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आज इन खबरों ने दर्ज कराई अखबारों के फ्रंट पेज पर अपनी मौजूदगी
अन्य दिनों के मुकाबले हिंदी के प्रमुख अखबारों के फ्रंट पेज पर आज ज्यादा विज्ञापन नहीं है, इस वजह से पाठकों को काफी खबरें पढ़ने को मिली हैं
नीरज नैयर 6 years ago
आज हिंदी के प्रमुख अखबारों के फ्रंट पेज पर खबरों की बात करें तो नवभारत टाइम्स के पाठकों को फ्रंट पेज पर भरपूर खबरें पढ़ने को मिली हैं। इसकी वजह है पेज पर किसी बड़े विज्ञापन का न होना। फ्रंट पेज काफी संतुलित एवं आकर्षक लग रहा है। टॉप बॉक्स में आमजन से जुड़ी बेहद महत्वपूर्ण खबर है। मोटर व्हीकल संशोधन बिल राज्य सभा में पास हो गया है, यानी अब सड़क पर मनमानी की भारी कीमत उठानी होगी। इसी को अखबार ने अपने शीर्षक में उठाया है और जुर्माने की तुलनात्मक टेबल के साथ खबर पेश की गई है, ताकि एक ही झटके में नियमों के उल्लंघन पर जेब पर पड़ने वाले ‘झटके’ को समझा जा सके। इसी बॉक्स में लगातार बिल पेश करने को लेकर विपक्षी दलों की आपत्ति को भी जगह मिली है। लीड स्थानीय समाचार रखा गया है। बिजली, पानी और ट्रैफिक दिल्लीवासियों के लिए प्रमुख मुद्दे हैं, लिहाजा इनसे जुड़ाव रखने वाली खबर को प्राथमिकता मिलनी ही चाहिए। दरअसल, बिजली की दरें तय करने वाले विद्युत नियामक आयोग ने बिजली सस्ती कर दी है, यही आज नवभारत टाइम्स के फ्रंट पेज की लीड है। उन्नाव कांड पर चीफ जस्टिस की प्रतिक्रिया को भी प्रमुखता से लगाया गया है। इसके नीचे सीसीडी संस्थापक से जुड़ी खबर दो कॉलम में और डॉक्टरों की हड़ताल को सिंगल कॉलम में रखा गया है। एंकर में दिनभर चर्चा में रही जोमैटो के मुस्लिम डिलीवरी बॉय की खबर को खूबसूरती के साथ सजाया गया है। इसके अलावा पेज पर कुछ अन्य स्थानीय समाचार भी हैं।
दैनिक जागरण का आज का फ्रंट पेजे देखें तो इस पर आधा पेज विज्ञापन है। आज अखबार ने बिजली वाली खबर को भले ही लीड नहीं लगाया, लेकिन टॉप बॉक्स में जगह देकर उसके साथ न्याय किया है। हालांकि, प्रस्तुति खास दमदार नहीं है। लीड उन्नाव कांड में चीफ जस्टिस की प्रतिक्रिया है। दो लाइन की हेडलाइन के साथ चार कॉलम में लगे इस समाचार के नीचे सीसीडी के संस्थापक से जुड़ी खबर है। दैनिक जागरण ने हाई कोर्ट के मौजूदा जज पर कथित भ्रष्टाचार के मामले में केस दर्ज करने की अनुमति को भी फ्रंट पेज पर रखा है, जिसे निश्चित रूप से अच्छा फैसला कहा जा सकता है। नवभारत, हिन्दुस्तान और अमर उजाला ने इस खबर को तवज्जो नहीं दी है। एंकर मोटर व्हीकल बिल को समर्पित किया गया है, लेकिन प्रस्तुति बेहद नीरस है। पाठकों को यह समझने के लिए कि क्या नया हुआ है, पूरी खबर पढ़नी होगी। आज के समय में लोग एक ही नजर में सब कुछ जानना चाहते हैं।
फ्रंट पेज पर लीड के मामले में हिन्दुस्तान की सोच भी नवभारत टाइम्स से मिलती है। ‘दिल्ली में आज से बिजली सस्ती’ शीर्षक के साथ चार कॉलम में इसे बेहतर ढंग से लगाया गया है। टॉप पर यातायात नियमों के उल्लंघन पर मिलने वाली नई सजा का उल्लेख है। साथ ही संसद में पास मोटर व्हीकल बिल की खासियतों को भी रेखांकित किया गया है। इस खबर के प्रेजेंटेशन के मामले में हिन्दुस्तान ने नवभारत टाइम्स को पीछे छोड़ दिया है। उन्नाव कांड पर चीफ जस्टिस की प्रतिक्रिया और डॉक्टरों की हड़ताल से जुड़ी खबर को दो-दो कॉलम में जगह मिली है। सीसीडी के मालिक को भी प्राथमिकता के साथ पेज पर लगाया गया है। जम्मू कश्मीर में आर्थिक आरक्षण और आजम खान के बेटे की गिरफ्तारी का समाचार भी प्रथम पृष्ठ पर है। एंकर में नवभारत की तरह ही जोमैटो के मुस्लिम डिलीवरी बॉय को रखा गया है। हिन्दुस्तान का आज का फ्रंट पेज पूरी तरह से संतुलित और आकर्षक नजर आ रहा है।
आज अमर उजाला के फ्रंट पेज पर भी कोई बड़ा विज्ञापन नहीं है। अखबार ने लीड उन्नाव कांड को लगाया है, लेकिन सात कॉलम टॉप बॉक्स में सस्ती बिजली को रखा है। दिल्लीवासियों के लिए अहमियत रहने वाले इस समाचार को बेहद खूबसूरत और जानकारीपरक अंदाज में पेश किया गया है। लीड में चीफ जस्टिस की प्रतिक्रिया को प्रमुखता दी गई है, साथ ही संसद में इस मुद्दे पर मचे घमासान और विधायक सेंगर पर कसते शिकंजे को भी रखा गया है। इस तरह से एक अच्छा पैकेज तैयार हो गया है। इसके पास ही दो कॉलम में डॉक्टरों को हड़ताल है। इसके नीचे पेज पर चार छोटी-छोटी खबरों सीसीडी संस्थापक, अब्दुल्ला से ईडी की पूछताछ, 2023 में दौड़ेगी पहली रैपिड रेल और राष्ट्रपति ने दी तीन तलाक को मंजूरी, रखा गया है। ‘हाई कोर्ट के जज पर चलेगा भ्रष्टाचार का केस’, इस खबर को अमर उजाला ने प्रमुखता से लगाया है। एंकर में नवभारत और हिन्दुस्तान की तरह जोमैटो के मुस्लिम डिलीवरी बॉय को रखा गया है। चौंकाने वाली बात यह है कि अमर उजाला ने फ्रंट पेज पर मोटर व्हीकल एक्ट में संशोधन को नहीं लगाया है। यहां तक कि ‘न्यूज़ डायरी’ में भी यह समाचार नहीं है।
वहीं, नवोदय टाइम्स ने भी सस्ती बिजली के महत्व को समझते हुए इसे फ्रंट पेज की लीड लगाया है, लेकिन मोटर व्हीकल बिल की खबर को महज सिंगल में समेट दिया गया है। जबकि यह आज सबसे ज्यादा पढ़ी जाने वाली खबर है। इसके बजाय कश्मीर में आर्थिक आरक्षण को बॉक्स में बड़ी जगह मिली है। उन्नाव कांड तीन कॉलम में है और जज पर भ्रष्टाचार के मामले को प्राथमिकता के साथ पाठकों के सामने प्रस्तुत किया गया है। इसके अलावा फारूक अब्दुल्ला से ईडी की पूछताछ और आजम खान के बेटे की गिरफ्तारी भी फ्रंट पेज पर है। एंकर में ऐसी खबर को जगह दी गई है, जिसे केवल खास वर्ग के लोग ही पढ़ना पसंद करेंगे। यहां ‘जम्मू कश्मीर के हर बूथ पर कमल खिलाने की तैयारी’ खबर रखी गई है। इसके बजाय यदि मोटर व्हीकल एक्ट में हुए बदलावों को लगाया जाता तो निश्चित रूप से बेहतर होता।
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