेज को फ्रंट पेज बनाया गया है। टॉप बॉक्स में जेएनयू हिंसा पर पुलिस का 9 आरोपितों की पहचान का दावा है। लीड इंटरनेट पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला है, जिसे विदेशी राजनयिकों के कश्मीर दौरे के फोटो के साथ लगाया गया है। टीम इंडिया की जीत रंगीन बॉक्स में है और नागरिकता संशोधन कानून की अधिसूचना को भी प्रमुखता मिली है। एंकर में इंसानियत को दर्शाता समाचार है। चंदा कोचर पर कार्रवाई को संक्षिप्त में रखा गया है।

इसके अलावा दैनिक भास्कर में भी विज्ञापन के कारण आज तीसरे पेज को फ्रंट पेज बनाया गया है। इस पेज पर इंटरनेट को लेकर सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला और जेएनयू हिंसा में नौ आरोपितों की पहचान की खबर को प्रमुखता से लगाया गया है। यूपी के कन्नौज में हुए भीषण हादसे की खबर को सिंगल कॉलम में जगह दी गई है। दिल्ली के शाहीन बाग मामले से जुड़ी खबर को दो कॉलम में जगह मिली है। इस मामले में सुनवाई से हाई कोर्ट ने इनकार कर दिया है। वहीं, मिस्त्री को टाटा संस का चेयरमैन बनाने पर रोक समेत कुछ और खबरों को पेज पर जगह मिली है।     

सबसे आखिरी में बात करते हैं दैनिक जागरण की। जेएनयू हिंसा में पुलिस द्वारा की गई नौ छात्रों की पहचान को टॉप बॉक्स में जगह मिली है। लीड इंटरनेट पाबंदी पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला है। उत्तराखंड में हुई बर्फ़बारी को खूबसूरत फोटो के रूप में फ्रंट पेज पर रखा गया है। इसके अलावा पेज पर यूपी में दर्दनाक हादसे और मिस्त्री की बहाली पर सुप्रीम कोर्ट की रोक प्रमुखता से है। टीम इंडिया की जीत को सिंगल में लगाया गया है, जबकि चंदा कोचर पर कार्रवाई से जुड़ा समाचार पेज पर नहीं है।

आज का ‘किंग’ कौन?

1: लेआउट के मामले में हिन्दुस्तान और अमर उजाला अव्वल हैं। जबकि नवभारत टाइम्स का फ्रंट पेज आज उतना आकर्षक नजर नहीं आ रहा है।

2: खबरों की प्रस्तुति के लिहाज से नवभारत टाइम्स और राजस्थान पत्रिका को पहला स्थान दिया जा सकता है। नवभारत टाइम्स ने जहां जेएनयू हिंसा से जुड़े समाचार को बेहतरीन ढंग से पाठकों के समक्ष रखा है, वहीं राजस्थान पत्रिका में लीड की प्रस्तुति आकर्षक है।

3: शीर्षक को कलात्मक बनाने के मामले में सभी अखबारों ने कंजूसी दिखाई है। हालांकि नवभारत टाइम्स ने लीड की हेडलाइन में प्रयोग करने का प्रयास जरूर किया है।

4: खबरों की बात करें तो राजस्थान पत्रिका आखिरी नंबर पर है, क्योंकि अखबार ने आज फिर दिल्ली के लिए महत्वपूर्ण समाचार के महत्व को समझने में भूल की है। जेएनयू हिंसा के नौ आरोपितों की पहचान को महज पॉइंटर के रूप में फ्रंट पेज पर रखकर खबर को अंदर के पृष्ठ पर देना सही नहीं है।  

आप अपनी राय, सुझाव और खबरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। (हमें फेसबुक,ट्विटर, लिंक्डइन और यूट्यूब पर फॉलो करें)

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